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ट्रेन लेट हुई तो नहीं होगी बोरियत, पानीपत जंक्शन पर फ्री VR कक्ष इसी माह होगा शुरू

पानीपत  ट्रेन का इंतजार अब सिर्फ प्लेटफार्म पर बैठकर घड़ी देखने तक सीमित नहीं रहेगा। रेलवे जंक्शन पर यात्रियों को रेल सफर के बदलते दौर को अपनी आंखों के सामने महसूस करने का मौका मिलेगा। यात्री वर्चुअल रियलिटी (वीआर) कक्ष में चश्मा लगाते ही खुद को ट्रेन के सफर के बीच पाएंगे। स्क्रीन पर केवल कोई दृश्य नहीं चलेगा, बल्कि तकनीक के जरिए उन्हें ऐसा अनुभव कराया जाएगा, मानो वे स्वयं ट्रेन में सफर कर रहे हों। इस आभासी सफर में देश की आधुनिक रेल व्यवस्था, वंदे भारत से लेकर बुलेट ट्रेन तक की तकनीक और ट्रेन संचालन की झलक भी देखने को मिलेगी। फ्री होगी सुविधा सीनियर टेक्नीशियन दीपक ने बताया कि जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर एसी कक्ष लगभग तैयार हो चुका है। इसे इसी माह यात्रियों के लिए शुरू करने की तैयारी है। इसके संचालन की जिम्मेदारी व्योम कंपनी को दी गई है। सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी। ट्रेन के विलंब से आने की स्थिति में यात्री कक्ष में बैठकर इस नई तकनीक का अनुभव ले सकेंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वीआर कक्ष में यात्रियों को रेलवे के बदलते स्वरूप से रूबरू होने को मिलेगा। आभासी अनुभव के माध्यम से वे देख सकेंगे कि आधुनिक ट्रेनें किस तरह तेज रफ्तार से चलती हैं, उनका संचालन कैसे होता है, हाई स्पीड रेल तकनीक किस तरह काम करती है। चश्मा पहनते ही बदलेगा सफर का अनुभव वीआर चश्मा पहनने के बाद यात्री आभासी दुनिया में प्रवेश करेंगे। देश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों और गंतव्यों का भ्रमण कराया जाएगा। ट्रेन के भीतर सफर का अनुभव, रास्तों के दृश्य और रेल यात्रा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को तकनीक के माध्यम से दिखाया जाएगा। ट्रेन का इंतजार कर रहे बच्चों और विद्यार्थियों के लिए भी यह अनुभव खास होगा। उन्हें रेलवे और सुरक्षित यात्रा से जुड़ी जानकारी रोचक तरीके से समझ में आएगी।  रेलवे जंक्शन पर वीआर कक्ष का संचालन करने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें यात्री बैठकर ट्रेन के सफर की आधुनिकता को देख सकेंगे। -मुकेश, वाणिज्य निरीक्षक, रेलवे जंक्शन  

चूड़ी के गोदाम से भड़की आग ने 25 दुकानों को घेरा, धुएं से लोगों को सांस लेने में परेशानी

