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खाने-पीने की चीजों में गड़बड़ी! दूध और पनीर के 8 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे

अमृतसर. अमृतसर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान विभिन्न डेयरियों से लिए गए दूध और दुग्ध उत्पादों के नमूनों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल 12 नमूनों में से 8 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इतना ही नहीं, इनमें दो नमूने मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए, जबकि छह नमूने गुणवत्ता के निर्धारित मानकों से कम पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित डेयरियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। 21 मई को लिए गए थे सेंपल सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. जी.एस. पन्नू ने बताया कि पंजाब खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशों पर 21 मई को शहर की विभिन्न डेयरियों से दूध, पनीर, दही और अन्य दुग्ध उत्पादों के कुल 12 नमूने एकत्र किए गए थे। इन नमूनों को जांच के लिए खरड़ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि केवल चार नमूने ही निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए। जानें किनके सेंपल हुए पास व फेल रिपोर्ट के अनुसार रामतीर्थ मार्ग स्थित गिल डेयरी से लिए गए पनीर के दो नमूनों में से एक नमूना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया, जबकि दूसरा निम्न गुणवत्ता का निकला। पुतलीघर स्थित गुरु नानक डेयरी से लिया गया दूध का नमूना भी गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसी तरह गुरु डेयरी से लिए गए दूध और पनीर के नमूने भी निर्धारित स्तर से नीचे पाए गए। जांच में शर्मा डेयरी का दही तथा छाबड़ा डेयरी का पनीर भी निम्न गुणवत्ता का पाया गया। इसके अलावा इंडिया गेट क्षेत्र स्थित ढिल्लों डेयरी से लिया गया पनीर का नमूना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है। यह तथ्य सबसे अधिक चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि ऐसे उत्पादों के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कानूनी कार्रवाई करेगा सेहत विभाग खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन डेयरियों के नमूने फेल पाए गए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या गुणवत्ता से समझौते को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. पन्नू ने उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दूध, पनीर, दही और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता, स्वच्छता और विश्वसनीयता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। लोगों को केवल भरोसेमंद विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर बाजार से नमूने लेकर जांच की जाएगी ताकि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंच सकें।

सुशासन तिहार में जनता की बड़ी भागीदारी, 1210 आवेदन प्राप्त, 50 लोगों को मिला लाभ

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम बेलदगी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्लस्टर की 20 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए अपनी मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं शिविर में लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने सहभागिता करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने आमजन की मांगों, समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित कर आवेदकों को सूचना देने के निर्देश दिए। विधायक श्री मिंज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं खुलकर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रशासन उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। जनहित के मुद्दों पर दिया गया विशेष जोर जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत 15 से 25 गांवों के समूहों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाएगा तथा आवश्यक प्रकरण शासन स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने राजस्व विभाग को शिकायतों के निराकरण में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील की गई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने जल संरक्षण, तालाब गहरीकरण, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम पंचायतों को जलकर संग्रहण करने की सलाह दी। 1210 आवेदन प्राप्त, 50 हितग्राही लाभान्वित शिविर में कुल 1210 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1151 मांग संबंधी तथा 59 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल रहे। शिविर में लगभग 26 विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त सरगुजा अभियान के तहत स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीबी स्क्रीनिंग की गई। वहीं, बिहान बाजार के माध्यम से स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन कर ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड तथा राशन कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 50 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मोनिका पैकरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष शशिकला सिंह, उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, जनपद सदस्यगण, सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, एसडीएम रामराज सिंह, जनपद पंचायत सीईओ, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार पूलिंग कर बैठक में पहुंचे शिवराज, बोले- सार्वजनिक परिवहन अपनाएं; वीडियो हुआ वायरल

