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चाईबासा कोर्ट में राहुल गांधी केस की अगली तारीख हुई तय, सुनवाई 9 अक्टूबर

रांची झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़ा मामला 4 अक्टूबर को तय समय पर नहीं सुना जा सका। भाजपा नेता अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के संबंध में चल रहे इस केस में राहुल गांधी ने अपनी निजी उपस्थिति से छूट की मांग की है। यह आवेदन उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 205 के तहत अदालत में दाखिल किया था। अदालत को इस आवेदन पर 4 अक्टूबर को फैसला सुनाया था, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें 22 सितंबर को पूरी हो चुकी थीं और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। 4 अक्टूबर को फैसले की उम्मीद थी, लेकिन न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत व्यस्त रहते हैं और हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना उनके लिए संभव नहीं होगा। इसलिए, यह आवेदन उनकी व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए दायर किया गया है ताकि राजनीतिक और संसदीय कर्तव्यों में बाधा न आए। अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय हुई है जिसमें इस आवेदन पर निर्णय दिए जाने की संभावना है।  

बिटक्वाइन निवेश घोटाला: दुर्ग-भिलाई के 1,000 निवेशक हुए करोड़ों से ठगे

भिलाई दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के निवेशकों के साथ बिटक्वाइन के नाम पर ठगी की गई है। जालसाजों ने फर्जी एप बनाकर निवेशकों को फंसाया। उन्हें मलेशिया भी घुमाया। पिछले एक महीने के दौरान करीब 1,000 निवेशक मलेशिया घूमकर आए। लौटने पर पिछले दिनों इन्होंने एप पर लागइन किया तो एप काम ही नहीं कर रहा था। बताया जा रहा है कि भिलाई से करीब 500 करोड़ का निवेश इस एप के जरिये किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की है, क्योंकि सेवानिवृत्ति के समय इन्हें बड़ी राशि के रूप में एक से डेढ़ करोड़ रुपये मिला करती है। चूंकि, ठगे गए लोगों को अब पता चल रहा है कि उन्होंने अनाधिकृत प्लेटफार्म के जरिए निवेश किया था, तो अब वे पुलिस के पास भी जाने से डर रहे हैं। यह बात पुलिस तक पहुंची है, जिसने अफसरों के कान खड़े कर दिए हैं। और मामले की जांच में जुट गए हैं। बिटक्वाइन के नाम पर बिना किसी लिखित पढ़़त के निवेश कराया जा रहा है। इसे लेकर आपका क्या कहना है? बिटक्वाइन या किसी भी तरह की क्रिप्टो करेंसी भारत में मान्य नहीं है। बिना लिखित दस्तावेज के किसी से निवेश कराना ठगी है। लोग ऐसे अनआफिशियल निवेश से दूर रहें। पिछले दिनों 1,000 लोग मलेशिया बिटक्वाइन के नाम पर घूमने गए थे। उनके लौटने के बाद अकाउंट्स बंद हो गए, जो कहीं धरातल स्तर पर है ही नहीं। इस पर आपका क्या कहना है? यह एक गंभीर मामला है। मलेशिया ले जाकर निवेशकों को बड़े मुनाफे का लालच दिया गया और लौटने के बाद उनके खाते बंद हो गए। इसका सीधा मतलब है कि यह संगठित ठगी है। इसकी चर्चा मुझसे किसी मीडिया जुड़े व्यक्ति ने की है। लेकिन लिखित में काेई भी शिकायत नही आई है। पुलिस के पास कोई जानकारी आई है? अगर आई है तो किस तरह की जानकारी है? नही, पुलिस तक कई सूत्रों से जानकारी पहुंची है। पीड़ितों ने अनौपचारिक रूप से भी हमसे संपर्क नही किया है, यही वजह है कि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। शिकायत आने पर हम इंटेलिजेंस और साइबर सेल को सक्रिय कर ऐसे मामलों की तह तक पहुंचेंगे। पुलिस इसमें क्या कहना चाहती है और किस प्रकार से लोगों को इस तरह की ठगी से बचने में मदद कर सकती है? पुलिस की अपील है कि कोई भी व्यक्ति ऐसे अनाधिकृत यूएसडीटी डॉलर निवेश में अपनी रकम न लगाए। किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधानिकता की जांच जरूर करें।

