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गर्मी के बीच राहत की खबर! मध्यप्रदेश में तेज बारिश-ओलों का अलर्ट, मानसून ने केरल में दी एंट्री

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। बताया जा रहा है कि, इस बार मानसून सामान्य तिथि से लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में एंटर हो सकता है। राजधानी भोपाल में स्थित राज्य मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। हालांकि मानसून के आगमन से पहले ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और जून के शुरुआती चार दिनों तक कई जिलों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है। वैसे तो मई का महीना भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है। शुरुआती दिनों में प्रदेश भीषण गर्मी के साथ साथ लू की चपेट में रहा थी। लेकिन महीने के आखिरी दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली और भीषण गर्मी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का भी सामना किया। स्थिति ये रही कि मई मे औसत से करीब आधा इंच अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इसके साथ-साथ विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश होगी. इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अनुमान लगाया है कि मानसून आने पर पूरे राज्य में जोरदार बारिश होगी. भारत में मानसून को लेकर पूरे देश में करीब से नजर रखी जा रही है, क्योंकि केरल में मानसून का आना देश के बाकी हिस्सों में इसके आगे बढ़ने का बेंचमार्क है. तेज बारिश की आशंका को देखते हुए, आईएमडी (IMD) ने इस हफ्ते अलग-अलग दिनों में सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  विभाग के मुताबिक केरल के अलपुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम को बुधवार और गुरुवार को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जबकि पठानमथिट्टा और कोझिकोड गुरुवार को अलर्ट पर हैं. मौसम विभाग के अधिकारियों ने कमजोर इलाकों में रहने वालों से हाई अलर्ट पर जाने को कहा है. वहीं, मौसम एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में कुछ जगहों पर कम समय में 11 से 20 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है।  बता दें, इतनी तेज बारिश से शहरी इलाकों में अचानक बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है, जिससे डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसियों को मॉनिटरिंग और तैयारी के उपाय बढ़ाने पड़ रहे हैं. कई दूसरे जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किए गए हैं, जिससे राज्य के बड़े हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. आने वाले मानसून से केरल के समुद्र तट पर खराब मौसम और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।  कैसे आता है अंचल में मानसून? मानसून का आगमन बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्नदाब क्षेत्र या चक्रवातीय तूफानों की वजह से या फिर अरब सागर में बने निम्नदाब क्षेत्र की वजह से होता है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने मछुआरों को सलाह दी है कि जब तक मौसम ठीक न हो जाए, वे समुद्र में न जाएं. जहां लोग हफ्तों की भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं राज्य भर में प्री-मानसून तैयारी तेज कर दी है, जिसमें बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए नालों, नहरों और पानी के रास्तों की सफाई शामिल है. बहुत ज़्यादा गर्मी के बाद, आने वाले दिनों में पहली बार बड़े पैमाने पर मानसून की बारिश से केरल का नजारा बदलने की उम्मीद है, साथ ही मौसमी बारिश के लिए माहौल तैयार होगा जो पूरे भारत में खेती और पानी के संसाधनों को बनाए रखती है। 

रेलवे में सख्ती तेज! 11 चोर दबोचे गए, 23 अवैध वेंडरों पर भी चला शिकंजा

भोपाल रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी तथा अवैध वेंडरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भोपाल मंडल द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और वाणिज्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में चोरी करने वाले आरोपितों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वेंडरों पर सख्त कार्रवाई की गई है। जुर्माना लगाकर भेजा जेल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान पिछले तीन दिनों में यात्रियों का सामान चोरी करने या चोरी का प्रयास करने वाले 11 संदिग्धों को पकड़ा गया। इनमें से दो आरोपितों के खिलाफ जीआरपी थाना भोपाल में प्रकरण दर्ज किया गया, जबकि नौ अन्य को रेलवे न्यायालय ने दोषी पाते हुए 2,500 रुपये जुर्माना और 30 दिन के कारावास की सजा सुनाई। अवैध वेंड पर भी शिकंजा यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खान-पान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों पर संचालित स्टालों और फूड यूनिट्स का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 23 वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026 में मई माह तक केवल भोपाल पोस्ट द्वारा ही 591 वेंडरों पर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। यात्रियों से सतर्क रहने की अपील रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, चोरी की घटनाओं को रोकना और अधिकृत वेंडरों के माध्यम से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ या रेलवे अधिकारियों को दें।  

पीडब्ल्यू सचिव सख्त, मंजूर कार्यों की टेंडर प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने के आदेश

रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों को मार्च-2026 तक स्वीकृत कार्यों के 30 जून तक निविदा आमंत्रित कर 31 जुलाई तक कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा ऋतु के तुरंत बाद ये काम शुरू किए जा सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ से गुजर रहे भारतमाला परियोजनाओं की सड़कों से राज्य की सड़कों को जोड़ने फोरलेन सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि भारतमाला सड़कों का पूरा लाभ राज्य को भी मिल सके। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में मौजूद थे। विभाग के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल प्रदेशभर की 36 द्रुतगामी सड़कों के साथ ही दूरस्थ अंचलों के पहुंचविहीन गांवों के लिए भी प्राथमिकता से सड़कों व पुलों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष और पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने को कहा। उन्होंने 31 जुलाई तक इनके प्राक्कलन भी भेजने के निर्देश दिए। बंसल ने नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में आरसीपीएलडब्लूईए (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के कार्यों को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद अधिकारियों को जिओ-टैगिंग और एसएनए का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया। बंसल ने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर समय पर उनका भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के देयकों का भुगतान एक माह के भीतर करने को कहा। उन्होंने भुगतान के पहले सभी कार्यों का कड़ाई से सत्यापन भी करने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक किए गए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए भेजने को कहा। बंसल ने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को हर तीन महीने में राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों से अच्छा समन्वय रखकर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को डामरीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान खुद फील्ड में मौजूद रहकर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को हर मंगलवार को अपने कार्यालय में ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने काम में ढिलाई एवं लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने को भी कहा। उन्होंने भू-अर्जन के मामलों में मिशन मोड में काम करते हुए आगामी तीन से छह माह के भीतर सभी प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात को देखते हुए सड़कों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूर्ण करने को कहा।  बंसल ने कार्यों में सुविधा और प्रशासनिक कसावट के लिए विभाग के विभिन्न अनुविभागीय कार्यालयों के स्थानांतरण एवं पुनर्गठन की कार्यवाही जून कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक विर्माण विभाग की परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन, एसडीओ से लेकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तक ई-ऑफिस से कार्य संपादित करने, कार्यालयों को सुव्यस्थित रखने, गति शक्ति पोर्टल पर कार्यों की प्रगति की जानकारी समय पर अपडेट करने, न्यायालयीन प्रकरणों में जवाब समय पर दाखिल करने, प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति, निविदा आमंत्रण और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रियाएं दो से तीन माह में पूर्ण करने तथा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कराने के भी निर्देश दिए।

JoSAA काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी, IIT-NIT की पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट 13 जून को आएगी

पटना. देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों आइआइटी, एनआइटी और अन्य में प्रवेश के लिए जाइंट सीट एलोकेशन अथारिटी (जोसा) ने काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिए हैं। मंगलवार की सुबह 10 बजे से जोसा काउंसिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन और च्‍वाइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (एएटी) में सफल होने वाले अभ्यर्थी सात जून से अपनी विशेष चाॅइस भर सकेंगे। उम्मीदवारों की सुविधा और सीट के अनुमान के लिए आठ जून और 10 जून को माक सीट एलोकेशन एक और दो के परिणाम प्रदर्शित किए जाएंगे। 11 जून की शाम तक रजिस्‍ट्रेशन छात्र 11 जून की शाम पांच बजे तक रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे, जिसके बाद भरी गई च्‍वाइस सिस्टम द्वारा स्वतः लाक हो जाएगी। इसके बाद सीट आवंटन की प्रक्रिया मुख्य रूप से पांच राउंड में आयोजित की जाएगी। पहले राउंड 13 जून को सुबह 10 बजे सीट एलोकेशन लिस्ट जारी होगी। चयनित छात्रों को आनलाइन रिपोर्टिंग, डाक्युमेंट अपलोड और 26 जून 2026 तक फीस का भुगतान करना होगा। दूसरे राउंड में 30 जून को शाम पांच बजे घोषित किया जाएगा, जिसके लिए फीस भुगतान की अंतिम तिथि तीन जुलाई है। 8 जुलाई तक फीस भुगतान तीसरा राउंड का परिणाम छह जुलाई को जारी होगा। इसके लिए फीस भुगतान आठ जुलाई तक किया जा सकता है। चौथा राउंड का कटआफ 10 जुलाई को जारी होगा। इसके लिए फीस भुगतान की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। पांचवें और अंतिम राउंड का सीट आवंटन 16 जुलाई को किया जाएगा। यह राउंड आइआइटी और आइआइएससी के लिए फाइनल होगा। एनआईटी प्लस सिस्टम के लिए आंशिक प्रवेश शुल्क का आनलाइन भुगतान 22 से 24 जुलाई के बीच होगा। छात्र अपनी आवंटित सीट से नाम वापस लेने की प्रक्रिया भी राउंड दो, तीन और चार के दौरान कर सकते हैं।

