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नर्सिंग स्टाफ की भर्ती जल्द, सीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी लाने को कहा

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राज्य में खाली पड़े नर्सिंग स्टाफ और स्पेशलिस्ट समेत चिकित्सकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने का निर्देश दिया। बता दें राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में 21578 नर्सिंग स्टाफ के पद स्वीकृत हैं जिसमें 7609 पद रिक्त हैं। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि हम सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दें। इसके लिए उन्होंने उन्होंने राज्य सभी लोगों का हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्घ कराने के लिए शहरी एवं ग्रामीण में बांटकर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अलग-अलग हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अध्ययन करें। कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, शुगर आदि से संबंधित आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था बनाएं। बैठक में सीएम ने सरकारी अस्पतालों की बुनियादी ढांचे, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव, स्वास्थ्य नेहा अरोड़ा, एमडी एनएचएम शशि प्रकाश झा आदि मौजूद थे। एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग को एआई कंट्रोल रूम बनाएं मुख्यमंत्री ने एंबुलेंस सेवाओं को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही एंबुलेंसों की मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से टैग एंबुलेंस क्रियाशील हों, यह सुनिश्चित करें। लापरवाही पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई करें। सीएम ने आपातकालीन स्थिति में मरीज को त्वरित अस्पताल पहुंचाने को लेकर उबर कॉन्सेप्ट का अध्ययन कर भविष्य में उसी तर्ज पर एंबुलेंस सेवा के विस्तार करने का निर्देश दिया। पैरालाइसिस, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए अच्छी व्यवस्था हो मुख्यमंत्री ने राज्य में पैरालाइसिस अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में अच्छी व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सीएम ने कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग आदि जिलों में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यो में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। राज्य में खुलेगा अबुआ दवाखाना राज्य सरकार द्वारा राज्य में मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना की स्थापना एवं संचालन की जायेगी। यह एकीकृत औषधि केन्द्र होगा, जिसका संचालन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होगा। अबुआ दवाखाना से ग्रामीण जनता को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्ध प्रणाली की आवश्यक औषधियां एक ही स्थान पर सुलभता पूर्वक नि:शुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी। अंगदान के लिए करें जागरूक मुख्यमंत्री ने किडनी, लीवर, कॉर्निया आदि अंगदान के लिए लोगों को जागरूक करने और इसके लिए अस्पताल में व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यशाला का आयोजन कर चिकित्सकों का ज्ञान विकसित कराने का निर्देश दिया। साथ ही ब्लड बैंक की व्यवस्था को दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने अस्पतालों को एयर कूल बनाने की कार्य योजना बनाने और बर्न यूनिट दुरूस्त करने का निर्देश दिया।

अमृतसर बॉर्डर पर BSF का बड़ा एक्शन, 17 किलो हेरोइन जब्त

अमृतसर   बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग केसों में सीमावर्ती गांव चक अल्लाह बख्श और गांव कक्कड़ के इलाके से 17 किलो हीरोइन जब्त है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 85 करोड रुपए के लगभग आकी जा रही है। जानकारी के अनुसार गांव चक अल्लाह बख्श में 11 किलो का एक बड़ा पैकेट ड्रोन से फेंका गया मिला, जबकि कक्कड़ के इलाके में 6 किलो के लगभग हीरोइन का एक बड़ा पैकेट मिला जिसमें छोटे-छोटे अन्य पैकेट थे। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस रिकवरी से यह भी साबित हो चुका है कि तस्करों की तरफ से इन दोनों बड़े हेक्साकॉप्टर ड्रोन उड़ाये जा रहे हैं जो 10 किलो से लेकर 20 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम हैं, जबकि दूसरी तरफ सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि नशे की आमद और बिक्री पर लगाम लगाई जा चुकी है। 

हरियाणा में स्मार्ट मीटर योजना पर नया प्लान, विरोध से बचने के लिए होगी चरणों में शुरुआत

चंडीगढ़. उत्तर प्रदेश में लोगों द्वारा अपने घरों के बाहर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटरों का प्रबल विरोध करने के बाद केंद्र सरकार हरियाणा में नया प्रयोग करने की तैयारी में है। केंद्र सरकार ने हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे केंद्र व राज्य सरकार की सोच है कि लोगों में इन स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के प्रति भरोसा जागेगा। सरकारी कार्यालयों में पहले प्रीपेड मीटर लगने से लोगों में यह संदेश जाएगा कि इन प्रीपेड मीटरों में किसी तरह की कोई खराबी नहीं है, क्योंकि सरकार स्वयं इन्हें अपने कार्यालयों में लगाने की पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों ने इस व्यवस्थछा का विरोध किया था। चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में क्या बोले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों तथा केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में कहा कि स्मार्ट मीटरों से बिजली हानियों को कम करने में सहायता मिलेगी। इस पर हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं। मनोहर लाल ने कहा कि बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में बिजली निगमों का कुल लाइन लास लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। राज्य में लाइन लास 10 प्रतिशत के आसपास है, जिसमें रिकार्ड कमी आई है। बिजली मंत्री अनिल विज ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चल रहे लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री रहते मनोहर लाल के पास बिजली मंत्रालय भी था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत सुधार किए थे। हरियाणा में मांग से अधिक बिजली उपलब्ध हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है। चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है। हरियाणा में चालू वर्ष में 2.20 लाख रूफटाप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

