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विधानसभा में नारेबाजी और विरोध अब बैन, कांग्रेस बोली – लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है जिसका कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है. इस आदेश के तहत, विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार की नारेबाजी या प्रदर्शन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह रोक विधान सभा अध्यक्ष द्वारा संविधान के अनुच्छेद 94(2) के अंतर्गत लगाई गई है. आदेश में कहा गया है कि विधायकों द्वारा परिसर में प्रदर्शन, नारेबाजी या किसी प्रकार की भीड़भाड़ वाली गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. यह निर्णय सत्र के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने की दृष्टि से लिया गया है. हालांकि, इस निर्णय को लेकर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है. कांग्रेस ने किया फैसले का विरोध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस आदेश को सरकार के दबाव में उठाया गया कदम बताया है. उन्होंने कहा, 'विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार के दबाव में आकर यह आदेश जारी किया है. विपक्ष बार-बार मांग कर रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही को लाइव किया जाए ताकि जनता देख सके कि सदन में उनके मुद्दों को किस तरह उठाया जाता है लेकिन सरकार और अध्यक्ष दोनों ही लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने में लगे हैं.' कांग्रेस ने बताया संविधान का उल्लंघन सिंघार ने आगे कहा कि, 'यह संविधान की धारा 194 का उल्लंघन है, जो विधायकों को विशेषाधिकार देती है कि वो जनता के मुद्दे सदन में उठा सकें. प्रदर्शन, नारेबाजी और सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन सरकार इन सभी माध्यमों को नियंत्रित कर विपक्ष की आवाज़ को दबाना चाहती है.' कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश का खुलकर विरोध करेगी और पूर्व की भांति आगामी सत्र में भी जोर-शोर से जनहित के मुद्दे उठाएगी. कांग्रेस ने इस प्रतिबंध को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला निर्णय बताया है.

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

विश्व में सबसे लोकप्रिय नेता हैं नरेंद्र मोदी : मुख्यमंत्री साय का बयान

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु  देव साय ने  कहा  है  कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के सर्वाधिक  लोकप्रिय  नेता हो गए हैं। नरेंद्र  मोदी का प्रधानमंत्री  के  रूप  में सर्वाधिक लंबा कार्यकाल होने  पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते  हुए  मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि मोदी ने  प्रधानमंत्री  के रूप  में हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है।  पूरे विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया है। 140 करोड़ भारतवासियों का मान-सम्मान बढ़ा है और सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास को मूल मंत्र मानते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत का नारा बुलंद  किया है।  देश के पूरे 140 करोड़ भारतीयों के उत्थान के लिए वे  काम कर रहे हैं। मोदी आज विश्व के सर्वाधिक  लोकप्रिय  नेता के रूप में उभरे हैं।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते खुले बरगी, सतपुड़ा और तवा डैम के गेट तो सुनामी सा दिखा नजारा

भोपाल मध्य प्रदेश में फिर से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. साइक्लोन सर्कुलेशन, ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही शनिवार को 27 जिलों में बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी जारी की है. प्रदेश में अब तक दीर्घावधि बारिश का 49 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है. तवा, बरगी, हरसी, बारना और पगरा समेत 60 प्रतिशत डैम भी फुल हो चुके हैं. 10 से अधिक डैमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. तवा समेत इन डैम के गेट खोले गए नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ने पर इसके 7 गेट खोले गए हैं. जबकि जबलपुर के बरगी और रायसेन बारना डैम के भी गेट खोले गए. इसके साथ ही सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए, मुरैना के पगारा गेट का जलस्तर खतरे के निशान तक पहंचते ही उसके भी 6 गेट ऑटोमैटिक खुल गए. वहीं श्योपुर के औदा डैम, रायसेन के दाहोद टैंक, गुना का गोपीकृष्ण सागर, ग्वालियर का हरसी डैम, ग्वालियर का काकेता डैम, मुरैना का कोतवाल टैंक और शिवपुरी के महुआ डैम समेत अन्य जलाशय लबालब हो चुके हैं. नर्मदापुरम में तवा डैम के 7 गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं। वहीं, बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट 8-8 फीट तक खोले गए हैं। बरगी और बारना डैम के भी गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.2 मीटर पहुंच गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है। ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि जलभराव के हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। सिंगरौली में स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। सीधी में 24 घंटे में गिरा 5 इंच पानी बंगाल की खाड़ी से उठे लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। वहीं, सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके चलते सिंगरौली के स्कूलों में शनिवार को छुट्‌टी रहेगी। डीईओ ने यह आदेश जारी किए हैं। इसी तरह पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए। 30 जिलों में तेज बारिश, सिंगरौली में स्कूलों की छुट्टी शुक्रवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडली, सिवनी और शाजापुर समेत 30 जिलों में जोरदार बारिश हुई. सबसे अधिक बीते 24 घंटों में सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया. राजगढ़ में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. खंडवा, शाजापुर और भोपाल समेत अन्य जिलों में शुक्रवार रात से ही बारिश का दौर जारी है. अगले दो दिनों तक भारी बारिश मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल पर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगले 48 घंटों के दौरान इसके गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं इससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वाेत्तर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं.'' दिव्या ने बताया कि, ''वर्तमान में एक मानसून द्रोणिका जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा, कोलकाता, तटीय पश्चिम बंगाल से अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है." रायसेन, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह और सागर जिले में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाडी, ग्वालियर और दतिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 27 जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 28 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां साढ़े 4 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. 29 जुलाई … Read more

