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सभी जिलों में महिलाओं के अंदर सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मविश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से निकाली गई बाइक रैली

मिशन शक्ति 5 सीएम योगी की यूपी पुलिस के 18 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने प्रदेश भर में निकाली बाइक रैली सभी जिलों में महिलाओं के अंदर सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मविश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से निकाली गई बाइक रैली हैशटैग #MissionShakti5  को मिला अपार जनसमर्थन,=टॉप फाइव में कई घंटों ट्रेंड करता रहा #MissionShakti5 डीजीपी बोले, सीएम योगी के मार्गदर्शन में “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” को जन-जन तक पहुंचाने के लिये निकाली गई रैली लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने   “मिशन शक्ति 5” का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं के अंदर सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मविश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से बाइक रैली निकालने के निर्देश दिए थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की ओर से पुलिस के विभिन्न रैंक के लगभग 18 हजार महिला अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्रदेश भर में बाइक रैली निकाली गई सुरक्षा और सम्मान के नारों से गूंज उठीं सड़कें डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर रविवार सुबह से ही सभी जिलों में महिला पुलिस कर्मी बाइक लेकर सड़क पर उतरीं। “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” जैसे नारों से सड़कें गूंज उठीं। जगह-जगह आमजन ने तालियों और पुष्पवर्षा के साथ रैली का स्वागत कर महिला सुरक्षा के संकल्प को मजबूती दी। सीएम ने अपने सम्बोधन में कहा गया था कि “नारी सुरक्षा और सम्मान ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इसी विचार को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह बाइक रैली निकाली गई। लोकभवन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की शुरुआत की थी। इसके साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी जारी की गई। नवरात्रि और आगामी त्योहारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस की भागीदारी ने जनता को विश्वास किया मजबूत पुलिस बाइक रैली ने स्पष्ट कर दिया कि अब नारी सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प है। बाइक रैली के दौरान सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा मंत्रीगणों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेकर अभियान को समर्थन प्रदान किया। प्रशासन और पुलिस की सक्रिय भागीदारी ने जनता के विश्वास को और मजबूत किया। टॉप फाइव में कई घंटों ट्रेंड करता रहा #MissionShakti5 डीजीपी ने बताया कि सभी बाइक रैली की फोटो एवं वीडियो को उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त जनपदों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर साझा करके पोस्ट किया गया। इसी क्रम में #MissionShakti5 को प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। यह हैशटैग  21 सितंबर को शाम 4 बजे सूचीबद्ध हुआ और कुछ ही समय में टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर 1 पर पहुँच गया। इसी हैशटैग *#MissionShakti5 के साथ अन्य की-वर्ड महिला पुलिस, नारी शक्ति,मिशन शक्ति भी ट्रेडिंग लिस्ट में शामिल हुए। शाम 4 बजे से 6:30 बजे तक #MissionShakti5 लगातार टॉप 5 ट्रेंडिंग सूची में शामिल रहा। अब तक इस पर 23 हज़ार से अधिक ट्वीट्स किए जा चुके हैं, जिससे लगभग 28 मिलियन की रीच और 384 मिलियन इंप्रेशन प्राप्त हुए हैं।

राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

 जगदलपुर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन ने  राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर डोम निर्माण हेतु 75 लाख रुपए की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है। कार्यक्रम को वन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद बस्तर  महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर  किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं। आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष  पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर चित्रकोट विधायक  विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक  चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष  निवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर  संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी, कलेक्टर  हरिस एस, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय का स्नेहभरा अंदाज़, नन्ही भूमिका को महुआ लड्डू खिलाकर किया दुलार

रायपुर धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया। जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री  साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।" यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण  स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया। मुख्यमंत्री  साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर बढ़-चढ़कर अपने सुझाव दे रही यूपी की जनता

