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मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सुरक्षा संदेश, हेलमेट पहनकर छात्रों को किया जागरूक

हेलमेट पहनकर स्टूडेंट्स को CM डॉ. यादव ने दिया सुरक्षा का पाठ, रोड सेफ्टी पर दिया जोर स्कूल के टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का रखें ध्यान : स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री सिंह भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आहवान किया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूटी वितरण से लाभान्वित टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम में हेलमेट पहन कर स्कूटी पर सवारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलमेट पहन कर विद्यार्थी को यह संदेश भी दिया कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है। यातायात नियमों का रखे ख्याल स्कूल एवं परिवहन मंत्री सिंह ने हितग्राही विद्यार्थियों से सुरक्षा के लिये यातायात नियमों का पालन करने का आहवान किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूटी चलाते वक्त हेलमेट अनिवार्य रूप से पहने और पीछे बैठने वालो को भी दोनों हेलमेट पहनें के लिये कहें। ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन का पालन जरूर करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, मोबाइल का उपयोग दुर्घटना का कारण बनता है। सड़‍क पर मुड़ने से पहले इंडिकेटर अवश्य दें और हॉर्न का अनावश्यक प्रयोग न करें। गलत दिशा में न चलें और ओवरटेक से बचें। वाहन की नियमित जाँच करें। ब्रेकलाइट, टायर और अन्य उपकरण सही हालत में रखें। दो पहिया वाहनों पर दो से ज्यादा लोग न बैठें। परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग ने 16 वर्ष से 18 वर्ष तक की उम्र में 50 सीसी से कम इंजन वाली गेयरलेस वाहन के लिये, 16 साल की उम्र में लर्नर लायसेंस ओर 18 साल पूरे होने पर गियर वाले लाइट मोटर व्हीकल के लिये स्थायी ड्रायविंग लायसेंस दिये जाने का प्रावधान है। लर्नर लायसेंस जारी होने के 30 दिन बाद 180 दिन के भीतर ड्रायविंग टेस्ट देना अनिवार्य किया गया है। पिछले 3 वर्षों में 23 हजार 454 टॉपर्स को दी गई स्कूटी प्रदेश में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिये राज्य सरकार ने 3 वर्ष पहले नि:शुल्क स्कूटी प्रदाय योजना शुरू की थी। इस योजना में अब तक सरकारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में 23 हजार 454 टॉपर विद्यार्थियों को 246 करोड़ 58 लाख रूपये की राशि व्यय कर स्कूटी प्रदान की गई है। टॉपर्स द्वारा चयन की गई पेट्रोल स्कूटी पर 90 हजार और इलेक्ट्रिकल व्हीकल चयन करने पर एक लाख 20 हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। इस राशि में रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और हेलमेट की सुविधा भी शामिल है।  

AI वीडियो विवाद: मोदी की मां पर भड़की बीजेपी, विपक्षी दलों पर कसा तंज

पटना  बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस के मंच से पीएम मोदी को मां की गाली देने का विवाद अभी तक थमा नहीं है, इस बीच बिहार कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पोस्ट किए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के किरदार वाले एआई वाले वीडियो पर सियासी घमासान छिड़ गया है। जिस पर बीजेपी अब कांग्रेस पर भड़क गई है। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ट्वीट करते हुए इसे पीएम मोदी की मां का अपमान बताया है। उन्होने पोस्ट में लिखा की कांग्रेस पार्टी ने निकृष्टता की हद पार कर दी है। कांग्रेस अब AI तकनीक का दुरुपयोग कर माननीय प्रधानमंत्री की माताजी का अपमान कर रही है। यह मानसिक दिवालियापन और कांग्रेस की गिरी हुई सोच का सबूत है। यह देश की हर मातृशक्ति का अपमान है। मोदी जी की माताजी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस का गिरा हुआ स्तर दिखाता है कि उनके लिए कोई संस्कार मायने नहीं रखते हैं। लेकिन याद रखें, बिहार की धरती मां का अपमान करने वालों को कभी माफ नहीं करती है। वहीं इस मामले पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बिहार कांग्रेस के द्वारा एआई जेनरेटेड वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता के अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और आरजेडी ने फैसला कर लिया है, कि हम नहीं सुधरेंगे। लेकिन, मैं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को बता देना चाहता हूं कि बिहार की जनता ने पहले भी आपको सुधारा है, और इस बार भी आपको सुधारने जा रही है। नित्यानंद राय आरोप लगाया कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के कहने पर प्रधानमंत्री और उनकी माता को बार-बार अपमानित किया जा रहा है। आपको बता दें बिहार कांग्रेस की ओर पोस्ट किए गए एनआई वीडियो का शीर्षक साहब के सपनों में आई 'मां' है। जिसमें दिखाया गया है कि पीएम मोदी के सपने में आईं उनकी मां उन्हें डांटते हुए कहती हैं। "अरे बेटा, पहले तो तुमने हमें नोटबंदी की लंबी लाइनों में खड़ा किया, तुमने मेरे पैर धोने का रील बनवाया और बिहार में अब मेरे नाम पर राजनीति कर रहे हो। तुम मेरे अपमान के बैनर-पोस्टर छपवा रहे हो। तुम फिर से बिहार में नौटंकी करने की कोशिश कर रहे हो। राजनीति के नाम पर कितना गिरोगे?" इस संवाद के बाद पीएम मोदी की नींद टूट जाती है। कांग्रेस के इसी वीडियो को लेकर बीजेपी हमलावर है। दिल्ली से लेकर बिहार तक भाजपा नेता कांग्रेस पर पीएम मोदी की मां के अपमान का आरोप लगा रहे हैं।  

