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योगी सरकार का ‘फ्यूचर रेडी’ एजुकेशन विजन, नोएडा CSR राउंड टेबल में जुटीं 100+ संस्थाएं

योगी सरकार के नेतृत्व में ‘फ्यूचर रेडी’ शिक्षा व्यवस्था पर जोर, नोएडा में सीएसआर राउंड टेबल, 100 से अधिक संस्थाओं की सहभागिता 2017 के बाद शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 96% स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं नॉलेज इकॉनमी की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, युवाओं की क्षमता पर फोकस एनईपी 2020 के तहत समग्र, कौशल आधारित और तकनीक-सक्षम शिक्षा पर बल स्मार्ट क्लासरूम, एआई और शिक्षक प्रशिक्षण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार निपुण भारत मिशन में यूपी तेजी से अग्रणी बनने की ओर शिक्षा सुधार में सीएसआर और कॉर्पोरेट भागीदारी को मिला बढ़ावा डिजिटल, एसटीईएम और कौशल विकास के लिए संस्थाओं ने दिए सहयोग प्रस्ताव नोएडा / लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को भविष्य उन्मुख, तकनीक सक्षम एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा इन्वेस्ट यूपी एवं सीएसआरबॉक्स के सहयोग से नोएडा में “उत्तर प्रदेश सीएसआर राउंड टेबल 2026 ऑन फ्यूचर रेडी एजुकेशन” का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के कॉर्पोरेट, सीएसआर संस्थानों एवं विकास क्षेत्र के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज 96 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में शौचालय, पेयजल, बिजली सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। यह परिवर्तन प्रदेश में शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा युवा शक्ति वाला राज्य है, जिसे सकारात्मक दिशा देकर “नॉलेज इकॉनमी” के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अब शिक्षा प्रणाली को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल, नवाचार एवं रुचि आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ कॉर्पोरेट एवं सीएसआर संस्थाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इन्वेस्ट यूपी द्वारा संचालित सीएसआर फैसिलिटेशन मॉडल की सराहना करते हुए इसे और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया, ताकि शासन एवं निजी क्षेत्र के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित हो सके। राउंड टेबल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, पीएम योजना एवं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, डिजिटल एवं एआई आधारित शिक्षा, विद्यालयी अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, शिक्षक क्षमता निर्माण, बालिका शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा डिजिटल शिक्षा, स्टेम (STEM), एआई, शिक्षक प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति एवं कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग हेतु आशय पत्र प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार एवं देश की अग्रणी संस्थाओं के मध्य समझौते भी हुए, जो प्रदेश में आधुनिक शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा देंगे। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक बेसिक शिक्षा  मोनिका रानी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निवेशकों को सौंपेंगे आवंटन पत्र सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन निवेश और उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, दो निवेश परियोजनाओं का भी होगा उद्घाटन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार 22 मई को मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर निवेशकों को एक विशेष कार्यक्रम में आवंटन पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 निवेशकों को औद्योगिक आवंटन पत्र प्रदान करेंगे, जिससे प्रदेश में नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सायंकाल होने वाले इस कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता भी उपस्थित रहेंगे और निवेशकों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सीईएससी ग्रीन्स और आईबी सोलर की दो निवेश परियोजनाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवेशकों के साथ संवाद कर उन्हें प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं और सरकार की योजनाओं से भी अवगत कराएंगे। अंत में सभी प्रतिभागियों के साथ ग्रुप फोटो का भी कार्यक्रम निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार की निवेशक अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण उत्तर प्रदेश लगातार बड़े निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार का फोकस प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर भी है।

सीमा पार कर भारत पहुंचे दो पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए, वाहन भी जब्त

अमृतसर अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल हुए दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से एक कार भी बरामद की गई है। सुरक्षा एजेंसियां दोनों से गहन पूछताछ कर रही हैं।  जानकारी के अनुसार पकड़े गए दोनों व्यक्ति पाकिस्तान के कसूर क्षेत्र में अलग-अलग दुकानों पर सामान सप्लाई करने का काम करते थे। इसी दौरान वे अपनी निजी कार में सीमा पार करते हुए भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए, जहां बीएसएफ जवानों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान मोहम्मद सलीम पुत्र नजीर अहमद (60) निवासी नास्टर कॉलोनी, फिरोजपुर रोड, लाहौर तथा आमिर नवाज पुत्र मोहम्मद नवाज (40) निवासी जसहीन टाउन, गज्जी रोड, लाहौर के रूप में हुई है। बीएसएफ अधिकारियों ने इस संबंध में जीरो लाइन पर पाकिस्तानी रेंजर्स को भी सूचना दे दी है। फिलहाल अमृतसर सेक्टर में बीएसएफ और अन्य जांच एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों व्यक्ति गलती से भारतीय सीमा में दाखिल हुए या इसके पीछे कोई अन्य साजिश या मकसद है। 