  जयपुर जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित मणिहारों का कटला के तीन मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार सुबह 7 बजे भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ने धीरे-धीरे 25 दुकानों को चपेट में ले लिया। इनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक सामान, कॉस्मेटिक और चूड़ियों की दुकानें थीं। बता दें कि सुबह 8 बजे दमकल पहुंची। 30 फायर ब्रिगेड और करीब 50 कर्मचारियों ने दोपहर 2:30 बजे आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की बिजली बंद कर दी गई और आसपास की दुकानें बंद रहीं। बिल्डिंग में रखे पांच कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों को फायरमैन ने तुरंत बाहर निकाला। बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी हैं। आग के दौरान फायर सेफ्टी उपकरण बंद मिले। धुएं के कारण सुभाष चौक से चांदपोल तक लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हुई। चूड़ी के गोदाम से शुरू हुई आग माणक चौक थाना अधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि शुरुआती जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की बात सामने आई है। यहां ज्यादातर कपड़े और मणिहारी सामान की दुकानें हैं। बरामदों में रखा सामान भी आग की चपेट में आया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दुकान मालिक के पास फायर एनओसी थी या नहीं। प्रत्यक्षदर्शी गार्ड विक्रम सिंह ने बताया कि छोटू भाई के चूड़ियों और मणिहारी सामान के गोदाम में आग लगी थी। उस समय वह तीन सफाईकर्मियों के साथ वहां मौजूद था। आग बढ़ने पर सभी ने बाहर निकलकर जान बचाई। विक्रम के मुताबिक, गोदाम का ताला तोड़कर शटर ऊंचा करके बाहर निकलना पड़ा। शटर गर्म होने के कारण उसका हाथ भी जल गया। गार्ड ने बताया कि गोदाम के बाहर बरामदे में भी बड़ी मात्रा में सामान रखा हुआ था। आग फैलने के बाद यह सामान भी चपेट में आ गया और आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। चांदपोल तक फैला धुएं का गुबार आग लगने के बाद सेठी कॉम्प्लेक्स से उठने वाला धुआं आसपास के बड़े इलाके में फैल गया। धुएं का गुबार सुभाष चौक से चांदपोल तक दिखाई दिया। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी हुई। कई लोगों ने सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत की। एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। आग के कारण पुरोहित जी कटला में भी दुकानें नहीं खुलने दी गईं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए गेट पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। फायर सेफ्टी सिस्टम बंद होने का आरोप आग के बाद सेठी कॉम्प्लेक्स में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों को लेकर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के लिए लगाए गए उपकरण बंद पड़े हैं। किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने मौके पर पहुंचकर कहा कि परकोटे में फायर एनओसी की दोबारा जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की देखरेख में अवैध कब्जे हो रहे हैं और इससे जयपुर के हेरिटेज स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है। कागजी ने कहा कि प्रशासन ने करीब पौने तीन साल में एक बार भी फायर सिस्टम की जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यशैली चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, परकोटे में कई जगह फायर एनओसी दिए जाने को लेकर सवाल हैं और सरकार को इनकी दोबारा जांच करानी चाहिए। जयपुर सांसद ने लिया घटनास्थल का जायजा जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने भी बड़ी चौपड़ स्थित पुरोहित जी के कटला में कई दुकानों में आग लगने की सूचना प्राप्त होने पर मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों से घटना की जानकारी ली एवं राहत संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अवैध रेस्टोरेंट-होटल बनाने का आरोप स्थानीय व्यापारी अनीस चंदवानी ने सेठी कॉम्प्लेक्स के मालिक आनंद सेठी पर बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में कथित तौर पर अवैध रेस्टोरेंट और होटल का निर्माण कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सुबह के समय वेल्डिंग का काम भी किया जाता है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पहले भी इसका विरोध किया है। व्यापारी ने आशंका जताई कि वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से नीचे दुकानों में रखे सामान में आग लगी हो सकती है। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। वेल्डिंग से आग लगने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। विधायक बालमुकुंद ने पिछली सरकार पर उठाए सवाल हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि यहां अवैध रूप से होटल का निर्माण किया जा रहा है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने बिना उचित जांच के फायर एनओसी जारी की, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। फायर सिस्टम फेल होने के बावजूद एनओसी दिए जाने के सवाल पर आचार्य ने पिछली कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपए दिए गए थे। उस समय कांग्रेस की सरकार और कांग्रेस का नगर निगम था। उन्होंने उस दौरान अधिकारियों की ओर से राशि के इस्तेमाल की जांच की मांग की। 18 दुकानों की आग पर काबू सिविल डिफेंस टीम के कर्मचारी राकेश सेन ने बताया कि सभी दुकानों के शटर तोड़ दिए गए हैं। बरामदों में रखा सामान भी हटाया गया है, ताकि आग बुझाने में आसानी हो। उन्होंने बताया कि चूड़ी, कार्टन और अन्य ज्वलनशील सामान अधिक मात्रा में होने के कारण आग पर पूरी तरह काबू पाने में समय लग रहा है। फिलहाल दमकल की करीब 22 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं। करीब 18 दुकानों की आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि दो दुकानों में आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद नुकसान और आग के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।  

