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भवन नियम तोड़ना पड़ा भारी! बादशाह का ‘सागो क्लब’ प्रशासन ने किया बंद

चंडीगढ़. शहर के सेक्टर-26 स्थित शोरूम नंबर 17 में चल रहे क्लब को सील किया गया है। मशहूर रैपर बादशाह से जुड़े चर्चित सागो क्लब पर मंगलवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यूटी एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच और प्रवर्तन शाखा की टीम ने भवन नियमों के उल्लंघन के मामले में यह कार्रवाई की। क्लब संचालकों को कई बार नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर प्रशासन ने सीलिंग का फैसला लिया। प्रशासन के अनुसार क्लब परिसर में स्वीकृत भवन नक्शे और निर्माण नियमों से जुड़े कई उल्लंघन पाए गए थे। नोटिसों के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मंगलवार सुबह अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्लब को सील कर दिया। मालूम हो कि इस क्लब में सबसे ज्यादा युवा आते हैं और वीकेंड पर यहां पर खूब परियां होती हैं क्लब बंद होने से युवाओं को भी निराशा हुई है। यह वही क्लब है जो पहले भी एक बड़े विवाद के चलते सुर्खियों में रहा था। क्लब के बाहर हुए धमाकों की जिम्मेदारी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा द्वारा लिए जाने का दावा सामने आया था। इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी की मांग पूरी न होने पर धमाके कराने की बात कही गई थी। हालांकि उस मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा की गई थी। एक साल में करीब 10 क्लबों पर कार्रवाई शहर में पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 10 क्लबों और बारों को भवन नियमों के उल्लंघन के कारण सील किया जा चुका है। सबसे अधिक क्लब मध्य मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्रों में संचालित हैं। इससे पहले एस्टेट ऑफिस ने सेक्टर-7 स्थित सांता क्लब और ब्लू एस्टेट क्लब के खिलाफ कार्रवाई की थी। ये दोनों क्लब युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं और सप्ताहांत पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इससे पहले पिछले साल प्रशासन ने सेक्टर-7 स्थित एक लाउंज बार को भी सील किया था। अधिकारियों के अनुसार वहां भी भवन संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए गए थे, जो संपदा विभाग की नीतियों के विपरीत थे। हाईकोर्ट में हार चुके हैं क्लब संचालक सूत्रों के अनुसार कई क्लब संचालक इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचे थे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। प्रशासन का कहना है कि कई शोरूमों के पिछले हिस्सों और बरामदों में बिना मंजूरी के क्लब और बार संचालित किए जा रहे हैं। बावजूद इसके ऐसे प्रतिष्ठानों को आबकारी एवं कराधान विभाग से लाइसेंस भी जारी किए जाते रहे हैं। पूर्व सांसद के कार्यकाल में गठित एक समिति ने इन क्लबों को नियमित करने की सिफारिश भी की थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। प्रशासन का कहना है कि भवन नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि शहर के सभी क्लबोन की जांच की जा रही है अगले दिनों में और क्लबोन पर भी कार्रवाई होगी।

खेत बचाओ अभियान: नील हरित शैवाल से मिट्टी की सेहत संवार रहे लब्जी नावापारा के किसान धनेश्वर प्रसाद

