samacharsecretary.com

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री चौहान ने अलीराजपुर में किया नि:शुल्क साइकिल वितरण

सोण्डवा जनपद में 24 लाख रुपये की विद्युत डीपी का हुआ शुभारंभ भोपाल  अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने शासन की निशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत शुक्रवार को अलीराजपुर जिले के ग्राम मथवाड और छकतला में कक्षा 6 और 9 में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को 176 साइकिलें वितरित कीं। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले या छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है, जिससे वे निरंतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस पहल से जिले में स्कूली बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है और विशेषकर छात्राओं के शैक्षिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। मंत्री श्री चौहान नेकहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, स्कूटी और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा, अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को नीट, जेईई, क्लेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आकांक्षा योजना के तहत नि:शुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर चिकित्सक, इंजीनियर आदि बन सकें। नवीन विद्युत डीपी का उद्घाटन मंत्री श्री चौहान ने अलीराजपुर जिले के सोण्डवा जनपद में 24 लाख रुपये की लागत की नवीन विद्युत डीपी का उद्घाटन किया। यह डीपी ग्राम छिनकी और उमरी में विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान और कृषकों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान किया।  

मुख्यमंत्री का निर्देश, यात्री सुरक्षा, सुविधा और राजस्व वृद्धि पर विभाग करे हरसंभव प्रयास

पीपीपी मॉडल पर 23 बस स्टेशनों का आधुनिकीकरण, दूसरे चरण में 54 और तैयार राज्य में बन रहे 8 इलेक्ट्रिक डिपो, ईवी को मिलेगा प्रोत्साहन,  सड़क सुरक्षा पर सख्ती, ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ 78 लाख से अधिक लोगों ने रक्षाबंधन पर उठाया निःशुल्क यात्रा का लाभ 2024-25 में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत, ई-वाहनों को मिली 942 करोड़ की कर छूट लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ई-बसों की खरीद में ‘मेड इन यूपी’ को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा आगे से खरीदी जाने वाली बसें यथासंभव उत्तर प्रदेश में ही निर्मित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम राज्य की औद्योगिक प्रगति को गति देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा। शुक्रवार को परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस स्टेशनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि हो और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्रोत्साहन देने और राजस्व वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि रोडवेज 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विश्वस्तरीय टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहा है। दूसरे चरण में 54 अतिरिक्त बस स्टेशनों का विकास प्रस्तावित है, जबकि 50 बस स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यूपीएसआरटीसी 8 शहरों में इलेक्ट्रिक डिपो भी स्थापित कर रहा है, जहाँ 240 किलोवाट क्षमता के 4 से 8 यूनिवर्सल चार्जर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए नए रूट चिन्हित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं-बहनों और उनके एक सहयात्री को तीन दिन तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा का लाभ 78 लाख से अधिक लोगों द्वारा लिए जाने पर प्रसन्नता जताई। परिवहन विभाग की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत हुए, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में जून तक ही 11 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए कर एवं शुल्क में 942 करोड़ रुपये से अधिक की छूट दी गई है। सड़क सुरक्षा को लेकर ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसी नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया जाए।

एप्को की पहल : मिट्टी के गणेश से सजेगा पर्यावरण संरक्षण का पर्व

भोपाल  पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में ग्रीन गणेश अभियान-2025 का संचालन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत ‘आओ, बनाओ, घर ले जाओ’ निःशुल्क 4 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को एप्को इंस्टिट्यूट भवन, पर्यावरण परिसर में हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ एप्को के कार्यपालन संचालक श्री दीपक आर्य ने किया। कार्यशाला 22 से 25 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। यहां अनुभवी मूर्तिकार प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। कार्यशाला में बनाई गई प्रतिमाएँ प्रतिभागियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यशाला में एप्को के कार्यपालन संचालक श्री आर्य ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियाँ जल स्रोतों को प्रदूषित करती हैं। उन्होंने अपील की है कि गणेशोत्सव के लिए मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी प्रतिमाएँ स्थापित करें तथा उनका विसर्जन घर पर ही करें। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण का संकल्प बनाने का आह्वान भी किया। कार्य़शाला में शासकीय नवीन उ.मा. विद्यालय ओल्ड कैम्पियन, भोपाल के ईको क्लब प्रभारी श्री अमोल अधोलिया अपने 50 विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। शासकीय मा. विद्यालय बोर्ड कॉलोनी की श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव एवं श्रीमती अर्चना दुबे 35 छात्राओं के साथ कार्यशाला में शामिल हुईं। एप्को की कार्यशाला के पहले दिन 350 प्रतिभागियों ने गणेश प्रतिमाएँ बनाईं और उन्हें अपने साथ घर ले गए। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया। कार्यशाला में एप्को के प्रशासनिक अधिकारी श्री मनोहर पाटिल, प्रमुख वास्तुविद श्रीमती अनिता वर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री लोकेंद्र ठक्कर, वास्तुविद श्री कमलेश वर्मा, शिक्षा अधिकारी श्री दिलीप चक्रवर्ती, कार्यक्रम के समन्वयक कार्यपालन यंत्री श्री राजेश रायकवार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।  