रीवा में अनियमितताओं पर एक्शन, औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी निलंबित

रीवा में उपचार में लापरवाही एवं अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त, औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी निलंबित अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश रीवा रीवा में मरीज के उपचार में लापरवाही एवं अनियमितताओं पर जांच के उपरांत कड़ी कार्रवाई की गई है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 के अपरान्ह से समाप्त कर दी गई हैं। डॉ. अग्रवाल के विरुद्ध मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने संबंधी शिकायत पर गठित उच्च स्तरीय समिति की जांच में दीर्घशास्ति हेतु अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। आदेशानुसार डॉ. अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय/स्वशासी सेवा के लिए अनर्ह होंगी।        श्रीमती कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान रीवा में हुई मृत्यु के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा गठित जांच समिति की कार्यवाही के अनुक्रम में अथर्व ब्लड सेंटर से संबंधित औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को निलंबित किया गया है। बट्टी को गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता के कारण म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला शहडोल निर्धारित किया गया है। अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं के संबंध में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश       अथर्व ब्लड सेंटर, जिला रीवा द्वारा की गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित अधीनस्थ औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।  

लोकभवन में लगा रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, राज्यपाल पटेल ने किया उद्घाटन

राज्यपाल पटेल ने रक्तदान स्वास्थ्य शिविर का लोकभवन में किया शुभारंभ लोक भवन में आयोजित शिविर में 370 लोगों ने लिया भाग भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के तहत लोकभवन में आयोजित स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। शिविर के विभिन्न काउन्टरों पर जाकर परामर्श जाँच एवं परीक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपनी बोन मिनरल डेनसिटी (बी.एम.डी.) जांच कराकर शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दंत परीक्षण, फिजियोथेरेपी जाँच, बोन मिनरल डेनसिटी (बी.एम.डी.) जांच एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं औषधि वितरण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने रक्तदाताओं को फलो की टोकरी भेंट कर, उनके सेवा संकल्प की सराहना की। रक्तदान करने आए छात्र-छात्राओं से चर्चा की। उनका उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने प्रारंभ में लोक भवन में आयोजित नि:शुल्क परामर्श, जाँच और रक्तदान शिविर का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन गुरुवार को सुबह 10 बजे से एक बजे तक लोक भवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। शिविर में रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन श्याम सिंह कुमरे एवं जनरल सेक्रेटरी रामेंद्र सिंह सहित चिकित्सक, विशेषज्ञ एवं अन्य संबंधित जन उपस्थित रहे। लोक भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 370 आमजन शामिल हुए। रक्तदान के लिए 109 रक्तदाताओं ने पंजीयन कराया, जिनमें चिकित्सकीय परामर्श के बाद 77 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। दंत परीक्षण शिविर में 74 व्यक्तियों ने जांच कराई। उन्हें उपचार संबंधी परामर्श और आवश्यक औषधियां प्रदान की गई। बी.एम.डी. जाँच शिविर 125 आमजन ने जांच कराई। जांच में 77 आमजन की हड्डियों की स्थिति सामान्य पाई गई, जबकि 45 व्यक्तियों में हड्डियों की मामूली कमजोरी ऑस्टियोपेनिया तथा 3 व्यक्तियों में ऑस्टियोपोरोसिस पाया गया। सभी को चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक औषधियां प्रदान की गईं। फिजियोथेरेपी जाँच शिविर में 62 व्यक्तियों ने भाग लिया। उनकी फिजियोथेरेपी से संबंधित समस्याओं के संबंध में चिकित्सकों द्वारा आवश्यक परामर्श एवं व्यायाम बताए गए।  