खेत बचाओ अभियान: नील हरित शैवाल से मिट्टी की सेहत संवार रहे लब्जी नावापारा के किसान धनेश्वर प्रसाद रासायनिक खाद छोड़ जैविक खेती की ओर बढ़े, अन्य किसानों से भी की जैविक खेती अपनाने की अपील रायपुर  खेती में रासायनिक खादों के बेहिसाब प्रयोग से मिट्टी की कम होती उपजाऊ क्षमता के बीच सरगुजा जिले में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लब्जी, नावापारा के एक प्रगतिशील किसान धनेश्वर प्रसाद ने एक नई और सकारात्मक राह चुनी है। 6 एकड़ कृषि भूमि के मालिक धनेश्वर अब रासायनिक खादों का मोह छोड़कर पूरी तरह से जैविक खेती की ओर कदम बढ़ा चुके हैं और क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन ने दिखाई सही राह धनेश्वर प्रसाद बताते हैं कि वे पहले अपनी खेती में केवल रासायनिक खादों का ही प्रयोग करते थे, जिससे हर साल खाद की मात्रा बढ़ानी पड़ती थी और जमीन की उपजाऊ शक्ति लगातार कम हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कृषि विस्तार विभाग से संपर्क किया और अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण कराया। परीक्षण रिपोर्ट में मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए ’नील हरित शैवाल’ (Blue-Green Algae) से खेती करने की तकनीकी सलाह दी। टैंक बनाकर शुरू किया नील हरित शैवाल का उत्पादन कृषि विभाग के मार्गदर्शन पर अमल करते हुए धनेश्वर जी ने नवाचार किया और अपने घर के बाड़ी में ही एक टैंक का निर्माण कर नील हरित शैवाल का उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस टैंक से लगभग 25 किलो नील हरित शैवाल का उत्पादन प्राप्त होगा। इसे खेतों में डालने से मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की पूर्ति होगी और जमीन की सेहत में सुधार आएगा। भविष्य और स्वास्थ्य के लिए जैविक खेती है जरूरी जैविक खेती के दूरगामी फायदों का उल्लेख करते हुए धनेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह कदम केवल वर्तमान फसल को बचाने के लिए नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य और उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए भी है। उन्होंने बताया कि जैविक खेती से जमीन उपजाऊ बनती है और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। साथ ही मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरने से फसल उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव से फैलने वाली बीमारियों में कमी आएगी और शुद्ध व पौष्टिक आहार मिलेगा। अन्य किसानों से की अपील पर्यावरण और खेत बचाओ अभियान की इस मुहिम में जुटे धनेश्वर प्रसाद का मानना है कि जैविक खेती को और अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के अन्य कृषक बंधुओं से भी अपील की है कि वे भी रासायनिक खेती का त्याग कर जैविक खेती को अपनाएं और अपनी खेती, मिट्टी और आने वाली पीढ़ी को बचाएं।

किसानों को राहत! बिलासपुर में खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित, प्रशासन ने दिए निर्देश

बिलासपुर. खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर बिलासपुर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की 114 सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को परेशानी न हो। कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें। जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

बाबूलाल जी गौर ने जनसेवा और जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में बनाई खास पहचान : CM डॉ. यादव

बाबूलाल जी गौर ने जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में बनाई जगह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रद्धेय गौर जी सदैव हमारे लिए आशीर्वाददाता की भूमिका में रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गौर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय बाबूलाल गौर की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके कार्यकाल के स्वर्णिम क्षणों का स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रद्धेय बाबूलाल गौर जी मध्यप्रदेश के ऐसे राजनेता रहे, जिन्होंने अपने जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में जगह बनाई। वे सदैव हमारे लिए आशीर्वाददाता की भूमिका में रहे। राज्य सरकार उनके बताए मार्ग और आदर्शों का अनुसरण करते हुए प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड के विकास में गौर की दृढ़ता स्मरणीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय बाबूलाल जी ने अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न जनआंदोलनों में सक्रिय सहभागिता करते हुए राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका समर्पित सार्वजनिक जीवन और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बाबूलाल जी गौर ने प्रदेश के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेशवासियों की सेवा की। प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड के विकास में उनकी दृढ़ता स्मरणीय है। मंत्री, जनप्रतिनिधि तथा परिजन ने भी अर्पित की पुष्पांजलि मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा परिजन सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सूर्या की हत्या के बाद बड़ा एक्शन, पुलिस के ऑपरेशन से मचा डर; मदरसों पर भी कार्रवाई

