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अंबिकापुर जिले के डॉ. ललित शुक्ला को मिला उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर पुरस्कार

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान राष्ट्रीय कॉनक्लेव 2025 अंबिकापुर जिले के डॉ. ललित शुक्ला को मिला उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर पुरस्कार राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया गया सम्मानित रायपुर भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव 2025 में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास अम्बिकापुर के डॉ. ललित शुक्ला को उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर (आदि कर्मयोगी अभियान) के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चलाए जा रहे “आदि कर्मयोगी अभियान” में उनके उत्कृष्ट कार्यों, प्रशिक्षण एवं जनजातीय नेतृत्व को सशक्त बनाने के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई 2025 को आरंभ किए गए “आदि कर्मयोगी अभियान” का उद्देश्य भारत में जनजातीय समाज के लिए एक मजबूत, उत्तरदायी और सहभागी शासन प्रणाली विकसित करना है। इसे विश्व के सबसे बड़े जनजातीय नेतृत्व आंदोलन के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो कैडर आधारित मॉडल और अंतर-विभागीय अभिसरण पर केंद्रित है। इस अभियान के माध्यम से आदिवासी समुदायों के अंतिम छोर तक शासन, योजनाओं और सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

आड़ावाल पुनर्वास केंद्र में बदलाव की बुनियाद, माओवाद छोड़ चुके युवाओं को आजीविका का प्रशिक्षण

रायपुर : आड़ावाल नक्सल पुनर्वास केंद्र “नवां बाट” में आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा आजीविका प्रशिक्षण बस्तर संभागायुक्त ने निरीक्षण कर प्रशिक्षुओं से की मुलाकात रायपुर शासन की संवेदनशील पुनर्वास नीति का परिणाम है कि कभी बड़ी संख्या में माओवादी गतिविधियों में संलग्न युवा अब शांति के मार्ग के प्रगतिरत है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में आत्मसमर्पित माओवादियों को आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ऐसे ही पुनर्वास केंद्र आड़ावाल में 69 नक्सल आत्मसमर्पित युवाओं को आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिनमें 23 महिला एवं 12 पुरूषों को बकरी पालन के साथ-साथ फिनाइल एवं डिटर्जेंट निर्माण का प्रशिक्षण आरएसईटीआई के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। वहीं 34 पुरुष लाभार्थी ग्रामीण राजमिस्त्री के रूप में प्रशिक्षण आरएसईटीआई के माध्यम से दिया जा रहा है, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर आजीविका प्राप्त करने के साथ समाज में सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकें।  इस पुनर्वास केन्द्र का आज बस्तर के संभागायुक्त  डोमन सिंह ने निरीक्षण किया। जहां उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षुओं से आवासीय सुविधा, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुधार संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने आत्मसमर्पित लाभार्थियों के पुनर्वास एवं आजीविका संवर्धन हेतु संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाए जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।   उल्लेखनीय है कि बस्तर जिले के पुनर्वास केंद्र का नाम “नवाँ बाट” रखा गया है जो एक गोंडी शब्द है। जिसका हिंदी में अर्थ “नई राह” होता है। यह इस पुनर्वास केंद्र की भावना को दर्शाता है जहां भटके हुए युवा समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सम्मानजनक जीवन की नई राह पर आगे बढ़ने की दिशा में अग्रसर हैं।

दीपोत्सव ने बढ़ाई अयोध्या की भव्यता, बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या

