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अब विंध्याचल नहीं, ‘विंध्याचल धाम’ रेलवे स्टेशन… योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार ने विंध्याचल रेलवे स्टेशन के नाम को बदल दिया है। अब ये रेलवे स्टेशन विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाएगा। सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रदेश सरकार के अनुरोध पर नाम बदलने को मंजूरी दे दी। प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि डीएम पवन कुमार गंगवार को इस आशय का पत्र भेजा है। विंध्याचल स्टेशन का नाम परिवर्तित कर दिए जाने से विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों के साथ ही जिले के अन्य लोगों ने भी प्रदेश सरकार व राज्यपाल के प्रति आभार जताया है। विंध्याचल स्टेशन का नाम बदल कर विंध्यधाम रेलवे स्टेशन किए जाने की लंबे अर्से से विंध्याचल और जिले के लोग कर रहे थे। विधायक रत्नाकर मिश्र ने स्थानीय लोगों की इन मांगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय निवासियों और जिले के लोगों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से बात की। जिसके बाद राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने बीते 29 अगस्त को विंध्याचल रेलवे स्टेशन का नाम विंध्यधाम रेलवे स्टेशन करने की अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सोमवार को इस आशय का पत्र डीएम पवन कुमार गंगवार को भेजा है। साथ ही रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित किए जाने के संबंध में केंद्र सरकार व रेलवे बोर्ड को भी पत्र भेज दिया गया है। जलालाबाद का नाम बदलकर पशुरामपुरी हुआ इससे पहले योगी सरकार ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी कर दिया था। सालों से इस स्थान के बदलने की मांग हो रही थी। जानकारी के मुताबिक भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की जन्म स्थली जलालाबाद है।

मूंग और उड़द की खरीद में बड़ा घोटाला, जबलपुर में 1.75 करोड़ की हेराफेरी उजागर

जबलपुर  उड़द-मूंग उपार्जन कार्य में पौने दो करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा हुआ है। फर्जीवाड़े के आरोप में समिति प्रबंधक और वेयर हाउस संचालक सहित दस व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। फर्जी किसानों के नाम पर खरीदी दर्शाकर पूरा घालमेल किया गया है। शिकायत पर एफआईआर दर्ज एएसपी ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि कार्यालय उपसंचालक किसान कल्याण और कृषि विकास के सहायक संचालक रवि कुमार आम्रवंशी ने लिखित शिकायत दी थी। जिसमें बताया गया था कि वे जिले में संचालित समस्त उपार्जन समितियों द्वारा मूंग, उड़द उपार्जन के नोडल अधिकारी के सहायक के रूप में कार्यरत हैं। उपार्जन नीति के परिपालन में कार्यालय कलेक्टर जबलपुर के आदेश द्वारा सेवा सहकारी संस्था 6 बसेड़ी का गोदाम स्त्रीय उपार्जन केन्द्र (5833041) एमएलटी वेयर हाउस मजीठा में स्थापित किया गया था। कम मिले मूंग और उड़द बसेड़ी के गोदाम स्तरीय उपार्जन एमएलटी वेयरहाउस में मूंग 3231 बोरी (1615.5 क्विं.) एवं उड़द 652 बोरी (326 क्विं.) कम पाया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर जांच दल गठित किया गया था। जांच में पाया गया कि मूंग एवं उड़द में कुल स्टाक में 2187 क्विंटल की कमी है, जिसका मूल्य 18663188 रुपए है। जांच में कुल 23 किसानों की 1003 क्विंटल खरीदी गयी। मूंग और 5 किसानों की 125.50 क्विंटल खरीदी की उड़द की। ऑनलाइन एंट्री संदिग्ध पाई गई। किसानों के नाम पर फर्जी खरीदी गई भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत जिला जबलपुर द्वारा ग्राम पथरिया के 13 किसानों की सूची प्रदान की गई है, जिनके नाम पर फर्जी खरीदी दर्ज की गई है। उनके नाम पर फर्जी पंजीयन कराकर अन्य किसानों के खसरे जोड़कर कुल 561.50 क्विंटल मूंग की फर्जी तरीके से ऑनलाइन एंट्री की गई है। कम्पयूटर ऑपरेटर ने मिलान नहीं किया ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द उपार्जन नीति 2025-26 अनुसार उपार्जन समिति प्रबंधक कमल सिंह ठाकुर निवासी ग्राम बेलखेड़ी बेलखेड़ा द्वारा प्रतिदिन किसानों से मूंग एवं उड़द का उपार्जन उपरांत स्कंध का सुरक्षित, व्यवस्थित भंडारण नहीं कराया जाना पाया गया। इतना ही नहीं लेखा मिलान न करते हुए कम्पयूटर ऑपरेटर के माध्यम से सीधे ऑनलाइन फीडिंग कराना, निर्धारित समयावधि तक खरीदी न किया जाना भी सामने आया। इसके अलावा आरोपियों ने किसानों को न तो तौल पर्ची जारी की और न ही उपार्जन नीति का पालन किया। किसानों एवं प्रशासन को आर्थिक क्षति पहुंचाते हुए आरोपियों ने अवैध लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से मूंग की 1934 क्विंटल की राशि 16790988/-रुपए एवं उड़द की 253 क्विंटल मात्रा जिसकी राशि 1872200/-रुपए कुल मूंग एवं उड़द में 2187 क्विंटल कुल राशि 18663188/-रुपए की छलपूर्वक कूट रचना करने व कूट रचित दस्तावेजों का प्रयोग अपने स्वंय के लाभ के लिए उक्त पूरा षडयंत्र रचा। इनलोगों पर केस दर्ज शिकायत पर भेड़ाघाट पुलिस ने समिति प्रबंधक कमल सिंह ठाकुर, कम्यूटर ऑपरेटर राजपाल सिंह एवं अतिरिक्त ऑपरेटर दीपेन्द्रे सिंह ठाकुर, प्रभारी शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शहपुरा शाखा अजय तिवारी, अंकित सिंह उर्फ राजशेखर, शंभु ठाकुर, बिन्दुखराय, सर्वेयर रोहित यादव एवं देवेन्द्र यादव तथा एमएलटी वेयरहाउस मजीठा के संचालक आदेश तिवारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।  

