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दर्दनाक सड़क हादसा: कैंची धाम जा रही कार पलटी, 4 दोस्तों ने गंवाई जान

 बाराबंकी बाराबंकी में सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने कुछ ही सेकंड में खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया. कैंची धाम जा रहे सात दोस्तों की इनोवा कार तेज रफ्तार ट्रेलर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग चीख तक नहीं पाए. हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।  यह हादसा हैदरगढृ कोतवाली क्षेत्र के भिखरा गांव के पास देर रात करीब 2:50 बजे हुआ. रात के सन्नाटे में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी तो आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए. हाईवे पर पहुंचते ही सामने का मंजर देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार इनोवा कार सुल्तानपुर से लखनऊ की तरफ जा रही थी. उसी दौरान आगे चल रहे ट्रेलर से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि इनोवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया और अंदर बैठे लोग उसमें फंस गए. हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।  कैंची धाम जा रहे थे सभी दोस्त बताया जा रहा है कि इनोवा में सवार सभी लोग कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे थे. सफर हंसी-मजाक और उत्साह के साथ शुरू हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी. हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई, उनकी पहचान हादसे में मृतकों की पहचान राहुल कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी मुगलसराय, जनपद चंदौली, राहुल सिंह पुत्र अजय प्रताप निवासी गैबीपुर, जनपद गाजीपुर, सत्यम सिंह पुत्र स्वर्गीय तेज प्रताप सिंह निवासी रामपुर रसड़ा, जनपद बलिया तथा सूरज यादव निवासी गाजीपुर के रूप में हुई है. चारों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया. कई घरों में रातभर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं।  घायल युवकों की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए पंकज, प्रशांत और चंदन सिंह को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि घायलों में कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।  पुलिस ने काटकर निकाले शव हादसा इतना भयावह था कि कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो चुका था. कई लोगों को लोहे को काटकर बाहर निकाला गया. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कार सीधे किसी दीवार से टकरा गई हो।  रात 3 बजे पहुंची पुलिस हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे ने बताया कि रात करीब 3 बजे हादसे की सूचना मिली थी. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया. उन्होंने बताया कि चार लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल थे. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हादसे की बड़ी वजह तेज रफ्तार हो सकती है. देर रात हाईवे लगभग खाली था और संभवतः इनोवा की स्पीड काफी ज्यादा थी. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. ट्रेलर चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम भीषण टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका. कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए थे. हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, परिवारों में चीख-पुकार मच गई. किसी घर का बेटा चला गया तो कहीं दोस्त हमेशा के लिए बिछड़ गए. जिन परिवारों ने अपने बच्चों को धार्मिक यात्रा पर भेजा था, उन्हें क्या पता था कि सुबह उनके घर मातम की खबर पहुंचेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय इनोवा की स्पीड कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई. वहीं घायलों का इलाज जारी है और परिवार के लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। 

महिला हॉकी को नई ऊंचाई देने वाले बलदेव सिंह हुए पद्मश्री से सम्मानित

शाहाबाद/चंडीगढ़. हरियाणा की खेल नगरी शाहाबाद के लिए आज गर्व का ऐतिहासिक पल रहा, जब द्रोणाचार्य अवार्डी हाकी कोच बलदेव सिंह को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। जैसे ही यह सम्मान उन्हें मिला, पूरे शाहाबाद और खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय महिला हाकी को नई पहचान दिलाने वाले बलदेव सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से नवाजा जाना हरियाणा के लिए भी गौरव की बात है। गौरतलब है कि बलदेव सिंह ने उस दौर में शाहाबाद में महिला हाकी की नींव मजबूत की, जब बेटियों का खेलों में आगे बढ़ना आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और तमाम सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने गांव-गांव से प्रतिभाएं खोजीं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया। उनकी मेहनत और समर्पण ने शाहाबाद को भारतीय महिला हाकी की सबसे बड़ी नर्सरी बना दिया। उनकी कोचिंग में तैयार हुई रानी रामपाल, नवनीत कौर, जसजीत कौर, राजवींदर कौर, जायदीप कौर, रितु रानी, सुमन बाला जैसी खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इनमें से कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली। उनके द्वारा तैयार खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कामनवेल्थ गेम्स और विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। मिठाई बांट कर मनाई खुशी शाहाबाद में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। खिलाड़ियों ने कहा कि यह सम्मान केवल बलदेव सिंह का नहीं, बल्कि उन सभी बेटियों की मेहनत का सम्मान है, जिन्हें उन्होंने तराश कर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद बलदेव सिंह एक बार फिर साबित कर चुके हैं कि सच्चा गुरु वही होता है, जो अपनी मेहनत से साधारण प्रतिभाओं को असाधारण पहचान दिला दे। शाहाबाद की मिट्टी से निकले इस महान कोच ने भारतीय हाकी को जो विरासत दी है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।

