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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने बालोद जिले को आदि कर्मयोगी अभियान में स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड दिया

बालोद : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म ने आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को प्रदान किया स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने बालोद जिले को आदि कर्मयोगी अभियान में स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड दिया आदि कर्मयोगी अभियान में बालोद जिले को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने प्रदान किया स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड इस महत्वपूर्ण उलपब्धि के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री कंवर का जिला प्रशासन द्वारा किया गया सम्मान बालोद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म ने आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड से सम्मानित किया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म ने शुक्रवार आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत 17 अक्टूबर को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में बालोद जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आयोजित आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले के चयनित 186 जनजातीय बहुल ग्रामों में निवासरत जनजातीय परिवार के लोगों से डोर टू डोर संपर्क कर एवं इन ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के माध्यम से शासकीय योजनाओं को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के अलावा जमीनी स्तर पर नेतृत्व को सशक्त बनाने तथा जनजातीय लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का सराहनीय प्रयास किया गया है। इसके अलावा इस दौरान जिले के चयनित सभी 186 गांवों में ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्राईबल विलेज विजन 2030 तैयार किया गया। जिसके फलस्वरूप भारत सरकार के द्वारा बालोद जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड प्रदान किया गया है। बालोद जिले को प्राप्त  इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए आज बालोद जिला प्रशासन द्वारा सयुंक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अन्य अधिकारियों ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर सहित एसडीएम श्री सुरेश साहू एवं जनपद पंचायत डौण्डी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित इस कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया गया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना करते हुए इसके प्रमुख सूत्रधार सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर सहित अन्य अधिकारियों के कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की। इसके लिए उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित इस कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

रायपुर में दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 7.36 करोड़ रुपये की मंजूरी

रायपुर : दो सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों के लिए 7.36 करोड़ रूपए स्वीकृत रायपुर में दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 7.36 करोड़ रुपये की मंजूरी रायपुर: सिंचाई परियोजनाओं के काम के लिए 7.36 करोड़ रूपए स्वीकृत रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 7 करोड़ 36 लाख 77 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के विकासखण्ड गौरेला के अंतर्गत अरपा नदी में बनझोरका एनीकट निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 77 लाख 65 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना से निस्तारी भू-जल संवर्धन के साथ ही 40 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ एवं 30 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी कुल 70 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई प्रस्तावित है। इसी तरह से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखण्ड-सारंगढ़ अंतर्गत पुटका नहर की लाईनिंग कार्य हेुतु 3 करोड़ 59 लाख 22 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर रूपांकित सिंचाई क्षेत्र 955 हेक्टेयर में 308 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। सिंचाई योजनाओं के कार्यों केा पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

कफ सिरप पीने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, कोटा में जांच शुरू

कोटा  राजस्थान के कोटा जिले में कफ सिरप पीने के बाद एक महिला की मौत के बाद ड्रग कंट्रोलर की ओर से बड़ा ऐक्शन सामने आया है। ड्रग कंट्रोलर ने मेडिकल स्टोर और गोदाम पर छापा मारा। छापेमारी में 500 से अधिक कफ सिरप की बोतलों को जप्त किया गया है। इन बोतलों के सैंपल को जांच के लिए लेबोरेटरी में भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरी कार्रवाई ड्रग कंट्रोलर देवेंद्र गर्ग के नेतृत्व में की गई है। अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। जांच में सामने आया है कि कफ सिरप के इन बोतलों को अहमदाबाद से मंगवाया गया था। जांच रिपोर्ट का भी इंतजार है। पुलिस ने भी महिला की डेड बॉडी का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। परिजनों की तरफ से दी गई शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। अंनतपुरा थाने के एसआई रोहित कुमार ने बताया कि महिला की डेड बॉडी का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्ट कराया गया है ताकि संदेह दूर किया जा सके। परिजनों के बयान लिए गए हैं। परिजनों ने बताया कि खांसी होने पर सिरप पीने के बाद कमला देवी की तबीयत बिगड़ गई। महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने जो शिकायत दी है उस पर जांच की जा रही है। महिला की पोस्टमार्ट रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि अनंतपुरा थाना क्षेत्र के अजय आहूजा नगर की 57 वर्षीय कमला देवी अपने घर पर दीपावली की साफ-सफाई कर रही थीं। इसी दौरान वह खांसी जुकाम की चपेट में आ गईं। खासी होने पर उसके बेटे ने किसी मेडिकल स्टोर से कफ सिरप की बोतल लाकर दे दी। इसको पीने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनको मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान महिला की हार्टबीट लगातार कम होती गई। आखिर में उनकी मौत हो गई।