गुयाना, सोमालिया और अफ्रीका के देशों में बालाघाट चावल का क्रेज, सेहत के लिए भी रामबाण

बालाघाट  वे लोग जो चावल खाने के शौकीन हैं लेकिन बीमारियों की वजह से नहीं खा पाते उनके लिए खास तरह का पारबॉइल्ड चावल बेहद कारगर होता है. खास बात यह है कि मध्य प्रदेश के बालाघाट के किसान इसको अपने खेतों में उगा रहे हैं, जिसकी डिमांड दुनिया भर के कई देशों में हो रही है. आइए जानते हैं इस खास किस्म में चावल की क्या हैं खासियतें- मध्य प्रदेश में धान का कटोरा, विदेशों में चावल की माँग बालाघाट जिसे घाटों वाला जिला भी कहा जाता है यहां पैदा होने वाले चावल की मांग भारत के अलावा विदेशों में भी बढ़ी है. जिले का पारबॉइल्ड चावल अफ्रीकी और खाड़ी देशों में विशेष रूप से पसंद किया जाता है. IR-64 किस्म के धान से बने चावल की गुयाना, सोमालिया, बेनिन, टोगो जैसे अफ्रीकी देशों में काफी डिमांड है. क्या होता है पारबॉइल्ड चावल बालाघाट राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोनू भगत ने बताया "पारबॉइल्ड चावल ऐसे चावल होते हैं जो आंशिक रूप से चावल के भूसे के अंदर ही उबाल दिए जाते हैं. इसके तीन मेन स्टेप्स में इन्हें धोना, स्टीम करना और ड्राई करना शामिल होता है. मोटे पारबॉइल्ड चावल की सबसे ज्यादा डिमांड विदेशों में है जो IR-64 और IR-36 धान से बनता है." मप्र में धान का कटोरा है बालघाट बालाघाट के उपसंचालक कृषि फूल सिंह मालवीय ने बताया "बालाघाट में 2.67 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान का उत्पादन होता है, जिसमें लगभग 82,77,000 क्विंटल धान पैदा होती है. बालाघाट को "प्रदेश का धान का कटोरा" भी कहा जाता है और यहां की अर्थव्यवस्था धान की खेती पर ही निर्भर है. किसानों से यहां की राइस मिल के व्यापारी और मप्र सरकार धान की खरीदी करती है. फिर से मिलों के ज़रिए चावल बनाकर तैयार किया जाता है." मप्र में चिन्नौर धान को मिला है जीआई टैग केंद्र सरकार की "एक जिला, एक उत्पाद" योजना में शामिल होने वाली चिन्नौर धान मध्य प्रदेश से जीआई टैग प्राप्त करने वाली पहली चावल की किस्म है. जीआई टैग से इसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रचार हो रहा है. इसे 14 सितंबर 2021 को भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री द्वारा मान्यता दी गई थी. यह मध्य प्रदेश का पहला चावल है जिसे जीआई टैग मिला और इसने बालाघाट को पहचान दी. 

