samacharsecretary.com

रांची में अक्टूबर के त्योहारों पर ट्रैफिक पुलिस अलर्ट, जाम-अतिक्रमण और गलत पार्किंग पर चलेगा अभियान

 रांची गणेश पूजा, करमा पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के साथ अक्टूबर में होने वाले क्रिकेट मैच को देखते हुए रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक यातायात की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान सभी यातायात थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को भीड़ और जाम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में आगामी त्योहारों और क्रिकेट मैच के दौरान संभावित यातायात दबाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक यातायात ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ब्लैक शीशा से लेकर नशे में ड्राइविंग तक पर होगी कार्रवाई यातायात पुलिस ब्लैक शीशा, फैन्सी नंबर प्लेट, मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न, रेस ड्राइविंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगी। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आटो और टोटो चालकों के यूनिफार्म में नहीं रहने तथा नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। नंबर प्लेट पर टेप लगाने वालों पर विशेष नजर वाहनों की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर नंबर छिपाने या नंबर प्लेट पर गलत तरीके से नंबर लिखने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यातायात पोस्ट के आसपास की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि कई स्थानों पर लेफ्ट फ्री रहने के बावजूद वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनती है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से आटो और टोटो खड़े करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यातायात थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर ऐसी स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए निगम के साथ समन्वय सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान, ठेला या अन्य सामान लगाने से यातायात प्रभावित होने वाले स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस रांची नगर निगम की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाएगी। बारिश के कारण जिन स्थानों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है, वहां यातायात थाना प्रभारी भ्रमणशील रहेंगे। जरूरत के अनुसार क्यूआरटी और अभियान टीम को भी लगाया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति बनने पर तत्काल यातायात सामान्य कराया जा सके। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विशेष निगरानी स्कूलों के शुरू होने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में विशेष रूप से भ्रमणशील रहेगी। इस दौरान स्कूलों के आसपास यातायात सुचारु रखने के साथ चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक यातायात प्रथम और द्वितीय, सभी यातायात थाना प्रभारी एवं यातायात शाखा के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक यातायात ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

दिल्ली PG बिल्डिंग हादसे में बड़ा अपडेट, आरोपी शुभम त्यागी गिरफ्तार; पुलिस करेगी पूछताछ

नई दिल्ली  सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के मामले में फरार चल रहे PG ऑपरेटर शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे हादसे की वजह और PG के संचालन से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए रिमांड मांगी। दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी अदालत ने त्यागी को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। हादसे के बाद से त्यागी फरार था। पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही थी। उसकी अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी थी। इसके एक दिन बाद उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी से करेगी ये पूछताछ अब पुलिस त्यागी से PG के रोजमर्रा के संचालन को लेकर पूछताछ करेगी। वहां कितने लोग रहते थे? उनकी जानकारी कैसे दर्ज की जाती थी? प्रॉपर्टी का लीज एग्रीमेंट क्या था? इमारत में मरम्मत या निर्माण का काम किसके कहने पर चल रहा था? इन सभी पहलुओं की जांच होगी। पुलिस ने त्यागी का मोबाइल फरेंसिक जांच के लिए भेजा है। क मंजिल किराए पर लेकर चलाया था PG इससे हादसे के आसपास की उसकी बातचीत और संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। सह-आरोपी सुधांशु लोवनीश के मोबाइल का भी डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है। लोवनीश पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, त्यागी और लोवनीश ने प्रॉपर्टी मालिक हरिराम गुप्ता से एक मंजिल किराए पर लेकर PG चलाया था। बिल्डिंग की जांच कर रही पुलिस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें हरिराम बंसल (81), उनकी पत्नी उर्मिला बंसल (75), उनके बेटे महेश बंसल, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार और दोनों PG ऑपरेटर शामिल है। जांच में इमारत में चल रहे मरम्मत के काम पर भी फोकस है। हादसे के समय बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक लाने के लिए उसमें भराव किया जा रहा था। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या किसी स्ट्रक्चरल बदलाव या सुरक्षा नियमों की अनदेखी से इमारत कमजोर हुई। कॉन्ट्रैक्टर ने मालिकों को दी थी चेतावनी पुलिस के मुताबिक, इमारत में एक दुकान की दीवार गिराए जाने के बाद कॉन्ट्रैक्टर ने मालिक और PG ऑपरेटरों को स्ट्रक्चरल सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी। हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया। दिल्ली पुलिस ने शहर के दूसरे PG की भी जांच शुरू की है।