मंहगी सोया चाप: 5 युवकों ने पहले कारीगरों को पीटा, फिर दुकान पर किया कब्जा

फरीदाबाद  फरीदाबाद की ओल्ड मार्केट में एक दुकानदार को सोया चाप के 350 रूपए मांगना मंहगा पड़ गया चाप खाने आए पांच युवकों ने पहले दुकान मालिक और कारीगरों के साथ जमकर मारपीट की, फिर बाद में दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने 5 के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। ओल्ड थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ओल्ड फरीदाबाद मार्केट में पथवारी मंदिर के सामने भोलू नामक युवक चाप की दुकान चलाता है। मंगलवार रात को करीब 10 बजे ठाकुरवाडे के पांच से छह युवक उनकी दुकान पर चाप खाने के लिए आए थे। जब वह चाप खाकर जाने लगे तो उनके कारीगर ने युवकों से बिल के 350 रूपए मांग लिए।जिससे वह नाराज हो गए। उन्होंने पहले कारीगर और फिर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। आसपास के लोगों ने युवकों को समझाने का काफी प्रयास किया। लेकिन वह किसी की भी सुनने को तैयार नहीं हुए। ओल्ड थाना प्रभारी के अनुसार मामला दर्ज करके बदमाशों की तलाश की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार तोड़फोड़ करने बदमाश आए दिन दुकानदारों से झगड़ा करते है। इसी मार्केट में दुकानदारों से उगाही करने वाले बदमाश विजय को पिछले दिनों पुलिस ने गिरफ्तार करके जुलूस निकाला था। पुलिस ने 5 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 

बिना रोक-टोक खनन, सरकारी खजाने की सेंध माफियाओं ने लगाई

गढ़शंकर गढ़शंकर के बीत क्षेत्र के गांव कोकोवाल मजारी के जंगल की खड्डों में अवैध माइनिंग जारी है। बरसात से पहले खनन माफिया ने हजारों टिप्पर पत्थरों का अवैध खनन किया था। अब बरसात के बाद यह माफिया एक बार फिर से सक्रिय हो गया है और वह जंगलात विभाग की कड़ी धाराओं वाले इलाके में सरेआम अवैध माइनिंग कर रहे हैं। अब जबकि बरसात खत्म हो चुका है, बीत इलाके के कोकोवाल मजारी गांव के जंगल में माइनिंग माफिया पिछले 3 दिनों से अवैध खनन में व्यस्त हैं। जे.सी.बी. की मदद से वे जंगल में बीस से तीस फीट गहरी खुदाई कर रहे हैं और उसे टिप्परों में भर कर स्टोन क्रशर तक ले जा रहे हैं। एक तरफ पंजाब सरकार ने माइनिंग पर सख्त पाबंदी लगा रखी है, लेकिन इसके बावजूद यहां प्रशासन से मिलीभगत कर खुलेआम अवैध माइनिंग की जा रही है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। गढ़शंकर का कोकोवाल मजारी जंगल श्री आनंदपुर साहिब निर्वाचन क्षेत्र के भंगला गांव और हिमाचल प्रदेश के बाथरी गांव की सीमा से सटा है, नतीजतन, खनन माफिया इन सीमाओं का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन करते हैं, जबकि दोनों तरफ के संबंधित विभाग यह दावा करके अपनी कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश करते हैं कि खनन एक-दूसरे की सीमा के भीतर हुआ है कह कर अपने कर्तव्य से पल्ला झाड़ लेते हैं। जमीन बचाओ, गांव बचाओ कमेटी के सदस्य कामरेड कुलभूषण कुमार, कामरेड रविंदर नीटा, रामजी दास चौहान, कामरेड दविंदर और कुलदीप कुमार दीपा ने अवैध खनन के बारे में आरोप लगाया कि यह सब प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है और उन्होंने मांग की कि क्षेत्र की निशानदेही की जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा वे संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। गौरतलब है कि वन विभाग के सख्त प्रावधानों के बावजूद जंगल में अवैध माइनिंग हो रहा है यह लोगों के लिए हैरानी की बात है। क्योंकि अगर कोई व्यक्ति जंगलों में से माइनिंग करते पकड़ा जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाती है, लेकिन माइनिंग माफिया पर विभाग की मेहरबानी से लोगों में गुस्सा है। इस संबंध में जब डी.एफ.ओ. हरभजन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिस इलाके में खनन हो रहा है वह श्री आनंदपुर साहिब जिले में आता है। फिर भी हम इसकी जांच करेंगे। अगर यह गढ़शंकर इलाके में हो रहा है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

