samacharsecretary.com

उत्तर प्रदेश से ही है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र : योगी आदित्यनाथ

    – जनता ही है हमारे लिए जनार्दन – 12 करोड़ से अधिक मतदाता त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाग लेते हैं, यह किसी भी राज्य की आबादी से अधिक है – 57,600 ग्राम पंचायतें और 14,000 से अधिक पार्षदों का चुनाव कराने का दायित्व निभा रहा है यूपी का निर्वाचन आयोग – लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता है, जो केवल मतदाता नहीं बल्कि जनार्दन है – अब तक निर्वाचन आयोग किराए के भवन से काम कर रहा था, अब उसे मिलेगा अपना आधुनिक कार्यालय – भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा, विकसित उत्तर प्रदेश के बिना यह सपना अधूरा – उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को नई मजबूती देगा राज्य निर्वाचन आयोग का अपना भवन – ₹50 करोड़ की लागत से छह मंजिला भवन होगा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस – लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत बनाने में निर्वाचन आयोग की भूमिका सबसे अहम लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अवध विहार योजना में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आधुनिक कार्यालय भवन का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन पारदर्शी और सुव्यवस्थित निर्वाचन व्यवस्था को नई मजबूती देगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाएगा। करीब 50 करोड़ की लागत से बनने वाला यह भवन 2618.59 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला होगा और इसमें स्टिल्ट फ्लोर सहित कुल छह मंजिलें होंगी। भवन की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए छत पर 25,000 लीटर क्षमता का आरसीसी टैंक और भूमिगत स्तर पर एक लाख लीटर क्षमता का अंडरग्राउंड टैंक स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि जनता हमारे लिए केवल जतना नहीं बल्कि जनार्दन है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश से ही भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उत्तर प्रदेश से ही है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग का स्वयं का भवन होना लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव की विशाल प्रक्रिया को आयोग अब और बेहतर तरीके से संपन्न कर सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में अकेले 12 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान में भाग लेते हैं, जो किसी भी अन्य राज्य की कुल आबादी से अधिक है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 57,600 ग्राम पंचायतें, 826 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं। वहीं, 17 नगर निगम, 199 नगर पालिकाएं और 544 नगर पंचायतें भी हैं, जिनके साथ 14,000 से अधिक पार्षदों के चुनाव की जिम्मेदारी भी राज्य निर्वाचन आयोग ही निभाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है तो उसमें उत्तर प्रदेश की यह व्यापक चुनावी प्रक्रिया अहम भूमिका निभाती है। जनता की आवाज को सुनना और महत्व देना ही जनप्रतिनिधियों का दायित्व योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता केवल मतदाता नहीं है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की जनार्दन है। उसकी आवाज को सुनना और महत्व देना ही जनप्रतिनिधियों का दायित्व है। यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं की अनदेखी करता है तो पांच साल बाद जनता उसे नकार देती है। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है और इसी व्यवस्था ने भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में खड़ा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए विकसित उत्तर प्रदेश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचन व्यवस्था का मजबूत होना ही इस दिशा में सबसे बड़ी गारंटी है। नए भवन के निर्माण से आयोग को कामकाज में और गति मिलेगी उन्होंने कहा कि अब तक राज्य निर्वाचन आयोग किराए के भवन से कामकाज कर रहा था, जिससे कई प्रकार की कठिनाइयां आती थीं, लेकिन अब नए भवन के निर्माण से आयोग को कामकाज में और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राजकीय निर्माण निगम 18 महीनों से भी कम समय में इस छह मंजिला आधुनिक भवन का निर्माण पूरा कर देगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा जिनके पास निर्वाचन आयोग का स्वयं का भवन होगा। नये भवन में होंगी ये सुविधाएं भवन की विशेषताओं की बात करें तो परिसर में रोड पाथवे, ओपन पार्किंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। 25 के.एल.डी. क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया जाएगा। पूरे भवन में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी सिस्टम होगा। कर्मचारियों और आगंतुकों की सुविधा के लिए 13 यात्री क्षमता वाली दो लिफ्ट और 8 यात्री क्षमता वाली एक लिफ्ट लगाई जाएगी। इसके साथ ही आंतरिक विद्युतीकरण और पावर वायरिंग की अत्याधुनिक व्यवस्था भी की जाएगी। यह भवन न केवल निर्वाचन आयोग के कामकाज को गति देगा बल्कि तकनीक और सुविधाओं से लैस होकर एक मॉडल ऑफिस के रूप में भी उदाहरण प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, राज्य निर्वाचन आयुक्त राजन प्रताप सिंह, यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष, एससी-एसटी आयोग की अध्यक्ष, पंचायती राज्य आयोग के अधिकारीगण और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। भवन की विशेषताएं – परिसर में रोड पाथवे, ओपन पार्किंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था – 25 के.एल.डी. क्षमता का एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) – पूरे भवन में सीसीटीवी सिस्टम से सुरक्षा – कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए 13 यात्री क्षमता वाली दो लिफ्ट और 8 यात्री क्षमता वाली एक लिफ्ट – आंतरिक विद्युतीकरण और पावर वायरिंग की आधुनिक व्यवस्था

