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PM मोदी के 25 साल के सेवा-संकल्प को नमन, ‘सेवा संकल्प अभियान’ आभार का प्रकटीकरण: CM डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 17 सितम्बर को आ रहे जन्मदिवस पर उज्जैन स्थित महाकाल महालोक सहित संपूर्ण प्रदेश में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्जवलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक मोदी ने गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। प्रदेशवासियों द्वारा किया जा रहा है यह दीप प्रज्ज्वलन प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है। वस्तुत: हम ऐसे व्यक्तित्व की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने जीवन को पद नहीं, सेवा का माध्यम माना। प्रधानमंत्री मोदी की सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह सेवा यात्रा आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच रही है। इस क्रम में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा को राजनैतिक संस्कार बनाने के संकल्प के रूप में सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा। करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन, करोड़ों परिवारों को आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला। इससे पहले मोदी गुजरात के लंबे समय तक निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे। कृषि, उद्योग और निवेश के साथ शासन में गति और परिणाम पर विशेष ध्यान, उनकी कार्यशैली की पहचान रही। भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जिस भारत को कभी आर्थिक कमजोरी के रूप में देखा जाता था, वही भारत आज विश्व मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूती मिली है। आतंकवाद और नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई है। परिणामस्वरूप देशवासियों के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं को नई दिशा, नई ऊर्जा और नए अवसर प्रदान किए हैं। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान ने देश में जनभागीदारी की एक नई संस्कृति की रचना की। प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों परिवारों के लिए पक्के घर के आकांक्षा को नई गति दी और जल जीवन मिशन ने घर-घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में 35 वर्षों के अंतराल के बाद शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी के आर्थिक बोझ से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लेकर लाड़ली बहना, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक महत्वपूर्ण पहल हुई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने विविधीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ है। 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' को धरातल पर उतार रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प है। प्रदेश में संचालित "लाड़ली बहना" योजना ने महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और परिवार में उनके निर्णयकारी स्थान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किए गए नवाचारों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भू-अर्जन पर बाजार दर पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता का लगतार विस्तार किया रहा है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा राज्य बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू होगी। मध्यप्रदेश नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा प्रदेश बन गया है। अब तक लगभग 34 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, बड़ी उपलब्धि यह भी है कि लगभग 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। रीवा, दतिया और सतना हवाई अड्डे के लोकार्पण के बाद प्रदेश में हवाई अड्डो की संख्या आठ हो गई है। वर्षों से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केन्द्र सरकार के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के नए द्वार खोले हैं। प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र क्रमश: इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा आकार लेने की ओर अग्रसर हैं। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सांची और खजुराहो का विकास भारत की सभ्यता और संस्कृति के जीवंत केन्द्रों के रूप में कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य जारी है।  

छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान, CM साय बोले- संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार, रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी जशपुर के पंडरापाठ में 20–25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी, वनांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण शासन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को दी जाएगी विशेष जिम्मेदारी बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को मिल रहा बड़ा मंच, खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं को तराशने पर जोर 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर किए जाएंगे प्रयास रायपुर   छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार करने के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए खेल अधोसंरचना के विकास के साथ प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। इन समूहों के सहयोग को खेलों के विकास से जोड़ा जाए तो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणामों को करीब से देखा है। यदि अलग-अलग उद्योग समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो प्रदेश में खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने को कहा।               मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों से जुड़े विषयों, उनकी आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाड़ियों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। पंडरापाठ में बनेगी आर्चरी अकादमी, वनांचल की नैसर्गिक प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर मुख्यमंत्री साय ने जशपुर अंचल में तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में यह खेल जीवन और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इन प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बड़े खेल मंचों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जशपुर के पंडरापाठ में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। अकादमी के माध्यम से जशपुर सहित आसपास के वनांचल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा। बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रही नई प्रतिभाएं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक ने दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। राज्य सरकार बस्तर ओलंपिक का आयोजन प्रत्येक वर्ष करेगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास के नए वातावरण के बीच खेलों को भी नई गति देने का समय है। क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और असाधारण क्षमता है। उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने … Read more