Punjab Weather Update: बारिश और तेज हवाओं से मिलेगी राहत, चार दिन बाद फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में आज से दो दिन ऑरेंज अलर्ट है। मंगलवार को मौसम शुष्क रहने से तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि तापमान अभी भी सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज और कल कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होगी। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद पांच और छह जून के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य के तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सात जून से मौसम के फिर शुष्क होने की संभावना है। प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी 1.1 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया।  अमृतसर में 38.4 डिग्री, लुधियाना में 36.8 डिग्री, पटियाला में 37.8 डिग्री, पठानकोट में 37.0 डिग्री, फरीदकोट में 38.5 डिग्री, गुरदासपुर में 36.5 डिग्री, फिरोजपुर में 38.2 डिग्री, होशियारपुर में 35.7 डिग्री और रूपनगर में 37.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

कानून व्यवस्था को लेकर ADGP कौस्तुभ शर्मा सख्त, पुलिस को दिए सतर्कता बढ़ाने के आदेश

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा सुरक्षा प्रबंधों को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) कौस्तुभ शर्मा ने फतेहगढ़ साहिब जिले के अंतर्गत आने वाले बडाली आला सिंह पुलिस थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने के कामकाज, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सक्रियता देखने को मिली। एडीजीपी कौस्तुभ शर्मा ने थाने के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से थाने में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी कैमरे पूरी तरह सक्रिय और सुचारु रूप से कार्य कर रहे हों। सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर दिया जोर उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था का हर समय सक्रिय रहना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगरानी तंत्र में किसी प्रकार की तकनीकी कमी नहीं होनी चाहिए और नियमित रूप से इसकी जांच की जाए। निरीक्षण के दौरान एडीजीपी ने क्षेत्र में पुलिस द्वारा स्थापित सुरक्षा नाकों का भी दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात पुलिस कर्मियों से बातचीत कर सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली और उन्हें पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। कौस्तुभ शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए क्षेत्र में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और खुफिया सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को जनता के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने और लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने की भी हिदायत दी। इस निरीक्षण के दौरान फतेहगढ़ साहिब के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल, बसी पठाना के उप पुलिस अधीक्षक राजकुमार शर्मा तथा बडाली आला सिंह थाने के प्रभारी मनप्रीत सिंह देओल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एडीजीपी को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण उपायों और पुलिस से चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। पुलिस तंत्र को मजबूत बनाने पर दिया जोर पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के औचक निरीक्षणों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा पुलिस तंत्र की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना है। एडीजीपी के दौरे के बाद स्थानीय पुलिस को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब पुलिस लगातार राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए जा रहे निरीक्षणों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फसल पंजीयन की तारीख घोषित, किसान आईडी और खसरे की कॉपी के बिना नहीं होगा आवेदन

जांजगीर-चांपा. खरीफ वर्ष 2026 में कृषकों के प्रक्षेत्र पर उत्पादन कार्यक्रम के तहत फसल पंजीयन किया जाना है. बीज उत्पादन कार्यक्रम का आयोजन 10 जून से 24 जून तक जांजगीर-चांपा एवं सक्ती जिले के सभी विकास खंडों में आयोजित की जाएगी. उप प्रबंधक व बीज प्रबंधक नम्रता तिवारी ने बताया कि बीज उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत पंजीयन कार्य विकासखंड बम्हनीडीह में 10 जून को, अकलतरा विकासखंड में 11 जून को, पामगढ़ विकासखंड में 12 जून को, बलौदा विकासखंड में 15 व 16 जून को, नवागढ़ विकासखंड में 17 व 18 जून को प्रातः 10 बजे से सायं 05.30 बजे तक बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजन कर पंजीयन कार्य किया जाएगा. सक्ती जिले अंतर्गत विकासखंड सक्ती में 19 जून को, डभरा ब्लाक में 22 जून को जैजैपुर ब्लाक में 23 जून को एवं मालखरौदा में 24 जून को प्रातः 10 बजे से सायं 5.30 बजे तक बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजन कर पंजीयन कार्य किया जाएगा. कृषकों को पंजीयन हेतु किसान आईडी एग्रीटेक क्रमांक, पासपोर्ट साईज 1 नवीन कलर फोटो, बी-1 एवं खसरा की नकल संबंधित पटवारी से सत्यापित कराकर एवं आधार कार्ड, पैन कार्ड, चालू मोबाईल नम्बर तथा बैंक पास बुक की छायाप्रति पंजीयन के समय एक प्रति के साथ पंजीयन कार्यवाही कराना होगा.