पटना में नाबालिग डांसर से रेप, पुलिस ने महिला सहित 6 आरोपी किए काबू

पटना बिहार में पटना जिले के बेऊर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में एक महिला और छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।   नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बेऊर थानांतर्गत कॉपरेटिव कॉलोनी, विष्णुपुर पकड़ी स्थित एक मकान में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। गठित दल द्वारा विभिन्न स्थानों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे के अंदर घटना में संलिप्त एक महिला और छह अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के क्रम में यह बात प्रकाश में आई है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर डांस कार्यक्रम के लिए कोलकाता से लड़कियों को बुलाया गया था, जिसके लिए कोलकाता के ही एक व्यक्ति से सम्पर्क स्थापित किया गया था। घटनास्थल से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने साक्ष्य संकलन किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान अशोक कुमार,धीरज कुमार,आर्यन कुमार, प्रिंस कुमार, शशिभूषण कुमार,सिंटू कुमार और प्रिया विश्वास के रूप में की गयी है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भजा जा रहा है।  

स्वयंसेवकों की विशाल रैली: इंदौर में RSS का महा पथ संचलन

इंदौर  एक सदी पूर्व ‘संघे शक्ति कलियुगे’ मंत्र के साथ आरंभ हुई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गौरवशाली यात्रा के एक और प्रसंग का साक्षी आज इंदौर बन रहा है। संघ के एक लाख पचास हजार स्वयंसेवक राष्ट्र प्रथम का भाव लिए पूर्ण गणवेश में कदमताल करते निकल रहे हैं, अलग-अलग इलाकों में यह संचलन शाम तक जारी रहेगा। राष्ट्रवाद, अनुशासन एवं त्याग का अलख जगाते ये पथ संचलन इंदौर के चार जिलों के 34 नगरों से निकाले जा रहे हैं। एक संचलन 30 से 45 मिनट में तय मार्ग पूरा करेगा। समाज में उत्साह, उमंग और ऊर्जा भरने वाला घोष दल भी हर संचलन के साथ होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जहां शताब्दी वर्ष आयोजन हो रहा है वहीं घोष दल भी अपनी यात्रा के 98 वर्ष पूरे कर रहा है। हर संचलन के साथ घोष वादन करते दल भी हैं। संचलन में सह सरकार्यवाह अरुणकुमार के अतिरिक्त मध्य क्षेत्र के कार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध, प्रांत प्रचारक राजमोहन, प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, प्रांत के सहकार्यवाह श्रीनाथ गुप्ता सहित कई बड़े पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। पथ संचलन से पहले उद्बोधन एवं शारीरिक प्रकट कार्यक्रम भी हुए। इसमें समाज के विशिष्टजन के साथ ही अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े लोग एवं मातृशक्तियां भी शामिल हुईं। राष्ट्र जागरण के लिए पढ़ाएंगे ये पांच सोपान     नागरिक अनुशासन में ट्रैफिक नियमों के साथ स्वच्छता, टैक्स चुकाना, अतिक्रमण नहीं करना, समय का पालन, सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण सहित 14 बिंदुओं की सीख देंगे।     घर में सभी जाति वर्ग के बंधुओं से समानता का व्यवहार, अपने घर में महापुरुषों के चित्र एवं उनकी विशेष पर्व में सहभागिता करना है।     प्रति वर्ष एक पौधा लगाना, जल पुनर्भरण करना, घर की डिजाइन ऐसी रखना कि प्रकाश एवं हवा अवरुद्ध न हो, डिस्पोजल, कागज का उपयोग न करना सहित 14 अन्य बिंदु।     स्वदेशी जीवनशैली : वेशभूषा में भारतीय संस्कार, पिज्जा बर्गर की बजाए ताजा भारतीय भोजन खाना, घर में मातृभाषा में संवाद सहित 12 अन्य बिंदु।     परिवार प्रबोधन : त्योहार भारतीय तिथि अनुसार मनाएं, दादा-दादी, नाना-नानी से आत्मीय संवाद सहित अन्य बिंदु।  