पंजाब इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के पूर्व CMD ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, FIR रद्द करने की मांग

चंडीगढ़. पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक केडी चौधरी ने अपने खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। 76 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी ने याचिका दाखिल कर विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द करने और मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली और हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई आठ जुलाई तक स्थगित कर दी है। यह मामला वर्ष 2013 में लुधियाना के बसंत एवेन्यू क्षेत्र में 66 केवी ग्रिड सब-स्टेशन की स्थापना के लिए दी गई प्रशासनिक मंजूरी से जुड़ा है। विजिलेंस ब्यूरो का आरोप है कि ग्रिड निर्माण के दौरान विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। आरोपों के अनुसार ग्रिड के लिए निर्धारित न्यूनतम एक एकड़ भूमि और दो ग्रिड सब-स्टेशनों के बीच कम से कम पांच किलोमीटर की दूरी बनाए रखने की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर पूर्व सीएमडी समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। केडी ने आरोपों को निराधार बताया याचिका में केडी चौधरी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यों के विपरीत बताया है। उनका कहना है कि बसंत एवेन्यू, दुगरी और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रहे बिजली लोड, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों और बार-बार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति को देखते हुए क्षेत्रीय इंजीनियरों और फील्ड अधिकारियों ने वर्ष 2008 से ही नए ग्रिड सब-स्टेशन की आवश्यकता जताई थी। यह प्रस्ताव विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक स्तरों पर जांच के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए उनके पास पहुंचा था। याचिका में कहा गया है कि जिन दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है, वे कोई वैधानिक नियम नहीं बल्कि पुराने विभागीय दिशा-निर्देश हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भूमि की उपलब्धता की कमी को देखते हुए कई मामलों में ऐसे मानकों में छूट दी जाती रही है। चौधरी ने दावा किया कि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी कम भूमि और कम दूरी वाले कई ग्रिड सब-स्टेशनों को मंजूरी दी गई। दावा- एफआईआर में रिश्वत का जिक्र नहीं पूर्व सीएमडी ने अदालत को यह भी बताया कि एफआईआर में कहीं भी यह आरोप नहीं लगाया गया कि उन्होंने रिश्वत ली, व्यक्तिगत लाभ प्राप्त किया या सरकारी खजाने को किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान पहुंचाया। उनका तर्क है कि एक प्रशासनिक और तकनीकी निर्णय को आपराधिक रंग देकर कार्रवाई की गई है। याचिका में 13 वर्ष बाद एफआईआर दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। चौधरी ने कहा कि इसी शिकायत की वर्ष 2018 और 2021 में जांच की जा चुकी है और दोनों बार मामले को बंद कर दिया गया था। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के चर्चित भजन लाल बनाम हरियाणा राज्य मामले का हवाला देते हुए एफआईआर को दुर्भावनापूर्ण और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। 8 जुलाई को होगी अगली सुनवाई मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने तत्काल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई आठ जुलाई तक स्थगित कर दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से रखी जाएंगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक निर्णयों और आपराधिक जवाबदेही के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी बहस का विषय बन गया है।

किसानों को जागरूक करने बड़ा अभियान शुरू, जैविक खेती और उत्पादों पर रहेगा फोकस

रायपुर. रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से प्रभावित हो रहे मृदा स्वास्थ्य, घटती भूमि उर्वरता और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा 1 से 30 जून तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा. अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर जनजागरूकता और कृषक उन्मुख गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. अभियान के दौरान ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर कृषक संगोष्ठियां, कृषि चौपाल, जनजागरूकता कार्यक्रम और जैविक उत्पाद प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी. कृषि वैज्ञानिक किसानों को रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव, प्राकृतिक खेती के लाभ, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा खेती की लागत कम करने के उपायों की जानकारी देंगे. साथ ही मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन और फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा. प्रदेशभर में अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में दीवार लेखन के माध्यम से मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी. किसानों और नागरिकों को प्राकृतिक खेती अपनाने की शपथ भी दिलाई जाएगी. पंचायत स्तर पर आयोजित कृषि चौपालों में किसानों और जनप्रतिनिधियों को अपनी कम से कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत : राज्यपाल पटेल

महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग : राज्यपाल पटेल लोकभवन में लगा स्वास्थ्य शिविर  राज्यपाल ने महिलाओं को वितरित किए स्वच्छता किट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्वस्थ समाज एवं परिवार के लिए महिलाओं का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपनी व्यस्त जीवन शैली में अपने स्वास्थ्य की चिंता करें। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए समय निकाले। संतुलित आहार, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोक भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर शुभारंभ अवसर पर संदीपनि सभागार में उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं को स्वच्छता किट प्रदान की। संदीपनि सभागार और सिविल डिस्पेंसरी में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों का अवलोकन किया। ज्ञातव्य है कि राज्यपाल पटेल के जन्म दिवस के अवसर पर लोक भवन में सोमवार को स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया था। अस्थिरोग संबंधी चिकित्सकीय जाँच के लिए बोन मिनरल डेनसिटी जाँच और परामर्श शिविर का सिविल डिस्पेंसरी में तथा एच.पी.व्ही. और महिला स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जागरूकता के लिए चिकित्सकीय परामर्श सत्र सांदीपनि सभागार में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।  

महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही लाखों जिंदगियां : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बड़ेकनेरा में लाभार्थियों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री, महिलाओं, बच्चों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत मिला लाभ महतारी वंदन से आर्थिक संबल, मातृ वंदना से सुरक्षित मातृत्व और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई ताकत रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ सीधे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, तभी सुशासन का उद्देश्य सार्थक होता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को मिला बल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है। महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत महतारी वंदन योजना से लाभान्वित श्रीमती संतोषी भोयर, जो घर पर पार्लर संचालन करती हैं, तथा श्रीमती संपत्ति मानिकपुरी, जो सब्जी व्यवसाय से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को सहारा देने में सहायक सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों को सशक्त बनाती है। अन्नप्राशन संस्कार से बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में पोषण पर विशेष ध्यान देना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। गोद भराई कार्यक्रम से मातृत्व का सम्मान गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सुपोषण किट वितरण से कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सक्षम योजना और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई दिशा कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता, बचत और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है। किशोरियों को मिली हाइजीन किट, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज के निर्माण की आधारशिला बनती है। कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल तथा आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखती है। जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा विश्वास मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

खेत से सड़क तक सुरक्षा पर जोर, किसानों को फ्री हेलमेट बांटेगी MP सरकार

शुजालपुर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि उनकी सरकार उन किसानों को मुफ्त हेलमेट देगी जो अपनी फसल, दूध, फल और सब्जियां बेचने के लिए मोटरसाइकिलों से शहरों और कस्बों की आवाजाही करते हैं। सीएम ने कहा कि अक्सर बिना हेलमेट सफर करने वाले इन किसानों को सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों के कारण जान गंवानी पड़ती है। इन किसानों का जीवन बचाना ही इस योजना का मकसद है। इस पहल के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है। हेलमेट देने की वजह भी बताई सीएम ने कहा कि किसान दूध-फल-सब्जी जैसा सामान मोटरसाइकिल पर गांव से शहर लाते हैं। हेलमेट न होने की वजह से उन पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हमारी सरकार हेलमेट देकर किसानों की जान बचाएगी। इस तरह हम दुर्घटनाओं को भी रोकेंगे और किसानों को सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी। किसानों की बढ़ाएंगे आमदनी मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 134वां संस्करण सुनने के बाद किसानों से संवाद के दौरान यह घोषणा की। सीएम ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार हर हाल में किसानों की आमदनी बढ़ाएगी। गेहूं खरीद में बनाया रिकॉर्ड मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी सरकार जो निर्णय करती है, उसे लागू करती है। हमने आज 2,625 रुपये क्विंटल के दाम पर 1 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद का रिकॉर्ड बनाया है। अभी तक हमने अपने ही सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लगभग 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड भी मध्य प्रदेश सरकार ने बनाया है। उड़द पर बोनस, दाल उत्पादन में एमपी नंबर वन सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह हमारी सरकार के काम करने का तरीका है। सरकार सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को लाभ देकर वचन को निभा रही है। हमारी सरकार उड़द को भी प्रोत्साहन दे रही है। पहली बार हम उड़द पर बोनस दे रहे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में नंबर-1 है। हम उसमें और आगे बढ़ रहे हैं। तूअर दाल के आयात पर दी छूट मुख्यमंत्री ने कहा कि कि एक तरफ सरकार खेती पर जोर दे रही है तो दूसरी तरफ कारखानों के माध्यम से दालों का उत्पादन भी यहीं करने की कोशिश कर रही है। तूअर दाल के आयात पर कारखानों को टैक्स की छूट देकर हमने वचन निभाया। मूंग और उड़द भी खरीदेगी सरकार सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार आने वाले समय में बरसात के बाद जब रबी की फसल आएगी तब दिन में बिजली देकर किसानों को कठिनाइयों से मुक्त करेगी। सरकार ने उड़द और मूंग की फसल के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से अब किसानों से मूंग और उड़द की फसलों की भी खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाद में शुजालपुर शहर में एक रोड शो भी किया।

