samacharsecretary.com

CM सैनी का संदेश: आपदा में राजनीति नहीं, सेवा में दिखे पक्ष-विपक्ष और जनता की एकजुटता

हरियाणा  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जलभराव की आपदा में पक्ष, विपक्ष और आमजन को मिलकर धैर्य के साथ सेवा करने की जरूरत है, ताकि सभी मिलकर इस आपदा से निजात पा सकें। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है और समस्याओं भी कम हो रही हैं। पहाड़ों से आए ज्यादा पानी से प्रदेश के करीब 3000 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में फसल और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला हुआ है, जहां पर अब तक 1,69,738 किसानों ने 9,96,701 एकड़ फसल के खराबे का आवेदन किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को शाहाबाद रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जलभराव से प्रभावित गांवों के जन प्रतिनिधियों से बातचीत की और एक एक गांव की स्थिति, नुकसान के बारे में बारीकी से पूछा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मार्कण्डेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की और साथ ही जलभराव प्रभावित क्षेत्र से शिफ्ट किए हुए नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार नागरिकों के साथ हर स्थिति में मदद के लिए तैयार है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र से ज्यादा पानी आने की वजह से प्रदेश के गांवों जलभराव से प्रभावित हुए हैं। पानी ज्यादा बह रहा है। जिन लोगों के घर तक पानी पहुंचा है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। उनके लिए रहने, खाने-पीने और अन्य सुविधाएं पहुंचाई गई है। इसके अलावा पशुओं के चारे का भी प्रबंध किया जा रहा है। वर्ष 2023 में भी प्रदेश के अंदर ऐसी स्थिति पैदा हुई थी। प्रदेश में अधिकारी व्यवस्था बनाने के लिए लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आमजन के खराबी की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर आमजन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। पानी धीरे-धीरे कम होगा और प्रदेश की स्थिति नॉर्मल होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सभी नहर, नदी, नालों और बाढ़ राहत के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की साफ सफाई की जाती है। पहाड़ों से पानी आने के कारण इस बार स्थिति गड़बड़ा गई है। ऐसी आपदा की स्थिति में विपक्ष का राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस स्थिति में विपक्ष ने सरकार को सुझाव और सहयोग देना चाहिए। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि प्रदेश के नागरिकों को जलभराव आपदा में सहयोग करे।   मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मारकंडा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मारकंडा में 25000 क्यूसिक पानी की क्षमता है। इस बार लगभग 40,000 क्यूसिक पानी पहुंचा है, जो ओवरफ्लो होकर खेतों और आसपास के क्षेत्र में जल भराव की स्थिति को पैदा कर रहा है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा स्वयं उत्तरी भारत में जल प्रभावित प्रदेशों की निगरानी रखे हुए हैं। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर को लेकर केंद्र से विशेष निर्देश दिए गए हैं। पंजाब प्रदेश में हरियाणा से ज्यादा जल का प्रभाव हुआ है। केंद्र की तरफ से हरियाणा को पंजाब की मदद करने में के लिए आदेश प्राप्त हुए हैं। इस पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पंजाब की अलग-अलग जगहों पर सहयोग पहुंचा जा रहा है। हरियाणा की तरफ से पंजाब में खाने, पीने और पशुओं के लिए चारा भेजा जा रहा है।

तरावड़ी के गोदामों में सीएम फ्लाइंग की रेड, सरकारी गेहूं की लाखों की चोरी पकड़ी गई

