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बी डी कॉलेज के विद्यार्थियों ने किया बापू टावर का शैक्षणिक भ्रमण

पटना प्राचार्या प्रो. रत्ना अमृत के निर्देशानुसार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों एवं दर्शन से अवगत कराने हेतु महाविद्यालय के इतिहास, प्राचीन इतिहास और दर्शनशास्त्र विभाग के छात्र छात्राओं को बापू टावर संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया । महात्मा गांधी की विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में बापू टावर संग्रहालय आगंतुकों के अनुभव में गहराई और प्रामाणिकता जोड़ती है ।यह शैक्षणिक भ्रमण निश्चित रूप से विद्यार्थियों की शोधपरक दृष्टि को बढ़ावा देगी । बापू टावर बच्चों , छात्रों , शोधकर्ताओं और गांधी के सिद्धांतों में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है । महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने महाविद्यालय की नई प्राचार्या प्रो रत्ना अमृत के प्रति आभार प्रकट करते हुए अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह भ्रमण उन्हें आजीवन याद रहेगा । ऐतिहासिक घटनाओं , गांधी के विचारों और बिहार के साथ उनके गहन संबंध की अपनी व्यापक प्रदर्शनी के साथ टावर का यह भ्रमण निस्संदेह एक ज्ञानवर्धक अप्रतिम अनुभव प्रदान करनेवाला साबित हुआ क्योंकि यह पारंपरिक स्मारकों से परे है । भ्रमण के लिए साथ जाने वाले शिक्षकों में डॉ दिव्या कुमार, डॉ मनिता कुमारी यादव , डॉ दिवाकर कुमार पांडेय , नीतू तिवारी, डॉ स्वर्णा कुमार, आलोक कुमार आदि शामिल थे ।

नरेला रक्षाबंधन: मंत्री सारंग को 1,84,632 बहनों ने बांधा रक्षा-सूत्र, रिकॉर्ड कायम

भोपाल नरेला रक्षाबंधन उत्सव विश्व के सबसे बड़े रक्षाबंधन महोत्सव का बुधवार को ऐतिहासिक समापन हुआ। इस वर्ष सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री तथा नरेला विधायक विश्वास कैलाश सारंग को रिकॉर्ड 1 लाख 84 हज़ार 632 बहनों ने रक्षा-सूत्र बांधकर नया स्वर्णिम कीर्तिमान स्थापित किया। विगत 16 वर्षों से निरंतर आयोजित इस विख्यात रक्षाबंधन महोत्सव में नरेला विधानसभा के सभी 17 वार्डों सहित भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों से बहनों ने भाग लेकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। बहनों के स्नेह से भावविभोर हुए मंत्री सारंग मंत्री सारंग ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक पर्व नहीं बल्कि बहनों और भाइयों के अटूट विश्वास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 1 लाख 82 हज़ार से अधिक बहनों ने राखी बांधकर आशीर्वाद दिया था। इस वर्ष यह संख्या और बढ़कर 1 लाख 84 हज़ार 632 हो गई। यह स्नेह और विश्वास ही मुझे जनसेवा के लिए निरंतर शक्ति प्रदान करता है। मंत्री सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन महोत्सव अब केवल राखी का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान का भी मंच बन चुका है। लव जिहाद और नशे की काली छाया में बहनों को फँसाने वाले तत्वों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार का धर्म स्वातंत्र्य कानून इस लड़ाई को और अधिक सशक्त बनाता है। ‘विश्वास विजय वाहिनी’ हर पीड़ित परिवार को कानूनी व सामाजिक सहायता उपलब्ध कराएगी। अंतिम दिन भी उमड़ा बहनों का जनसैलाब बुधवार को उत्सव के अंतिम दिन के कार्यक्रमों में उत्साह देखते ही बनता था। नरेला विधानसभा के वार्ड 41 एवं 59 में आयोजित महोत्सव में बहनों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अपने ‘भैया’ विश्वास सारंग को राखी बांधने के लिए बहनें कतारबद्ध खड़ी रहीं। इस अवसर पर राखी बांधने आई हर बहन को उपहार स्वरूप छाता, साड़ी, अभिमंत्रित रुद्राक्ष प्रदान किया गया और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। टूटा पिछले वर्ष का रिकॉर्ड यह रक्षाबंधन महोत्सव पिछले कई वर्षों से विश्व रिकॉर्ड में दर्ज है। विगत वर्ष 1 लाख 82 हज़ार बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर नया इतिहास रचा था। वहीं इस वर्ष 1 लाख 84 हज़ार से अधिक बहनों ने राखी बांधकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस तरह महोत्सव ने न केवल अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि एक नई ऊँचाई भी हासिल की। भव्य स्वागत और शोभायात्रा वार्ड 59 शाखा ग्राउंड स्थित मुख्य कार्यक्रम स्थल पर मंत्री सारंग का स्वागत अत्यंत भव्य रहा। कार्यकर्ताओं और रहवासियों ने बग्गी, दोपहिया और चारपहिया वाहनों की रैली के साथ उनका स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से माहौल गूंज उठा। मंत्री सारंग ने खुले हाथों से बहनों और क्षेत्रवासियों का अभिवादन किया और इस अपार स्नेह के लिए आभार जताया।  

जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने किया इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार और उद्योग का परिचय

मध्यप्रदेश–जर्मनी टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन सहयोग 2025 जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने किया इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार और उद्योग का परिचय उद्योग, नवाचार और अध्यात्म का संगम: जर्मन प्रतिनिधिमंडल का इंदौर–उज्जैन दौरा इंदौर–उज्जैन में जर्मन व्यापारियों का दौरा, उद्योग और संस्कृति के नए पहलुओं से परिचय जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल का इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार, उद्योग और अध्यात्म का अनूठा संगम इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयासों का असर बुधवार को उज्जैन और इंदौर में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इनोवेशन प्रोग्राम 2025’ के तीसरे दिन जर्मनी की पाँच अग्रणी टेक कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी इंदौर, चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर का भ्रमण किया और उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड में स्थानीय उद्यमियों, स्टार्टअप्स से संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल का दौरा एमपीआईडीसी के नेतृत्व में जीआईआईसी एवं आईएम ग्लोबल के सहयोग से हो रहा है। यह दौरा 22 अगस्त तक इंदौर और भोपाल में जारी रहेगा। प्रतिनिधि मंडल की तीसरे दिवस दिन की शुरुआत आईआईटी इंदौर के चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर के अनुभवात्मक दौरे से हुई। इस दौरान आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन और उनके स्टार्टअप कार्यों का परिचय दिया गया। इसके बाद डिजिटल हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन किया गया। साथ ही इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग सेंटर का भ्रमण भी हुआ। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल उज्जैन पहुँचा, उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित सत्रों में प्रतिनिधिमंडल ने पहले स्थानीय उद्योगपतियों एवं HNIs से बैठक की। इस दौरान निवेश और संभावित साझेदारियों के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही उज्जैन आधारित टेक स्टार्टअप्स के साथ विशेष इंटरैक्शन हुआ, जिसमें युवा उद्यमियों ने अपने नवाचारपूर्ण उत्पाद एवं समाधानों का प्रदर्शन किया। उज्जैन स्मार्ट सिटी में आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में आयुक्त स्मार्ट सिटी अभिलाष मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे। "आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एंड सिंहस्थ-2028" सत्र में प्रतिनिधिमंडल एवं स्थानीय उद्यमियों ने चर्चा के दौरान यह जाना कि एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्मार्ट समाधान आगामी सिंहस्थ 2028 को एक वैश्विक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने में कैसे योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर स्मार्ट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ। बैठक के दौरान स्मार्ट सिटीके लिए इनोवेटिव समाधान, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित रिप्लेसमेंट एजेन्ट्स पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर एआई और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा प्रदान की। लेक्सीनेक्सी एआई, मिलेट आईटी, एमआर सॉफ्ट प्रा.लि. जैसे स्थानीय उद्यम अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों एवंजर्मन डेलीगेशन के साथसाझेदारी व सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। यह पहल उज्जैन को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी राजेश राठौड़ एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा ने अपने संबोधन में कहा कि Cities 2.0 Vision और महाकुंभ प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीकी समाधानों के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर दिया कि उज्जैन शीघ्र ही सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट और स्मार्ट टेक्नोलॉजी एडॉप्शन का अग्रणी केंद्र बनेगा। आईएम ग्लोबल के संस्थापक सी.के. तिवारी ने कहा कि नए व्यवसायों की चुनौतियों का समाधान केवल रिसर्च-ड्रिवन अप्रोच और ग्लोबल कोलैबोरेशन से ही संभव है। उन्होंने स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाज़ारों में सफलता के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उज्जैन प्रवास के दौरान सर्वप्रथम महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजनकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इसके बाद मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन का दौरा किया, जहाँ कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को राज्य में विकसित हो रहे नवीन औद्योगिक ढांचे, प्रौद्योगिकी आधारित पारिस्थितिकी तंत्र तथा सरकार द्वारा निवेशकों को प्रदत्त सुगम और पारदर्शी नीतिगत वातावरण की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल को विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड की औद्योगिक परियोजनाओं और उज्जैन में उभरते निवेश अवसरों से भी अवगत कराया गया। यह संवाद भारत-जर्मनी के मध्य औद्योगिक सहयोग और भविष्य की साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जर्मन कंपनी टाइलर्स, हैलोनिक, स्टेक्स, क्यू-कनेक्ट-एजी और क्लाउड-स्क्विड के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया में उज्जैन दौरे को अत्यंत सार्थक बताया। उनका मानना था कि उद्योग और अध्यात्म का यह अनूठा संगम है। एआई एवं टेक्नोलॉजी के ज़रिए वैश्विक आयोजन ‘सिंहस्थ-2028’ की तैयारियाँ मध्यप्रदेश की प्रगतिशील सोच और नवाचार क्षमता का प्रमाण हैं।  