बिजली बिल बकाया रखने वालों पर शिकंजा, जालंधर में 25,257 कनेक्शन काटने की तैयारी

 जालंधर  पावरकाम अब 20 हजार से एक लाख तक बिजली बिल बकाया वाले 25,257 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटेगा। एक साल से उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं करवाया है। तीन दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। पहले अस्थायी तौर पर कनेक्शन काटे जाएंगे। अगर उपभोक्ता दो सप्ताह में बिल जमा नहीं करवाता है तो स्थायी तौर पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। 20 से 50 हजार तक बकाया बिल वाले 18,281 उपभोक्ता हैं, जिनसे 58.28 करोड़ व 50 हजार से एक लाख रुपये तक बकाया वाले 6,976 उपभोक्ता हैं, जिनसे 47.69 करोड़ रुपये पावरकाम ने वसूलने हैं। पिछले दो सप्ताह में पावरकाम ने एक से ढाई लाख रुपये तक बकाया वाले 5,085 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे थे। इनसे 12.51 करोड़ रुपये बिल की रिकवरी की गई। पावरकाम के डिप्टी चीफ इंजीनियर गुलशन चुटानी ने कहा कि कार्रवाई जारी रहेगी।     20 से 50 हजार तक बकाया बिल वाले हैं 18,281 उपभोक्ता     50 हजार से एक लाख 50 रुपये का बकाय वाले हैं 6,976 उपभोक्ता     25 हजार से ज्यादा लोगों कनेक्शन काटेगा पावरकाम।     25 करोड़ का बिजली बिल बकाया घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं का ईस्ट कैंट मॉडल टाउन वेस्ट फगवाड़ा     डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लिस्ट तैयार हो चुकी है। घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं का 25 करोड़ का बिल बकाया है। गुलशन चुटानी, डिप्टी चीफ इंजीनियर  

उज्जैन में 35 लाख दीपों से जगमगाएंगे शिप्रा घाट, सुरक्षा में तैनात होंगे 3 हजार पुलिसकर्मी

