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हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी: हिसार Airport से शुरू हो रही नई फ्लाइट सर्विस

हरियाणा  हरियाणा से जम्मू और अहमदाबाद जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी है। दरअसल हिसार एयरपोर्ट से इन दोनों शहरों के लिए फ्लाइट शुरू हो सकती है। एयरपोर्ट का विंटर शेड्यूल 25 अक्टूबर के बाद जारी होगा। संभावना जताई जा रही है कि नवंबर में हिसार एयरपोर्ट से जम्मू और अहमदाबाद के लिए फ्लाइट शुरू हो सकती है।  एलायंस एयरलाइन ने विंटर शेड्यूल के लिए जम्मू और अहमदाबाद के लिए फ्लाइट शुरू करने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन से टाइमिंग मांगी थी, जिसे एयरपोर्ट प्रशासन ने सप्ताह के अनुसार टाइमिंग बनाकर भेज दी है। एलायंस कंपनी अक्टूबर में अपना विंटर शेड्यूल जारी करेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि अहमदाबाद से पहले जम्मू की फ्लाइट शुरू हो सकती है।   बता दें 12 सितंबर को हिसार एयरपोर्ट से जयपुर के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ से वर्चुअली हिसार-जयपुर फ्लाइट को रिमोट का बटन दबाकर फ्लाइट को रवाना किया था। वर्तमान में एलायंस कंपनी हिसार से दिल्ली, जयपुर और अयोध्या के लिए सर्विस दे रही है।  एक साल पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार एयरपोर्ट से पांच स्थानों चंडीगढ़, अयोध्या, अहमदाबाद, जयपुर और जम्मू के लिए फ्लाइट संचालित करने की घोषणा की थी। एयपोर्ट से अयोध्या, दिल्ली,जयपुर और चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। हालांकि, अहमदाबाद और जम्मू के लिए फ्लाइट सेवाएं शुरू होना अभी बाकी है।

वाहन बिक्री में इंदौर नंबर वन, नवरात्रि के दौरान 9,344 गाड़ियों की हुई रिकॉर्डतोड़ खरीदारी

 इंदौर  नवरात्र के नौ दिनों में वाहन बाजार ने नई गति पकड़ी। प्रदेश भर में जहां कुल 67,507 वाहन बिके, वहीं अकेले इंदौर में 9,344 वाहनों की बिक्री दर्ज हुई। यह आंकड़ा प्रदेश की कुल बिक्री का करीब 14 प्रतिशत है, जो बताता है कि इंदौर वाहन खरीददारों का सबसे बड़ा केंद्र रहा। प्रदेश में बिके वाहनों का हर सातवां वाहन इंदौर में बिका। नौ दिनों में इंदौर में बिक गए 9344 वाहन नवरात्र के पहले दिन ही जीएसटी दरों में कटौती ने खरीददारों को बड़ी बचत दी। इसलिए नवरात्र में वाहनों की बिक्री खूब हुई। वाहन बिक्री में दोपहिया का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। प्रदेश में 50,894 दोपहिया वाहन बिके, जिनमें से 6,025 इंदौर में खरीदे गए। इसी तरह प्रदेश में 12,097 कारों की बिक्री हुई, जिनमें से 2,562 कारें इंदौरवासियों ने खरीदीं। नवरात्र में ईवी वाहनों का क्रेज भी इस बार साफ दिखाई दिया। नवरात्र के दौरान पूरे प्रदेश में 6,806 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जबकि अकेले इंदौर में 1,023 ईवी की बिक्री हुई। इंदौर में ऑटोमोबाइल सेक्टर में उल्लास छाया रहा वाहन विक्रेताओं का कहना है कि नवरात्र के पहले दिन यानी 21 सितंबर से जीएसटी दरों में मिली छूट ने ग्राहकों की खरीदारी को और बढ़ावा दिया। शो रूम पर सुबह से रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही और बुकिंग में रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला। दशहरा पर 700 कार बिकने का अनुमान नवरात्र के बाद दशहरा पर इंदौर में ऑटोमोबाइल सेक्टर में उल्लास छाया रहा। सुबह से लेकर देर रात तक शुभ मुहूर्त वाहनों की खरीदी होती रही। अनुमान के अनुसार दशहरे पर 700 कार और तीन हजार करीब दो पहिया वाहन बिकने का अनुमान है।