सिवान नगर निगम के ईओ के ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी

सिवान नगर निगम के ईओ के ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी – ईओयू ने डीए मामले में अनुभूति श्रीवास्तव के तीन ठिकानों पर की छापेमारी – वास्तविक आय से 78.91 प्रतिशत अधिक अवैध आय के मिले प्रमाण – ईओयू के डीआईजी ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी जानकारी पटना आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में सिवान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) अनुभूति श्रीवास्तव के ठिकानों पर ईओयू ने छापेमारी की। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की अलग-अलग टीमों ने ईओ के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर के एडेल्को ग्रीन्स स्थित पैतृक आवास, पटना के रूपसपुर थाना के तिलकनगर स्थित अर्पणा मेंशन के फ्लैट नंबर 406-बी एवं 407-बी तथा सिवान नगर कार्यपालक पदाधिकारी कार्यालय समेत अन्य ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में निवेश संबंधित दस्तावेजों के अलावा ज्वेलरी, कैश, बैंक खाते समेत अन्य कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनकी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कितने की अवैश संपत्ति बरामद की गई है। यह जानकारी ईओयू के डीआईजी (आर्थिक अपराध) मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।       डीआईजी ने कहा कि अब तक की जांच में उनके खिलाफ 71 लाख 1 हजार 908 रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला है, जो उनके वैद्य आय से 78.91 प्रतिशत अधिक है। जांच में यह बात सामने आई है कि अनुभूति श्रीवास्तव ने सीवान जिला में पदस्थापना के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध आय अर्जित की है। इस मामले को लेकर ईओयू में एफआईआर भी दर्ज की गई है। अनुभूति श्रीवास्तव के खिलाफ 31 अगस्त 2021 को भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम की धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। आय से अधिक संपत्ति मामले में उस समय भी इनके खिलाफ हुई कार्रवाई में 230 प्रतिशत अवैध आय का मामला सामने आया था। उस समय जांच में यह पाया गया था कि नवंबर 2013 से सितंबर 2021 के बीच आय के वैध स्रोतों से 1 करोड़ 99 लाख 77 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित किया गया है। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। निलंबन मुक्त होने के बाद उनकी तैनाती रक्सौल, सहरसा के बाद सीवान में हुई।  मधुबनी का कुख्यात तस्कर हुआ गिरफ्तार डीआईजी ने बताया कि मादक पदार्थों एवं द्रव्यों की तस्करी के मामले में मधुबनी के बिस्फी थाना क्षेत्र का रहने वाला कुख्यात तस्कर प्रभाकर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे एनसीबी कोलकाता के सहयोग से गिरफ्तार कर जयपुर स्थित केंद्रीय कारा भेजा गया है। प्रभाकर के खिलाफ केंद्रीय वित्त मंत्रालय के स्तर से वारंट जारी किया गया था। वह पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा पश्चिम बंगाल और बिहार में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में बेहद सक्रिय था। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पेपर लीक कांडः तीन महीने में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन आया सामने सिपाही पेपर लीक गिरोह का मुख्य आरोपी राजकिशोर साह को गिरफ्तार कर लिया गया है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के पेपर लीक से संबंधित मामले की जांच ईओयू के स्तर से की जा रही है। राजकिशोर अरवल जिला के करपी थाना के बख्तारी गांव का रहने वाला है। उसके बैंक खातों की जांच में पाया गया कि तीन महीने में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन सामने आय़ा है। इसमें बड़ा हिस्सा संजीव मुखिया गिरोह को ट्रांसफर हुआ है। इस मामले में दो कोचिंग संचालकों मुकेश सर और चंदन सर का नाम प्रमुखता से सामने आई है। इन दोनों का सत्यापन हो गया है। जल्द इनकी गिरफ्तारी होगी। कुछ अन्य कोचिंग संचालकों के नाम भी सामने आए हैं। सिम बॉक्स मामले में देवघर से हुई गिरफ्तारी ईओयू की साइबर टीम ने सिम बॉक्स मामले में देवघर के पारो थाना क्षेत्र से मुकेश को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इस मामले में वैशाली से सुल्तान को भी गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ मुकेश के काफी चैट और पैसे की लेनदेन से जुड़े साक्ष्य बरामद किए गए हैं। इससे संबंधित काफी साक्ष्य बरामद मिलने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई है। सिम बॉक्स मामले में 21 जुलाई को सबसे पहले सुपौल से हर्षित कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वैशाली और इससे जुड़ा देवघर का कनेक्शन सामने आने के बाद गिरफ्तारी की गई है। यह जानकारी डीआईजी (साइबर) संजय कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पेट्रोलिंग यूनिट 432 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 115 वेबसाइटों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। शेष मामलों की जांच जारी है। साइबर से जुड़े मामलों का निपटारा भी बड़ी संख्या में किया जा रहा है।

