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नल-जल योजनाओं को समय पर पूरा करें, संचालित योजनाओं का सही रखरखाव हो: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

नल-जल योजनाओं को समयावधि में पूर्ण करें, क्रियान्वित योजनाओं का विधिवत संचालन एवं संधारण करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले की नल-जल योजनाओं की वृहद समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा ज़िले की नल-जल प्रदाय योजनाओं की वृहद समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने तथा क्रियान्वित योजनाओं के विधिवत संचालन एवं संधारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि, एमडी मध्यप्रदेश जल निगम श्री के. वी.एस. चौधरी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कदैला समूह जल प्रदाय योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने टमस एवं बाणसागर समूह जल प्रदाय योजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी और निर्देश दिए कि इनटेक वेल, डब्ल्यूटीपी, एमबीआर तथा जेडएमबीआर से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वच्छ जल का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है। सुरक्षित और प्रदूषण रहित जल से जलजनित रोगों, जैसे पेचिश, हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से निर्देश दिए कि जल शुद्धिकरण प्रक्रियाओं और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि हर ग्रामवासी को स्वास्थ्य लाभ हो और स्वच्छ जल उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि "योजनाएं केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि इनका दीर्घकालीन संचालन एवं रखरखाव ग्राम पंचायतों की भागीदारी से सतत् रूप से चलता रहे, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारत सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के लिए प्रावधानित राशि का उपयोग आरईएस के एसओआर दर का प्रावधान न होने के कारण रुका हुआ था। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर योजनाओं के प्राक्कलन एवं क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय बाधा न रहे। साथ ही, ग्राम पंचायत की निधि से पंपमैन एवं वाल्वमैन के मानदेय का प्रावधान करने पर भी सहमति बनी। यह व्यवस्था जल प्रदाय योजनाओं के निरंतर संचालन और रखरखाव को स्थायित्व प्रदान करेगी। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना अनुसार संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एकल जल प्रदाय योजना एवं समूह जल प्रदाय योजना के संचालन और संधारण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि सीईओ जनपद स्तर पर इस दायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के अनुमोदन का कार्य सीईओ जनपद द्वारा प्राथमिकता से किया जाए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ओरछा में करेंगे रामराजा लोक परियोजना का शिलान्यास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ओरछा में करेंगे  रामराजा लोक का भूमिपूजन 332 करोड़ के विकास कार्यों की देंगे सौगात ओरछा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में  रामराजा लोक के द्वितीय चरण के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 257 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के कार्यों का भूमिपूजन और 74 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत के कार्यों का लोकार्पण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा सरकार के दर्शन करेंगे और जुझार सिंह महल का भ्रमण कर  रामराजा लोक फेस-1 के निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन करेंगे। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा वृद्धाश्रम में भोजन करेंगे। इन कार्यों का होगा लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रामराजा लोक के प्रथम चरण में 103 दुकानों एवं प्लाजा निर्माण, राय प्रवीण महल गार्डन का संरक्षण, विकास एवं इल्यूमिनेशन कार्य, स्टेट प्रोटेक्टेड मोन्यूमेंट लक्ष्मी मंदिर ओरछा में बाउंड्री वाल का निर्माण कार्य, लक्ष्मी मंदिर तता राजा महल का इल्यूमिनेशन तथा कटीला दरवाजा से जहांगीर महल तक पाथ-वे, स्ट्रीट लाइट हेरिटेज पोल कार्य और लक्ष्मी मंदिर एवं जहांगीर मंदिर के लेंडस्केपिंग कार्य का लोकार्पण करेंगे। साथ सांदीपनि विद्यालय स्कूल असाटी, शासकीय उ.मा. विद्यालय गोराखास, चचावली पठाराम मार्ग लंबाई 6 किमी. असाटी देवेन्द्रपुरा मार्ग लंबाई 4.20 किमी, लगी बरिया चिकटा से चौमों मार्ग लंबाई 3.40 किमी, सिमरा जेरौन मुख्य मार्ग से बोडेरा कटरयाना पिरयनवारा खिरक होते हुये मिलावन खिरक तक मार्ग लंबाई 3 किमी, देवेन्द्रपुरा से गिदखिनी मार्ग लंबाई 2.10 किमी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस कंट्रोल रूम, 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास भवन शक्तिभैरो और उप तहसील (टप्पा) तरीचरकलां जिला निवाड़ी का लोकार्पण होगा। इन सभी कार्यों की लागत 74 करोड़ 90 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण, पर्यटन, उच्च शिक्षा और पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के 257 करोड़ 95 लाख लागत के 5 कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे।  