इस दिशा में तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त, खुलेगा सुख-समृद्धि का मार्ग

श्राद्ध पक्ष, जिसे पितृ पक्ष भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय होता है। यह समय पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का होता है। इस दौरान तर्पण या श्राद्ध करने के विशेष दिशा निर्देश भी होते हैं, जो वास्तु शास्त्र के अनुसार महत्वपूर्ण होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के दौरान तर्पण करते समय उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। इसका कारण यह है कि उत्तर दिशा को पितरों और पूर्वजों की दिशा माना जाता है। उत्तर दिशा में ध्यान केंद्रित करने से पितरों को श्रद्धा और सम्मान का अहसास होता है, जो कि उन्हें आर्शीवाद देने की ओर प्रेरित करता है। उत्तर दिशा में तर्पण करने का एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि उत्तर दिशा की ओर इशारा करते हुए तर्पण करने से पूजा स्थल की पवित्रता बनी रहती है। इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट होती है। उत्तर दिशा को ज्ञान और समृद्धि की दिशा भी माना जाता है इसलिए इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से पितरों के आशीर्वाद के साथ-साथ पारिवारिक समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तर्पण करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूजा स्थल स्वच्छ और पवित्र हो। इसके अलावा, तर्पण के समय सही दिशा का पालन करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पितर भी अपने संतोष और आशीर्वाद से परिवार को लाभ पहुंचाते हैं। इसलिए उत्तर दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करना श्राद्ध पक्ष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उनकी स्मृतियों को किया नमन

  हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की हो रही स्थापनाः सीएम ग्राम पंचायत से जनपद स्तर तक प्रदेश सरकार कर रही खेल अवसंरचना का विस्तारः मुख्यमंत्री खेल दिवस पर सीएम योगी ने 88 पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहायक खेल प्रशिक्षकों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र विभिन्न जनपदों में खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण का किया लोकार्पण लखनऊ, राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी को नमन करते हुए कहा कि हर खिलाड़ी अपने आप में समाज के लिए एक हीरो होता है। हर नागरिक को एक खिलाड़ी की तरह अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से आगे बढ़ने, खेल जीवन के अनुशासन को बनाए रखने, समन्वय स्थापित करने और जीवन में उत्कृष्टता के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयासों का हिस्सा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता उत्तर प्रदेश के 88 खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि प्रदान की और सहायक खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। समारोह में खेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र पहनाकर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों सहित नेशनल गेम्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों में खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण का लोकार्पण भी किया। मेजर ध्यानचंद को नमन मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेजर ध्यानचंद जी की बात आती है तो हर भारतीय के मन में हॉकी की स्टिक नजर आने लगती है। 1928, 1932 और 1936—तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाकर उन्होंने भारत की हॉकी को वैश्विक पहचान दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सबसे प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार किसी नेता नहीं, बल्कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर समर्पित किया गया। उत्तर प्रदेश के लिए यह इसलिए भी गौरव की बात है क्योंकि यह उनकी जन्मभूमि है। उनकी स्मृति में मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नामकरण मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर किया गया है और इस सत्र से वहां पाठ्यक्रम प्रारंभ हो गया है। खेलों में नई क्रांति की शुरुआत मुख्यमंत्री ने विजयंत खंड स्थित मोहम्मद शाहिद हॉकी स्टेडियम में स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाम स्पोर्ट्स कॉलेज का रोमांचक हॉकी मैच भी देखा। उन्होंने कहा कि यह खेल कितना फास्ट है, कितनी ऊर्जा और टीमवर्क मांगता है। यह मैच इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया से फिट इंडिया मूवमेंट तक, सांसद एवं विधायक स्तर की प्रतियोगिताओं तक, देश में खेलों की एक नई क्रांति आई है। प्रदेश सरकार ने नई खेल नीति लागू की है, जिससे खिलाड़ियों को मंच, कोच और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो रहा है। ग्राम से जनपद तक खेल ढांचा मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। विभिन्न खेलों के लिए इन कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। पूर्व ओलंपियन/कॉमनवेल्थ/एशियाड/नेशनल गेम्स मेडलिस्टों को कोच बनाकर नई प्रतिभाओं को तराशा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर विकासखंड पर मिनी स्टेडियम और हर जनपद में एक स्टेडियम निर्माण की कार्यवाही युद्धस्तर पर जारी है। ओपन जिम के निर्माण व युवा कल्याण विभाग के माध्यम से युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई जा रही हैं। यूपी की हॉकी विरासत को किया याद मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हॉकी में अनेक दिग्गज दिए हैं। मेजर ध्यानचंद, के. डी. सिंह ‘बाबू’, मोहम्मद शाहिद, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आर. पी. सिंह, सुजीत कुमार, रजनीश मिश्रा, मोहम्मद शकील, देवेश चौहान, एम. पी. सिंह, जगवीर सिंह, विवेक सिंह, राहुल सिंह, तुषार खांडेकर, दानिश मुर्तजा, ललित उपाध्याय, राजकुमार पाल, रंजना श्रीवास्तव, मंजू बिष्ट, पुष्पा श्रीवास्तव, रजनी जोशी, वंदना कटारिया, रितुषा कुमारी आर्या जैसे हॉकी खिलाड़ियों प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया। पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम को मेडल दिलाने वाले ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल उत्तर प्रदेश की ही देन हैं। खेल से बनता है सशक्त भारत सीएम ने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। व्यक्ति यदि खेलकूद से जुड़ेगा तो राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव विकसित होगा। शरीर के साथ मन भी तंदुरुस्त रहेगा और वह स्वस्थ शरीर-स्वस्थ मस्तिष्क के साथ सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस के उपरांत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच देशभर में सांसद खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इससे पूर्व विधायक खेलकूद प्रतियोगिताएं खेल एवं युवा कल्याण विभाग आयोजित कराएगा। खिलाड़ियों को मिल रहा रोजगार मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 2 प्रतिशत हॉरिजेंटल आरक्षण लागू किया गया है। अब तक 500 खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस बल और अन्य विभागों में समाहित किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश के खेल सचिव सुहास एल. वाई. का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वह स्वयं पैरालंपिक में मेडल जीत चुके खिलाड़ी हैं, जो खिलाड़ियों के हित में नीतिगत सुधार कर रहे हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद ब्रजलाल, संजय सेठ, विधायक जय देवी, योगेश शुक्ला, इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।   सीएम योगी ने हॉकी स्टिक उठाई, शॉट लगाया और फिटनेस की शपथ दिलाई सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान हॉकी स्टिक से गेंद को हिट करके स्टेट हॉकी प्रतियोगिता का भी शुभारंभ किया। यही नहीं, उन्होंने कुछ देर तक हॉकी मैच भी देखा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों में सम्मिलित होने और फिटनेस के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने शपथ दिलाई, 'मैं शपथ लेता हूं कि मैं खुद को सार्वजनिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाऊंगा। मैं अपने परिवार और दोस्तों को हर दिन एक खेल और फिटनेस गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करूंगा। मैं हर खेल में उत्कृष्टता, सम्मान और खेल के अलौकिक मूल्यों को आत्मसात करने का प्रयास करूंगा।' मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों का परिचय भी प्राप्त किया और उनके खेल और पढ़ाई के विषय में भी बात की। मैच के अंत … Read more

बरसाना में प्रेमानंद महाराज ने लगाई गहबर वन की परिक्रमा, राधा अष्टमी की तैयारियां शुरू

