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भागीरथपुरा हादसे का असर, भोपाल में 24 करोड़ की लागत से बिछेगी 66 KM नई पाइपलाइन

भोपाल. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब शहर में उन पेयजल लाइनों को सीवेज और नालों से दूर करने का काम शुरू हो गया है, जहां दोनों लाइनें एक-दूसरे के करीब हैं या किसी जगह पर एक दूसरे को क्रॉस करती हैं। नगर निगम ने शहर के सभी 21 जोन में ऐसी लाइनों को चिह्नित कर करीब 24.73 करोड़ रुपये की लागत से 66.25 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। नगर निगम के 28 प्रोजेक्ट में से 21 में काम शुरू हो चुका है, जबकि सात प्रोजेक्ट में अभी काम शुरू नहीं हो सका है। निगम के अनुसार, जोन-तीन की 430 मीटर नई लाइन डाली जानी है, जिसका 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। जोन-13 के दोनों प्रोजेक्ट में 80-80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जोन-15 में 65 प्रतिशत, जोन-दो में 60 प्रतिशत और जोन-14 में 55 प्रतिशत काम हुआ है। जोन-16 में बदली जा रही सबसे लंबी पाइप लाइन सबसे लंबी पाइपलाइन में जोन-16 के अंतर्गत इंद्रपुरी और गोविंदपुरा क्षेत्र में तीन प्रोजेक्ट में सबसे अधिक 18.250 किलोमीटर लाइन बदली जानी है, इसमें से एक प्रोजेक्ट में 50 प्रतिशत काम बाकी है और शेष दो प्रोजेक्ट का काम अभी तक शुरू नहीं किया जा सका। जोन-17 में चार प्रोजेक्ट में 15.100 किलोमीटर क्षेत्र में लाइन बदली जा रही है। इसमें दो प्रोजेक्ट का काम ही शुरू नहीं हुआ। सात परियोजनाओं का काम नहीं हो सका शुरू शहर के पांच जोन की सात परियोजनाओं में अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इनमें जोन-11 और जोन-12 में एक-एक परियोजना स्वीकृत है, जिनका काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जबकि जोन पांच की दो परियोजनाओं में से एक का काम शुरू होना बाकि है। जोन-16 की तीन परियोजनाओं में से दो और जोन-17 की चार परियोजनाओं में से दो का काम भी शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा जोन-एक, सात और 21 के एक-एक प्रोजेक्ट पर काम तो शुरू हो गया है, लेकिन भौतिक प्रगति अभी प्रतिशत में दर्ज नहीं की गई है। 28 परियोजनाओं की स्थिति –     जोन – पाइपलाइन लंबाई – वर्तमान स्थिति     जोन-एक – 2,210 मीटर – काम शुरू     जोन-दो – 4,450 मीटर – 60 प्रतिशत काम पूरा     जोन-तीन – 430 मीटर – 90 प्रतिशत पूरा     जोन-चार – 3,080 मीटर – पांच प्रतिशत हो चुका     जोन-पांच – 1,150 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-पांच – 330 मीटर – पांच प्रतिशत पूरा     जोन-छह – 600 मीटर – 20 प्रतिशत काम जारी     जोन-सात – 1,350 मीटर – काम शुरू     जोन-आठ – 4,200 मीटर – 10 प्रतिशत पूरा     जोन-नौ – 1,280 मीटर – 10 प्रतिशत पूरा     जोन-10 – 965 मीटर – 15 प्रतिशत पूरा     जोन-11 – 1,220 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-12 – 3,080 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-13 – 1,204 मीटर – 80 प्रतिशत हो चुका     जोन-13 – 350 मीटर – 80 प्रतिशत हो चुका     जोन-14 – 1,435 मीटर – 55 प्रतिशत पूरा     जोन-15 – 890 मीटर – 65 प्रतिशत हो चुका     जोन-16 – 800 मीटर – 50 प्रतिशत पूरा     जोन-16 – 9,400 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-16 – 8,059 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-17 – 6,801 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-17 – 2,425 मीटर – 40 प्रतिशत पूरा     जोन-17 – 4,050 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-17 – 1,828 मीटर – 50 प्रतिशत पूरा     जोन-18 – 640 मीटर – 30 प्रतिशत पूरा     जोन-19 – 435 मीटर – 25 प्रतिशत पूरा     जोन-20 – 1,487 मीटर – पांच प्रतिशत हो चुका     जोन-21 – 2,110 मीटर – काम शुरू। फैक्ट फाइल 21 जोन में से 28 परियोजना के तहत बदली जानी है पाइप लाइन 66.25 किमी कुल पाइपलाइन बदलने का प्लान 21 परियोजनाओं का काम शुरू हो चुका 7 परियोजनाओं का काम शुरू नहीं हुआ 24.73 करोड़ रुपये की लागत से होना है काम सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जा रहा – जहां पेयजल लाइन सीवेज या नाले के संपर्क में आने की स्थिति में है, वहां उसे सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में नई पाइपलाइन डाली जा रही है। इससे पेयजल और सीवेज नेटवर्क अलग रहेंगे और जलापूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। – उदित गर्ग, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।