भोपाल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब-तब अपने अलग अंदाज और बातचीत को लेकर सुर्खियों में छाए रहते हैं। उनका एक और वीडियो सामने आया जिसमें वे दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ कार पूलिंग करते नजर आए। यह मामला इसलिए चर्चा में आ गया, क्योंकि काफिला कम करने को लेकर तो खबरें खूब सामने आएं, लेकिन सेंट्रल मिनिस्टर्स द्वारा कार पूलिंग का संभवत: यह पहला मामला है। ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोलियम की बचत को लेकर की गई अपील के बाद नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों के काफिला कम करने को लेकर वीडियो सामने आ रहे हैं। बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों संग सफर करते दिखे। शिवराज सिंह ने बताया कि पेट्रोल-डीजल बचाने केंद्रीय मंत्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल और जी. किशन रेड्डी के साथ पूलिंग कर रहे हैं। एक ही कार से तीनों मंत्री कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे। शिवराज सिंह चौहान मीडिया को बताया कि आज मैं, पाटिल जी और किशन जी कार पूलिंग करके जा रहे हैं। हमारे पीएम ने देश का आह्वान किया है। उनकी अपील के बाद पेट्रोल—डीजल की खपत बचाने के लिए पूरा देश उठ खड़ा हुआ है। हम लोग तो उनके मंत्रिमंडल में सहयोगी हैं। इसलिए हमने सोचा कि हम लोग भी कार पूल करके जाएं। शिवराज ने बताया कि आज हम तीनों कार पूलिंग कर जा रहे है।  चौहान ने क्या बताया? इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खपत कम करने की अपील की है, जिसे देशभर में सकारात्मक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि तीनों मंत्री कैबिनेट सहयोगी हैं, इसलिए उन्होंने भी कारपूलिंग के माध्यम से इस अभियान में अपना योगदान देने का फैसला किया। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच दूरदर्शी है और मौजूदा समय में तेल, डीजल व पेट्रोल के अनावश्यक उपयोग को कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे प्रयासों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।  सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, सभी को पेट्रोल-डीजल बचाने की दिशा में काम करना चाहिए। जितना संभव हो सके, सभी को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए। इससे लोगों में सकारात्मक संदेश भी जाएगा।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज सी.आर. पाटिल, जी. किशन रेड्डी और मैं कार पूलिंग करके जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश का आह्वान किया है और उनके आह्वान पर अनावश्यक पेट्रोल और डीजल की खपत बचाने के लिए पूरा देश उठ खड़ा हुआ है और उस पर अमल कर रहा है. हम तो मंत्रिमंडल के सहयोगी हैं. हमने भी सोचा कि कार पूलिंग करके हम लोग यात्रा करें. आज की परिस्थितियों में ये आवश्यक है कि हम अनावश्यक पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करें. जितना संभव है सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए। 

e-HRMS पोर्टल पर कर सकेंगे ट्रांसफर आवेदन, शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

मध्यप्रदेश में शिक्षकों व कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन 3 से 8 जून तक e-HRMS पोर्टल पर होगी प्रक्रिया भोपाल  राज्य शासन की स्थानांतरण नीति 2026-27 के तहत जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने स्थानांतरण आवेदनों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्वैच्छिक स्थानांतरण के आवेदन 3 जून से 8 जून तक e-HRMS पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदक स्थानांतरण के लिए अधिकतम 15 कार्यालयों/संस्थाओं का चयन कर सकेंगे। आवेदन में दर्शाए गए कारणों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज पीडीएफ स्वरूप में अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिनका आकार अधिकतम 2 एमबी निर्धारित किया गया है। एक बार आवेदन सबमिट होने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि आवेदन में गलत जानकारी देने या सत्यापन में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी एवं सत्यापन अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पोर्टल पर प्रदर्शित रिक्तियां अस्थायी (टेंटेटिव) होंगी और समय-समय पर अपडेट की जा सकेंगी। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण केवल उनके विषय की रिक्तियों पर ही किए जाएंगे। वहीं प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक स्थानांतरण परिवीक्षा अवधि के दौरान नहीं किए जाएंगे। जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 5 जून 2026 तक e-HRMS पोर्टल पर सभी रिक्त पदों की सही जानकारी दर्ज एवं सत्यापित करें। रिक्तियों की एंट्री और सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख, डीडीओ एवं ऑफिस एडमिन की होगी। केवल ऑनलाइन आवेदन करने मात्र से स्थानांतरण का अधिकार सुनिश्चित नहीं होगा। आवेदनों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा और इस संबंध में शासन का निर्णय अंतिम माना जाएगा। यह आदेश प्रदेश के जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा शिक्षकों पर लागू होगा।  