आपका राशन-आपका अधिकार’ योजना का सख्ती से क्रियान्वयन हो: खाद्य मंत्री राजपूत

मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम आपका राशन-आपका अधिकार का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों की सुविधा, राशन सामग्री के प्रति जागरूक करने तथा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम "आपका राशन-आपका अधिकार" प्रारंभ किया गया है। उन्होंने योजना का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य 5.28 करोड़ पात्र हितग्राहियों को उनकी राशन सामग्री की मासिक हकदारी के प्रति जागरूक करना है। अन्त्योदय परिवार को 35 किलो प्रति परिवार एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवार को 5 किलो प्रति सदस्य खाद्यान्न निःशुल्क के साथ 1 किलोग्राम नमक 1 रूपये प्रति किलो की दर से और अन्त्योदय परिवारों को 1 किलोग्राम शक्कर 20 रूपये प्रति किलो की दर से वितरण किया जा रहा है। कार्यक्रम का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित 130 लाख परिवारों के एक सदस्य का मोबाईल नंबर डाटाबेस में दर्ज है। इन परिवारों को प्रतिमाह विकासखण्ड स्तरीय 308 प्रदाय केंद्र से मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत 100 वाहनों से उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न डिस्पेच होगा, उसी समय संबंधित उचित मूल्य दुकानों से पंजीबद्ध उपभोक्ताओं को राशन निकलने का सिस्टम जनरेटेड मेसेज रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जाएगा। विकासखण्ड स्तरीय प्रदाय केंद्र से उचित मूल्य दुकान पर जैसे ही खाद्यान्न प्राप्त होगा एवं उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा पीओएस मशीन में राशन प्राप्ति की प्रविष्टि की जाएगी, उसी समय पंजीबद्ध पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकान पर राशन पहुंचने का सिस्टम जनरेटेड मेसेज मोबाइल नंबर पर जाएगा। उचित मूल्य दुकान पर लगाई गई पीओएस मशीन में पात्र परिवारों को बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद राशन का वितरण किया जाता है। पात्र परिवार द्वारा पीओएस से राशन प्राप्त होते ही उपभोक्ता को दिए गए राशन की मात्रा संबंधी सिस्टम जनरेटेड संदेश उपभोक्ताओं के मोबाइल नम्बर पर जाएगा। प्रत्येक उचित मूल्य दुकान से वर्ष भर में वितरित किये गये खाद्यान्न की जानकारी जनसमुदाय को देने के लिए वर्ष में दो बार 26 जनवरी एवं 02 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में विस्तृत विवरण पढ़ा जाएगा। उपभोक्ताओं में "आपका राशन-आपका अधिकार" संबंधी जागरुकता लाने के लिये समय-समय पर चरणबद्ध रूप से उपभोक्ता जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम से लाभ राशन सामग्री प्रदाय केन्द्र से उचित मूल्य दुकान तक पहुंचने पर उपभोक्ताओं द्वारा निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे परिवहन के दौरान सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उपभोक्ताओं को उचित मूल्य दुकान पर सामग्री प्राप्त होने की सूचना मिलने से समय पर राशन सामग्री का वितरण किया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को प्राप्त सामग्री की जानकारी सिस्टम से प्राप्त होने पर विक्रेता द्वारा दी गई सामग्री से मिलान किया जा सकेगा। इससे निर्धारित मात्रा से कम सामग्री देने पर रोक लगेगी। गाँव में पात्र परिवारों की सूची का वाचन करने से मृत तथा स्थाई रूप से प्रवासी हितग्राहियों को विलोपन किया जा सकेगा। इससे पात्र प्रतीक्षारत हितग्राहियों को जोड़ा जा सकेगा। ग्राम सभा में पात्र परिवारों को राशन वितरण की जानकारी देने से वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जनभागीदारी बढ़ेगी। मॉनीटरिंग ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर इसका क्रियान्वयन ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं उचित मूल्य दुकान विक्रेता के द्वारा किया जाएगा। जनपद स्तर पर निगरानी SDM एवं ASO/JSO द्वारा की जाएगी। जिला स्तर पर निगरानी कलेक्टर एवं DSC/DSO द्वारा की जाएगी। राज्य स्तर पर संचालनालय खाद्य के कन्ट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी।  