17 सितंबर को मध्यप्रदेश दौरे पर पीएम मोदी, राज्य को मिलेंगी दो बड़ी गिफ्ट्स

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने 75वें जन्मदिन के मौके पर एक बड़ी सौगात देने मध्यप्रदेश दौरे पर आ रहे हैं. पीएम मोदी 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलांन्यास करेंगे. इसके अलावा स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान का भी शुभारंभ उनके द्वारा किया जाएगा. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि प्रधानमंत्री अपने 75वें जन्मदिन पर मध्य प्रदेश को करोड़ों के गिफ्ट देने आ रहे हैं. मील का पत्थर साबित होगी पीएम की यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मध्यप्रदेश यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, '' 17 सितंबर को पीएम मोदी पीएम मित्रा पार्क का शिलांन्यास करने के लिए आ रहे हैं. धार जिले के आदिवासी अंचल को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. खासतौर से किसानों के लिए यह एक बड़ी सौगात रहेगी. धार, झाबुआ, उज्जैन, खंडवा, खरगौन बड़वानी कपास आधारित क्षेत्र हैं. कॉटन पर आधारित यह बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित होने से प्रदेश के 1 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे. यह सभी मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है. हम सभी प्रयास कर रहे हैं कि पीएम का यह दौर मध्यप्रदेश और देश के लिए मील का पत्थर साबित हो.'' पीएम मित्र पार्क बदलेगा एमपी की तस्वीर धार जिले के भैसोला में 2177 एकड़ में तैयार हो रहा पीएम मित्र पार्क मध्यप्रदेश के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड एपेरल पार्क को पीएम के 5 एफ विजन फार्म टू फाइवर टू, फैशन टू, फॉरेन के तहत डेवलप किया जा रहा है. इस पर 2050 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी. पहले चरण के लिए केन्द्र सरकार 773 करोड़ के टेंडर जारी कर चुका है. पीएम मित्र पार्क में निवेश के लिए मध्यप्रदेश सरकार को कई निवेशकों द्वारा निवेश प्रस्ताव भी दिए गए हैं. 75 वर्ष के हो जाएंगे मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष 17 सितंबर को अपना 75वां जन्मदिन मनाएंगे. पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पूरे देशभर में कार्यक्रम रखे गए हैं. 17 सितंबर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक पूरे देश में बीजेपी द्वारा 'सेवा पखवाड़ा' मनाया जाएगा. सेवा पखवाड़ा में रक्तदान शिविर से लेकर स्वच्छता अभियान जैसे कई आयोजन होंगे. वहीं, पीएम मोदी इस दिन मध्य प्रदेश के भी दौरे पर होंगे.  