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी

पीएम मोदी के नेतृत्व में बना स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम: मुख्यमंत्री 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के विजेताओं को पुरस्कृत किया सीएम योगी ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का परिणाम है रामगढ़ताल: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप देश और सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 11-12 वर्षों में स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम विकसित हुआ है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व प्रोत्साहन के लिए सरकार पूरी तत्परता से खड़ी है। स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का ही परिणाम रामगढ़ झील (रामगढ़ताल) भी है। 2017 के पहले जो रामगढ़ताल क्षेत्र गंदगी व अपराध का गढ़ था, वहां आज रोइंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए राष्ट्रीय महिला टीम के प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन संभव हुआ है।  सीएम योगी गुरुवार को रामगढ़ताल में रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया की तरफ से आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 20 राज्यों से आए रोइंग खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी ऊर्जा व शक्ति का सही दिशा में सकारात्मक उपयोग करने वाले देश का भविष्य उज्ज्वल होता है। खिलाड़ी हमेशा सकारात्मक सोच और टीम भावना के साथ कार्य करता है। वह नशा व नकारात्मकता से दूर रहकर स्व अनुशासन के साथ समाज को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ता है।  ‘चरैवेति-चरैवेति’ ही जीवन का मंत्र सीएम योगी ने कहा, मुकाबले के दौरान ताल में खिलाड़ियों के सामने तेज हवाओं को देखकर मेरे मन में महान साहित्यकार सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां याद आ गईं- ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’ यह जीवन का सच है कि जो डर गया, वह मर गया। जो भाग गया उसको समाज, देश और ईश्वर भी कभी माफ नहीं करते। इसीलिए, जीवन का एक ही मंत्र है और वह है- ‘चरैवेति-चरैवेति’, यानी चलते रहो-चलते रहो। सम और विषम परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए अपने आप को तैयार करते रहो। भारतीय मनीषा ने भी सदैव यही प्रेरणा दी है।  हर गांव में विकसित हो रहे खेल के मैदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले खेल सुविधाओं का नितांत अभाव था, वहां आज हर गांव में खेल के मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। गांव-गांव में प्रतियोगिताएं हो रही हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता, विधायक खेलकूद प्रतियोगिता तथा ग्रामीण लीग प्रतियोगिता के माध्यम से खेल गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। गोरखपुर में भी विगत दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।  पदक विजेता 534 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती से मिली नौकरी सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में कोई खेल नीति नहीं थी। हमारी सरकार ने खेल नीति विकसित की। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को नौकरी की गारंटी दी। ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप आदि में पदक विजेता 534 खिलाड़ियों की पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों में सीधी भर्ती की गई है। 500 और खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिये नौकरी देने का कार्य शुरू किया जा रहा है।  रोइंग खिलाड़ियों ने आगे बढ़ाया ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन सीएम योगी ने कहा कि 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर पीएम मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन को आगे बढ़ाया है। भारत में रोइंग प्रतिस्पर्धाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा रामगढ़ताल के समीप एक वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया गया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जरूरी स्पोर्ट्स साइंस, डेटा एनालिटिक्स, मेंटल फिटनेस एवं आधुनिक प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं देश में उपलब्ध हो रही हैं। आने वाले समय में रामगढ़ताल में रोइंग, कयाकिंग, कैनोइंग एवं जल क्रीडा से संबंधित अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। उसमें महिला टीम के प्रशिक्षण हेतु रामगढ़ताल को चुना गया है। प्रशासन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करे। अच्छे कोच व विशेषज्ञों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि सुगमतापूर्वक प्रशिक्षण संचालित हो सके।  यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की समृद्ध संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं बहुत समृद्ध हैं। प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू, गंडक, राप्ती जैसी पावन नदियां विद्यमान हैं, जहां वाटर स्पोर्ट्स को आगे बढ़ाया जा सकता है। बलिया, कुशीनगर, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, कानपुर जैसे शहरों में वाटर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में आधुनिक ईको सिस्टम उपलब्ध है। सीएम योगी ने बढ़ाया रोइंग खिलाड़ियों का उत्साह मुख्यमंत्री ने जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के दो फाइनल मुकाबलों (दो किमी बालिका डबल स्कल और दो किमी बालक क्वाड्रपल स्कल) का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने ताली बजाकर खिलाड़ियों के जुनून की सराहना की। इसके पहले कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर रोइंग फेडरेशन/एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएम योगी का स्वागत किया।  सीएम योगी के नेतृत्व में खेल व खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन: खेल मंत्री समारोह में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में विकास का उदाहरण पेश कर रहा है। खेल व खिलाड़ियों के लिए हर तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर और भरपूर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास हो चुका है तो यहां का रामगढ़ताल रोइंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार हो चुका है। सपा सरकार में जिस रामगढ़ताल की पहचान गंदगी और अपराध से जुड़ी हुई थी, जहां गोलियां चलती थीं, वहां अब सीएम योगी के विजन से राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं … Read more