छत्तीसगढ़ बाढ़ में सीएम मोहन की मानवीय पहल, राहत सामग्री बालाघाट से रवाना

भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के बाढ़ पीड़ितों के लिए मानवीय पहल की है। बालाघाट से दो ट्रक राहत सामग्री रवाना की गई है। इससे पहले सीएम ने पांच करोड़ रुपये की सहायता भी दी थी। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने पड़ोसी छत्तीसगढ़ राज्‍य में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मानवीय पहल की है। बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद के लिए बालाघाट से राहत सामग्री लेकर 02 ट्रक छत्तीसगढ़ के रायपुर के लिए रवाना किये गए है। बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद भारती पारधी ने राहत सामग्री को झंडी दिखाकर बालाघाट से रायपुर के लिए रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्‍टर मृणाल मीना समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री से भरे 02 ट्रक रवाना किये गए है। इनमें बर्तन, कपड़े, चादर, कम्‍बल और राशन सामग्री शामिल है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 100 क्विंटल चावल, 10 क्विंटल दाल, 15 क्विंटल नमक, 1500 कम्‍बल, 02 हजार चादर और 950 बर्तन सेट मध्‍यप्रदेश की ओर से छत्तीसगढ़ भेजे गए है। मध्‍यप्रदेश की ओर से उपलब्‍ध करायी गई यह मदद छत्तीसगढ़ के बाढ़ पीड़ितों के लिए मुश्किल वक्‍त में सहारा बनेगी।

महिला ने उठाया शिवलिंग का मामला, HC में जज ने किया चौंकाने वाला सवाल

पंजाब  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हिंदू धार्मिक प्रतीक शिवलिंग के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया। याचिका में एक निजी कंपनी द्वारा शिवलिंग को ट्रेडमार्क के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजिव बेरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में अत्यधिक संवेदनशील हो रही हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान कहा, “आप इन चीजों को लेकर इतने संवेदनशील क्यों हो रही हैं? मैंने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। यह सालों से चल रहा है। अचानक यह धार्मिक भावनाओं का उफान क्यों? आप जरूरत से जायादा संवेदनशील हो रही हैं।” याचिकाकर्ता मेघना खुल्लर ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि शिवलिंग जैसे पवित्र प्रतीक का व्यावसायिक उपयोग धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और इसे रोकने के लिए हस्तक्षेप होना चाहिए। इसपर कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए पहले से ही अपील मंच और कानूनी प्रक्रिया मौजूद है। कोर्ट ने कहा, “इन ब्रांड्स के लोगो होते हैं, जिन्हें अलग-अलग कानूनों के तहत सुरक्षा मिली होती है। आपको वहीं जाना चाहिए। कोर्ट नहीं आना चाहिए।” एएसजी सत्य पाल जैन ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार पहले ही याचिकाकर्ता से कथित व्यावसायिक उपयोग की जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। कोर्ट ने पाया कि शिकायत पहले से ही संबंधित अधिकारियों के पास लंबित है और उस पर कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में यह कोर्ट उस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहेगा। इस आधार पर याचिका खारिज की जाती है।” हालांकि, हाईकोर्ट ने शिकायत का हल नहीं निकलने की स्थिति में याचिकाकर्ता को पुनः कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दी है।  