प्रख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में पुण्य तिथि पर गीतकार प्रसून जोशी किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत

किशोर कुमार गीतों को जीते थे और हरफनमौला कलाकार थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में पुण्य तिथि पर गीतकार प्रसून जोशी किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत प्रतिवर्ष दो दिन का होगा समारोह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर की घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रख्यात पार्श्व गायक और अभिनेता  किशोर कुमार असाधारण कलाकार थे। वे गीतों को गाते नहीं थे, बल्कि गीतों को जीते थे। पूरा समय मस्ती में रहते थे। ऐसे हरफनमौला कलाकार थे, जिसका अलग अंदाज था। उनकी स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार प्रतिवर्ष दो दिन का समारोह आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल रूप से प्रख्यात पार्श्व गायक और अभिनेता किशोर कुमार की स्मृति में खण्डवा में हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय "किशोर कुमार सम्मामन अलंकरण समारोह" को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रख्यात गीतकार  प्रसून जोशी को किशोर कुमार सम्मान अलंकरण प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मायन से  प्रसून जोशी को अलंकृत किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि  जोशी ने अपनी कलम का जादू दिखाया है। उनके लिखे विज्ञापन के जिंगल्स भी लोकप्रिय हुए हैं। भगवान राम, भगवान कृष्ण और मां पर जोशी जी के गीतों और कविताओं को बहुत पसंद किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खण्डवा किशोर कुमार की जन्म भूमि के साथ ही दादा माखनलाल चतुर्वेदी की कर्मभूमि रही है। यहां दादा धूनी वाले का आशीर्वाद है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर धाम भी खण्डवा जिले में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशार कुमार के व्यक्तित्व और कृतित्व का विस्तार से उल्लेख किया। विशेष रूप से इंदौर के कॉलेज में अध्ययन के दौरान घटित विशेष प्रसंगों को गीतों और अभिनय में शामिल करने, पड़ोसन और चलती का नाम गाड़ी जैसी फिल्मों में गायन और अभिनय के प्रभावशाली अंदाज, फक्कड़ स्वभाव और अपने बड़े भाई अशोक कुमार के साथ प्रगाढ़ संबंध का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी गाया गीत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशोर कुमार के गाए गीत " जिंदगी एक सफर है सुहाना….." की पंक्तियां गाकर किशोर कुमार को याद किया और उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी। गीतकार प्रसून जोशी ने प्राप्त सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।  जोशी ने कहा कि किशोर दा की हंसी हमेशा गूंजती रहेगी। वे बाल सुलभ थे, आज के जीवन में वैसा रहना मुश्किल है। उन्होंने गीतकारों के शब्दों को जीवंत करने का कार्य किया। वे आशा और उम्मीद की आवाज बने।  जोशी ने किशोर दा के गाए गीत "आ चल के तुझे, मैं ले के चलूं, एक ऐसे गगन के तले, जहाँ ग़म भी न हो, आँसू भी न हो,बस प्यार ही प्यार पले, एक ऐसे गगन के तले…." को गाकर सुनाया। कार्यक्रम को जनजातीय कार्य मंत्री  विजय शाह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खण्डवा क्षेत्र के सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, गीतकार  प्रसून जोशी की धर्मपत्नी मती अर्पणा जोशी, विधायक  नारायण पटेल, मती कंचन तनवे, सु छाया मोरे, खण्डवा की महापौर मती अमृता यादव और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन  आशीष दवे ने किया। संस्कृति सचिव  एनपी नामदेव ने  प्रसून जोशी को दिए गए प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।  

भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच को लेकर रांची में तैयारियां तेज, DC ने ली समीक्षा बैठक