बिहान की सोलर दीदियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम

बिहान की सोलर दीदियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम सोलर वेंडर के रूप मे कराया पंजीयन, छतो पर लगा रही सोलर पैनल ​“सोलर दीदी हर घर रोशनी, हर हाथ को रोजगार” के सेवा संकल्प के साथ आर्थिक सशक्तिकरण की ओर  रायपुर,  छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में ग्रामीण स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के तहत सोलर दीदी के रूप में अपनी एक मजबूत पहचान बना रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अब सोलर दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं। ​“​“सोलर दीदी हर घर रोशनी, हर हाथ रोजगार” के संकल्प के साथ यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेगा।े सेवा संकल्प को आदर्श मानकर यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेगा।        बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम दसरमा में हितग्राही तारनी घृतलहरे के घर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है।​ यह पूरी कार्ययोजना कलेक्टर  कुलदीप शर्मा एवं जिला पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं के लाभ तक सीमित न रखकर, उन्हें सौर ऊर्जा आधारित तकनीकी कार्यों में रोजगार व उद्यमिता से जोड़ना है। ​संकुल संगठन ने स्वयं कराया वेंडर पंजीयन         इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बिहान के तहत गठित संकुल स्तरीय संगठन  ने स्वयं को आधिकारिक सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया है। वेंडर पंजीयन के बाद अब बिहान की प्रशिक्षित सोलर दीदियां सीधे ग्राउंड लेवल पर जाकर हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल लगाने का कार्य संभाल रही हैं। ​पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक सशक्तिकरण         सोलर दीदियों द्वारा किए जा रहे इस कार्य से ग्रामीण महिलाओं में तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल का विकास हो रहा है। इससे एक ओर जहां स्वच्छ ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को बिजली बिल में राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से की सौजन्य भेंट, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार तथा युवा कार्य खेल मंत्री मांडविया से की सौजन्य भेंट मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों पर हुई सार्थक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। इस अवसरपर मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास तथा प्रदेश में रोजगार के नए अवसरों के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही प्रदेश के युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सहयोग से रोजगार एवं कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया के बीच युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों के विस्तार, कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा केंद्र और राज्य के समन्वय से रोजगारपरक गतिविधियों को गति देने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।  

मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल निवेश को मिलेगी रफ्तार, CM डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से की भेंट मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार और निवेश संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट की। इस दौरान मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार, निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए उपलब्ध संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को और अधिक गति प्रदान करने तथा इस क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव,मध्यप्रदेश सरकार के आवासीय आयुक्त रश्मि अरुण शमी तथा  केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय’, गोमती पुस्तक महोत्सव में बोले योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जरूर पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह कहना अन्याय होगा कि युवा किताब नहीं पढ़ता, जरूरत किताबों को उन तक पहुंचाने की थी। ज्ञान को संकुचित दायरे में सीमित करने के दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र, दोनों को भुगतने पड़ते हैं। 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया था। यूपी के नौजवान के सामने पहचान का संकट था और नागरिक अपनी पहचान बताने से बचते थे। सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। डिजिटल युग ने शहर और गांव की दूरी को कम किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह पुस्तक पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए और कभी जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में। जब मुश्किल समय में व्यक्ति की हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसका संबल और मार्गदर्शक बन सकती है। सीएम के हाथों पुस्तक पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया या सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा, पूरी तरह सही नहीं। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा। जरूरत पुस्तकों को उसके पास पहुंचाने की व्यवस्था करने की है। जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब मैंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की। इसे प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू हुआ। इसका जब अच्छा परिणाम मिला तो मैंने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। वहां लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई कि आज का युवा पुस्तक नहीं पढ़ता। पहले संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह ही समाज और राष्ट्र भी तब बीमार होता है, जब उसकी क्षमता समाप्त होने लगती है और वह अपनी विरासत से दूरी बनाने लगता है। पहले भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया, जिसके परिणाम सहने पड़े। उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। इसी प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ में करीब 5 हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है। पुस्तक मेला ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का मंच सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, छात्रों, लेखकों और प्रकाशकों को मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा विभिन्न ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को देख सकते हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगले 9 दिनों तक चलने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा। आत्मकथाओं के माध्यम से महापुरुषों के जीवन संघर्ष को जाना जा सकता है। वैज्ञानिकों के शोध और उनकी यात्राओं को पुस्तकों के माध्यम से समझा जा सकता है। यह रचनात्मकता को आगे बढ़ाने और जीवन में नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है। ज्ञान को सीमित मत करें, सभी रास्ते खुले रखें मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने के लिए द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेना ही व्यक्ति को पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है। भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। लखनऊ साहित्य की पुरानी भूमि है और यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से देश-समाज को दिशा दी है डिजिटल युग ने घटाई गांव-शहर की दूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी कम करने का काम किया है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की और उसमें केवल प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। पहले सरकारों ने युवाओं और ग्रामीणों को प्लेटफार्म नहीं दिया, इसके बावजूद प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सुविधा मिलने पर वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकारें जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था मुख्यमंत्री ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले इन स्कूलों की स्थिति ऐसी थी कि उनके भवन और व्यवस्थाएं जर्जर नजर आती थीं। जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था। प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की तस्वीर बदली गई। भवनों का निर्माण हुआ और स्मार्ट क्लास की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। चित्रकूट का उदाहरण देते हुए सीएम ने बताया कि जब मैं वहां गया तो स्थिति … Read more

बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर, प्लॉट लेने से पहले ऑनलाइन चेक करें ये 5 बातें

पटना बिहार में अगर आप जमीन या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़ी सी जल्दबाजी आपकी गाढ़ी कमाई डुबा सकती है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Bihar Bhumi) ने आम जनता को जमीन विवादों और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे आप जमीन की जांच कर सकते हैं। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यदि आपने खरीदारी से पहले इन 5 जरूरी ऑनलाइन जांचों को पूरा नहीं किया, तो आप जमीन नहीं, बल्कि जमीन विवाद खरीदने जा रहे हैं। जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन जरूर जांचें ये 5 बातें 1. ऑनलाइन जमाबंदी: सबसे पहले यह जांच लें कि जमीन विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन (Online Land Record) दर्ज है या नहीं। इसके लिए बिहारभूमि पोर्टल पर जाएं और 'जमाबंदी देखें' विकल्प पर क्लिक करें। 2. सरकारी या गैर मजरुआ जमीन की पहचान: यह सुनिश्चित करें कि खतियान में जमीन सरकारी या गैर मजरुआ तो दर्ज नहीं है। इसकी जांच भू-अभिलेख पोर्टल bhuabhilekh.bihar.gov.in के जरिए की जा सकती है। 3. खाता, खेसरा और रकबा का मिलान: ऑनलाइन जमाबंदी में उस खाता, खेसरा (प्लॉट संख्या) और पर्याप्त रकबा (एरिया) का सही-सही विवरण दर्ज है या नहीं, इसे ध्यान से मिला लें। 4. विक्रेता का नाम: यह देखना बेहद जरूरी है कि ऑनलाइन जमाबंदी खुद विक्रेता के नाम पर ही है या किसी पुराने पूर्वज के नाम पर। 5. अन्य हिस्सेदारों की लिखित सहमति: यदि जमाबंदी विक्रेता के अकेले नाम पर नहीं है, तो क्या उसके पास अन्य सभी वैध हिस्सेदारों की बिक्री से संबंधित लिखित सहमति मौजूद है? दाखिल-खारिज के लिए क्या है जांच जरूरी? विभाग ने स्पष्ट किया है कि जमीन पर पूर्ण मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए दाखिल-खारिज बेहद जरूरी है। इसके लिए विक्रेता का सही हक होना अनिवार्य है, जो केवल खतियान और ऑनलाइन जमाबंदी से ही प्रमाणित होता है। जमीन हमेशा उसी व्यक्ति से खरीदें, जिसके नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज हो। जमीन खरीदने से पहले biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर यह पक्का कर लें कि जमाबंदी ऑनलाइन (Bihar Land Record Online) दिख रही है या नहीं। पोर्टल पर यह जरूर चेक करें कि जो जमीन आप खरीद रहे हैं, उसका खाता नंबर, खेसरा (प्लॉट नंबर) और जमीन का कुल क्षेत्रफल (रकबा) ऑनलाइन सही-सही दर्ज है। अगर आपको जमीन संबंधी कोई शिकायत दर्ज करानी है या सुझाव देना है, तो बिहारभूमि पोर्टल के 'जन शिकायत पोर्टल' सेक्शन पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