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण तकनीकी अड़चनों के बीच फँसा आधार हुआ अपडेट, 75 वर्षीय वासुदेव गुप्ता को मिली राहत, खुले शासकीय योजनाओं के द्वार रायपुर,  पहचान का एक छोटा-सा दस्तावेज किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय श्री वासुदेव गुप्ता का प्रकरण है। पहचान पत्र न बन पाने के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा था। किन्तु  यह बदलाव तब संभव हुआ जब प्रशासन की संवेदनशील सोच ने सेवा संकल्प का प्राथमिकता में रखकर कार्य किया। चार वर्षों की लंबी भागदौड़ और संघर्ष        आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक की पहचानए वित्तीय लेन.देन और सरकारी योजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। बीते चार वर्षों के दौरान श्री वासुदेव गुप्ता ने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र के चक्कर काटे और कई बार नामांकन भी करवाया। हालांकि, जब भी वे पावती से स्थिति की जांच करवाते, तो हर बार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इस समस्या के समाधान और पहचान संख्या प्राप्त करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक की दौड़ लगाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लगातार आ रही इन बाधाओं के चलते उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूटने लगी थीं। प्रशासन की संवेदनशील पहल और त्वरित समाधान       इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों की ऐसी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला टीम तथा संबंधित तकनीकी कार्यालयों (ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ) ने तकनीकी अड़चनों की गहराई से पड़ताल की। आपसी समन्वय से समाधान का मार्ग निकालते हुए अंततः श्री गुप्ता का दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया। खुले शासकीय और जनकल्याणकारी योजनाओं के द्वार        दस्तावेज के तैयार होते ही वृद्ध कृषक के लिए शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के रास्ते खुल गए हैं। इसके अपडेट होने से अब श्री वासुदेव गुप्ता एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सुगमता से धान विक्रय करने और अन्य कृषि-हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवायसी, बैंकिंग सेवाओं तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल प्राप्त होगा। प्रशासन की दूरदर्शी सोच          जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल एक अकेले प्रकरण के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करना है जहाँ पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी भी पात्र हितग्राही के अधिकारों के आड़े न आएं। इस दिशा में नामांकन व अपडेशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के तहत पूरा करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस संवेदनशील दृष्टिकोण से दूरस्थ अंचलों और वृद्धजनों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, जो कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हुआ भव्य सामूहिक गृह प्रवेश, नए घरों की चौखट पर खिले हितग्राहियों के चेहरे पक्का आवास परिवार की सुरक्षा और सम्मान का आधार रायपुर,   छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीण विकास और आवासहीन जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल 2026 से अब तक पूर्ण हुए कुल 6 हजार 968 नवनिर्मित आवासों का भव्य एवं सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम 11 सितंबर 2026 को पूरे जिले में बेहद उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान से पहले हजारों परिवारों का अपने पक्के घर में प्रवेश करना जिले के लिए एक विशेष उपलब्धि बन गया है। परंपरागत रीति-रिवाज के साथ सौंपी गई चाबियां        बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सभी विकासखंडों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा-अर्चना के साथ हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं। वर्षों तक कच्चे मकानों और झोपड़ियों में जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक और गौरव से भरा हुआ था। विकासखंडवार पूर्ण हुए आवासों की स्थिति       प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकासखंड रामचन्द्रपुर में 2,276 आवास, विकासखंड वाड्रफनगर 1 हजार 772 आवास, विकासखंड कुसमी 1 हजार 215 आवास, विकासखंड बलरामपुर 1 हजार 142 आवास, विकासखंड राजपुर 353 आवास और विकासखंड शंकरगढ़ 210 पक्का आवास पूर्ण कराए गए हैं। *पक्का आवास सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य का आधार *        गृह प्रवेश करने वाले सभी हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि पक्का आवास केवल ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि हर पात्र परिवार को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास मिले और शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने हितग्राहियों को आवास के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए और श्सेवा संकल्प अभियानश् की तैयारियां समय पर सुनिश्चित हों। प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार       सेवा संकज्प के इस अवसर पर लाभान्वित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी संकल्प और आमजन के हित में उठाए जा रहे कदमों के कारण ही आज उनका अपने पक्के घर का सपना साकार हो सका है। हितग्राहियों ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और विकसित भारत 2047 के सपने में अपनी सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।        प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन और मैदानी अमले की लगातार निगरानी के चलते सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए गए हैं। पक्की छत मिलने से गदगद परिवारों ने मुख्यमंत्री विश्णुदेव साय का और शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है, वहीं प्रशासन ने भी बाकी बचे स्वीकृत आवासों को जल्द और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की बात दोहराई है।