मैपकॉस्ट में हुई दो दिवसीय

भोपाल  मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) भोपाल के अंतर्गत संचालित “सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग” में दो दिवसीय “एयरोमॉडेलिंग : डिजाइन, बिल्ड एंड फ्लाई” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 32 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विमान मॉडल के डिजाइन, निर्माण और उड़ान से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक एवं गतिविधि आधारित तरीके से समझा। विद्यार्थियों ने विभिन्न एयरोमॉडल तैयार किए और उनके उड़ान परीक्षण भी किए। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और अधिक विकसित हुई। मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने और रचनात्मक चिंतन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान एवं अनुभवों के माध्यम से एक-दूसरे की सहायता करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और टीमवर्क की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक एवं उसके विभिन्न भागों की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें आधुनिक एयरोस्पेस तकनीकों से परिचित कराया गया। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को एयरोडायनामिक्स, संतुलन, नियंत्रण एवं उड़ान के मूलभूत सिद्धांत सरल और रोचक गतिविधियों के माध्यम से समझाए। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता एवं वैज्ञानिक सोच का विकास करना था। समापन अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मैपकॉस्ट के कार्यकारी संचालक डॉ. विवेक कटारे और संयुक्त परियोजना संचालक डॉ. मनोज राठौर उपस्थित रहे।  

भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रो क्षेत्र को नई सड़कों की सौगात, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र नई सड़कों से होगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ के पहले सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश रिंग रोड्स निर्माण के कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में तेजी से निर्मित हो रही सड़कें नागरिकों को विकास का पूरा लाभ दिलवाने में सहयोगी हैं। इनसे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों भोपाल और इंदौर-उज्जैन की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास के प्रयासों से लाभान्वित होंगे। इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाई वे फोर लेन, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे फोर लेन बन जाने से यह सम्पूर्ण क्षेत्र विकास के नए आयामों को स्पर्श करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुरुवार को मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ : 2028 के कुछ माह पूर्व ही सड़कों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अमूल्य जिंदगियां बचाने के प्रयास सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के निर्माण, नवाचारों के उपयोग और विभिन्न विधियों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में मिली सफलता सराहनीय है। लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के सहयोग से किसान कल्याण वर्ष में गांव से शहरों तक सब्जियां और फल लेकर आने वाले कृषकों को हेलमेट वितरण के कार्य में भी शामिल हो जिससे सड़कों पर दो पहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रदेश में मूल्यवान जिंदगियां बचाने के लिए लोक निर्माण और अन्य विभाग मिलकर कार्य करें। दुर्घटना की आशंका वाले मार्गों को चिन्हित कर निकट ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी संचालित किए जाएं। यह कार्य विभागीय समन्वय से किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 481 ब्लैक स्पॉटस चिन्हित हैं। दुर्घटनाओं में कमी लाने की दृष्टि से लोक निर्माण विभाग ने निरंतर कार्य किया है। ब्लैक स्पॉटस का समाधान करते हुए रोड सेफ्टी के अंतर्गत स्कूल जोन में वाहनों की गति सीमित करने, विशेष चेतावनी संकेत लगाने, वाहनों की आवाजाही को स्पष्ट दिशा संकेतक देने, लेन अनुशासन मार्किंग, रोड मार्किंग जैसे उपाय किए गए। निर्माण कार्यों की मंजूरी में भी नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया में किए गए नवाचार की जानकारी प्राप्त की। कार्य स्वीकृति से पूर्व संबंधित मुख्य अभियंता द्वारा तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यकता का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। इसी तरह परियोजना की वास्तविक आवश्यकता, यातायात घनत्व, भविष्य की मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के स्थल विश्लेषण, पीएम गति शक्ति पोर्टल से मार्ग अलाइनमेंट, मल्टी- मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर समन्वय और इंटर कनेक्टिविटी का परीक्षण, जीआईएस आधारित प्लानिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने और नए मार्गों के लिए नेटवर्क प्लानिंग और अलाइमेंट परीक्षण के कार्य मुख्य अभियंता स्तर से अनिवार्य किए जाने से अच्छे परिणाम मिले हैं। पुल- पुलियों के सुधार, बसाहट की जगहों पर वीसी मार्ग के निर्माण और कार्यपालन यंत्री द्वारा स्थल निरीक्षण को भी अनिवार्य किया गया है। रिंग रोड्स के निर्माण के कार्यों में तेजी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के बड़े नगरों में निर्मित किए जा रहे रिंग रोड्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल पश्चिमी बायपास जिसकी लंबाई 35.6 किमी है आगामी ढाई वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन का रिंग रोड आगामी डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश के अन्य मध्यम छोटे शहरों जैसे रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां नये रिंग रोड के निर्माण की पहल की गई है। नगर निगम और अन्य एजेंसियों से समन्वय कर विद्यमान बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने की योजना पर कार्य हो रहा है।  रेल्वे ओवर ब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। भारत सरकार की पहल के अंतर्गत असुरक्षित रेल्वे क्रांसिंग को समाप्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग रेल्वे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण कर रहा है। इससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ समय की बचत करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी सड़कों पर 105 आरओबी बनाए गए हैं। सड़क विकास निगम के अंतर्गत 16 और एनएचएआई के अंतर्गत 25 आरओबी एवं आरयूबी मंजूर किए गए हैं। प्रदेश में एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से शहरी कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। जबलपुर में यह कार्य पूरा हो चुका है। ग्वालियर और भोपाल में तीन चौथाई कार्य पूर्ण हो चुका है। इंदौर और उज्जैन में कॉरिडोर के कार्य प्रारंभ हुए हैं। प्रगति पथ प्रदेश की तीव्र प्रगति में होंगे सहायक प्रदेश में छह प्रगति पथ निर्माणाधीन हैं। इनमें नर्मदा प्रगति पथ और मालवा-निमाड़ विकास पथ के कार्य क्रमश: 68 और 92 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। मध्यभारत विकास पथ का कार्य 61 प्रतिशत, बुंदेलखण्ड विकास पथ का कार्य 33 प्रतिशत पूर्ण हुआ है। विंध्य एक्सप्रेस-वे का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। अटल प्रगति पथ के निर्माण के लिए आवश्यक प्रकिया प्रचलन में है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  केपेसिटी बिल्डिंग सहित विभिन्न एप का प्रयोग और नए मार्गों के लिए कृषक पथ, आस्था पथ, विकास पथ जैसे अभिनव नामकरण किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यों की प्रगति से अवगत करवाया। विशेष रूप से इंदौर- उज्जैन स्टेट हाईवे 59 के 6लेन बनने और उज्जैन- जावरा हाईवे 4 लेन और इंदौर-उज्जैन हाइवे फोरलेन, वेस्टर्न भोपाल बायपास, स्टेट हाइवे 67 के नर्मदापुरम- टिमरनी खंड और सिवनी मालवा बायपास टू लेन, सागर- दमोह फोर लेन और बड़वाह- धामनोद फोर लेन सड़क परियोजनाओं की जानकारी दी गई। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।  