गाजियाबाद गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 साल के सूर्या चौहान की बकरीद पर हुई हत्या के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज कर दिया है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर के बाद जहां उसके घर पर बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी है तो दूसरी तरफ तीन मदरसों को भी सील कर दिया गया है। वहीं, पुलिस से मिले अल्टीमेटम के बाद करीब 250 अपराधियों ने सरेंडर किया। वे हाथों में पोस्टर लेकर माफी मांगते और फिर कभी जुर्म ना करने की कसम खाते नजर आए। मदरसों पर ऐक्शन खोड़ा में 29 मई से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग सूर्या के घर पहुंचे थे। इसी बीच पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ और डीएम रविंद्र मांदड़ पहुंचे। यहां प्रशासन की टीम ने लोकप्रिय विहार स्थित मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम को सील किया। जब प्रशासनिक टीम मदरसे पर कार्रवाई करने पहुंची, तो वहां का गेट नहीं खोला गया। काफी देर इंतजार के बाद गेट को बाहर से ही सील कर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि जिस वक्त मदरसे को सील किया गया, उसके अंदर आठ बच्चे मौजूद थे। प्रशासन ने खोड़ा के ही दो और मदरसों को चिह्नित किया है। इन्हें भी सील कर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई चल रही है। असद के पुराने मकान पर तोड़फोड़ का प्रयास इससे पहले सोमवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने आरोपी असद के पुराने मकान पर नोटिस चस्पा किया था। आरोप है कि सोमवार की रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने असद के इसी पुराने मकान पर पहुंचकर तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। गनीमत थी कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ करने वालों को रोका। इसके बाद से यहां भी पुलिस बल तैनात किया गया है। क्या है ऑपरेशन क्लीन स्वीप दरअसल, गाजियाबाद में प्रशासन ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज किया है। इसके तहत आपराधिक इतिहास रखने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और आपराधिक गितिविधियों वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की वेरिफिकेशन की जा रही है। डीएम ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ त्वरित ऐक्शन के आदेश पिछले दिनों दिए हैं। इसी के तहत खोड़ा में ऑपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जा रहा है। यहां वेरिफिकेशन के दौरान तीन मदरसे मिले हैं जो मदरसा बोर्ड से पंजीकृत नहीं हैं। पूरे गाजियाबाद में वेरिफिकेशन चलाया जाएगा, कोई भी गुंडा और अपराधी सिर ना उठा पाए। साहिबाबाद में 250 का सरेंडर गाजियाबाद में DCP धवल जायसवाल ने बताया कि साहिबाबाद में 250 अपराधियों ने कसम खाई है कि आगे कोई अपराध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'गाजियाबाद कमिश्नरेट में ऑपरेशन क्लीन के तहत सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों के सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साहिबाबाद में जो भी पुराने हिस्ट्रीशीटर थे, अभ्यस्त अपराधी थे, उनको बुलाया गया था, उनके सत्यापन का अभियान चलाया गया है…उनके बारे में जांच की जा रही है…उनको हिदायत भी दी गई है कि वो भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध और अपराधियों से संपर्क ना रखें और अगर वो ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी…अभी तक 250 से ज्यादा अपराधियों का सत्यापन कर लिया गया है और यह अभियान अभी चल रहा है।' थाने में पहुंचे अपराधियों के हाथों में माफी और आगे कोई अपराध नहीं करने की कसम खाते हुए पोस्टर दिखे।

मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांव कोण्डापल्ली :  चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद सुशासन का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रही सरकार, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है। जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। इस अवसर पर  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मानसून की दस्तक से बदला मौसम, आगरा में बारिश से सड़कें धंसीं और मकान ढहा