विकसित यूपी @2047  अबतक 3 लाख जनता ने दिये अपने सुझाव, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर- मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर बढ़-चढ़कर अपने सुझाव दे रही यूपी की जनता  शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में सुधार के लिए मिल रहे सर्वाधिक सुझाव- मुख्यमंत्री योगी  ग्रामीण क्षेत्रों से 2.40 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 60 हजार से अधिक फीडबैक  प्रयागराज की सुकृति पाण्डेय ने शिक्षा में डिजिटल साधनों पर दिया जोर  देवरिया के प्रवीण ने भ्रष्टाचार और पुलिस व्यवहार में सुधार की मांग की – महोबा के शशिकांत सोनी ने ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण दल बनाने का सुझाव दिया – पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर फीडबैक प्रक्रिया जारी – 31 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवा दिखा रहे सक्रिय भागीदारी लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के तहत जनता से फीडबैक लेने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारीगण और प्रबुद्धजन, आम जनता, छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों और मीडिया के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य के रोड मैप पर चर्चा कर रहे हैं।  फीडबैक देने में शहर वालों से आगे निकले ग्रामीण  अभियान के तहत रविवार तक विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर कुल 3 लाख फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें से 2.40 हजार ग्रामीण और 60 हजार से अधिक नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार 1.12 लाख से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम, 1.66 लाख सुझाव 31-60 वर्ष और बाकी सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। इन सेक्टर्स में मिल रहे सर्वाधिक सुझाव  फीडबैक के क्षेत्रवार वितरण में शिक्षा (1.10 लाख), नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र (52 हजार से अधिक), स्वास्थ्य (23 हजार से अधिक), समाज कल्याण (25 हजार से अधिक), कृषि (51 हजार से अधिक) और आईटी एवं टेक्नोलॉजी (6 हजार से अधिक) शामिल हैं। प्रमुख जनपदों जैसे आगरा, फिरोजाबाद, बस्ती, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, गोरखपुर, सहारनपुर, शामली, एटा, मेरठ, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, ललितपुर, महाराजगंज, प्रयागराज आदि से 1.11 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। ये हैं प्रमुख सुझाव – प्रयागराज की सुकृति पाण्डेय ने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल साधन, कौशल आधारित प्रशिक्षण, शिक्षक प्रोत्साहन, उच्च शिक्षा और अनुसंधान पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई। – देवरिया के प्रवीण ने शिक्षा, पुलिस और राजस्व विभाग में सुधार, भ्रष्टाचार समाप्त करने और नागरिकों के प्रति सरकारी व्यवहार सुधारने की सिफारिश की। – महोबा के शशिकांत सोनी ने ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण दल गठित कर ईमानदारी बढ़ाने और भ्रष्टाचार घटाने का सुझाव दिया। प्रदेशवासियों के सुझावों और फीडबैक को ध्यान में रखते हुए, योगी सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आगामी योजनाओं और विकास कार्यों में इन फीडबैक को शामिल किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश 2047 तक विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर हो।      

उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर बैन, FIR और गिरफ्तारी मेमो से भी बाहर

