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24 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, रविवार से जारी होगा नया अलर्ट

लखनऊ  यूपी में मानसून एक बार फिर से लौट आया है। मौसम विभाग ने शनिवार को 24 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।  उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से माैसम ने करवट ली है। माैसम विभाग ने 25 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रुक-रुक कर कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। शुक्रवार को दक्षिणी, पूर्वी और तराई के इलाके में कहीं हल्की तो कही मध्यम बारिश देखने को मिली।  पूर्वी यूपी के जाैनपुर में सर्वाधिक 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं लखीमपुर खीरी और महराजगंज में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। माैसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रयागराज, सोनभद्र, वाराणसी, आगरा समेत प्रदेश के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 59 जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने नये वेदर सिस्टम के असर से यूपी के ज्यादातर इलाकों में अच्छी बारिश के आसार हैं। 24 व 25 अगस्त को बारिश के और जोर पकड़ने के संकेत हैं।   यहां है भारी बारिश का येला अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, लखनऊ, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में। यहां है वज्रपात की आशंका सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर आदि में।   राजधानी में आज से बढ़ेगा बारिश का जोर राजधानी में बीते दो दिनों से माैसम ने करवट ली है। बादलों की सक्रियता बढ़ने से यहां छिटपुट बूंदाबांदी का दाैर जारी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक अगले दो दिनों तक लखनऊ में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। 24 व 25 अगस्त को लखनऊ में मध्यम से भारी बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं। शुक्रवार को दोपहर में हजरतगंज, डालीबाग, गोमतीनगर, आलमबाग आदि इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं। दिन भर बादलों की आवाजाही बने रहने से उमस भरी गर्मी में कमी आई। इससे अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री की मामूली गिरावट के साथ 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।  

दिल दहला देने वाली घटना: पिता को दिखाई बेटी से मारपीट का वीडियो, मौत के बाद भाई की आत्मदाह की कोशिश

कानपुर  कानपुर में एक विवाहिता के साथ ससुरालियों ने जुल्म की इंतहा कर दी। विवाहिता के पिता को कॉल कर बेटी से मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया। पिता से यह भी कहा कि बेटी को बचा सको तो बचा लो। परेशान पिता तत्काल बेटी के ससुराल पहुंचे तो देर हो चुकी थी। बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। पिता और परिजनों ने ससुरालियों पर हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे के पास शव रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद एडीसीपी वेस्ट ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी घंटों लोग सड़क पर ही जमे रहे। पनकी थाने में तैनात होमगार्ड रामप्रसाद ने दो साल पहले अपनी बेटी पूजा की शादी बारासिरोही निवासी हिमांशु तिवारी के साथ की थी। शादी के बाद से ही प्लॉट और बुलेट की मांग को लेकर ससुरालियों ने पूजा को प्रताड़ित कर रहे थे। शुक्रवार को पूजा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। विवाहिता के परिजनों ने ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर शनिवार को केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान ससुरालियों पर कार्रवाई न होने और बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का प्रयास भी किया। एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि ससुरालियों के खिलाफ परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मौके पर परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाहिता के पिता ने बताया कि शुक्रवार को ससुरालियों ने उन्हें कॉल कर बेटी के साथ मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया था। साथ ही धमकी दी थी कि इसे बचा सको तो बचा लो। आनन-फानन में घर पहुंचे पिता को उनकी बेटी फंदे पर लटकी मिली। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या कर उसे लटकाया गया है।  

अब सहकारी बैंकों में भी क्यूआर कोड से होगा भुगतान, किसानों को खाद वितरण में बढ़ोतरी

लखनऊ  मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड से भुगतान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस बार पहले से अधिक खाद बांटी गई है। किसान सहकारी समितियों से खाद ले रहे हैं। राजधानी लखनऊ में शनिवार को सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड के जरिये भुगतान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम महात्मा गांधी मार्ग स्थित यूपी को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड में हुआ। इस मौके पर मंत्री ने किसानों को हो रही खाद समस्या से लेकर विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसान सहकारी समिति पर खाद ले रहे हैं। इस बार पहले से ज्यादा खाद बांटी गई है।  मंत्री ने आगे कहा कि समितियों की मरम्मत भी कराई जा रही है। अब तक 980 सहकारी समिति की मरम्मत की गई। सपा शासनकाल में बंद समिति को चालू किया गया है। सभी को 10 लाख की मदद की गई है। हर जगह इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है। बिजली के लिए हम लोग सोलर लाइट लगवा रहे हैं। सभी बंद समितियां खोली जा रही हैं। दूसरी जगह से भी मैन पवार का इंतजाम किया जा रहा है। 

