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निक्की को जिंदा जलाने के पीछे दहेज ही नहीं, रील्स और ब्यूटी पार्लर की खींचतान भी

नोएडा  यूपी के ग्रेटर नोएडा में हुए निक्की भाटी हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। निक्की की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद से उसकी मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ इस मामले में निक्की के ससुराल वालों को हिरासत में लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर रील्स पोस्ट करना और अपना ब्यूटी पार्लर फिर से खोलना भी निक्की की मौत की वजह बना है।  दरअसल, निक्की और उसकी बहन कंचन सोशल मीडिया पर रील और वीडियो अपलोड करती थी जो विपिन भाटी और उसके भाई रोहित भाटी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर निक्की के घर में झगड़ा हुआ था। जिसके बाद दोनों बहनें मायके चली गईं थीं। बाद में पंचायत बुलाकर फैसला लिया गया कि अब दोनों बहनें वीडिया नहीं बनाएंगी। हालांकि ससुराल वापस आने के बाद उन्होंने फिर से वीडियो बनाया था।   बताया गया कि निक्की ने अपना पार्लर भी दोबारा शुरू कर दिया था जिससे उसका पति विपित भाटी नाराज चल रहा था। इसके चलते वह उस पर दबाव डाल रहा था और अंत में उसने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। निक्की के पिता का कहना है कि दोनों दामाद काम-धंधा नहीं करते थे। सिर्फ पैसों की डिमांड करना और दबाव बनाना उनकी आदत थी। यहां तक कि बेटियों के पार्लर से भी चोरी करने लगे थे।   

CM साय करेंगे ‘बिहान’ की दीदियों से संवाद, 31 अगस्त से शुरू होगा नया रेडियो कार्यक्रम

रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सफलता की कहानियों को नए मंच पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक अनोखी पहल करने जा रही है। 'दीदी के गोठ' नाम से नया रेडियो कार्यक्रम 31 अगस्त 2025 से शुरू होगा। पहला प्रसारण दोपहर 12:15 बजे आकाशवाणी के सभी केंद्रों से किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री विजय शर्मा सीधे बिहान की दीदियों से संवाद करेंगे। 'दीदी के गोठ' में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से पाई हुई उपलब्धियों और प्रेरणादायी कहानियों को साझा करेंगी। इन कहानियों से न केवल अन्य समूहों को दिशा मिलेगी बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगी। बिहान के कार्यों का होगा प्रसार कार्यक्रम के जरिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत चल रहे कार्यों, महिलाओं की उपलब्धियों और आजीविका संवर्धन से जुड़े नवाचारों की जानकारी पूरे प्रदेश में प्रसारित होगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को नई ऊर्जा देगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह में और मजबूत बनाएगी। 

शराब पीकर वाहन चलाना पड़ा भारी, रायपुर पुलिस ने 1200 से अधिक चालकों को पकड़ा

रायपुर  नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर रायपुर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर सिर्फ पिछले एक हफ्ते में 90 से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई की है। वहीं जनवरी 2025 से अब तक 1200 से अधिक चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा चुकी है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पुलिस शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर बेरिकेटिंग कर ब्रीथ एनालाइज़र मशीन से जांच कर रही है। नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने पर मौके पर ही वाहन ज़ब्त कर चालान बनाकर कोर्ट पेश किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में कार्रवाई के आंकड़े     मोटरसाइकल/स्कूटी : 20     कार : 56     टाटा एस/पिकअप : 08     ट्रक : 02     ट्रैक्टर : 02     ई-रिक्शा : 02 भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन न्यायालय में पेश किए जाने पर इन चालकों पर 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी की जाती है। त्योहारी सीजन में विशेष अभियान त्योहारों के दौरान अपराध और सड़क हादसों पर रोकथाम के लिए पुलिस रोज़ाना रात 11 बजे से तड़के 2 बजे तक विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। पुलिस की अपील पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि नशे की हालत में वाहन न चलाएं। ऐसा करने पर चालक न सिर्फ खुद की बल्कि दूसरे लोगों की जान को भी खतरे में डालता है। पकड़े जाने पर वाहन ज़ब्त करने के साथ ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां भारी जुर्माने से दंडित होना तय है। 

