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शिक्षा से ही प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होगा: मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और शिक्षण को विभागीय कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु बनाएं। मंत्री यादव आज मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होता है, इसलिए विद्यालयों में पढ़ाई की नियमित निगरानी करना शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। विद्यालयों की स्थिति पर गहन जानकारी आवश्यक    यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की प्रत्येक शाला की स्थिति की सम्पूर्ण और अद्यतन जानकारी रखना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्हें स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर प्राचार्यों, प्रधान पाठकों और शिक्षकों से संवाद करते रहें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सक्रियता और जिम्मेदारी से ही विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। शिक्षकीय प्रशिक्षण का वार्षिक कैलेंडर बनेगा     शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकीय प्रशिक्षण हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में ही आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यालयीन शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई तकनीकों, नवाचारों एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना आवश्यक है। विभागीय कार्यों में आपसी समन्वय पर जोर     यादव ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों को तभी प्रभावी बनाया जा सकता है, जब अधिकारी, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन मिलकर एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें।     बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय संरचना, योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी पावर पाइ्रट पेजेन्टेशन के माध्यम से दी। इस दौरान विभाग में संचालित प्रमुख योजनाओं और उनकी प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष सुरेणु जी पिल्ले भी उपस्थित थीं। बैठक में समग्र शिक्षा, एससीईआरटी, माध्यमिक शिक्षा मंडल, पाठ्य पुस्तक निगम, मदरसा बोर्ड, लोक शिक्षण संचालनालय, संस्कृत विद्या मंडलम, स्काउट-गाइड, एनसीसी एवं स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।

मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव रहे मुख्य अतिथि

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम कोरर में मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इस 75 सीटर लाइब्रेरी में चार बैचेस में 300 छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं लोक सेवा आयोग, व्यापम, शिक्षक भर्ती, वन विभाग, पुलिस विभाग भर्ती इत्यादि की तैयारी कर सकेंगे। कांकेर जिला प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी में निःशुल्क पाठ्य सामग्री, फर्नीचर, बैठक व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, सुरक्षा के लिए सीसीटीव्ही, वाई-फाईयुक्त परिसर और डिजिटल क्लास रूम की व्यवस्था की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लाइब्रेरी का शुभारंभ करते हुए बच्चों से संवाद कर बेहतर भविष्य के लिए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने पसंदीदा क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल कर जिले व राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित कर अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिर्ट्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। सांसद भोजराज नाग, विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और आशाराम नेताम, कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित जनप्रतिनिधि व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में लाइब्रेरी के शुभारंभ के दौरान मौजूद थे।

सिरफिरे का डर: लखनऊ में महिला डॉक्टर को भरे दिन में 1000 कॉल और 5000 मैसेज

लखनऊ लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. RMLIMS) में तैनात एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर एक सिरफिरे की हरकत से परेशान हो गईं. महिला प्रोफेसर ने बताया कि आरोप एक दिन में 1000 फोन कॉल करता और 5000 से ज्यादा अश्लील मैसेज व फोटो भेज कर उत्पीड़न करता है. उन्होंने इस बारे में 1090 वीमेन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था. पीड़ित डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि बस्ती जिले का रहने वाला 41 वर्षीय महेश तिवारी लंबे वक्त से उन्हें फोन कॉल्स और अश्लील मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था. इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. वीमेन हेल्पलाइन पर की थी शिकायत महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुसार, महेश तिवारी ने उन्हें कई महीनों से परेशान किया. उन्होंने बताया कि आरोपी एक दिन में 1000 से ज्यादा कॉल और 5000 से अधिक अश्लील मैसेज व फोटो भेज चुका है. इस उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने 12 मई 2025 को 1090 वीमेन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन हेल्पलाइन ने चेतावनी देकर आरोपी को छोड़ दिया गया था. इसके बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और महिला प्रोफेसर को लगातार परेशान करता रहा. पीड़िता का कहना है कि 19 अगस्त की शाम जब वह OPD से निकलकर फैकल्टी अपार्टमेंट लौट रही थीं, तभी आरोपी उनका पीछा करते हुए उनके फ्लैट तक पहुंच गया. जब वह लिफ्ट का इंतजार कर रही थीं, इसी दौरान उन्हें आरोपी पास में खड़ा दिखा. इसके बाद महिला ने घबरा कर शोर मचा दिया, जिससे मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड्स तुरंत हरकत में आए और आरोपी को दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाल कर दिया. पीड़िता ने इस घटना के संबंध में विभूतिखंड थाने में शिकायत दर्ज कराई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलित ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया कि आरोपी महेश तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में पीड़िता को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.  

