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भाईदूज हमारी संस्कृति की आत्मा, भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का है प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बहनों की मुस्कान ही सरकार की पूंजी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भाईदूज हमारी संस्कृति की आत्मा, भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का है प्रतीक सरकार बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कर रही है काम बहनें लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती का हैं समग्र रूप लाड़ली बहना योजना है बहनों की समृद्धि का सीधा मार्ग अब तक 29 किश्तों में सरकार ने बहनों को दिए हैं करीब 45 हजार करोड़ रूपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर बहनों के साथ मनाया भाईदूज पर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भाईदूज हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह पर्व भाई और बहन के सहोदर स्नेह, परस्पर अपनत्व का प्रतीक है। भाईदूज भाई-बहन के पवित्र बंधन के नैसर्गिक संरक्षण और पारिवारिक जीवन मूल्यों को मजबूत बनाता है। यह पर्व भारतीय समाज की उस देशज परम्परा का निर्वहन है, जहां बहन के स्नेह में भाई का नैतिक दायित्व और जीवन पर्यन्त रक्षा का संकल्प निहित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का यह पर्व न केवल भाई-बहन के स्नेह का उत्सव है, बल्कि सामाजिक एकता, नारी सम्मान के साथ हमारे पारिवारिक जीवन मूल्यों के संरक्षण का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित (भातृ द्वितीया/यम द्वितीया) भाईदूज के विशेष कार्यक्रम में बहनों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ आत्मीय संवाद कर सभी को भाईदूज की शुभकामनाएं दीं। प्रदेश की बहनों के साथ संवाद के दौरान उनसे राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भावी प्राथमिकताओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे लाड़ली बहनों के रूप में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक बहनें मिली हैं। हम बहनों के जीवन में नई रोशनी, नई खुशी जोड़ रहे हैं। प्रदेश की सभी लाडली बहनों को अब हर माह 1500 रुपए मिलेंगे। बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। बहनों के शब्द और उद्गार सुनकर अभिभूत हूं। हमारी बहनें लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती का समग्र रूप हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा प्रदेश है, जहां लाड़ली बहना योजना से हमारी बहनें हर महीने राखी और भाईदूज मनाती हैं। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना प्रदेश की बहनों की समृद्धि का सीधा मार्ग है। किसी भी जरूरत के वक्त लाड़ली बहनों को इस योजना से बड़ा संबल और सहयोग मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों को हमारी सरकार अब तक 29 किश्तों में करीब 45 हजार करोड़ रुपए की सहायता राशि दे चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही मध्यप्रदेश की और हमारी सरकार की जमा पूंजी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाईदूज के पावन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा कर भाईदूज की बधाई देकर मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाया, साफा पहनाया, नारियल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को उपहार भेंट दी और मिठाई खिलाकर आभार जताया। कार्यक्रम में मौजूद लाड़ली बहनों ने भाई-बहन के प्रेम और स्नेह पर केन्द्रित निमाड़ी लोकगीत गाये, नृत्य किया और परम्परागत स्वर लहरियों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम स्थल को अपनत्व से भाव-विभोर कर दिया। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तिलक कर उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद सदैव सरकार के साथ है। इसी कारण हम निर्भय होकर काम कर पाते हैं। आज बड़े सौभाग्य का दिन है। प्रदेश का मुख्यमंत्री निवास बहनों का घर बना है। बहनों के माध्यम से दो परिवार एक साथ जुड़ते हैं। बहनों का हृदय विशाल है। वे शादी के बाद नए घर में जाकर नए माता-पिता के साथ रहती हैं। सनातन संस्कृति में उन्हें जगदंबा और लक्ष्मी का रूप कहा जाता है। वे परेशानी के समय परिवार के साथ सदैव चट्टान की तरह खड़ी रहती है। प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी बहनों की ताकत 2029 में और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वीरांगनाओं को भी याद करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने शौर्य के बल पर मुगलों के साथ 52 युद्ध लड़े। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लोहा लिया और रानी अवंति बाई लोधी जैसी अनेक देवियों ने देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भाई दूज का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और उनकी प्यारी बहन सुभद्रा के परस्पर स्नेह सहित यमराज और उनकी बहन से जुड़ी एक कहानी से प्रारंभ होता है। जो रक्षाबंधन का महत्व है, वही भाईदूज का भी महत्व है। राज्य सरकार ने रोजगारपरक नीति तैयार कर बहनों को उद्योग में काम करने पर 5 हजार रुपए की राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया है। अगर बहनें अपना उद्योग स्थापित करें, तो उन्हें 2 प्रतिशत की छूट अलग से दी जा रही है। बहनों के नाम पर मकान, दुकान और जमीन की रजिस्ट्री कराने पर अलग से छूट दिये जाने का प्रावधान है। बहनें अपना उद्योग स्थापित करें और समृद्ध बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश की लाड़ली बहनों को नि:शुल्क आवास प्रदान किए। उनका खुद का घर नहीं है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास बहनों के लिए सदैव खुला है। मुख्यमंत्री निवास बहनों का अपना मायका है। सैकड़ों बहनों ने अपनी चरण रज से आज फिर मेरे आंगन को धन्य कर दिया है। ईश्वर हमारी सभी बहनों का घर खुशियों से भर दे। आप हमारी लाड़ली और हम आपके लाड़ले बने रहें। यह ऐतिहासिक भाईदूज मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को अपनी नीति के केंद्र में रखा है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश की हर बहन आत्मनिर्भर … Read more