गोवर्धन से गिरफ्तारी के बाद खुल रहे राज, ‘प्रवचनकर्ता’ पर दुष्कर्म और शोषण के आरोप

मथुरा IIT रुड़की से पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिषेक मिश्रा ने नौकरी नहीं, बल्कि प्रवचन का रास्ता चुना. कुछ ही वर्षों में वह ऑनलाइन माध्यम से युवाओं के बीच पहचान बनाने लगा. लेकिन मथुरा के गोवर्धन से हुई उसकी गिरफ्तारी के बाद वही पहचान जांच के घेरे में है. पुलिस का आरोप है कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर उसने युवतियों का विश्वास जीता और फिर उन्हें अपने प्रभाव में लिया. अब हर दिन सामने आ रहे नए तथ्य इस मामले को और गंभीर बनाते जा रहे हैं. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है. उसने वर्ष 2017 से 2021 के बीच IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भगवद्गीता तथा आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन शुरू कर दिए. धीरे-धीरे उसकी पहचान एक ऐसे युवा प्रवचनकर्ता के रूप में बनने लगी जो आधुनिक शिक्षा और धार्मिक ज्ञान का मिश्रण पेश करता था. यहीं से उसकी पहुंच देश के अलग-अलग राज्यों तक बननी शुरू हुई. पहला कदम ऑनलाइन प्रवचन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का सबसे बड़ा हथियार उसका ऑनलाइन नेटवर्क था. वह इंटरनेट के माध्यम से युवाओं से जुड़ता था. धार्मिक चर्चा, आत्मिक शांति, जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक उन्नति जैसे विषयों पर बातचीत कर वह लोगों का विश्वास जीतता था. जांच में यह भी सामने आया है कि उसके संपर्क में आने वाली कई युवतियां इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी थीं. कुछ बीटेक और एमटेक कर चुकी थीं तो कुछ उच्च शिक्षित परिवारों से थीं. पुलिस का मानना है कि आरोपी विशेष रूप से ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो जीवन में किसी भावनात्मक, मानसिक या आध्यात्मिक उलझन से गुजर रहे हों. पहले विश्वास कायम किया जाता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें परिवार से दूर रहने तथा समूह के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था. गंधर्व विवाह का दावा और शारीरिक संबंधों के आरोप मामले में सबसे गंभीर आरोप एक पीड़िता के बयान के बाद सामने आए. पुलिस के अनुसार पीड़िता ने बताया कि अभिषेक मिश्रा कथित तौर पर यह कहकर युवतियों को भ्रमित करता था कि उनका गंधर्व विवाह हो चुका है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, इसी आधार पर वह शारीरिक संबंध बनाता था. पीड़िता की शिकायत और दर्ज बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या ऐसी घटनाएं सिर्फ एक पीड़िता तक सीमित थीं या फिर अन्य युवतियां भी इसी तरह के दबाव और भ्रम का शिकार हुईं. पहले भी उठे थे सवाल, लेकिन नहीं खुल पाया था पूरा राज पूरे मामले का एक दिलचस्प और अहम पहलू यह भी है कि अभिषेक मिश्रा का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगभग छह महीने पहले भी एक परिवार अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचा था. उस दौरान काफी हंगामा हुआ था. हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि युवती के साथ आए लोग उसके परिजन ही थे. उस समय मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया, लेकिन अब अधिकारियों का मानना है कि उसी दौरान कई संकेत मिल गए थे कि वहां कुछ असामान्य गतिविधियां चल रही हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक समय वहां करीब दो दर्जन युवक-युवतियां मौजूद थीं. हालांकि समय के साथ अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आखिर इतने लोग वहां क्यों पहुंचे और बाद में क्यों लौट गए. परिवारों से दूरी, भावनात्मक दबाव और पैसों की जांच मथुरा पुलिस अब सिर्फ दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं है. जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार यह भी जानकारी मिली है कि समूह में रहने वाले कुछ लोगों से उनके परिवारों के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे. आरोप है कि भावनात्मक दबाव बनाकर आर्थिक मदद लेने की कोशिश की जाती थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या किसी प्रकार का आर्थिक शोषण हुआ था और यदि हुआ तो उसकी प्रकृति क्या थी. पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है. मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो बने जांच का अहम हिस्सा जांच के दौरान कुछ फोटो और वीडियो भी पुलिस के संज्ञान में आए हैं. अधिकारियों के मुताबिक परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ चित्रों में आरोपी युवतियों के साथ आपत्तिजनक और अंतरंग स्थिति में दिखाई दे रहा है. हालांकि इन सामग्रियों की फोरेंसिक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पुलिस इन्हें केस के महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल कर रही है. इसके अलावा जिन परिवारों के पास इस तरह की कोई अन्य सामग्री मौजूद है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है ताकि जांच को और मजबूत बनाया जा सके. मां भी छोड़ गई थी साथ  पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती दिनों में अभिषेक की मां भी उसके साथ रहती थीं. लेकिन बाद में वह वहां से चली गईं. अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्होंने वहां से दूरी बनाई. पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां से दो युवतियों और एक युवक को बरामद किया गया था. बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि सभी की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें. इस प्रक्रिया में विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है.  स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है. पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने बयान दिए हैं कि आरोपी अपने समूह से बाहर भी स्थानीय युवतियों और परिवारों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था. यदि जांच में यह तथ्य पुष्ट होता है तो मामला और गंभीर हो सकता है. यही वजह है कि पुलिस आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है.