वोटिंग के दौरान ED रेड से हड़कंप, रॉयल एस्टेट दफ्तर में दस्तावेज खंगाले जा रहे

चंडीगढ़. पंजाब नगर परिषद चुनाव के बीच जीरकपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर स्थित रॉयल एस्टेट के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छापेमारी किए जाने की सूचना है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और राजनीतिक व कारोबारी हलकों में हलचल मच गई है। मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब साढ़े सात बजे से रॉयल एस्टेट कार्यालय में मौजूद है और वहां रखे दस्तावेजों, रिकॉर्ड तथा अन्य जरूरी कागजातों की जांच-पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम द्वारा विभिन्न दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और मामले से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। कांसल परिवार से जुड़ा मामला भरोसेमंद सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई रॉयल एस्टेट के मालिक प्रवीण रोकी कांसल और नीरज कांसल से जुड़े मामलों को लेकर बताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक ईडी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का यह भी दावा है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित प्रवीण कांसल के आवास पर भी ईडी की टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। चुनावों के बीच कार्रवाई पर उठे सवाल इस रेड को लेकर ईडी की तरफ से आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। चुनाव के दौरान हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें ईडी की आधिकारिक जानकारी और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

भीषण तापमान बना जानलेवा, छत्तीसगढ़ में सैकड़ों चमगादड़ों ने तोड़ा दम

कांकेर. छत्तीसगढ़ में आसमान से बरस रही आग से वन्यजीवों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है. कोरबा के बाद अब कांकेर जिले के सरोना गांव में हीट स्ट्रोक के कारण 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. अब नौतपा में कांकेर में हीटवेव के अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है. जानकारी के मुताबिक, सरोना गांव में बड़ी संख्या में चमगादड़ों के मरने की घटना सामने आई है. ग्रामीणों के मुताबिक कई चमगादड़ पेड़ों से अचानक नीचे गिरने लगे और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. रोजाना सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो रही है और 2 से 4 दिनों के भीतर करीब 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. वही विशेषज्ञ इसे भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक का असर मान रहे हैं. लगातार बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ वन्यजीवों पर ही नहीं बल्कि इंसानों की सेहत पर भी पड़ रहा है. जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं. बता दें कि हाल ही में कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत नौकोनिया तालाब के आसपास लगे बड़े पेड़ों पर रहने वाले सैंकड़ों चमगादड़ रविवार को अचानक पेड़ों से सीधे जमीन पर गिरने लगे. एक साथ इतनी संख्या में चमगादड़ों की मौत से इलाके के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है.

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र का आश्वासन, जिमखाना क्लब को बलपूर्वक खाली नहीं कराया जाएगा

 नई दिल्ली दिल्ली जिमखाना क्लब मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है. सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब की जगह पर जबरदस्ती कब्जा नहीं करेगी. अगर क्लब 5 जून तक जमीन खाली नहीं करता है, तो वह कानून के तहत सही प्रक्रिया का पालन करेगी।  सरकार ने यह बात क्लब की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कही, जिसमें क्लब के सदस्यों की तरफ से सरकार के आदेश को चुनौती दी थी. सरकार ने लुटियंस दिल्ली में 2, सफदरजंग रोड पर स्थित 27.3 एकड़ की संपत्ति को रक्षा और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए खाली करने का निर्देश दिया गया था।  केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि 5 जून की तारीख क्लब को सिर्फ इसलिए दी गई थी, जिससे वे अपनी मर्जी से जगह खाली कर सकें।  5 जून को जगह नहीं खाली हुई तो…? मेहता ने कहा, "हम कानून के मुताबिक ही कब्जा लेंगे. 5 जून वह तारीख है, जब हमने उन्हें अपनी मर्जी से जगह खाली करने का विकल्प दिया है।  तुषार मेहता ने कहा, "मान लीजिए अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो ऐसा नहीं होगा कि पुलिस तुरंत अंदर घुस जाएगी और जबरदस्ती कब्जा कर लेगी. सार्वजनिक जगहों से बेदखली के संबंध में कानून के तहत जो प्रक्रिया तय है, उसी का पालन किया जाएगा।  इसके बाद कोर्ट ने सवाल किया कि क्या वह केंद्र सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर ले सकती है, जिस पर मेहता ने 'हां' में जवाब दिया।  जमीन छिन जाने के बाद कहां चलेगा क्लब? सुनवाई के दौरान, अदालत ने याचिकाकर्ताओं (क्लब के सदस्य) से यह भी कहा, "भले ही जमीन ले ली जाए, आपकी सदस्यता बनी रहेगी. आप पट्टेदार नहीं हैं।  मेहता ने आगे कहा कि दिल्ली जिमखाना को उसके परिसर के लिए कोई वैकल्पिक जगह दी जाएगी। 

‘नो PUCC, नो फ्यूल’! हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से लागू होगी नीति