छत्तीसगढ़ रजत जयंती पर विशेष लेख :सुशासन की नई पहल: समयबद्ध छात्रवृत्ति से शिक्षा की राह हुई आसान

 डॉ. ओम प्रकाश डहरिया,   सहा. जनसम्पर्क अधिकारी  रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में उनके बैंक खाते में ऑनलाईन होने से अब उक्त वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की राह आसान हो गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में मंत्रालय, महानदी भवन से इन वर्गों के लगभग 2 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की है। उल्लेखनीय है कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को हुई। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावासों एवं आश्रमों में प्रवेशित बच्चों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। इसके ठीक बाद दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए उनके बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिक्षा को सबके लिए आसान बनाने  के उद्देश्य से अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग तथा कमजोर वर्गों के छात्र-छात्राओं की शिक्षा चिंता की और उन्होंने आदिमजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम -छात्रावास में रहकर शिक्षा अध्ययन कर रहे के बच्चों के शिक्षा को आसान बनाने के लिए यह नयी पहल की है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व और विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा के गहन प्रयासों से  कमजोर वर्गाें के विकास एवं उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने बिना रूकावट के शिक्षा ग्रहण हेतु सुविधा प्रदान करने का यह प्रयास सार्थक हो रहा है। आदिम जाति कल्याण विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के प्रयासों से प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को अब ऑनलाईन भुगतान किया जा रहा है। इस पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिली है। यहां यह उल्लेखनीय है कि इस नयी व्यवस्था से पूर्व विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी।   दरअसल आश्रम छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी हो या यहां रहकर अध्ययन कर चुके विद्यार्थी हो अथवा आश्रम छात्रावासों में रहकर उच्च पदों में कार्य कर रहे विद्यार्थी क्यों न हो। वे समय पर स्कॉलरशिप नहीं मिलने के कारण की परेशानियों से भलीभांति वाकिफ हैं। वास्तव में एक विद्यार्थी को अध्ययन सामग्री क्रय करने के लिए जब पैसे की जरूरत हो उस वक्त छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति की राशि उनके बैंक खातों में पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। छात्रावासी विद्यार्थियों की इस परेशानी को दूर करने के लिए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित विभागीय अमलों ने संवेदनशीलता के साथ कितनी मशक्कत की होगी यह किसी से छिपा नहीं है। इसी का परिणाम है कि विभाग आश्रम छात्रावास के बच्चों के छात्रवृत्ति के लिए की गई तय सीमा से लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलना लाजिमी है। छात्रावास में रहने वाले बच्चों की अधिकतर आवश्यकताएँ सरकार द्वारा पूरी की जाती हैं, लेकिन छात्रवृत्ति उन्हें व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने की स्वतंत्रता देती है। इससे वे किताबें, स्टेशनरी व अन्य जरूरी सामान स्वयं खरीद सकते हैं। जब यह सहायता समय पर मिलती है, तो विद्यार्थी बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख पाते हैं और उनका ध्यान पढ़ाई से भटकता नहीं है। समय पर छात्रवृत्ति मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। समय पर छात्रवृत्ति मिलने से न केवल बच्चों की शैक्षिक यात्रा आसान होती है, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने का प्रोत्साहन भी मिलता है। वे यह सोचने लगते हैं कि यदि अभी उन्हें सहायता मिल रही है तो आगे भी मिलेगी, जिससे वे कॉलेज या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर अग्रसर होते हैं। इससे राज्य में एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक युवा पीढ़ी का निर्माण होता है। अंत में, यह कहा जा सकता है कि विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर स्कॉलरशिप देने की प्रक्रिया से छत्तीसगढ़ में समावेशी शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में आसान होगी।