केवल ढिल्लों ने संभाला पंजाब BJP अध्यक्ष पद का कार्यभार, हरियाणा के मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

चंडीगढ़  पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रधान केवल ढिल्लों ने आज चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू, हरियाणा के सीएम नायब सैनी, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वरिष्ठ नेता तरूण चुघ भी माैजूद रहे।    नियुक्त होते ही फिल्ड में हुए एक्टिव केवल सिंह ढिल्लों पंजाब बीजेपी के पहले जाट सिख प्रधान हैं। वह दो दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं। लंबे समय तक वह कांग्रेस में रहे और विधायक भी रह चुके हैं। उद्योग जगत में भी उनकी पहचान रही है। पद संभालने के बाद से वह सक्रिय हो गए हैं। पहले चरण में उन्होंने बीजेपी नेताओं के घर-घर जाकर उनसे मुलाकात की। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठा दिया सवाल जैसे ही केवल ढिल्लों के नाम का ऐलान हुआ, उसके तुरंत बाद इस नियुक्ति पर उनके ही करीबी माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया हाउस से बातचीत में कहा कि “केवल ढिल्लों मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन भाजपा अध्यक्ष के रूप में सही विकल्प नहीं हैं।” उन्होंने इस फैसले से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने ढिल्लों के नाम की कोई सिफारिश नहीं की थी। उनका मानना है कि जाखड़ को हटाकर ढिल्लों को लाना सही फैसला नहीं है और पार्टी को ऐसे नेता की जरूरत थी जो संगठन को आगे ले जा सके। वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पंजाब में “नेतृत्व आउटसोर्स” करने को मजबूर है क्योंकि उसके पास अपने खेमे का कोई योग्य चेहरा नहीं है। लगातार दूसरी बार (पहले सुनील जाखड़ और अब ढिल्लों) किसी पूर्व कांग्रेसी को कमान दी गई है। आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले उन्हें हारा हुआ नेता बताया, लेकिन बाद में कहा कि वह अभी उनका काम देखकर ही टिप्पणी करेंगे। पंजाब BJP ने यह फैसला क्यों लिया, 4 वजहें चुनाव से पहले सिख चेहरा जरूरी: पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां सिख चेहरे की अगुआई जरूरी थी। पंजाब में सिख सेंटिमेंट्स बहुत ज्यादा रहते हैं। ऐसे में सिख चेहरे को प्रधान की कुर्सी सौंपने से भाजपा को उम्मीद है कि सिख उनके प्रति आकर्षित होंगे। अभी 2 हिंदू चेहरों के पास थी अगुआई: पंजाब में भाजपा के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा थे। ऐसे में दोनों ही बड़े पदों पर हिंदू चेहरे थे। भाजपा नहीं चाहती थी कि पंजाब में चुनाव के दौरान भी उन पर सिर्फ हिंदुओं की पार्टी की ठपा लगा रहे। इस फैसले से ये मैसेज जाए कि भाजपा सिख चेहरों को आगे नहीं लाना चाहती। सुनील जाखड़ इस्तीफा दे चुके थे: प्रधान सुनील जाखड़ 2024 में ही पद से इस्तीफा दे चुके थे। उस दौरान भाजपा 13 में से एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इसके बाद जाखड़ काफी टाइम तक एक्टिव पॉलिटिक्स से भी दूर रहे। मगर, कुछ समय से वह एग्रेसिव ढंग से पार्टी के लिए काम कर रहे थे। फिर भी जातीय समीकरण साधने की चुनावी मजबूरी के चलते भाजपा को उन्हें हटाना पड़ा। कैप्टन अमरिंदर को भी खुश किया: पंजाब के 2 बार मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह की लगातार शिकायत थी कि भाजपा में आने के बाद उनसे पंजाब को लेकर कुछ नहीं पूछा जाता। अब भाजपा ने उनके ही करीबी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी है। ऐसे में अब कैप्टन भी चुनाव में खुलकर काम करते दिखाई दे सकते हैं।