सैनी सरकार का बड़ा तोहफा: दिवाली से पहले 25 हजार परिवारों को मिलेगा अपना प्लॉट

चंडीगढ़   हरियाणा के लोगों के लिए दिवाली से पहले एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार करीब 25,000 पात्र परिवारों को प्लॉट आवंटित करने जा रही है। ये प्लॉट उन लोगों को दिए जाएंगे जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत सरकार 17 अक्टूबर को राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को प्राप्त हो चुकी है, और आवंटन की प्रक्रिया पंचायत विभाग द्वारा पूरी की जाएगी। ड्रॉ पहले से हो चुका है, सूची तैयार जिन लाभार्थियों ने पहले आवेदन किया था, उन्हीं में से ड्रॉ के माध्यम से चयन किया गया है। राज्य सरकार ने 561 गांवों और 16 कस्बों की सूची तैयार की है, जहां यह प्लॉट दिए जाएंगे। ये प्लॉट करीब 50 गज क्षेत्रफल के होंगे। इस योजना के तहत 14 जिलों के 55 ब्लॉकों को शामिल किया गया है। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, यानी जैसे-जैसे ज़मीन उपलब्ध होगी, वैसे-वैसे प्लॉटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस संबंध में सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को मिल गई है। सभी तरह की कार्यवाही पंचायत विभाग की ओर से की जाएगी।  सभी के ड्रॉ पहले ही कर दिए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के 561 गांवों की सूची तैयार की है, जिनमें यह प्लॉट मुहैया कराए जाएंगे। इनके अलावा 16 अन्य कस्बों में भी 50 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, यानी कुल मिलाकर आंकड़ा 25 हजार प्लॉट तक पहुंचेगा। 14 जिलों के 55 ब्लॉकों के गांवों में यह प्लाट मिलेंगे। जिनको ये मकान मिलेंगे, उन्होंने पहले से आवेदन किया है। आवेदनों में से ही ड्रॉ निकाले जाएंगे। हरियाणा में जिला के हिसाब से मिलेंगे प्लाट हरियाणा सरकार ने बीपीएल परिवारों को प्लाट देने की योजना बना ली है। जहां पर हर जिले के हिसाब से प्लाटों का निर्धारण कर लिया गया है। इसके तहत भिवानी 39 प्लाट, फरीदाबाद में 33 प्लाट, फतेहाबाद में 165 प्लाट, हिसार में 766 प्लाट,  कैथल में 87 प्लाट, करनाल में 2111 प्लाट, कुरुक्षेत्र में 1834 प्लाट, महेंद्रगढ में 313 प्लाट, नूंह में 449 प्लाट, पानीपत में 258 प्लाट, रोहतक में 252 प्लाट, सिरसा में 2398 प्लाट, सोनीपत में 784 प्लाट, यमुनानगर में 86 प्लाट दिए जाएंगे।  सरकार पंचायतों को देगी राशि सरकार की योजना है कि प्रति एकड़ पंचायत को राशि भी दी जाएगी। इसके तहत महाग्राम में प्रति एकड़ 50 लाख रुपए और अन्य गांवों में प्रति एकड़ 35 लाख रुपए की राशि पंचायत के खाते में जाएगी। इसके तहत चरण वाइज काम होगा। यानी जैसे-जैसे जमीन उपलब्ध होगी, प्लॉटों की संख्या बढ़ती जाएगी। जिला अनुसार प्लॉटों का आवंटन     भिवानी- 39 प्लाट     फरीदाबाद- 33 प्लाट     फतेहाबाद-165 प्लाट     हिसार- 766 प्लाट     कैथल- 87 प्लाट     करनाल- 2111 प्लाट     कुरुक्षेत्र- 1834 प्लाट     महेंद्रगढ़- 313 प्लाट     नूंह- 449 प्लाट     पानीपत- 258 प्लाट     रोहतक- 252 प्लाट     सिरसा- 2398 प्लाट     सोनीपत- 784 प्लाट     यमुनानगर- 86 प्लाट पंचायतों को मिलेगी वित्तीय सहायता इस योजना के तहत राज्य सरकार पंचायतों को प्रति एकड़ के हिसाब से वित्तीय सहायता भी देगी। महाग्रामों में: प्रति एकड़ ₹50 लाख अन्य गांवों में: प्रति एकड़ ₹35 लाख यह राशि पंचायतों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। 

RTO ने कसा शिकंजा: कानपुर देहात में 1400 वाहन मालिकों पर नोटिस, बकाया रोड टैक्स ₹47 करोड़

कानपुर  कानपुर देहात आरटीओ विभाग ने रोड टैक्स बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जिले में करीब 46 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया होने की वजह से विभाग ने 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया है. विभाग का कहना है कि यदि वाहन मालिक समय पर टैक्स नहीं जमा करेंगे तो उनकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) निरस्त कर दी जाएगी. आरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी ने बताया कि जिले में हजारों वाहन टैक्स बकाया सूची में हैं. इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और नोटिस भेजने की प्रक्रिया को तेज किया गया है. उन्होंने कहा कि यदि बकाया जमा नहीं हुआ तो संबंधित वाहनों की आरसी को भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए जिलाधिकारी को भेजा जाएगा. इस स्थिति में वाहन सीज करने या नीलामी की कार्रवाई भी की जा सकती है. टैक्स वसूली को लेकर आरटीओ विभाग हुआ सख्त विभाग ने वाहन मालिकों को सुविधा देने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं. परिवहन विभाग की वेबसाइट पर वाहन नंबर डालकर ओटीपी और एसबीआई पेमेंट गेटवे से भुगतान किया जा सकता है. वहीं, विभागीय कार्यालयों में ऑफलाइन भुगतान की व्यवस्था भी की गई है. जिले में 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया आरटीओ विभाग ने साफ कर दिया है कि अब बकाया टैक्स वालों के खिलाफ कड़ाई से कदम उठाए जाएंगे. इसके साथ ही नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और वाहन मालिकों को समय-समय पर संदेश भेजकर जागरूक भी किया जा रहा है. विभाग का उद्देश्य न केवल राजस्व वसूली बढ़ाना है बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों की वैधता सुनिश्चित करना भी है.