पानीपत में बढ़ा प्रदूषण संकट, रंगाई-छपाई उद्योग से बिगड़ी हवा और पानी की सेहत

पानीपत आज हरियाणा का पानीपत किसी परिचय का मोहताज नहीं है, क्योंकि इसने विश्व स्तर पर 'टेक्सटाइल सिटी' के रूप में अपनी पहचान बना ली है। विश्व मानचित्र पर शायद ही कोई ऐसा देश हो जहाँ पानीपत में बने उत्पादों का निर्यात न होता हो। हालांकि, एक कपड़ा औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने के साथ-साथ, पानीपत देश के गंभीर रूप से प्रदूषित शहरों में से एक बन गया है।  वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, पानीपत औद्योगिक क्षेत्र को गंभीर प्रदूषण क्षेत्रों (CPAs) में सूचीबद्ध किया गया है। नालियों में खुलेआम बहता अनुपचारित औद्योगिक अपशिष्ट एक आम दृश्य बन गया है। CPCB कपड़ा उद्योग को सबसे अधिक प्रदूषणकारी श्रेणियों में से एक मानता है, क्योंकि यह जल और वायु प्रदूषण दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, ब्लीचिंग इकाइयों की अवैध रूप से बढ़ती संख्या इस क्षेत्र में भूजल प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। पानीपत का वार्षिक कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मात्र 90 किलोमीटर दूर, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर स्थित, विश्व स्तर पर 'टेक्सटाइल सिटी' के रूप में विख्यात, पानीपत का वार्षिक कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये है। इसमें से लगभग 20,000 करोड़ रुपये निर्यात कारोबार से और 40,000 करोड़ रुपये घरेलू बाजार से आते हैं। लगभग 400 छोटे और बड़े निर्यातक अमेरिका, यूरोपीय देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में कालीन, कुशन, चादरें, बेड कवर, कंबल, पर्दे, बाथ मैट, फर्श कवर और तौलिये जैसे उत्पाद बेचते हैं। इसके अलावा, पानीपत दुनिया के सबसे बड़े रीसाइक्लिंग उद्योग का केंद्र बनकर उभरा है, जहाँ विभिन्न देशों से लाए गए बेकार कपड़ों से बिना रासायनिक रंगों या पानी की बर्बादी के धागा बनाया जाता है। शहर इस रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिदिन 30 लाख किलोग्राम से अधिक धागा तैयार करता है। हर गली या घर में 20,000 से अधिक छोटी और बड़ी इकाइयाँ संचालित पानीपत की हर गली या घर में 20,000 से अधिक छोटी और बड़ी इकाइयाँ संचालित होती हैं, जबकि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) पोर्टल पर केवल 800 औद्योगिक इकाइयाँ ही पंजीकृत हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से सात अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की सूची में हैं, 450 लाल श्रेणी में, लगभग 100 हरित श्रेणी में और लगभग 300 नारंगी श्रेणी में सूचीबद्ध हैं।   413 इकाइयों ने सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित किया दिसंबर 2021 और अप्रैल 2022 के बीच, सीपीसीबी ने अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों (जीपीआई) की पहचान के लिए राज्य भर में 924 औद्योगिक इकाइयों का सर्वेक्षण किया। पाया गया कि जीपीआई के रूप में पहचानी गई 413 इकाइयों ने सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित किया। रिपोर्टों से पता चला कि पानीपत स्थित 45 प्रतिशत उद्योग सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित कर रहे थे, इसके बाद गुरुग्राम में 25.2 प्रतिशत, फरीदाबाद में 15.2 प्रतिशत और सोनीपत में 10.2 प्रतिशत प्रदूषक उत्सर्जित हो रहे थे। कुल 413 जीपीआई में से 181 पानीपत में, 100 गुरुग्राम में और 32 फरीदाबाद में स्थित थे।   पानीपत में चल रही सैकड़ों अवैध रंगाई और ब्लीचिंग इकाइयाँ सूत्रों के अनुसार, पानीपत में 350 से ज़्यादा रंगाई इकाइयाँ पंजीकृत हैं, लेकिन सैकड़ों अवैध रंगाई और ब्लीचिंग इकाइयाँ भी चल रही हैं, जिनमें से कई इन नालों के पास स्थित हैं। हालाँकि सभी उद्योगों को अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ईटीपी) लगाना और उनका उचित संचालन करना अनिवार्य है, फिर भी कई उद्योगों ने बिजली की लागत बचाने के लिए इन्हें बंद कर दिया है और ट्रैक्टर-टैंकरों की मदद से बिना उपचारित रासायनिक अपशिष्टों को ड्रेन-2 में बहा दिया है। प्रदूषण बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पानीपत के वायु और जल प्रदूषण के कई कारण बताए: पुराने औद्योगिक क्षेत्र में सीईटीपी का न होना, निर्माण के बाद से ड्रेन 1 और 2 में गाद निकालने का काम न होना, सेक्टर 29 पार्ट-2 में सीईटीपी का संतृप्त होना, वायु शोधन टावर परियोजना में देरी और अवैध ब्लीचिंग की मौजूदगी।  