थाईबॉक्सिंग राष्ट्रीय स्पर्घा विजेता खिलाड़ियों को मंत्री लखन लाल देवांगन जी ने दिये आशीर्वाद

वाराणसी  6वी राष्ट्रीय थाईबॉक्सिंग स्पर्धा 2025 वाराणसी मे आयोजित हुआ था जिसमें  छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने 106  पदकप्राप्त करके दूसरा स्थान प्राप्त किया । छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष दीपक प्रसाद के नेतृत्व में  टीम गई थी जिसने  निर्णायक के रूप में छत्तीसगढ़ थाईबॉक्सिंग संघ के सचिव राजेश कुमार ने अपना योगदान दिया एवम् कोच के रूप में। महेश देवांगन  और टीम मैनेजर के तौर पर रवींद्र कुमार साहू जी ने अपना योगदान प्रदान किया  । जिसमें रायपुर जिला के शिवोम विद्यापीठ स्कूल के ऊर्जा भगत, नमन जैन, अनंत आहार, ओम शर्मा, आयुष गंधर्व  और निर्वेद कश्यप का स्वर्ण पदक , भूमि अग्रवाल, अंश हरिनखेड़े, यजत सोनी, और  कपिल नारायण को रजत पदक , संजोली ठाकुर, वेन्या देवांगन, वर्षा देवांगन, कुणाल साहू, किशन सिंह, आशीष लिल्हारे  और आयुष सिंह को कांस्य पदक मिला ! सभी खिलाड़ियों को उद्योग एवं श्रम मंत्री माननीय लखनलाल देवांगन जी ने अपने रायपुर   इस्तिथ निवास पर खिलाड़ियों को आशीर्वाद दिया एवं उज्जवल भविष्य  की कामना की !

श्री अयोध्या धाम में स्वामी हर्याचार्य जी महाराज की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

– बोले योगी, सनातन धर्मावलम्बियों के लिए स्वर्ग भी तुच्छ, हम मोक्ष की कामना से करते हैं लोककल्याण के कार्य  – हर सनातनी का हो यही प्रण, धार्मिक प्रतीकों के साथ ही राष्ट्रीय प्रतीकों का भी हो सम्मान : योगी आदित्यनाथ  – सभी पूज्य संतों की यही थी अंतिम आशा, अयोध्या में बने भव्य श्रीराममंदिर : मुख्यमंत्री  – राम, कृष्ण, विश्वनाथ, गौ, गंगा, यमुना, सरयू हमारी आस्था के प्रतीक : योगी आदित्यनाथ – बर्बर विदेशी आक्रांताओं ने जिन धर्मस्थलों को किया था अपवित्र, अब उनका ससम्मान पुनर्प्रतिष्ठा होनी चाहिए : सीएम योगी अयोध्या श्री अयोध्या धाम में पूज्य स्वामी हर्याचार्य जी महाराज की 17वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामिल होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें अयोध्या की पावन धरा को नमन करने का सौभाग्य मिल रहा है। अभी हाल ही में मॉरिशस के प्रधानमंत्री अयोध्या आए थे और उन्होंने पूछा कि कितने वर्ष बाद राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। मैंने उन्हें बताया कि 500 वर्ष बाद। 500 वर्षों तक संतों और भक्तों ने संघर्ष किया और आज वह सपना साकार हुआ। संतों के बलिदान का किया स्मरण मुख्यमंत्री ने अयोध्या आंदोलन में संतों के योगदान को याद करते हुए कहा कि जिन्होंने अपने जीवन, स्वास्थ्य और सुख की परवाह किए बिना सिर्फ एक ध्येय बनाया, “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे”, उन्हीं संतों की साधना और तप का परिणाम है कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य स्वामी हर्याचार्य जी महाराज का सानिध्य उन्हें कई अवसरों पर मिला। उनमें श्रीराम जन्मभूमि के लिए एक अदम्य जज्बा था और सनातन धर्म की एकता के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। संतों की इच्छाओं का जिक्र योगी आदित्यनाथ ने परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज और अन्य संतों की उन इच्छाओं का भी स्मरण किया, जिनकी एकमात्र कामना यही थी कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। उन्होंने बताया कि उनके पूज्य गुरुदेव भी अपने अंतिम समय में इसी विषय पर चिंतित रहते थे और यही कहते थे कि अयोध्या में रामलला विराजमान हों। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा या वो सभी धर्मस्थल जिन्हें गुलामी के कालखंड में बर्बर विदेशी आक्रांताओं ने अपवित्र किया था, अब उनका ससम्मान पुनर्प्रतिष्ठा होनी चाहिए। सनातन धर्म और राष्ट्रीय प्रतीक अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय जीवन में जिस प्रकार राष्ट्रीय प्रतीकों का महत्व है, उसी प्रकार धार्मिक जीवन में आस्था के प्रतीकों का महत्व है। अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे धर्मस्थलों की पुनर्प्रतिष्ठा सनातन धर्म का संकल्प है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी का यह प्रण होना चाहिए कि यदि हम अपने धार्मिक प्रतीकों का सम्मान कर रहे हैं तो हमें तिरंगे और संविधान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का भी सम्मान करना होगा। हमारे सैनिकों के प्रति श्रद्धा का भाव ही सच्चे सनातनी की पहचान है। सनातन धर्म की विशेषता मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म का सार यही है कि जिसने उपकार किया उसके प्रति आभार प्रकट करना। गंगा, गौ, राम, कृष्ण, विश्वनाथ, गंगा-यमुना-सरयू हमारे प्रतीक हैं। सनातन धर्मावलंबियों ने जीवन के रहस्यों को गहराई से समझा है। हमने स्वर्ग को तुच्छ माना और मोक्ष को सर्वोच्च लक्ष्य माना। यही सन्यासियों और योगियों की पहचान है कि वे अपने व्यक्तिगत मोक्ष के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में स्वामी हर्याचार्य जी महाराज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका सानिध्य लंबे समय तक समाज को मार्गदर्शन देता रहेगा। इस अवसर पर अनेक संतजन, महंत और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्रीमद्जगद्गुरू रामानंदाचार्य पूज्य स्वामी रामदेवेषाचार्य जी महाराज, दशरथ गद्दी के पूज्य महंत देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज, राजकुमार दास जी महाराज, बुंदेलखंड के महंत अर्पितदास जी महाराज, जनार्दनदास जी महाराज, कृपालुदास जी महाराज, गिरीशदास जी महाराज, रामलखनदास जी महाराज, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता सहित अत्यधिक संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।