भोपाल/जयपुर/लखनऊ/नई दिल्ली मानसून 4 जून को केरलम के तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले अनुमान में इसके 26 अप्रैल को केरलम पहुंचने का अनुमान था। मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरलम पहुंचता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है। इधर 23 राज्यों में जून की शुरुआत के साथ गर्मी से राहत मिली है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार के कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई। कई जगह बादल छाने से तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार सुबह एक घंटा तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। कई जगह सड़कें धंस गई। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्‌ढा बन गया। एक मकान का अगला हिस्सा गिर गया। दिल्ली में 1 जून का दिन पिछले तीन सालों की तुलना में सबसे ठंडा रहा। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36.3°C रहा, जो सामान्य से 3.7°C कम है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 3 जून:     पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में 40-50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है।     मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी की स्तिथि रह सकती है।     केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।     असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और आंधी-तूफान का असर रहेगा। 4 जून:     मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भारी बारिश हो सकती है। केरलम में बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।     गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज आंधी चल सकती है।     अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कुछ जगहों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। बिहार में लू (हीट वेव) चलने की आशंका है। मध्य प्रदेश में अलग-अलग जिलों में लगातार 8 दिन से कहीं न कहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर है। राज्य में अब हीटवेव का असर लगभग खत्म है। न्यूनतम तापमान में 5°C से ज्यादा की गिरावट आई है। आज 45 जिलों में बारिश का अलर्ट है। धार-बड़वानी में तेज बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी है।  उत्तर प्रदेश के आगरा में आज सुबह तेज बारिश हुई। इससे कारण कई जगह सड़कें धंस गईं। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्ढा हो गया। इसमें ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली समा गई। सड़क किनारे खड़ीं कारें और ट्रक भी गड्‌ढों में पलट गए। राजस्थान में जून की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। मौसम विभाग ने आज 19 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य का तापमान सामान्य से 5°C नीचे आ गया है। सोमवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8°C रहा।  बिहार में अगले कुछ दिनों तक ज्यादातर जिलों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और नवादा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 43॰C से 45॰C पहुंच सकता है। बीते 24 घंटे में 40.1॰C के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। जबकि सासाराम और सीवान में बारिश हुई। हरियाणा में दो वेस्टर्न डिस्टर्वेंस एक्टिव होने जा रहे हैं। आज से 6 जून तक मौसम बदला हुआ रहेगा। 28 मई को आए वेस्टर्न डिस्टर्वेंस और राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हरियाणा में 4 दिन बारिश और आंधी-तूफान आए। इससे हरियाणा में अधिकतम तापमान 46°C से गिरकर 37°C से 38°C पर आ गया। उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। 7 जून तक मौसम ऐसा ही रहने वाला है। सोमवार को नैनीताल में 30.5mm, भीमताल में 26mm, कालाढूंगी में 12mm, रामनगर में 8mm और द्वाराहाट में 7.5mm बारिश हुई।

योगी सरकार की महत्वाकांक्षी 1,51,571 करोड़ रुपए की महत्त्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार से मिली अंतिम मंजूरी