इस महीने बिहार वालों को मिलने वाली है ‘विज्ञान का तीर्थ’ की सौगात!

इस माह के अंत तक खुलेगी डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी  इस महीने बिहार वालों को मिलने वाली है ‘विज्ञान का तीर्थ’ की सौगात!    बिहार को मिलेगा ‘विज्ञान का तीर्थ’! इस महीने होगा उद्घाटन… जानिए कैसा होगा  500 सीटों का ऑडिटोरियम, सेल्फी प्वॉइंट और 269 विज्ञान प्रदर्श वाली होगी सांइस सिटी पटना  बिहार और खास कर पटना के लोगों को जल्‍द ही एक जबरदस्‍त सौगात मिलने वाली है। महान वैज्ञानिक और भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की स्मृति में बन रही साइंस सिटी इसी माह के अंत तक जनता के लिए समर्पित होगी। भवन निर्माण विभाग ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। लगभग 20.5 एकड़ में फैली यह भव्य साइंस सिटी मोईन-उल-हक स्टेडियम के पास तैयार की गई है। साइंस सिटी का निर्माण बिहार की विज्ञान और शिक्षा यात्रा को एक नई ऊंचाई देगा।  होंगी ये पांच गैलरियां  बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी बेसिक साइंस गैलरी सस्टेनेबल प्लैनेट गैलरी स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी गैलरी बॉडी एंड माइंड गैलरी 26 थीम पर आधारित होगी गैलरी यहां बनाए जा रही पांच गैलरियों को 26 थीम से सजाया जाएगा। जिस पर 269 विज्ञान प्रदर्श लगाए जाएंगे। पहले चरण में बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी और बेसिक साइंस गैलरी में 47 प्रदर्श स्थापित किए जा रहे हैं। जो विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए अद्भुत होगा। साइंस सिटी सिर्फ विज्ञान प्रदर्श तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह युवाओं और बच्चों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का बेहतरीन संगम बनेगी। साइंस सिटी में ये भी ​​होगा खास 500 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम 150 छात्रों व 3 शिक्षकों के लिए डोरमेटरी 4डी थियेटर, बहुउद्देशीय हॉल और प्री-फंक्शनल हॉल कैफेटेरिया, पार्किंग, पेयजल और शौचालय एट्रियम बनेगा आकर्षण साइंस सिटी का एट्रियम एरिया खास तौर पर आकर्षक का केंद्र होगा। यहां सेल्फी पॉइंट, डिजिटल पैनल और म्यूरल्स लगाए जा रहे हैं। यानी यहां सिर्फ विज्ञान ही नहीं, बल्कि खूबसूरत माहौल का भी अनुभव मिलेगा। विद्यार्थियों और युवाओं के लिए बड़ा तोहफ़ा भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि के मुताबिक साइंस सिटी का सिविल वर्क पूरा हो चुका है और प्रदर्शों की इंस्टॉलेशन तेजी से हो रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी की जा रही है। यह साइंस सिटी न सिर्फ विद्यार्थियों बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए विज्ञान और नवाचार का अनूठा केंद्र बनने जा रही है।