करनाल  मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने डीएसपी सुशील कुमार के नेतृत्व में तरावड़ी के खाद्य आपूर्ति विभाग के कई गोदामों में चेकिंग की। इस दौरान कई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। एक गोदाम में गेहूं के करीब 20 हजार से ज्यादा अतिरिक्त बैग मिले, जिनका मौके पर रिकाॅर्ड नहीं मिला। जिसके बाद हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद करनाल के डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि सीएम फ्लाइंग टीम जो अतिरिक्त गेहूं के बैग बता रही है, उनका पूरा रिकाॅर्ड विभाग के पास उपलब्ध है।  यही नहीं गेहूं की पूरी जानकारी हेड क्वार्टर के पास रेगुलर तौर पर भेजी जाती रही है। ये स्टॉक 2020-21 का है। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी सुशील कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि तरावड़ी के अंदर खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदामों में 2025-26 में खरीदे गये गेहूं के स्टॉक में नियमों की पालना नहीं की गई। इसके अलावा सरप्लस गेहूं भी पड़ा है। जिसके बाद छापेमारी की गई, इस दौरान कई हैरान करने वाली बातें भी सामने आईं। छापेमारी में विभाग के 4 अधिकारियों की लापरवाही व सरकार को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया। जिनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए हेड क्वार्टर को लिखा गया है।  जांच में सामने आया कि करीब 6 लाख बैग 2 माह तक खुले में रखे गए, जिन्हें अगस्त में एफसीआई ने उठाने से मना कर दिया था, क्योंकि इनमें नमी 12 की बजाए 14 प्रतिशत पाई गई। इसके अलावा करीब 666 बैग बिल्कुल खराब हो चुके हैं। इसके अलावा 1500 बैग अतिरिक्त मिले है, जो 2020-21 के हैं। इन सबकी जांच के बाद हेड क्वार्टर को केस दर्ज करने के लिए लिखा जा चुका है। वहीं एक गोदाम जो विभाग की सूची में नहीं था, वहां 20 हजार गेहूं के भरे बैग मिले, जो कि पुराने बारदाने में नया गेहूं भरा हुआ था। इसका कोई रिकाॅर्ड नहीं मिला। डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि जिस 20 हजार बैग गेहूं की बात की जा रही है, वो एफसीआई के पुल से बाहर हो चुका है। ये गेहूं 2020-21 का है, जिसे बैगों में भरकर रखा जा रहा है, इसमें नए व पुराने बैग हो सकते हैं। गेहूं के रिकाॅर्ड की जानकारी खाद्य आपूर्ति विभाग के हेड क्वार्टर के पास है। जल्द गेहूं के स्टॉक का ऑक्शन करवाकर सारा पैसा सरकारी खंजाने में जमा करवा दिया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- सुमन सखी चैटबॉट नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम

प्रारंभिक चरण में फोकस मातृ स्वास्थ्य पर अगले चरण में समस्त स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में जल्द ही सुमन सखी चैटबॉट सेवा प्रारंभ की जा रही है। सुमन सखी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट होगा, जो नागरिकों को गर्भावस्था के दौरान देखभाल, उच्च जोखिम कारकों की जानकारी, तथा महिलाओं से संबंधित सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह सेवा न केवल योजनाओं की जानकारी और सेवाओं तक त्वरित पहुँच उपलब्ध कराएगी, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जनविश्वास को भी मज़बूत करेगी। मिशन डायरेक्टर एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि सुमन सखी चैटबॉट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीएसईडीसी) के सहयोग से विकसित किया गया है। सुमन सखी चैटबॉट 24×7 उपलब्ध रहेगा और हिंदी भाषा में होगा, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएँ भाषा की किसी भी बाधा के बिना इसका लाभ उठा सकें। प्रारंभिक चरण में इसका फोकस मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर होगा और धीरे-धीरे अन्य प्रमुख योजनाएँ भी इसमें शामिल की जाएँगी। नागरिक इसे व्हाट्सएप के माध्यम से उपयोग कर सकेंगे।  

GST में बदलाव पर हुड्डा का बयान – कहा, बिहार चुनाव को ध्यान में रखकर की गई घोषणा

रोहतक रोहतक स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता में बोलते हुए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जीएसटी में बदलाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार पर जमकर कटाक्ष किए हैं। उन्होंने कहा कि वोट के मुद्दे को दबाने के लिए और बिहार चुनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 8-9 साल से जो भारी भरकम जीएसटी राज्यों से वसूला गया उसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस जीएसटी टैक्स की वजह से प्रदेशों को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कौन करेगा। इसलिए पिछले 8-9 साल का जीएसटी टैक्स प्रदेशों को वापस किया जाना चाहिए ताकि डेवलपमेंट हो सके। साथ ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौजूदा प्रदेश सरकार पर महिलाओं को ₹2100 देने के चुनावी वायदे को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब सभी महिलाओं को यह पैसा नहीं देना था तो फिर चुनाव में यह वायदा क्यों किया गया। उन्होंने कहा की जो वायदा लागू किया जा रहा है वह भी 1 साल बाद लागू हो रहा है। इसलिए सरकार बताएं कि पिछले एक साल का बकाया पैसा महिलाओं को कब दिया जाएगा।प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौजूदा प्रदेश की भाजपा सरकार पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा की कानून व्यवस्था बदहाल हो चुकी है और महिला विरुद्ध अपराध में हरियाणा नंबर एक पर है और यह रिपोर्ट होम मिनिस्ट्री की है। भूपेंद्र सिंह हुडडा ने एक बार फिर से वोट मामले को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग अपनी सभी वोटर लिस्ट ठीक होने का एफिडेविट देता है तो मैं यह सबूत दूंगा कि एक घर में 400-400 वोट बनी हुई है। 