भोजशाला में अखंड पूजा और महाआरती, 721 साल बाद दिखा ऐतिहासिक नजारा

धार  भोजशाला को लेकर आए हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद शुक्रवार को पहली बार मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन का आयोजन किया जाएगा। 721 सालों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर होगा, जब शुक्रवार के दिन भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंज उठेगा। पूरे धार अंचल में इसे लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। हिंदू पक्ष को हाई कोर्ट से 721 सालों के बाद निर्बाध पूजा-अर्चना का अधिकार मिलने पर यह पहला शुक्रवार बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है। शहर में लोग एक-दूसरे को महाआरती में शामिल होने के निमंत्रण दे रहे हैं और धार्मिक उत्साह चरम पर है। सुबह महाआरती, दोपहर में निकलेगा श्रद्धालुओं का जत्था निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हिंदू पक्ष सुबह 9 बजे भोजशाला में महाआरती करेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे भोजशाला मुक्ति यज्ञ आंदोलन के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह पहला मौका है, जब शुक्रवार को महाआरती आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिसर में मां वाग्देवी का प्रतीकात्मक स्वरूप और अखंड ज्योति विराजित है तथा नियमित पूजा-अर्चना पूर्व की तरह जारी रहेगी। सुबह होगी महाआरती निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हिंदू पक्ष सुबह नौ बजे भोजशाला में महाआरती करेगा, जबकि दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे। बता दें कि 721 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर होगा, जब शुक्रवार को भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंजेगा। अब तक प्रत्येक शुक्रवार को यहां मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति थी। मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट इधर, हाई कोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में शुक्रवार दोपहर से पहले सुनवाई होने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट, 1500 से ज्यादा जवान तैनात वहीं, धार में जिला व पुलिस प्रशासन ने शहर में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था कर ली है। आसपास के शहरों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। धार के एसपी सचिन शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करवाया जाएगा। शहर में 1500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। कमाल मौलाना का उर्स, लंगर की भी रहेगी व्यवस्था भोजशाला परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में शुक्रवार को उर्स का आयोजन होगा। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों के अनुसार, उर्स को लेकर प्रशासन को पूर्व में सूचना दे दी गई है। सोसायटी की ओर से दरगाह परिसर में जियारत के साथ लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी। मस्जिद पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट इधर, हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में शुक्रवार दोपहर से पहले सुनवाई की संभावना है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट के फैसले का पालन किया जाएगा और शुक्रवार को समाजजन अपने-अपने मोहल्लों की मस्जिदों तथा घरों में नमाज अदा करेंगे। विरोध स्वरूप कुछ स्थानों पर दुकानें बंद रखने और काली पट्टी बांधने की बात भी कही गई है। उर्स और लंगर की भी तैयारी भोजशाला परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में शुक्रवार को उर्स का आयोजन भी होगा। सोसायटी पदाधिकारियों के अनुसार दरगाह परिसर में जियारत और लंगर की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को पहले ही इसकी सूचना दे दी गई थी। धार बना छावनी, 1500 जवान तैनात स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए धार पुलिस और जिला प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। सचिन शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन कराया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। महासत्याग्रह के बाद मना महाविजय महोत्सव हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला समर्थकों ने परिसर के बाहर महासत्याग्रह और “महाविजय महोत्सव” भी मनाया। देर रात तक आतिशबाजी और धार्मिक आयोजन चलते रहे।

एक दशक में 17 अंकों की ऐतिहासिक कमी के साथ मध्यप्रदेश ने शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये किए गए सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश ने शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। भारत सरकार की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) रिपोर्ट 2024 के अनुसार प्रदेश की शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) वर्ष 2014 के 52 प्रति 1000 जीवित जन्म से घटकर वर्ष 2024 में 35 प्रति 1000 जीवित जन्म हो गई है। पिछले एक दशक में 17 अंकों की ऐतिहासिक कमी के साथ मध्यप्रदेश ने शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को सशक्त बनाया है। यह उपलब्धि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, प्रभावी रणनीतियों एवं लक्षित हस्तक्षेपों की सफलता को प्रतिबिंबित करती है। प्रदेश में नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये 62 विशेष नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाइयों (एसएनसीयू), 200 नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाइयों (एनबीएसयू) तथा मातृ-नवजात देखभाल इकाइयों (एमएनसीयू) का विस्तार किया गया है, जहाँ "ज़ीरो सेपरेशन" मॉडल के माध्यम से माँ एवं नवजात की संयुक्त देखभाल, शीघ्र स्तनपान एवं कंगारू मदर केयर (केएमसी) को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटल नवाचारों के अंतर्गत ई-शिशु (ई-शिशु) पहल के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों एवं जिला चिकित्सालयों की नवजात इकाइयों को विशेषज्ञ टेली-मेंटोरिंग से जोड़ा गया है। इस पहल को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, दिल्ली एवं ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, रायपुर का तकनीकी एवं क्लिनिकल मेंटरिंग सहयोग प्राप्त हो रहा है। साथ ही अनमोल 2.0, एमपीसीडीएसआर, डीएसएस एवं एफबीएनसी सॉफ़्टवेयर जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उच्च जोखिम मामलों की पहचान, नवजात निगरानी एवं डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूत किया गया है।  

