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पूर्व कांग्रेसी केवल सिंह ढिल्लों बने BJP पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष, चुनाव से पहले बड़ा फेरबदल

चंडीगढ़. पंजाब भाजपा को नया प्रदेश प्रधान मिल गया है। पार्टी हाईकमान ने बरनाला के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश भाजपा की कमान सौंप दी है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही पंजाब भाजपा में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी नेतृत्व ने ऐसे समय में यह फैसला लिया है, जब पंजाब में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ बढ़ाने की चुनौती सामने है। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला के तल्लेवाल गांव से संबंध रखते हैं। उनका जन्म 16 मई 1950 को हुआ था। वह पंजाब के बड़े उद्योगपतियों और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह ढिल्लों ग्रुप के प्रमुख हैं और लंबे समय से कारोबार के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई बरनाला में हुई। 12वीं पास हैं केवल सिंह ढिल्लों वह 12वीं पास हैं और 1969-70 में एसडी कॉलेज बरनाला से बीए पार्ट-1 की पढ़ाई की थी। उनके पिता का नाम सजन सिंह ढिल्लों है, जबकि पत्नी का नाम मनजीत कौर है। उनके दो बेटे कंवरइंदर सिंह ढिल्लों और करणइंदर सिंह ढिल्लों पारिवारिक बिजनेस और रियल एस्टेट कारोबार संभाल रहे हैं। ढिल्लों पिछले करीब दो दशकों से पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस टिकट पर वह 2007 और 2012 में बरनाला से विधायक चुने गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। वह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान भी रह चुके हैं और मालवा क्षेत्र में कांग्रेस का बड़ा चेहरा थे। हालांकि 2017 विधानसभा चुनाव और 2019 के संगरूर लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जून 2022 में छोड़ी थी कांग्रेस इसके बाद जून 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें संगरूर लोकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार भी बनाया था। फिलहाल वह पंजाब भाजपा की कोर कमेटी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने मालवा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और किसान व कारोबारी वर्ग में पकड़ बढ़ाने के लिए केवल सिंह ढिल्लों पर दांव खेला है। पंजाब भाजपा में इससे पहले अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। जाखड़ के नेतृत्व में भाजपा ने पंजाब में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश की थी। अब केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश प्रधान बनाकर पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पंजाब में नए चेहरों और क्षेत्रीय संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि केवल सिंह ढिल्लों के अनुभव, कारोबारी पृष्ठभूमि और मालवा क्षेत्र में प्रभाव का फायदा पार्टी को आगामी चुनावों में मिल सकता है। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पंजाब भाजपा के अध्यक्ष के रूप में सेवा करना उनके लिए गौरव और बड़ी जिम्मेदारी का विषय रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताया गया विश्वास और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लगातार मिला मार्गदर्शन उनके पूरे कार्यकाल में ताकत का स्रोत बना रहा। जाखड़ ने किया किसकी सीख का जिक्र? जाखड़ ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष से मिली संगठनात्मक सीख का भी जिक्र किया। साथ ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सहयोग व प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा की असली ताकत राज्यभर के कार्यकर्ता, नेता और समर्थक हैं, जिनकी निष्ठा और सहयोग से उनका कार्यकाल यादगार बना। पूर्व अध्यक्ष ने नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जा रही है और उन्हें पूरा विश्वास है कि ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की सेवा और संगठन को आगे बढ़ाने में वह हरसंभव सहयोग देते रहेंगे। सुनील जाखड़ ने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि उनका पंजाब, पंजाब के लोगों और संगठन के साथ रिश्ता किसी भी पद से ऊपर है। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव आगे भी उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। गौरतलब है कि भाजपा ने हाल ही में बरनाला के पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। ढिल्लों कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वहीं, सुनील जाखड़ भी कांग्रेस से भाजपा में आए थे और पार्टी ने उन्हें पंजाब भाजपा की कमान सौंपी थी। उनके कार्यकाल के दौरान अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका में सक्रिय रहे। अब संगठन में बदलाव के साथ भाजपा पंजाब में नए नेतृत्व के जरिए राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

गर्मी की छुट्टियों में भीड़ कम करने के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू

पटना गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर नई दिल्ली और हावड़ा के बीच दो जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। इनका परिचालन पटना के रास्ते किया जाएगा। इससे बिहार से दिल्ली और हावड़ा (कोलकाता) जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। गर्मी की छुट्टियों में इस रूट की ट्रेनों में अक्सर भीड़ देखी जा रही है, जिसके चलते रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। पूर्व मध्य रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बुधवार को कहा कि गाड़ी सं. 04048 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल नई दिल्ली से 28 मई को शाम 6.15 बजे खुलकर अगले दिन 10.30 बजे सुबह डीडीयू, 11.40 बजे बक्सर, 12.25 बजे आरा, दोपहर 01.25 बजे पटना, 02.13 बजे बख्तियारपुर, 03.43 बजे किऊल और 04.55 बजे झाझा सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11.40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 04047 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 30 मई को रात 1.40 बजे हावड़ा से खुलकर सुबह 8.45 बजे झाझा, 9.33 बजे किऊल, 10.38 बजे बख्तियारपुर, 11.40 बजे पटना, दोपहर 12.24 बजे आरा, 01.10 बजे बक्सर, 03.05 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 8.20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी सं. 04050 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल नई दिल्ली से 30 मई को शाम 6.15 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 10.30 बजे डीडीयू, 11.40 बजे बक्सर, 12.25 बजे आरा, दोपहर 1.25 बजे पटना, 2.13 बजे बख्तियारपुर, 3.43 बजे किउल एवं 4.55 बजे झाझा सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11.40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 04049 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 01 जून को रात 1.40 बजे हावड़ा से खुलकर सुबह 8.45 बजे झाझा, 9.33 बजे किउल, 10.38 बजे बख्तियारपुर, 11.40 बजे पटना, 12.24 बजे आरा, दोपहर 1.10 बजे बक्सर, 3.05 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 8.20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

तेज गर्मी बनी जानलेवा, हर दिन सैकड़ों चमगादड़ों की मौत; नगर पालिका परेशान

बालोद. बालोद जिले के सबसे बड़े नगर पालिका दल्लीराजहरा में नौतपा के दौरान बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास लगे पेड़ों में रहने वाले 400 से 500 चमगादड़ों की रोजाना मौत हो रही है. मरने वाले चमगादड़ों की संख्या इतनी ज्यादा है कि पालिका का अमला उठाने में नाकाम है, जिसकी वजह से मृत पक्षियों से उठने वाली बदबू से लोग परेशान हो चुके हैं. नगर में इन दिनों दोपहर में तापमान 40 से 45 डिग्री तक बना रहता है. इस गर्मी से बचने के लिए इंसान को अपने लिए एसी-कूलर की व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन मूक जानवरों के पास मौत के अलावा कोई चारा नहीं है. जिसका नजारा रोज बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास देखने को मिल रहा है. ऐसे में तापमान हाई होने के चलाते रोज चमगादड़ों की मौत हो रही है. रोज लाखों चमगादड़ों में से 400 से 500 चमगादड़ों की मौत हो रही है, जिससे आस-पास के एरिया में रहे वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है. मौत के बाद चमगादड़ों से आने वाली बदबू से लोग काफी परेशान हैं. हालांकि, पालिका अपने कर्मचारियों को भेजकर मृत चमगादड़ों को उठा ने का प्रयास तो कर रही है, लेकिन सैकड़ों मृत चमगादड़ वहीं छूट जा रहे है, जिससे उसने उठने वाली बदबू से आस-पास के लोगों के साथ रोड़ से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या का समाधान करने में बीएसपी भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. पर्यावरण संरक्षणकर्ताओं की माने तो लगातार बढ़ रहे तापमान और पेड़ों की कटाई के चलते वन्य जीवों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चमगादड़ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये किट नियंत्रण और परागण में मदद करते है. इतनी बड़ी संख्या में इनकी मौत होना चिंताजनक है. 

कलेक्टरों की कार्यशैली पर CS अनुराग जैन नाराज, बोले- लोग आत्मदाह कर रहे, सिस्टम कहां है?