योगी सरकार की पहल से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा, किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के रास्ते

लखनऊ योगी सरकार किसानों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा उनकी आय बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित कर रही है। उद्यान विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ किसानों को अतिरिक्त आय का माध्यम उपलब्ध हो रहा है। प्रदेश के तीन प्रमुख केंद्रों पर कुल 76 प्रशिक्षणार्थी 90 दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें बस्ती औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में 15, सहारनपुर औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में 29 तथा राजकीय मौनपालन प्रशिक्षण केंद्र प्रयागराज में 32 अभ्यर्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण 15 दिसंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाकर सफल उद्यमी बनाना है। उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित मधुमक्खी पालन कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 50 मौनवंशों (मधुमक्खी कालोनियों), मधुमक्खी गृहों (बक्सों) की एक पूर्ण इकाई स्थापित कराई जाती है, जिसमें शहद निष्कर्षण एवं रख-रखाव के लिए आवश्यक समस्त सहायक उपकरण भी शामिल हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो रहा है। विभाग द्वारा दी जा रही इस वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसान न केवल शहद व सह-उत्पादों का उत्पादन कर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे, बल्कि परागण प्रक्रिया में वृद्धि होने से फसलों की उत्पादकता को भी नई गति मिलेगी।

उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक के पदों पर 912 चयनित अभ्यर्थियों को वितरित किए जाएंगे नियुक्ति पत्र

लखनऊ  रविवार (20 सितंबर) को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत अन्य गणमान्य मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत इन अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित युवा पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे।

वोटर लिस्ट SIR पर निर्वाचन आयोग का अहम निर्देश, पुराने दस्तावेजों से होगी पात्रता की जांच

रांची  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के क्रम में चल रही सुनवाई के दौरान मतदाताओं से किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जानी है। पहले से उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर पात्रता की जांच करते हुए नियमानुसार स्पीकिंग आर्डर पारित किया जा सकता है। उन्होंने फार्म-6 के माध्यम से प्राप्त नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी ईआर एवं एईआरओ को निर्देश दिया कि बीएलओ के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करें तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि पुनरीक्षण से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि ईएलसी-2.0 के तहत 19 एवं 20 नवंबर को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। ऐसे प्रश्नों पर किया शंकाओं का समाधान एक व्यक्ति जिसका जन्म 1934 में हुआ है एवं उसके पास अपना कोई दस्तावेज नहीं है, ऐसे में क्या करें? मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा ऐसे वृद्ध मतदाताओं का उनके बच्चों अथवा नाती पोते से जो पात्र भारतीय नागरिक है से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज करते हुए उनका मतदाता सूची में नाम जुड़वाएं। यदि कोई महिला मतदाता अपने ससुराल में रह रही है और उसके पास कोई दस्तावेज नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में क्या करें? महिला मतदाताओं के सत्यापन के लिए उनके माता पिता से मैपिंग ही मान्य है। ऐसे मतदाताओं का यदि वो पात्र भारतीय नागरिक हैं, तो उनके माता पिता अथवा भाई बहन द्वारा मतदात सूची में समर्पित किए जा रहे मान्य दस्तावेज को संकलित करते हुए ऐसे पात्र भारतीय महिला मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाए। मतदाताओं द्वारा मुखिया स्तर पर वंशावली समर्पित किए जा रहें है, क्या ये मान्य हैं? केवल सक्षम पदाधिकारियों/अंचल अधिकारी के स्तर पर जारी किए हुए वंशावली अथवा किसी प्रकार के पारिवारिक सूची ही मान्य है।