रांची झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) स्टेडियम, धुर्वा, रांची में आगामी 30 नवंबर 2025 को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच के आयोजन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट मैच के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करना था। भजन्त्री ने बैठक में क्रिकेट मैच के दौरान अपेक्षित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। भजंत्री ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर क्रमवार चर्चा की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं ताकि दर्शकों और खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भजंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन जेएससीए को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच रांची में भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। भजन्त्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल खेल प्रेमियों के लिए यादगार हो, बल्कि रांची की छवि एक उत्कृष्ट मेजबान के रूप में और मजबूत हो।' जेएससीए के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की समन्वित तैयारियां आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करेंगी। सचिव सौरभ तिवारी ने भी इस अवसर पर स्टेडियम की तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक रांची, पारस राणा, पुलिस अधीक्षक यातायात रांची, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, उत्कर्ष कुमार, जेएससीए के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, सचिव सौरभ तिवारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।  

खंडित प्रतिमा के सामने प्रार्थना करेंगे विवादित वकील, बोले– CJI का रास्ता मंजूर

खजुराहो  स्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने वाले एडवोकेट राकेश किशोर 5 नवंबर को खजुराहो आएंगे। वे यहां विष्णु मंदिर में खंडित प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना और ध्यान करने का आह्वान कर रहे हैं।राकेश किशोर ने अपने 'सनातनी भाइयों' से इस कार्यक्रम में सहयोग करने की अपील की है। उनका आगामी कार्यक्रम 5 नवंबर, कार्तिक पूर्णिमा को खजुराहो के जवारी मंदिर में है, जहां वे खंडित विष्णु प्रतिमा का पूजन-अर्चन करेंगे। जस्टिस गवई ने भी मूर्ति से प्रार्थना करने और ध्यान का सुझाव दिया उन्होंने बताया कि वे वहां विपश्यना ध्यान भी कराना चाहते हैं। किशोर के अनुसार, जस्टिस गवई ने भी मूर्ति से प्रार्थना करने और ध्यान का सुझाव दिया था कि वह अपना सिर खुद लगा ले। उन्हें यह सुझाव पसंद आया है। राकेश किशोर ने कहा कि यह कार्यक्रम तब तक जारी रहेगा जब तक मूर्ति की दोबारा प्राण प्रतिष्ठा नहीं हो जाती और उसका सिर वापस नहीं लग जाता। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण ढंग से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। राकेश किशोर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी लगातार अपील कर रहे हैं। उनकी पोस्ट में लिखा है, "प्रिय सनातनी भाई अब जागो और चलो 05 नवम्बर, बुधवार कार्तिक पूर्णिमा खजुराहो (म. प्र.) विष्णु भगवान की खंडित विवादित प्रतिमा की शांतिपूर्ण ढंग से प्रार्थना और ध्यान करने में मेरा सहयोग करें। राकेश किशोर ने कोर्ट में नारेबाजी की थी दरअसल, यह पूरा मामला 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से खजुराहो में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की बहाली की मांग वाली याचिका खारिज किए जाने से जुड़ा है। इस फैसले के विरोध में, राकेश किशोर ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के अंदर जस्टिस गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। हालांकि, जूता जस्टिस गवई तक नहीं पहुंच सका और सुरक्षाकर्मियों ने राकेश किशोर को तुरंत पकड़ लिया। इस दौरान उन्होंने "सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" जैसे नारे लगाए थे। इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने वकील राकेश किशोर (72) का लाइसेंस 9 अक्टूबर को तत्काल प्रभाव से कैंसिल कर दिया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भी उन्हें सस्पेंड कर दिया है। राकेश बिना जांच सस्पेंशन पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि मुझे इससे काफी नुकसान हुआ। मेरे क्लाइंट्स अपना पैसा और केस दोनों वापस ले रहे हैं। हालांकि राकेश किशोर को कोर्ट से जमानत मिल गई है।

रिजल्ट कमजोर तो अब अलग से पढ़ाई! राजधानी में स्कूलों को स्पेशल क्लास चलाने के निर्देश