स्वयं सहायता समूहो ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए दो करोड़ झण्डे तैयार करने मे किया योगदान

स्वयं सहायता समूहो ने हर घर तिरंगा अभियान को  सफल बनाने के लिए दो करोड़ झण्डे तैयार करने मे किया योगदान लखनऊ उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन मे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने व  स्वयं  सहायता समूहो  की दीदियो की आमदनी बढ़ाने के लिए समूहो की दीदियो को झण्डा तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गयी थी, जिसका बखूबी निर्वहन किया गया। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को कुल 2 करोड़ झण्डो को तैयार कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके अंतर्गत 75 जनपदों में 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण सफलतापूर्वक किया गया है, इसके लिए कुल 40 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों में वितरित की जानी है, जिसमें से महिला समूहों को लगभग 10 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होगी। यह न केवल उनके लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक रूप से आजीविका अर्जित करने में भी सहायता करेगा। यह पहल न केवल राष्ट्रीय गौरव को प्रबल करने वाली सिद्ध हुई, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम रही। SHG की सामूहिक भागीदारी ने हर घर तिरंगा अभियान को जनपद स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने में अहम भूमिका निभाई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनपदों की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सक्रिय रूप से जोड़ा गया। जिलास्तर पर SHG की महिलाओं द्वारा तिरंगा सिलाई का कार्य किया गया, जिससे उन्हें आजीविका के अवसर प्राप्त हुए और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित हुई।

पशुओं की ब्लडलाइन चेंज करने की कवायद में जुटा पटना जू

पशुओं की ब्लडलाइन चेंज करने की कवायद में जुटा पटना जू  93 प्रजाति के 1100 जानवर हैं पटना जू में  पेयरिंग और ब्लडलाइन चेंज से सुधरेगी व्यवस्था  पटना संजय गांधी जैविक उद्यान में अब ब्लडलाइन चेंज करने की कवायद शुरू की गई है। नए पशुओं को लाने की जगह जो जानवर पहले से यहां मौजूद हैं उनकी पेयरिंग और ब्लडलाइन चेंज करने की कोशिश की जा रही है। ब्लडलाइन चेंज करने के पीछे का उद्देश्य इनब्रिडिंग को रोकना और आने वाले बीमारियों से बचाना है। इन पशुओं की बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण कवायद है।  यह पहल पशुओं की सेहत, प्रजनन क्षमता और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि समय – समय पर ब्लडलाइन बदलना बहुत जरूरी है क्योंकि एक ही नस्ल या रक्तरेखा के पशुओं में लगातार प्रजनन से उनकी सेहत कमजोर होती है, बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है और प्रजनन क्षमता घट जाती है। जू प्रशासन ने बताया कि एक ही नस्ल के बीच लगातार मेटिंग करने से इनब्रिडिंग की समस्या आ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए रक्तरेखा बदलने के लिए देश के विभिन्न चिड़ियाघरों से जानवरों के आदान प्रदान की बात की जा रही है।  ब्लडलाइन चेंज करने के लाभ  ब्लडलाइन चेंज करने से वन्यजीवों में बीमारियों का खतरा कम होता है, उनका स्वास्थ्य भी ठीक होता है। साथ ही उनकी प्रजनन क्षमता भी बढ़ती है और पशुओं में विविधता आती है। जीवों के संरक्षण के लिए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी मानी जाती है। जू के निदेशक हेमंत पाटील ने बताया कि इसके लिए विभिन्न चिड़ियाघरों से बात हो रही है, वर्तमान में इस प्रक्रिया के लिए कोलकाता जू से जिराफ मंगाने के बात चल रही है। गैंडों के प्रजनन के बारे में बताते हुए भी उन्होंने बताया कि हमारे यहां विश्व में सर्वाधिक गैंडे हैं और उनकी भी संख्या बढ़ाने के लिए कोशिश की जा रही है। अभी हाल ही में दो स्टार कछुओं का भी जन्म हुआ है।