‘स्वयं से साक्षात्कार’ कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पंचकोश, षट्चक्र एवं आभामंडल की अवधारणाओं पर दी जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वयं से साक्षात्कार’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वामी महेश एवं डॉ. अनिल गुप्ता ने भारतीय परंपरा में वर्णित ऊर्जा, चेतना एवं आभामंडल की अवधारणाओं को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के संदर्भ में समझाया। कार्यशाला में आयोग के सदस्य श्री विवेक गनोदवाले, सचिव श्री सूर्यप्रकाश शुक्ला तथा पावर कंपनीज़ के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं श्री भीम सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित थे। स्वामी महेश ने भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित अपरा विद्या और परा विद्या की जानकारी देते हुए कहा कि अपरा विद्या वह है, जिसे इंद्रियों के माध्यम से देखकर, पढ़कर और समझकर जाना जा सकता है, जबकि परा विद्या का संबंध सूक्ष्म एवं आंतरिक अनुभूति से है। उन्होंने बताया कि आत्मा और मन के माध्यम से शरीर की तंत्रिका प्रणाली तथा इंद्रियों के बीच समन्वय स्थापित होता है। उन्होंने मानव शरीर में वर्णित पंचकोश—अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष और आनंदमय कोष की अवधारणा को भी विस्तार से समझाया। डॉ. अनिल गुप्ता ने मानव शरीर में ऊर्जा के संचार तथा षट्चक्र की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना आभामंडल होता है। आंतरिक ऊर्जा एवं चेतना को विकसित करने की भारतीय परंपरा में चर्चा की गई है। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने किया। आयोग की संयुक्त निदेशक श्रीमती प्राची श्रीवास्तव ने अतिथियों का परिचय दिया।  

रांची में करमा पर्व की तैयारी पूरी, 298 सरना स्थलों पर सफाई-रोशनी से लेकर पानी तक का इंतजाम