दीपोत्सव 2025 अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूटा, इस वर्ष संख्या 23 करोड़ पार दीपोत्सव ने बढ़ाई अयोध्या की भव्यता, बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या  सीएम योगी के विजन के अनुरूप राम नगरी में बढ़ी सुविधाएं, हर बार से ज्यादा लोग पहुंचे 2025 में जून तक 23,81,64,744 भारतीय और 49,993 विदेशी श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहे देसी-विदेशी पर्यटक  साल दर साल बढ़ता ही जा रहा धार्मिक पर्यटकों के आने का सिललिला  अयोध्या  योगी सरकार इस साल अयोध्या में सरयू तट पर नौवां दीपोत्सव मनाने जा रही है। राम मंदिर के अलावा यहां पिछले 8 साल से हर वर्ष आयोजित हो रहे दीपोत्सव के कारण अयोध्या की भव्यता और बढ़ गई है।  दीपोत्सव ने देश-विदेश में अयोध्या का आकर्षण बढ़ा दिया है। यही कारण है कि अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इनमें भारतीय पर्यटक तो अच्छी खासी संख्या में हैं ही विदेशियों की रुचि भी प्रभु श्रीराम की नगरी में बढ़ गई है।  साल दर साल बढ़ती जा रही पर्यटकों की संख्या अयोध्या में वर्ष 2017 से दीपोत्सव प्रारंभ हुआ है। इस बीच यहां 1,78,32,717 भारतीय एवं 25,141 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। इस प्रकार वर्ष 2017 में कुल 1,78,57,858 श्रद्धालुओं ने रामनगरी में दर्शन-पूजन किया। दीपोत्सव के दूसरे वर्ष 2018 में 1,95,34,824 भारतीय एवं 28,335 विदेशी नागरिकों ने रामनगरी में दर्शन किया। इस प्रकार कुल मिलाकर 1,95,63,159 लोगों ने वर्ष 2018 में अयोध्या में दर्शन-पूजन किया। ऐसे ही वर्ष 2019 में 2,04,63,403 भारतीय एवं 38,321 विदेशी मिलाकर कुल 2,04,91,724 श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन किया। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी देखने को मिली। इस साल 61,93,537 भारतीय एवं 2,611 विदेशी मिलाकर कुल 61,96,148 सैलानी अयोध्या पहुंचे। वहीं वर्ष 2021 में 1,57,43,359 भारतीय एवं 31 विदेशी पर्यटकों ने अयोध्या में दर्शन पूजन किया। 2021 में कुल 1,57,43,390 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए आए। इसी क्रम में वर्ष 2022 में 2,39,09,014 भारतीय एवं 1465 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। कुल मिलाकर 2,39,10,479 पर्यटक अयोध्या दर्शन के लिए यहां पहुंचे।  वर्ष 2023 में भारतीय 5,75,62,428 और 8468 विदेशी पर्यटक आए। इस तरह कुल 5,75,70,896 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद 2024 में 16,43,93,474 भारतीय और 26048 विदेशी श्रद्धालु आए। इस तरह कुल 16,44,19,522 लोगों ने अयोध्या दर्शन किए। वहीं, 2025 में जनवरी से जून तक 23,81,64,744 भारतीय और 49,993 विदेशी समेत कुल 23,82,14,737 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। नोट: यह जानकारी उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लखनऊ द्वारा दी गई हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से बढ़े रोजगार के अवसर  अयोध्या में देश ही नहीं विदेश से भी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से अयोध्या में रोजगार में भी तेजी से वृद्धि होने लगी है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार तेजी से अयोध्या का विकास करने में लगी है। शानदार फोर लेन व सिक्स लेन सड़कों से अयोध्या जुड़ रही है। विश्वस्तरीय हवाई अड्डा व रेलवे स्टेशन के अलावा तमाम अन्य सुविधाएं विकसित होने से अयोध्या पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

नाराज़ RJD नेता का ड्रामा! टिकट ना मिलने पर फूट-फूटकर रोए, लालू-राबड़ी के घर मचा बवाल

पटना बिहार चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच पटना में जमकर ड्रामा हुआ. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर उस समय हंगामा मच गया, जब मधुबन विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार रहे मदन शाह अचानक वहां पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन करने लगे. मदन शाह ने आवास के बाहर गेट के ठीक सामने अपना कुर्ता फाड़ लिया और जमीन पर लेटकर जोर-जोर से रोने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मदन शाह कहते नजर आ रहे हैं कि उनसे आरजेडी टिकट के बदले पैसे मांगे गए थे. उनका आरोप है कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो पार्टी ने उनका टिकट काटकर डॉ. संतोष कुशवाहा को पैसे लेकर दे दिया. मदन शाह ने कहा, "मैं सालों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहा हूं, लेकिन टिकट पैसों के दम पर बांटा गया है. पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर धनबल वालों को प्राथमिकता दी है." उन्होंने आरजेडी के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि संजय यादव ने टिकट की दलाली की है और पैसे लेकर टिकट बेचा गया है. लालू-राबड़ी के घर के बाहर अफरा-तफरी घटना के दौरान लालू-राबड़ी आवास के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मदन शाह को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया. इस बीच, आरजेडी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. महागठबंधन में सीटों को लेकर खटपट जारी बता दें कि राज्य विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में खटपट जारी है. गठबंधन दलों के बीच आपसी सहमती नहीं बन सकी है. राजद और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद है और कई सीटों पर आमने-सामने की लड़ाई की स्थिति बन गई है. राजद और मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के बीच भी कुछ मतभेद है, जहां मधेपुरा में एक सीट पर एक ही उम्मीदवार ने दोनों पार्टियों से पर्चा भरा है. मसलन, हालात पेचीदा हो गया है.