उज्जैन  महाकाल की नगरी एक बार फिर दीपों की रोशनी में इतिहास रचने की तैयारी कर रही है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और जन सेवा के 25 साल पूरे होने पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे उज्जैन में सेवा संकल्प अभियान के दिन भव्य दीपोत्सव होगा. क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने की तैयारी की गई है।  इस आयोजन को जन भागीदारी से जोड़ते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा है. यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि उज्जैन पहले ही दीप प्रज्वलन का विश्व रिकॉर्ड बना चुका है. अब 3 साल बाद 18.82 लाख के पुराने आंकड़े से काफी आगे निकलने की तैयारी है. हालांकि मौजूदा गिनीज रिकॉर्ड अयोध्या के नाम है, जहां साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए गए थे।  'उज्जैन का रिकॉर्ड 18.82 लाख, अब 25 लाख का लक्ष्य' कलेक्टर रोशन कुमार सिंहने बताया, "साल 2023 में महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन के क्षिप्रा तट पर 18,82,229 दीप एक साथ जलाए गए थे, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया था. अब साल 2026 में सेवा संकल्प के तहत लक्ष्य है कि 25 लाख से अधिक दीपों को प्रज्वलित कर नया रिकॉर्ड कायम किया जाए. जिसकी तैयारियां उज्जैन नगर निगम और स्मार्ट सिटी की ओर से पूरी कर ली गई है।  इसी तरह इंदौर में 2.51 लाख, मैहर में 4.86 लाख, खजुराहो में तीन लाख, अमरकंटक में 21 हजार, जबलपुर में नर्मदा घाटों समेत प्रदेशभर में दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। एमपी में दीपोत्सव पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट की। उन्होंने लिखा- 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही। मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो ज़रा राज्य की ज़मीनी हालत भी देखिए। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं – हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं। उज्जैन में देशभर के 500 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे शिप्रा के रामघाट पर शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद आरती होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां रहेंगे। दीपोत्सव में देशभर से 500 से अधिक कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में बाबा महाकाल पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गायन, वादन, नृत्य और युवाओं के लिए भजन जैमिंग होगा। कवि शैलेश लोढ़ा प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर आधारित नरेशन प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम का समापन आतिशबाजी के साथ होगा। कार्तिक मेला ग्राउंड में पीएम मोदी का पोर्ट्रेट भी बनाया गया है, जिस पर जनभागीदारी से दीप रखे जाएंगे। 26 हजार वॉलंटियर्स संभालेंगे दीप जलाने की जिम्मेदारी दीपोत्सव के लिए करीब 26 हजार वॉलंटियर्स को जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन्हें पहले से ब्लॉक और दीपों की संख्या के हिसाब से तैनात किया गया है। केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक और रामघाट के दो सेक्टर सहित शिप्रा तट के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। '11 हजार ब्लॉक, हर ब्लॉक में 225 दीप' स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "पूरे आयोजन क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा गया है. करीब 11000 ब्लॉक तैयार किए गए हैं और प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप लगाए जाएंगे. सभी ब्लॉक के लिए 30 हजार वॉलेंटियर्स, जिसमें शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, शहर के सामाजिक संगठन और अन्य को आवश्यक दीप, तेल, मोमबत्ती, माचिस, कपूर और दूसरी जरुरी सामग्रियां पहले से उपलब्ध करवाई जाएंगी।  '30 लाख दीप, 45000 लीटर तेल की व्यवस्था' नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "शहर के कार्तिक मेला प्रांगण में दीपों की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है. दीपों की धुलाई, छंटाई, पैकिंग और ब्लॉक वार सामग्री तैयार की जा रही है. आयोजन के लिए 45000 लीटर तेल, 10000 माचिस, 700 किलो कपूर, 30 लाख दीए, 53000 से अधिक मोमबत्ती मंगवाई गई हैं।  'रामघाट से महाकाल लोक तक बनेगा रोशनी का कॉरिडोर' नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया, "दीपोत्सव सिर्फ रामघाट तक सीमित नहीं है बल्कि यह रामघाट से महाकाल लोक तक रोशनी के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा. केदारेश्वर घाट, दत्त अखाड़ा घाट, सुनहरी घाट, कर्कराज मंदिर, भूखी माता घाट, लालपुल घाट सहित क्षिप्रा नदी के अलग-अलग घाटों को शामिल किया गया है. घाटों की सफाई ब्लॉक निर्माण और मार्किंग का काम लगातार चल रहा है।  बारिश हुई तो क्या होगा, प्रशासन ने बनाया प्लान बी स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "चूंकि बारिश का भी मौसम है, उसको ध्यान में रखते हुए बैकअप तैयारी भी शुरू की गई है. दीप, तेल, बत्ती और दूसरी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए टीन शेड और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रहीं हैं. हर ब्लॉक के लिए 1/1 मीटर की प्लास्टिक शीट ढंकने के लिए मंगवाई है. दीप जलने से पहले बारिश आती है तो व्यवस्था चाक चौबंद है।  'जीरो वेस्ट मॉडल पर जलेंगे 25 लाख दीप' नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा जीरो वेस्ट मॉडल है. दीपोत्सव के दौरान स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. हर क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती और आयोजन के बाद तत्काल सफाई की व्यवस्था की गई है. बची हुई सामग्री को भी रीसायकल किया जाएगा। 

AI के क्षेत्र में नई उड़ान भरेगा छत्तीसगढ़, ₹500 करोड़ के मुख्यमंत्री AI मिशन से बदलेगा भविष्य

एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़ 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य                   रायपुर दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। 500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन             भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में सिरमौर बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।           योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग           इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए उतारा जा रहा है। कृषि मौसम, फसल, कीट और रोगों के आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक सलाह मिल सकेगी। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में सुधार होगा। सुशासन एवं उद्योग          सरकारी पोर्टलों (जैसे सेवा सेतु) के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ती है और त्रुटियाँ कम होती हैं। AI सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं, जिससे लागत बचती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24X7 सहायता प्रदान करने के लिए AI संचालित टूल का उपयोग किया जाता है। नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब          नवा रायपुर को आईटी, एआई और डाटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डाटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी (IIIT) नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। नवा रायपुर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर           नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा।  प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।        धनंजय राठौर        सयुक्त संचालक, जनसंपर्क