भोपाल ये बात मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को कही। जैन की यह नाराजगी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एजेंडों पर किए जा रहे एक्शन की समीक्षा के दौरान सामने आई। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि खनिज के अवैध परिवहन में लगे बिना नंबर प्लेट और टूटी-फूटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को राजसात करें। जितनी जल्दी हो, ऐसे वाहनों को नीलाम भी किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खनन अपराधों के पुराने केस निकाले जाएं। पता लगाएं कि किन मामलों में अब तक सजा हुई है और यदि सजा नहीं हुई है तो तुरंत औपचारिकता पूरी कर सजा दिलाने के प्रयास किए जाएं। सीएस जैन ने कहा- सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई सर्विस डिलेवरी का सशक्त माध्यम हैं। यहां आने वाले मामलों में प्रशासन को संवेदना के साथ काम करना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं और शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। सीएम हेल्पलाइन के शत-प्रतिशत प्रकरणों को अटेंड करने की कार्यवाही करें। जनसुनवाई में जहर, सीएस का सवाल मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन बुधवार को एकदम कड़े मूड में थे। कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सीधे पूछा कि जनसुनवाई में लोग जहर खा रहे हैं, आत्मदाह कर रहे हैं, तो यह कैसा सुशासन है? उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों पर पुलिस और प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। इसीलिए कोई भी आसानी से ट्रैक्टर या बाइक चढ़ाने की हिम्मत कर लेता है। यह हालत बदलनी ही होगी।सीएस ने साफ कहा कि कलेक्टर और एसपी की यह जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाए। ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों। खनन माफिया पर नई सख्ती मुख्य सचिव ने अवैध खनन और परिवहन पर बड़ा आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर एक भी गाड़ी बिना नंबर प्लेट या टूटी नंबर प्लेट के पकड़ी गई तो उसे सिर्फ जब्त नहीं किया जाएगा। उसे सीधे राजसात करके तुरंत नीलाम किया जाएगा। 104 हैंडपंप निजी कब्जे में होने पर नाराजगी जताई बैठक में पेयजल की समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अलग-अलग जिलों में 104 हैंडपंप निजी लोगों के कब्जे में हैं। सीएस जैन ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए कहा- ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई सरकारी हैंडपंप पर ही कब्जा कर ले। पानी सभी को मिलना चाहिए। संबंधित कलेक्टर ऐसे मामले में जल्द कार्यवाही कर जानकारी देंगे। इसके अलावा शहरों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश भी सीएस जैन ने कलेक्टरों को दिए। सिर्फ डीएपी नहीं, एनपीके के लिए भी दें टोकन खरीफ सीजन के लिए खाद वितरण की समीक्षा करते हुए सीएस जैन ने कहा- खाद का पर्याप्त भंडारण है। किसानों को ई-विकास पोर्टल के जरिये पंजीयन कर खाद देने का काम किया जाए। सिर्फ डीएपी के लिए ही टोकन न दें बल्कि एनपीके के लिए भी टोकन दें ताकि भीड़ की स्थिति न बने। जैन ने दुग्ध उत्पादन के लिए क्षीर धारा कार्यक्रम और नस्ल सुधार के कार्यक्रम भी ग्रामीण इलाकों में तेजी से चलाने के लिए कहा। पुल-पुलिया की मरम्मत कराने के निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- किसी भी जिले की प्रगति वहां होने वाले बैंक फाइनेंस से पता चलती है, कलेक्टर इसके लिए तेजी से काम कराएं। बारिश का मौसम आने वाला है, इसलिए पुल-पुलिया की मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा करा लिया जाए। बरगी क्रूज हादसे की घटना के मद्देनजर सीएस ने कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने जिले के जलाशयों में पहुंचने वाले पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। साथ ही पुराने खनन माफियाओं की फाइलें दोबारा खोलने का आदेश भी दिया गया है। यह देखा जाएगा कि किन मामलों में अब तक सजा नहीं हुई है। जहां भी सजा रुकी हुई हो, वहां तुरंत औपचारिकता पूरी करके सजा दिलाने की कोशिश की जाए। भोपाल-सिंगरौली कलेक्टर को फटकार राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान भोपाल कलेक्टर (आईएएस प्रियंक मिश्रा) को कड़ी फटकार लगाई गई है। जमीनों के नामांतरण और बंटान के मामलों में पेंडेंसी बढ़ती जा रही थी और समीक्षा भी नहीं हो रही थी। इस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की। वहीं सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल की भी जमकर क्लास लगाई गई। प्रदूषण, पेयजल संकट और कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिए जाने पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। सीएस अनुराग जैन ने एक बात और बिल्कुल साफ कर दी। उन्होंने कहा कि अब पुराने ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। हर जिले को अपनी अर्थव्यवस्था खुद खड़ी करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी। जनसुनवाई में लापरवाही नहीं चलेगी सीएस ने यह भी कहा कि लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में आम जनता के साथ संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। अगर ऐसा हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी। उन्होंने याद दिलाया कि इन तीनों माध्यमों से ही सरकार की छवि बनती और बिगड़ती है। औद्योगिक नीति की समीक्षा में कलेक्टरों को कहा गया कि अपनी नाकामी छुपाने के बजाय कृषि और उद्यानिकी से तालमेल बिठाकर जिले में औद्योगिक माहौल बनाएं। उन्होंने बताया कि जीएसडीपी (Gross State Domestic Product) में कृषि का हिस्सा 37 से बढ़कर 43 फीसदी हो गया है। वहीं, सिर्फ खेती से जिलों का पूरा विकास नहीं होगा, इसलिए उद्योगों पर भी ध्यान देना जरूरी है। ड्रग्स-नारकोटिक्स पर विशेष अभियान डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास फैले ड्रग्स के जाल को खत्म करके ड्रग फ्री जोन बनाया जाए। पोक्सो एक्ट और विस्फोटक अधिनियम का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। शांति भंग करने वाले और हुड़दंगियों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए। बैठक में कई और अहम फैसले बैठक में कई और जरूरी बातें भी सामने आईं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 104 सरकारी हैंडपंपों पर रसूखदार या निजी लोगों ने कब्जा कर रखा है। कलेक्टरों को आदेश दिया गया है कि तुरंत कब्जा हटाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें। नरवाई जलाने के मामले में लापरवाही पर जबलपुर और नरसिंहपुर के कलेक्टरों को भी फटकार लगाई गई। खरीफ सीजन में किसानों को खाद के टोकन सिर्फ डीएपी (Di-Ammonium Phosphate) के लिए नहीं, … Read more