सीएम योगी ने देश के सपूत, अंतरिक्ष यात्री एवं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर नागरिक अभिनंदन में कार्यक्रम में की घोषणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नाम पर स्कॉलरशिप का किया ऐलान  – सीएम योगी ने देश के सपूत, अंतरिक्ष यात्री एवं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर नागरिक अभिनंदन में कार्यक्रम में की घोषणा – बोले, प्रदेश का विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अनुभव का करे इस्तेमाल  – स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले एवं कैरियर बनाने वाले छात्रों को दी जाएगी स्कॉलरशिप – प्रदेश के दर्जन भर से अधिक टेक्निकल इंस्टीट्यूशन में संचालित हो रहे हैं स्पेश टेक्नोलॉजी के कोर्सेज  – शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा और कृषि के संकटों से निपटने के लिए दिखाई नई दिशा  लखनऊ  देश को चार दशक के बाद एक भारतीय को अंतरिक्ष यात्रा का अवसर मिला। यह हमारा सौभाग्य है कि यह अवसर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जन्मे ग्रुप कैप्टश शुभांशु शुक्ला काे प्राप्त हुआ। वह सफलतम यात्रा के बाद पहली बार लखनऊ आए हैं। ऐसे में उनका आगमन हम सभी को आनंदित करता है। उनकी अंतरिक्ष यात्रा हम सभी के लिए कोतहुल का विषय थी। हर भारतवासी बड़े विश्वास और आशा भरी निगाहों से उनकी अंतरिक्ष यात्रा को देख रहा था। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन के सभागार में आयोजित देश के सपूत, अंतरिक्ष यात्री एवं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर नागरिक अभिनंदन में कार्यक्रम में कही।  कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन के पिता, माता और पत्नी काे किया गया सम्मानित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की माता आशा शुक्ला, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पिता शंभु दयाल शुक्ला और मेयर सुषमा खर्कवाल ने ग्रुप कैप्टन की पत्नी कामना शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से ग्रुप कैप्टन की अंतरिक्ष यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखायी गयी।  सीएम ने ग्रुप कैप्टन के नाम पर स्कॉलरशिप का किया ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अनुभव का इस्तेमाल विभाग में करने को कहा। इसके अलावा सीएम योगी ने स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए शुभांशु शुक्ला के नाम से स्कॉलरशिप का ऐलान किया। सीएम ने कहा कि 3 वर्ष से 4 वर्ष पहले प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर किसी भी विश्वविद्यालय, संस्थान में न तो कोई पाठ्यक्रम था, न ही सिलेबस, न डिग्री, न डिप्लोमा और न ही कोई सर्टिफिकेट कोर्स था। वहीं वर्तमान में प्रदेश के दर्जन भर से अधिक टेक्निकल इंस्टीट्यूशन में स्पेश टेक्नोलॉजी को लेकर कोर्सेज संचालित हो रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि भारत के विकास की यात्रा में प्रदेश के संस्थान बराबर सहभागी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत वासियों के सामने वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दिया है। इसे साकार करने के लिए विकास के उन सभी क्षेत्र के लिए अपने द्वार खुले रखने होंगे, जहां-जहां आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के पिता प्रदेश सरकार के सचिवालय प्रशासन में अधिकारी थे। उनके इस गौरवपूर्ण मार्ग पर चलते हुए आज उनके पुत्र ने न केवल उत्तर प्रदेश को बल्कि समूचे देश को गौरान्वित किया है। उन्होंने 18 दिनों की स्पेस यात्रा में पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की। इससे उनकी यात्रा की महत्वपूर्णता और उद्देश्य स्पष्ट होता है। स्पेस टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्राकृतिक आपदाओं का किया जा सकता है बेहतर प्रबंधन सीएम ने कहा कि इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन से अंतरिक्ष यात्रा काे लेकर बातचीत हुई, जिसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यात्रा, अंतरिक्ष मिशन और भविष्य में होने वाली प्रयोगों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 18 दिनों में पूरी पृथ्वी का दौरा किया, जो किसी भी आम नागरिक के लिए अविश्वसनीय अनुभव है। उनका यह अनुभव भविष्य में उत्तर प्रदेश और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस यात्रा से ना केवल उन्होंने अंतरिक्ष में अपनी पहचान बनाई, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा और कृषि के संकटों से निपटने के लिए भी नई दिशा दिखाई है। सीएम ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्राकृतिक आपदाओं का बेहतर प्रबंधन और किसानों की आय में वृद्धि संभव है। सीएम ने कहा कि फिल्म के माध्यम से हम सभी ने देखा कि किन-किन क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं जबकि पहले यह फील्ड हम सभी से अछूती थी। वर्तमान में क्लाइमेट चेंज से हर व्यक्ति जूझ रहा है। ऐसे में इससे निपटने के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) शिक्षा के महत्व पर बल दिया। सीएम ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भी युवाओं से स्पेस टेक्नोलॉजी में करियर बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि आज के युवा के पास अंतरिक्ष मिशन जैसी नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के अनगिनत अवसर हैं, जो पहले कभी नहीं थे। ग्रुप कैप्टन की अंतरिक्ष यात्रा स्पेस सेक्टर को विकसित करने का अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के अनुभव से आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और भारत के युवा इस क्षेत्र में और भी अधिक सक्रिय हो सकते हैं। यह यात्रा न केवल स्पेस सेक्टर को विकसित करने का अवसर है, बल्कि यह हमें आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की दिशा भी देती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने पिछले 11 वर्षों में स्पेस सेक्टर में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यात्रा के माध्यम से हम 2027 में गगनयान मिशन और 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में बड़े कदम उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके लिए … Read more