रायपुर से उठी पहचान की गूंज, छत्तीसगढ़ ने फिर रचा कीर्तिमान

रायपुर : छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर बनाई अपनी पहचान राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ को किया सम्मानित: आदि कर्मयोगी अभियान और पीएम जनमन योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित जनजातीय सशक्तिकरण के क्षेत्र में पांच जिलों को मिली राष्ट्रीय पहचान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्री श्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं राष्ट्रपति के हाथों राज्य सरकार की ओर से प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया सम्मान ग्रहण  रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। आदि कर्मयोगी अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य को आज भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राज्य सरकार और जनजातीय विकास विभाग की ओर से यह सम्मान प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने राष्ट्रपति के करकमलों से प्राप्त किया।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने इस मौके पर पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में जनजातियों और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यो के संबंध में विस्तार से प्रस्तुती दी। वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिलों में जनजातियों के विकास में किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुआल ओराम तथा राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उइके, जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर भी उपस्थित थे।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर समस्त विभागीय अधिकारियों और फील्ड टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के उन कर्मयोगियों के परिश्रम और समर्पण की पहचान है, जिन्होंने जनजातीय सशक्तिकरण को धरातल पर साकार किया है। कार्यक्रम में धमतरी और कोरिया जिलों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनजाति विभाग के स्टेट ट्रेनर श्री ललित शुक्ला को भी व्यक्तिगत श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ। आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मोहला-मानपुर, बालोद, दंतेवाड़ा और धमतरी जिलों को ‘स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड’ मिला, जो इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय सेवा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राज्य के प्रत्येक जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस मौके धमतरी कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत उपस्थित थे। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने इस उपलब्धि पर पूरे विभाग को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय विकास विभाग ने जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने कहा कि “यह पुरस्कार हमारे अधिकारियों, फील्ड कर्मचारियों और उन जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जो राज्य के दूरस्थ अंचलों तक योजनाओं की रोशनी पहुँचाने में दिन-रात जुटे हैं।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में जनजातीय शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के क्षेत्र में कई अभिनव कदम उठाए हैं। आदि कर्मयोगी अभियान ने प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा दी है, वहीं पीएम जनमन योजना ने आदिवासी समाज के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के जनजातीय कल्याण विभागों के अधिकारी, परियोजना निदेशक, विकास सहयोगी संस्थाएँ और जनजातीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

टाइगर स्ट्राइक फोर्स के सरोठिया को global अवॉर्ड, मध्यप्रदेश ने बढ़ाया देश का मान