किसान ने ₹40 हजार के सिक्कों से की स्कूटी की खरीदारी, शोरूम मालिक भी हुआ भावुक

जशपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला मुख्यालय में मेहनत की कमाई का एक अद्भुत दृश्य सामने आया, जिसने देवनारायण होंडा शोरूम में मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया. यहाँ एक किसान अपने परिवार के साथ स्कूटी खरीदने पहुंचा, लेकिन भुगतान का तरीका सबसे हटकर था. किसान ने स्कूटी की कीमत का एक बड़ा हिस्सा सिक्कों में चुकाया. वह बोरे में भरकर 10 और 20 रुपये के सिक्के लेकर आया था, जिनकी कुल कीमत 40 हज़ार रुपये थी. किसान ने बताया कि उसने ये पैसे पिछले 6 महीनों की कड़ी मेहनत से बचाकर इकट्ठे किए थे. खास बात यह रही कि सिक्कों की इस बड़ी राशि को गिनने में शोरूम के कर्मचारियों को घंटों का समय लगा. स्कूटी की बाकी की राशि का भुगतान किसान ने नोटों में किया. किसान की सादगी और उसकी कड़ी मेहनत से प्रभावित होकर, शोरूम के मालिक आनंद गुप्ता ने एक मिसाल पेश की. आनंद गुप्ता ने न सिर्फ खुशी-खुशी इन सिक्कों को स्वीकार किया, बल्कि किसान की मेहनत को सम्मान देते हुए किसान परिवार को स्कूटी के साथ एक खास उपहार भी भेंट किया. यह कहानी न केवल स्कूटी खरीदने के एक अनोखे तरीके को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि मेहनत की कमाई का मूल्य कितना बड़ा होता है.

डिप्टी सीएम साव, मंत्री केदार और मंत्री चौधरी ने राज्योत्सव व प्रधानमंत्री के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के साथ राज्योत्सव तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्योत्सव की तैयारियों में जुटे अधिकारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों को संपूर्ण आयोजन में किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए पूरी क्षमता और योग्यता से समय पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को ऐतिहासिक और यादगार बनाना है। इसके लिए तैयारियों में कोई कोर-कसर न छोड़ें। प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान सभी कार्यक्रमों के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए तेजी से कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाओं को मूर्त रूप दें। उप मुख्यमंत्री  साव तथा मंत्रीद्वय केदार कश्यप और ओ.पी. चौधरी ने राज्योत्सव के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम स्थल पर सेक्टर्स की स्थिति, बैठक क्षमता, परिक्रमा पथ के लोकेशन एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था व पेयजल व्यवस्था के साथ ही वीवीआईपी सेक्टर की क्षमता, सुव्यवस्थित पहुंच मार्ग तथा सभी कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रुपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

दरभंगा पुलिस में हड़कंप: 8 महिला कर्मियों पर गिरी कार्रवाई, SSP का बड़ा कदम

दरभंगा बिहार के दरभंगा जिले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में आठ महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है एवं उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जा रही है।   इन पुलिसकर्मीयों पर गिरी गाज वरीय पुलिस अधीक्षक जगुन्नाथ रेड्डी जलारेड्डी ने गुरूवार को बताया कि बिहार विशेष सैन्य पुलिस बल-13 दरभंगा के आठ महिला पुलिस कर्मियों को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर को दीपावली, काली पूजा एवं छठ पूजा में विधि-व्यवस्था संधारण के लिए विश्वविधालय थाना क्षेत्र में कंचन कुमारी, सुरूची कुमारी, संगीता कुमारी, बाबुल कुमारी, रैयाम थाना क्षेत्र में श्वेता, कोमल कुमारी, नीतु कुमारी तथा बहादुरपुर थाना क्षेत्र में ममता कुमारी को ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त किया गया था। सूत्रों ने बताया कि संबंधित थानाध्यक्षों द्वारा औचक जांच के कम में उपरोक्त सभी महिला सिपाही अपने-अपने कर्तव्य स्थल पर अनुपस्थ्ति पायी गई। इस संबंध में थानाध्यक्ष विश्वविधालय, थानाध्यक्ष रैयाम तथा थानाध्यक्ष बहादुरपुर द्वारा उपरोक्त सभी महिला पुलिसकर्मी के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने के संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा को प्रतिवेदन दिया गया था, जिसके आधार पर सामान्य जीवन यापन भत्ता पर सभी आठ महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने के लिए समादेष्टा (बिहार विशेष सैन्य पुलिस को प्रतिवेदन भेजा गया है।    