लखनऊ  यूपी सरकार ने जातिगत भेदभाव को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही सार्वजनिक जगहों, पुलिस FIR, अरेस्ट मेमो और सरकारी डॉक्यूमेंट्स में भी किसी की कास्ट नहीं लिखी जाएगी. इस संबंध में मुख्य सचिव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले के अनुपालन में निर्देश जारी किए हैं. मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, अब पुलिस रिकॉर्ड्स जैसे कि एफआईआर और गिरफ्तारी मेमो में किसी भी व्यक्ति की जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही सरकारी और कानूनी दस्तावेजों में भी जाति से संबंधित कॉलम को हटा दिया जाएगा. ये कदम सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करेगा. हालांकि, इस फैसले से कुछ मामलों में छूट रहेगी, जहां जाति एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू है. जाति आधारित रैलियां और कार्यक्रम पर रोक निर्देशों के मुताबिक, जाति आधारित रैलियां या कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी और सोशल मीडिया, इंटरनेट पर जाति का महिमामंडन या नफरत फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकलपीठ ने 19 सितंबर 2025 को एक शराब तस्करी मामले (प्रवीण छेत्री बनाम राज्य) में सुनवाई के दौरान ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता प्रवीण छेत्री ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान एफआईआर और जब्ती मेमो में अपनी जाति (भील) का उल्लेख करने पर आपत्ति जताई थी. कोर्ट ने इसे संवैधानिक नैतिकता के विरुद्ध बताते हुए कहा कि जाति का महिमामंडन 'एंटी-नेशनल'(राष्ट्र-विरोधी) है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से पुलिस दस्तावेजीकरण प्रक्रियाओं में बदलाव करने का आदेश दिया था. जिनमें अभियुक्तों, मुखबिरों और गवाहों की जाति से संबंधित सभी कॉलम और प्रविष्टियां हटाने का स्पष्ट निर्देश शामिल है. 'जाति आधारित पहचान की जरूरत नहीं' कोर्ट ने डीजीपी के हलफनामे में दिए गए तर्कों (जैसे पहचान के लिए जाति आवश्यक) को खारिज करते हुए कहा कि फिंगरप्रिंट, आधार, मोबाइल नंबर और माता-पिता के विवरण जैसे आधुनिक साधनों से जाति आधारित पहचान की कोई जरूरत नहीं है. मुख्य सचिव के निर्देश अदालत के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव द्वारा 21 सितंबर 2025 को आदेशों में 10 बिंदु शामिल किए गए हैं जो जातिगत भेदभाव को जड़ से खत्म करने पर फोकस करते हैं.     पुलिस रिकॉर्ड्स और FIR में बदलाव: एफआईआर, गिरफ्तारी मेमो, चार्जशीट आदि दस्तावेजों से जाति का उल्लेख पूरी तरह हटाया जाएगा. आरोपी की पहचान के लिए अब पिता के साथ-साथ माता का नाम भी जरूरी रूप से लिखा जाएगा.     NCRB और CCTNS सिस्टम: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) में जाति भरने वाले कॉलम को खाली छोड़ा जाए. पुलिस विभाग एनसीआरबी को पत्र लिखकर इस कॉलम को डिलीट करने की अपील करेगा.     सार्वजनिक स्थलों से जातीय संकेत हटाना: थानों के नोटिस बोर्ड, वाहनों, साइनबोर्ड्स और अन्य सार्वजनिक स्थलों से जाति आधारित संकेत, नारे या प्रतीक हटाए जाएंगे. केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन कर वाहनों पर जाति-आधारित नारों पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाया जाएगा.     जाति आधारित रैलियों और सोशल मीडिया पर सख्ती: जाति आधारित रैलियों या कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा. सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर जाति का महिमामंडन या घृणा फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ आईटी नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.     विशेष छूट: एससी/एसटी एक्ट जैसे मामलों में जहां जाति का उल्लेख कानूनी रूप से आवश्यक हो, वहां छूट रहेगी.  

दीवाली धमाका: सूरजकुंड मेले की एंट्री फीस बढ़ी, जानिए नया रेट

सूरजकुंड  फरीदाबाद के सूरजकुंड में इस बार फिर दीवाली मेले का आयोजन होने जा रहा है। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से यह मेला 2 से 7 अक्तूबर तक लगाया जाएगा। हालांकि इस बार मेले की एंट्री टिकट की कीमत में भारी इजाफा किया गया है। साल 2023 में जहां टिकट मात्र 30 रुपये थी, वहीं इस बार एंट्री टिकट का रेट 100 रुपये रखा गया है। पिछले साल नहीं दिखा उत्साह गौरतलब है कि 2023 में जब दीवाली मेला लगाया गया था, तब भी लोगों का उत्साह कुछ खास नहीं देखा गया था। कम टिकट दर होने के बावजूद भीड़ कम रही, जिसके कारण पिछले साल मेला आयोजित नहीं किया गया। अब इस बार टिकट की कीमत बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या लोग फिर भी मेले में पहुँचते हैं या नहीं।   पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए 100 रुपये की टिकट दर थोड़ा बोझ बन सकती है, खासकर तब जब लोग परिवार सहित मेले में आते हैं। टिकट दर में हुई वृद्धि से मेले में आने वाले लोगों की संख्या पर असर पड़ सकता है। मेला रहेगा रंग-बिरंगा मेले में इस बार करीब 500 कमर्शियल स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें दीवाली से संबंधित सजावटी सामान, खिलौने, बर्तन, आभूषण आदि की बिक्री होगी। इसके अलावा, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का खास आकर्षण रहेंगे। स्टॉल और एंट्री टिकट की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। इच्छुक लोग हरियाणा टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट haryanatourism.gov.in पर जाकर टिकट और स्टॉल की बुकिंग कर सकते हैं। बजट नहीं मिलने से बढ़े दाम हरियाणा पर्यटन निगम के एजीएम हरविंदर यादव ने जानकारी दी कि 2023 में सरकार से बजट मिलने के कारण टिकट दर कम रखी गई थी। लेकिन इस बार सरकार की ओर से कोई फंड नहीं मिला है, इसलिए मेला अपनी आय खुद जनरेट करेगा। इसी कारण एंट्री टिकट के दाम बढ़ाए गए हैं।  