रांची  करम पर्व को लेकर रांची नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर के 53 वार्डों में चिन्हित 298 सरना स्थलों और अखड़ों में श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। पर्व के दौरान साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, पेयजल, सड़क और नाली की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शनिवार को निगम के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न सरना स्थलों और अखड़ों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें नगर आयुक्त ने सहजानंद चौक स्थित देशवाली सरना-सह-अखड़ा, सरना टोली, हातमा बस्ती, रांची कालेज छात्रावास और करमटोली चौक स्थित सरना स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूजा समितियों के प्रतिनिधियों से भी आवश्यक जानकारी और सुझाव लिए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि करमा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के साथ लगातार निगरानी भी की जाए। सभी 298 स्थलों पर चलेगा विशेष सफाई अभियान नगर निगम की ओर से सभी सरना स्थलों और अखड़ों के परिसर के साथ वहां तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों की विशेष सफाई कराई जाएगी। झाड़ू लगाने के साथ घास की कटाई और आवश्यकता के अनुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाएगा। वार्ड सुपरवाइजर और सफाईकर्मियों को नियमित रूप से स्थलों का निरीक्षण करने तथा पूजा समितियों के संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। खराब स्ट्रीट लाइटें होंगी दुरुस्त करमा पर्व के दौरान रात में होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए सरना स्थलों और अखड़ों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। निगम की विद्युत शाखा को सभी स्थलों की स्ट्रीट लाइटों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। संपर्क मार्गों पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाएगा। इसके बाद भी नियमित रूप से प्रकाश व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया है। खुले नालों पर लगेंगे स्लैब श्रद्धालुओं के आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरत के अनुसार सरना स्थलों के आसपास पेवर ब्लॉक, स्टोन डस्ट और जेएसबी से समतलीकरण कराया जाएगा। खुले नालों पर स्लैब लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी। निगम के अभियंत्रण शाखा को स्थल की जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पेयजल के लिए वाटर टैंकर की व्यवस्था पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जरूरत वाले सरना स्थलों और अखड़ों में नगर निगम की ओर से वाटर टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। जलापूर्ति शाखा को संबंधित पूजा समितियों से समन्वय कर आवश्यकता के अनुसार टैंकर भेजने का निर्देश दिया गया है। सूखी डालियों की होगी छंटाई श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरना स्थलों और अखड़ों में सूखे पेड़ों तथा लटकती डालियों की छंटाई भी कराई जाएगी। हॉर्टिकल्चर शाखा को आवश्यकतानुसार पौधारोपण और परिसर को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया है। पूजा समितियों से समन्वय पर जोर नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि करमा झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और सामुदायिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। निगम का प्रयास है कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण के साथ सभी जरूरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने अधिकारियों को पूजा समितियों से लगातार समन्वय बनाकर उनकी जरूरत और सुझाव के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी तरह की समस्या या आवश्यकता होने पर निगम के 24 घंटे सक्रिय कनेक्ट सेंटर 1800 5701235 पर सूचना दी जा सकती है।