पिच्चेकट्टा जलाशय के कार्यों के लिए 4.85 करोड़ रुपए स्वीकृत

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा कांकेर जिले के विकासखण्ड-भानुप्रतापपुर के पिच्चेकट्टा जलाशय के जीर्णाेद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 85 लाख 2 हजार रुपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यो के पूर्ण हाने पर क्षेत्र के किसानों को कुल 364 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। योजना के निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

महिला की शिकायत पर कार्रवाई, रेप केस में डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार

मुरैना मुरैना में पदस्थ रहे डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ एक युवती की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार पर लिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया और बाद में शादी से इंकार कर दिया।  जानकारी के अनुसार, मुरैना की रहने वाली 32 वर्षीय युवती ने सिविल लाइन थाना पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि वर्ष 2025 की शुरुआत में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से अरविंद माहौर से हुई थी। उस समय माहौर सबलगढ़ में एसडीएम के पद पर पदस्थ थे। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। ये आरोप भी गंभीर पीड़िता का आरोप है कि अधिकारी ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत में कहा गया है कि 30 मार्च 2025 को उसे घुमाने के बहाने मुरैना रेस्ट हाउस के पीछे ले जाकर दुष्कर्म किया गया। इसके बाद सरकारी आवास और ग्वालियर स्थित एक फ्लैट में भी कई बार उसका शोषण किया गया। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अधिकारी ने शादी के बदले पांच करोड़ रुपये नकद और एक माह के लिए युवती को किसी अन्य व्यक्ति के साथ भेजने जैसी आपत्तिजनक मांग की थी। शिकायत में मोबाइल फोन में मौजूद कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। जान से मारने की धमकी भी दी पीड़िता के अनुसार, जब उसने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने शादी से साफ इंकार कर दिया और शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मरवाने की धमकी दी। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आज कोर्ट में करेंगे पेश सिविल लाइन थाना प्रभारी उदय भान यादव ने मीडिया को बताया कि एक महिला ने गलत काम करने के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उसने बताया कि आरोपी डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर ने शादी का झांसा देकर कई बार गलत काम किया गया। माहौर को बुधवार रात में गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुवार को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश करेंगे। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद माहौर का ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। इसके चलते सुबह करीब 4 बजे उनका इलाज कराया गया, अब हालत ठीक है। 

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा 8317 आवेदकों ने किया ऑनलाइन आवेदन भोपाल राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया है कि प्रदेश में पहली बार नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को नाम जोड़ने, कटवाने और नाम संशोधन के लिये ऑनलाइन सुविधा दी गयी। इस सुविधा का लाभ लेते हुए कुल 8317 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से नगरीय निकायों में 1496 और पंचायतों में 6848 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। नगरीय निकायों में 675 ऑनलाइन आवेदन नाम जोड़ने, 770 नाम कटवाने और 24 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतों में 1701 आवेदन नाम जुड़वाने, 4960 नाम कटवाने और 187 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।  