मुख्य सचिव से RPDA की अहम बैठक, वैट कटौती पर बनी सहमति की उम्मीद

 जयपुर राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (RPDA) की अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के साथ उनकी एक अहम बैठक हुई. एसोसिएशन ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक बताते हुए मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया है. इस बैठक में प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने से लेकर वैट कटौती जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए. बैठक के दौरान प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया. तेल कंपनी से सीधे होगी पंप में आपूर्ति मुख्य सचिव ने सभी ऑयल कंपनियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी परिस्थिति में प्रदेश में संचालित पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए. यदि किसी क्षेत्र में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दूर कर आपूर्ति को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि कंज्यूमर पंप अब सीधे ऑयल कंपनियों से ही ईंधन की आपूर्ति लेंगे. इसके लिए ऑयल कंपनियों को अपने स्तर पर ऐसे कंज्यूमर पंपों की एक सूची तैयार कर सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से पंप सीधे आपूर्ति ले रहे हैं. वहीं, नायरा कंपनी द्वारा प्रदेश में डीजल की आपूर्ति रोके जाने के मामले पर भी मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया और कंपनी को प्रदेश में शीघ्र ही डीजल आपूर्ति सुचारु करने के दिशा-निर्देश दिए. VAT कटौती पर क्या हुई बात इस वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित मुद्दा पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का रहा. आरपीडीए ने इस मांग को पूरी मजबूती के साथ सरकार के समक्ष रखा. एसोसिएशन ने अपने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सरकार को यह भरोसा दिलाया कि वैट में कटौती करने से राज्य सरकार को राजस्व में किसी भी प्रकार की हानि नहीं होगी. उनका मुख्य तर्क यह था कि राज्य में वैट अधिक होने के कारण जो बिक्री पड़ोसी राज्यों में जा रही है, वह वैट कम होने से रुक जाएगी और अंततः राज्य में ईंधन की बिक्री में भारी इजाफा होगा. इसके फलस्वरूप महंगाई की मार झेल रहे किसानों और आम जनता को एक बहुत बड़ी राहत मिल सकेगी. इस विषय पर गहन विचार-विमर्श के बाद एसोसिएशन ने वैट कटौती को लेकर एक संयुक्त कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया ताकि समय रहते कोई ठोस निर्णय लिया जा सके. एसोसिएशन की इन तमाम दलीलों और सुझावों पर मुख्य सचिव ने उन्हें अवगत कराया कि सरकार वैट कटौती के मुद्दे को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और वर्तमान में इस पर अध्ययन करवा रही है. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट आश्वासन दिया है कि राज्य में वैट कटौती को लेकर सरकार का रुख बेहद सकारात्मक है और शीघ्र ही इस दिशा में अग्रिम व उचित कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी आरपीडीए के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी, उपाध्यक्ष प्रकाश गवालेरा और महासचिव शशांक कौरानी द्वारा जारी की गई.

सीएम सैनी की मौजूदगी में डॉ. अर्चना गुप्ता ने संभाला हरियाणा भाजपा अध्यक्ष का पदभार

पंचकूला. भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता आज पंचकूला स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पंचकमल पहुंचीं, जहां उन्होंने भव्य समारोह के बीच अपने पद का औपचारिक कार्यभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता बड़ी संख्या में पहुंचे। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं भाजपा हरियाणा के प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया, प्रदेश सह प्रभारी सुरेन्द्र नागर, प्रदेश संगठन महामंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा और रेखा शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। भाजपा हरियाणा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली भी मंच पर उपस्थित रहे। भाजपा नेतृत्व के अनुसार, डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में संगठन की नई पारी की शुरुआत हो रही है, जिसे आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ संगठन को नई दिशा और गति मिलेगी। पंचकमल परिसर में सुबह से ही कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला और पूरे कार्यक्रम को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।