सीएम योगी ने खोला शिक्षा का नया अध्याय, बोले- अब यूपी में कानून का राज है

उन्नाव  उन्नाव जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के पहले सत्र का बटन दबाकर शुभारंभ किया। उन्होंने नाम लिए बिना सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आज से आठ साल पहले प्रदेश में अराजकता का माहौल रहता था। महिलाएं, व्यापारी कोई भी सुरक्षित नहीं था। इसके चलते प्रदेश में निवेश भी ठप हो गया था। इधर, भाजपा सरकार में पिछले आठ साल में 1.45 लाख करोड़ का निवेश आया है। इसमें 1.1 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि युवाओं को आधुनिकता और संस्कारयुक्त शिक्षा दें। देश का पहला AI-आधारित विश्वविद्यालय, सीएम योगी ने किया उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आज देश के पहले एआई-आधारित विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया गया गया। लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर बना यह अत्याधुनिक विश्वविद्यालय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाएगा। सीएम योगी ने आज इसका उद्घाटन किया।  यह परिसर न सिर्फ छात्रों को आधुनिक शिक्षा देगा, बल्कि उन्हें भविष्य की वैश्विक जरूरतों के लिए भी तैयार करेगा। आइए जानते हैं इस विश्वविद्यालय से जुड़ी कुछ खास बातें… एसआई की मदद से होगी पढ़ाई प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि पिछले छह वर्षों में प्रदेश की सरकार ने उच्च शिक्षा और रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया है। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की स्थापना इसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है।  टॉप-5 विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल है चंडीगढ़ विश्वविद्यालय  उपाध्याय ने बताया कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारत की शीर्ष पांच यूनिवर्सिटी में शामिल है। यहां पर सभी कोर्सेज एआई आधारित टेक्नोलॉजी की मदद से संचालित किए जाएंगे, जिससे छात्र भविष्य की वैश्विक आवश्यकताओं के अनुसार दक्ष बनेंगे। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लक्ष्य योगी सरकार का मकसद है कि हर छात्र को आसान, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी क्रम में प्रदेश में कई सरकारी और निजि विश्वविद्यालयों की स्थापना भी की गई। इन सभी विश्वविद्यालयों को सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे कोर्स शुरू करें, जो रोजगार देने वाले हों और तकनीक पर आधारित हों। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में क्या खास होगा? चंडीगढ़ विश्वविद्यालय का परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां पढ़ाई पूरी तरह से तकनीक पर आधारित होगी। छात्रों को वैश्विक स्तर का कौशल दिया जाएगा, जिसके लिए खास पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। यह विश्वविद्यालय छात्रों को स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए भी प्रेरित करेगा। इससे युवा नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे।  