80s Retro Photo Trend से रहें सावधान! Nostalgia Scam में चोरी हो सकता है निजी डेटा और OTP

जयपुर आजकल हर किसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर 80s की फोटो ट्रेंड कर रही है। लोग अपनी और अपने परिवार की तस्वीरों को पुराने जमाने के लुक में बदलवाकर शेयर कर रहे हैं। लेकिन सावधान! यह साइबर ठगी हो सकती है। राजस्थान सहित देशभर में अभी तक करोड़ों लोगों ने ये फोटो बनवा ली है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 1980s रेट्रो फोटो ट्रेंड ने अब ‘Nostalgia Scam’ (नॉस्टेल्जिया स्कैम) का रूप ले लिया है। और ठग इसी नॉस्टेल्जिया का फायदा उठा रहे हैं। साइबर ठग पुरानी यादों के नाम पर फर्जी लिंक और मैलिशियस APK फाइलें भेजकर लोगों के फोन हैक कर रहे हैं। OTP, बैंकिंग डिटेल्स और निजी जानकारी चुराकर बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस ने इस खतरे को लेकर आधिकारिक चेतावनी जारी की है। झारखंड में बोकारो साइबर पुलिस की चेतावनी बोकारो साइबर थाना प्रभारी पवन कुमार ने लोगों को AI ट्रेंड के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि फोटो अपलोड करने से पहले ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी जरूर चेक करें। अनजान प्लेटफॉर्म पर साफ चेहरे वाली तस्वीर अपलोड करने से फेस डेटा चोरी, डीपफेक और फर्जी प्रोफाइल बनने का खतरा बढ़ जाता है। साइबर पुलिस ने छह महत्वपूर्ण सावधानियां बताई हैं – सिर्फ विश्वसनीय ऐप इस्तेमाल करें, निजी दस्तावेजों की फोटो न दें और जरूरत से ज्यादा परमिशन न दें। हिमाचल प्रदेश में स्टेट CID साइबर क्राइम ब्यूरो का अलर्ट हिमाचल पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी के नेतृत्व में स्टेट CID साइबर क्राइम ब्यूरो ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 80 के दशक की रेट्रो तस्वीरें अनजान AI ऐप पर अपलोड न करें। इससे डीपफेक वीडियो, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और ब्लैकमेलिंग का खतरा पैदा हो सकता है। डीजीपी ने कहा – “सोचें, समझें, फिर अपलोड करें।” बच्चों और महिलाओं की निजी तस्वीरें साझा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद पुलिस का अलर्ट मुरादाबाद में एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह और साइबर एक्सपर्ट्स ने बताया कि ठग “1980 स्टाइल फोटो बनाएं” जैसे मैसेज के साथ APK फाइल भेज रहे हैं। लिंक क्लिक करते ही फोन हैक हो जाता है। साइबर थाने के प्रशांत सिंह ने कहा कि अनजान ऐप को गैलरी, कैमरा और कॉन्टैक्ट की परमिशन देने से निजी डेटा चोरी हो सकता है। पुलिस ने सलाह दी है कि फर्जी लिंक डाउनलोड न करें और सिर्फ प्रमाणित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। तेलंगाना और कर्नाटक पुलिस की भी चेतावनी इन तीन राज्यों के अलावा तेलंगाना (TGCSB) और कर्नाटक पुलिस ने भी इसी Nostalgia Scam को लेकर आधिकारिक एडवायजरी जारी की है। मुख्य खतरा: चेहरे का बायोमेट्रिक डेटा लीक हो सकता है लोग अपनी असली हाई-क्वालिटी फोटो ChatGPT या अन्य AI टूल्स पर अपलोड कर रहे हैं। इससे चेहरे का बायोमेट्रिक डेटा लीक हो सकता है। डीपफेक बनाने, पहचान चुराने या फर्जी KYC/आधार लिंक्ड स्कैम के लिए ये फोटो इस्तेमाल हो सकती हैं। ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुरानी यादें अच्छी हैं, लेकिन डिजिटल सुरक्षा उससे कहीं ज्यादा जरूरी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।‘Nostalgia Scam’ क्या है?नॉस्टेल्जिया स्कैम एक नया साइबर ठगी का तरीका है, जिसमें ठग लोग 80 के दशक (1980s) की यादों या रेट्रो ट्रेंड का फायदा उठाते हैं। यह पुरानी यादों के नाम पर किया जाने वाला साइबर फ्रॉड है। कैसे काम करता है यह स्कैम?     सोशल मीडिया और WhatsApp पर लोगों को मैसेज या लिंक भेजा जाता है।- मैसेज में लिखा होता है – “अपनी फोटो या वीडियो को 80 के दशक का रेट्रो लुक दें”, “AI से पुरानी यादें वापस लाएं” या “फ्री में 1980s स्टाइल पोर्ट्रेट बनाएं”।     लिंक पर क्लिक करते ही यूजर को एक फर्जी ऐप (APK फाइल) डाउनलोड करने को कहा जाता है।     ऐप इंस्टॉल होते ही वह फोन की अनुमतियां ले लेता है और OTP, SMS, कॉन्टैक्ट्स, बैंकिंग डिटेल्स चुरा लेता है।     इसके बाद ठग बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं या आइडेंटिटी थेफ्ट करते हैं।     यह स्कैम इसलिए सफल होता है क्योंकि लोग पुरानी यादों (nostalgia) में खोकर बिना सोचे-समझे लिंक खोल देते हैं।