चंडीगढ़ के खिलाड़ियों का जलवा, 29 स्केटर्स भारतीय टीम में शामिल; 2 अक्टूबर से विश्व मुकाबले

चंडीगढ़. पराग्वे की राजधानी असुनसियोन में दो से 18 अक्टूबर तक होने वाले पांचवें विश्व स्केट खेलों में चंडीगढ़ के 29 स्केटर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयनित खिलाड़ियों में 15 बेटियां हैं। ये खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों में रोलर हाॅकी और इनलाइन हाॅकी स्पर्धाओं में देश के लिए पदक की दावेदारी पेश करेंगे। रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से चंडीगढ़ में 30 और 31 अगस्त को चयन ट्रायल कराए गए थे। ट्रायल के लिए देशभर से 250 से अधिक स्केटर्स ने पंजीकरण कराया था। रोलर और इनलाइन हॉकी के ट्रायल सेक्टर-10 स्थित स्केटिंग रिंक में हुए। वहीं, स्केटबोर्डिंग और फ्रीस्टाइल के ट्रायल सेक्टर-17 स्केट पार्क में आयोजित किए गए। खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की अधिकारी खुशबू सोनी को ट्रायल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ने ट्रायल के आयोजन और समन्वय में अहम भूमिका निभाई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण वालिया ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि चंडीगढ़ ने एक बार फिर रोलर और इनलाइन हाकी में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। महासचिव एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरप्रीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारियां जारी हैं और जल्द प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। संयुक्त सचिव सनन महाजन ने कहा कि 15 बेटियों का चयन महिला स्केटिंग की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। ये खिलाड़ी हुए चयनित रोलर हॉकी जूनियर लड़के: नितिन, ध्रुव, इकजोत, सार्थक, अखिलेश। रोलर हॉकी सीनियर महिलाएं: अन्वी, अनूप, पंकिता, दिवलीन, प्रांजल, सांची, पुन्नया, दिवनूर। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़के: पारसप्रीत, आयु, मौर्या, जसराज, पार्थ, स्तव्य, आरव, स्वस्तिक, नियाम। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़कियां: दिशा, एंजल, स्मायरा, तन्वी, अवंतिका, दिया, जैस्मिन।

भोपाल में नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का भव्य दीक्षांत समारोह, ICAI शाखा ने किया आयोजन

आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स हेतु भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन भोपाल द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की भोपाल शाखा (सीआईआरसी) द्वारा आज कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, मिंटो हॉल, भोपाल में मई 2026 बैच के नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए भव्य दीक्षांत समारोह का सफल आयोजन किया गया। यह समारोह उत्साह, गौरव एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा, जिसमें नवनिर्मित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। समारोह में लगभग 56 नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उनके गौरवान्वित माता-पिता एवं परिवारजनों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दो अखिल भारतीय रैंक धारकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी नव-सीए को पेशे के प्रति निष्ठा, ईमानदारी, नैतिकता एवं उत्कृष्टता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईएएस श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग एवं आयुक्त, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, मध्य प्रदेश रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में नव-चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अपने पेशेवर जीवन में पारदर्शिता, ईमानदारी एवं नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। समारोह में सीए अभय छाजेड़, केंद्रीय परिषद सदस्य एवं दीक्षांत समन्वयक, विशेष रूप से उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह का औपचारिक उद्घाटन आईसीएआई अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी. एवं उपाध्यक्ष सीए मंगेश पी. किनारे द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। दोनों पदाधिकारियों ने अपने संदेश में नव-चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे की प्रतिष्ठा एवं गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआई भोपाल शाखा के पदाधिकारियों द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सीए आदित्य पी. श्रीवास्तव — चेयरमैन, आईसीएआई भोपाल शाखा; सीए प्रदीप मूत्रेजा — वाइस चेयरमैन; सीए अभिषेक जैन — सचिव; सीए नंदन नरुला — कोषाध्यक्ष; सीए पीयूष चतर — चेयरमैन, CICASA; सीए सुचिता गोयल — शाखा कार्यकारिणी सदस्य, सहित शाखा के पूर्व चेयरमैन सीए अर्पित राय, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, शाखा पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इस विशेष दीक्षांत समारोह का देशभर के 23 शहरों में एक साथ लाइव प्रसारण किया गया, जिससे यह आयोजन और भी व्यापक एवं प्रभावशाली बना। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने युवा पेशेवरों को अपने ज्ञान, कौशल एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। समारोह के अंत में आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग एवं सहभागिता से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं यादगार बन सका।  