मथुरा  प्रेमानंद महाराज शुक्रवार को सुबह राधारानी के धाम बरसाना पहुंचे और गहबर वन की परिक्रमा लगाई। उन्होंने राधारानी के मंदिर में जाकर दर्शन कर लाडली जू का आशीर्वाद लिया। प्रेमानंद महाराज के आने की खबर लगते ही स्थानीय लोग और राधा जनमोत्सव का दर्शन करने पहुंचे भक्त उनके दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। चारों तरफ राधारानी के जयकारे गुंजायमान हो उठे। प्रेमानंद महाराज ने भी राधा रानी के खूब जय कार्य लगाए। बता दें कि राधा अष्टमी से पहले प्रेमानंद महाराज बरसाना पहुंचे हैं। राधा अष्टमी महोत्सव के लिए 16 घंटे खुला रहेगा मंदिर बरसाना में श्री राधाष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान अभिषेक के दर्शन करीब एक घंटे तक श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे। करीब सोलह घंटे तक राधारानी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। जिला प्रशासन कि व्यवस्था के अनुरूप इस बार एकल मार्ग के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ को राधारानी मंदिर की सुदामा चौक की सीढ़ीयों से प्रवेश कराया जाएगा। वहीं जयपुर मंदिर मार्ग से श्रद्धालुओं को उतारा जाएगा। सखी ललिताजी का जन्मोत्सव आज श्रीराधारानी की नगरी बरसाना में राधाजी की अष्ट सखियों में प्रमुख सखी ललिता जी का जन्मोत्सव ऊंचागांव स्थित ललिता मंदिर सहित बरसाना में भी धूमधाम से 29 अगस्त को मनाया जा रहा है। कस्बे से दो किमी दूर स्थित ऊंचागांव के ललिताजी मंदिर में मंदिर के पीठाधीश्वर कृष्णानंद तैलंग उर्फ सूसठ महाराज के निर्देशन में राधा जी की प्रधानसखी ललिता जी का जन्मोत्सव 29 अगस्त को मनाया जा रहा है। इसके अलावा राधाजी के गांव बरसाना में सुदामा चौक स्थित अष्टसखी मंदिर और लाडलीजी मंदिर में मध्याह्न 12 बजे ललिताजी का जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर ऊंचागांव व बरसाना के मंदिरों में जन्माभिषेक और मंगल गीत गायन हुआ।  

कांग्रेस ऑफिस पर BJP का हल्ला बोल, मारपीट-तोड़फोड़ का आरोप

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दरभंगा में कांग्रेस नेता मोहम्मद नौशाद के मंच से मां की गाली देने से भड़के भाजपा कार्यकर्ता शुक्रवार की सुबह पटना में सड़कों पर उतर आए और बिहार कांग्रेस के दफ्तर सदाकत आश्रम पर हमला बोल दिया। नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी के मंत्री नितिन नबीन और संजय सरावगी के नेतृत्व में कांग्रेस दफ्तर तक मार्च गया था, जो वहां उग्र हो गया। भाजपा के कार्यकर्ता सदाकत आश्रम के अंदर घुस गए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा वालों ने दफ्तर में मौजूद लोगों से मारपीट की और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की है। कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री और उनके बॉडीगार्ड हमले में शामिल थे जबकि पुलिस मिली हुई थी। विपक्षी दलों के महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान बुधवार को दरभंगा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के स्वागत में कांग्रेस नेता नौशाद के मंच से पीएम को मां की गाली दी गई थी। गुरुवार देर रात आरोपी रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार को इसी बात को लेकर पटना में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बीजेपी नेता और कार्यकर्ता पटना के कुर्जी अस्पताल से सदाकत आश्रम तक विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस दफ्तर पहुंचने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। फिर मार्च में शामिल भाजपा कार्यकर्ता सदाकत आश्रम में ही घुस गए। इस पर कांग्रेस वर्कर भी उग्र हो गए। दोनों ओर से लाठी और डंडे चले हैं। सदाकत आश्रम में खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए हैं। झंडे वाले डंडे से मारपीट में दोनों और से कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। पटना जिला के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष परवेज अहमद ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा वालों के साथ मिली हुई थी। मंत्री के बॉडीगार्ड भी मारपीट कर रहे थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा वालों ने सदाकत आश्रम में खड़े एक ट्रक और तीन कार का शीशा फोड़ दिया। उस समय कांग्रेस मुख्यालय में करीब 15 कर्मचारी थी। इन्होंने अंदर घुसे भाजपाइयों का विरोध किया तब भिड़ंत हुई। प्रदर्शनकारियों के पत्थर और डंडे से सेवादल के कार्यालय मंत्री विपिन झा और पूर्व जिलाध्यक्ष परवेज अहमद का माथा फट गया। कांग्रेस ने कहा है कि दफ्तर के स्टाफ विपिन और दिनेश शंकर दास समेत अन्य कर्मचारियों को भी पीटा गया है। पुलिस इस झड़प के बाद पहुंची, तब भाजपा कार्यकर्ता वहां से हटे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वहां पहले से चार-पांच पुलिसकर्मी थे लेकिन मूकदर्शक बने रहे। प्रदर्शनकारियों ने बस को क्षतिग्रस्त किया मार्च में शामिल मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि पीएम की दिवंगत माता को गालियां दी गईं और विरोध पर कांग्रेस के गुंडों ने भाजपा के जुलूस पर हमला कर दिया। सदाकत आश्रम के अंदर से पत्थर चलाए गए, जिसमें हमारे कई कार्यकर्ता जख्मी हो गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि देश का अपमान करना कांग्रेस का चरित्र है। पहले राहुल गांधी ने पीएम के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसके बाद उनके कार्यकर्ता भी गाली देने लगे। यह देश का अपमान है, जिसे कोई सहन नहीं करेगा। नितिन नबीन ने कहा कि कांग्रेस ऑफिस में पहले से पत्थर रखे गए थे। हमारे कई कार्यकर्ता जख्मी हैं। लेकिन सही समय पर वोट के चोट से उन्हें जवाब दिया जाएगा।