साइबर अपराध से बचाव: डर, आलस्य और लालच सबसे बड़ी कमजोरी: विशेषज्ञ

भोपाल प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) भोपाल और केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञ वक्ताओं ने साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता साइबर कमांडो अनुज समाधिया ने "डिजिटल अरेस्ट एवं साइबर स्लेवरी" विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत डर, आलस्य और लालच हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग बिना सोचे-समझे किसी भ्रामक संदेश, लिंक या कॉल पर प्रतिक्रिया कर देते हैं, जो उन्हें जाल में फंसा देता है। श्री समाधिया ने कहा—“किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर कार्रवाई करने से पहले ठहर कर उसकी वास्तविकता पर विचार करना चाहिए।” बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन में सावधानी जरूरी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर फैकल्टी अरुण पोनप्पन ने बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ग्राहकों को कभी भी अपना ओटीपी, पासवर्ड या एटीएम कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही, संदिग्ध लिंक या फर्जी कॉल से सतर्क रहना जरूरी है। सोशल मीडिया पर फर्जी सूचनाओं से बचें साइबर सुरक्षा प्रशिक्षक  अतुल श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं और उनसे बचाव के उपायों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज और गुमराह करने वाले संदेश बड़ी चुनौती हैं, जिन्हें साझा करने से पहले सत्यापन करना चाहिए। पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी कार्यशाला में बड़ी संख्या में पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन पीआईबी भोपाल के सहायक निदेशक अजय उपाध्याय ने किया। वहीं, सीबीसी भोपाल के उप निदेशक शारिक नूर ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पीआईबी भोपाल के सहायक निदेशक समीर वर्मा, सीबीसी भोपाल के सहायक निदेशक पराग मांदले सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