संतों से भेंट कर दिगंबर अखाड़ा परंपरा को बताया संस्कृति की धरोहर, श्रद्धालुओं में दौरे को लेकर दिखी प्रसन्नता

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने दिगंबर अखाड़े के पीठाधीश्वर महंत सुरेश दास महाराज का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने महंत श्री के स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं देते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दिगंबर अखाड़े पहुंचने पर मुख्यमंत्री का संतों और अखाड़ा परिवार ने पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत सुरेश दास जी का आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार सभी के लिए सुखद संदेश है। मुख्यमंत्री ने अखाड़े में मौजूद संतों से भी भेंट की और संत परंपरा की निरंतरता को समाज की ऊर्जा और संस्कृति की धरोहर बताया।मुख्यमंत्री के इस दौरे से श्रद्धालुओं और संत समुदाय में प्रसन्नता का माहौल देखा गया।

अखिलेश यादव ने अयोध्या हार पर जताया दुख, कहा- देश में पैदा हो सकती है अस्थिरता

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारत में नेपाल जैसी स्थिति पैदा होने की बात कही। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया और कहा कि जो पड़ोस में जो जनता करती दिख रही है, हो सकता है कि वह यहां भी करती दिखाई देगी। यही नहीं उनका कहना था कि अयोध्या के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत के पीछे भी धांधली थी। अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या के चुनाव में 5000 लोग बाहर से लाए गए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है कि वोट चोरी न हो। पूरा देश जानता है कि इन्होंने रिवाल्वर निकाल कर वोट डाला गया था। उन्होंने कहा कि कुंदरकी के चुनाव में 77 फीसदी मतदान हुआ। अयोध्या के चुनाव में बाहर से लोग लाए गए। यहां वोट की डकैती हो रही है। नेपाल की तरह ही हो सकता है कि जनता सड़कों पर दिखाई दे। सिख समुदाय के एक डेलिगेशन से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब में बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है, हमारी मांग है कि नुकसान की पूरी तरह भरपाई हो। विकास परियोजनाओं के लिए पहले पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि पंचायती राज में 60 प्रतिशत कमीशन चल रहा है। एक बात साफ है- 2027 में आ रही है सपा, हमारी सरकार होगी अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अंदरूनी लड़ाई चल रही है, भ्रष्टाचार पीक पर है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को स्मार्ट सिटी में तीन नंबर पर पहुंचाने वाली एजेंसी पर एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जाएगी, तभी क्राइम जाएगा। उन्होंने कहा कि इस राज्य में किडनैपिंग बढ़ी है और क्राइम बढ़ा है। अखिलेश यादव ने कहा कि एक बात मैं कहने जा रहा हूं कि 2027 में सपा की सरकार आएगी। हम लोग सरकार बनाएंगे। 'हिरासत में मौतों का यूपी में बन रहा रिकॉर्ड' अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में हिरासत में मौतों का रिकॉर्ड बना रहा है। अब तक दूसरे लोग मारे जा रहे थे, अब उन्हें पता लग रहा होगा कि किसी अपने को खोने का दुख क्या होता है। उन्होंने गाजीपुर के सीताराम उपाध्याय की थाने में हुई पिटाई से मौत के प्रकरण की बात करते हुए कहा कि इसकी खुलकर निंदा होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि आखिर इन घटनाओं के पीछे कौन है। उन्होंने कहा कि आज एक और किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री आवास पर ज़हर खा लिया। यूपी के सीएम हाउस में जहर खाने का रिकॉर्ड बन रहा है। पंजाबी में लॉन्च हुआ अखिलेश यादव के लिए गाना इस दौरान अखिलेश यादव ने किसान आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को सम्मानित किया। यही नहीं एक पंजाबी गीत भी अखिलेश यादव के लिए लॉन्च किया गया। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस गाने को 2027 में चलाना है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर सिखों के हितों का पूरा ख्याल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेता जी ने भी सरकार में इस समुदाय से कैबिनेट मंत्री बनाया था।  

CM मोहन का बहनों को तोहफा: लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त में 1.26 करोड़ खातों में पहुँचे ₹1541 करोड़