हरियाणा सरकार की नई योजना, हर परिवार की 3 महिलाएं भी सभी लाभार्थी, एज-इनकम की शर्त से कुछ महिलाएं बाहर

चंडीगढ़  हरियाणा में लाडे लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये कब मिलेंगे? आखिरकार हरियाणा की लाखों महिलाओं के इस सवाल का जवाब आज 28 अगस्त गुरुवार को मिल गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान करते हुए बता दिया है कि लाडो लक्ष्मी योजना कब से शुरू होगी। सीएम ने कैबिनेट मीटिंग के फैसले की जानकारी देते हुए ताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर 25 सितंबर, 2025 को इस योजना को लॉन्च कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 2100 रुपये भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस योजना का ऐलान करते हुए कहा कि 25 सितंबर, 2025 से राज्य की सभी 23 साल से ज्‍यादा उम्र की लड़कियों व महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। महिलाएं चाहें शादीशुदा हों या फिर अविवाहित, सभी के खाते में 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। इन महिलाओं के खाते में आएंगे पैसे मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जिनके परिवार की सालाना कमाई 1 लाख रुपये से कम है। आगे चलकर अन्य आय वर्ग वाले परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। क्या होगी पात्रता योजना का फायदा लेने के लिए पात्रता की कुछ शर्तें हैं। सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि अगर महिला अविवाहित है और अगर विवाहित है तो वह कम से कम 15 साल से हरियाणा की नागरिक होनी चाहिए। इसी तरह विवाहित आवेदक महिला का पति भी 15 साल से हरियाणा का नागरिक होना चाहिए। इस योजना की अच्छी बात है कि एक परिवार से जितनी मर्जी महिलाएं इस योजना का फायदा उठा सकती हैं। इस पर कोई सीमा नहीं है। सीएम ने कहा कि एक परिवार की जितनी भी महिलाएं पात्रता की शर्तें पूरी करेंगी, उन सभी को दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का फायदा मिलेगा। इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है तो नहीं मिलेंगे 2100 रुपये मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि अगर राज्य में चल रही ऐसी 9 योजनाओं का लाभ महिलाओं को पहले से मिल रहा है, जिसमें उन्हें 2100 रुपये प्रति महीने से ज्यादा पैसा मिल रहा है तो उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि अगर कोई स्टेज-3 कैंसर से पीड़ित है, या थैलीसीमिया समेत 54 से ज्यादा दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें अलग से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मिलेंगे। उम्र-आय शर्त से बाहर 1 लाख महिलाएं, 20 लाख लाभार्थियों में कौन शामिल हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने महिलाओं को 25 सितंबर से 2100 रुपए हर महीने देने की घोषणा की है। सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए इस बजट में 5 हजार करोड़ का फंड रखा है। योजना का फायदा देने के लिए 23 से 60 की उम्र की शर्त रखी है। ऐसे में योजना के पहले चरण में अभी उम्र व आय की शर्त से हरियाणा में लाभार्थी महिलाओं की संख्या घट गई है। हरियाणा