गुवाहाटी में निवेश बढ़ाने की तैयारी, सीएम मोहन यादव उद्योगपतियों से करेंगे मुलाकात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेश बढ़ाने के लिए अब उत्तर–पूर्व भारत की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। वे 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज में उत्तर–पूर्व के उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। इस सत्र में फार्मास्यूटिकल, चाय, सीमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और खाद्य प्रसंस्करण सहित कई क्षेत्रों के उद्योगपति भाग लेंगे। गुवाहाटी फार्मा उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां सन फार्मा, अल्केम और अजंता जैसी कंपनियां सक्रिय हैं। इसके अलावा सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, चाय उद्योग, पर्यटन, वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और कृषि–प्रसंस्करण के क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। डिब्रूगढ़ में ऑयल इंडिया का मुख्यालय और बीपीसीएल के बड़े प्रोजेक्ट हैं, तिनसुकिया चाय बागानों और लॉजिस्टिक्स का केंद्र है, जोरहाट चाय अनुसंधान का हब है, जबकि शिवसागर और नाज़िरा में ONGC की संपत्तियां हैं। नामरूप में असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड भी सक्रिय है। मध्य प्रदेश देगा बेहतर निवेश माहौल मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियां, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी इन क्षेत्रों के उद्योगपतियों को आकर्षित करने में सहायक होंगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह साझेदारी निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलेगी। गुवाहाटी के अलावा डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट, शिवसागर और नामरूप से प्रतिनिधि इस सत्र में शामिल होंगे। साथ ही शिलांग, अगरतला, आइजोल, इंफाल, कोहिमा और दीमापुर जैसे राज्यों से भी उद्योगपति भाग लेंगे। नई संभावनाओं की राह इस संवाद के जरिए मध्यप्रदेश और उत्तर–पूर्व दोनों क्षेत्रों के बीच भरोसे और साझेदारी की नई नींव रखी जाएगी। फार्मा, सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, पर्यटन और कृषि–प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग से नई संभावनाएं और रोजगार के अवसर सामने आएंगे। गुवाहाटी का यह इंटरैक्टिव सेशन 5 अक्टूबर को रेडिसन ब्लू होटल में होगा, जिसमें विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के प्रमुख निर्णयकर्ता और निवेशक मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री की यह पहल मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश का भरोसेमंद और प्रगतिशील गंतव्य बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी। 

भोपाल में स्मार्ट मीटर विरोध तेज, 200 यूनिट मुफ्त बिजली समेत कई मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन

भोपाल स्मार्ट मीटर के विरोध में 6 अक्टूबर को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन होगा। मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन (एमईसीए) के बैनरतले प्रदेशभर से उपभोक्ता डॉ. अंबेडकर पार्क में जुटेंगे। वे 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने, बिजली के रेट कम करने जैसी 11 मांग भी सरकार के सामने रखेंगे। स्मार्ट मीटर के लगातार विरोध के बीच मध्य प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट मीटर को अनिवार्यता का नियम तीन साल आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक के लिए बढ़ा दिया है। इस एक फैसले ने स्मार्ट मीटर अभियान की रफ्तार को फिलहाल के लिए रोक दिया है। दरअसल पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्काम्स) ने आयोग से स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता की अवधि बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। कंपनियों का तर्क था कि स्मार्ट मीटर मात्र बिजली खपत मापने का एक यंत्र नहीं है, बल्कि एक वृहद विद्युत प्रणाली है। एसोसिएशन की प्रदेश संयोजक रचना अग्रवाल और लोकेश शर्मा ने बताया, मध्यप्रदेश सहित देशभर में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा बिजली के प्री-पेड स्मार्ट मीटर का विरोध किया जा रहा है। ये विरोध कोई औपचारिकता या कोई निहित स्वार्थ पर आधारित राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि हमारी दैनिक आय और जीवन मरण के प्रश्न से जुड़ा है। हाल ही में इसके दुष्परिणाम भी सामने आए हैं। बैठक में मुदित भटनागर, सतीश ओझा, आरती शर्मा आदि पदाधिकारी भी मौजूद थे। पदाधिकारी बोले-प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थिति ठीक नहीं स्मार्ट मीटर से अत्यधिक बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या मध्यप्रदेश के सभी जिलों में है। भोपाल में ही उपभोक्ताओं ने बताया कि उनका बिल हर महीने भरने के बावजूद एक उपभोक्ता का 10 हजार, दूसरे का 20 हजार, तीसरे का 29 हजार रुपए आया है। ग्वालियर में उपभोक्ता जिसका एक कमरे का घर है, के बिल 5 हजार रुपए तक आ रहे हैं। ग्वालियर के 3 उपभोक्ताओं ने बताया कि महीने में दो बार बिल आ गया है। दोनों 6-6 हजार का है। गुना, सीहोर, विदिशा, सतना, इंदौर, देवास, दमोह, जबलपुर आदि जिलों में भी आम उपभोक्ता जिसके बिजली बिल 700-800 आते थे, वे हजारों में आ रहे हैं। गुना में एक किसान को 2 लाख से ज्यादा का बिजली बिल दिया गया। जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, उन सभी जिलों में उपभोक्ता बिजली बिलों से पीड़ित है। लोग अपने गहने और बर्तन बेचकर बिल भर रहे हैं। इसमें मीटर के साथ नेटवर्किंग, मीटर डेटा मैनेजमेंट, बिलिंग, सर्वर आदि का एकीकरण आवश्यक है। इसके लिए उनके के पास प्रशिक्षित कर्मियों की कमी है। इधर, स्मार्ट मीटर से अनाप-शनाप बिल की वजह से उपभोक्ताओं का विरोध लगातार बना हुआ था। कंपनियों ने आयोग के सामने तो स्वीकार नहीं किया, लेकिन इस याचिका में उन्होंने स्वीकार कर लिया कि सर्वर का एकीकरण नहीं होने और अप्रशिक्षित कर्मियों की वजह से स्मार्ट मीटर की रीडिंग में गलतियां हो रही हैं। अब तीनों कंपनियां पहले तकनीकी कमी दूर करेंगी। इस बीच नए प्रशिक्षित कर्मचारियों की भर्ती होगी। उसके बाद ही स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान में तेजी लाई जाएगी। कंपनी ने दिए हैं ये तर्क     फिलहाल पूरे देश में स्मार्ट मीटर की कमी बनी हुई है।     आरडीएसएस योजना के तहत मीटरिंग प्रोजेक्ट में कई समस्याएं हैं।     टेंडर प्रक्रिया में देरी हो रही है।     अलग-अलग डिस्काम्स की अपनी-अपनी समस्याएं हैं। उपभोक्ताओं को मिलेंगी ये राहत     बिजली कंपनियां शहरी क्षेत्र में नए कनेक्शन के तहत स्मार्ट मीटर न होने पर सामान्य मीटर भी लगा सकेंगी।     ग्रामीण क्षेत्र में नान-स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं।     पुराने खराब, जले, रुके हुए मीटर भी अब 31 मार्च 2028 तक बदले जा सकेंगे। फैक्ट फाइल     1.37 करोड़ स्मार्ट मीटर मप्र में लगाए जाने हैं।     38.47 लाख पहले चरण में स्वीकृत।     99.22 लाख दूसरे चरण में स्वीकृत।     12.56 लाख मीटर तीनों डिस्काम ने अब तक लगाए। इसलिए विरोध     स्मार्ट मीटर मोबाइल रीचार्ज की तरह प्री-पेड क्षमता वाले डिवाइस के साथ है। जिसे कंपनी मोबाइल फोन की तरह कभी भी प्री-पेड कर सकती है।     इसकी मानीटरिंग व कमांड भी सेंट्रल सिस्टम के तहत है। इसमें कंपनी के लिए उपभोक्ता की यूनिट्स को भी बदलना असंभव नहीं है।     मीटर टाइम आफ डे (TOD) का आकलन करने की क्षमता रखता है। दिन-रात का अलग-अलग रेट है।     मीटर में कोई खराबी आ जाने की स्थिति में मीटर को बदलने पर फिर से यह रकम चुकानी होगी। यह जबरदस्त बोझ है, जो कि आम उपभोक्ता के ऊपर डाला जा रहा है।     स्मार्ट मीटर का बिल नहीं चुका पाने की स्थिति में बिजली तुरंत काट दी जा रही है। जुड़वाने के नाम पर 350 रुपए उपभोक्ता से लिए जा रहे हैं, जबकि हमारी सिक्योरिटी राशि बिजली विभाग के पास पहले से ही जमा है।     बिजली बिल की हार्ड कॉपी नहीं दी जा रही है। जिससे अशिक्षित और तकनीकी रूप से अक्षम उपभोक्ताओं के लिए समस्या पैदा हो गई है।     हर उपभोक्ता के पास स्मार्ट फोन नहीं है। बिजली का बिल भरने के लिए ही लोगों को फिर मोबाइल खरीदना होगा।     बिजली कंपनी से हमारा अनुबंध पोस्टपेड मीटर के लिए है, न कि प्री-पेड मीटर के लिए। फिर इस प्रीपेड क्षमता वाले मीटर को क्यों लगाया गया है?