राज्यपाल पटेल का सुझाव: विवाह से पहले आनुवांशिक कार्ड का मिलान जरूरी

विवाह के पहले आनुवांशिक कार्ड का करें मिलान : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल का सुझाव: विवाह से पहले आनुवांशिक कार्ड का मिलान जरूरी विवाह से पूर्व करें आनुवांशिक जाँच, स्वास्थ्य के लिए अहम: राज्यपाल पटेल “परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सैल एनीमिया प्रबंधन” पर मण्डला में हुई कार्यशाला भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विवाह के पहले आनुवांशिक कार्ड का मिलान अवश्य कराना चाहिए। सिकल सैल एनीमिया की बीमारी आनुवांशिक है। इसके उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। राज्यपाल पटेल बुधवार को मण्डला के ग्राम सेमरखापाके एकलव्य आदर्श विद्यालय ऑडीटोरियम में “परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सैल एनीमिया प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल से पीड़ित व्यक्ति का चिन्हांकन एवं त्वरित रोग उपचार ही इस बीमारी से बचाव का कारगर उपाय है। जितनी जल्दी इस रोग का पता चलेगा, इसे नियंत्रित करने की संभावना उतनी अधिक होगी। उन्होंने कहा कि आमजन स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर सिकल सैल एनीमिया की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि मां के गर्भ में और बच्चे के जन्म के 72 घंटे में इसकी जांच की सुविधा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शहडोल जिले से वर्ष 2023 से सिकल सैल उन्मूलन का अभियान शुरू हुआ है। तब से लेकर अब तक देश में 7 करोड़ लोगों की जाँच की जा चुकी है, जिसमें मध्यप्रदेश में एक करोड़ 14 हजार व्यक्तियों की जांच की गई। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि प्रदेश में प्राचीन औषधियों को अस्तित्व में बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। मंडला में डी-मार्ट की तर्ज पर ट्रायबल मार्ट बनाया जायेगा। जनजातीय बंधु इसका संचालन करेंगे। यहां मिलने वाले उत्पाद की कीमत बाजार की तुलना में 25-30 प्रतिशत कम होगी। स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय जीवन को बेहतर बनाया जा रहा है। प्रदेश में सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन के लिए युद्ध स्तर पर कार्य हो रहे हैं। केन्द्र व राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रयासों की बदौलत स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आए हैं। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन के संबंध में चिकित्सकों एवं परंपरागत वैद्यों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करना और उसे वृहद स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है। बालाघाट में आयुर्वेद रिसर्च सेंटर खोलने की स्वीकृति भारत सरकार ने दी है। रिसर्च के क्षेत्र में अच्छा काम करने वालों के साथ एम.ओ.यू. भी किए जा रहे हैं। परंपरागत वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और शोध के दस्तावेजीकरण की तरफ बढ़ रहे हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी परंपरागत रूप से काम कर रहे पारंपरिक वैद्यों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्यपाल पटेल अति संवेदनशील हैं, जो जनजातीय जिलों के सुदूर अंचलों तक जाकर इस बीमारी की रोकथाम के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। नर सेवा ही नारायण सेवा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि पूजा अर्चना से परमेश्वर दर्शन देंगे या नहीं यह तो नहीं पता लेकिन जब दीन-हीन बीमार व्यक्ति की सेवा होगी तो उसकी आंखों में परमेश्वर के दर्शन स्वतः हो जाएंगे। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सैल एनीमिया से ग्रसित बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल पटेल एवं अन्य अतिथियों ने मिशन नेत्रज्योति अंतर्गत चश्मा, सिकल सैल दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण किट, विधवा पेंशन कार्ड एवं स्व-सहायता समूह को राशि वितरित की। भगवान धनवंतरी एवं जननायक बिरसामुण्डा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल पटेल का स्वागत अंगवस्त्र, तुलसी पौधा एवं गोंडी पेंटिंग भेंट कर किया गया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने स्मृति चिन्ह स्वरूप गोंडी पेंटिंग भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यशाला में प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमती उमा महेश्वरी, राष्ट्रीय आयुर्वेद महासम्मेलन के प्रो. रविनारायण आचार्य एवं परंपरागत वैद्य शामिल हुए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सम्पूर्णता अभियान से जिलों और विकासखंडों में जीवन में सकारात्मक बदलाव

सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आकांक्षी कृषि जिलों की अवधारणा कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण सम्पूर्णता कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी मूलभूत सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है सम्पूर्णता अभियान का उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह में जिला और विकासखंड अधिकारियों को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप देश ने विकास की नई गति प्राप्त की है। पिछड़े जिलों‍ और विकासखंडों को आकांक्षी रूप में चिन्हित कर विकास के लिए समन्वित प्रयास करना, इस दिशा में उठाया गया प्रभावी कदम है। आज आयोजित सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह, जिला और विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना और सुशासन में आए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। इन जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन और जीवन जीने की परिस्थितियों में आया बदलाव अभियान की सफलता को अभिव्यक्त करता है। सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें पोषक भोजन की उपलब्धता, बच्चों के टीकाकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण, स्कूलों में बिजली की उपलब्धता और समय पर पाठ्य पुस्तक वितरण जैसी गतिविधियों में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राज्य स्तरीय सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह के अंतर्गत कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्णता अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदेश के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के अधिकारियों को उनकी टीम सहित सम्मानित किया। राज्य नीति आयोग की कॉफी टेबल बुक का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य नीति आयोग द्वारा प्रदेश में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर विकसित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित रही। मुख्य सचिव अनुराग जैन, नीति आयोग भारत सरकार के अपर सचिव रोहित कुमार और सदस्य प्रोफेसर रमेशचंद्र ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।   राज्य सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही को दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रदेश में शिक्षा, कृषि, उद्योग, रोजगार, ऊर्जा सहित सभी क्षेत्रों में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में अब 30 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं, इनमें से 10 पिछले सवा साल में शुरू किए गए। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की गई है। सवा साल में साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ा है। प्रदेश में खेती के साथ मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में किसानों के लिए कृषि मेले, निवेश और उद्योग बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट और विभिन्न सेक्टर्स की रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जो कलेक्टर और अन्य अधिकारी बेहतर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्य में लापरवाही को राज्य सरकार किसी भी स्थिति में अनदेखा नहीं करेगी। सम्पूर्णता अभियान ने शासन-प्रशासन की कार्य संस्कृति को दी नई दिशा : मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सम्पूर्णता अभियान ने शासन-प्रशासन की कार्य संस्कृति को नई दिशा दी है। डेटा आधारित मूल्यांकन और स्कोरिंग प्रणाली तथा प्राथमिकताओं की स्पष्टता व पारदर्शिता से प्रशासनिक दक्षता और जन सेवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहन मिला है। नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र ने कहा कि प्रदेश के समुख बड़ी चुनौती थी, परंतु प्रदेश के अधिकारियों के समर्पित प्रयासों से लक्षित संकेतों में सम्पूर्णता प्राप्त करना संभव हुआ है। रमेश चंद्र ने स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े संकेतकों में मध्यप्रदेश में हुए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम में हुए बेहतर कार्य से कृषि क्षेत्र में न केवल उत्पादकता सुधरेगी अपितु उपज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने आकांक्षी कृषि जिलों की अवधारणा का उल्लेख करते हुए इसे कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। नीति आयोग के अपर सचिव रोहित कुमार ने कहा कि सम्पूर्णता कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश द्वारा इस क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियां अन्य राज्यों के लिए उदाहरण हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर सहित जिले की टीम को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान समारोह के अंतर्गत जिला बड़वानी और विकासखंड पाटी के लिए तत्कालीन कलेक्टर राहुल फटिंग, जिला दमोह और विकासखंड तेंदूखेड़ा के लिए कलेक्टर सुधीर कोचर, जिला धार तथा विकासखंड तिरला के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, जिला खंडवा और विकासखंड छैगांव माखन के लिए कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और तत्कालीन कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, जिला निवाड़ी और विकासखंड पृथ्वीपुर के लिए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और तत्कालीन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, जिला टीकमगढ़ और विकासखंड बलदेवगढ़ के लिए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय और तत्कालीन कलेक्टर अवधेश शर्मा, जिला विदिशा और विकासखंड बासौदा के लिए कलेक्टर अंशुल गुप्ता (प्रशिक्षण पर), तत्कालीन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, जिला झाबुआ और विकासखंड थांदला, मेघनगर, रामा व राणापुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, जिला रतलाम और विकासखंड बाजना के लिए कलेक्टर राजेश बाथम, जिला अनूपपुर और विकासखंड पुष्पराजगढ़ के लिए कलेक्टर हर्षुल पंचोली और जिला शहडोल और विकासखंड पाली के अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला डिण्डौरी और आकांक्षी विकासखंड करंजिया, मेहेंदवानी व बजाग के लिए संयुक्त कलेक्टर सुभारती मेरावी तथा तत्कालीन कलेक्टर हर्ष सिंह, जिला खरगोन और विकासखंड भगवानपुर तथा झिरन्या के लिए कलेक्टर श्रीमती भाव्या मित्तल और तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, जिला राजगढ़ और विकासखंड जीरापुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्पित गुप्ता, जिला श्योपुर और विकासखंड श्योपुर, कराहल तथा विजयपुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर तथा तत्कालीन कलेक्टर लोकेश कुमार जांगीड़, जिला अलीराजपुर और विकासखंड कट्ठीवाड़ा के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रखर सिंह, जिला छतरपुर और विकासखंड बक्सवाहा के लिए सीईओ … Read more