सुरक्षा कारणों से अमृतसर से बर्मिंघम जा रही एयर इंडिया फ्लाइट हुई आपात लैंडिंग

अमृतसर अमृतसर से इंग्लैंड के बर्मिंघम जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। हालांकि, इस उड़ान के रैम एयर टर्बाइन के काम करने के बाद, इसकी बर्मिंघम में आपातकालीन लैंडिंग करवाई गई। जानकारी के अनुसार, 4 अक्टूबर को एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 117 अमृतसर से बर्मिंघम जा रही थी। बर्मिंघम पहुंचने के बाद, इसकी रैम एयर टर्बाइन में अचानक खराबी आ गई, जिसके कारण इसकी आपातकालीन लैंडिंग करवाई गई। हालांकि, लैंडिंग सुरक्षित रही और विमान में सवार सभी यात्री भी सुरक्षित हैं। एयर इंडिया ने आगे बताया कि यह उड़ान बर्मिंघम से दिल्ली वापस आने वाली थी, लेकिन इस खराबी के कारण इसे रद्द कर दिया गया है और इसकी जांच की जा रही है। कंपनी ने आगे कहा कि यात्रियों के लिए उचित व्यवस्था की जा रही है और इस बात की भी जांच की जा रही है कि आखिरकार इसकी रैम एयर टर्बाइन क्यों सक्रिय हुई। 

बच्चों की मौत के बाद छिंदवाड़ा में जांच तेज, डॉक्टर गिरफ्तार, दवा कंपनी पर कार्रवाई

छिंदवाड़ा किडनी खराब होने से बच्चों की मौत के मामले में श्रेषन फार्मास्यूटिकल्स और डॉक्टर प्रवीण सोनी पर हत्या का मुकदमा पुलिस ​ने दर्ज किया है। छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र राजपाल चौक से डॉक्टर प्रवीण सोनी को देर रात एसपी की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडेय ने बताया कि परासिया बीएमओ डॉक्टर अंकित सहलाम की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रेषन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ​एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की ‘एडल्ट्रेशन ऑफ ड्रग’ (दवाओं में मिलावट) और ‘हत्या की कोटि में आने वाले अपराधिक मानव वध’ जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। इन धाराओं में अधिकतम आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। छिंदवाड़ा जिले में एक कफ सिरप त्रासदी ने हड़कंप मचा दिया है। संदिग्ध कफ सिरप के सेवन से अब तक 14 मासूम बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक 10 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है। प्रयोगशाला रिपोर्ट में सिरप में हानिकारक रसायन पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से दो कफ सिरप पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगा दिया है और कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

14 बच्चों की मौत का कफ सिरप कनेक्शन: डॉक्टर हिरासत में, कंपनी पर कार्रवाई शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कथित तौर पर कफ सिरप पीने की वजह से एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार अब ऐक्शन मोड में है। 'कोल्डरिफ' कफ सिरप को बैन किए जाने के बाद छिंदवाड़ा जिले में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि मारे गए अधिकतर बच्चों को इसी डॉक्टर ने वह कफ सिरप लिखी थी। परासिया में सरकारी डॉक्टर प्रवीण सोनी पर आरोप है कि वह प्राइवेट प्रैक्टिस भी कर रहे थे और उन्होंने निजी क्लिनिक में यह दवा लिखी थी। राज्य सरकार ने दवा कंपनी के खिलाफ भी मकुदमा दर्ज कराया है। बाल रोग विशेषज्ञ प्रवीण सोनी परासिया में सरकारी डॉक्टर हैं। आरोप है कि वह यहां एक निजी क्लिनिक भी चला रहे थे। बताया जा रहा है कि जिन बच्चों की मौत हुई है उनमें से अधिकतर को सर्दी-खांसी जैसी शिकायतों के बाद डॉ. प्रवीण सोनी के क्लिनिक में लाया गया था और उन्होंने अन्य दवाओं के साथ 'कोल्डरिफ' लेने की सलाह दी थी। दवा में एक खतरनाक रसायन की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने इसे पूरे राज्य में बैन कर दिया है। परासिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर सोनी और कोल्डरिफ कफ सिरप को बनाने वाली कंपनी 'श्रीसन फार्मास्युटिकल्स' के खिलाफ केस दर्ज कराया है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स ऐक्ट की धारा 27(ए) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि दवा के नमूनों में 48.6 प्रतिशत 'डाईथिलीन ग्लाइकॉल' पाया गया, जो एक जहरीला रसायन है। मध्यप्रदेश सरकार ने छिंदवाड़ा में जिन 14 बच्चों की मौत हुई है उन्हें शुरुआत में सर्दी-खांसी और बुखार जैसे साधारण लक्षण थे। आरोप है कि कफ सिरप लेने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई और उनकी मौत हो गई। 6 बच्चों का अब भी इलाज चल रहा है। मृतकों में सबसे अधिक 11 परासिया उपमंडल के हैं। दो छिंदवाड़ा शहर के और एक चौरई तहसील के थे। बैन के साथ CM का आदेश- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक दिन पहले ही कोल्डरिफ को बैन करने का आदेश देते हुए सख्त ऐक्शन की बात कही। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है। सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।'  