बुंदेलखंड की परंपरा में रंगे अरविंद पटेरिया, दिवारी नृत्य में मौनिया के संग लगाए ठुमके

छतरपुर   बुंदेलखंड का छतरपुर लोकनृत्य और लोक संगीत कलाओं को संजोए हुए है. इन्हीं में से एक बुंदेली मौनिया नृत्य है, जो दीपावली के बाद आयोजित होता है. यह नृत्य बुंदेलखंड के ग्रामीण इलाकों में दीपावली के दूसरे दिन मौन परमा को पुरुषों द्वारा किया जाता है. इसे मौनी परमा भी कहा जाता है. ये बुंदेलखंड की सबसे प्राचीन नृत्य शैली है. इसे सेहरा और दिवारी नृत्य भी कहते हैं. इसमें किशोरों व युवकों द्वारा घेरा बनाकर मोर के पंखों को लेकर मनमोहक अंदाज में नृत्य किया जाता है. दिवारी नृत्य में लाठीबाजी के करतब दिवारी नृत्य लाठियां लड़ाकर भी किया जाता है. छतरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों के लोगों की प्राचीन परंपरा आज भी जीवित है. छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित आदिवर्त संग्रहालय में पारंपरिक उल्लास के साथ मौनिया उत्सव का आयोजन किया गया. यह आयोजन संग्रहालय के सामने पार्किंग स्थल पर हुआ. उत्सव में पारंपरिक संगीत, ढोलक और नगाड़ों की गूंज के बीच विभिन्न क्षेत्रों से आए मौनिया दलों ने दीवारी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियां दी. तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा खजुराहो दिवारी नृत्य में रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों ने लोक संस्कृति के अनोखे रंगों से सराबोर कर दिया. खजुराहो, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए मोनिया दलों ने जब मंच पर पारंपरिक दीवारी नृत्य प्रस्तुत किया तो लोग देखते रह गए. कलाकारों ने अपने तेज़ लयबद्ध कदमों, चटख रंगों के परिधानों और उत्साहपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. दीवारी या मोनिया नृत्य बुंदेलखंड की कृषक, चरवाहा संस्कृति का प्रतीक लोकनृत्य है, जो दीपावली से लेकर पूर्णिमा तक निरंतर किया जाता है. इस नृत्य में युवा कलाकार बुंदेली दिवारी लोकगीतों की ताल पर समूह में नाचते हैं. सामाजिक एकता का प्रतीक भी है मौनिया गीतों में श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा, धर्म, नीति, परिश्रम और जीवन के उल्लास का वर्णन होता है. यह नृत्य अहीर समाज की प्राचीन परंपरा को आज भी जीवंत बनाए हुए है. बुंदेलखंड में बरेदी नृत्य के रूप में प्रसिद्ध यह कला दीपावली के 15 दिन तक गांवों में गूंजती रहती है. इसमें नर्तक अत्यंत तीव्र गति से गोल घेरा बनाकर नृत्य करते हैं, जबकि एक कलाकार गीत की शुरुआत करता है और बाकी दल सामूहिक स्वर में उसे आगे बढ़ाते हैं. यह केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता, कृतज्ञता और धार्मिक आस्था का लोक उत्सव भी है, जिसे लोग आज भी जीवित रखे हुए हैं. मौनिया नृत्य कैसे शुरू हुआ खजुराहो में आयोजित हुए मोनिया नृत्य के दौरान राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया भी मौनिया को देखकर अपने आपको नृत्य करने से नहीं रोक पाए. पहले विधायक ने नगड़िया बजाई, फिर बुंदेली परंपरा के अनुसार मौनिया कलाकरों के साथ नृत्य किया. इस परंपरा के बारे में छतरपुर के पंडित अनंत शास्त्री महाराज बताते हैं "मोनिया नृत्य में बुंदेली लोक संस्कृति की झलक मिलती है. ऐसी मान्यता है जब भगवान श्री कृष्ण की सारी गायें कहीं चली गई तो भगवान श्रीकृष्ण दु:खी होकर मौन हो गए तो उनके दोस्तों ग्वालों ने उनकी गायें खोजी ओर गायें लेकर आये तब भगवान ने मौन तोड़ा." मौनिया उत्सव लोक संस्कृति की आत्मा मौनिया को लेकर दूसरी मान्यता यह भी है कि इंद्र के प्रकोप से गोकुलवासियों को बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अपनी उंगली पर उठा लिया. तब गोकुलवासी खुशी के मारे झूम उठे, तभी से यहां आयोजन मनाया जाता है. इस मौके पर विधायक अरविंद पटेरिया ने कहा "मौनिया उत्सव हमारी लोक संस्कृति की आत्मा है. इस आयोजन के माध्यम से न केवल परंपराएं संरक्षित होती हैं बल्कि नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से परिचय भी मिलता है." 