वैध पते के अभाव में नोशनल नंबर से बने थे मतदाता, शिकायत साबित हुई गलत

उदयपुर उदयपुर जिले के गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र के बड़गांव से आई मतदाता सूची से जुड़ी शिकायत ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। जनसुनवाई के दौरान बड़गांव पंचायत प्रशासक सहित कुछ लोगों ने जिला कलेक्टर नमित मेहता को जनसुनवाई में बताया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी नाम दर्ज किए गए हैं। शिकायत में कहा गया कि एक ही मकान नंबर पर 700 से अधिक मतदाताओं के नाम अंकित हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर मेहता ने गोगुंदा के उपखंड अधिकारी एवं मतदाता पंजीकरण प्राधिकारी (ईआरओ) को त्वरित जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शिकायत तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक थी। दरअसल जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मतदाता सूची में दर्ज अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं, जो उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की जमीन पर अतिक्रमण करके बसे हुए हैं। उन्होंने अवैध रूप से कच्चे-पक्के मकान बना रखे हैं। चूंकि इन परिवारों के पास कोई वैध घर नंबर या अधिकृत पता नहीं है, इसलिए उन्हें नोशनल नंबर आवंटित कर मतदाता सूची में शामिल किया गया। यही कारण है कि सूची में एक ही मकान नंबर के अंतर्गत सैकड़ों नाम दर्ज दिखाई दिए, जिससे यह संदेह पैदा हुआ कि सूची में बोगस मतदाता जोड़े गए हैं। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बताया कि ईआरओ स्तर की जांच में यह साफ हो गया कि मतदाता सूची में फर्जी या बोगस नाम दर्ज करने का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। फिर भी एहतियातन विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना जरूरी है। स्थायी पता न होने पर नोशनल नंबर के आधार पर नाम जोड़े जाते हैं, ताकि कोई भी नागरिक मतदान अधिकार से वंचित न हो। राजस्थान में शहरी क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बसे हजारों परिवारों को किस तरह से व्यवस्थित पते और पहचान से जोड़ा जाए इस बात को लेकर विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक इनके पुनर्वास और वैध आवास की स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक प्रशासन द्वारा नोशनल नंबर प्रणाली ही व्यावहारिक विकल्प है। बहरहाल बड़गांव में एक ही मकान नंबर पर 700 मतदाताओं के दर्ज होने की शिकायत मात्र अफवाह साबित हुई। जिला प्रशासन की माने तो सभी वास्तविक लोग हैं, जिन्हें वैध मकान नंबर न होने के कारण नोशनल नंबर से सूचीबद्ध किया गया है। क्या है नोशनल नंबर? यह चुनाव आयोग की एक व्यवस्था है कि जब किसी मतदाता का स्थायी और वैध पता, मकान नंबर या वार्ड की जानकारी उपलब्ध नहीं होती या दस्तावेजों में पूरा विवरण नहीं होता, तब चुनाव आयोग उस मतदाता का नाम सूची में दर्ज करने के लिए एक अस्थायी/ काल्पनिक  नंबर अलॉट कर देता है। इसे ही नोशनल नंबर कहा जाता है।

वेटरनरी UG काउंसलिंग: NEET में 144 नंबर पाने वाले अभ्यर्थियों को भी मिलेगा प्रवेश का अवसर