नौ साल बाद मिला इंसाफ! MP हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बीच आरोपी दोषमुक्त घोषित

जबलपुर  हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने मामले का ट्रैक खो दिया और हुक या क्रूक से दोषसिद्धि का निर्णय पारित किया। यह अपीलार्थी के साथ घोर अन्याय है। लिहाजा, नौ वर्ष से जेल में बंद अपीलार्थी को दोषमुक्त करार दिया जाता है। बहुचर्चित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है अपीलकर्ता मंडीदीप, रायसेन निवासी संजय गुप्ता की ओर से अधिवक्ता आनंद कुमार शुक्ला, आशीष त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी व असीम त्रिवेदी ने पक्ष रखा। उन्हाेंने दलील दी कि अपीलार्थी 12 वर्षीय नितिन की हत्या के बहुचर्चित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। हत्या की और शव को बोरे में भरकर कूड़े में फेंक दिया रायसेन की ट्रायल कोर्ट ने उसके विरुद्ध तीन अप्रैल, 2017 को उम्रकैद व 17 हजार जुर्माने का फैसला सुनाया था। तब से नौ वर्ष हो गए, वह जेल की सलाखों में है। उस पर आरोप लगाया गया था कि उसने नितिन को घर पर बुलाया। हत्या की और शव को बोरे में भरकर कूड़े में फेंक दिया। बचाव पक्ष के वकीलों की ये रही दलीलें अपीलकर्ता के वकीलों ने दलील दी कि लास्ट सीन गवाह साहब सिंह ने नितिन को संजय के साथ नहीं, उसके बेटे के साथ देखा था। गवाह प्रेमसिंह लोवंशी ने बताया कि घटना तिथि सात अप्रैल, 2015 को संजय गुप्ता सुबह 8:30 से शाम पांच बजे तक आकाश फैक्ट्री में ड्यूटी पर था और रात आठ बजे से भोपाल में मालिक की बेटी की बर्थडे पार्टी में शामिल था। पुलिस ने ज्ञापन दो माह बाद चार जून, 2015 को बनाया और जब्त सामग्री एफएसएल जांच के लिए चार-छह माह बाद 30 अक्टूबर, 2015 को भेजी। ये रहा हाई कोर्ट का निष्कर्ष हाई कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने जिस सेमी लिक्विड ब्लड को संजय के बाथरूम से बरामद बताया, उसकी कोई बरामदगी नौ अप्रैल, 2015 के पंचनामा में दर्ज ही नहीं है। बरामद स्लिपर का साइज दर्ज नहीं, खुले प्लाट से मिली इसलिए महत्वहीन है। हथौड़े से चोट का मेडिकल कनेक्शन साबित नहीं, पेचकस पर फिंगर प्रिंट नहीं लिए गए। केस डायरी और कोर्ट में विरोधाभासी कार से मोटरसाइकिल हो गई गवाह साहब सिंह के बयान केस डायरी और कोर्ट में विरोधाभासी कार से मोटरसाइकिल हो गई। एफएसएल चेन आफ कस्टडी टूटी, छह माह तक माल थाने में रखा गया। हाई कोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर ने सुप्रीम कोर्ट के शरद बिरधीचंद सारदा केस का हवाला देकर कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य में एक भी कड़ी टूटने पर दोषसिद्धि नहीं हो सकती। लिहाजा, दोषसिद्धि व दंडादेश निरस्त कर संजय गुप्ता को सभी आरोपों से बरी कर तत्काल रिहा करने का आदेश दिया जाता है।