में इनकम की स्लैब बनी हुई हैं। इनमें एक लाख से 1.40 लाख का स्लैब है। स्लैब का लोअर पार्ट गिना जाता है। ऐसे में इस स्लैब की लाभार्थी महिलाओं की संख्या करीब 20 लाख बन रही है। परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस इनकम स्लैब में 23 से 60 साल तक की 17 लाख 25 हजार विवाहित महिलाएं हैं। जबकि 23 से 45 साल की 2.75 लाख कुंवारी यानी अविवाहित हैं। सीएम नायब सैनी ने भी कहा कि पहले चरण में करीब 19-20 लाख लाभार्थी होंगी। इनकम कम होने के बावजूद 1 लाख महिलाएं लाभपात्र नहीं एक लाख इनकम की शर्त को पूरा करने के बावजूद करीब 1 लाख महिलाओं को 2100 रुपए का लाभ नहीं मिल पाएगा। क्योंकि इनमें से करीब 45 हजार विधवाएं, 11 हजार निराश्रित, 14 हजार दिव्यांग पेंशन ले रही हैं। इसके अलावा 2500 महिलाएं संविदा कर्मी और 2500 महिलाएं लाडली योजना का पहले से ही लाभ ले रही हैं। 1 लाख से कम की शर्त से सिर्फ 8 लाख ही लाभार्थी बनती अगर प्रदेश सरकार एक लाख रुपए से कम इनकम का दायरा तय करती तो हरियाणा की करीब 8 लाख महिलाएं ही योजना की लाभार्थी बन पातीं। एक लाख रुपए करने से लाभपात्र महिलाओं की संख्या 20 लाख पहुंच गई। CM नायब सैनी ने कहा कि योजना के अगले चरण में इनकम का दायरा बढ़ाया जाएगा। यदि इसे 1.80 लाख किया जाता है तो करीब 10 लाख लाभार्थी बढ़ जाएंगी। दिल्ली में 18 साल तो बाकी राज्यों में 21 साल की महिलाओं को लाभ उम्र के मामले में हरियाणा की शर्त अन्य राज्यों के मुकाबले टफ मानी जा सकती है। पड़ोसी दिल्ली में भाजपा सरकार ने 18 साल से अधिक आयु की युवतियों को डायरेक्टर कैश बेनिफिट योजना का पात्र माना है। हालांकि वहां अभी योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में योजना के लाभ के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल रखी गई है। आय की टफ शर्त ने भी हरियाणा में घटाए लाभार्थी हरियाणा में 1 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाभ मिलेगा। जबकि महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में 2.5 लाख रुपए वार्षिक आय वाली परिवारों की महिलाओं को भी लाभ मिल रहा है। कर्नाटक में राशन कार्ड में सिर्फ परिवार की मुखिया महिला को लाभ मिलता है। जबकि हरियाणा में एक परिवार से 3 महिलाओं तक को लाभ मिलेगा। हरियाणा में यदि सभी BPL परिवारों को योजना का लाभपात्र माना जाता तो करीब 42 लाख परिवारों की महिलाएं लाभार्थी होतीं। हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना क्या है हरियाणा में विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने ऐलान किया था कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं के खाते में हर महीने 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। इसके लिए बजट का भी ऐलान कर दिया गया था। माना जा रहा है कि राज्य की करीब 50 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। लाडो लक्ष्मी योजना 2025 का बजट कितना है हरियाणा सरकार ने 2025 के बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए अलग से बजट का भी … Read more

सितंबर में 15 बैंक हॉलिडे! अपने राज्य की छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखें

भोपाल  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने पूरे देश के लिए छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है. यह लिस्ट राज्यों के त्योहार को देखते हुए जारी की जाती है. इस महीने अगस्त में भी करीब आधे महीने बैकों में कोई कामकाज नहीं हुआ. वहीं, अब केंद्रीय बैंक ने सितंबर महीने की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है. नए महीने में भी कमोबेश यही हाल रहने वाले है. आइये छुट्टियों की लिस्ट पर डालते हैं एक नजर. सितंबर 2025 में भी कई ऐसे मौके आ रहे हैं, जब बैकों में कामकाज ठप रहेगा. बैंककर्मियों की बल्ले-बल्ले होगी. आरबीआई की जो लिस्ट सामने आई है, उसके मुताबिक करीब 15 दिन बैकों में ताले लटकेंगे. वैसे ऑनलाइन सेवाएं लगातार चालू रहेंगे. सितंबर 2025 में इतने दिन बैंकों में नहीं होंगे काम सितंबर महीने में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियों के चलते बैंकों में महीने के आधे दिन कोई कामकाज नहीं होगा. आरबीआई के मुताबिक हर महीने के रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार को साप्ताहिक बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रखती है. इसके अलावा त्योहारों और पर्वोें के चलते भी बैंक में ताले लटके रहते हैं. ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी छुट्टियों में किसी को परेशानी ना हो इसके लिए सभी तरह की ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी. एटीएम, नेट और मोबाइल बैंकिंग भी काम करते रहेंगे. अगर कोई बैंक संबंधित काम के लिए जाना है तो इन तारीखों पर जाने से बचें और छुट्टियों के कैलेंडर पर एक नजर अवश्य डाल लें.   सितंबर के महीने में देशभर में कई त्यौहार और क्षेत्रीय अवसर मनाए जाएंगे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों में बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। इनमें कर्म पूजा, ओणम, ईद-ए-मिलाद, इंद्रजात्रा, नवरात्र स्थापना, दुर्गा पूजा और महाराजा हरि सिंह की जयंती जैसे पर्व शामिल हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें। कई बार बैंक बंद होने पर असुविधा का सामना करना पड़ता है। नियमित साप्ताहिक अवकाश त्योहारों के अलावा हर महीने की तरह सितंबर में भी दूसरे और चौथे शनिवार और सभी रविवार को बैंकों की छुट्टी रहेगी। राज्यवार बैंक छुट्टियों की लिस्ट 3 सितंबर (बुधवार): झारखंड में कर्म पूजा के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 4 सितंबर (गुरुवार): केरल में पहला ओणम के अवसर बैंक की छुट्टी रहेगी। 5 सितंबर (शुक्रवार): गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर में ईद-ए-मिलाद और तिरुवोनम के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 6 सितंबर (शनिवार): सिक्किम, छत्तीसगढ़ में ईद-ए-मिलाद/इंद्रजात्रा पर बैंक की छुट्टी रहेगी। 12 सितंबर (शुक्रवार): जम्मू, श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उल-नबी के बाद के शुक्रवार के दिन बैंक बंद रहेंगे। 22 सितंबर (सोमवार): राजस्थान में नवरात्र स्थापना के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 23 सितंबर (मंगलवार): जम्मू, श्रीनगर में महाराजा हरि सिंह जयंती के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 29 सितंबर (सोमवार): त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल में महा सप्तमी/दुर्गा पूजा के मौके पर बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। 30 सितंबर (मंगलवार): त्रिपुरा, ओडिशा, असम, मणिपुर, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में महा अष्टमी/दुर्गा पूजा पर बैंकों का अवकाश रहेगा।

पूर्व मंत्री रामदास सोरेन को दी श्रद्धांजलि, CM और राज्यपाल रहे शामिल

रांची झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री स्व. रामदास सोरेन के श्राद्ध संस्कार भोज में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। उनके साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद थी। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने स्व. रामदास सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत और पत्नी कल्पना सोरेन दोपहर करीब 2:15 बजे हेलीकॉप्टर से घोड़ाबांधा स्थित कम्फुटा मैदान में बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उतरे, जहां से वे सीधे श्राद्ध स्थल पहुंचे। वहीं, राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी रामदास सोरेन के श्राद्ध कर्म में भाग लिया। राज्यपाल ने रामदास सोरेन की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। अनुष्ठान में भाग लेने के बाद राज्यपाल ने सोरेन के परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। बता दें कि श्राद्ध भोज के आयोजन के लिए घोड़ाबांधा में एक भव्य पंडाल तैयार किया गया था, जिसमें वीआईपी अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि रामदास सोरेन का 15 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। रामदास सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पूर्वी सिंहभूम जिला समिति के अध्यक्ष भी थे। सोरेन को 2 अगस्त को यहां घोड़ाबांधा स्थित अपने आवास के शौचालय में गिरने के बाद सिर में गंभीर चोट लगी थी और उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने 15 अगस्त को अंतिम सांस ली। सोरेन ने 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे एवं भारतीय जनता पार्टी के बाबूलाल सोरेन को हराकर घाटशिला विधानसभा सीट पर तीसरी बार जीत हासिल की थी।  