शादी के बाद दूल्हे को कार से उतारा, दुल्हन जेवर-नकदी समेत फरार; 2 महिलाओं सहित 7 गिरफ्तार

 लखनऊ यूपी के आजमगढ़ में एक दुल्हन ने ससुराल पहुंचने से पहले ही दूल्हे को तगड़ा झटका दे दिया। दरअसल, शादी के बाद जब दुल्हन के साथ आए लोगों ने रास्ते में दूल्हे को कार से उतार दिया और जेवर,नकदी और शादी में मिले अन्य सामान के साथ फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही शुक्रवार को लुटेरी दुल्हन गैंग के दो महिलाओं समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस के अनुसार लुटेरी दुल्हन गैंग के शातिरों ने हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव के रहने वाले राजकुमार को शादी कराने के नाम पर अपने जाल में फंसाया। व्हाट्सऐप पर लड़की का फोटो भेजा था। लड़की पसंद आने पर शादी तय हो गई। बुधवार को दोनों पक्षों के लोग जिले के बरदह के बंधवा महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर में लड़की और राजकुमार की शादी हुईं। लड़का पक्ष ने दुल्हन को सोने जेवर और 80 हजार रुपये नकद, कपड़े आदि दिए थे। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को लेकर घर जाने के लिए रवाना हो गया। बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, परिजनों ने दूल्हे को गाड़ी से उतारकर दुल्हन सहित सभी सामान लेकर फरार हो गए थे। दूल्हे के पिता रामबिलास की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर करा दिया। पुलिस ने शुक्रवार को कोदहरा चौराहे के पास से घटना में शामिल दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 19,650 रुपये नकदी, पायल, मंगलसूत्र, झुमका, साड़ी, कपड़ा, दो बाइक सहित अन्य सामान बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी जौनपुर के गिरफ्तार आरोपियों में सभी जौनपुर के रहने वाले हैं। इनमें बजरंगी बिन्द निवासी मलहज थाना शाहगंज, राजन विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर थाना सराय ख्वाजा, बहादुर निवासी जमालपुर,जौनपुर, रामबिलास निवासी मलहज थाना शाहगंज, जय किशन उर्फ अजीत लाइन बाजार, माधुरी पत्नी रिंकू निवासी जासोपुर थाना सराय ख्वाजा और करीना पत्नी शिवकुमार निवासी समोधीपुर थाना गौरा बादशाहपुर शामिल हैं। बुलेट और एक लाख के लिए विवाहिता को घर से निकाला उधर, भदोही दहेज में बुलेट एवं एक लाख रुपये की मांग पूरी ना होने पर विवाहिता को ससुराल के लोगों ने प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उसे मायके लाकर छोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर औराई थाने की पुलिस ने मिर्जापुर निवासी छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। औराई थाना क्षेत्र के गौरीडीह गांव निवासी शिवचंद गौड़ की बेटी रिया ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। कहा कि रवि शंकर गौड़ के साथ उनकी शादी 12 मई को हुई थी। पिता ने सोने की चेन, 50 हजार रुपया नकद, बाइक, अंगूठी दूल्हे को दिया था। ससुराल जाने के बाद आरोपितों ने एक लाख रुपये नकद और बुलेट की मांग करने लगे। फिर दो जुलाई को मायके लाकर छोड़ दिया।