जनजातीय परिवारों को सशक्त करने बनेगा तीन लाख आदि कर्मयोगियों का समर्प‍ित संवर्ग

41 जिलों के 11294 जनजातीय बहुल गांवों को मिलेगा लाभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय परिवारों को सशक्त बनाने और प्रत्येक परिवार को योजनाओं का लाभ देने के लिए तीन लाख "आदि कर्मयोगियों" का समर्प‍ित संवर्ग तैयार किया जा रहा है। इससे 41 जिलों के 11 हजार 294 जनजातीय बहुल गांवों में रह रहे परिवारों को लाभ होगा। इसका उद्देश्य जनजातीय कल्याण के लिए उत्तरदायी, पारदर्शी और जवाबदेह शासन को बढ़ावा देना है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय परिवारों की समान भागीदारी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार आदि कर्मयोगी अभियान में शासकीय अधिकारी 'आदि कर्मयोगी' के रूप में, युवा नेता, शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनजातीय कार्यों में रूचि रखने वाले प्रतिबद्ध लोग 'आदि सहयोगी' के रूप में और स्व-सहायता समूह, जनजातीय नेता, स्वयंसेवक, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, गांव के निवासी "आदि साथी" के रूप में जुड़ सकते हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदि कर्मयोगी अभियान में मध्यप्रदेश में विशेषज्ञ संस्था भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन – बी.आर.एल.एफ द्वारा आदि कर्मयोगियों को राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तरीय प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया था। केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा इस अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री मोदी के मिशन अनुरूप आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। आदि कर्मयोगी एक राष्ट्रीय मिशन है। इसमें जमीनी स्तर पर शासन-प्रशासन तंत्र तथा सेवाओं को जनजातीय परिवारों के हित में मजबूत बनाया जायेगा। इस अभियान से देश में 20 लाख जिला अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों का एक कैडर विकसित हो रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के तीन लाख आदि कर्मयोगी शामिल हैं। आदि कर्मयोगी अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, वन, पंचायती राज विभाग और जल जीवन मिशन शामिल हैं। यह अभियान केन्द्र से लेकर विकासखंड स्तर तक जनजातीय विकास के संपूर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगा। आदि कर्मयोगी अभियान के प्रथम चरण में देश के 27 राज्यों के 326 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के 41 जिले शामिल हैं। अभियान अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्राम स्तर पर अपेक्षित परिणामों में मुख्य रूप से महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे – आवास, सड़क, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य में सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है। मध्यप्रेश में प्रगति स्‍टेट प्रोसेस लैब प्रशिक्षण का चार दिवसीय दूसरा सत्र 23 अगस्त से भोपाल सहित 24 जिलों में शुरू हो रहा है। प्रथम चरण के 17 जिलों में एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम हुआ। राज्य स्तरीय प्रोसेस लैब प्रशिक्षण के प्रथम चरण में 11 से 14 अगस्‍त को भोपाल में दो स्थानों पर 17 जिलों के 136 डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्ष‍ित किया गया। डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब 20 से 22 अगस्त तक चली। इसमें केन्‍द्रीय जनजातीय कार्य राज्‍यमंत्री श्री दुर्गादास उइके और मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मार्गदर्शन दिया। आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर उत्तरदायी समूह बनाये गये हैं। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव जिला स्तर पर संबंधित कलेक्टर और विकासखंड स्तर पर एसडीएम उत्तरदायी समूहों की अध्यक्षता करेंगे। जनजातीय बहुल गांव अब नया परिवर्तन अनुभव करने के लिए तैयार हो रहे हैं। सड़क संपर्क, पक्के मकान, पेयजल, घरेलू बिजली, आयुष्यमान भारत, डिजिटल सेवा जैसी सेवाओं से जनजातीय परिवार अब वंचित नहीं रहेंगे। प्रदेश में आदि सेवा केन्द्र बनाने की भी तैयारी है, जहां शिकायत निवारण रजिस्टर, नोडल अधिकारियों के संपर्क नम्बर और ग्राम के विकास का विजन तैयार करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जायेगा।  