बिहार के अस्पताल में दर्दनाक हादसा, आग लगने से 7 मरीजों की जान गई, कई घायल

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। ब्रह्मपुरा इलाका स्थित 'प्रसाद हॉस्पिटल' में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग के कारण पूरे अस्पताल भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन मरीजों की हुई मौत – शशांक कुमार, औराई, मुजफ्फरपुर  गीता देवी, मोतीपुर, मुजफ्फरपुर  ⁠उदय कुमार, तरियानी, शिवहर  कृष्ण नंदन  चंचला कुमारी ब्रेन सर्जरी के बाद आईसीयू में थे भर्ती- विशंभरपुर शिवहर के रहने वाले उदय कुमार चार दिन से अस्पातल में भर्ती थे। ब्रेन सर्जरी होने के बाद आईसीयू में थे। इनसे मिलने पत्नी नीलू देवी, सास बच्ची देवी, बेटा सत्यम, बेटी आकांक्षा अस्पताल में थीं। साला नीतीश भी था। सभी लोग साथ में थे। शोर होने पर जानकारी मिली, लेकिन जब तक पहुंचे, तब तक उदय कुमार की मौत हो चुकी थी। दिस्तौलिया, कथैया की रहने वाली गीता देवी एक जून को भर्ती हुई थीं। शुगर और बीपी से ग्रसित थीं। उनका डायलिसिस चल रहा था। ये जानकारी उनके बेटे अनीश ठाकुर ने दी। गोरिगमा डीह, मीनापुर के रहने वाले कृष्णनंदन सिंह डॉ. संजीव के यूनिट में इलाजरत थे। फेफड़ा में पानी था। 22 मई से भर्ती थे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की लगभग एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। आईसीयू में मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। देखते ही देखते जहरीला धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया, जिससे कई मरीजों की हालत और गंभीर हो गई। कई मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें आसपास के सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आईसीयू वार्ड धुएं से भर गया था- दमकल कर्मी अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब तीन बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। जब दमकल की टीम अस्पताल पहुंची तो आईसीयू वार्ड पूरी तरह धुएं से भरा हुआ था। बचाव अभियान के दौरान कई मरीजों को गंभीर स्थिति में बाहर निकाला गया। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य के दौरान 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, हालांकि कई मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा आग की वजह शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने अस्पताल परिसर को अपने कब्जे में लेकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों और घायलों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप कई परिजनों का कहना है कि आग लगने के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर वहां से चले गए। इससे कई मरीज समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच गए। एक पीड़ित स्वजन ने बताया कि उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे और आग लगने के बाद उन्हें बाहर निकालने में काफी देर हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन से किसी प्रकार की मदद नहीं की गई। परिजनों का यह भी कहना है कि हादसे के बाद मृतकों के शवों की जानकारी देने में भी अस्पताल प्रबंधन ने सहयोग नहीं किया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। मृतकों की संख्या और हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। 13 बेड के वार्ड में 15 मरीज DM सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि 13 बेड लगे हुए थे, जिसमें 15 मरीज भर्ती थे। अभी 3 मरीजों के मरने की पुष्टि हुई है। आग की घटना के चलते ICU वार्ड के इंचार्ज भी झुलस गए हैं, जिन्हें बगल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी मरीजों का भी रेस्क्यू कर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बुजुर्ग महिला ने जान बचाकर गार्ड को जानकारी बीपी लो होने के बाद एक बुजर्ग महिला को इसी ICU वार्ड में भर्ती कराया गया था। आग लगने की घटना के बीच महिला ने न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि गार्ड को भी घटना के बारे में बताया। मरीजों के स्वजनों ने डीएम से बताई आपबीती डीएम ने मरीजों के स्वजनों से बात की। इस दौरान मरीजों के स्वजनों ने बताया कि अस्पताल में फायर कंट्रोल सिस्टम काम नहीं कर रहा था। अस्पताल की अव्यवस्था के बारे में शिकायत की। एक स्वजन ने बताया कि सीढ़ी का गेट बंद था, जिसकी वजह से लोगों को नहीं बचाया जा सका। उनका कहना है कि अस्पताल अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है।

धमकी भरे संदेशों से हड़कंप, पंजाब के धार्मिक स्थलों, अदालत और रेलवे स्टेशन को बनाया निशाना

चंडीगढ़. पंजाब में धार्मिक स्थलों, सरकारी संस्थानों और न्यायिक परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी बीच स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) ने मोहाली से एक विदेशी आधारित आतंकी आपरेटिव के दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर एक आईईडी बरामद की है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाने की साजिश नाकाम कर दी गई। घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब के  प्रमुख मंदिरों, पंजाब सचिवालय और न्यायिक अदालत परिसरों को ई-मेल के जरिए बम धमकियां मिली हैं। लगातार मिल रही धमकियों के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। पंजाब पुलिस के अनुसार एसएसओसी की टीम ने मोहाली में कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सार्वजनिक महत्व के ढांचे को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस अब इस माड्यूल के विदेशी हैंडलरों, सहयोगियों और अन्य लिंक की जांच कर रही है। कंट्रोल रूम में मिला ई-मेल उधर, पंजाब सचिवालय के कंट्रोल रूम को गुरुवार को एक ई-मेल मिला, जिसमें परिसर में बम होने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सचिवालय परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। साइबर सेल ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। इसी तरह अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर, पठानकोट के मुक्तेश्वर मंदिर, जालंधर के देवी तालाब मंदिर, बठिंडा के मैसर मंदिर और पटियाला के काली देवी मंदिर समेत छह धार्मिक स्थलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद इन सभी स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अदालत परिसरों में आम लोगों की एंट्री पर रोक धमकी भरे ई-मेल का असर न्यायिक परिसरों पर भी दिखाई दिया है। मोहाली जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आदेश जारी कर 5 जून तक मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी स्थित अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अदालतों में केवल मुकदमों से संबंधित पक्षकारों और आरोपितों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है, जबकि आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। आदेशों के अनुसार सभी प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सामान्य कामकाज शुरू होगा। न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी किसी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां हुई सतर्क लगातार मिल रही धमकियों और मोहाली में आईईडी बरामद होने की घटना को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है तथा किसी भी आतंकी या आपराधिक नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।