चोरों का शिकार बने Jitu Patwari, CCTV तार काटकर की चोरी की कोशिश

इंदौर  इंदौर शहर के राजेंद्र नगर इलाके में रहने वाले मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के घर देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर में घुसने के बाद सीसीटीवी कैमरे बंद करने के लिए बिजली के तार तक काट दिए। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह लगी, तो थाने पर सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने पूरे मामले को काफी देर तक दबा कर रखा। कांग्रेस के एमपी चीफ जीतू पटवारी के परिवार से जब जानकारी ली गई, तो उनका कहना था कि बदमाश शनिवार तड़के 3:00 से 4:00 बजे के बीच घर में घुसे थे। सभी बदमाशों ने चेहरे को ढक रखा था और उनके पास अमूमन हथियार भी हो सकते थे क्योंकि कुछ ही दिन पहले इंदौर में कनाडिया थाना क्षेत्र में एक जज के घर इसी तरह से बदमाश बैकअप के साथ गए थे। सभी बाग टांडा के बताए जा रहे हैं। लगातार बाग टांडा से आए आरोपी शहर में कई सुनसान इलाकों में घूम कर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन उसके बाद देर रात तक हो रही पुलिस चेकिंग पर सीधे तौर पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पुलिस के हाथ अब तक खाली है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जीतू पटवारी के घर बेखौफ होकर पांच बदमाश घुस गए और राजेंद्र नगर थाना वहां से कुछ ही दूरी पर था पर पुलिस को भनक भी न लगी। 12 घंटे से अधिक का समय होने के बाद भी पुलिस के पास इस पूरे मामले को लेकर कोई पुख्ता जवाब नहीं है।  

गैंगस्टर सलमान लाला के पोस्टर ने MP में फैलाई दहशत, ईद-ए-मिलाद पर तनाव

गुना गुना शहर की श्रीराम कॉलोनी में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर इंदौर के गैंगस्टर सलमान लाला का पोस्टर लगाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। पोस्टर पर लिखा था- “शरीर मिटता है मगर नाम नहीं, मिस यू किंग”। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पोस्टर हटवाया और कोतवाली थाने में अज्ञात के खिलाफ शनिवार देर रात को FIR दर्ज कर ली। ईद-ए-मिलाद पर शहर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम हुए। शाम को कर्नलगंज से शुरू हुआ जुलूस कई इलाकों से होते हुए ख्यावदा चौराहे तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन शामिल हुए। तैयारियों के दौरान शहरभर में बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। इसी दौरान श्रीराम कॉलोनी में लगे सलमान लाला के पोस्टर से विवाद शुरू हुआ। पोस्टर विवाद के बाद देर शाम भुजरिया तालाब मंदिर के पास रहने वाले अभिषेक तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि वे पोस्टर का फोटो खींच रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनका पीछा कर जयस्तंभ चौराहे पर उनसे मारपीट की। अभिषेक को चोटें आईं। सूचना पर बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के लोग कोतवाली पहुंचे और FIR दर्ज कराई। अज्ञात आरोपियों पर लूट और मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। देर रात नजूल कॉलोनी निवासी भगवानलाल ढीमर की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ अलग से FIR दर्ज की। पुलिस का कहना है कि यह पोस्टर समाज में नफरत फैलाने वाला था।