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर, 472 स्कूलों पर खर्च होंगे ₹401 करोड़

बीकानेर/पाली पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की आहट के बीच सरकारी स्कूलों की बदहाली का मुद्दा आखिरकार सरकार के महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल हो गया है। गत वर्ष झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से सात बच्चों की मां की मौत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती और सरकार को फटकार लगाने के बाद सरकार ने 472 स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। यह स्वीकृति ऐसे समय में आई है, जब राज्य में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां तेज हैं। पिछले दिनों काकरोच जनता पार्टी ने भी विद्यालयों की बदहाली का मुद्दा उठाया था। राजस्थान पत्रिका ने यह मुद्दा लगातार उठाया। नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत भवन निर्माण एवं पुनर्निर्माण के लिए यह प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। खास बात यह है कि स्वीकृत राशि में भवन निर्माण के साथ स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशाला, फर्नीचर, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं का प्रावधान भी किया गया है। स्वीकृति में विद्यालयों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल भी दायरे में स्वीकृत विद्यालयों में प्रदेश के कई दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्र शामिल है। उदयपुर और बांसवाड़ा के कोटड़ा, गोगुंदा, झाड़ोल, छोटी सरवन, कुशलगढ़ और आनंदपुरी जैसे क्षेत्रों के विद्यालयों में भवन निर्माण कार्य किए जाएंगे। झालावाड़ जिले के अकलेरा, खानपुर, मनोहरथाना और बारां के छबड़ा और किशनगंज क्षेत्र के विद्यालय भी शामिल है। जयपुर, अलवर और खैरथल-तिजारा क्षेत्र के चाकसू, सांगानेर, कठूमर, तिजारा और राजगढ़ सहित क्षेत्रों के विद्यालयों को भी योजना में शामिल किया गया है। 41 जिले, 12,500 करोड़ की कार्ययोजना राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक 12,500 करोड़ रुपए खर्च कर सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाने की योजना तैयार की है। प्रदेश के 41 जिलों में सरकारी स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया। सर्वे में सामने आई जरूरतों के आधार पर तीन साल की कार्ययोजना तैयार की गई है। जिलेवार स्कूल और राशि की सारणी (राशि करोड़ रुपए में) क्र.    जिला    स्कूल    राशि 1    अजमेर    03    3.84 2    अलवर    11    20.38 3    बांसवाड़ा    33    14.01 4    बारां    27    26.25 5    बाड़मेर    03    1.71 6    ब्यावर    06    4.83 7    भरतपुर    02    1.06 8    बीकानेर    06    10.98 9    बूंदी    12    8.73 10    चित्तौड़गढ़    02    1.30 11    चूरू    05    10.57 12    दौसा    12    20.79 13    डूंगरपुर    06    9.09 14    धौलपुर    08    6.37 15    डीडवाना-कुचामन    08    18.43 16    हनुमानगढ़    05    6.31 17    जयपुर    10    7.67 18    जालौर    03    1.95 19    झालावाड़    84    55.86 20    झुंझुनूं    09    15.06 21    जोधपुर    01    2.54 22    करौली    06    3.18 23    खैरथल-तिजारा    09    12.45 24    कोटा    03    1.95 25    प्रतापगढ़    10    4.82 26    सवाई माधोपुर    39    23.13 27    सीकर    06    12.70 28    सिरोही    12    5.64 29    श्रीगंगानगर    08    5.89 30    टोंक    04    5.90 31    उदयपुर    113    71.92 32    सलूंबर    01    0.41