राज्यपाल पटेल: समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए सरकार की योजनाएँ सक्रिय

राज्यपाल ने सिवनी जिले के ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद प्रधानमंत्री आवास के गृह प्रवेश में राज्यपाल शामिल हुए   भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएँ बनाकर उनका मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन कर रही हैं। आयुष्मान भारत योजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है। अब पाँच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध होने से हर गरीब परिवार सुरक्षित हुआ है। सरकार के प्रयासों से महिलाएं आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से सशक्त बन रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं को ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित कर आधुनिक खेती में उनका योगदान प्राप्त किया जा रहा है। राज्यपाल पटेल ने बुधवार को सिवनी जिले के विकासखंड केवलारी के ग्राम झोला में ग्रामीणजनों के साथ आत्मीय संवाद के दौरान यह बात कही। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज ग्रामीण महिलाएँ स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छोटे-बड़े उद्योग संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाएँ अपने परिवार का बेहतर लालन-पालन के साथ ही समाज में भी सशक्त भूमिका निभा रही हैं। राज्यपाल पटेल ने जनजातीय समुदाय में पाए जाने वाले अनुवांशिक रोग सिकल सैल रोग और रोकथाम के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि जैसे विवाह से पहले लड़के-लड़की की कुंडली मिलाई जाती है, उसी तरह सिकल सैल कार्ड भी अवश्य मिलाना चाहिए। यदि दोनों ही वाहक या रोगग्रस्त हों तो विवाह कदापि न किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार सिकल सैल उन्मूलन के लिए व्यापक अभियान चला रही है। इसके अंतर्गत नि:शुल्क जांच एवं परामर्श की व्यवस्था की गई है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जांच कराए और इस रोग की रोकथाम में सहयोग दे। प्रत्येक बच्चे की शिक्षा और समाज के उत्थान के लिए युवाओं की भूमिका पर दिया बल राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जन मन कार्यक्रम और धरती आबा अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे स्कूल जाएं। युवा पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने और शिक्षा के प्रसार में सहयोग करें।  जनजातीय विकास सरकार की प्राथमिकता : डॉ. विजय शाह कार्यक्रम को जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. विजय शाह ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जन मन और धरती आबा अभियान जैसे विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़कर मुख्यधारा में लाना है।  डॉ. शाह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें। मंत्री ने यह भी बताया कि जनजातीय युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाएँ चल रही हैं, जिनसे वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। राज्यपाल पटेल ने श्रीमती मुलिया बाई के प्रधानमंत्री आवास का किया उद्घाटन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विकासखंड केवलारी के ग्राम झोला के प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राही श्रीमती मुलिया बाई पति सुक्कू बैगा के आवास का शुभारंभ कर गृह प्रवेश कराया। राज्यपाल ने लाभान्वित परिवार से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामों की वास्तविक उन्नति तभी संभव है जब योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुँचे और उसका सदुपयोग हो। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक सैला नृत्य प्रस्तुत किया। महिलाओं ने स्वागत गीत गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। प्राथमिक शाला झोला का निरीक्षण राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्राथमिक शाला झोला का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया। बच्चों से सामान्य प्रश्न पूछे, जिनका उत्साहपूर्वक उत्तर देकर बच्चों ने अपनी जिज्ञासा और आत्मविश्वास का परिचय दिया। राज्यपाल पटेल ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की ज्योति ही विकास की आधारशिला है। बच्चों की तरक्की के साथ ही गांव और समाज प्रगति की राह पर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बच्चों को स्वच्छता, अनुशासन और संस्कारों के महत्व से भी अवगत कराया। राज्यपाल ने शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों, पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के परिणाम की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई में विशेष रुचि लेकर गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।