कानूनी दुनिया में महंगाई का झटका: MP बार काउंसिल चुनाव शुल्क हुआ 5 गुना ज्यादा, पैसा वापस नहीं

जबलपुर मध्य प्रदेश के सवा लाख से अधिक वकीलों का पंजीयन करने वाली सर्वोच्च संस्था एमपी स्टेट बार काउंसिल का चुनाव लड़ना अब आसान नहीं रहा। देश के वकीलों की सर्वोच्च संस्था बार काउंसिल आफ इंडिया ने एक आदेश के जरिए चुनाव नामांकन शुल्क में सीधे पांच गुना बढ़ोत्तरी कर दी है, जो कि वापस नहीं होगा। इससे प्रत्याशियों में खासा रोष है। इसको लेकर विरोध के स्वर भी उठ रहे है। पहले एसबीसी का चुनाव लड़ने के लिये नामांकन फीस महज 25 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर एक लाख पच्चीस हजार रुपये कर दिया गया है। राशि की वापसी न होने का भी विरोध हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर को एक आदेश जारी करके स्टेट बार काउंसिल के चुनावों के लिए सात सदस्यीय चुनाव समितियां गठित करके 31 जनवरी, 2026 तक सभी चुनाव कराने के निर्देश बीसीआई को दिए थे। इसी आदेश के बाद बीसीआई द्वारा स्टेट बार काउंसिल को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि लॉ ग्रेजुएट्स के नामांकन के लिए पहले फीस 16 हजार रुपये थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने घटाकर 600 रुपये कर दिया। स्टेट बार काउंसिल की आय घटने के कारण अब स्टेट बार काउंसिल के पास चुनावी खर्च के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं बच रही। इसके लिए जरूरी है कि नामांकन की फीस 25 हजार से बढ़ाकर एक लाख 25 हजार रुपये की जाए। मप्र स्टेट बार काउंसिल की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल अगले माह पूरा होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में जनवरी 2026 तक नई कार्यकारिणी के चुनाव कराए जाने हैं। वेकेशन में प्रत्याशियों ने शुरू किया जनसंपर्क आगामी कार्यकारिणी को लेकर चुनाव की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने जहां नामांकन शुल्क बढ़ाये जाने पर रोष व्यक्त किया है तो वहीं अपनी जोर आजमाइश भी शुरू कर दी है। दशहरा पर्व पर पड़ी छुट्टियों पर अपना भाग्य आजमा रहे प्रत्याशियों ने वकीलों के घरों में पहुंचकर जन संपर्क करना शुरू कर दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी मतदाताओं से अपने पक्ष में मत का प्रयोग करने की अपील की जा रहीं है। शुल्क बढ़ाया जाना अनुचित : सैनी एसबीसी के वाइस चेयरमेन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि चुनाव में नामांकन शुल्क सीधे पांच गुना बढ़ाया जाना अनुचित है। इसकों लेकर एसबीसी ने बीसीआई को पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज करायी है। जल्द ही बीसीआई की सामान्य सभा की बैठक होने वाली है, जिसमें संभवत: शुल्क घटाने पर विचार विमर्श होगा।