पेटलावद मध्य प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार, 12 सितंबर को झाबुआ जिले के पेटलावद से लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त जारी कर दी है। इस बार योजना के तहत 1.26 करोड़ महिला लाभार्थियों के खातों में 1541 करोड़ रुपए से ज्यादा भेजे गए हैं।  पेंशनधारियों को भी राहत महिला लाभार्थियों के साथ ही मुख्यमंत्री ने 53.48 लाख से ज्यादा पेंशनधारियों (pensioners) के खातों में भी 320.89 करोड़ रुपए की राशि डाली। इस कदम से बुजुर्गों और पेंशन पाने वालों की जिंदगी में आर्थिक राहत की उम्मीद जगी है। गृहिणियों को मिला सिलेंडर रीफिल सहयोग कार्यक्रम में 31 लाख से ज्यादा महिलाओं को गैस सिलेंडर (gas cylinder) रीफिलिंग के लिए 48 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। यह मदद खासतौर पर गृहिणियों (housewives) को मिलेगी, जो महंगे सिलेंडर खर्च से परेशान रहती हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 345.34 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों (development works) का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इसमें सड़क (roads), शिक्षा (education), स्वास्थ्य (health) और पेयजल (drinking water) जैसी जरूरी सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। दीपावली के बाद से मिलेंगे 1500 मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि दीपावली के बाद से हर महिला को 1500 रुपए  दिए जाएंगे। यह राशि 2028 तक बढ़कर 3000 रुपए हो जाएगी, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने में मदद करेगी। लाड़ली बहना योजना की विशेषताएं     लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को सीधे बैंक खाते में सहायता राशि भेजी जाती है। इस बार 12 सितंबर को योजना की किस्त जारी की गई, जो आमतौर पर 10-11 तारीख को दी जाती थी। ऐसे में इस बार की राशि के आने में एक दिन का विलम्ब देखने को मिला है। एमपी लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त पर एक नजर…     सीएम मोहन यादव ने 12 सितंबर को झाबुआ जिले के पेटलावद से लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त जारी की। इसमें 1.26 करोड़ महिलाओं के खातों में 1541 करोड़ रुपए भेजे गए।     31 लाख से अधिक महिलाओं को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 48 करोड़ रुपए जारी किए गए।     दीपावली के बाद हर महिला को 1500 रुपए दिए जाएंगे, जो 2028 तक बढ़कर 3000 रुपए हो जाएंगे।     लाड़ली बहना योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलता है, जो मध्य प्रदेश की निवासी हों और जिनके परिवार में आयकर दाता या सरकारी कर्मचारी न हों। पात्रता और आवेदन प्रक्रिया लाड़ली बहना योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलता है, जो मध्य प्रदेश की निवासी हों और जिनके परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता न हो या सरकारी कर्मचारी न हो। योजना का लाभ विवाहित, तलाकशुदा, या विधवा महिलाओं को मिलता है। अगर किसी महिला को योजना से संबंधित कोई समस्या हो या सहायता राशि न मिल रही हो, तो वह 0755 2700800 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकती है। इसके अलावा, वे लाडली बहना योजना के ऑफिशियल पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर भी जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। लाडली बहना योजना: कब म‍िलेंगे 1500 रुपये मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 28वीं क‍िस्‍त का पैसा 1.26 करोड़ मह‍िलाओं के खाते में ट्रांसफर कर द‍िया गया है। मुख्‍यमंत्री डॉक्‍टर मोहन यादव ने झाबुआ के पेटलावद से मह‍िलाओं के खाते में 1541 करोड़ रुपये ट्रांसफर क‍िए। इस दौरान उन्‍होंने फ‍िर से दोहराया कि‍ भैया दूज के बाद मह‍िलाओं के खाते में 1500 रुपये आने लगेंगे। हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाने की योजना गरीब व जरूरतमंद लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के समय बड़े शहर के अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत हेलिकॉप्टर से मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाएगा। इसका पूरा खर्च सरकार उठाती है। कब मिलेंगे 1500, कैसे पहुंचेंगे 3000, सीएम ने खुद बताया     दिवाली के बाद भाई दूज के तुरंत बाद से हर महीने मिलेंगे 1500 रुपये     2026 से महिलाओं को 2000 रुपये महीना मिलेंगे     2027 से लाडली बहनों को 2500 रुपये मिलना शुरू हो जाएगा     2028 से लाडली बहनों की राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया जाएगा LPG गैस रिफिल का पैसा भी ट्रांसफर लाडली बहना योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अलावा 31 लाख से अधिक बहनों को एलपीजी सिलेंडर रीफिलिंग की 48 करोड़ रुपये भी भेज दिए गए हैं। झाबुआ जिले के पेटलावद में 345.34 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। पेंशनधारकों के खाते में भी पहुंचा पैसा लाडली बहना योजना के अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 53.48 लाख लाभार्थियों के खाते में 320.89 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। प्रदेश में बुजुर्गों, दिव्यांगों व महिलाओं के लिए कई तरह की पेंशन योजना चलाई जा रही हैं। लाडली बहना की 28वीं क‍िस्‍त ट्रांंसफर, ऐसे चेक करें स्‍टेटस मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 28वीं क‍िस्‍त जारी कर दी गई है। अगर आपके मोबाइल पर मैसेज नहीं आया है तो ऑफ‍िश‍ियल पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाकर आवेदन एवं भुगतान की स्‍थ‍ित‍ि पर जाकर चेक कर सकते हैं। लाडली बहना योजना की 28वीं क‍िस्‍त जारी, चेक करें मोबाइल लाडली बहना योजना की 28वीं क‍िस्‍त का पैसा ट्रांसफर कर द‍िया गया है। मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने स‍िंगल क्‍ल‍िक के माध्‍यम से 1541 करोड़ रुपये मह‍िलाओं के खाते में भेज द‍िए हैं। Ladli Behna Yojana: 25 मार्च से शुरू हुए थे फॉर्म भरना लाडली बहना योजना की शुरुआत 25 मार्च, 2023 से हुई थी। इसके बाद बहुत सारे नाम योजना से हटाए भी गए। वर्तमान में 1.26 करोड़ महिलाओं को इस योजना का पैसा मिल रहा है। हालांकि 2023 से ही नए रजिस्ट्रेशन बंद पड़े हैं। लाडली बहना योजना: अंतिम सूची में नाम है या नहीं, ऐसे चेक करें लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा किसी भी समय खाते में आने वाले हैं। आपका नाम अंतिम सूची में है या हट गया है, इसका पता आप ऑनलाइन कर सकते हैं। ऑफिशियल पोर्टल पर आपको अंतिम सूची के टैब पर क्लिक करना होगा। … Read more