CM साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्रांति, जशपुर-बस्तर में बने 4 नए कॉलेज

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन ने जशपुर और बस्तर जिलों में चार नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये महाविद्यालय फरसाबहार (जशपुर), करडेगा (जशपुर), नगरनार (बस्तर) और किलेपाल (बस्तर) में खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इससे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके अपने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे। अब छात्रों को पढ़ाई के लिए अपने घरों से दूर अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने शिक्षा को प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया और कहा कि सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इन चार महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 और प्रयोगशाला कर्मी शामिल हैं। राज्य शासन ने महाविद्यालयों में कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी दे दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन महाविद्यालयों की स्थापना फरसाबहार (जिला-जशपुर), करडेगा (जिला-जशपुर), नगरनार (जिला-बस्तर) तथा किलेपाल (जिला-बस्तर) में की जाएगी।मुख्यमंत्री की इस पहल से जशपुर एवं बस्तर जैसे जनजाति बहुल एवं भौगोलिक रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब उनके इलाके में ही उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। अच्छी शिक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा की पहुंच हर इलाके में हो, इसके लिए राज्य सरकार शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बना रही है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन व बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. इन पदों पर होगी भर्ती गौरतलब है कि इन चारों महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति के साथ ही कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी राज्य शासन ने दे दी है. स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 और प्रयोगशाला कर्मी आदि शामिल हैं. दूरस्थ अंचलों की बेटियों और बेटों को अब कॉलेज की पढ़ाई के लिए अब अपने घरों से दूर अन्यत्र नही जाना पड़ेगा। उच्च शिक्षा की पहुंच हर इलाके में हो, इसके लिए राज्य सरकार शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बना रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि इन चारों महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति के साथ ही कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी राज्य शासन ने दे दी है। स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 एवं प्रयोगशाला कर्मी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय की इस पहल से आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं की शिक्षा, रोजगार एवं कौशल वृद्धि के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश में समान और संतुलित शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी। इस पहल से न केवल आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रदेश में समान और संतुलित शैक्षणिक विकास को इस कदम से नई गति मिलने की उम्मीद है। 

भाजपा नेता राव महेंद्र ने अमित शाह को जन्मदिन की दी बधाई, अहमदाबाद में हुई मुलाकात

गुड़गांव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आज 61वां जन्मदिन है। इस अवसर पर अहमदाबाद स्थित केंद्रीय मंत्री के आवास पर आयोजित मिलन समारोह में उन्हें बधाई देने के लिए भाजपा नेताओं का आना लगा हुआ है। इस अवसर पर गुड़गांव से भाजपा के गुड़गांव ओबीसी मोर्चा के जिला सचिव राव महेंद्र सिंह भी गुड़गांव से अहमदाबाद स्थित केंद्रीय मंत्री अमित शाह के आवास पर पहुंचे और उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं दी। इस दौरान राव महेंद्र ने उन्हें भगवान गणेश की प्रतिमा का स्मृति चिन्ह उन्हें भेंट किया और उनकी दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर राव महेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समर्पण और मेहनती स्वभाव ने ही उन्हें विश्व प्रसिद्ध नेता बनाया है। भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और हर भारतीय को सुरक्षा और गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर देने का कार्य केंद्रीय मंत्री ने किया है। केंद्रीय मंत्री के महत्वपूर्ण निर्णयों की बदौलत ही देश को नक्सल-मुक्त बनाने की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक पहुंची है। संगठन के विस्तार और विचार के सशक्तिकरण दोनों को ही नई उंचाई पर पहुंचाने का कार्य अमित शाह के मजबूत इरादों ने किया है।  राव महेंद्र सिंह ने बताया कि सरल स्वभाव के अमित शाह स्वभाव से अत्यंत परिश्रमी और अपने इरादों के पक्के हैं। उन्ही के मजबूत इरादों से ही धारा 370 को हटाने में सफलता हासिल हुई है। भारत की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने और देश में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए ही अमित शाह ने सदैव कार्य किया है।  