भोपाल  पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अलग से क्लास लगाकर होशियार बनाया जाएगा। राजधानी के स्कूलों में त्योहार के बाद यह शुरूआत होने जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। यह क्लास दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए होगी। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा फरवरी में होगी। पढ़ाई के तीन माह माह बाकी है। ऐसे में राजधानी के स्कूलों में स्पेशल क्लासेस के निर्देश जारी हुए हैं। इन क्लास में उन बच्चों को अलग से पढ़ाया जाना है जिनका रिजल्ट टेस्ट परीक्षा के दौरान कमजोर है। इसके लिए शिक्षकों की अतिरिक्त ड्यूटी होगी। पढ़ाई की तैयारी के लिए आनन फानन में जारी निर्देश पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है अधिकांश की ड्यूटी बीएलओ में हैं। पढ़ाने स्टाफ नहीं। राजधानी में 20 और हायर सेकण्डरी स्कूल राजधानी में 20 हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। यहां दोनों कक्षाओं में बीस हजार से ज्यादा बच्चे दर्ज हैं। हाल में इनके मासिक टेस्ट कराए गए हैं। ये स्कूल स्तर पर हुए हैं। इनके परिणाम तय करेंगे कितने बच्चों की स्पेशल क्लास होना है। परीक्षा की तैयारी के बीच बहुत से शिक्षकों की ड्यूटी गैर शैक्षणिक कामों में लगी है। इनमें से कुछ बीएलओ बनाए गए हैं। अध्यापन प्रभावित हो रहा है। रिजल्ट पर असर होगा।- उपेन्द्र कौशल, अध्यक्ष शिक्षक संगठन

त्योहारी सीजन में सफर आसान! ग्वालियर-बेंगलुरु रूट पर 3 दिन तक चलेगी एक्स्ट्रा फ्लाइट, शेड्यूल जारी

ग्वालियर दीपावली नजदीक आते ही हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। ग्वालियर से संचालित फ्लाइटें अभी से लगभग फुल हो चुकी हैं। ऐसे में लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा के लिए एयर इंडिया(Air India Flight) ने 17 से 19 अक्टूबर तक ग्वालियर-बेंगलुरु के बीच अतिरिक्त फ्लाइट चलाने का फैसला किया है। इस निर्णय से बेंगलुरु रूट पर यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। फिलहाल ग्वालियर से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं। तीन दिन के लिए दूसरी बेंगलुरु फ्लाइट जुड़ने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह रहेगा समय बेंगलुरु से ग्वालियर: सुबह 6:30 बजे उड़ान भरेगी, सुबह 9:10 बजे पहुंचेगी। ग्वालियर से बेंगलुरु: सुबह 9:45 बजे रवाना होगी, दोपहर 12:45 बजे पहुंचेगी। एक दिन में 760 यात्रियों ने किया सफर दीपावली से पहले फ्लाइट से यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को शहर से तीन फ्लाइटों के जरिए 760 यात्रियों ने सफर किया।     बेंगलुरु से आए- 159 यात्री, गए- 64     दिल्ली से आए- 167 यात्री, गए – 103     मुंबई से आए- 167 यात्री, गए- 100     वहीं रविवार को यात्रियों की संख्या बढ़कर 852 तक पहुंच गई थी।

उच्च शिक्षा पर संकट! MP में सहायक प्राध्यापक के आधे से ज्यादा पद खाली, भर्ती प्रक्रिया अधूरी

