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स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने किया वृहद रोजगार मेला-2025 का उद्घाटन, युवाओं को मिले नए अवसर

आठ चयनित युवाओं को मौके पर ही सौंपे नियुक्ति पत्र रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग में आज वृहद रोजगार मेला-2025 का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य तथा ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव ने इस वृहद रोजगार मेला-2025 का शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने रोजगार मेले में उपस्थित छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी उत्सुकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय उनका पूर्व शिक्षा संस्थान रहा है और इस मंच पर आकर उनकी पुरानी स्मृतियां ताज़ा हो गईं। इस रोजगार मेले में 28 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर मंत्री यादव ने आठ चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंप कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। अपने संबोधन में मंत्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज एक सक्षम और ऊर्जावान राज्य बन चुका है। राज्य गठन के समय प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे आज प्रत्येक गांव पक्की सड़कों से जुड़ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा विकसित पीडीएस प्रणाली को पूरे देश में सराहा गया और अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में राज्य के 702 स्कूल शिक्षक विहीन थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण नीति के तहत 10,446 शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो छात्र पारंपरिक पढ़ाई में रुचि नहीं रखते, उन्हें उनकी रुचि के अनुरूप इवेंट मैनेजमेंट, लोक-संस्कृति, गीत-संगीत, वादन आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह, शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रार्थना व किचन शेड का भूमिपूजन, 57 छात्राओं को साइकिल वितरित

रायपुर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने शुक्रवार को बलौदाबाजार विकासखंड के शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय चांपा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर छात्र-छात्राओं के बीच नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में प्रार्थना शेड एवं किचन शेड निर्माण के लिए भूमिपूजन किया तथा सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत 57 छात्राओं को साइकिल वितरित की। इसके साथ ही कक्षा 10वीं एवं 12वीं की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के चेक भी प्रदान किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि दृढ़ निश्चय और ईमानदार मेहनत से कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं रहता। विद्यार्थियों को अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए सतत कार्य कर रही है। युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शिक्षकविहीन व एकल शिक्षक संचालित शालाओं में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मंत्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थापित हुए हैं। इंजीनियरिंग व मेडिकल शिक्षा में भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए संसाधन और सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित महिला न केवल घर-परिवार को संवारती है बल्कि समाज और भविष्य को भी नई दिशा देती है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, ग्रामीण व बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें- मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जशपुर स्थित जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बठैक लेकर दोनों विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता के हित में योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर मुख्यमंत्री जी का गृह जिला है। इसे आदर्श जिले के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्भवती एवं शिशुवती माताओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराया जाए तथा रेडी-टू-ईट और टीएचआर वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए कहा कि बरसात के दिनों में विषैले जीव-जंतु का खतरा अधिक रहता है, इसलिए प्रत्येक केंद्र की नियमित सफाई की जानी चाहिए। उन्हांेने बच्चों और अभिभावकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की भी बात कही। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जागरूकता के लिए बेहतर नीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में महिला और बच्चों को सुपोषित बनाना तथा कुपोषण को जड़ से समाप्त करना ही सरकार का लक्ष्य है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर बच्चों को पोषण के साथ-साथ औपचारिक शिक्षा का भी ज्ञान दें। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने बुजुर्गों और दिव्यांगों तक सभी शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने और नशा मुक्ति अभियान को व्यापक रूप से चलाने पर बल दिया। बैठक में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ,समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती अर्चना राणा सेठ, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बस्तर ओलंपिक को सफल बनाने कमर कस ली है: उप मुख्यमंत्री द्वय ने की तैयारियों की समीक्षा

बस्तर ओलंपिक को सफल बनाने कमर कस ली है: उप मुख्यमंत्री द्वय ने की तैयारियों की समीक्षा खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम: बस्तर ओलंपिक की समीक्षा में जुटे उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा 40 हजार से अधिक खिलाड़ी लेंगे भाग, 11 खेलों में दिखाएंगे कौशल रायपुर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आज आयोजित बैठक में पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बस्तर ओलंपिक का वृहद आयोजन करने इसकी रुपरेखा और व्यवस्थागत तैयारियों पर गहन चर्चा की गई। आगामी अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले बस्तर ओलंपिक में तीन स्तरों विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें बस्तर संभाग के सातों जिलों और 32 विकासखंडों के 40 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव सुखनाथ अहिरवार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह संगठित रूप से बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार इन रचनात्मक पहलों से बस्तर में भयमुक्त वातावरण बनाकर युवाओं को खेल और उत्सव से जोड़ना चाहती है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पुख्ता कार्ययोजना तैयार करते हुए आयोजन के ध्येय वाक्य ‘करसाय ता बस्तर बरसाय ता बस्तर’ (खेलेगा बस्तर जीतेगा बस्तर) को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साव ने यूथ आइकॉन घोषित किए गए पिछले वर्ष के विजेता खिलाड़िय़ों, बस्तर संभाग के सभी खेल अधिकारियों, पी.टी.आई., पंचायत सचिवों, ‘बिहान’ की महिलाओं और खेल संघों को सक्रियता से जोड़कर बस्तर ओलंपिक को जन-जन तक पहुंचाने को कहा। उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक को यादगार बनाने सभी विभाग अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप जिम्मेदारियों का वहन करें। बस्तर के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी और सकारात्मक वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसमें बस्तर के सभी गांवों के सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चत करने को कहा। शर्मा ने आयोजन की तैयारियों को मूर्त रूप देने जल्दी ही इससे जुड़े विभागों, अधिकारियों और संस्थाओं की बस्तर में भी बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए जिससे की तैयारियों को और गति दी जा सके।  11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी, नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे अपना दमखम विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों को शामिल किया गया है। जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं तथा सीनियर वर्ग में महिला और पुरूषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे। 