रायपुर: ओसाका इन्वेस्टर कनेक्ट में छत्तीसगढ़ ने निवेशकों का दिल जीता

ओसाका इन्वेस्टर कनेक्ट: छत्तीसगढ़ बना निवेशकों का भरोसेमंद विकल्प छत्तीसगढ़ का निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम: जापानी कंपनियों ने दिखाई गहरी रुचि रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका में आयोजित प्रतिष्ठित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिभाशाली मानवबल और उद्योग-अनुकूल नीतियों का सशक्त संगम है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और जापान विश्वास एवं साझा मूल्यों की गहरी डोर से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने जापानी साझेदारों से आह्वान किया कि वे नवाचार, अवसर और साझा समृद्धि से आगे बढ़ रही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरताज फूड्स, ओसाका को छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 11.45 मिलियन डॉलर (₹100 करोड़) का निवेश प्रस्ताव दिया। यह परियोजना राज्य के फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को नई ऊँचाई देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगी और किसानों को नए अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने मोराबु हंशिन कंपनी के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर नाओयुकी शिमाडा से भी भेंट की। यह कंपनी कुशल इंजीनियरों, सिस्टम डेवलपमेंट और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी है। बैठक में कौशल प्रशिक्षण और वर्कफोर्स एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य का कौशल तंत्र और अधिक सशक्त बनेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रचुर खनिज संपदा, सक्रिय सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम, विश्वस्तरीय औद्योगिक ढाँचा और वैश्विक निवेशकों को सहज वातावरण उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य में किए जा रहे सुधारों और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की जापानी प्रतिनिधियों ने सराहना की। विशेषकर फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी और उन्नत वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में निवेश की इच्छुक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ को उपयुक्त अवसरों का प्रदेश बताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ वैश्विक साझेदारों को अवसर और सहयोग दोनों मिलते हैं। जापान के साथ हमारी साझेदारी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। ओसाका में हुई चर्चाएँ न केवल निवेश लेकर आएँगी, बल्कि हमारे किसानों को सशक्त बनाएँगी, युवाओं के लिए रोजगार उत्पन्न करेंगी और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और अधिक मजबूत करेंगी।”

प्रदेश के दो शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, CM डॉ. यादव और मंत्री सिंह ने दी बधाई