लंपी वायरस को लेकर हरियाणा में अलर्ट, सीमावर्ती इलाके सील; पशुओं की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक

हिसार. दो वर्ष पहले पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला लंपी वायरस एक बार फिर हरियाणा की चौखट तक पहुंच गया है। सात राज्यों में संक्रमण मिलने और भिवानी, नारनौल तथा कुरुक्षेत्र में मामले सामने आने के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। सरकार ने पशुओं के अनावश्यक आवागमन पर रोक लगाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि अभी हिसार में संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन बीमारी को राज्य में फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं। गोशालाएं पहली प्राथमिकता, सीमाओं पर भी निगरानी जिलों को जारी एडवाइजरी में गोशालाओं में गोवंश के प्रवेश व निकास पर नियंत्रण रखने, नए पशुओं को कम से कम 15 दिन अलग रखने तथा संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है ताकि संक्रमित पशुओं के माध्यम से बीमारी न फैल सके। बीमारी से पहले रोकथाम पर पूरा जोर विभाग ने मच्छर, मक्खी और अन्य वाहक कीटों की रोकथाम के लिए नियमित फागिंग, शेड और नालियों की सफाई तथा किसी भी पशु में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक अथवा विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है, ताकि समय रहते उपचार और निगरानी शुरू की जा सके। लंपी के लक्षण पहचानिए – तेज बुखार शरीर पर गांठें उभरना आंख और नाक से स्राव दूध उत्पादन में कमी सुस्ती और भूख कम लगना बचाव के पांच आसान उपाय – नया पशु तुरंत झुंड में न मिलाएं शेड व आसपास सफाई रखें मच्छर-मक्खी नियंत्रण के उपाय करें बीमार पशु को अलग रखें टीकाकरण छूट गया हो तो पशु चिकित्सालय में संपर्क करें

साउथ रिज फेज-2 में 400 हेक्टेयर जमीन, एलजी की मंजूरी का इंतजार

नई दिल्ली  दिल्ली के रिज को संरक्षित करने की कवायद अब तेज हो गई है। साउथ रिज फेज-2 (A) के तहत 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन को रिज क्षेत्र में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर लिया गया है। लॉ और रेवेन्यू विभाग से जांच पूरी होने के बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी एनजीटी में जमा कराई है। दो हिस्सों में बांटा गया साउथ रिज फेज-2 साउथ रिज फेज-2 को दो हिस्सों में बांटकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फेज-2 (A) में 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लॉ और रेवेन्यू विभाग ड्राफ्ट की जांच पूरी कर चुके हैं और अब एलजी की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, फेज-2 (पार्ट बी) में शामिल बाकी क्षेत्रों का दोबारा ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इनमें आबादी क्षेत्र, अतिक्रमण, गांव की आबादी, अनधिकृत कॉलोनियां, जेजे क्लस्टर और धार्मिक संरचनाएं शामिल हैं। राजस्व विभाग के साथ मिलकर इनकी वास्तविक और कानूनी स्थिति की दोबारा जांच की जा रही है। 4 साल में 35.5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) ने 2026-27 से 2029-30 तक के ईको-रिस्टोरेशन प्लान को मंजूरी दी है। इसके तहत 6,303.55 हेक्टेयर क्षेत्र में 35.5 लाख पेड़ और करीब 65 लाख झाड़ियां, बेल और बांस लगाने का लक्ष्य है। 2026-27 में करीब 1,490 हेक्टेयर में 28.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है। सेंट्रल, साउथ रिज में 8 थीम आधारित वन भी विकसित होंगे।