सरकार का फैसला: कृषकों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना रहेगी जारी

शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने का निर्णय सतत् विकास लक्ष्य एसडीजी मूल्यांकन योजना का अनुमोदन 5 जिला चिकित्सालय में बिस्तरों की संख्या में उन्नयन एवं 810 नए पद सृजित करने की स्वीकृति निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के 100 प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। खरीफ 2025 सीजन की ड्यू डेट 28 मार्च, 2026 और रबी 2025-26 सीजन की ड्यू डेट 15 जून 2026 नियत की गयी है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा 3 लाख रूपये तक के दिये गये अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा। राज्य शासन द्वारा सभी किसानों के लिए 1.5 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जायेगा। वर्तमान वर्ष में 23 हजार करोड़ रूपये वितरण का लक्ष्य रखा गया हैं। एसडीजी मूल्यांकन योजना का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सतत् विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन के लिए "एसडीजी (सतत् विकास लक्ष्य) मूल्यांकन योजना" को आगामी 5 वर्षों (वर्ष 2025-30 तक) के लिए स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिया गया है। योजना अंतर्गत सतत् विकास के लक्ष्यों का राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर स्थानीयकरण, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के सतत् विकास लक्ष्यों और उनके संकेतक के आधार पर डैशबोर्ड के माध्यम से रैंकिंग तय की जायेगी। डैशबोर्ड आधारित रैंकिंग अनुसार दो शीर्ष प्रदर्शन किये जाने वाले जिलों को पुरस्कार राशि का वितरण किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 1 करोड़ रुपए और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 75 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का वार्षिक प्रावधान किया जाएगा। चयनित जिला अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 17 सतत् विकास लक्ष्यों में से किसी भी लक्ष्य में सुधार के लिए पुरस्कार राशि का उपयोग कर सकता है। प्रदेश के ऐसे जिले जिनका रैंकिंग में प्रदर्शन कमजोर स्तर का होगा, उन्हें प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की सहायता से विकास की मुख्य धारा में सम्मिलित किया जायेगा, जो प्रदेश के समग्र विकास में सहायक होगा। योजना पर 19 करोड़ 10 लाख रूपये (3 करोड़ 82 लाख प्रतिवर्ष) का अनुमानित व्यय होगा। उल्लेखनीय है कि योजना अंतर्गत सतत् विकास लक्ष्य, जिन्हें वैश्विक लक्ष्य भी कहा जाता है, वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2030 तक के 17 अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्यों को तय किया गया है। सतत् विकास लक्ष्यों का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करना है। इसी तारतम्य में मध्यप्रदेश शासन द्वारा तैयार किया गया "विकसित मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टिपत्र" राज्य के दीर्घकालिक विकास की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है। "एसडीजी (सतत् विकास लक्ष्य) मूल्यांकन योजना विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण के आधार में सहायक होगी। चिकित्सालयों में बिस्तरों की संख्या का उन्नयन और नए पद सृजन की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा जिला चिकित्सालय टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर एवं डिण्डौरी में 800 बिस्तरों का उन्नयन और चिकित्सालयों के संचालन के लिए 810 नए पद की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 543 नियमित, 04 संविदा एवं आउटसोर्सिंग एजेन्सी के माध्यम से 263 पदों की स्वीकृति दी गयी हैं। पदों के सृजन पर वार्षिक व्यय 39 करोड़ 50 लाख रूपये की भी स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में बिस्तर की संख्या 300 से बढ़ाकर 500, नीमच में 200 से बढ़ाकर 400, सिंगरौली में 200 से बढ़ाकर 400, श्योपुर में 200 से बढ़ाकर 300 और जिला चिकित्सालय डिंडौरी में बिस्तरों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गयी है। मालथौन कनिष्ठ खण्ड न्यायालय की स्थापना और नवीन पद की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर के न्यायिक जिला सागर की तहसील मालथौन में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के एक नवीन पद और उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद इस प्रकार कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के 100 प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाईडलाईन अनुसार शत-प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य शासन को अधिक राजस्व प्राप्त होगा। निर्णय अनुसार पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 की कंडिका 10.11 में संशोधन कर ऑफसेट मूल्य के निर्धारण में बदलाव की स्वीकृति दी गई। पहले 60% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होता था, अब 100% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होगा। इससे विकास कार्यों के लिये अधिक राशि उपलब्ध होगी।  