भोपाल  प्रदेश के दो शिक्षकों को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया जायेगा। यह घोषणा केन्द्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा दी गई है। दमोह जिले की प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल और आगर-मालवा के माध्यमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा को नई दिल्ली में सम्मानित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह ने भी चयनित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षकों को श्रेष्ठ कार्यों की वजह से मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करने का अवसर मिला है। चयनित शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार चयनित दमोह जिले की प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल, शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ हैं। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से चयनित आगर-मालवा जिले के भेरूलाल ओसारा माध्यमिक शिक्षक शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला खेरिया सुसनेर में पदस्थ हैं। चयनित दोनों शिक्षकों को स्कूली शिक्षा गुणवत्ता में सुधार एवं छात्रों के जीवन को समृद्ध बनाने, नवाचारों के माध्यम से शैक्षिक उत्कृष्टता के लिये प्रदान किया गया है। चयन प्रक्रिया प्रदेश के समस्त 55 जिलों में 45 जिलों से 145 शिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिये अपना पंजीयन कराया गया था। राज्य स्तरीय चयन समिति द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिये 6 शिक्षकों की अनुशंसा केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय को की गई थी।  

रायपुर : कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का जताया आभार

रायपुर महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण के लिए संसद में पारित बिल के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्र सरकार का हृदय से आभार प्रकट किया। यह ऐतिहासिक निर्णय हमारे बच्चों और समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज ज्यादातर बच्चे ऑनलाइन गेम की लत के कारण अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों से दूर हो रहे थे। यह प्रवृत्ति न केवल परिवारों को बल्कि पूरे समाज को गलत दिशा में ले जा रही थी। प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय बच्चों को नशे जैसी इस लत से मुक्त करेगा और उन्हें सही मार्ग पर आगे बढ़ने का अवसर देगा। हम सभी को मिलकर इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करना होगा, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बने।

तोमर का संदेश: लोकतंत्र सिर्फ शासन नहीं, यह जीवन की आत्मा है

लोकतंत्र केवल शासन पद्धति नहीं, बल्कि जीवन की आत्मा है : तोमर तोमर का संदेश: लोकतंत्र सिर्फ शासन नहीं, यह जीवन की आत्मा है “लोकतंत्र जीवन की आत्मा है, केवल शासन पद्धति नहीं” – तोमर तोमर ने उजागर किया लोकतंत्र का असली महत्व, इसे बताया जीवन की आत्मा स्व. विट्ठल भाई पटेल शताब्दी वर्ष समारोह अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन में तोमर का संबोधन भोपाल  विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन पद्धति भर नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की आत्मा है। लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी रही हैं। यह एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक सत्य है कि भारत ने ही दुनिया को लोकतंत्र का बीज दिया। लोकतंत्र हमारे लिए केवल संविधान की देन नहीं है, बल्कि सबसे पुरानी जीवन परंपरा का हिस्सा है, जो हजारों वर्षों से हमारी संस्कृति, समाज और