ओबीसी आरक्षण पर नई जनगणना की मांग, ग्राम प्रधान संगठन ने उठाई आवाज

 लखनऊ यूपी में ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाए जाने के निर्णय पर जिलों व ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सरकार का आभार जताया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन नई जनगणना के आंकड़ों से ओबीसी आरक्षण तय करने की मांग कर रहा है। जल्द वह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग व राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपेगा। बुधवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने मांग की कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ओबीसी आरक्षण तय करना ठीक नहीं होगा। क्योंकि 15 वर्षों में ग्रामीण आबादी 78 प्रतिशत से घटकर 70 प्रतिशत रह गई है। आठ प्रतिशत आबादी स्थानांतरित हुई है। ऐसे में अब नई जनगणना के आंकड़ों से ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय किया जाए तो ठीक रहेगा। लखनऊ के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश सिंह व प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय हुआ है। पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया है। जिसकी लड़ाई प्रधानों ने मजबूती से लड़ी और सरकार के समक्ष तथ्यपूर्ण ढंग से अपनी बात रख यह आदेश कराया गया। मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड में पहले से यह व्यवस्था लागू है। अब राज्य, जिलों व ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित कर आभार जताया जाएगा। प्रधान योगी सरकार को चुनाव में रिटर्न गिफ्ट देंगे। संगठन सभी राज्यों में अपना विस्तार करेगा। देश भर के 2.50 लाख प्रधानों के लिए यूनिक वेलफेयर पॉलिसी तैयार कराएगा। 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का कार्यकाल हुआ खत्म यूपी में अब सभी 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों ने ग्राम पंचायतों के प्रशासक का पदभार संभाल लिया। अब पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह निवर्तमान ग्राम प्रधान व सचिव ग्राम पंचायत चलाएंगे। वहीं 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया है। सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में रूटीन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वह नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। नीतिगत निर्णय का प्रस्ताव जिला पंचायती राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति से ही यह पास हो सकेगा। प्रशासक समिति बनाए जाने की बजाए प्रधान को ही प्रशासक बनाए जाने के चलते सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। ऐसे शिक्षा व स्वास्थ्य समिति, स्वच्छता समिति, जल प्रबंधन समिति व निर्माण कार्य समिति के अध्यक्ष ग्राम पंचायत सदस्यों में से ही किसी को बनाया जाता है। सिर्फ प्रशासनिक व नियोजन एवं विकास समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान होता है।