दिल्ली से हरी झंडी नहीं, MP में नियुक्ति प्रक्रिया ठप, बिहार चुनाव का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश BJP की राज्य कार्यसमिति, 40 स्वतंत्र बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की नियुक्तियां अब बिहार विधानसभा चुनावों के बाद ही होंगी। पार्टी सूत्रों ने बुधवार को बताया कि संगठन का पूरा ध्यान अब बिहार के महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले पर है। इस कारण सभी नियुक्तियों को टाल दिया गया है। पार्टी के कई बड़े नेता, जैसे शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व प्रदेश BJP अध्यक्ष VD शर्मा, BJP के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग, बिहार में चुनाव ड्यूटी पर हैं। वे अभी वहीं तैनात हैं। 28 जिला कार्यसमितियों का ऐलान अभी बाकी एक वरिष्ठ प्रदेश BJP पदाधिकारी ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को बताया, 'अब तक पार्टी ने 35 जिला कार्यसमितियों के सदस्यों के नाम घोषित किए हैं। 28 और जिला कार्यसमितियों की घोषणा बाकी है। बाकी जिला कार्यसमितियों की घोषणा हो सकती है, लेकिन बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों की घोषणा (बिहार चुनावों के बाद तक) होने की संभावना नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'राज्य कार्यसमिति के सदस्यों को भी इंतजार करना होगा।' वरिष्ठों की आपत्ति फिर पितृपक्ष से टली नियुक्ति अगस्त के आखिरी हफ्ते से बड़ी राजनीतिक हलचल शुरू हुई थी। तब BJP के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री BL संतोष ने दो दिन के लिए राज्य की राजधानी का दौरा किया था। उसी दौरान स्वतंत्र राज्य निगमों और बोर्डों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के पदों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा हुई थी। हालांकि, सभी वरिष्ठ नेता नामों के चयन से खुश नहीं थे। इस कारण घोषणा को तब तक के लिए टाल दिया गया जब तक आम सहमति नहीं बन जाती। इस बीच, हिंदू श्राद्ध के 15 दिन शुरू होने से भी सूची की घोषणा में और देरी हुई। मंत्रिमंडल विस्तार पर भी ब्रेक वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली गए थे। उन्होंने पार्टी आलाकमान को राज्य मंत्रिमंडल विस्तार की जरूरत के बारे में बताया था। लेकिन, सूत्रों का दावा है कि उसे भी इंतजार करना होगा। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को भी बिहार चुनाव खत्म होने तक टाल दिया है। प्रदेश BJP प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि BJP एक लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन करती है। राज्य कार्यसमिति के सदस्यों और निगमों के अध्यक्षों की घोषणा से पहले सभी वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लिया जाएगा। हमारे कई शीर्ष नेता बिहार चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हैं। सभी नेताओं के साथ चर्चा के बाद नए पदाधिकारियों के नामों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कड़ी मेहनत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