छत्तीसगढ़ के वीरों को बड़ा सम्मान, नक्सल ऑपरेशन में बहादुरी पर मिलेगा शौर्य चक्र

बस्तर छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन ने नक्सलियों की बीते महीनों में कमर तोड़ कर रख दी है। कुछ ने या तो सरेंडर कर दिया या मौत के घाट उतार दिए गए। सुरक्षाबलों को उनके इस पराक्रम के लिए अब पुरस्कृत भी किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के दो बहादुर इंस्पेक्टर, केवट और देशमुख को नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों का नेतृत्व करने और उग्रवादियों को खत्म करने के लिए शौर्य पदक से सम्मानित किया जाएगा। दोनों को केंद्र सरकार की ओर से शौर्य पदक के लिए नामित किया गया है। शौर्य चक्र के लिए चुने जाने पर टीआई पाखनजुर लक्ष्मण केवट ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने की समय सीमा तय की है। इसे ध्यान में रखते हुए हम नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं। मुझे छह बार राष्ट्रपति का वीरता पदक मिल चुका है और अब मुझे शौर्य चक्र भी मिला है। हम इस समय सीमा को पूरा करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं और मुझे विश्वास है कि मार्च 2026 से पहले ही नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा। ” दूसरे शौर्य मेडल के लिए नामित किए जाने पर टीआई भानुप्रतापुर रामेश्वर देशमुख ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह वाकई मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि मुझे हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा शौर्य चक्र के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि साल 2012 से मैं नक्सल विरोधी अभियान में शामिल रहा हूं। मेरे नेतृत्व में करीब 50 माओवादियों को मौत के घाट उतारा गया। मुझे दो बार वीरता पदक और एक दक्षता पदक भी मिल चुका है।

बी. सुदर्शन रेड्डी को अखिलेश का समर्थन, कहा- न्याय की जंग के सच्चे योद्धा

लखनऊ  उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। रेड्डी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा, "न्याय के हिमायती लोग अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करें। सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी से बेहतर प्रत्याशी कोई नहीं हो सकता।" बी. सुदर्शन रेड्डी ने भी सपा की तारीफ की। उन्होंने कहा, "लोहिया जी और अन्य नेताओं से हमने बहुत कुछ सीखा। हम साउथ इंडिया से हैं और हिंदी में भाषण देने की कोशिश कर रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के बाहर के दल भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। यह अखिलेश जी की मदद के बिना संभव नहीं था। मैं कल अरविंद केजरीवाल से भी मिला। उपराष्ट्रपति पद कोई राजनीतिक पद या मुद्दा नहीं है। यह गैर-राजनीतिक पद है। सभी दलों से अनुरोध है कि वह मेरा समर्थन करें। संवैधानिक संस्थाओं पर संकट के बादल हैं।" सपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों के लोग रहे मौजूद ताज होटल में बी सुदर्शन रेड्डी व अखिलेश यादव सपा-कांग्रेस सांसदों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, आनंद भदौरिया, अफजाल अंसारी, एसपी सिंह, जियाउर रहमान बर्क, जया बच्चन, प्रिया सरोज, इकरा हसन, इमरान मसूद अवधेश प्रसाद,सनातन पांडे पहुंचे। 9 सितंबर को होगा राष्टपति पद के लिए चुनाव देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव आगामी नौ सितंबर को होगा जिसके लिए विपक्ष ने रेड्डी को साझा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। बता दें कि उपराष्ट्रपति का पद जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ है।  