BJP की मदद से बाढ़ पीड़ितों तक पहुँची राहत, धनखड़ ने किया ट्रकों का उद्घाटन

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राहत कार्यों की शुरुआत कर दी है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुमेधानंद धनखड़ ने झज्जर से राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। धनखड़ ने इस अवसर पर कहा कि "आपदा की घड़ी में देश एकजुट होता है, यही हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान है।" उन्होंने बताया कि देशवासियों ने पहले भी बिहार, गुजरात और उत्तराखंड जैसी आपदाओं में बढ़-चढ़कर सहायता पहुंचाई है। धनखड़ ने झज्जर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नहरों की क्षमता को देखते हुए समय रहते उचित कदम उठाए हैं। बादली और बहादुरगढ़ से गुजरने वाली नहरों पर मिट्टी के कट्टे डालकर पानी को नियंत्रित किया गया, वहीं जल निकासी के लिए पंप सेट लगाए गए हैं। बिजली विभाग भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। धनखड़ ने कहा कि मकान, सड़कों और गलियों का निर्माण करते समय प्राकृतिक जल प्रवाह (नेचुरल फ्लो) का ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस दिशा में जागरूकता दिखाएं।धनखड़ ने विपक्षी दलों से भी आग्रह किया कि "यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद का है।" उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद बाद में भी सुलझाए जा सकते हैं, लेकिन संकट के समय सहयोग ही सबसे बड़ा धर्म होता है। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सदैव समाज के साथ खड़ी रही है और आगे भी हर आपदा में जनसेवा करती रहेगी। इस मौके पर उनके साथ भाजपा के झज्जर जिलाध्यक्ष विकास बाल्मीकि,जिला परिषद अध्यक्ष कप्तान बिरधाना,भाजपा नेता संजय कबलाना भी मौजूद थे।

जानें: पंजाब में कल कौन-कौन से शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद और कौन खुलेंगे

पंजाब  पंजाब में बाढ़ की मार के कारण 8 सितंबर (सोमवार) को प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे। हालांकि सरकारी, निजी और एडेड कॉलेज व विश्वविद्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे। इसकी जानकारी पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने X अकाउंट के माध्यम से दी। शिक्षा मंत्री द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और एडेड स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 8 सितंबर से सामान्य रूप से खुलेंगे। लेकिन यदि कोई कॉलेज बाढ़ से प्रभावित है, तो उसे बंद करने का निर्णय संबंधित जिले का डिप्टी कमिश्नर लेंगे।   शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि 8 सितंबर को सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षक स्कूलों में मौजूद रहेंगे और साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी स्कूल की इमारत में कोई नुकसान या दिक्कत पाई जाती है, तो उसकी जानकारी तुरंत डिप्टी कमिश्नर और इंजीनियरिंग विभाग को दी जाए। सभी सरकारी स्कूल 9 सितंबर (मंगलवार) से सामान्य रूप से खुल जाएंगे। प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूल की इमारत और कक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित हों। गौरतलब है कि बाढ़ की वजह से पंजाब सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छुट्टियां घोषित कर दी थीं। लेकिन अब हालात में सुधार देखते हुए डिप्टी कमिश्नरों को अपने स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं।

त्राहिमाम पंजाब! बाढ़ ने ली 46 जानें, डूबे हजारों गांव, लाखों किसानों की फसल तबाह