बिहार बाढ़: डेढ़ लाख हेक्टेयर फसल तबाह, नुकसान का आंकड़ा 10 हजार करोड़ पहुंचा

पटना बिहार ने बाढ़ से दस हजार करोड़ नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया है। पानी उतरने के बाद फसल, सड़क और अन्य संरचना में हुई क्षति का सही आकलन होगा। इसलिए 15 अक्तूबर के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी। ऐसे में इस राशि के और बढ़ने की संभावना है। उसके बाद ही केंद्र सरकार के समक्ष ज्ञापन रखा जाएगा। बुधवार को बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने क्षति की प्रारंभिक रिपोर्ट बताई। जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन आदि विभागों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए केंद्रीय मंत्री के समक्ष बिहार में हुए नुकसान को विस्तार से बताया। शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य आदि विभागों की ओर से क्षति की रिपोर्ट पानी उतरने के बाद तैयार होगी। अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने पानी कम होने पर अंतर मंत्रालयी टीम बिहार भेजने की बात कही। इससे पहले बिहार सरकार की ओर से केंद्र को एक ज्ञापन भेजा जाएगा, जिसमें बिहार में हुए नुकसान की पूरी विवरणी भेजी जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में टीम भेजी जाएगी जो स्थानीय स्तर पर हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेगी। लोक सेवक आवास में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव, मंत्री विजय सिन्हा, रत्नेश सादा, सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार आदि थे। प्रधानमंत्री के निर्देश पर मैं बिहार आया : शिवराज केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार में बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए सम्राट चौधरी की सरकार को केंद्र से पूरा सहयोग मिलेगा। संकट से निकालने में राज्य सरकार के साथ केंद्र खड़ा है। शिवराज ने वैशाली के राघोपुर के समीप पत्रकारों से कहा कि संकट से निकालने में राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार खड़ी है। बाढ़ से महाविनाश को देखते हुए प्रधानमंत्री के निर्देश पर मैं आया हूं। कृषि मंत्री ने मुंगेर में नौवागढ़ी के उच्च विद्यालय सीताकुंड और भागलपुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में संचालित बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे लोगों और बच्चों से संवाद भी किया। जल संसाधन विभाग की ओर से बताया गया कि भागलपुर के राघोपुर में मार्जिनल बांध का नए सिरे से निर्माण होगा। गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज के समीप बिहार प्रक्षेत्र में बांध कमजोर है। इसके टूटने का खतरा है। इसकी मरम्मत की आवश्यकता है। इस बार पुनपुन नदी में अधिक पानी आने के कारण कई स्थानों पर छोटे-छोटे बांध टूट गए तो कई स्थानों पर बांध के ऊपर से पानी बहने लगा। विभाग ने तय किया है कि अगले साल मानसून के पहले पुनपुन बांध सहित राज्य के जिस किसी स्थान पर बांध के ऊपर से पानी प्रवाहित हुआ है, वहां उसकी ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। आबादी के समीप से गुजरने वाले अन्य बांधों की भी विशेष मरम्मत की जाएगी। डेढ़ लाख हेक्टेयर में फसल नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट कृषि विभाग ने लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में फसल नुकसान की रिपोर्ट दी है। सबसे अधिक धान-मक्का के साथ ही सब्जी व केले की खेती को नुकसान पहुंचा है। पानी उतरने पर आकलन के बाद इनपुट अनुदान आवेदन मांगा जाएगा। इसके आधार पर असिंचित क्षेत्र में फसल नुकसान पर 8500 रुपए प्रति हेक्टेयर तो सिंचित क्षेत्र में 17 हजार इनपुट अनुदान मिलता है। बहुवर्षीय फसल गन्ना के लिए 22500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए सहायता दी जाती है। इधर विभाग की तैयारी है कि प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक फसल के रूप में मटर, सरसों सहित अन्य फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। दुर्गापूजा के पूर्व नुकसान की रिपोर्ट केंद्र को भेजेंगे: सम्राट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रथमदृष्टया केंद्रीय मंत्री एवं उनकी टीम ने जो स्थिति देखी, उससे प्रधानमंत्री जी को भी अवगत करायेंगे। दुर्गा पूजा से पहले नुकसान का पूरा आकलन कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र की ओर से बिहार को हमेशा सहयोग मिलता रहा है और इस बार भी अधिकतम सहायता की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नुकसान का विस्तृत एवं सटीक आकलन पूरा होने के बाद किसानों एवं अन्य प्रभावितों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य टीमें भी बिहार आकर नुकसान की पूरी समीक्षा करेगी। बाढ़ से बिहार हर साल प्रभावित रहता है, इसके स्थायी समाधान के लिये काम करना है।