छत्तीसगढ़ में जमीन के इस्तेमाल पर सख्ती, कृषि भूमि पर मॉल और रिहायशी इलाकों में गोदाम-कबाड़खाने नहीं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में जमीन के इस्तेमाल का पूरा नियम बदलने की तैयारी है। सरकार ने भूमि विकास से जुड़े मौजूदा नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया है। किसी लैंड यूज में कौन-कौन से काम नहीं किए जा सकेंगे, प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तय कर दी गई है। यानी जमीन के उपयोग की श्रेणी के हिसाब से यह तय होगा कि वहां कौन-सा निर्माण या गतिविधि नहीं की जा सकती। आवास एवं पर्यावरण विभाग से जारी ड्राफ्ट में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, परिवहन, मनोरंजन और कृषि समेत 7 तरह के लैंड यूज के लिए अलग-अलग प्रतिबंध प्रस्तावित किए गए हैं। अभी यह प्रस्ताव है, अंतिम नियम नहीं है। इस पर 23 सितंबर तक आपत्ति-सुझाव दे सकते हैं। जमीन की श्रेणी और नए प्रतिबंध आवासीय भूमि : हरित, नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, गोदाम, कबाड़खाने, बूचड़खाने संक्रामक रोग अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल, धोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम व ज्वलनशील पदार्थ व गैस भंडारण, पशुपालन, मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, दाह संस्कार कनिस्तान और खनन गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी। व्यावसायिक भूमि : नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, खतरनाक- विषाक्त रसायन व विस्फोटक भंडारण, पशु-मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री, दाह संस्कार कब्रिस्तान और खनन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। औद्योगिक भूमि : कर्मचारी आवास और डॉरमेट्री को छोड़कर आवासीय टाउनशिप नहीं बन सकेगी। सार्वजनिक व अर्ध- सार्वजनिक भूमि: कर्मचारी आवास छोड़कर टाउनशिप, पोल्ट्री और गोदाम प्रतिबंधित होंगे। परिवहन भूमि : आवासीय बस्तियां, खतरनाक रसायन भंडारण, असंगत वाणिज्यिक गतिविधियां, नारंगी लाल-नीले उद्योग पर रोक रहेगी। आमोद-प्रमोद भूमि: आवासीय बस्तियां, सभी उद्योग, वाणिज्यिक परिसर, प्रदूषणकारी गतिविधियां, खनन, डेयरी और दाह संस्कार – कनिस्तान प्रतिबंधित होंगे। कृषि भूमि: अफोर्डेबल हाउसिंग और इंटीग्रेटेड टाउनशिप को छोड़कर बड़े मॉल प्रतिबंधित रहेंगे। क्या कहते हैं मुख्यमंत्री और मंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों, निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी। वहीं मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। इससे बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।

Indore 311 App: प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े 21 सुधार के लिए घर बैठे कर सकेंगे आवेदन