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश के  सरोठिया को मिला अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड उत्कृष्ट कार्य के लिये यूनाइटेड नेशन ने किया पुरस्कृत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन विभाग द्वारा वन, वन्य-जीव एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नये आयाम स्थापित किये जा रहे हैं। वन विभाग के अंतर्गत गठित स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश के उप वन संरक्षक (भावसे)  रितेश सरोठिया को वन एवं वन्य-जीव अपराध की रोकथाम के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये यूनाइटेड नेशन द्वारा 'द एशिया एनवायरमेंटल इन्फोर्समेंट रिकगनिशन ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2024-25 प्रदान किया गया है। यह अवॉर्ड यूएनईपी द्वारा 17 अक्टूबर को बैंकाक (थाईलेंड) में हुए वर्चुअल समारोह में दिया गया। यूनाइटेड नेशन द्वारा उक्त अवॉर्ड उन व्यक्तियों, सरकारी संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जो देश से सीमापार अपराध अन्वेषण में राष्ट्रीय कानूनों के प्रवर्तन में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन करते हैं। इसमें वन्य-जीव और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, खनिजों और रेत का अवैध व्यापार परिवहन, अपशिष्ट रसायनों, कीटनाशक का अवैध व्यापार, ओजोन क्षयकारी पदार्थ और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिये दिया जाता है। अवॉर्ड चयन के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी, जिसमें प्रतिष्ठित संस्थाओं में यूएनईपी, इंटरपोल, यूएनओडीसी, वर्ल्ड बैंक, एसआईटीईएस और यूएनडीपी के प्रतिनिधि द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद दिया जाता है। इस वर्ष के अवॉर्ड में वन्य-जीवों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रूप से नियंत्रण के लिये उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारत चीन, इंडोनेशिया और सिंगापुर की कुल 7 कानून प्रवर्तन संस्था/अधिकारियों को विभिन्न श्रेणी में सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश के स्टेट टाइगर फोर्स के प्रभारी  सरोठिया ने अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव संगठित गिरोहों, जिनका नेटवर्क भारत, चीन, नेपाल, भूटान और म्यांमार में फैला है के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की। उन्होंने कई कानून प्रवर्तन संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर वन अपराधों में लिप्त सरगनाओं को गिरफ्तार किया।  सरोठिया ने सरगनाओं के विरुद्ध दर्ज प्रकरण का वैज्ञानिक अन्वेषण कर उन्हें सजा दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।  सरोठिया को वन, वन्य-जीव कानून प्रवर्तन में अहम भूमिका निभाने के लिये सम्मानित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख एवं वन संरक्षक वन्य-जीव के सतत मार्गदर्शन में कार्य करते हुए मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा  सरोठिया के नेतृत्व में विगत कुछ वर्षों में वन एवं वन्य-जीव अपराधों में लिप्त राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर लगभग 1500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस इकाई द्वारा किये गये वन्य-प्राणी संरक्षण कार्य की सराहना न केवल प्रदेश, देश बल्कि देश के बाहर भी की गयी है। इंटरपोल द्वारा 4 बार मध्यप्रदेश एसटीएफ की प्रशंसा की गयी। इससे पूर्व भी  सरोठिया को 3 बार अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।  

कोलार लिफ्ट परियोजना से 44 गांव होंगे लाभान्वित, बिलकिसगंज क्षेत्र को बड़ी सौगात

कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में बिलकिसगंज के नजदीकी 44 गांव शामिल होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोलर पंप के माध्यम से बिजली बिल की चिंता से किसानों को मुक्त करेगी सरकार इछावर नगर परिषद को विकास कार्यों के लिए अनुदान देने की घोषणा सीहोर जिले के दो लाख से अधिक किसानों के खाते में 118 करोड़ से अधिक की फसल क्षति राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर में किया 69 करोड़ रूपये से अधिक के विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज धनतेरस के शुभ अवसर पर किसानों को चिंता मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा राहत राशि प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और वंचित वर्गों की सरकार है। किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है और उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को अभी राहत राशि दी जा रही है और बीमा राशि मिलना बाकी है। राज्य सरकार की नीति है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिले। सरकार फसलों का निरंतर समर्थन मूल्य भी बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिले इसके लिए सरकार द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले के बिलकिसगंज में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को पीला मोजेक, कीट व्याधि एवं अतिवृष्टि से हुई सोयाबीन फसल क्षति से प्रभावित सीहोर जिले के 2,05,977 किसानों के खाते में 118 करोड़ 41 लाख रूपये की राहत राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के 69 करोड़ 38 लाख 36 हजार रूपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सीमा पर जवान और खेत में किसान अपने-अपने तरीके से देश की सेवा करते हैं। सरकार के लिए दोनों का ही सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सिंचाई सुविधा हो या किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाना हमारी सरकार हर मामले में संवेदनशील है। प्रदेश में कभी सिंचाई का रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था और हमारी सरकार आने के बाद सिंचाई का रकबा 53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सोयाबीन किसानों को भी फसल का उचित दाम दिला रही है। अब कोदो-कुटकी भी सरकार खरीद रही है। राज्य सरकार अगले वर्ष 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों और जवानों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए विशेष प्रयास किया है। किसानों का जीवन सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही है। स्कूली बच्चों को किताबें और ड्रेस नि:शुल्क दी जा रही है। प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को हर माह लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। दीपावली के बाद अब भाई दूज पर भी 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। अगले महीने से हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पहले 5 लाख रुपए तक के 5 हॉर्स पावर के पंप के लिए किसानों को 2 लाख रुपए खुद से लगाने पड़ते थे, अब सरकार इस पर 90 प्रतिशत का अनुदान दे रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों को 32 लाख सोलर पंप प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रदेश में लगातार इंडस्ट्री समिट की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर के शरबती गेहूं की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "सबका साथ, सबका विकास" के आधार पर हमारी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग का जीवन बेहतर से बेहतर हो और वह विकास में भागीदारी कर सके। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए सरकार इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से निरंतर औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश सक्षम बने और सभी क्षेत्रों में देश में नंबर वन बने यही हमारा लक्ष्य है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश निरंतर तरक्की कर रहा है। हमारी सरकार निरंतर समाज के प्रत्येक वर्ग को खुशहाल बनाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार द्वारा गरीबों, किसानों, महिलाओं और बच्चों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिससे समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री की घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा के अनुरोध पर कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में इछावर क्षेत्र के बिलकिसगंज सहित 44 ग्रामों को शामिल करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने इछावर नगर परिषद में विकास कार्यों के लिए विशेष निधि से अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागों और स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी पर स्टॉल्स का भी अवलोकन किया तथा स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए पोषक उत्पादों की सराहना की। किसानों के खाते में राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले की आठ तहसीलों में पीला मोजेक एवं कीट व्याधि से प्रभावित 1,87,140 किसानों के खाते में 101 करोड़ 70 लाख 90 हजार 999 रूपये की अंतरित की। इसी प्रकार उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित 02 तहसीलो के 18, 837 सोयाबीन उत्पादक किसानों के खाते में 16 करोड़ 70 लाख 36 हजार रूपये की राहत राशि अंतरित की। उल्लेखनीय है कि भैरूंदा एवं बुधनी के किसानों की फसल अतिवृष्टि से तथा आष्टा, जावर, रेहटी, इछावर, श्यामपुर, दोराहा, सीहोर ग्रामीण तथा सीहोर नगर के किसानों की फसल पीला मोजक एवं कीट व्याधि से खराब हुई थी। उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। प्रदर्शनी में सीताफल, … Read more

