जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार की जा रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार की जा रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय के विकास के लिए समर्पित हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस समारोह को किया संबोधित नमो-प्रेरणा कार्यक्रम का किया शुभारंभ जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन से पहले अपनी कलम और कविताओं के बल पर मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ अलख जगाई थी। अंग्रेजों के दमन के विरोध में उस समय में जो काम तलवार नहीं कर पाई, वह राजा शंकर शाह की लेखनी ने कर दिखाया। उनके लिखे गीतों ने जनता के बीच आजादी की ललक और अलख जगा कर नयी ऊर्जा का संचार किया। वे देश और धर्म को साथ लेकर चले। स्वभाषा-स्वधर्म-रचनात्मकता और साहित्य की साधना के प्रति राजा रघुनाथ शाह के समर्पण के कारण स्थानीय जन में उनके प्रति बहुत अधिक श्रद्धा थी। उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहे। देखते ही देखते अंग्रेजी सरकार की जड़े हिल गईं। ब्रिटिश सैनिकों ने दोनों को बंदी बना लिया और उनके सामने महारानी की अधीनता स्वीकार करने और धर्म बदलने की शर्त रखी। लेकिन राजा शंकर शाह ने अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देकर पराधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने अंग्रेज अफसरों को बता दिया कि वे रानी दुर्गावती के वंशज हैं, भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों और सनातन पर हमें गर्व है। राजा शंकर शाह की हिम्मत के आगे अंग्रेज अफसर डर गए, उन्हें तोप से बांध कर अन्यायपूर्वक बलिदान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर में जनजातीय महानायक राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कैंसर और नशामुक्ति के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए आरंभ हुआ अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कैंसर एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नमो प्रेरणा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत स्कूल एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को कैंसर से बचाव एवं जागरूकता के प्रति प्रेरित किया जाएगा। कैंसर मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल है। विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति का शरीर साथ छोड़ता है, लेकिन उसके विचार सदैव जीवित रहते हैं। यही हमारे गौंडवाना के वीर शहीदों ने कर दिखाया। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय महानायकों के गौरवशाली इतिहास संरक्षित करने और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समुदाय को विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर स्वावलंबी बनाने के लिए जनजातीय कार्य विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय से सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय की पीड़ा को अच्छी तरह से समझते हैं, उन्होंने सिकल सेल उन्मूलन के लिए अभियान की शुरुआत की, जिसे राज्यपाल मंगुभाई पटेल की देखरेख में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेहतर तरीके से संचालित किया जा रहा है। जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय महापुरुषों राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जैसी विभूतियों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को पाठ्यक्रम में स्थान दिया है। प्रदेश की भावी पीढ़ियां उनके बलिदान और जीवन के प्रेरणादायी कार्यों से परिचित होंगी। राज्य सरकार रानी दुर्गावती लोक का निर्माण करेगी, निमाड़ के जनजातीय नायक क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बुंदेलखंड के सागर में भी रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है। सरकार जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्म तैयार करने सहित सभी योजना को प्रोत्साहित कर रही है। रानी दुर्गावती की जयंती पर 52 गढ़ों के वशंजों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह सहित प्रदेश के अनेक महापुरुषों की जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल कर सम्मान दिया है। हमारे जनजातीय वीरों ने अंग्रेजों से क्षमा-याचना नहीं की। आज हम सभी पवित्र भूमि जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की शहादत का स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय महापुरुषों से मिली प्रेरणा और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर वही पुण्यभूमि है, जहां अंग्रेजों ने राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह को जनता के सामने तोप के मुंह से बांधकर शहीद किया था। अंग्रेजों ने उन्हें माफी मांगने का अवसर दिया, लेकिन पिता-पुत्र ने क्षमा याचना करने से इनकार कर दिया और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देना स्वीकार किया। मंत्री सिंह ने कहा कि राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह रानी दुर्गावती की वंश परंपरा से जुड़े थे। उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर प्रत्येक नागरिक को देश और प्रदेश के विकास में अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय वीरों और महापुरुषों को देश की भावी पीढ़ी याद रखे, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जनजातीय छात्रावासों के नाम जनजातीय महानायकों के नाम पर रखे हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान और जीवन पर फिल्म तैयार की गई है। अब हमारी सरकार ने पाठ्यपुस्तकों में जनजातीय महापुरुषों के योगदान को शामिल किया है। मंत्री … Read more