भाजपा नेता के परिजन के फॉर्म हाउस से 12 लाख रुपए की शराब बरामद, सागर में छापेमारी

सागर  एमपी पुलिस ने सागर में एक बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी के बड़े नेता के फॉर्म हाउस पर छापेमारी की है, यहां से लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की है। शराब जब्ती के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब रखी गई है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और शराब बरामद की है। 219 पेटी देसी और विदेशी शराब बरामद पुलिस ने सागर जिले के बहेरिया पुलिस स्टेशन अंतर्गत छापेमारी की है। रुद्र प्रताप सिंह के फॉर्म हाउस से 219 पेटी में भरी देसी और विदेशी शराब बरामद की है। इसके बाद सोमवार को एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब को स्टोर किया जा रहा है। 12 लाख रुपए की शराब बरामद स्थानीय पुलिस (बहेरिया पुलिस स्टेशन) की एक टीम ने तलाशी ली और लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की। FIR में यह जानकारी दी गई है। शराब बरामद होने के बाद रुद्र प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 32 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। FIR में यह भी बताया गया है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पुलिस ने रुद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है या नहीं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने रविवार देर रात तक कुछ अन्य स्थानों पर भी व्यापक तलाशी ली। सभी रिश्तेदारों से तोड़ लिए हैं संबंध दिलचस्प बात यह है कि सागर जिला पुलिस द्वारा अपने भतीजे के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद, खुरई विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक भूपेंद्र सिंह ने एक अधिसूचना (अपने वकील के माध्यम से) जारी की। इसमें उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने अपने सभी रिश्तेदारों से संबंध तोड़ लिए हैं। किसी से नहीं है संबंध भूपेंद्र सिंह ने अपने वकील को जारी एक पत्र में उल्लेख किया है कि उनका अपने तीन बेटियों, एक बेटे और अपनी पत्नी को छोड़कर किसी भी सदस्य या रिश्तेदार से कोई लेना-देना नहीं है।

केश शिल्पी आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने मध्यप्रदेश केश शिल्पी आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नंद किशोर वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। आयुक्त भोंडवे की ओर से विभाग के उप संचालक बी.डी. भूमरकर तथा केश शिल्पी आयोग के कार्यालय प्रबंधक देवेंद्र बारसकर ने धार जिले के पीथमपुर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यालय के अधिकारियों ने आयुक्त भोंडवे द्वारा प्रेषित श्रद्धांजलि संदेश का वाचन किया। संदेश में कहा गया कि स्व. वर्मा ने जीवन भर समाज सेवा एवं केश शिल्पियों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया। उनके कार्यों की छाप समाज में लंबे समय तक बनी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान विभाग की ओर से स्व. वर्मा के परिजनों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं मानदेय की राशि का चेक भी सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि नंद किशोर वर्मा का निधन 14 अगस्त 2025 को 70 वर्ष की आयु में हुआ था।  

चार्ज संभालते ही विवादों में फंसे जालंधर के नए कमिश्नर, यूनियन ने दी कड़ी चेतावनी