 भोपाल  प्रदेश के कॉलेजों में संसाधन के साथ-साथ शिक्षकों की भी कमी है। दो साल के अंदर 32 नए कॉलेज जरूर खोले गए, लेकिन शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई। प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में 76 फीसद प्राध्यापक, 56 फीसद सहायक प्राध्यापक के पद खाली हैं। वहीं, प्राचार्यों के पद भी खाली हैं। 90 फीसद से अधिक कॉलेज प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। फिर भी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा तीन साल पहले 1,669 पदों पर निकली भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। एमपीपीएससी की सुस्त कार्यप्रणाली ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। सहायक प्राध्यापक-2022 की भर्ती परीक्षाओं के लिए साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन के बाद अब भी प्रक्रिया चल रही है। कई विषयों के लिए शेड्यूल भी जारी नहीं हुआ है। नतीजा यह है कि 571 सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई अतिथि विद्वानों या प्रभारी प्राचार्यों पर है। कई कॉलेजों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। बता दें, सहायक प्राध्यापक के स्वीकृत 12,895 पदों में से 7,284 पद खाली हैं। इसी तरह प्राध्यापकों के 848 स्वीकृत पद हैं। इनमें 206 पद भरे हुए और 642 खाली हैं। प्राध्यापकों के 75 फीसद पद खाली प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में प्राध्यापकों की 75 फीसद पद खाली हैं। कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें 206 कार्यरत हैं, जबकि 642 पद खाली हैं। एमपीपीएससी ने प्राध्यापकों की सीधी भर्ती 2011-12 में की थी। इसके बाद से प्राध्यापकों के पद पर कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे कालेज प्रदेश में यूजी के 469 कॉलेजों में 10 पद पर प्राचार्य कार्यरत हैं, बाकी 459 पदों पर प्रभारी प्राचार्य हैं। इसी तरह पीजी कॉलेजों में 98 स्वीकृत पद में से सिर्फ पांच प्राचार्य पद भरे हुए हैं, बाकि 93 प्रभारी प्राचार्य पदस्थ हैं। प्रदेश भर का आंकड़ा प्रदेश में कॉलेजों की संख्या : 571 सहायक प्राध्यापकों के स्वीकृत पद : 12,895 कार्यरत सहायक प्राध्यापकों की संख्या : 5,611 खाली पदों की संख्या : 7,284 प्राध्यापकों के स्वीकृत पद : 848 पद कार्यरत पद : 206 पद खाली पद : 642 पद यूजी कालेज में प्राचार्य के स्वीकृत पद : 469 नियमित प्राचार्य : 10 खाली पद : 459 पीजी कालेज में प्राचार्य के स्वीकृत पद : 98 कार्यरत : पांच खाली पद : 93 ग्रंथपाल के स्वीकृत पद : 582 भरे हुए पद : 247 खाली पद : 335 क्रीड़ा अधिकारी के स्वीकृत पद : 543 भरे हुए पद : 227 खाली पद : 316 सहायक प्राध्यापक भर्ती-2022 के तहत जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अन्य खाली पदों को भरने के लिए एमपीपीएससी को 2,197 पदों पर सहायक प्राध्यापक की भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। – अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा

दिवाली पर घर लौटना बना चुनौती, ट्रेनों में लंबी वेटिंग, सीट के लिए मारामारी

कोरबा  दिवाली से पहले यात्री ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। स्लीपर व एसी बोगी में सफर के लिए सीटें नहीं मिल रही है। प्रतीक्षा सूची लंबी गई है। यही स्थिति छठ महापर्व तक बनी हुई है। इस कारण पर्व पर घर जाने को लेकर यात्रियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। त्योहारी सीजन से पहले यात्री ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें खाली नहीं है।  यात्रियों में सीटें कंफर्म होने का इंतजार ऐसे में जिले के सार्वजनिक व निजी कंपनियों में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों को दिवाली व छठ महापर्व पर घर जाने के लिए आरक्षित टिकट के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है। आरक्षित टिकट काउंटर में भी यात्रियों की लंबी कतार लग रही है। सबसे अधिक वेटिंग बिहार, यूपी, झारखंड, दिल्ली, कोलकाता, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य क्षेत्रों के प्रांतों की ओर जाने वाली ट्रेनों में है। बिहार की ओर जाने वाली यात्री ट्रेनों की प्रतीक्षा सूची 150 से अधिक हो गई है। वहीं छठ महापर्व के तीन से चार दिनों के भीतर भी आरक्षित टिकट नहीं मिल रही है। यात्रियों को मजबूरी में प्रतीक्षा सूची लेकर कन्फर्म होने का इंतजार करना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न सार्वजनिक व निजी कंपनी व संस्थानों में विभिन्न प्रांतों के लोग कार्यरत हैं। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में भीड़ का फायदा ट्रेवल्स एजेंसियां उठा रही हैं। समय और स्थिति अनुसार यात्रियों से निर्धारित किराया से 500 रुपए से एक हजार रुपए तक अधिक ले रही हैं। साथ ही आरक्षित टिकट देने का दावा कर रहे हैं। इस कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। मजबूरी में उन्हें अधिक रुपए देना पड़ रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली बसों में यात्रियों की भीड़  इसी माह छठ महापर्व है। लेकिन इसके पहले ही रेल गाड़ियों में आरक्षित सीटें नहीं मिल रही हैं। इससे पर्व में घर जाने वाले लोग परेशान हैं। लोग अभी से अपनी व्यवस्था देख रहे हैं। छठ से तीन चार दिन पहले घर जाने के लिए लोग कोरबा बस स्टैंड भी पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली बसों में अपना सीट पहले से आरक्षित करवा रहे हैं। इसके लिए बसों के एजेंट से सपर्क कर रहे हैं। पूजा स्पेशल ट्रेनों में जगह मिलनी मुश्किल इधर, रेलवे बोर्ड दिवाली और छठ महापर्व पर पूजा स्पेशल ट्रेनों को चलाने जा रहा है। इसमें से कुछ रेल गाड़ियां बिलासपुर- रायपुर होकर होकर गुजरेंगी।