 जबलपुर  वेटरनरी विश्वविद्यालय ने बैचलर आफ वेटरनरी साइंस यानी यूजी की सीटों पर प्रवेश देने के लिए पहली ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी है। बुधवार से शुरू हुई काउंसलिंग में इस बार नीट में 720 नंबर में से 144 नंबर पाने वाले सामान्य वर्ग के छात्र और छात्राओं को इस काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलेगा। ओबीसी में 127 नंबर और एसटी-एससी में 113 नंबर कटआफ रखा है। दरअसल, अभी तक मेरिट के आधार पर कटआफ नंबर अधिक रखा जाता था, लेकिन नीट के जरिए परीक्षा होने के बाद वेटरनरी कौंसिल आफ इंडिया ने सभी वेटरनरी विश्वविद्यालयों और कालेजों को नीट के न्यूनतम आहर्ता मान्य करने को कहा है। इसके बाद वेटरनरी विश्वविद्यालय ने इस बार यूजी की ऑनलाइन काउंसलिंग में कटआफ में नीट की न्यूनतम आहर्ता को रखा है। वहीं मेडिकल की पहली काउंसलिंग का इंतजार कर रहे वेटरनरी विश्वविद्यालय ने भी एमपी आनलाइन के जरिए अपनी यूजी कोर्स की काउंसलिंग शुरू तो कर दी है, लेकिन इस बार भी सेशन सितंबर के अंतिम सप्ताह या फिर अक्टूबर से ही शुरू हो सकेगा। पहले मध्य प्रदेश, फिर दूसरे राज्यों को अवसर पहले चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग में एमपी के विद्यार्थियों को फ्री सीट की काउंसलिंग में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसके बाद जो सीट खाली होगी, उसमें दूसरे राज्यों के छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं पैमेंट सीट पर मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को लिए ओपन रखी गई है। यूजी काउंसलिंग का शेड्यूल     20 से 26 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन होगा।     25 अगस्त को सीट आवंटित की जाएंगी।     27 अगस्त को मेरिट के आधार पर लिस्ट जारी होगी।     28 से 31 अगस्त तक च्वाइंस फीलिंग का अवसर होगा।     2 सितंबर को फाइनल रिजल्ट आएगी     3 से 8 सितंबर तक कालेज में दस्तावेजों की जांच करानी होगी। 8 सितंबर तक प्रवेश दिया जाएगा     वेटरनरी की यूजी सीटों पर ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी गई है। इस बार हमने नीट की न्यूनतम आहर्ता को मेरिट लिस्ट बनाकर जारी किया है। काउंसलिंग में प्रवेश लेने वाले छात्रों को आठ सितंबर तक प्रवेश दे दिया जाएगा। – प्रो.मनदीप शर्मा, कुलपति, वेटरनरी विवि जबलपुर।  

हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश, नैतिकता पर नहीं बल्कि कानून पर होगा फैसला

जबलपुर  हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हेबियस कॉर्पस) के एक मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि वयस्क युवती को शादीशुदा व्यक्ति के साथ स्वेच्छा से रहने से रोका जा सके. नैतिकता के संबंध में न्यायालय कोई निर्णय नहीं दे सकता है. वयस्क होने के कारण युवती को यह अधिकार है कि उसे किसके साथ रहना है और इस संबंध में वह स्वयं निर्णय ले सकती है. बेटी के घर छोड़ने पर दायर की थी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका नरसिंहपुर निवासी पिता की तरफ से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी. जिसमें कहा गया था कि उसकी बेटी को अनावेदकों ने बंदी बना रखा है. याचिका की सुनवाई के दौरान नरसिंहपुर पुलिस ने युवती को कोर्ट में पेश किया. पेशी के दौरान युवती ने युगलपीठ को बताया कि वह वयस्क है और वह उसी व्यक्ति के साथ रहना चाहती है. इसके कारण उसने स्वेच्छा से माता-पिता का घर छोड़कर उस व्यक्ति के साथ रहने चली गई थी. शादीशुदा व्यक्ति के साथ रह रही युवती याचिकाकर्ता की तरफ से हाईकोर्ट में तर्क दिया गया कि जिस व्यक्ति के साथ युवती रह रही है वह शादीशुदा है. इसलिए युवती को माता-पिता के साथ रहना चाहिए. इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जिस व्यक्ति के साथ युवती रहना चाहती है वह अपनी पहली पत्नी को छोड़ चुका है और तलाक लेने का प्रस्ताव रखा है. 'वयस्क युवती को निर्णय लेने का है अधिकार' हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि "वयस्क होने के कारण उसे यह अधिकार है कि वह निर्णय ले सकती है कि किस व्यक्ति के साथ उसे रहना है. उसके लिए क्या सही है और क्या गलत. वह यह खुद देख सकती है. ऐसा कोई कानून नहीं है कि उसे विवाहित व्यक्ति के साथ रहने से रोका जा सके. लेकिन यदि वह शादीशुदा व्यक्ति से विवाह करती तो यह अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसी स्थिति में शादीशुदा व्यक्ति की पत्नी दूसरी शादी के संबंध में प्रकरण दर्ज करवा सकती है." हाईकोर्ट ने डीएसपी को दिए निर्देश युगलपीठ ने कहा कि युवती ने अपने माता-पिता के साथ रहने से इंकार कर दिया है. ऐसे में युगलपीठ ने डीएसपी गोटेगांव को निर्देशित किया कि वह कॉर्पस से इस संबंध में अंडरटेकिंग ले कि वह अपनी मर्जी से उस व्यक्ति के साथ रहना चाहती है. पुलिस संबंधित व्यक्ति से भी कॉर्पस को अपने साथ रखने के संबंध में अंटरटेकिंग ले. युगलपीठ ने अपने आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया.