रामलला की शरण में मॉरीशस सरकार, प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चंद्र रामगुलाम का भव्य स्वागत

श्रीरामलला के दरबार में प्रधानमंत्री रामगुलाम ने टेका मत्था रामलला की शरण में मॉरीशस सरकार, प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चंद्र रामगुलाम का भव्य स्वागत  एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया अभिनंदन, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक कार्यक्रमों से गूंजी अयोध्या  भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर  रामलला की आरती उतारी, मंदिर निर्माण कार्यों का किया अवलोकन अयोध्या  प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या शुक्रवार को एक विशेष अवसर की साक्षी बनी, जब मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चंद्र रामगुलाम अपनी पत्नी वीना रामगुलाम और करीब 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां पहुंचे। प्रधानमंत्री रामगुलाम ने सबसे पहले भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में पत्नी के साथ विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर लोककल्याण की कामना की। वह भूटान के प्रधानमंत्री के बाद दूसरे राष्ट्राध्यक्ष बने, जिन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए। दोपहर करीब 12 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री अपनी पत्नी वीना रामगुलाम और 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी बने स्वागत-अभिनंदन के सूत्रधार एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया। योगी ने फूलों का गुलदस्ता और स्मृति चिह्न भेंट कर ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा निभाई। एयरपोर्ट परिसर में रेड कार्पेट बिछाकर, मंत्रोच्चारण और पारंपरिक कलश-आरती से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और शंखनाद की गूंज ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। रामलला के दरबार में भावविभोर प्रधानमंत्री एयरपोर्ट से निकलने के बाद प्रधानमंत्री का काफिला भारी सुरक्षा घेरे के बीच सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचा। वहां उन्होंने पत्नी के साथ रामलला की आरती उतारी और लंबे समय तक प्रभु का दर्शन करते रहे। शीश नवाकर भगवान राम से दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का आशीर्वाद मांगा। करीब आधा घंटे तक परिसर में रहकर उन्होंने मंदिर निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान कई बार उनके मुख से “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंजे। पीएम का आगमन सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। वहीं, प्रधानमंत्री डॉ. रामगुलाम ने भी अयोध्या की पवित्र धरती पर आने पर अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और भगवान राम के प्रति आस्था प्रकट की। राम मंदिर परिसर में हुआ विशेष आयोजन राम मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चंद्र रामगुलाम और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए टाटा कंपनी की ओर से मंदिर निर्माण से जुड़ी एक विशेष लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। करीब दो मिनट की इस प्रस्तुति में मंदिर की भव्यता, शिल्पकला और निर्माण की अद्भुत झलक दिखाई गई। फिल्म की जानकारी और विवरण सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने विस्तार से प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं प्रधानमंत्री को राम मंदिर का मॉडल भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, प्रधानमंत्री की पत्नी वीना रामगुलाम को अंगवस्त्र विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस क्षण ने पूरे माहौल को और अधिक गरिमामय बना दिया। भारत-मॉरीशस संबंधों की पृष्ठभूमि भारत और मॉरीशस के बीच संबंध सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गहराई से जुड़े हुए हैं। मॉरीशस की आबादी का बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का है और वहां रामायण, भगवान राम और भारतीय परंपराओं के प्रति विशेष आस्था देखी जाती है। मॉरीशस के त्योहार, साहित्य और सांस्कृतिक जीवन में रामकथा आज भी जीवंत है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री रामगुलाम का यह अयोध्या दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। एयरपोर्ट पर अतिथि देवो भव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद प्रधानमंत्री का स्वागत किया, रेड कार्पेट, तिलक, पुष्पवर्षा और पारंपरिक आरती से हुआ अभिनंदन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व ढोल-नगाड़ों ने माहौल को सजा दिया था। वहीं प्रधानमंत्री रामगुलाम भी अपने स्वागत से भावविभोर होकर इसे अविस्मरणीय बताया। तगड़ी रही सुरक्षा व्यवस्था अयोध्या में प्रधानमंत्री के आगमन पर तगड़े सुरक्षा इंतजाम। एयरपोर्ट से लेकर मंदिर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सुरक्षा बल तैनात, सीसीटीवी से पूरे मार्ग की निगरानी। मंदिर परिसर में पुलिस बल और एटीएस की टीमों ने कमान संभाल रखी थी।