त्यौहारी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए रात और तड़के किया जा रहा ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेंस: मंत्री तोमर

इंदौर मे एमपी ट्रांसको की अभिनव पहल : मंत्री  तोमर त्यौहारी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए रात और तड़के किया जा रहा ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेंस: मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि इंदौर महानगर के विद्युत उपभोक्ताओं को जरूरत के समय विद्युत का व्यवधान न हो, इस उद्देश्य  के साथ मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी इंदौर ने एक अभिनव पहल  की है। त्यौहारी सीजन में ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस दिन के बजाय देर रात या  तड़के किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली व्यवधान का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा है कि इसी तरह के प्रयोग अन्य शहरों में भी किए जाएंगे। सामान्यतः ट्रांसमिशन लाइन में मेंटेनेंस का कार्य दिन के उजाले में ही किया जाता है, लेकिन इंदौर ट्रांसमिशन मेंटेनेंस टीम ने इस परंपरा को बदल दिया है। अब जब शहर सो रहा होता है, तब एमपी ट्रांसको की टीमें फील्ड में सक्रिय होकर ट्रांसमिशन लाइनों की देखरेख कर रही होती  हैं। फ्रंट लाइन मे  महिला अधिकारी एमपी ट्रांसको इंदौर की यह पहल इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता मती नीलम खन्ना के मार्गदर्शन मे कार्यपालन अभियंता मती नम्रता जैन कर रहीं है। कार्यपालन अभियंता मती नम्रता  जैन  चाहे रात्रि कालीन हो या सुबह तडके, पूरे शटडाउन समय मे फील्ड पर मौजूद रहकर मेंटेनेंस कार्य की स्वयं निगरानी करती हैं। त्यौहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास अतिरिक्त मुख्य अभियंता मती नीलम खन्ना ने बताया कि इंदौर की बिजली व्यवस्था  कुछ इस तरह  है कि यदि ट्रांसमिशन लाइन पर मेंटेनेंस के दौरान शटडाउन लिया जाए, तो उपभोक्ताओं को असुविधा हो सकती है। इस समय त्यौहारी सीजन होने के कारण घरेलू और व्यावसायिक दोनों वर्गों के लिए  निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। रेलवे के मेगा ब्लॉक के दौरान भी किया गया सफल कार्य विगत दिवस रेलवे द्वारा दिए गए समय सीमा वाले मेगा ब्लॉक के दौरान  मती  नम्रता जैन की सूझबूझ और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण एमपी ट्रांसको की टीम ने रात भर काम कर रेलवे क्रॉसिंग पर कंडक्टर बदली के बेहद चुनौतीपूर्ण काम  को न्यूनतम संभव समय मे  पूरा करने का उल्लेखनीय कार्य किया। इसी तरह 132 के व्ही नॉर्थ जोन- चंबल सर्किट एक ट्रांसमिशन  लाइन पर सुबह 4 बजे से शटडाउन लेकर काम किया गया, तो  इसी फीडर के सर्किट नंबर दो पर रात भर ब्रेकडाउन अटेंड किया गया। अंधेरे और ठंड के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा से कार्य में जुटे रहे। एमपी ट्रांसको की यह अनूठी पहल तकनीकी नवाचार के साथ-साथ कार्यसंस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।