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीक आधारित कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. सरकार ने फैसला लिया है कि 1 अक्टूबर 2026 से जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा. यह नियम एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू किया जाएगा. हरियाणा में प्रदूषण कम करने के लिए ​ पर जोर प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है. इसके तहत सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. सरकार ईवी नीति के तहत करेगी काम सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक एनसीआर के प्रमुख शहरों में 925 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है. इनमें से 575 बसों के खरीद आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं. गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, करनाल, रोहतक और सोनीपत में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार ईवी नीति के तहत लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है. बिना PUC वाले वाहनो की जाएगी पहचान प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी. सरकार ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लागू कर रही है, जिससे बिना PUC वाले वाहनों की पहचान की जा सकेगी. परिवहन विभाग ने पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ रोजाना कार्रवाई करने का लक्ष्य तय किया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट उद्योगों की निगरानी भी अब पहले से ज्यादा सख्त होगी. हरियाणा में 1349 उद्योगों को ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है. इनमें से अधिकतर इकाइयों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट किया जा चुका है . सरकार सितंबर 2026 तक नए उत्सर्जन मानकों को पूरी तरह लागू करने की तैयारी कर रही है . अवैध और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान के लिए नया सर्वे भी कराया जाएगा. सरकार का लक्ष्य वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए राज्य में नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन भी लगाए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य 30 सितंबर 2026 तक सभी जरूरी स्टेशन चालू करने का है, ताकि प्रदूषण वाले क्षेत्रों की समय पर पहचान की जा सके. जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू इसके अलावा एनसीआर क्षेत्र में सड़कों के पुनर्विकास, निर्माण सामग्री और कचरा प्रबंधन पर भी काम तेज किया गया है. सरकार ने जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं . अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकतर काम पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सके.

तेल कीमतों के विरोध में राजा वड़िंग का अलग अंदाज, बैलगाड़ी से पहुंचे मतदान केंद्र

श्री मुक्तसर साहिब. पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मंगलवार को पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। राजा वड़िंग ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे हालात बन गए हैं कि लोगों को अपने वाहन घरों में खड़े करने पड़ रहे हैं। गरीब व्यक्ति कैसे चलेगा? जिसकी आमदनी कम है, वो घर चलाएगा या वाहन चलाएगा? उन्होंने बताया कि पंजाब में औसतन पेट्रोल 105.44 और डीजल 95.38 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार पर साधा निशाना उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को केवल चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया है। जनता को राहत देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। बैलगाड़ी से वोट डालने का मकसद सरकार को संदेश देना था कि महंगाई ने हालात इतने खराब कर दिए हैं कि लोगों को फिर से बैलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ेगा। राजा वड़िंग ने ऐलान किया कि कांग्रेस देशभर और पंजाब में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़े हैं। लगातार बढ़ रहे दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है और सब्जी, राशन समेत जरूरी सामान के दाम भी बढ़ने की आशंका है। राजा वड़िंग ने कहा कि महंगाई ने आम घर का बजट 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। किसानों पर भी बोझ बढ़ रहा है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क से संसद तक यह मुद्दा उठाएगी।

लंबित डायवर्सन केसों पर मंत्री टंकराम वर्मा सख्त, अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश

रायपुर. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज रायपुर तहसील कार्यालय और नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस अचानक दौरे से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों के निपटारे में कछुआ गति और लापरवाही सामने आने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने आम जनता से जुड़े नामांतरण, त्रुटि सुधार, सीमांकन और बंटवारे जैसे संवेदनशील प्रकरणों में हो रहे विलंब को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और इन्हें शीघ्र निपटाने के कड़े निर्देश दिए। विशेष रूप से डायवर्सन (व्यपवर्तन) के मामलों में बेहद धीमी प्रगति पाए जाने पर मंत्री ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) रायपुर को जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान राजस्व मंत्री ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में फैली गंदगी और फाइलों के अव्यवस्थित रखरखाव पर अप्रसन्नता व्यक्त की। मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आम जनता की सुविधा के लिए कार्यालय में स्वच्छ वातावरण और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी शासकीय दस्तावेजों व फाइलों को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए। विभिन्न शाखाओं और कोर्ट का सघन निरीक्षण तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझने के लिए राजस्व मंत्री स्वयं भुइयां शाखा, कानूनगो शाखा, WBN शाखा और मालजमादार शाखा पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों का भी सघन निरीक्षण किया। अदालती कार्यवाही की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि राजस्व कोर्ट में सुनवाई निरंतर होनी चाहिए, ताकि तारीख-पे-तारीख के चक्कर में आम जनता को परेशान न होना पड़े। लोग सुबह से आकर शाम तक बैठे रहते हैं और सुनवाई किए बिना अगली तारीख दे दी जाती है, यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंबित मामलों को शून्य करने का दिया लक्ष्य निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आंकड़ों का ब्यौरा देते हुए बताया कि तहसील में अब तक दर्ज कुल 65,390 मामलों में से 64,702 का निराकरण किया जा चुका है और वर्तमान में केवल 688 मामले लंबित हैं। इस पर मंत्री ने बचे हुए सभी लंबित मामलों को भी समय-सीमा के भीतर तत्काल शून्य करने का टारगेट दिया। जनता से सीधा संवाद और त्वरित निराकरण मंत्री ने न केवल फाइलों को खंगाला, बल्कि परिसर में मौजूद आम जनता के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद भी किया। उन्होंने लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। राजस्व कार्यों का रोडमैप तैयार करने के निर्देश तहसील कार्यालय के बाद मंत्री ने नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का रुख किया। वहां उन्होंने लंबित राजस्व मामलों को समय-सीमा के भीतर निपटाने के लिए संभाग आयुक्त को निर्देशित किया। कामकाज में कसावट लाने और कप्तानी की निगरानी को मजबूत करने के साथ ही मंत्री ने संभाग आयुक्त को संभाग के सभी जिलों में राजस्व कार्यों की वास्तविक प्रगति का एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेला का भी हो आयोजन: मुख्यमंत्री