विश्वकर्मा जयंती पर CM यादव का बयान, PM मोदी को बताया भगवान विश्वकर्मा का सच्चा अनुयायी

भगवान विश्वकर्मा के सच्चे अनुयायी हैं प्रधानमंत्री  मोदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री  मोदी की राष्ट्र निर्माण के प्रति कमर्ठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी विश्वकर्मा जयंती पर दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर भगवान महाकाल और भगवान विश्वकर्मा से उनके दीर्घायु होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेशवासियों को मीडिया के माध्यम से बधाई देते हुए यह भाव व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने अपनी सृजनशीलता और कौशल से सृष्टि के निर्माण को सुंदर स्वरूप प्रदान किया। आज का दिन इसलिए भी विशेष है कि क्योंकि प्रधानमंत्री श्री मोदी का जन्मदिन भी है। भारत जिस सामर्थ्य और गौरव के साथ विश्व पटल पर खड़ा है, उसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री के रूप में अपनी यात्रा में उन्होंने भारत की प्रतिभा, सामर्थ्य और शक्ति को हर क्षेत्र में विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया है। हम सबकी आस्था और श्रद्धा, सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा में है। सच्चे अर्थों में प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान विश्वकर्मा के अनुयायी हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखते हुए गरीबों को आवास से लेकर उनके भोजन तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। विश्व भारत की ओर उम्मीद और विश्वास से देख रहा है। राष्ट्र निर्माण के प्रति तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री श्री मोदी की कर्मठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश के हर घर में दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी के लिए आज का दिन विशेष है। आज राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन प्रदेश में पधार रहे हैं। उज्जैन में आज व्यापक स्तर पर दीप प्रज्जवलन का भव्य और दिव्य कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही इंदौर से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए आवासों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने के स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ भी किया जाएगा।