मैहर में हेल्पलाइन ग्रेडिंग बढ़ाने के लिए फर्जी शिकायतें, SP ने दो पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

मैहर प्रदेशभर में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 181 अब कुछ जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की ही फर्जीवाड़े का शिकार हो गई है. मामला मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र का है, जहां पदस्थ प्रधान आरक्षक रवि सिंह और आरक्षक संतोष राय पर हेल्पलाइन में झूठी शिकायत दर्ज करवाने का गंभीर आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने थाना ग्रेडिंग में नम्बर एक पर आने की लालसा में यह पूरा फर्जीवाड़ा किया. ये है मामला  जानकारी के अनुसार दीपावली के दौरान अमरपाटन के लंका मैदान में पटाखा दुकानों की जांच के दौरान दोनों आरक्षक वहां पहुंचे और दुकानदारों से मोबाइल लेकर खुद ही सीएम हेल्पलाइन 181 पर कॉल कर दी. कॉल सेंटर पर उन्होंने खुद को दुकानदार बताकर पुलिस पर ही गाली-गलौज और मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी. इतना ही नहीं शिकायत बंद करवाने के लिए इन पुलिसकर्मियों ने अपने दूसरे मोबाइल नंबर को संपर्क नंबर के रूप में दर्ज करवा दिया ताकि ओटीपी प्राप्त कर शिकायत निपटान दिखाकर ग्रेडिंग बढ़ाई जा सके. यह फर्जी खेल करीब पांच दुकानदारों अहमद रजा, मोहम्मद फिरोज, इरफान, मोहम्मद वसीम अकरम और अब्दुल मजीद के मोबाइल से किया गया. दुकानदारों ने दिया ये बयान  दुकानदारों ने बताया कि उनके द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई थी, बल्कि पुलिसकर्मियों ने मोबाइल लेकर खुद ही कॉल कर दी. अब इस पूरे मामले का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिससे दोनों आरक्षकों की करतूत उजागर हो गई है. मामले को संज्ञान में लेते हुए मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने दोनों आरक्षक रवि सिंह और संतोष राय को लाइन हाजिर किया है. बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि सीएम हेल्पलाइन में फर्जी शिकायत करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाए. अब देखना यह होगा कि क्या अमरपाटन थाने में पदस्थ इन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होती है या मामला दबा दिया जाता है. ग्रेडिंग में फर्स्ट आने की झूठी शिकायत आरोप है कि अमरपाटन थाने में पदस्थ इन दोनों पुलिसकर्मियों ने सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग में नंबर एक पर आने के लिए 181 सीएम हेल्पलाइन पर झूठी शिकायतें दर्ज करई थीं। उन्होंने पटाखा दुकानदारों के मोबाइल फोन लेकर स्वयं को फर्जी कॉलर बताते हुए गाली-गलौज और मारपीट की शिकायतें दर्ज कराईं। यहां तक कि कॉल सेंटर पर मौजूद एग्जीक्यूटिव से यह भी कहा कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही है। पटाखा दुकानदारों के मोबाइल से की शिकायत इन पुलिसकर्मियों ने लगभग पांच पटाखा दुकानदारों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर ऐसी शिकायतें दर्ज कराई थीं। साथ ही, प्रधान आरक्षक रवि सिंह और आरक्षक संतोष राय ने इन सभी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर अपना दूसरा संपर्क नंबर भी दर्ज कराया, ताकि वे शिकायतें बंद कराने के लिए ओटीपी प्राप्त कर सकें और अमरपाटन थाना मैहर जिले में सीएम हेल्पलाइन बंद कराने की ग्रेडिंग में शीर्ष पर आ सके। ऑडियो भी आया सामने इस मामले में फर्जी शिकायत करने वाले आरक्षक का एक ऑडियो भी सामने आया है। इसके अलावा, शिकायत नंबर भी सार्वजनिक हुए हैं और दुकानदारों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि उन्होंने कोई सीएम हेल्पलाइन शिकायत दर्ज नहीं की थी, बल्कि दो पुलिसकर्मी आए और मोबाइल मांगकर शिकायत दर्ज कर दी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश: रीवा एयरपोर्ट के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए शीघ्र तैयार हो प्रस्ताव