झांसी की ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दी आधिकारिक स्वीकृति योगी सरकार की महत्वाकांक्षी 1,51,571 करोड़ रुपए की महत्त्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार से मिली अंतिम मंजूरी  253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599.20 एकड़) क्षेत्र में विकसित होगा बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी मास्टर प्लान-2045 के तहत बुंदेलखंड क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर, 5.6 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता : 25% हरित क्षेत्र, शून्य तरल विसर्जन तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का समावेश लखनऊ / झांसी  बुंदेलखंड क्षेत्र के आर्थिक एवं औ‌द्योगिक कायाकल्प की दिशा में योगी सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की दिशा में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बुंदेलखंड औ‌द्योगिक विकास प्राधिकरण झांसी की 'ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी (बीडा मास्टर प्लान-2045)' परियोजना को आधिकारिक रूप से पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।  परियोजना की मुख्य रूपरेखा एवं भूमि उपयोग यह महापरियोजना 253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599.20 एकड़) क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी, जिसके अंतर्गत झांसी तहसील के 33 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इस परियोजना को पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 की अनुसूची के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया था। इस स्तर की बड़ी परियोजनाओं के लिए निर्धारित कठोर मानकों के अनुरूप बीडा ने संपूर्ण प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किया। मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 30 जून, 2025 में इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा को परखा, और 20 जुलाई 2025 को मंत्रालय ने इसे अपनी पहली मंजूरी दे दी। स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 22 दिसंबर, 2025 को झांसी में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। इसके लिए 20 नवंबर, 2025 को प्रमुख समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई थी। जन सुनवाई में स्थानीय जनता ने परियोजना का व्यापक समर्थन किया। परियोजना से संबंधित सभी पर्यावरणीय पहलुओं, तकनीकी विवरणों और आवश्यक सुधारों की विशेषज्ञ समिति द्वारा दिनांक 5 मार्च और 9-10 अप्रैल 2026 विस्तार से समीक्षा की गई। सभी मानकों को संतोषजनक पाए जाने के बाद समिति ने परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति देने की सिफारिश की। पर्यावरण मंत्रालय एवं विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के सुझावों के आधार पर संशोधित मास्टर प्लान के अंतर्गत भूमि का प्रस्तावित भू-उपयोग आवंटन निम्नानुसार किया गया है: औ‌द्योगिक क्षेत्र (33.02%): 83.66 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र औ‌द्योगिक विकास हेतु आरक्षित है, जहाँ मुख्य रूप से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर तथा इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग स्थापित किए जाएंगे। आवासीय एवं आबादी क्षेत्र (16.90%): नए आवासीय क्षेत्रों हेतु 37.40 वर्ग किलोमीटर तथा मौजूदा ग्रामीण आबादी हेतु 5.40 वर्ग किलोमीटर भूमि निर्धारित की गई है। हरित एवं मनोरंजक क्षेत्र (24.92%): कुल 63.13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) के रूप में संरक्षित रखा गया है। परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स (11.56%): सड़क, रेल तथा लॉजिस्टिक्स हब के विकास हेतु 29.30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आवंटित किया गया है। व्यावसायिक, मिश्रित एवं अन्य उपयोग: शेष भूमि को व्यावसायिक (3.92 वर्ग किलोमीटर), मिश्रित उपयोग (13.02 वर्ग किलोमीटर) तथा सार्वजनिक संस्थानों के लिए आरक्षित किया गया है। हरित बफर जोन: परियोजना सीमा पर 50 मीटर तथा डोंगरी बांध के चारों ओर 150 मीटर चौड़ा ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाएगा। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण भी किया जाएगा। शून्य तरल विसर्जन: शहर की पेयजल आवश्यकता (217.22 एमएलडी) राजघाट बांध से पूरी की जाएगी, जबकि अन्य उपयोगों हेतु उपचारित जल का प्रयोग किया जाएगा। बीडा द्वारा 163.26 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 150.88 एमएलडी क्षमता का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट चरणबद्ध रूप से स्थापित किया जाएगा। उपयोग किए गए जल का उपचार कर पुनः उपयोग किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार का अपशिष्ट जल बेतवा, पहुज एवं अंगौरी नदियों में नहीं छोड़ा जाएगा। सफल भूमि अधिग्रहणः बीडा द्वारा अब तक कुल 25706 एकड़ भूमि का अर्जन किया जा चुका है भूमि स्वामियों को अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार पारदर्शी दरों पर मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण आबादी का विकासः स्थानीय ग्रामीण आबादी क्षेत्रों को बीडा शहर के साथ एकीकृत करते हुए आधुनिक पार्क, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थान एवं कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। बुंदेलखंड के विकास के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआतः सीईओ बीडा के सीईओ संजय कुमार खत्री ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय से प्राप्त यह पर्यावरणीय स्वीकृति बुंदेलखंड के विकास के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप बीडा को देश की सबसे आधुनिक, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल औ‌द्योगिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यावरणीय स्वीकृति में निर्धारित सभी शर्तों का पूर्ण अनुपालन करते हुए यह परियोजना बुंदेलखंड को वैश्विक विनिर्माण मानचित्र पर स्थापित करेगी तथा स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाएगी, साथ ही यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