हरियाणा 2036 ओलिंपिक की तैयारी में, विजेंद्र सिंह ने CM सैनी से खेल अकादमी खोलने का कहा

हिसार  हरियाणा में खेलों को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है। मशहूर बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर खेलों को नई दिशा देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में उसी खेल से जुड़ी खेल अकादमी खोली जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण मिल सके और वे आगे बढ़ें। यह कदम 2036 ओलिंपिक की तैयारी का हिस्सा है। विजेंद्र का मानना है कि अभी से योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षण शुरू किया जाए तो हरियाणा ओलिंपिक में ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर सकता है।  हरियाणा से मेडल जीतने की बड़ी योजना बैठक के बाद विजेंद्र बैनीवाल ने कहा कि भारत 2036 में ओलिंपिक की मेजबानी करेगा और हरियाणा से ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी मेडल जीतें, यही हमारा सपना है। इसके लिए अभी से तैयारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ियों को सही मंच और प्रशिक्षण मिलेगा तो मेडल की संख्या बढ़ेगी। इसी सोच के साथ हर गांव में खेल अकादमी खोलने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि छोटे खिलाड़ियों को मौके मिलें।  हर अर्जुन अवार्डी के गांव में बनेगी खेल अकादमी बैठक में विजेंद्र ने प्रस्ताव दिया कि हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में उसी खेल से जुड़ी खेल अकादमी खोली जाए। इससे आसपास के बच्चों को खेल में प्रशिक्षण मिलेगा। अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी खुद बच्चों को खेल सिखाकर आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि खेलों के लिए यह अच्छा कदम हो सकता है। इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ओलिंपिक में मेडल जीतना आसान होगा।  दिल्ली CM से भी मिल चुके हैं विजेंद्र सिंह यह पहली बार नहीं है जब विजेंद्र सिंह ने खेलों को बढ़ावा देने की कोशिश की। जून में वे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी मिले थे। तब उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए बॉक्सिंग के उपयोग पर चर्चा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि बॉक्सिंग के जरिए युवाओं को ओलिंपिक पदक विजेता बनाया जा सकता है। विजेंद्र का मानना है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर खेलों में युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।  खेलों से बदलेगा हरियाणा का नाम विजेंद्र सिंह का मानना है कि अगर खेलों को सही दिशा दी जाए तो हरियाणा देश में खेलों का हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि खेलों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। मुख्यमंत्री सैनी ने भी खेलों को बढ़ावा देने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। अब सबकी नजर इस योजना पर है, जिससे हरियाणा 2036 ओलिंपिक में मेडल तालिका में अपना नाम रोशन कर सके।