हाईकोर्ट सख्त: अपीलीय प्राधिकरण पर जुर्माना, दोषियों से वसूली का आदेश

जबलपुर  अपीलीय प्राधिकरण द्वारा निर्धारित अवधि में दायर अपील को समय अवधि के आधार पर खारिज कर दिया गया था। जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस ए. के. सिंह की युगलपीठ ने अपीलीय प्राधिकारी की गलती को स्वीकार करते हुए 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि कॉस्ट की राशि सरकारी खजाने से नहीं वसूली जाए। सरकार कॉस्ट की राशि दोषियों से वसूल कर सकती है। लक्ष्मी मोटर्स सतना की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि अपीलीय प्राधिकारी और संयुक्त आयुक्त स्टेट टैक्स सतना के समक्ष उनकी तरफ से 26 नवंबर को खारिज कर दिया गया था। अपील 26 जुलाई 2024 को पारित आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। अपीलीय प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा था कि अपील निर्धारित समय अवधि गुजरने के बाद दायर की गई है। एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई याचिकाकर्ता ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि सामान्य धारणा अधिनियम 1897 की धारा 9 में निहित प्रावधानों के अनुसार आदेश पारित करने की तिथि को छोड़कर सीमा अवधि की गणना की जाए। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में तीन महीनों की सीमा अवधि का प्रावधान है। धारा 107 की उपधारा (4) के अंतर्गत, अपीलीय प्राधिकारी को अपील पर विचार करने के लिए एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई है। आदेश जारी किए युगलपीठ ने माना कि अपील दायर करने की अवधि 27 जुलाई से प्रारंभ होकर 26 नवंबर 2024 को समाप्त हो रही थी। अपीलीय प्राधिकरण 25 नवंबर 2024 को दायर अपील को समय सीमा द्वारा वर्जित नहीं कर सकते थे। युगलपीठ ने कॉस्ट लगाते हुए उक्त आदेश जारी किए।

गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन पर मिला नेताओँ का प्यार, MP के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

भोपाल  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आज जन्मदिन है। 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्में अमित शाह आज 61 वर्ष के हो गए हैं। उनके जन्मदिन पर जहां देश-विदेश से बधाईयां दी जी रही हैं तो वहीं, मध्य प्रदेश के भाजपा नेता भी उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्ट के कई दिग्गज नेताओं द्वारा उन्हें बधाई दी गई है। सीएम मोहन ने दी शुभकामनाएं सबसे पहले बात करें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए शाह को बधाई देते हुए लिखा- 'राष्ट्र की सुरक्षा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति आपका अटूट समर्पण प्रेरणादायक है। उन्होंने उनके उज्जवल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए एक्स पर पोस्ट किया कि, 'कुशल संगठक, श्रेष्ठ रणनीतिकार, भारत के यशस्वी गृह व सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। बाबा महाकाल से आपके आरोग्यपूर्ण, सुयशपूर्ण एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।' ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी बधाई केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन पर बधाई दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा- 'कर्मठ, निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व के धनी, देश के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।' उन्होंने आगे लिखा- 'राष्ट्रनिर्माण, सुरक्षा और सुशासन के प्रति आपका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भगवान स्वामीनारायण से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुदीर्घ सार्वजनिक सेवा जीवन की कामना करता हूं।' शिवराज सिंह ने दी शुभकामनाएं केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अमित शाह को शुभकामनाएं देते हुए लिखा- 'जनप्रिय राजनेता, कुशल संगठक, श्रेष्ठ रणनीतिकार, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की आत्मीय बधाई! ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं!'