सम्राट सरकार का सख्त वार: रिश्वत और जमीन घोटाले में कई CO पर एक्शन

 पटना बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप अंचलाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने काम में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले 14 अंचलाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके तहत इन पर आरोप पत्र गठित किया गया है। साथ ही इनके वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमित्ता पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। भ्रष्ट पदाधिकारी ठीक हो जाएं अन्यथा आगे भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। रिश्वत लेते गिरफ्तार पत्थरघट के पूर्व सीओ राकेश कुमार पर आरोप पत्र गठित करने का निर्णय लिया गया। पाटलिपुत्र के सीओ अनुज कुमार के एक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। मधेपुरा के घैलाढ़ सीओ रहे चंदन कुमार पर आरोप पत्र गठित किया गया है। ऑनलाइन जमाबंदी पंजी में बिना साक्ष्य रकबा जोड़ने के आरोप में बैकुंठपुर के सीओ पंकज कुमार पर आरोप पत्र गठित किया गया है। गलत ढंग से जमाबंदी कायम करने पर गुरारू के सीओ रहे संजीव कुमार त्रिवेदी की दो वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इसके साथ बालू के अवैध खनन मामले में पालीगंज के सीओ रहे राकेश कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। सुपौल की सीओ रहीं बुच्ची कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलेगी। गोपालपुर की सीओ रहे राजकिशोर शर्मा का 10 प्रतिशत पेंशन कटौती पांच वर्षों तक होगी। इधर गोपालगंज सदर के सीओ रजत कुमार वर्णवाल ने दाखिल-खारिज में एकरूपता नहीं रखी। इस कारण इन पर आरोप पत्र गठित किया गया है। एकमा के सीओ रहे अमलेश कुमार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है। चंडी की सीओ रहीं कुमारी आंचल ने अपील वाद के आदेश पर अमल नहीं किया। इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है। विभाग की ओर से लिए गए एरक्शन में बैरिया के सीओ रहे अनिल कुमार ने बीसी को ईबीसी में दिखाया तो इन पर आरोप पत्र गठित किया गया। साहेबपुर कमाल के सीओ रहे सतीश कुमार सिंह ने बाढ़ राहत की राशि में अनियमितता बरती। मुजफ्फरपुर जिले के कांटी की सीओ रहीं रिषिका को सस्पेंड किया गया था। उनके निलंबन को सरकार की स्वीकृति मिल गई है। रिषिका पर सरकारी जमीन एक खास व्यक्ति के नाम से दाखिल खारिज कर देने का आरोप लगा। डीएम के स्तर पर जांच के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की।

Tribune Chowk से Zirakpur बॉर्डर तक फ्लाईओवर प्रोजेक्ट मंजूर, जल्द शुरू होगी DPR की तैयारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त और जाम प्रभावित मार्गों में शामिल ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक लोगों को जल्द ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पोल्ट्री फार्म चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक प्रस्तावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी। अधिकारियों के अनुसार एनएच-05 पर ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए जीएमसीएच-32 चौक से सीधे जीरकपुर बॉर्डर तक एक ही फ्लाईओवर बनाना संभव नहीं था, क्योंकि पोल्ट्री फार्म चौक के पास रेलवे ओवरब्रिज पहले से मौजूद है। इसी वजह से परियोजना को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद योजना के तहत पहला फ्लाईओवर ट्रिब्यून चौक पर बनाया जाएगा, जबकि दूसरा रेलवे ओवरब्रिज के पास से शुरू होकर जीरकपुर बॉर्डर पर हाल ही में बने फ्लाईओवर तक जाएगा। इससे पोल्ट्री फार्म चौक, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट और पुराने एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। पूरा मार्ग होगा सिग्नल-फ्री फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक पूरा मार्ग सिग्नल-फ्री हो जाएगा। फिलहाल सुबह और शाम ऑफिस समय में इस रूट पर भारी जाम लगना आम बात है। सलाहकार एजेंसी मौजूदा सड़क ढांचे का अध्ययन कर विभिन्न डिजाइन विकल्पों का मूल्यांकन करेगी और तकनीकी व आर्थिक दृष्टि से सबसे उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक इधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें परियोजना को शहर की विरासत और मास्टर प्लान-2031 के विपरीत बताया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि मास्टर प्लान-2031 के तहत चंडीगढ़ को पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जाना है। फ्लाईओवर से शहर की दृश्य पहचान और गैर-मोटर चालित परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने अदालत में दलील दी कि मास्टर प्लान में फ्लाईओवर निर्माण की अनुमति है और केवल सेक्टर-1 से 30 तक का क्षेत्र हेरिटेज जोन में आता है। प्रशासन ने यह भी बताया कि पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए 5:1 अनुपात में 2,799 पेड़ लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। मई 2026 से शुरू होगा निर्माण प्रशासन के अनुसार ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर का ठेका सिंगला कंस्ट्रक्शन को 147.98 करोड़ रुपये में दिया गया है, जो अनुमानित लागत से करीब 31 प्रतिशत कम है। लगभग 1.6 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में रोटरी और अंडरपास भी शामिल होंगे। निर्माण कार्य मई 2026 में शुरू होकर अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में ट्रिब्यून चौक से प्रतिदिन करीब 1.43 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें अधिकांश यात्री वाहन शामिल हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद यहां लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।  