26 मई को मतदान, मोहाली निगम चुनाव को लेकर तैयारियां तेज

मोहाली  नगर निगम मोहाली के 50 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर पूरा शहर चुनावी रंग में रंग गया है। इस बार कुल 1,75,323 मतदाता 26 मई को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 90,484 पुरुष मतदाता, 84,831 महिला मतदाता तथा 8 अन्य मतदाता शामिल हैं। चुनावी माहौल जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे वैसे और अधिक गरमाता जा रहा है। इस बार चुनाव के लिए प्रशासन ने पूरे शहर में 184 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं, जहां मतदाता अपने अपने वार्डों के प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी बूथों पर आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मतदान दिवस पर सभी वार्डों में स्थानीय प्रतिनिधियों के भाग्य का फैसला जनता के हाथों में होगा। 50 में 25 वार्ड महिलाओं के आरक्षित नगर निगम के 50 वार्डों में इस बार 25 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं, जिससे स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिलेगा। आरक्षण व्यवस्था के चलते कई वार्डों में नए चेहरों को राजनीति में अवसर मिला है और विभिन्न दलों ने महिला उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस किया है। 227 उम्मीदवारों में से 45 निर्दलीय भी मैदान में चुनाव मैदान में इस बार कुल 227 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 45 निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने कई वार्डों में मुकाबले को बेहद रोचक और त्रिकोणीय बना दिया है। प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कई स्थानों पर सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। वार्ड 42 में इस बार हाई-प्रोफाइल मुकाबला इस पूरे चुनाव में सबसे अधिक चर्चा वार्ड नंबर 42 की हो रही है, जो इस बार हाई प्रोफाइल मुकाबले के रूप में उभरकर सामने आया है। यह वार्ड इसलिए भी खास है क्योंकि यहां मतदाताओं की संख्या केवल 979 है, जो पूरे नगर निगम क्षेत्र में सबसे कम है। कम मतदाता संख्या के कारण यहां हर वोट का महत्व और भी बढ़ जाता है और चुनाव परिणाम बेहद करीबी रहने की संभावना जताई जा रही है। वार्ड 42 में इस बार राजनीतिक समीकरण भी खासे दिलचस्प हैं, क्योंकि यहां से आम आदमी पार्टी के सबसे अमीर विधायक कुलवंत सिंह के पुत्र सरबजीत सिंह चुनाव मैदान में हैं, जिससे यह मुकाबला राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील और चर्चित हो गया है। इस वार्ड में भाजपा के मनजींदर सिंह, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अमित कुमार और कांग्रेस के जगदीप सिंह शेरगिल भी चुनावी मैदान में हैं, जिससे यहां मुकाबला बहुकोणीय बन गया है और हर दल अपनी जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। पूरे मोहाली शहर में चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और हर वार्ड में उम्मीदवार डोर टू डोर प्रचार में जुटे हैं। विकास कार्य, सफाई व्यवस्था, सड़कें, पानी और बुनियादी सुविधाएं इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसभाएं और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।  

सीएम योगी ने रामगढ़ताल में की क्रूज की सवारी

सीएम योगी ने रामगढ़ताल में की क्रूज की सवारी लहरों पर विहार करने के साथ मुख्यमंत्री ने ताल की साफ-सफाई का लिया जायजा गोरखपुर जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार शाम जनप्रतिनिधियों के साथ नैसर्गिक रामगढ़ताल में लेक क्वीन क्रूज की सवारी की। करीब 25 मिनट तक क्रूज पर सवार होकर मुख्यमंत्री निखरे ताल की लहरों के स्पंदन की आनंदानुभूति करने के साथ गोरखपुर की नई विकसित पहचान को ताल के किनारे उमड़ी भीड़ से महसूस करते रहे। ताल की लहरों पर विहार करने के दौरान सीएम ने इस विशाल प्राकृतिक झील की साफ-सफाई का भी जायजा लिया।  रामगढ़ताल के कायाकल्प का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। उनके विजन से निखरा-संवरा रामगढ़ताल न केवल नए गोरखपुर की नई पहचान बन चुका है बल्कि इसकी गिनती अब इस अंचल के खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में भी होती है। पर्यटन विकास के साथ यहां बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है। इस ताल में बड़े महानगरों की तर्ज पर क्रूज और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का भी संचालन हो रहा है। साथ ही ताल में वाटर स्पोर्ट्स की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं ने इसे नेशनल फेम दिला दिया है।  जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में पुरस्कार वितरण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेक क्वीन क्रूज पर पहुंचे। यहां उन्होंने क्रूज की सवारी के बीच ताल की स्वच्छता का भी निरीक्षण किया। उनके साथ कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ फोटो भी खिंचवाई।