12 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द, पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका

भोपाल मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रदेश के 12 शासकीय नर्सिंग कॉलेज आज भी मान्यता से वंचित हैं। एनएसयूआई का कहना है कि इन कालेजों में शैक्षणिक ढांचे की भारी कमी, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं। राज्य सरकार की गाइडलाइन के बावजूद इन कालेजों ने न तो फैकल्टी नियुक्त की और न ही जरूरी सुविधाएं पूरी कीं। एनएसयूआई ने अगस्त 2025 में इन कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को लेकर शिकायत की थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मंत्री और नेताओं के जिलों में ही कॉलेजों की खराब स्थिति     रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 12 कॉलेजों को मान्यता नहीं मिली उनमें रायसेन, मंदसौर, नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, खंडवा, अमरकंटक, भोपाल, झाबुआ, सीधी, राजगढ़ और दतिया के कॉलेज शामिल हैं।     एनएसयूआई का आरोप है कि इनमें से कई कॉलेज कुछ संस्थान केवल एक या दो फैकल्टी के भरोसे चल रहे हैं।राज्य सरकार के 13 मंत्रियों और भाजपा नेताओं के गृह जिलों में हैं, लेकिन वे भी अपने जिलों के कॉलेजों की स्थिति सुधार नहीं पाए।   कई कॉलेजों में प्राचार्य और उप प्राचार्य तक नहीं हैं, जबकि कुछ संस्थान केवल एक या दो फैकल्टी के भरोसे चल रहे हैं। एनएसयूआई ने कहा कि कुछ कॉलेजों ने इतनी खामियों के बावजूद एम.एससी. नर्सिंग की 35 सीटों के लिए आवेदन तक कर दिया है, जो नर्सिंग शिक्षा के साथ खिलवाड़ है। गरीब छात्राओं का भविष्य संकट में     एनएसयूआई ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी लापरवाही के कारण हजारों छात्राओं का भविष्य अधर में है। जो छात्राएं निजी कालेजों की ऊंची फीस भरने में सक्षम नहीं हैं, वे अब प्रवेश से वंचित रह जाएंगी।     एनएसयूआई का कहना है कि यह स्थिति कहीं न कहीं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है।     विभाग के कुछ अधिकारी निजी संस्थानों से मिलीभगत कर रहे हैं, जिससे सरकारी कॉलेजों की मान्यता रुकी हुई है। इन कॉलेजों में करीब 1000 से ज्यादा सीटें हैं, जो अब खाली रह जाने का खतरा है।

अनुराग शर्मा करेंगे 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व

झांसी झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के अंतरराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनुराग शर्मा कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) में भाग लेंगे। यह सम्मेलन5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के 56 सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि एकजुट होंगे। इस सम्मेलन में संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने, सुशासन, समावेशी विकास और 21वीं सदी की उभरती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा है। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय 'द कॉमन वेल्थ व ग्लोबल पार्टनर है। सांसद अनुराग शर्मा का यह प्रतिनिधित्व ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रहा है जब वह सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में अपने तीन वर्षों के ऐतिहासिक और अत्यंत सफल कार्यकाल का समापन करने जा रहे हैं। उनका यह कार्यकाल संगठन के लिए एक नए युग का सूत्रपात करने वाला रहा है और इसे सीपीए के इतिहास में सर्वाधिक परिवर्तनकारी दौरों में से एक माना जा रहा है। विगत तीन वर्षों में, सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में संगठन में अभूतपूर्व संरचनात्मक और प्रशासनिक क्रांतियाँ आई हैं। सांसद शर्मा के अथक प्रयासों का परिणाम है कि सीपीए को ब्रिटेन में केवल एक ब्रिटिश चैरिटी के रूप में काम करने की पुरानी, सीमित व्यवस्था से बाहर निकालकर, एक विशाल, स्थायी और अंतरराष्ट्रीय संगठन (इंटरनल बॉडी) के रूप में कानूनी मान्यता दिलाई गई है।