‘राजनीति का गिरता स्तर चिंताजनक’ – पीएम मोदी को गाली पर मायावती की प्रतिक्रिया

पटना  बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मां की गाली से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी दुखी हैं। मायावती ने शुक्रवार को कहा कि राजनीति में उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अभद्र टिप्‍पणी किया जाना दुखद और चिंतनीय है। मायावती ने 'एक्‍स' पर लिखा कि देश में खासकर राजनीतिक स्वार्थ के कारण राजनीति का गिरता हुआ स्तर अति-दुखद एवं चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि देश में उच्च सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं व विशेषकर राजनीति में उच्च पदों पर बैठे लोगों के बारे में जिस प्रकार की अभद्र, अशोभनीय, अमर्यादित व असंसदीय टिप्पणी करके उनकी व देश की छवि को भी धूमिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं वह अत्यंत दुखद व चिंतनीय है। कहा कि इस संबंध में सभी दलों की राजनीति सिद्धांत आधारित और देश और आमजन के हित में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खासकर चुनाव के समय यह प्रक्रिया और भी अधिक विषैली व हिंसक हो जाती है। इसी क्रम में अभी बिहार में भी जो कुछ देखने व सुनने को मिला है वह देश की चिंता को बढ़ाने वाला है। मायावती ने कहा कि बसपा किसी भी प्रकार की दूषित व जहरीली राजनीति के खिलाफ है। भाजपा ने इस मुद्दे पर कहा है कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत 'इंडिया' गठबंधन को जनता द्वारा ''दंडित'' किया जाएगा। सोशल मीडिया पर आई एक वीडियो क्लिप में कुछ लोग 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान दरभंगा में एक मंच से प्रधानमंत्री मोदी को मां की गाली देते सुनाई और दिखाई दे रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने गाली देने वाले को गिरफ्तार कर लिया है। सीएम योगी आक्रोशित इससे पहले सीएम योगी ने इसी लेकर गुस्से का इजहार किया था। योगी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है। INDI गठबंधन के नेताओं द्वारा किया गया यह कृत्य सिर्फ प्रधानमंत्री जी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारत वासियों की भावनाओं का अपमान है। याद रहे, एक साधारण माँ ने अपने संघर्षों और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा, जिसने स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया और आज विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में जन-जन के मन में बसते हैं। बिहार की जनता निश्चित ही इस घृणित राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।  

पटना कोर्ट परिसर में बम की सूचना पर मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

पटना पटना व्यवहार न्यायालय को शुक्रवार को गंभीर बम धमकी मिली, जिसके बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी ईमेल के माध्यम से न्यायालय के जज को भेजी गई। सूचना मिलने के तुरंत बाद पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गए। वहीं, कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली करवा दिया गया और सभी सुनवाईयां नई तारीख पर स्थगित कर दी गईं। बम स्क्वॉड की टीम को भी बुलाया गया और न्यायालय परिसर में विस्तार से तलाशी अभियान चला। हालांकि, तलाशी के दौरान किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला। पटना पुलिस का कहना है कि धमकी किस ओर से और किसने भेजी, इसकी जांच की जा रही है। साइबर सेल और अन्य जांच टीमों की मदद भी ली जा रही है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। धमकी ईमेल में कहा गया है कि बिहार से तमिलनाडु जाने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। धमकी में बताया गया कि चार आरडीएक्स आईईडी न्यायाधीश के कक्ष और परिसर में स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही ईमेल में यह भी दावा किया गया कि यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से चलाया जा रहा है और बिहार श्रमिकों को चेन्नई भेजना बंद किया जाए। इस धमकी के बाद पटना व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस मामले की गहन जांच में लगी हुई है। वहीं, पटना व्यवहार न्यायालय के वकील राजन सिंह ने बताया कि यह दूसरी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को बम धमकी मिली है। उन्होंने कहा कि पटना पुलिस से अपील है कि इस मामले को गंभीरता से लें और धमकी देने वाले को तुरंत गिरफ्तार करें। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली बार धमकी देने वाले की गिरफ्तारी हुई या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस बार धमकी मिलने के बाद कोर्ट में अफरातफरी मच गई और हम सभी फौरन अपने-अपने चैंबर से बाहर निकल आए। राजन सिंह ने कहा कि पटना पुलिस कोर्ट में कड़ी सुरक्षा मुहैया कराए।