खरीफ-2026 की तैयारी समय से पूरी करें, किसानों को हर जरूरी संसाधन उपलब्ध हो: मुख्यमंत्री विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेला का भी हो आयोजन: मुख्यमंत्री दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश यूपी आईटीएस की तर्ज पर कृषि विभाग भी आयोजित करे अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी खरीफ-2026 में 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य 2.29 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी पीएम किसान और फसल बीमा योजनाओं का लाभ समय से दिलाने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कृषि विभाग की विभिन्न प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि खरीफ-2026 की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूखा संभावित क्षेत्रों के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तर्ज पर कृषि विभाग को भी अपनी विशेषताओं की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी लगानी चाहिए। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2026 में 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल और 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन रखा गया है, जबकि बाजरा, मक्का, अरहर और मूंगफली के उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2026 के लिए 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 24 मई 2026 तक 1.26 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है। धान के लिए 80 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय-समय पर कृषि संबंधी तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि टेक्स्ट मैसेज, सोशल मीडिया, दूरदर्शन, आकाशवाणी और अन्य माध्यमों से किसानों तक जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही कम अवधि और सूखा सहनशील प्रजातियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी जून माह से सभी विकास खंडों में चौपाल लगाई जाएगी। इन चौपालों के साथ ही किसान मेला भी लगाई जाए। किसानों को हर योजना का लाभ मिले और उन्हें प्रगतिशील खेती से जोड़े जाने का प्रयास हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, मंडियों, वेयरहाउस आदि के आस-पास साफ-सफाई होनी चाहिए आवश्यकतानुसार इनकी रंगाई कराई जाए। इन केंद्रों तक पहुंचने के लिए अच्छी कनेक्टिविटी होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के लगभग 18 से 20 जनपद सूखे की दृष्टि से संवेदनशील हैं। धान एवं मूंगफली के लगभग 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए दलहन, तिलहन और श्रीअन्न फसलों के अतिरिक्त बीजों की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क को प्रारम्भ करने की दिशा में तेजी के निर्दश दिए। उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जमाखोरी, कालाबाजारी और उर्वरकों के डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि 24 मई 2026 तक प्रदेश में 36.44 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध रहे तथा 28.26 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध स्थिति में हैं। उर्वरक प्रवर्तन अभियान के तहत 4025 छापे डाले गए, 81 लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 9 एफआईआर दर्ज कराई गईं।  मुख्यमंत्री ने कृषि योजनाओं में डिजिटल तकनीक के उपयोग को और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि एग्रीस्टैक योजनांतर्गत 24 मई 2026 तक 2.29 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि बुंदेलखंड सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में ऐसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि बुंदेलखंड के सभी विकासखंडों में गौ-आधारित प्राकृतिक खेती कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में रसायन मुक्त खेती की गई तथा 21,934 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।  मुख्यमंत्री ने मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने तथा उससे जुड़े उद्योगों के साथ समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में मक्का क्षेत्रफल 11.39 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है तथा वर्ष 2027-28 तक 32.84 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।   मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए तथा बीमा दावों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश के किसानों को 99,032 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की जा चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2016-17 से वर्ष 2025-26 तक 80.61 लाख किसानों को 6454.57 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई है। कृषि उत्पादों के निर्यात पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल मानकों का ध्यान रखते हुए उत्पाद को तैयार कराया जाए। वहीं मंडी समिति की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी समितियों को किसानों के हित में आधुनिक, पारदर्शी और सुविधायुक्त बनाया जाए, कृषि विपणन व्यवस्था को और मजबूत करें।