महापौर परिषद के सम्मेलन का ऋषिकेश में आगाज, अध्यक्षता करेंगी करनाल की मेयर रेणु बाला

करनाल. देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा ऋषिकेश में तीन जून से अखिल भारतीय महापौर परिषद के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शंखनाद होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए ऋषिकेश नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। ऋषिकेश के नटराज होटल में आयोजित होने वाले इस वैचारिक महाकुंभ की अध्यक्षता अखिल भारतीय महापौर परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं करनाल (हरियाणा) की महापौर श्रीमती रेणु बाला गुप्ता करेंगी। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। तैयारियों में झलक रहा उत्साह मंगलवार को अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष रेणु बाला गुप्ता ने तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि यह सम्मेलन देश के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा की उस वीर धरा और दानवीर कर्ण की नगरी करनाल से देवभूमि की इस पवित्र भूमि पर एक विजन लेकर आई हूँ। जिस तरह मां गंगा सबको जीवन देती हैं, उसी तरह हमारे समस्त नगर निगमों को भी जन-सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। महापौर ने बताया कि सम्मेलन के लिए देशभर के लगभग 60 शहरों के महापौर ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। करनाल की तर्ज पर अन्य शहरों में भी 'स्मार्ट सिटी' और 'स्वच्छता' के बेहतरीन मॉडल कैसे लागू हों जैसे बहुआयामी विषयों पर मेयर रेणु बाला गुप्ता विशेष रूप से अपने अनुभव साझा करेंगी। लोक-संस्कृति का दिखेगा रंग सम्मेलन के लिए ऋषिकेश नगर निगम द्वारा आयोजन स्थल और प्रमुख चौराहों को विशेष रूप से सजाया गया है। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में मुख्य रूप से तीन सत्र आयोजित होंगे, जिनमें स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और नगर निकायों के सामने आने वाली वित्तीय चुनौतियों पर देश के शीर्ष प्रतिनिधि मंथन करेंगे। आयोजन से जुड़े विशेष आकर्षण के रूप में सभी अतिथि महापौर त्रिवेणी घाट पर होने वाली भव्य गंगा आरती में सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति और पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से मेहमानों का स्वागत किया जाएगा। सम्मेलन के समापन सत्र में सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की उपस्थिति विशेष रहेगी।

Kulhad Pizza Couple का नया वीडियो वायरल, गुरप्रीत कौर ने बयां की अपनी पीड़ा

जालंधर. जालंधर का चर्चित कुल्हड़ पिज्जा कपल एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में Gurpreet Kaur भावुक नजर आईं। वीडियो में उन्होंने ट्रोलर्स पर भड़कते हुए कहा कि एक घटना के बाद उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। वीडियो में रोते-बिलखते हुए गुरप्रीत कौर का कहना है कि वह लंबे समय तक चुप रहीं और उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ सब कुछ सामान्य हो जाएगा, लेकिन एक वीडियो के कारण लोगों ने उनके बारे में गलत धारणाएं बना लीं। बता दें कि गुरप्रीत ने हाल ही में अपने बेटे के साथ एक वीडियो साझा किया,  जिसमें वह उसे गुरबाणी और गुरसिखी से जुड़े शब्द सिखाती नजर आ रही थीं। गुरप्रीत का आरोप है कि बच्चे को भी ट्रोलर्स ने नहीं छोड़ा, यहां तक कि लड़कियां भी भद्दे Comments करने से पीछे नहीं हट रही।  गुरप्रीत ने कहा कि  बच्चे को लेकर की जा रही टिप्पणियों से उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा पहुंची है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।