मंत्री राजवाड़े ने जशपुर जिले के रूपसेरा और लोदाम आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण

रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े सरगुजा संभाग के दौरे पर मंत्री राजवाड़े ने जशपुर जिले के रूपसेरा और लोदाम आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : मंत्री राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इन दिनों विभागीय योजनाओं की जमीनी हकीक़त देखने सरगुजा संभाग के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आज जशपुर जिले के ग्राम रूपसेरा और लोदाम स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, पोषण आहार वितरण व्यवस्था, स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षा संबंधी गतिविधियों, स्वच्छता व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संचालित सेवाओं का विस्तार से अवलोकन किया।इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने मासूम बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया और उन्हें चॉकलेट भी वितरित की। उनके इस स्नेहिल व्यवहार से बच्चे बेहद खुश नज़र आए और केंद्र का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य को आकार देने की पहली पाठशाला है, इसे और सशक्त बनाना हमारी साझा जिम्मेदारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े सरगुजा संभाग के दौरे परभ्रमण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सुदृढ़ व्यवस्था ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इस कड़ी में उन्होंने ग्राम रूपसेरा एवं लोदाम के आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक सक्षम एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराना ही विभाग का मूल उद्देश्य है, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों की उपस्थिति में हुए इस निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और सुरक्षित वातावरण में बड़ा हो। इसके लिए शासन की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा अरुण साव ने केंद्रीय बैठक में रखे विचार, युवाओं और खेल क्षेत्र को लेकर जताई प्रतिबद्धता नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस करने तथा प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल अपडेट करने का दिया सुझाव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल  मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में खेल एवं युवा विकास से संबंधित चुनौतियों व अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। साव अपने प्रवास के दौरान मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।  बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए 'खेलो इंडिया' योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही हर राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या में वृद्धि, खेल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए विशेष बजट प्रावधान, एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के स्कूलों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे विकसित करने तथा आवश्यक स्टॉफ की भर्ती करने का सुझाव दिया। उन्होंने नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में भी खेलों पर विशेष फोकस करते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे ले जाने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने विशेष कार्ययोजना तैयार करने की भी बात कही।  साव ने बैठक में ‘‘साइ’’ (SAI) के रीजनल सेंटर्स में खेल प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल तथा उनके ज्ञान एवं कौशल के उन्नयन का भी सुझाव दिया। उन्होंने खेल कोटे से शासकीय सेवाओं में नियुक्त खिलाड़ियों को अन्य कार्यों में संलग्न न कर केवल खेल से जुड़ी जिम्मेदारियां देने पर जोर दिया ताकि उभरते खिलाड़ियों को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके। साव ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने व्यवस्थित खेल नीति बनाने व खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनिटरिंग के लिए कार्ययोजना बनाने का भी सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री साव के साथ मुंगेली की अतिरक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम अजय शतरंज भी वर्चुअल बैठक में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर : भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश, बरसात के तुरंत बाद युद्धस्तर पर करें सड़कों की मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अगली बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध व कार्यादेश संबंधी सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने कहा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में शासन द्वारा स्वीकृति प्राप्त सड़क निर्माण के कार्यों के लिए जरूरी भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर के साथ मिलकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही उन्हें निर्धारित समय पर पूरा करने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क, सेतु और भवन निर्माण की सभी परियोजनाओं के कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता व गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त सभी कार्यों में तेजी से भू-अर्जन कर निविदा की कार्यवाही पूर्ण करने और यथाशीघ्र कार्यारंभ करने को कहा।  भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में मौजूद सेतु बंध तथा सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी मंजूरी तत्परता से प्रदान करें। उन्होंने डीपीआर बनाते समय ही परियोजना का अच्छे से मूल्यांकन करने को कहा ताकि बजट और कार्य पूर्णता के लिए निर्धारित समय के पुनरीक्षण की जरूरत न पड़े। उन्होंने बरसात के तुरंत बाद प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिसम्बर तक सभी जिलों में मरम्मत का काम पूर्ण करने को कहा।  भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को अगली समीक्षा बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध और कार्यादेश से संबंधित सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सड़कों पर पेच रिपेयर के लिए कार्ययोजना के अनुसार अनुबंध एवं कार्यादेश की स्थिति, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा ए.डी.बी. के अपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

चम्बल की लहरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्रूज़ सफर और मधुर गीतों की गूंज