स्वच्छता और जल संरक्षण ही सच्ची सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान धनवंतरी ने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनवंतरी पूजन में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण चिकित्सा विज्ञान के साथ ही पर्यावरण की शुद्धता से संभव है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा जल, वायु और भूमि प्रदूषणमुक्त नहीं होंगे, तब तक किसी भी चिकित्सा पद्धति के परिणाम स्थायी नहीं हो सकते। उन्होंने छात्रों और चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे चिकित्सा के साथ-साथ स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोर जिले के ग्राम गादिया-बिलकिसगंज स्थित मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनतेरस के अवसर पर शनिवार को आयोजित धनवंतरी पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जल से हम सभी के जीवन की उत्पत्ति हुई है, वैसे ही जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य का आधार भी जल से ही जुड़ा है। भगवान धनवंतरी समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे और उन्होंने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी आयुर्वेद के प्रथम आचार्य माने जाते हैं, जिन्होंने मानवता को स्वस्थ और दीर्घायु रहने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल धन-संपदा की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें शरीर, मन और आत्मा की पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं न कि प्रतिस्पर्धी। एलोपैथी जहां त्वरित राहत देती है, वहीं आयुर्वेद शरीर की जड़ों से रोगों को खत्म करता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी का संदेश केवल औषधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संदेश है कि “स्वास्थ्य ही जीवन का सच्चा धन है।” उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ने हमें यह सिखाया है कि भोजन, दिनचर्या और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने से रोग अपने आप दूर रहते हैं। भगवान धनवंतरी के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पूर्व थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि दोनों की श्रेष्ठता समाज के हित में उपयोगी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनतेरस का यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि – शरीर, मन और प्रकृति तीनों का संतुलन ही सच्चा धन है। इस अवसर पर कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, श्री सन्नी महाजन, मानसरोवर कॉलेज की चांसलर श्रीमती मंजुला तिवारी एवं श्री गौरव तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं छात्र उपस्थित थे।  

आलमनगर में चुनावी उलटफेर: एक कैंडिडेट, दो पार्टियों से नामांकन – RJD और VIP में मचा घमासान