लाभार्थियों के चयन की समय सीमा बढ़ी, पीएम आवास योजना में आवेदन करने का सुनहरा अवसर

चंदौली आयुक्त, ग्राम्य विकास की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चल रहे आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 में नए लाभार्थियों का डाटा कैप्चर करने के लिए समय-सीमा 14 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। यदि पात्र लाभार्थी किसी कारण से सर्वे में आने से छूट गए हो या सर्वे के समय घर पर उपलब्ध नहीं थे और वर्तमान में घर आ गए हो तो ऐसे लाभार्थियों का सर्वेक्षण कार्य (डाटा कैप्चर) 14 अक्टूबर तक सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाएगा। आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ग्राम पंचायतों के सर्वेयर के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग /बैठक कर छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के सर्वेक्षण (डाटा कैप्चर) का कार्य आरंभ कराएं।

डाइविंग में फंसे युवक को बचाई Apple Watch, हादसे की डरावनी कहानी

नई दिल्ली मुंबई के एक स्कूबा डाइवर क्षितिज जोडेप की एप्पल वॉच ने जान बाचा ली। दरअसल 26 साल के क्षितिज ई कॉमर्स कॉमर्स  कंपनी में काम करते हैं। वे इस साल गर्मियों के महीने में पुडुचेरी के पास स्कूबा डाइविंग कर रहे थे। समुद्र में गहराई में जाने के साथ क्षितिज के साथ जो हुआ और कैसे उनकी जान बची आइये जानते हैं। क्षितिज साल 2020 से समुद्र में गोताखोरी करते आ रहे हैं। इस दौरान कई बार उन्होंने खतरनाक परिस्थितियों का भी सामना किया। अपनी एक घटना को याद करते हुए उन्होंने बताया कि, 'स्कूबा डाइविंग के दौरान वो करीब 36 मीटर तक गहराई में चले गए थे। इसी दौरान उनका बेल्ट अचानक ढीला हो गया। जिससे वे तेजी से समुद्र की सतह की ओर बढ़ने लगे। कैसे बची क्षितिज की जान? इसी दौरान उनकी कलाई पर बंधी एप्पल वॉच अल्ट्रा अचानक एक्टिव हो गई। वॉच ने लगातार सायरन बजाना शुरू किया और रास्ते में आने वाले खतरों से क्षितिज को अवगत कराती रही। इस दौरान वॉच की स्क्रीन पर लगातार अलर्ट नोटिफिकेशन आता रहा, जिससे उन्हें धीमी गति से चलने के लिए अलर्ट किया क्योंकि तेज चढ़ाई से फेफड़ों को गंभीर चोट लग सकती थी। हालांकि क्षितिज अपनी बेकाबू चढ़ाई को रोक नहीं पाए. इसी दौरान उनके प्रशिक्षक ने सायरन की आवाजे सुन ली और तुरंत क्षितिज की मदद करके लिए आ गए। इस तरह क्षितिज की जान बची। एप्पल के सीईओ टिम कुक को कहा शुक्रिया क्षितिज ने बाद में एप्पल के सीईओ टिम कुक को अपनी कहानी शेयर करने के लिए लेटर लिखा था। उन्हें आश्चर्य हुआ जब कुक ने उन्हें जवाब देते हुए लिखा: "मुझे बहुत खुशी है कि आपके ट्रेनर ने अलार्म सुना और तुरंत आपकी सहायता की। अपनी कहानी हमारे साथ शेयर करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। साल 2022 में एप्पल वॉच अल्ट्रा को लॉन्च किया गया था। इस वाच को मुख्य रूप से एडवेंचर और इमरजेंसी स्थितियों के लिए बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक वॉच पूरी तरीके से वाटरप्रूफ है और पानी के अंदर भी काम करती है। सायरन से दो ऊंचे स्तर वाली आवाज निकलती है, जिसे 180 मीटर तक की दूर से सुना जा सकता है।  