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक व्यवस्था सुगम और त्वरित होना जरूरी- सीएम योगी – उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा की – न्यायपालिका के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है- मुख्यमंत्री – हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा- मुख्यमंत्री – विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब न्यायिक व्यवस्था और मजबूत हो- मुख्यमंत्री – समय पर सस्ता और सुगम न्याय मिले, सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है- सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब हमारी न्यायिक व्यवस्था सुगम, त्वरित और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत और त्वरित न्यायिक व्यवस्था अनिवार्य है। सीएम योगी शनिवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में सीएम योगी ने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका को सुशासन का रक्षक बताया और कहा कि इसके सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीएम ने संघ की स्मारिका का अनावरण भी किया। इस दौरान सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा भी की। न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ एकता और दक्षता का प्रतीक- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को 'न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ' बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एकता और परस्पर सहयोग का प्रतीक है, बल्कि व्यावसायिक दक्षता और बेस्ट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने का भी मंच है। सीएम ने इस अवसर पर सभी उपस्थित न्यायमूर्तियों, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्तियों और प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत अपने संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सीएम ने कहा कि संविधान की मूल थीम ‘न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता’ इस आयोजन का आधार है। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह महाकुंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उसी तरह यह अधिवेशन न्यायिक अधिकारियों की एकता और उनकी पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करता है। देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश का गौरव है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय मौजूद है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ और लखनऊ में इसकी बेंच प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की छवि को विश्वास के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि 102 वर्षों के अपने इस इतिहास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी न्यायिक अधिकारी न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े हुए हैं बल्कि, परस्पर सहयोग, एकता और व्यावसायिक दक्षता का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने में सफल होंगे। एक वर्ष में 72 लाख मामलों का निस्तारण बड़ी उपलब्धि है- सीएम योगी  सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था समयबद्ध, सस्ती और सुलभ हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी भी 1.15 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जो एक चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने का उल्लेख किया, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आशंकाओं के बावजूद, न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें तत्परता से लागू किया, जिससे ये कानून दंड पर आधारित न होकर न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था पर केंद्रित साबित हुए। सीएम योगी ने विश्वास जताते हुए कहा कि ये कानून भारत की न्यायपालिका और लोकतंत्र को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे। सीएम योगी ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से किया उल्लेख  मुख्यमंत्री ने योगी सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के लिए आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक धनराशि स्वीकृत की है। इसमें प्रयागराज में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के आवास के लिए निर्माण 62.41 करोड़ रुपये, लखनऊ बेंच के लिए 117 करोड़ रुपये। उच्च न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए: 99 करोड़ रुपये। प्रयागराज में 896 आवासीय इकाइयों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति। वाणिज्यिक खंड के निर्माण के लिए 112.06 करोड़ रुपये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हेरिटेज भवन के रखरखाव के लिए: 44.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा, सरकार ने 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिनमें से 6 जनपदों में कार्य शुरू हो चुका है। ये परिसर जनपद न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावों, परिवार न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों को एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्ती महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 381 पॉक्सो और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कोर्ट रूम और आवासीय निर्माण के लिए 2023-24 में 148 करोड़, 2024-25 में 239 करोड़ और 2025-26 में 75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।  डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग के लिए सरकार प्रयासरत- सीएम योगी सीएम ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक … Read more