अब भगोड़े अपराधी भी नहीं बच पाएंगे, दूसरे राज्यों से दबोचे गए 64 कुख्यात

– एडीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी – इस वर्ष जनवरी से अब तक एसटीएफ दूसरे राज्यों से 64 अपराधियों को दबोचकर ला चुकी  – सबसे ज्यादा दिल्ली से 14 अपराधी गिरफ्तार किए गए, फिर पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार हुए 9 – एसटीएफ निरंतर संगठित आपराधिक गिरोहों का सफाया करने में हैं जुटी पटना बिहार में अपराध करके दूसरे राज्य भागने वाले अपराधी भी अब नहीं बच रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से 20 अगस्त तक ऐसे 64 अपराधियों को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। इसमें कुख्यात और इनामी अपराधी भी शामिल हैं। यह जानकारी एडीजी (अभियान) सह एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा 14 की संख्या में अपराधियों को दिल्ली से दबोचा गया है। इसके बाद पश्चिम बंगाल से 9, उत्तर प्रदेश से 7, गुजरात से 7, झारखंड से 6, हरियाणा से 5, महाराष्ट्र से 4, मध्य प्रदेश से 4, हिमाचल प्रदेश से 2, पंजाब से 2 के अलावा राजस्थान, गोवा, उड़ीसा, उत्तराखंड, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर औऱ मणिपुर से 1-1 अपराधी को गिरफ्तार किया गया है।  एडीजी कृष्णन ने कहा कि राज्य में नक्सली हिंसा में काफी कमी आने के बाद से एसटीएफ को संगठित अपराध और इससे जुड़े अपराधियों का समूल नाश करने में लगा दिया गया है। राज्य के अंदर पनप रहे सभी तरह के संगठित अपराधों को खत्म करने में इसकी भूमिका बेहद अहम है और इसकी उल्लेखनीय उपलब्धि की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। पिछले वर्ष अपराधियों से मुठभेड़ के 8 मामले सामने आए थे। इस वर्ष इनकी संख्या बढ़कर 23 हो गई है। पिछले वर्ष 2024 में की गई कार्रवाई में 752 अपराधियों को दबोचा गया था, लेकिन इस वर्ष अब तक 857 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी तरह 2024 में 44 और 2025 में अब तक 101 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले वर्ष जहां 3681 कारतूस बरामद किए गए थे। वहीं, इस वर्ष अब तक 12 हजार 176 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष अपराधियों से 19 रेगुलर हथियार तथा इस वर्ष 32 रेगुलर हथियार बरामद किए गए हैं। इन कुख्यात अपराधियों को किया गया गिरफ्तार एडीजी ने कहा कि एसटीएफ की विशेष टीम के स्तर पर निरंतर इनामी औऱ कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इस क्रम में 18 अगस्त को 2 लाख का इनामी अपराधी बुटन चौधरी को महाराष्ट्र के उदवंतनगर थाना से गिरफ्तार किया गया है। 5 अप्रैल को दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए पहाड़गंज से अंतरराज्यीय सोना लुटेरा सुबोध सिंह, 2 लाख का इनामी विकास कुमार उर्फ जॉन राइट को गिरफ्तार किया गया था। 28 मार्च को औरंगाबाद जिला का एक लाख का इनामी नक्सली राजेश यादव को महाराष्ट्र के महार्ड (रायगढ़) क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। 8 फरवरी को सीवान और गोपालगंज का 50 हजार का कुख्यात इनामी अपराधी मनीष को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।    ऑपरेशन में ये जवान हुए शहीद राज्य के बाहर ऑपरेशन के दौरान एसटीएफ के कई जवान भी शहीद हुए हैं। इसमें दारोगा मुकुंद मुरारी, जेसी विकास कुमार, जेसी जीवधारी कुमार, दारोगा संतोष कुमार, मिथिलेस पासवान शामिल हैं। ये लोग गुजरात के सूरत में सरकारी वाहन से एक अपराधी को गिरफ्तार करने गए थे, लेकिन एनएच पर वाहन दुर्घटना के दौरान इनकी मौत हो गई थी। एनआईए भी कर रही मामले की जांच एडीजी ने बताया कि अवैध हथियार या गोलियों की खरीद-बिक्री के मामले की तफ्तीश एनआईए के स्तर से भी की जा रही है। इससे अपराधियों को मिलने वाली गोलियों की सप्लाइ चेन को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी। हाल में हाजीपुर समेत 7 ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी की गई थी। उन्होंने कहा कि अपराधियों की संपत्ति जब्त करने से संबंधित प्रस्ताव ईओयू को भेजा जा रहा है। दानापुर के विधायक रीतलाल यादव के भाई की अवैध संपत्ति जब्त करने से संबंधित प्रस्ताव ईओयू को भेजा गया है। वहां से इसे ईडी को भेजा जा सकता है।     ऑपरेशन लंगड़ा नहीं चला रहा पुलिस मुख्यालय एडीजी कुंदन कृष्णन ने स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय के स्तर से ऑपरेशन लंगड़ा नहीं चलाया जा रहा है। इस तरह का कोई ऑपरेशन पुलिस नहीं चला रही है। अपराधियों को गिरफ्तार करना पुलिस खासकर एसटीएफ के स्तर से निरंतर प्रयास जारी है। अगर इस दौरान अपराधियों की तरफ से पुलिस टीम पर गोलीबारी की जाती है, तो जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस के स्तर से फायरिंग होती है।

साइंस सिटी में बच्चों के लिए हो थ्री डी विज्ञान फिल्म दिखाने की व्यवस्था: कुमार रवि