इंदौर  इंदौर नगर निगम द्वारा जारी इंदौर 311 एप पर संपत्तिकर संबंधी नई आनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे संपत्तिकर संबंधी दावे-आपत्ति एवं शिकायत दर्ज करने, अपनी संपत्ति का खुद असेसमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा की स्वयं की संपत्ति के संपत्तिकर खाते में आवश्यक सुधार हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस एप में अब शिकायत एवं आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग भी हो सकेगी। शिकायतकर्ता जान सकेगा कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है या शिकायत किस अधिकारी के पास जांच के लिए है। प्रॉपर्टी टैक्स पर दावे-आपत्ति के सहित 21 तरह के सुधार के झोन या नगर निगम कार्यालय जाने की जरूरत नहीं रहेगी। कई काम आसानी से घर बैठे मोबाइल एप के जरिए हो जाएंगे। प्रॉपर्टी का आकलन खुद कर सकेगा मालिक मोबाइल एप के जरिए संपत्ति के मालिक अब खुद ही प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन कर सकते हैं। इसमें उसे प्रॉपर्टी सेल्फ असिसमेंट का ऑप्शन चुनकर इसमें मांगी गई जानकारिया दर्ज कर फार्म को सबमिट करना होगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स में दोव और आपत्तियों की शिकायत भी इसी एप के जरिए दर्ज कराई जा सकेगी। अधिकारियों ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे अब निगम के दफ्तर आने की जगह घर बैठे ही मोबाइल एप के जरिए इन सुविधाओं का उपयोग करें। एप में सबसे खास बात यह है कि लोग आपत्ति दर्ज कराने के साथ उसे ट्रैक भी कर सकेंगे। एक कॉल में मिलेंगे महापौर यदि आप नगर निगम की कोई भी सेवा से परेशान है जैसे, स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट,  प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं के लिए परेशान हैं, तो 311 एप आप के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. इसके जरिए आप घर बैठे अपनी किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं. इतना ही नहीं यहां आपको मेयर हेल्पलाइन पर सीधे महापौर तक अपनी समस्या पहुंचाने का मौका भी मिलेगा. इसके लिए आपको एक कंप्लेंट नंबर दिया जाएगा साथ ही आपके पास कॉल बैक भी आएगा. इसके लिए टोल फ्री नंबर 18002331311 भी जारी किया गया है।  एप पर शिकायत और फीडबैक दोनों दे सकते हैं Indore 311 App की खास बात ये है कि यहां आप शिकायत के अलावा अपना फीडबैक भी दे सकते हैं. इसके लिए आप अपनी समस्या की कैटेगरी चुनकर फोटो सहित रिपोर्ट करें और कंप्लेंट नंबर  सेव कर लें. यह एप में भी सेव रहता है. यहां आपको निगम की नई जानकारियां और नोटिस भी मिल जाएंगे. यदि कोई कर्मचारी आपसे सही बर्ताव नहीं करता है तो इसके लिए भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इस एप पर इंदौर म्युनिसिपल कमिश्नर और महापौर दोनों नजर रखते हैं।  एप इंदौर 311 क्या है? इंदौर 311 एप लोगों की सुविधाओं के लिए लाया गया है. इस एप के जरिए आप स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट, प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं का समाधान सिर्फ एक कॉल के जरिए कर सकते हैं. इस एप की खास बात ये है कि इसके जरिए आप सीधे समुदाय के नेताओं के साथ संवाद कर सकते हैं. इंदौर 311 एप को नागरिक सेवाओं के उपयोग को आसान बनाने के लिए बनाया गया है।   

उज्जैन में हजारों करोड़ के घटिया निर्माण का मुद्दा गरमाया, सांसद ने गडकरी से मांगी सख्त कार्रवाई