टाइम पर नहीं ट्रैक पर: गेवरारोड के यात्रियों की परेशानी बनी मेमू ट्रेन

कोरबा रायपुर-गेवरारोड मेमू लोकल शुरू हुए लगभग १० दिन बीत चुके हैं. लेकिन इस अवधि के भीतर एक दिन भी मेमू लोकल गेवरारोड रेलवे स्टेशन तक नहीं पहुंची है. यह एक्सप्रेस ट्रेनों की भी है. इसे लेकर यात्री परेशान हैं. रेलवे प्रबंधन ने 16 जुलाई से रायपुर गेवरारोड मेमू लोकल शुरू किया है. इससे कोयलांचल क्षेत्र के यात्रियों को राहत मिली है. लेकिन जब से गाड़ी शुरू हुई है, तब से एक भी दिन गाड़ी गेवरारोड रेलवे स्टेशन तक समय पर नहीं पहुंची है. इस गाड़ी का रायपुर रेलवे स्टेशन से छूटने का समय दोपहर लगभग 1.50 बजे है. गेवरारोड पहुंचने का तय समय रात 7.30 बजे है. शुक्रवार को मेमू लोकल लगभग 50 मिनट की विलंब से गेवरारोड रेलवे स्टेशन पहुंची. वहीं गुरुवार को लगभग दो घंटे से अधिक देरी से पहुंची थी. इस दौरान यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. यात्री समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच रहे हैं. गाड़ी के विलंब से आने से कई बार यात्रियों को घर जाने के लिए ऑटो तक नहीं मिल पाती है. इससे बांकीमोंगरा, दीपका, हरदीबाजार सहित अन्य आसपास क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में काफी असुविधा हो रही है. यही स्थिति लिंक एक्सप्रेस की भी है. शुक्रवार को लिंक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय लगभग डेढ़ घंटे देरी से कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंची. जबकि इसका कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचने का निर्धारित सुबह समय 11.15 बजे है. यात्री ट्रेनों के लेटलतिफी को लेकर यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है.

PDA समाज को अखिलेश यादव की बधाई, कहा – संविधान ही हमारा सुरक्षा कवच

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए की राजनीति पर फोकस है. ऐसे में वे पीडीए की हक की लड़ाई लड़ने की बात कहते हैं. यही वजह है कि संविधान दिवस पर उन्होंने एक्स पर पीडीए समाज को बधाई दी है. साथ ही संविधान और आरक्षण को लेकर खास मैसेज भी दिया है. समस्त पीडीए समाज को ‘आरक्षण दिवस’ एवं ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ के साथ ही, अयोध्या में आयोजित प्रथम ‘पीडीए महासम्मेलन’ की अपार सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई! भारत के संविधान की प्रति के सानिध्य में ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ आयोजित करके हम ‘सामाजिक न्याय’ व ‘समता-समानता’ और ‘आरक्षण’ को बचाए-बनाए रखने का अपना संकल्प दोहरा रहे हैं. आगे अखिलेश यादव ने कहा, इसके पीछे यही मूल भावना है कि ‘संविधान-मानस्तंभ’ वस्तुतः ‘पीडीए-प्रकाशस्तंभ’ के रूप में हमारे ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना के संकल्प का मार्ग सदैव प्रकाशित और प्रशस्त करता रहे. जब संविधान बचेगा तभी आरक्षण बचेगा. संविधान ही ढाल है, संविधान ही कवच है.

मध्यप्रदेश में कुपोषण को लेकर हाईकोर्ट सख्त, कलेक्टरों से मांगा जिलावार विवरण

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में कुपोषण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर 54 जिलों के कलेक्टरों को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह याचिका अधिवक्ता दीपांकर सिंह द्वारा दायर की गई, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, मिड डे मील, आंगनवाड़ी और मातृत्व लाभ जैसी योजनाएं कागजी साबित हो रही हैं। याचिका में दावा किया गया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में भारी अंतर है। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21, 39, 45 और 47 का हवाला देते हुए इन योजनाओं को संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ा है। याचिका में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए फर्जी पंजीकरण, कम उपस्थिति और आपूर्ति में अनियमितताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

कांवड़ यात्रा के अंतिम पड़ाव पर विधायक बोहरा, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताई सराहना

कवर्धा पंडरिया विधायक भावना बोहरा की 7 दिवसीय कांवड़ पदयात्रा अपने अंतिम चरण में है. इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर उन्हें श्रीफल और शॉल भेंटकर कठिन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं. पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 21 जुलाई को मध्यप्रदेश के पवित्र नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. 300 से अधिक बम श्रद्धालु के साथ कठिन और टेढ़े-मेढ़े रास्तों से यह पदयात्रा रविवार को भोरमदेव बाबा के दरबार में जलाभिषेक के साथ पूर्ण होगी. भावना बोहरा यात्रा के बीच डोंगरिया पहुँची, जहां रात्रि विश्राम की सुबह सुबह प्राचीन जालेश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पण कर भोरमेदव मंदिर के लिए प्रस्थान किया यहां का धार्मिक माहौल शिवभक्तों से सराबोर रहा. इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर विधायक भावना बोहरा से भेंट की. उपमुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने लायक था. “हर हर नर्मदे” और “बोल बम” के जयघोषों से पूरा डोंगरिया क्षेत्र गूंज उठा.