पूर्व विधायक ईश्वर सिंह पलाका बने सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन, हरियाणा सरकार का फैसला

चंडीगढ़. हरियाणा में बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य बनाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। सबसे पहले नियुक्ति हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी चयन आयोग में हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन करते हुए चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पूर्व विधायक ईश्वर सिंह पलाका को आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सरकार द्वारा जारी आदेशों में भारत भूषण टाक को वाइस-चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा आयोग में मोहित वाल्मीकि, जितेंद्र वाल्मीकि, रेखा रानी, संजीव घरू और चंदर प्रकाश बोस्ती को सदस्य नियुक्त किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक यह आयोग वर्ष 2017 में गठित हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के तहत कार्य करेगा। सरकार ने कहा है कि नियुक्त सदस्यों की सेवा शर्तें और अन्य नियम अलग से जारी किए जाएंगे। यह नियुक्तियां सामाजिक न्याय एवं सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से की गई हैं। आदेश 27 मई 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। हरियाणा सरकार की ओर से जल्दी ही कई बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्ष घोषित किया जा सकते हैं।

भुल्लर केस में बड़ा एक्शन, जांच पूरी होने तक 26 खातों से पैसे निकालने पर रोक

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने आदेश दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक भुल्लर से जुड़े सभी बैंक खाते फ्रीज रहेंगे। इसी केस में सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि अब सीबीआई के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है। इसी दौरान भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित घर समेत कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। प्रारंभिक जांच से जुड़ी अर्जी को मंजूरी सूत्रों के अनुसार, ईडी जल्द ही पंजाब के कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है। अदालत ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच (पीई) से जुड़ी अर्जी को भी मंजूरी दे दी है, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले विशेष अदालत ने डीआईजी भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें संज्ञान (कॉग्निजेंस) आदेश को चुनौती दी गई थी। जांच एजेंसी को कुछ नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई ने अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। CBI को अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली… DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले: CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले: CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्णु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। इसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्णु शारदा अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।  

तपिश से बेहाल लोग, तापमान 46°C के ऊपर; कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट लागू

अमृतसर. नौतपा की शुरुआत के बाद से ही पंजाब में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य का तापमान बीते 24 घंटों में 1.4 डिग्री बढ़ गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक माना जा रहा है। लेकिन आज से राज्य में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर देखने को मिलेगा, जिसका असर मिला जुला रहेगा। हिमाचल प्रदेश से सटे जिलों में जहां आज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राजस्थान से सटे जिलों में लू का अलर्ट है। मौसम विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार 28 से 31 जून तक पंजाब में 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही अलर्ट भी जारी किया गया है। अपेक्षित प्रभाव: पेड़ों की शाखाएं टूटना, बिजली के खंभों/टावरों पर बिजली गिरना, ओलों से फसलों, वाहनों और खिड़कियों को नुकसान होना तथा बिजली-पानी जैसी म्युनिसिपल सेवाओं में व्यवधान आना शामिल है। कम दृश्यता के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। सुझाव: किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें। खराब मौसम के दौरान लोग सुरक्षित इमारतों में रहें, पेड़ों और बिजली की लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि की स्थिति में अपने सिर की रक्षा करें। आज राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी 28 मई: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट है, जहां तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा), गरज-चमक की आशंकाएं हैं। शेष जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी है। 29 मई: इस दिन मौसम सबसे खराब रहेगा। पठानकोट, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली) और फतेहगढ़ साहिब में रेड अलर्ट है, जहां भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी बारिश व तेज हवाओं की चेतावनी है। दक्षिण-पश्चिमी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 30 मई: गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट के तहत गरज-चमक और तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा) का पूर्वानुमान है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट रहेगा। 31 मई: पूरे पंजाब में कोई चेतावनी नहीं है और मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में दर्ज पटियाला में 44.8 डिग्री, अमृतसर में 44.1 डिग्री और बठिंडा में 44.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लुधियाना का अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री और चंडीगढ़ का 43.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।