नए साल से पहले रेलवे अलर्ट: मध्यप्रदेश की 5 ट्रेनें रद्द, 18 की होगी रूट बदल, जानें पूरी लिस्ट

ग्वालियर पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को लेकर सैर-सपाटे की योजना बनाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। वीरंगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर वाशेबल एप्रन हटाकर गिट्टी रहित पटरी बिछाने का काम होने के कारण डेढ़ माह तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 25 नवंबर से आठ जनवरी के बीच ग्वालियर होकर चलने वाली पांच जोड़ों ट्रेनों को रेलवे ने रद्द (Cancelled Train in MP) किया है, जबकि कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव इसमें कई ट्रेनें ग्वालियर स्टेशन से ही झांसी के बजाय शिवपुरी-गुना होते हुए बीना तक संचालित की जाएंगी, वहीं झांसी होकर कानपुर के बीच चलने वाली कई ट्रेनों को इटावा-भिंड होकर ग्वालियर लाया जाएगा। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव भी किया गया है।   ये ट्रेनें रहेंगी रद्द – ट्रेन क्रमांक 11901-11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस 25 नवंबर से लेकर नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 11903-11904 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-इटावा एक्सप्रेस 25 नवंबर से नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 05073-05074 बेंगलुरु सिटी-लालकुआं साप्ताहिक ट्रेन को 29 नवंबर से छह जनवरी तक रद्द किया गया है। – ट्रेन क्रमांक 07363-07364 योगनगरी ऋषिकेश-हुबली साप्ताहिक ट्रेन 27 नवंबबर से पांच जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 06597-06598 योगनगरी ऋषिकेश-यशवंतपुर को 27 नवंबर से एक जनवरी तक रद्द किया गया है। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22456 कालका-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस को 27 नवंबर से चार जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना होकर चलाया जाएगा। – ट्रेन क्रमांक 16318 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी एक्सप्रेस 24 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 20494 चंडीगढ़-मदुरै एक्सप्रेस 28 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16032 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल 25 नवंबर से छह जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16788 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस 27 नवंबर से एक जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 14320 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक तक अपने बदले हुए मार्ग ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12162 आगरा कैंट-एलटीटी लश्कर एक्सप्रेस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22706 जम्मूतवी-तिरुपति 28 नवंबर से दो जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12752 जम्मूतवी-नांदेड़ 30 नवंबर से चार जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर एक्सप्रेस 25 नवंबर से छह जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11078 जम्मूतवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस 24 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09466 दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस एक दिसंबर से पांच जनवरी तक बदले हुए मार्ग कानपुर से इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09465 अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 28 नवंबर से दो जनवरी तक कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी।

उत्तर भारत में मौसम बदलेगा रंग, 25 सितंबर तक चलेगी खुश्क हवाएं

चंडीगढ़ हरियाणा से मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति 25 सितंबर तक बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान प्रदेश के दिन के तापमान में वृद्धि देखने को मिलेगी। प्रदेश में 20 सितंबर तक औसतन 411.7 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 568.4 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 43 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 1116.9 एमएम दर्ज की गई है जबकि सबसे कम बारिश सिरसा में 346.6 एमएम दर्ज की गई है। हालांकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं, कई जिलों में अभी भी खेतों में बरसाती पानी भरा हुआ है, जिसके चलते फसलें खराब हो रही हैं। सरकार के आदेश पर रेवेन्यू पटवारी फील्ड में उतरे हैं और सर्वे कर रहे हैं, ताकि फसलों में हुए नुकसान का आकलन किया जा सके।   हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदनलाल खीचड़ ने बताया कि राजस्थान के ऊपर एक एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से उत्तर-पश्चिमी खुश्क हवाएं चलेंगी। इससे हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील, लेकिन खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे बीच-बीच में हल्के बादल आने की भी संभावना है। 25 सितंबर तक मौसम ऐसे ही रहेगा।   शनिवार को हरियाणा में सबसे गर्म जिला पलवल रहा, जहां 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान पानीपत के उझा क्षेत्र के आसपास रहा, जहां 32.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।उधर, हिसार, भिवानी, मेवात, जींद, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में बरसाती पानी में फसलें अभी भी डूबी हुई हैं। रेवेन्यू पटवारी खेतों में जाकर सर्वे कर रहे हैं और फसल नुकसान को पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं।  