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन के दौरान मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक ही प्रत्याशी ई नवीन कुमार उर्फ नवीन निषाद ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP), दोनों के सिंबल पर अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया है. यह घटना महागठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग विवाद की वजह से हुई है, जहां अभी तक सीटों का सटीक बंटवारा नहीं हो पाया है. नवीन कुमार, जो पिछले चुनाव में भी RJD के टिकट पर आलमनगर से चुनाव लड़ चुके हैं, इस बार विकासशील इंसान पार्टी की ओर से भी उम्मीदवार हैं. नवीन कुमार ने बताया कि उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन किया है और आगे भी पार्टी की हिदायात के अनुसार ही काम करेंगे. इस सीट का प्रचार पहले मुकेश सहनी की पार्टी के पास था, जिसने इसे अपने खाते में ले लिया है. इस मामले से महागठबंधन के अंदरूनी संकट और सीट शेयरिंग की जटिलताओं का पता चलता है. चुनाव के अंतिम चरण में यह विवाद हल होने की संभावना है, और प्रत्याशी की ओर से भी सीट छोड़ने या समर्थन वापस लेने की संभावना बनी हुई है. महागठबंधन में वीआईपी को मिल रहीं 15 सीटें बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चली लंबी बातचीत के बाद महागठबंधन ने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को करीब 15 सीटें देने पर सहमति बना ली है. हालांकि इसका आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन यह समझौता पहले चरण के नामांकन की आखिरी तारीख से कुछ घंटे पहले ही तय हुआ. 30 सीटें मांग रहे थे मुकेश सहनी वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश सहनी शुरू में ज्यादा सीटों की मांग कर रहे थे. पहले उन्होंने 30 सीटों तक की मांग रखी थी, बाद में 20 सीटें मांगीं, साथ ही अगर गठबंधन की जीत होती है तो उपमुख्यमंत्री पद की भी इच्छा जताई थी. हालांकि, अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है. 

अमित शाह का बड़ा बयान: बिहार में उद्योग क्यों नहीं फल-फूल रहे, बाढ़ मुक्ति के लिए पेश किया रोडमैप

 पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का समय नजदीक आता जा रहा है। सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को 'हिन्दुस्तान बिहार समागम' कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास पर चर्चा की। शाह ने बिहार में औद्योगिक विकास की बाधाओं पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में फैक्ट्रियां न लगने की सबसे बड़ी वजह भूमि की कमी है, जो निवेशकों को आकर्षित करने में प्रमुख बाधा बनी हुई है। साथ ही, उन्होंने बाढ़ मुक्ति का एक व्यापक प्लान भी साझा किया, जिसमें केंद्र सरकार की भूमिका और दीर्घकालिक उपाय शामिल हैं। हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर के साथ एबीपी न्यूज पर विशेष बातचीत में शाह ने कहा, "बिहार के अंदर हम सभी जानते हैं कि भूमि की कमी है। कोई भी बड़ी इंडस्ट्री लाना है तो बिहार में भूमि मिलने में बड़ी दिक्कत आती है। इसलिए बिहार में इस प्रकार की इंडस्ट्री लानी चाहिए जिसमें भूमि की कम जरूरत हो। इसीलिए हम बिहार को देश के AI का हब बनाना चाहते हैं।" दरअसल शाह से पूछा गया कि क्या वे ये घोषणा कर सकते हैं कि आने वाले 10 वर्षों में बिहार की यह स्थिति हो जाएगी कि ये मजदूरों का निर्यातक प्रदेश नहीं होगा? इस पर गृह मंत्री ने कहा कि इसे अलग तरीके से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बिहार को सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का हब बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हमें इस इंडस्ट्री के अनुकूल युवाओं के लिए मौके बनाने होंगे.. उन्हें तराशना होगा। इन विधाओं में शिक्षित मैन पावर बनाने का काम हम करेंगे।" बाढ़ मुक्ति का प्लान समझाया बिहार में हर साल बाढ़ से तबाही मचती है। इसको रोकने के लिए अमित शाह ने अपनी सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में चंद्रगुप्त मौर्य के काल से नेपाल का पानी आता है.. गंगा बिहार में आती हैं और यहां तबाही मचती है। शाह ने कहा, "नरेंद्र मोदी जी ने 2024 के बजट के अंदर बिहार की कोसी परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये घोषित किए। ये परियोजनाएं तेज गति से चल भी रही हैं। 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि सींचित भी होगी और आने वाले 10 सालों में बिहार पूरी तरह बाढ़ से प्रभाव से मुक्त हो जाएगा। अब समय आ गया है कि बिहार को बाढ़ मुक्त करना चाहिए और हम जरूर करेंगे।"