सचिव कुमार रवि ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का किया निरीक्षण पटना भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को निर्माणाधीन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुमार रवि ने आदेश दिया कि यहां आने वाले बच्चों के लिए ऑडिटोरियम में थ्री डी विज्ञान फिल्म दिखाने की व्यवस्था हो। साइंस सिटी में प्रदर्श अधिष्ठापन कार्य, एट्रियम एरिया, ऑडिटोरियम, डोरमेटरी, अस्थाई प्रदर्श गैलरी सहित परीसर में चल रहे जरूरी कार्यों का बारीकी से जायजा लिया गया।  भवन निर्माण विभाग की ओर से मोईन-उल-हक स्टेडियम के पास 20.5 एकड़ में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण के लिए प्रथम गैलरी (बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी) में प्रदर्श अधिष्ठापन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है जबकि द्वितीय गैलरी (बेसिक साइंस गैलरी) में प्रदर्श लगाने का कार्य तेजी से प्रगति पर है।  साइंस सिटी में कुल पांच गैलरियों का निर्माण किया जाना है यथा- बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी, बेसिक साइंस गैलरी, सस्टेनेबल प्लैनेट गैलरी, स्पेस एंड एस्ट्रोनोमी गैलरी तथा बॉडी एंड माइंड गैलरी। पांचों गैलरियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 7725 वर्गमीटर है और इनमें 26 थीम पर आधारित 269 विज्ञान प्रदर्श स्थापित किया जाना है। सचिव ने स्थल निरीक्षण के दौरान बचे हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निदेश दिया। अभियंताओं एवं एजेंसी को निदेशित किया गया है कि प्रदर्श अधिष्ठापन के साथ ही फिनशिंग कार्य को भी तेजी से पूर्ण करें ताकि साइंस सिटी का उद्घाटन संभावित समय पर हो सके।  एट्रियम में अब्दुल कलाम की मूर्ति, डिजिटल पैनल और म्यूरल लगाए गए हैं। बच्चों एवं आगंतुकों के लिए सेल्फी पॉइंट विकसित की गई है। इस परिसर में 500 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम तथा 150 छात्रों एवं 3 शिक्षकों के लिए डोरमेटरी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। निरीक्षण के दौरान विभाग के संयुक्त सचिव आशुतोष  द्विवेदी, अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

नेशनल हाईवे पर फिसलन से वाहनों की रफ्तार ठहरी, दिल्ली-कानपुर मार्ग पर लंबा जाम

आगरा दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे पर केके नगर के पास शुक्रवार सुबह किसी वाहन से चिकनाई युक्त केमिकल सड़क पर गिर पड़ा। इससे सड़क पर फिसलन हो गई। यहां से गुजरने वाले कई वाहन फिसलने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कैंटर मेट्रो की बैरिकेडिंग से टकरा गया, इससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पांच घंटे तक कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर यातायात प्रभावित रहा। ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो के निर्माण में जुटे कर्मियों के सहयोग से सड़क की धुलाई कराई। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। नेशनल हाईवे पर कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर केके नगर के पास शुक्रवार सुबह 10 बजे किसी वाहन से तेल की तरह का केमिकल सड़क पर गिर गया। इससे सड़क पर फिसलन हो गई। यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन सवार फिसलकर गिरने लगे। इसी बीच एक ट्रक और उसके पीछे चल रहा कैंटर भी फिसल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार कैंटर आगे चल रहे ट्रक से रगड़ता हुआ मेट्रो की बैरिकेडिंग से टकरा गया। इससे कैंटर की केबिन क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सिकंदरा थाना और ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल चालक को अस्पताल भिजवाने के साथ ही क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कैंटर को हटवाया। इस कारण हाईवे पर जाम लग गया। सड़क पर फिसलन होने के कारण पुलिस ने बैरियर लगाकर यातायात को कंट्रोल किया। ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो के निर्माण में जुटे कर्मचारियों और प्रेशर मशीन से सड़क कि धुलाई कराई। मिट्टी और चूना सड़क पर डाला। इस बीच दोपहर तीन बजे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित होने से पांच घंटे तक जाम की स्थित रही। केके नगर से लेकर सिकंदरा मंडी तक वाहन जाम में फंसे रहे। वाहन चालक राजेश कुमार ने बताया कि करीब दो दर्जन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। जिसमें दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा दी। इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज शर्मा ने बताया कि किसी वाहन से तेल जैसा केमिकल सड़क के कुछ हिस्से में गिर गया था। इस कारण वहां फिसलन हो गई थी। जाम के कारण परेशान रहे लोग हाईवे पर यातायात प्रभावित होने के कारण जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। इस कारण वाहन सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग गर्मी और प्यास से परेशान रहे। पुलिसकर्मियों ने बैरियर लगाकर वाहन निकलवाने की कोशिश की, लेकिन मेट्रो की बैरिकेडिंग लगी होने के कारण जगह कम होने से वाहन निकालने में परेशानी आई।