राजनीति का मार्गदर्शन करता आया है। तोमर दिल्ली विधानसभा में आयोजित केंद्रीय विधानसभा के प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर स्व. विट्ठल भाई पटेल शताब्दी वर्ष समारोह में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन में “भारत−लोकतंत्र की जननी” विषय पर व्याख्यान सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सत्र का विषय प्रवर्तन राज्यसभा के उपसभापति हरवंश ने किया। दो दिन चले व्याख्यान सत्र में देश के लगभग 12 विधानसभा अध्यक्षों/उपाध्यक्षों ने अपने विचार रखे। समापन सत्र के दौरान लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार एवं दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। तोमर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन पद्धति भर नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की आत्मा है। लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी रही हैं। आज दुनिया के अनेक लोग यह मानते हैं कि लोकतांत्रिक मूल्य यूनान से शुरू हुए, लेकिन सच यह है कि भारत में उनकी नींव बहुत पहले पड़ चुकी थी। "ऋग्वेद" और "अथर्ववेद" में 'सभा' और 'समिति' जैसे शब्दों का उल्लेख मिलता है। ये संस्थाएँ सामूहिक विमर्श और निर्णय का प्रतीक थीं, जिनमें राजा तक को अपनी राय थोपने का अधिकार नहीं था। उपनिषद भी हमें यही शिक्षा देते हैं। "सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः" जैसी प्रार्थनाएँ केवल धार्मिक मंत्र नहीं हैं। यह मानवता की साझी भलाई, समानता और समावेश का उद्घोष है। यही लोकतंत्र का मूल तत्व है। लोकतंत्र का मतलब केवल वोट देना और सरकार चुनना नहीं है। लोकतंत्र का मतलब है ऐसी व्यवस्था जिसमें सबका कल्याण, सबकी साझेदारी और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। यही बात हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले कह दी थी। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि स्व. विट्ठलभाई पटेल ने तत्कालीन राजनीति को नए आयाम दिए और लोकतंत्र के नए मानदंड स्थापित किए। सभी राज्यों की विधानसभाओं को उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। तोमर ने कहा कि यह भवन विपिन चंद्र पाल एवं पं. मदन मोहन मालवीय की कर्म स्थली रही है। स्व. बटुकेश्वर दत्त और स्व. भगत सिंह के बम कांड की गवाही भी यह भवन देता है यह हमारी स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना है। तोमर ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। हर पाँच साल में करोड़ों नागरिक मतदान करके सरकार चुनते हैं। सत्ता का शांतिपूर्ण परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि जनता को चुनने और बदलने का अधिकार प्राप्त है। यही लोकतंत्र की आत्मा है -जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद भारत का लोकतंत्र मजबूत है। इसका कारण यही है कि यह लोकतंत्र केवल संविधान तक सीमित नहीं, बल्कि भारत की जनता की चेतना और उसकी संस्कृति में गहराई से रचा-बसा है। तोमर ने कहा कि अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस लोकतांत्रिक परंपरा को और सशक्त करें। लोकतंत्र का अर्थ केवल सरकार को चुनना नहीं, बल्कि नागरिक के रूप में अपने दायित्वों को निभाना भी है। सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष विधान परिषदों के सभापति, उपसभापति एवं विधानसभा सचिवालयों के अधिकारी सम्मिलित हुए। सम्मलेन का शुभारंभ 24 अगस्त को गृहमंत्री भारत सरकार अमित शाह द्वारा किया गया। समापन दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विशेष रूप से उपस्थित थे। मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव ए पी सिंह भी उपस्थित थे।  