नवरात्र पर यात्रियों को तोहफ़ा, इतवारी से कोरबा तक MEMU स्पेशल ट्रेन की सुविधा

रायपुर नवरात्र पर्व पर ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) कोरबा के मध्य नवरात्र फेस्टिवल मेमू स्पेशल ट्रेन चला रही है. 25 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलने वाली इस ट्रेन के परिचालन से उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जो डोंगरगढ़ मां बम्बलेश्वरी मंदिर व मड़वारानी मंदिर दर्शन को जाने वाले हैं. मेमू स्पेशल होने के कारण रिजर्वेशन या आरक्षित कोच की समस्या भी नहीं रहेगी.  नेताजी सुभाष चंद्र बोस-कोरबा मेमू 06883 नंबर के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन से प्रतिदिन सुबह पांच बजे रवाना होगी और 19:30 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. इसी तरह वापसी में कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेमू 06884 से कोरबा स्टेशन से प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे छूटकर 19:30 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन पहुंचेगी. इस स्पेशल ट्रेन के परिचालन से इस रेल मार्ग पर चलने वाली अन्य ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम होगा और यात्री बिना किसी परेशानी के गंतव्य तक पहुंच सकते हैं. ट्रेन का परिचालन समय भी जारी अरेलवे ने ट्रेन का परिचालन समय और जिन स्टेशनों में ट्रेन का ठहराव रहेगा, उससे संबंधित जानकारी जारी कर दी है. इसके तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन से ट्रेन 5:00 बजे छूटकर कलमना, कन्हान, सलवा, चचेर, रेव्रत, खत, भंडारारोड, कोका, तुमसर रोड, मुंडीकोटा, तिरोरा, काचेवानी, गंगाझारी स्टेशन में ठहरते हुए 7:59 बजे गोंदिया, 9:50 बजे डोंगरगढ़, 10:43 बजे राजनांदगांव पहुंचेगी. 11:40 बजे दुर्ग और भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, कुम्हारी, सरस्वती नगर स्टेशन में रुकते हुए 13:12 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन, 14:29 बजे भाटापारा, 15:50 बजे बिलासपुर पहुंचेगी. बिलासपुर से छूटने के बाद यह ट्रेन गतौरा, जयरामनगर, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, बालपुर स्टेशन में ठहरकर 17:40 बजे मड़वारानी और 19:30 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. कोरबा से 5:30 बजे छूटकर 5:54 बजे मड़वारानी, 7:55 बजे बिलासपुर और 19:30 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन पहुंचेगी.

स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी की दरों में कटौती के बारे में व्यापारियों को देंगे जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार (22 सितंबर को) भोपाल के ऐतिहासिक 'चौक बाजार में' नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार अभियान में शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे भवानी मंदिर, सोमवारा चौक पर होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जीएसटी प्रचार अभियान का स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारदीय नवरात्र की घट स्थापना अवसर पर यहां कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर शुभाशीष प्राप्त करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में ही पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी प्रतिष्ठान तक पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री बाजार में खरीददारी करने आये ग्राहकों और व्यापारियों से जीएसटी के बारे में चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यापारियों को जीएसटी रेजोल्यूशन की प्रतियां वितरित करेंगे और व्यापारियों को समझाइश देकर जीएसटी को लेकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रचार अभियान के दौरान स्वदेशी हैंडलूम्स और खादी कपड़े से बने परिधानों की खरीददारी करेंगे। साथ ही विभिन्न भुगतान माध्यमों के बारे में जानकारी देकर आमजन को डिजिटल पेमेंट प्रणाली अपनाने का संदेश भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपरान्ह 3 बजे श्री मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला पहुंचेंगे, जहां वे व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के करीब 300 प्रतिनिधियों से रूबरू होकर संवाद करेंगे। संवाद के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में कटौती किए जाने से क्रेता-विक्रेता को होने वाले लाभों की जानकारी दी जायेगी।