देवप्रयाग के मेधावी छात्रों ने किया गोमती बुक फेस्टिवल का भ्रमण, मिली ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पुस्तक

लखनऊ  भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड के देवप्रयाग से लखनऊ आए मेधावी विद्यार्थियों ने शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित गोमती बुक फेस्टिवल का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित पुस्तक 'एग्जाम वॉरियर्स' भेंट की गई। पुस्तक मेले में छात्रों ने विभिन्न पुस्तकों और साहित्यिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इससे पहले इन मेधावी विद्यार्थियों ने सीएम आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों से परिचय प्राप्त कर उनका लखनऊ में स्वागत किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उत्तराखंड से आए इन विद्यार्थियों को गोमती बुक फेस्टिवल का भ्रमण कराया जाए और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक 'एग्जाम वॉरियर्स' उपलब्ध कराई जाए। इसी क्रम में अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पुस्तक मेले का भ्रमण कराया और सभी बच्चों को यह पुस्तक भेंट की।

पश्चिम मध्यप्रदेश में PM सूर्यघर योजना का लाभ, 74 हजार उपभोक्ताओं को मिली मदद

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से पश्चिम मप्र में अब तक 74 हजार उपभोक्ता लाभान्वित केंद्र शासन की ओर से प्रति उपभोक्ता 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी अब तक मालवा निमाड़ में 505 करोड़ रूपए सब्सिडी वितरित भोपाल  मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रधानमंत्री सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। अब तक 74 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं। पात्र उपभोक्ता को 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इन उपभोक्ताओं को प्रतिमाह तीन सौ यूनिट बिजली प्राप्त हो रही है। यह एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए काफी है। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना में अब तक करीब 505 करोड़ रूपए की सब्सिडी राशि उपभोक्ताओं के बैंक खातों में केंद्र नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से जमा हो चुकी हैं। सब्सिडी आने का क्रम सतत जारी है। कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर सौर ऊर्जा प्रकरण तेजी से मंजूर किए जा रहे हैं। इसी वजह से मालवा निमाड़ में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू होने के बाद रूफ टॉप सोलर संयंत्रों की संख्या पांच गुना से ज्यादा हो चुकी है। वर्तमान में सौर ऊर्जा अपनाने वालों की कुल संख्या 91 हजार के पार एवं ऊर्जा उत्पादन क्षमता 525 मेगावाट से अधिक हो चुकी हैं, इसमें से 74 हजार से ज्यादा लाभान्वित उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े हैं। मालवा निमाड़ में अपने परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वालों की कुल संख्या जल्दी ही एक लाख पहुंचने की उम्मीद है। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना में सबसे ज्यादा 29 हजार उपभोक्ता इंदौर शहर के जुड़े हैं, जबकि इंदौर जिले के कुल 33 हजार उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े चुके हैं। सभी योजनाओं को मिलाकर इंदौर जिले में कुल 41 हजार परिसरों में सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। यह मप्र के सभी जिलों की तुलना में काफी ज्य़ादा हैं। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरों पर सोलर पैनल्स लगाने के लिए एक किलो वाट के संयंत्र पर 30 हजार, दूसरे किलो वाट पर 30 हजार, तीसरे किलो वाट संयंत्र पर 18 हजार , इस तरह तीन किलो वाट के सोलर संयंत्र स्थापित करने पर अधिकतम 78 हजार रूपए की सब्सिडी केंद्र शासन के माध्यम से उपभोक्ता को सीधे डीबीटी से प्राप्त होती हैं। इंदौर के बाद सौर ऊर्जा के संबंध में कंपनी स्तर पर दूसरा स्थान उज्जैन जिले के 8400 परिसरों का हैं। इसके बाद तीसरा स्थान रतलाम जिले का 7800 व चौथा स्थान मंदसौर जिले का 5500, पांचवां स्थान देवास जिला 5000 स्थानों पर सोलर पैनल्स वाला जिला है। विशेष प्रकोष्ठ कार्यरत कंपनी स्तर पर सौर ऊर्जा प्रकरणों के जल्दी से मंजूरी एवं सब्सिडी समय पर दिलाने के लिए प्रकोष्ठ कार्यरत है, इसमें अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर के प्रभारी कार्यरत हैं। साथ ही प्रत्येक जिले में अधीक्षण यंत्री पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना समेत सौर ऊर्जा से जुड़ी समस्त य़ोजनाओं के क्रिय़ान्वयन की सतत समीक्षा करते हैं।  

बिहार में उद्योगों की नई लहर! 5 साल में 10 हजार यूनिट लगाने का लक्ष्य, युवाओं को मिलेगा रोजगार

पटना बिहार में 5 साल में दस हजार उद्योग स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक माहौल तैयार हो चुका है और अब तक करीब एक हजार उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। अगले पांच वर्षों में 10 हजार उद्योगों को बिहार की धरती पर स्थापित करने का लक्ष्य है। सीएम ने शनिवार को तारामंडल में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रमका शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नेशनल इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का लोकार्पण किया। साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली के तहत 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर यहां के 12 लाख लोग मजदूरी करने के लिये जा रहे हैं। हमलोगों का लक्ष्य है कि बिहार के बाहर कोई मजदूरी करने न जाय, इसके लिये उद्योगों और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारे युवा उद्यमी नये स्टार्टअप के साथ बिहार की दिशा बदल सकते हैं। राज्य सरकार उनके प्रयासों को हरसंभव सहयोग देगी। बिहार टेक पोर्टल फॉर इनोवेशन इन आईटी सेक्टर के माध्यम से आईटी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। हमलोगों ने एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। युवा ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को जोड़कर राज्य को तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मंत्री नंद किशोर राम, सांसद डॉ. संजय जायसवाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज की प्रदेश संयोजक डॉ. अमृता भूषण राठौर की उपस्थिति रही। युवा शक्ति के दम पर बिहार को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य की युवा शक्ति और बड़ी आबादी को चुनौती नहीं, बल्कि विकास की ताकत बनाकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। वर्ष 2047 में विकसित भारत के संकल्प को हम सभी को मिलकर पूरा करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई और शुभकामनायें देता हूं। उनकी कल्पना और नवाचार के प्रति उनकी दृष्टि हम सभी को प्रेरित करता है। हमलोगों की सरकार इन्हीं उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रही है।