रीवा एयरपोर्ट के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए शीघ्र बनायें प्रस्ताव : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रीवा भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विंध्य क्षेत्र में विकास की गति तेज़ हुई है और औद्योगिक विस्तार निरंतर गति पकड़ रहा है। रीवा एयरपोर्ट का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण समय की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि रीवा एयरपोर्ट के रनवे को बड़ा करने और आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाये। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के साथ नियमित सामंजस्य बनाकर कार्यवाही को गति दी जाये। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बताया कि रीवा एयरपोर्ट वर्तमान में एटीआर-72 विमान के संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त है और नाइट लैंडिंग की सुविधा से युक्त है। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में त्वरित कदम उठाए जाना आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि नई एविशन नीति के अंतर्गत रीवा एयरपोर्ट के लिए दो एयरलाइन मार्गों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिन्हें शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में उन्होंने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए ताकि रीवा की हवाई सेवाओं के विस्तार में विलंब न हो। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट के सुदृढ़ीकरण से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी सशक्त होगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव (एविएशन)  संजय कुमार शुक्ला, आयुक्त (एविएशन)  चंद्रमौली शुक्ला, उप सचिव (एविएशन)  कैलाश बुंदेला और निदेशक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया भोपाल  रामजी अवस्थी उपस्थित थे।  

कारखानों और वाणिज्यिक संस्थानों में श्रमिकों के लिए बोनस भुगतान अनिवार्य किया गया

भोपाल         श्रम विभाग द्वारा राज्य में संचालित समस्त कारखानों और वाणिज्यिक संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के लिए बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे संस्थान जहां बीस या इससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं और जिनका मासिक वेतन 21 हजार रूपये से कम है, उन्हें बोनस भुगतान किया जाना जरूरी है। अधिनियम के अनुसार हर लेखा वर्ष में किए गए कार्य के बोनस का भुगतान आगामी लेखा वर्ष में 30 नवंबर तक किया जाना चाहिए।  बोनस की राशि 7000 रूपये अथवा 8.33% जो भी अधिक हो वह देय होगी। उप श्रम आयुक्त श्री आशीष पालीवाल ने बताया है कि उक्त बोनस का भुगतान न होने की स्थिति में अपनी शिकायत संबंधित जिला श्रम कार्यालय में, एल.सी.एम. एस.पोर्टल पर, शासन द्वारा संचालित cmhelpline पोर्टल 181 पर अथवा श्रम विभागीय टोल फ्री नंबर 18002338888 पर दर्ज करवा सकते हैं।  

Drugs ने बुझाए 2 परिवारों के चिराग, 1 ही दिन में 2 युवकों की मौत, 2 वर्षों में करीब 30 युवक चढ़ चुके नशे की भेंट

रानियां रानियां क्षेत्र के गांव ओटू में नशे की लत ने एक बार फिर दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। बुधवार को नशे की ओवरडोज से दो युवकों, सुखचैन (20) और विक्की (19) की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। दोनों शिक्षित, कुंवारे और बाजीगर समुदाय से थे। पिछले दो वर्षों में करीब 30 युवा इस लत की भेंट चढ़ चुके हैं, जबकि एक महीने पहले भी दो मौतें हुई थीं। गांव में नशे का जाल इतना गहरा चुका है कि ग्रामीण अब पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। गुरुवार को इस मुद्दे पर ग्रामीण मीटिंग करेंगे, जिसमें नशे के खिलाफ ठोस कदमों पर चर्चा होगी। बुधवार सुबह 6 ले बजे सुखचैन पुत्र दयालूराम का शव ले रानियां ट्रक यूनियन के पास मिला। वह क मंगलवार शाम से लापता था। परिजनों स ने उसे कई जगह ढूंढा, लेकिन सुबह क किसी की सूचना पर शव मिला। उसी के दिन शाम 7 बजे दूसरी दुखद खबर मि आई। विक्की नामक युवक का शव जु गांव अभोली बस अड्डे के पास अचेत नि पड़ा मिला। उसे डॉक्टर के पास ले त जाया गया, लेकिन उसे मृत घोषित अ कर दिया गया। रानियां थाना के क एडिशनल एसएचओ गुरमिंदर सिंह इन ने कहा कि अभी तक थाने में कोई रा शिकायत नहीं आई। शिकायत मिलने अ पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।