निकाय चुनाव परिणाम घोषित, 5 नगर पंचायतों में बंटी जीत, भाजपा ने 3 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में 1 जून को संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों के आम और उपचुनावों के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में जारी मतगणना के बीच कई सीटों के परिणाम सामने आ चुके हैं। प्रदेशभर में नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद, जनपद सदस्य, सरपंच और पंच समेत कुल 1310 रिक्त पदों के लिए मतदान कराया था। नगरीय निकाय चुनाव के तहत पांच नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस ने दो नगर पंचायतों में जीत दर्ज की है। इस चुनाव में नवगठित नगर पंचायतों घुमका, बम्हनीडीह, शिवानंदनपुर और पलारी के परिणामों पर विशेष नजर रही। इन क्षेत्रों में पहली बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सहसपुर लोहारा में भाजपा की सरिता मिश्रा विजयी कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में केवल अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया था। यहां भाजपा की महिला प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 754 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा की जीत राजनांदगांव जिले की नवगठित घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने अध्यक्ष पद का चुनाव 85 मतों से जीत लिया। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। बम्हनीडीह नगर पंचायत में BJP का दबदबा जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी रमेश डडसेना ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। वार्ड परिणामों में भी भाजपा का दबदबा देखने को मिला। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। शिवानंदनपुर में BJP समर्थित अध्यक्ष निर्वाचित सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर नगर पंचायत में BJP के प्रत्याशी रितेश जायसवाल अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने में सफल रहे। वार्ड चुनावों में यहां भी मुकाबला कांटे का रहा। कुल 15 वार्डों में से 8 वार्डों में कांग्रेस और 7 वार्डों में भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए। पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत बालोद जिले की नवगठित पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने इस नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। वार्ड चुनाव परिणामों में भी कांग्रेस को बढ़त मिली है। यहां 9 वार्डों में कांग्रेस, 5 वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी विजयी हुए हैं, जबकि 1 वार्ड में दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिले हैं। इस वार्ड के विजेता का फैसला अब टॉस के जरिए किया जाएगा। अन्य वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे बस्तर जिले के जगदलपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-1 इंदिरा वार्ड में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने जीत हासिल कर नए पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए। यह सीट पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जिसके चलते उपचुनाव कराया गया था। बिलासपुर के संजय गांधी नगर वार्ड में कांग्रेस का कब्जा बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-29 संजय गांधी नगर (तारबाहर) में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी शेख आज़म ने भाजपा उम्मीदवार वी. मधुसूदन राव को पराजित कर पार्षद पद पर कब्जा जमाया। जशपुर नगर पालिका के दो वार्डों में भाजपा की जीत जशपुर नगर पालिका में हुए उपचुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड क्रमांक-8 से भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता साहू विजयी रहीं, जबकि वार्ड क्रमांक-14 से भाजपा उम्मीदवार प्रिया सिंह ने जीत हासिल की। मई में जारी हुआ था चुनाव कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग ने मई में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 1 जून को मतदान कराया गया, जबकि आज यानी 4 जून को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार पूरे चुनावी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई थी। पंचायतों में भी कई महत्वपूर्ण पदों का फैसला पंचायत चुनाव में 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए मतदान कराया गया था। कई जगहों पर मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और ग्रामीण नेतृत्व को लेकर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जिसका परिणाम आज सामने आएगा। मतदान में दिखा था जबरदस्त उत्साह 1 जून को हुए मतदान में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। नगरीय निकाय चुनाव में 31,928 मतदाताओं में से 27,006 मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे 84.58 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। वहीं पंचायत चुनाव में 1,02,797 मतदाताओं में से 79,968 लोगों ने वोट डाले और 78.61 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। मतदान के लिए नगरीय निकाय क्षेत्रों में 96 और पंचायत क्षेत्रों में 274 मतदान केंद्र बनाए गए थे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया था।