आईटी, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को लेकर जापानी उद्योगपतियों को सीएम साय का आमंत्रण

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान जापान पहुंचे हैं. अपने दौरे के दौरान उन्होंने जापानी उद्योगपतियों के संगठन जेट्रो (JETRO – Collaborate & Invest Japan) के पदाधिकारियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश पर चर्चा की. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हमने आईटी, टेक्सटाइल्स, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की अपार संभावनाओं पर चर्चा की. इस अवसर पर जेट्रो को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया. ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन इसके पहले जापान के टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए. यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है. CM साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की. NTT लिमिटेड की CEO से की मुलाकात इसके अलावा NTT लिमिटेड की CEO कायो इतो से मुलाकात कर तकनीकी और इंडस्ट्री सहयोग और निवेश पर चर्चा की. रात में CM साय भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित भोज में भी शामिल हुए. इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री साय ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया.

रेलवे की बड़ी सौगात, दिवाली-छठ पर चलेंगी 150 स्पेशल ट्रेनें, दो तरफा टिकट होगा सस्ता

भोपाल    छठ पूजा, दशहरा, दिवाली पर इस बार यात्रियों को कंफर्म सीट दिलाने के लिए भोपाल रेल मंडल के स्टेशनों से 150 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों का किराया नियमित ट्रेनों के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा रहेगा, लेकिन यदि आप दो तरफ टिकट यानी आने-जाने की बुकिंग करवाते हैं तो रेलवे आपको 20 प्रतिशत तक रियायत उपलब्ध कराएगा। यात्रियों को मिलेगी कंफर्म सीट भोपाल रेल मंडल पैसेंजर यूटिलिटी कमेटी के प्रारंभिक सर्वे में इस बार छठ पूजा, दशहरा, दिवाली सहित बाकी फेस्टिवल डेज में तीन लाख यात्रियों की आवाजाही का आंकलन किया गया है। रेलवे ने दावा किया है कि नियमित ट्रेनों में नोरूम और वेटिंग के बावजूद स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म सीट मिलेगी। नियमित गाड़ियां ● फैस्टिवल सीजन के नजदीक आते ही नियमित यात्री ट्रेनों में स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी तक सभी क्लास में सीटें भर चुकी हैं। ● उत्तर भारत की ओर भीड़ -पंजाब मेल, सीएसएमटी -अमृतसर एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 18 और 19 अक्टूबर को भारी भीड़ है। ● इन ट्रेनों में यात्रियों की बुकिंग की संख्या लगातार बढ़ रही है।

खूंखार अपराधी का अंतः पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 1 लाख का इनामी

लखनऊ यूपी एसटीएफ ने एक लाख के इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया को मुठभेड़ में मार गिराया है. इसके पहले खूंखार बदमाश ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी. जवाबी कार्रवाई में वह वहीं ढेर हो गया. पुलिस को मौके से एक कार्बाइन, नाइन एमएम की पिस्टल, एक खुखरी और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं. शंकर पर लूट और हत्या जैसी संगीन वारदातों के मामले चल रहे थे. शंंकर 2011 से फरार चल रहा था, जिसने सिर काटकर हत्या की थी. बता दें कि आतंक का पर्याय बने आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र स्थित हाजीपुर गांव निवासी कुख्यात बदमाश शंकर कन्नौजिया पुत्र लालचन्द्र कन्नौजिया की तलाश में रौनापार सहित जिले के थानों की पुलिस जुटी हुई थी, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था. इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आलाधिकारियों ने शंकर कनौजिया पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. ऐसे में शनिवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि खूंखार इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र में अपने कुछ साथियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में मंडरा रहा है. मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसटीएफ टीम और स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए जैसे ही घेराबंदी की वैसे ही इनामी बदमाश शंकर ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिससे गोली लगने से शंकर कन्नौजिया जख्मी होकर गिर पड़ा. उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.