केंद्रीय मंत्री गडकरी और CM डॉ. यादव करेंगे जबलपुर में 1052 करोड़ के फ्लाईओवर का उद्घाटन

यातायात होगा सुगम और मिलेगी नई रफ्तार भोपाल  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अगस्त, शनिवार को जबलपुर नगर को प्रदेश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक फ्लाईओवर की सौगात देंगे। यह फ्लाईओवर जबलपुर शहर को नए यातायात स्वरूप में महानगरीय पहचान देगा। जबलपुर में 1052 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 6.855 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर है, बल्कि इसमें कई ऐसी विशेषताएं भी शामिल हैं जो इसे विशिष्ट पहचान देती हैं। इस फ्लाईओवर का सबसे बड़ा तकनीकी आकर्षण रेल मार्ग के ऊपर निर्मित 192 मीटर लंबा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज है। इस परियोजना में कुल 3 बो-स्ट्रिंग ब्रिज भी शामिल किए गए हैं। इनमें से दो पुल रानीताल क्षेत्र में और एक पुल बलदेवबाग क्षेत्र में बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी पुल पूरी तरह स्टील से निर्मित हैं और प्रत्येक की लंबाई लगभग 70 मीटर है। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित यह संरचना न केवल जबलपुर बल्कि पूरे देश के लिए एक अद्वितीय और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।” यातायात की दृष्टि से यह फ्लाईओवर क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। जहां पहले मदनमहल से दमोह नाका तक पहुँचने में 40 से 45 मिनट का समय लगता था, अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 6 से 8 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि शहर में प्रदूषण का स्तर भी घटेगा। व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, नागरिकों की दैनिक जीवनशैली सरल होगी और जबलपुर एक नए यातायात मॉडल के रूप में देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह परियोजना जबलपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के बीच आधुनिकता का संगम प्रस्तुत करती है। यह शहर की पहचान को महानगरीय स्वरूप देने में सहायक होगी।री स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए बेहतर आवागमन और जीवनशैली सुनिश्चित करेगी।  

तहसीन सैयद का क्या कनेक्शन? रेखा गुप्ता पर हमले में नया गिरफ्तारी

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हमलावार राजेश खिमजी सकारिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने अब गुजरात के राजकोट से उसके एक साथी को पकड़ा है। राजकोट में पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया गया और पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। आरोपी का नाम तहसीन सैयद बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने राजकोट में जिस तहसीन सैयद को हिरासत में लिया है, उस आरोप है कि उसने हमलावर राजेश खिमजी को पैसे भेजे थे। तहसीन ने दिल्ली में आकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले राजेश को 2000 रुपये ट्रांसफर किए थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक तहसीन ऑटोरिक्शा चालक है और उसने सकारिया को गूगल-पे के माध्यम से 2000 रुपये भेजे थे। 5 लोगों से संपर्क में था राजेश बताया गया है कि पुलिस ने राजकोट में राजेश खिमजी सकारिया से जुड़े कुल 5 लोगों से पूछताछ की और सैयद को अपने साथ दिल्ली ले गई। बताया जा रहा है कि दिल्ली आने के दौरान सकारिया अपने शहर के 5 लोगों के संपर्क में था। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। क्या हमले में शामिल था सैयद पुलिस दिल्ली में तहसीन सैयद से विस्तृत पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जा रहा है कि वह इस हमले में राजेश के साथ किस तरह और किस हद तक जुड़ा हुआ था? क्या दोनों ने मिलकर यह साजिश रची थी? इस तरह के कई सवालों के जवाब पुलिस अभी तलाश रही है। दिल्ली में दोनों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। राजेश खुद को बता रहा पशु प्रेमी राजकोट के कोठारिया रोड निवासी 41 साल के राजेश खिमजी सकारिया ने 20 अगस्त को दिल्ली में 'जन सुनवाई' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला कर दिया था। उसने कथित तौर पर मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा और बाल खींचे। सकारिया का दावा है कि वह पशु प्रेमी है और कुत्तों पर दिल्ली सरकार के रुख से नाराज था। हालांकि, पुलिस अभी उसके दावों की पड़ताल कर रही है।