जालंधर  नगर निगम के नए कमिश्नर संदीप ऋषि के कार्यभार संभालते ही निगम परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। जहां निगम प्रशासन नई उम्मीदों के साथ कमिश्नर का स्वागत कर रहा था, वहीं यूनियन नेताओं ने नाराजगी का बिगुल बजा दिया। कमिश्नर के चार्ज लेने के कुछ ही देर के भीतर निगम यूनियन ने जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियन के प्रधान बंटू सभ्रवाल के नेतृत्व में सैंकड़ों कर्मचारी नारेबाजी करते हुए मैदान में उतर आए। उनका आरोप था कि निगम प्रशासन ने मनमानी करते हुए आऊटसोर्स कर्मचारी किशन लाल को पक्का कर दिया है, जबकि सैकड़ों कर्मचारी वर्षों से पक्की नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यूनियन नेताओं ने कहा कि जिस कर्मचारी को स्थायी किया गया है, वह वास्तव में माली है ही नहीं। वह ड्राइवर है और पौधों या बागबानी की जानकारी तक नहीं रखता। इसके बावजूद उसे पक्का कर दिया गया। यूनियन का कहना है कि यह फैसला दूसरे कर्मचारियों के साथ पक्षपात है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रशासन दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल इतना गर्मा गया कि यूनियन नेताओं ने चेतावनी दे डाली कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो निगम का पूरा कामकाज ठप्प कर देंगे। धरने में ड्राइवर एंड टैक्निकल यूनियन के प्रधान शम्मी लूथर, रिंपी कल्याण, राजन कल्याण, बाबा राज किशोर, मनदीप सिंह, गौरव, बैनी और हतेश नाहर समेत दर्जनों कर्मचारी शामिल हुए। पहले ही दिन नए कमिश्नर के सामने खड़ा हुआ यह विवाद दिनभर चर्चा का विषय रहा। यदि यूनियन अपनी चेतावनी पर हड़ताल करती है तो आने वाले दिनों में शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सैकड़ों कर्मचारियों का भविष्य दाव पर : यूनियन यूनियन नेताओं ने कहा कि निगम में इस समय लगभग 59 माली, 64 फिट्टर, 50 ड्राइवर और 20 जे.सी.बी. मशीन ऑपरेटर आऊटसोर्स पर काम कर रहे हैं। उन्होंने मांग रखते हुए कहा कि कर्मचारियों को एक समान नियम के तहत पक्का किया जाए। अगर एक को फायदा मिल सकता है तो बाकी सबको क्यों नहीं? यूनियन नेताओं ने सवाल उठाते कहा कि इससे बाकि कर्मचारियों का भविष्य दाव पर लगा दिया गया है। मेयर से मुलाकात के बाद धरना खत्म किया यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने मेयर वनीत धीर से मुलाकात की। मेयर ने समस्या का समाधान निकालने के लिए कुछ समय मांगा। लेकिन कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि अगर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। यूनियन प्रधान बंटू सभ्रवाल ने कहा वह अब और इंतजार नहीं करेंगे। सभी आऊटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत स्थायी किया जाए और उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएं। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो नगर निगम का एक-एक काम बंद कर देंगे। मेयर से मुलाकात के बाद यूनियन ने धरना प्रदर्शन फिलहाल खत्म कर दिया, अब देखना होगा कि आगे क्या होता है?

ई-अटेंडेंस एप में विदेशी तकनीकी स्टाफ, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और चीनी कर्मियों के कारण चिंता बढ़ी

भोपाल  मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए बनाए गए ई-अटेंडेस एप को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिक्षक संघ की मानें तो ई-अटेंडेंस (शिक्षक एप) का विदेशी कनेक्शन सामने आया है। इसमें शिक्षकों के व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ा डेटा लीक होने का खतरा है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का दावा है कि, ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने के बाद से शिक्षकों के पास अज्ञात नंबरों से कॉल और मैसेज आने लगे हैं। यही नहीं, कई शिक्षकों से तो ओटीपी तक पूछा जा रहा है। बताया जा रहा है कि, ई-अटेंडेंस के लिए बनाए गए शिक्षक एप का निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारी पाकिस्तानी है। Median.com जिसके अधिकारी हुनेदहसन मूल रूप से पाकिस्तान के रहने वाले हैं। इसी तरह अब्दुल्लाह अब्दुल हुसैन सॉफ्टवेयर इंजीनियर बांग्लादेशी कंपनी है। वहीं, वयान ही चिप टेक्नोलॉजी ऑफिसर, टायलर ली चीनी कंपनी है। साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ा मामले को लेकर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का कहना है कि, एप और उससे संबंधित सभी अधिकारियों की जांच होना चाहिए। सभी शिक्षकों के साथ आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने समेत साइबर फ्रॉड होने की गंभीर आशंका है। जब से ई-अटेंडेंस होनी शुरू हुई है, तभी से अबतक कई शिक्षकों को अज्ञात नंबरों से कॉल और मैसेज आने लगे हैं। कई बार उनसे ओटीपी तक मांगा जा रहा है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में एप को बंद करने का निर्णय लिया गया है। ई- अटेंडेंट से किसी भी गलती से उनके व्यक्तिगत डेटा लीक होने का डर बना हुआ है।