मुख्यमंत्री साय बोले – सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित

  सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि राज्य नीति आयोग ने जारी की जिला प्रगति रिपोर्ट 2024 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा तैयार “सतत विकास लक्ष्य (SDG) राज्य एवं जिला प्रगति रिपोर्ट 2024” का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे। यह रिपोर्ट वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2023 में राज्य का कंपोजिट स्कोर 69 था, जो 2024 में बढ़कर 70 हो गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सतत विकास की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह रिपोर्ट इस तथ्य का प्रमाण है कि राज्य और जिले स्तर पर किए जा रहे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ऊर्जा और लॉजिस्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष बल देकर सतत विकास लक्ष्यों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट न केवल नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिला स्तर पर हो रहे कार्यों की स्पष्ट तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट आगामी वर्षों में नीतिगत निर्णयों और योजनाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि जिला स्तर पर एसडीजी प्रदर्शन का यह आकलन, नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक जिले को उसकी ताकत और चुनौतियों के अनुरूप आवश्यक समर्थन और दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के बीच एक आदर्श रूप में स्थापित होगा। गौरतलब है कि रिपोर्ट के अनुसार 82 संकेतकों के आधार पर प्रत्येक जिले का स्कोर और रैंकिंग तय की गई है। जिलों को चार श्रेणियों—एस्पिरेटर, परफॉर्मर, फ्रंट रनर और अचीवर में वर्गीकृत किया गया है। वर्ष 2024 में राज्य के 28 जिले फ्रंट रनर श्रेणी में शामिल हुए, वहीं 5 जिले परफॉर्मर श्रेणी में आए। धमतरी जिले ने पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अचीवर श्रेणी में अपना स्थान बनाए रखा। 12 जिलों ने अपने स्कोर में वृद्धि दर्ज की, जबकि 10 जिलों ने अपना स्कोर बरकरार रखा। राज्य स्तर पर 16 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत 275 संकेतकों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 40 संकेतकों ने वर्ष 2024 तक ही अपने निर्धारित 2030 लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करने वाली है। अनुमान व्यक्त किया गया है कि आगामी दो से तीन वर्षों में 83 संकेतकों के लक्ष्य भी हासिल कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुकेश बंसल, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव आशीष भट्ट तथा सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश में प्रमोशन आरक्षण पर विवाद जारी, कोर्ट में तय होगी आगे की राह

जबलपुर मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में आज जवाब पेश किया है। इसमें पुरानी और नई प्रमोशन पॉलिसी के बीच अंतर बताया है। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने अधूरा जवाब पेश करने का आरोप लगाया है। 16 सितंबर को अंतरिम राहत पर हाईकोर्ट में सुनवाई याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इसमें क्रीमी लेयर, क्वांटिफायबल डेटा पर जवाब नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद तय की है। ऐसे में अब 16 सितंबर को एमपी प्रमोशन में आरक्षण मामले में अंतरिम राहत पर हाईकोर्ट सुनवाई करेगी। नई प्रमोशन पॉलिसी लागू नहीं करने का वादा बता दें कि राज्य सरकार ने कोर्ट के अंतरिम राहत की मांग की है। साथ ही नई प्रमोशन पॉलिसी लागू करने की इजाजत भी मांगी है। इस मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से एक अंडरटेकिंग ली है, जिसके तहत नई पॉलिसी का क्रियान्वयन रुका हुआ है। आसान भाषा में कहे तो सरकार ने नई प्रमोशन पॉलिसी को तब तक लागू नहीं करने का वादा किया है जब तक कोर्ट से इस मामले में को अंतिम फैसला नहीं आ जाता।

मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में कड़ा एक्शन, आरोपी के ठिकानों पर चला बुलडोजर

बीजापुर पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड के मुख्य आरोपित सुरेश चंद्रकार के चट्टानपारा स्थित बाड़े पर सोमवार को प्रशासन ने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया। आठ माह पहले हुई इस घटना में युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या कर उनके शव को बाड़े के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की उठाई थी मांग घटना के बाद पूरे पत्रकार समुदाय और समाज के सभी वर्गों में गहरी नाराजगी व्याप्त थी। पत्रकारों ने आरोपित के इस प्लाट के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई थी। प्रशासन ने फारेस्ट लेंड में बनाए गए प्लांट को पहले ही ध्वस्त किया था और अब राजस्व और नगर पालिका के संयुक्त अमले ने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन नहीं करेगा कोई समझौता पुलिस ने क्राइम सीन को सील किया था और अब राजस्व भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर तैनात किया गया। नगर पालिका और राजस्व अमले के संयुक्त प्रयास से यह कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण और कानून के उल्लंघन पर प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा। आठ माह बाद हुई यह कार्रवाई आरोपित सुरेश चंद्रकार के खिलाफ कानून के हाथ मजबूत होने का प्रतीक है। क्या था मामला? छत्तीसगढ़ के रायपुर से 433km दूर बीजापुर में 1 जनवरी 2025 को युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी गई थी। पत्रकार हत्या मामले के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को बीजापुर पुलिस ने 5 जनवरी 2025 को हैदराबाद से अरेस्ट किया था। आपको बता दें कि सुरेश चंद्राकर और उसके दो सहयोगी तब से जेल में बंद है। इस केस में पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस मामले में बीजापुर पुलिस प्रशासन ने 8 सितंबर 2025 को बड़ा एक्शन लिया। अब मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए सुरेश चंद्राकर के फार्म हाउस और ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है।