मप्र से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती है : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

भारतीय प्रतिभाएं, भारत के विकास में योगदान दें : केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान मप्र से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती है : उच्च शिक्षा मंत्री परमार विश्व एक परिवार है, वसुधैव कुटुंबकम् भारत की संस्कृति है : परमार भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) का द्वादश दीक्षांत समारोह भोपाल  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भोपाल स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) में सोमवार को आयोजित 'द्वादश (12वें) दीक्षांत समारोह' में उपाधि प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भारत की उज्ज्वलतम प्रतिभाओं को देश में ही बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से भावनात्मक आह्वान करते हुए कहा कि वे विदेशों में अवसर तलाशने के बजाय, भारत के विकास और नवाचार प्रणाली में सक्रिय योगदान दें। चौहान ने इस बात को रेखांकित किया कि सिलिकॉन वैली जैसे वैश्विक तकनीकी केंद्रों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रतिभाएं काम कर रही हैं। चौहान ने स्नातकों को प्रेरित किया कि वे अपनी योग्यता और कौशल का उपयोग भारत के हित में करें। उन्होंने 'ब्रेन ड्रेन' की प्रवृत्ति को उलटने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवा देश में ही सफल करियर और उद्यम खड़े करें, जिससे विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की नींव मजबूत हो। चौहान ने विद्यार्थियों को जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर, समाज और देश के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। चौहान ने स्थानीय उत्पादों और व्यवसायों के समर्थन की आवश्यकता पर भी बल दिया। चौहान ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाते और बढ़ावा देते हैं, तब न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होते हैं। यह प्रक्रिया ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों को सशक्त बनाती है और समावेशी विकास को बढ़ावा देती है। चौहान ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का उल्लेख किया और विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सभी मेधावी शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। परमार ने कहा कि विश्व एक बाजार नहीं, अपितु एक परिवार है। "वसुधैव कुटुंबकम्" का यही मूल भाव, भारत की संस्कृति है। यह भारतीय दृष्टिकोण विश्वमंच पर जितना प्रभावशाली एवं व्यापक होगा, वैश्विक परिधियों में लोक कल्याण का मार्ग उतना ही प्रशस्त होगा। परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं को पढ़ाया जाएगा। प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक भारतीय भाषा सिखाने की कार्य योजना तैयार की जा रही है और इसका विद्यार्थियों को उनके मूल्यांकन में वेटेज देने की भी कार्ययोजना है। प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय भाषाओं को पढ़ाने से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती हैं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता का भाव, भारत की सभ्यता एवं विरासत है। किसी के कार्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करना, कृतज्ञता भाव रूपी भारतीय दर्शन का उत्कृष्ट उदाहरण है। परमार ने कहा कि पेड़ों, जलस्रोतों सूर्य आदि प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के पूजन एवं उपासना की पद्धति भारतीय समाज में परंपरागत रूप से विद्यमान है। यह परंपरा प्रकृति सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए, उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भाव है। हम सभी कृतज्ञतावादी है, न कि रूढ़िवादी। समाज में विद्यमान परम्पराओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ समृद्ध करने की आवश्यकता है। हमारे पूर्वज सूर्य उपासक थे, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता और महत्व को जानते थे। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर अन्य देशों की भी पूर्ति करने में समर्थ होगा। साथ ही वर्ष 2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में भी आत्म निर्भर होकर अन्य देशों का भरण-पोषण करने में भी सामर्थ्यवान बनेगा। हम सभी की सहभागिता से अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए हमें स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्वमंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास और ज्ञान के आधार पर हम सभी की सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा। समारोह में संस्थान के विभिन्न संकायों बीएस में 51, बीएस-एमएस में 227, एम.एससी./एम.एस. में 56 एवं पीएच.डी. पाठ्यक्रम में 89, इस प्रकार कुल 423 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विशिष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में संस्थान द्वारा दिए जाने वाला राष्ट्रपति स्वर्ण पदक एवं निदेशक स्वर्ण पदक कौशिक मेधी (बीएस-एमएस) को दिया गया। समारोह में 16 छात्र- छात्राओं को प्रवीणता पदक और 6 विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में संस्थान की इनोवेशन मैगजीन का विमोचन भी हुआ। समारोह में संस्थान के शासक मंडल के अध्यक्ष प्रो. अरविंद ए नातू एवं संस्थान के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के एचओडी, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास और विस्तार में मध्यप्रदेश का अभूतपूर्व प्रदर्शन: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा

मध्यप्रदेश हैल्थ केयर फैसिलिटी और इनोवेशन में निभा रहा है अग्रणी भूमिका : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास और विस्तार में मध्यप्रदेश का अभूतपूर्व प्रदर्शन देश बदल रहा है, टोटल हैल्थ केयर में हम लिख रहे हैं एक नई कहानी बीमारी का इलाज और बीमार की मदद की व्यवस्था कर रही है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में 2003 में 5 मेडिकल कॉलेज थे, आज हैं 32 केंद्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्योपुर और सिंगरौली में नए मेडिकल कॉलेज का किया वर्चुअली लोकार्पण बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में निजी भागीदारी से पीपीपी मॉडल से बनेंगे नए मेडिकल कॉलेज पात्र हितग्राहियों को मिली 8 लाख वय वंदना कार्ड की सौगात स्मार्ट चैटबॉट (आयुष्मान सखी) का हुआ शुभारंभ आशा कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद की पहल का हुआ शुभारंभ जबलपुर से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी से जुड़े कई नवाचारों का हुआ शुभारंभ जबलपुर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रसाद नड्डा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरगामी सोच से हमारा देश बदल रहा है। हम विकास के हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विस्तार में भारत ने पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। दिल्ली से स्वास्थ्य सुधार के लिए तैयार की गई योजनाओं और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व तरीके से अमली जामा पहनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश का प्रदर्शन देश के दूसरे राज्यों के लिए एक उदाहरण बन रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार, विस्तार और नवाचार में मध्यप्रदेश नेतृत्व कर रहा है। केन्द्रीय मंत्री नड्डा सोमवार को जबलपुर के घंटाघर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक सूचना केन्द्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट का बटन दबाकर श्योपुर और सिंगरौली जिले में नवनिर्मित नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का वर्चुअली लोकार्पण किया। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने इन दोनों मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स की 100-100 सीटों के प्रवेश के लिए केन्द्र सरकार की ओर से लैटर ऑफ परमिशन भी राज्य सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि लैटर ऑफ परमिशन के जरिए इन दोनों मेडिकल कॉलेज के संचालन और प्रवेश की प्रक्रिया भी आज से ही प्रारंभ कर दी गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि हमारी नई स्वास्थ्य नीति में हमने बीमार होने के बाद इलाज करने की पुरानी व्यवस्था के बजाय नागरिक बीमार ही न पड़ें, इसके लिए प्रिवेन्टिव और प्रमोशनल हेल्थ केयर पर फोकस किया। टोटल हैल्थ केयर सेक्टर में हम विकास और विस्तार की एक नई कहानी लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का पहला ऐसा देश है, जिसने अपनी अधिकतम आबादी को बीमारी की इलाज के लिए 5 लाख रुपये सालाना हैल्थ कवरेज दिया है। आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के जरिए हमने यह कर दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्वास्थ्य विभाग का अमला इस उपलब्धि के लिए बधाई और साधुवाद के पात्र हैं। केन्द्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में बैतूल, पन्ना, धार और कटनी जिले में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर स्थापित होने वाले नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के लिए संबंधित निवेशक समूहों के साथ अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान भी किए गए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 8 लाख पात्र वरिष्ठ नागरिकों को ‘वय वंदना कार्ड’ के वितरण कार्य का शुभारंभ करते हुए मंच से 5 वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना के पीवीसी कार्ड का वितरण किया। साथ ही रिमोट का बंटन दबाकर ‘आयुष्मान सखी’ स्मार्ट चैटबॉट और आशा संवाद कार्यक्रम की शुरुआत भी की। मातृ-गर्भावस्था आहार प्रचार सामग्री एवं मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड का विमोचन भी किया गया। राज्य सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ के तहत एक करोड़ लोगों की लीवर स्क्रीनिंग पूरी कर ली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा हासिल की गई इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के समर्पण की सराहना की और बधाई दी। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और मार्गदर्शन में स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। स्वस्थ भारत से ही सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण होगा। नड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश हैल्थ सैक्टर में नेतृत्व प्रदान कर रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत सरकार देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर क्रांतिकारी बदलाव कर रही है। पहले हमारी स्वास्थ्य नीति क्योरेटिव थी अर्थात बीमारी के बाद उसका इलाज करना। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में होलिस्टिक पॉलिसी बनी है, जिसमें प्रिवेंटिव क्योर, हैल्थ प्रमोशन जैसी बातों पर ध्यान दिया गया। एक लाख 77 हजार आरोग्य मंदिरों में डेंटल केयर, मेंटल केयर, कैंसर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग शुरू की गई। 30 साल से अधिक उम्र के हर व्यक्ति की आरोग्य मंदिर के माध्यम से हेल्थ स्क्रीनिंग शुरू की गई। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि देश में सबसे अच्छा हैल्थ सिस्टम है। पांच करोड़ से अधिक माताओं और बच्चों की स्क्रीनिंग भारत सरकार डिजिटली करती है। आशा वर्कर्स ने अंतिम पंक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाया है। गर्भावस्था के समय महिलाओं के 5 चैकअप होते हैं। पांच करोड़ एंटी नेटल चेकअप हमारे रोबस्ट हेल्थकेयर सिस्टम को दर्शाता है। इसी प्रकार वैक्सिनेशन के क्षेत्र में भी आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि आज देश में 89 प्रतिशत बच्चों का जन्म अस्पतालों में हो रहा है। मातृ मृत्यु-दर आज 130 से घटकर 93 पर आ गई है। शिशु मृत्यु-दर घटकर 39 प्रतिशत पर आ चुकी है, जबकि दुनिया में यह दर 11 प्रतिशत है। देश भर में 5 करोड़ 20 लाख लोगों को हाइपरटेंशन और 3 करोड़ 50 लाख लोग डायबिटीज से पीड़ित मिले हैं। भारत सरकार सिकल सेल एनीमिया की स्कीनिंग के लिए तेजी से कार्य कर रही है। टीबी के मरीजों की भी तेजी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 12 करोड़ 74 लाख परिवारों अर्थात 50 करोड़ से अधिक आबादी … Read more