मिथिला की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा झटका, सीतामढ़ी-जयनगर-निर्मली रेल लाइन से बढ़ेगा व्यापार

पटना उत्तर बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! 2400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सीतामढ़ी-जयनगर-निर्मली रेलवे लाइन परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना से मिथिला क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। 189 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन में कुल 25 स्टेशन होंगे, जिनमें 4 पुराने स्टेशनों के अलावा 21 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इन नए स्टेशनों में भुटाही, सोनबरसा, सुरसंड, उमगांव, लालमनी और लौकाहीं जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है। झा ने कहा कि इस रेलवे लाइन के बनने से भारत और नेपाल के रिश्ते और व्यापार मजबूत होंगे। मिथिला क्षेत्र के चार लोकसभा क्षेत्रों – सीतामढ़ी, मधुबनी, झंझारपुर और सुपौल के लोगों के लिए आवागमन की सुविधाएं बेहतर होंगी।   इस परियोजना से सीतामढ़ी, मधुबनी और सुपौल जिलों की अर्थव्यवस्था को नए पंख लगेंगे। सुरसंड ट्राइबल एरिया से होते हुए पूरे भारत-नेपाल बॉर्डर को छूते हुए गुजरने वाली इस रेलवे लाइन से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी अभूतपूर्व गति मिलेगी। रेल लाइन के निर्माण से स्थानीय बाजार, छोटे-बड़े उद्योगों और मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाले पर्यटन को नई गति मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8 अगस्त 2025 को सीतामढ़ी में 2400 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी, और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना को जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष जोर है, और यह परियोजना तय समय-सीमा में पूरी होगी। डबल इंजन सरकार (केंद्र में नरेंद्र मोदी और बिहार में नीतीश कुमार) की विकास परियोजनाओं का यह एक बड़ा उदाहरण है। परियोजना के पूरा होने से मिथिला क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध होगा। इस रेलवे लाइन से भारत-नेपाल के बीच बेटी-रोटी के नाते और मजबूत होंगे, और सीतामढ़ी, मधुबनी, झंझारपुर और सुपौल के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल रामलीला: अयोध्या में 62 करोड़ श्रद्धालुओं ने देखा अद्भुत नाटक

अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या ने एक बार फिर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों और मार्गदर्शन में अयोध्या की रामलीला आज विश्व की सबसे बड़ी और भव्य रामलीला बन चुकी है। डिजिटल क्रांति के दौर में यह आयोजन केवल भारत तक सीमित न रहकर विश्वव्यापी सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया है। इस वर्ष 50 से अधिक देशों में ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित हुई इस रामलीला को कुल 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने देखा। भव्य मंचन और फिल्मी कलाकारों की भागीदारी दिल्ली और मुंबई से आए 250 से अधिक फिल्मी कलाकारों ने इस रामलीला को भव्य स्वरूप दिया। थ्री-डी तकनीक और आधुनिक मंच सज्जा ने इस धार्मिक आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। न केवल मंच पर बल्कि पर्दे पर भी यह आयोजन एक नया इतिहास रच रहा है। 10 करोड़ से अधिक खर्च सिर्फ लाइव प्रसारण पर रामलीला को अधिक से अधिक रामभक्तों तक पहुँचाने के लिए लाइव प्रसारण पर ही इस वर्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया। यह प्रसारण आराधना टाटा प्ले, शेमारू मी, VI ऐप, एयरटेल, शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेजों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हुआ। अकेले शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल पर 8 करोड़ से अधिक लोगों ने इसे देखा। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दर्शक संख्या (लाइव) आराधना टाटा प्ले – 2 करोड़ शेमारू मी – 4 करोड़ VI ऐप – 5 करोड़ शेमारू भक्ति (यूट्यूब) – 8 करोड़ शेमारू भक्ति धाम (यूट्यूब) – 7 करोड़ फेसबुक पेज – 5 करोड़ अन्य यूट्यूब प्लेटफॉर्म – 5 करोड़ शेमारू आराधना टीवी – 7 करोड़ टाटा प्ले – 7 करोड़ Videocon – 5 करोड़ एयरटेल – 3 करोड़ डिश टीवी – 4 करोड़ लगातार बढ़ती लोकप्रियता गौरतलब है कि कोरोना काल से शुरू हुई अयोध्या की डिजिटल रामलीला ने हर वर्ष दर्शकों के नए कीर्तिमान बनाए हैं। 2020 – 16 करोड़ 2021 – 20 करोड़ 2022 – 25 करोड़ 2023 – 40 करोड़ 2024 – 41 करोड़ 2025 – 62 करोड़ (Google के आंकड़ों के अनुसार) योगी सरकार और संस्कृति मंत्रालय का योगदान इस सपने को साकार करने में उत्तर प्रदेश सरकार की अहम भूमिका रही। 2020 में जब रामलीला शुरू हुई थी, उस समय के पर्यटन व संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने इस भव्य आयोजन का शुभारंभ किया था, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त किया। रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक और शुभम मलिक ने इस आयोजन को डिजिटल क्रांति का प्रतीक बना दिया। अयोध्या बनी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी रामनगरी अयोध्या में मंचित यह रामलीला अब केवल भारत की नहीं रही बल्कि पूरी दुनिया की रामलीला बन चुकी है। भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, म्यांमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, यूएई, सऊदी अरब, क़तर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मॉरीशस, फ़िजी, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, केन्या, नाइजीरिया, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड्स, रूस, कनाडा, अमेरिका और ब्राज़ील जैसे देशों में करोड़ों रामभक्तों ने इसे देखा। वैश्विक स्तर पर रामभक्ति का संदेश अयोध्या की रामलीला ने साबित कर दिया कि श्रीराम की कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व को जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु है। योगी सरकार के सहयोग और डिजिटल तकनीक के संगम ने रामलीला को विश्व स्तर पर पहुँचाकर भारतीय संस्कृति की अद्भुत ध्वजा फहराई है। अयोध्या की रामलीला में सितारों का चमका जादू, अद्भुत अभिनय से बना यादगार आयोजन श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित भव्य रामलीला इस वर्ष सितारों की जगमगाहट से और भी खास बन गई। बॉलीवुड और टीवी जगत के दिग्गज कलाकारों ने अपने अद्भुत अभिनय से इस आयोजन को यादगार बना दिया। प्रमुख भूमिकाओं में दिग्गज कलाकार मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता सीता की भूमिका निभाई। विंदू दारा सिंह ने अपनी दमदार अदाकारी से हनुमानजी का किरदार जीवंत कर दिया। खलनायकी अंदाज के लिए प्रसिद्ध शाहबाज खान ने रावण की भूमिका निभाई।वरिष्ठ अभिनेता अनिल धवन ने विभीषण का किरदार निभाया। हास्य अभिनेता सुनिल पाल ने नारदमुनि बनकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा मनोज तिवारी, रवि किशन, राकेश बेदी, रजा मुराद, अशरानी, अवतार गिल, रितु शिवपुरी, शीबा और अरुण बक्शी ने भी अपने-अपने किरदारों से रामलीला को और भव्यता प्रदान की। मिस यूनिवर्स का भी विशेष योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनी इस रामलीला में मिस यूनिवर्स 2024 और 2025 ने भी विशेष प्रस्तुति देकर इस आयोजन को नई ऊँचाइयाँ दीं। प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष चिठ्ठी लिखकर अयोध्या की रामलीला समिति को अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएँ भेजते हैं। इस परंपरा ने इस आयोजन के महत्व और पवित्रता को और बढ़ा दिया हैं।