उज्जैन  सिहंस्थ-2028 से पहले उज्जैन में हजारों करोड़ के निर्माण कार्यों के घटिया निर्माण उजागर हो गए। शहर को राजस्थान और दिल्ली से जोड़ने के लिए 4 हजार करोड़ रुपए से बनाए देवास-बदनावर और उज्जैन-गरोठ दोनों हाईवे अभी से ही खराब हो गए। घटिया निर्माण सामने आते ही सांसद अनिल फिरोजिया ने भी मोर्चा खोल दिया। दिल्ली में सांसद फिरोजिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। 2600 करोड़ रुपए से बन रहे उज्जैन-गरोठ और 1400 करोड़ से बने देवास-बदनावर हाइवे में निर्माण की गुणवत्ता संबंधी हकीकत बताई। सांसद ने गड़करी को बताया कि देवास-बदनावर हाईवे को अभी 3 साल ही हुए है, पिछले एक साल से वह लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है। उज्जैन-गरोठ हाईवे तो अभी निर्माणाधीन है। लोकार्पण से पहले ही यह हाइवे धंसने लगा है। सांसद दोनों हाईवे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। केंद्रीय मंत्री को उज्जैन-गरोठ व देवास-बदनावर दोनों हाईवे की गुणवत्ता से अवगत करा दिया है। उन्होंने जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात की है। – अनिल फिरोजिया, सांसद सिंहस्थ से पहले उज्जैन में बड़ा सड़क विस्तार, शक्तिपीठ मार्ग होगा 15 मीटर चौड़ा; 136 दुकानें टूटेंगी  धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ (Ujjain Simhastha 2028) तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए हुए अब गुदरी चौराहा से हरसिद्धि की पाल तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी है। इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसमें 136 दुकान मुकान प्रभावित होंगे। गुदरी चौराहा से पानदरिया होते हुए हरसिद्धि पाल यातायात तक लगभग 570 मीटर लंबा मार्ग पुराने शहर के यातायात के साथ महाकाल सवारी मार्ग का प्रमुख हिस्सा है। सिंहस्थ में प्रबंधन के मान से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नगर निगम अब इसे 15 मीटर चौड़ा करेगा। करीब 14 करोड़ की लागत से मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मंगलवार को निगम ने वर्तमान रोड के मध्य से नपती व भवनों के प्रभाविता हिस्सों पर मार्किंग का काम शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से प्रस्तावित सड़क की सीमा निर्धारित करने के साथ ही प्रभावित भवनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। भवन निरीक्षक सौम्या चतुर्वेदी और निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग की मार्किंग की। इस मार्ग से निकलती है सिंहस्थ में पेशवाई पाल मार्ग गुदरी चौराहा से हरसिद्धि पाल पुराने शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। बाबा महाकाल की सवारी के साथ सिंहस्थ के दौरान पेशवाई भी इसी मार्ग से होकर गुजरती है। इस कारण सिंहस्थ तैयारियों के चलते इस मार्ग का विशेष महत्व है। रामघाट व हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र की ओर आने जाने वाले श्रद्धालुओं व लोगों के लिए भी यह प्रमुख संपर्क मार्ग है। सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन है उद्देश्य सिंहस्थ-2028 के दौरान महाकाल क्षेत्र से रामघाट की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन् को सुगम बनाना और भीड़ प्रबंधन के लिए मार्ग की क्षमता बढ़ाना। अप्रैल 2026 में हुई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति अलावा की बैठक में इस मार्ग के चौड़ीकरण के साथ सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इसी बैठक में गुदरी हरसिद्धि पाल मार्ग के अलावा बबई वाले की धर्मशाला से दानी गेट, शिंदे नर्सिंग होम से नीलगंगा, गौतम मार्ग से तिलकेश्वर, अंकुपात् से मंगलनाथ और महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर होते हुए कमरी मार्ग सहित कई सड़कों के चौड़ीकरण, निर्माण को मंजूरी दी थी। 22 कार्यों के लिए 2,923.84 करोड़ की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने इन सिंहस्थ संबंधी कार्यों को 2027 की दीपावली तक पूरा करने के निर्देश दिए है।

मरीजों और मेडिकल छात्रों को बड़ी सौगात, यूपी में 65 परियोजनाओं पर खर्च होंगे 1,606 करोड़

 लखनऊ  प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज और मेडिकल छात्रों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शुरू करने जा रहा है। इनमें 21 परियोजनाओं का जल्द लोकार्पण होगा, जबकि 44 परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है। लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं में किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, नई परियोजनाओं में ट्रामा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, लेक्चर थिएटर और अन्य जरूरी सुविधाओं का निर्माण होगा।  48.15 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित सबसे बड़ी परियोजना लखनऊ स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड के अस्पताल भवन की है। इसके निर्माण पर 855.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौजूदा लेवल-2 ट्रामा सेंटर को 100 बेड के लेवल-1 ट्रामा सेंटर में विकसित किया जाएगा। इस पर 48.15 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। बाल रोग विभाग में एमसीएच सेंटर के निर्माण पर 34.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कानपुर में 49.40 करोड़ रुपये से संक्रामक रोग चिकित्सालय, गोंडा में 9.93 करोड़ रुपये से नर्सिंग कॉलेज और झांसी में लेक्चर थिएटर, पुस्तकालय, परीक्षा हाल व छात्रावास विकसित किए जाएंगे। अयोध्या, बस्ती, जौनपुर, मिर्जापुर, एटा और कुशीनगर समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी अस्पताल और कैंपस सुविधाओं का विस्तार होगा।