लुधियाना  पंजाब में इस समय भारी तबाही का मंजर है. लोग बेघर हो गए हैं. उनके आशियाने उजड़ गए हैं. विनाशकारी बाढ़ में कई लोगों की मौत हो गई. मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं. NDRF, BSF, सेना, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. जहां पंजाब दशकों में आई सबसे ज्यादा भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. वहीं हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कम तबाही नहीं मची हुई है. भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों और मौसमी नालों के उफान के चलते यह स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा पंजाब में हुई भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बांधों पर पानी का जलस्तर अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को पोंग बांध के जलस्तर में मामूली कमी 1,394.19 फुट दर्ज की गई. हालांकि, यह अब भी अधिकतम सीमा 1,390 फुट से चार फुट ऊपर है. शुक्रवार को बांध में पानी का प्रवाह 99,673 क्यूसेक था, जो घटकर 47,162 क्यूसेक रह गया. वहीं भाखड़ा बांध में शनिवार को जलस्तर 1,678.14 फुट दर्ज किया गया, जो शुक्रवार को 1,678.47 फुट था. सतलुज नदी पर बने इस बांध में पानी का प्रवाह 62,481 क्यूसेक और निकासी 52,000 क्यूसेक रही. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य में बाढ़ को पांच दशकों में आई सबसे ज्यादा भीषण बताया. उन्होंने कहा कि पंजाब और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में लगातार हुई बारिश ने भारी तबाही मचाई हुई है, जिससे सभी जिलों के लगभग 2,000 गांव प्रभावित हुए हैं. 3.87 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 46 मौतों की जानकारी अभी तक सामने आई है. 1 अगस्त से 5 सितंबर के बीच 14 जिलों से 43 मौतें दर्ज की गई थीं और 23 जिलों के 1,996 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. कहां हुई सबसे ज्यादा मौतें? सबसे ज्यादा मौतें होशियारपुर और अमृतसर में 7-7 हुईं. पठानकोट में 6, बरनाला में 5, लुधियाना और बठिंडा में 4-4, मानसा में 3, गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर में 2-2 और पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर से 1-1 मौतें दर्ज की गईं. पठानकोट में 3 लोग लापता हैं. अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में पानी खतरनाक स्तर पर है और लगातार बाढ़ से गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. अधिकारियों के मुताबिक अब तक 22,854 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला जा चुका है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा चीमा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि क्षेत्र को 18 जिलों में भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा बुनियादी ढांचे मकानों और पशुओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि घग्गर नदी का जलस्तर भी 750 फुट के खतरे के निशान को पार कर गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ये भी बताया कि पूरे राज्य में लगभग 200 राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां 7,000 से ज्यादा विस्थापित लोगों को रखा गया है. NDRF की 24 और SDRF की दो टीमें, 144 बोट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. वहीं होशियारपुर में टांडा और मुकेरियां उप-विभागों के निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ है, जहां धान, गन्ना और मक्का जैसी फसलों को भारी क्षति हुई है. डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए डिटेल्ड सर्वे कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग अच्छे से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हालात काबू में हैं. इस बीच, कपूरथला जिले के डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार पंचाल ने बताया कि ब्यास नदी में पानी का प्रवाह 1.72 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है.

मऊगंज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यू प्वाइंट से देखी दूधिया जलधारा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के प्रवास पर नई गड़ी जनपद पंचायत के बहुती जल प्रपात का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वाटरफॉल के नजदीक जाकर व्यू प्वाइंट से जलप्रपात की गिरती हुई दूधिया जल धारा और वहा बनने वाले इंद्रधनुष की आभा को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुती जल प्रपात के समीप कार्यक्रम स्थल पर गौपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जंगल में विचरण करने वाली गौमाताओं को अपनी एक आवाज में अपने पास बुलाने की कला रखने वाले रकरी गांव के गौसेवक सौखीलाल यादव ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम की दीदीओं द्वारा सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती में हुआ पारंपरिक स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती पहुंचने पर पारंपरिक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मऊगंज की लोक कला की छात्राओं ने बघेली शैली नृत्य और स्थानीय लोक कलाकारों के दल ने अहिरहाई लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, पशुपालन डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, विधायक सर्वश्री गिरीश गौतम, दिव्यराज सिंह और प्रदीप पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद, आई.जी. श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्री संजय जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रजापति सहित नागरिक मौजूद थे। पर्यटक स्थल के रूप में किया जा रहा है विकसित कलेक्टर मऊगंज संजय जैन ने बताया कि बहुती जल प्रपात को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने एवं जन सुविधाओं के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए लागत की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर ने बातया कि बहुती प्रपात के अप स्ट्रीम में स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। स्टॉप डैम में जल का संचय होने से वाटर फॉल की जल धारा का बारह माह सदा अविरल प्रवाह बना रहेगा। प्रदेश का सबसे ऊँचा बहुती जल प्रपात बहुती जल प्रपात रीवा से 75 किलोमीटर दूर मऊगंज जिले में स्थित है। यह विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बहुती में सेलर नदी 650 फिट की ऊंचाई से दो धाराओं में विभक्त होकर गिरती है। नीचे सुंदर कुंड और चारों ओर घने वन हैं। बहुती में अनंत जलराशि लंबवत चट्टानों पर गिरती है। जुलाई से सितम्बर माह तक इस प्रपात का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। प्रपात के समीप ही अष्टभुजा देवी का प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। प्रयागराज और बनारस से सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा होने से उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंचते हैं। इसके पास भैंसहाई में प्रागैतिहासिक काल के भित्ति चित्र मिले हैं।