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की शाम को गांधीसागर में चम्बल नदी की अद्भुत और मनमोहक छटा का अनुभव करते हुए क्रूज़ की सवारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गीत भी गुनगुनाए तथा क्रूज़ में बज रहे गीतों का आनंद लेकर सभी के बीच एक आत्मीय माहौल बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नदी की निर्मल धाराओं पर आगे बढ़ते हुए प्रकृति की गोद में कुछ समय बिताया। हरियाली से आच्छादित नदी किनारे, घने वृक्षों की श्रृंखलाएँ और पक्षियों का कलरव एक अलौकिक वातावरण प्रस्तुत कर रहे थे। कभी लहरों की मधुर ध्वनि तो कभी ठंडी हवाओं का स्पर्श, इन सबने यात्रा को और भी रोमांचक एवं आनंददायी बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चम्बल का यह नैसर्गिक सौंदर्य प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान देगा। यहाँ की स्वच्छ जलधारा और प्राकृतिक वातावरण न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि प्रकृति प्रेमियों को भी आत्मिक सुकून प्रदान करेगा। 

सावधान! 25 सितंबर तक नहीं जमा किए तो 2100 रुपये का फायदा छूट सकता है, ये डॉक्यूमेंट अभी तैयार करें

हरियाणा  हरियाणा सरकार 25 सितंबर को महिलाओं के लिए एक बड़ी योजना दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2100 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह योजना भाजपा सरकार के चुनावी घोषणापत्र में शामिल थी, और अब इसे पहले चरण में लागू किया जा रहा है। पहले चरण में कौन-सी महिलाएं होंगी पात्र? योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनकी पारिवारिक आय ₹1 लाख या उससे कम है। इसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज और शर्तें पूरी करनी होंगी। अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो नीचे बताए गए डॉक्युमेंट्स को समय रहते तैयार रखें: जरूरी दस्तावेज परिवार पहचान पत्र (PPP) यह सबसे जरूरी दस्तावेज है।     PPP में परिवार की पूरी जानकारी और सालाना आय दर्ज होती है।     योजना के पहले चरण में 1 लाख या उससे कम आय वालों को ही लाभ मिलेगा।     इसे आप CSC सेंटर, PPP ऑपरेटर या सरल केंद्र पर जाकर बनवा सकते हैं। आय प्रमाण पत्र     योजना के लिए पारिवारिक आय ₹1 लाख या उससे कम होनी चाहिए।     आय प्रमाण पत्र मौजूदा वित्त वर्ष का ही मान्य होगा।     इसे सरल पोर्टल पर PPN (परिवार पहचान नंबर) के माध्यम से अप्लाई किया जा सकता है। आधार कार्ड     लाभ सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बैंक खाते में आएगा।     e-KYC के लिए आधार अनिवार्य है।     आधार पर हरियाणा का पता होना जरूरी है। निवास प्रमाण पत्र     लाभ उठाने के लिए महिला या उसके पति को कम से कम 15 साल से हरियाणा का निवासी होना चाहिए।     वोटर आईडी कार्ड     आधार कार्ड     मैरिज सर्टिफिकेट     हरियाणा से 10वीं पास की मार्कशीट बैंक पासबुक     बैंक खाते की जानकारी देना अनिवार्य है, जिसमें पैसा आएगा।     पासबुक के उस पन्ने की कॉपी लगेगी जिसमें:     खाता संख्या     IFSC कोड     शाखा का नाम और पता     खाता धारक का नाम पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन फॉर्म के साथ पासपोर्ट साइज फोटो देना होगा। मोबाइल नंबर (आधार से लिंक) आवेदन करते समय आधार लिंक मोबाइल नंबर देना जरूरी है, ताकि OTP वगैरह मिल सके। आवेदन कैसे करें? सरकार जल्द ही इस योजना के लिए मोबाइल ऐप और वेबसाइट लॉन्च करेगी। इन माध्यमों से महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। जैसे ही आवेदन शुरू होंगे, आपको फॉर्म भरने के लिए सूचित किया जाएगा। महत्वपूर्ण सलाह अगर आपके पास ऊपर बताए गए दस्तावेज़ नहीं हैं, तो तुरंत इन्हें बनवा लें। क्योंकि दस्तावेजों की कमी के कारण आप इस योजना के लाभ से वंचित रह सकती हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नवीन सर्किट हाउस सभागार रीवा में विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नवीन सर्किट हाउस सभागार रीवा में विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौ वन्य विहार, पेयजल की आपूर्ति तथा जल संरक्षण के कार्य तत्परता से पूरा कराएं। हिनौती गौधाम में भी स्वीकृत निर्माण कार्य पूरा कराकर निराश्रित गौवंश को रखने की व्यवस्था करें। बाउन्ड्रीवॉल और सड़क निर्माण का कार्य तत्परता से पूरा कराएं।  उन्होंने चिरहुलानाथ मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों तथा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा बायपास का निर्माण दो माह में पूरा कराएं। इसी तरह बेला-सिलपरा सड़क का निर्माण भी तय समय सीमा में पूरा करें। इन सड़कों का निर्माण पूरा होने से आवागमन सुगम होगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।