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जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में करें पूरा – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले, इस लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए। जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अब सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके। जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास तभी दीर्घकालिक परिणाम देंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जनभागीदारी की इसी शक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों। हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री  साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें और जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि केवल अधोसंरचना निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाए। पूर्ण कार्यों के भुगतान में न हो अनावश्यक विलंब मुख्यमंत्री  साय ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण किया जा चुका है, उनका भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए प्रेजेंटेशन में सामने आई कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। योजना से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति दी जाए। हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा मुख्यमंत्री  साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों में जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इन प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन से जहां वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी, वहीं भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव भी तैयार होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां जल का बेहतर संरक्षण हो, जल स्रोत सुरक्षित और समृद्ध हों तथा प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो। बैठक में मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव  आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीतापुर में मिड-डे मील का राशन न पहुंचाने पर परिवहन ठेकेदार पर एफआईआर के निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सरकारी खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में लापरवाही के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सीतापुर में सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था के तहत मिड-डे मील का राशन संबंधित उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) तक नहीं पहुंचाए जाने के मामले में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी सीतापुर को संबंधित परिवहन ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी होगी तय सरकार ने कार्रवाई का दायरा केवल परिवहन ठेकेदार तक सीमित नहीं रखा है। पूरे प्रकरण में पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे साफ है कि योगी सरकार सरकारी योजनाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही को लेकर जवाबदेही तय करने में पीछे नहीं हट रही है। प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित अनुश्रवण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। योगी सरकार की प्राथमिकता खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुंच सके। जनता और बच्चों के हक के राशन से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप भ्रष्टाचार, लापरवाही अथवा शासकीय खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता और बच्चों के हक के राशन में गड़बड़ी अत्यंत गंभीर विषय है। खाद्यान्न को निर्धारित स्थान तक समय से पहुंचाना संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिम्मेदारी तय होगी और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अल्पसंख्यक समाज के विकास को लेकर मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली से मिले आयोग अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष (चेयरमैन) का पदभार ग्रहण करने के उपरांत आज ऐशबाग स्थित ऐतिहासिक ईदगाह पहुंचकर प्रसिद्ध मुस्लिम धर्मगुरु एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना ख़ालिद राशिद फरंगी महली साहब से शिष्टाचार भेंट की।  मुलाकात के दौरान मौलाना साहब का बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास, बेहतर शिक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अत्यंत सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के संकल्प के साथ अल्पसंख्यक समाज के उत्थान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।  

सिवान में बाढ़ से बेहाल दियारा क्षेत्र, स्कूल चारों तरफ से पानी से घिरा

रघुनाथपुर (सिवान) सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे प्रखंड का दियारा क्षेत्र बेहाल हो गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। इससे लोगों का जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही आवागमन और दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों की झोपड़ियों को भी चारों ओर से घेर लिया है।प्रखंड के गभीरार पंचायत के बिन टोला गांव स्थित नया प्राथमिक विद्यालय भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। बाढ़ से सबसे अधिक परेशानी पशुपालकों को विद्यालय परिसर के आसपास पानी जमा होने से बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीण प्रीतम महतो ने बताया कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। कौसड़ निवासी अनिल यादव ने बताया कि बाढ़ से सबसे अधिक परेशानी पशुपालकों को हो रही है। पशुओं के लिए समय पर चारा नहीं मिल पा रहा है। चारे के अभाव में पशुओं की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पशुपालकों को जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी के बीच से चारा काटकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने और प्रभावित गांवों में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है।

सिर्फ ₹10 में मिलेगा हेलमेट! Bastar में शुरू हुआ ‘हेलमेट बैंक’, सड़क सुरक्षा को बढ़ावा

बस्तर. लोहंडीगुड़ा में सड़क सुरक्षा को लेकर जनपद पंचायत ने एक नई पहल शुरू की है। अब हेलमेट नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को बिना सुरक्षा दोपहिया चलाने की मजबूरी नहीं होगी। जनपद पंचायत ने हेलमेट बैंक की शुरुआत कर जरूरतमंदों को कम शुल्क में हेलमेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। अस्पताल चौक स्थित सुरेंद्र पान भंडार को हेलमेट बैंक का पहला केंद्र बनाया गया है। दोपहिया चालक महज 10 रुपये प्रतिदिन के टोकन शुल्क या वैध पहचान पत्र के आधार पर हेलमेट ले सकेंगे। यात्रा पूरी होने के बाद हेलमेट वापस जमा करना होगा, जिसे सैनिटाइज कर दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में हेलमेट की अनुपलब्धता और आर्थिक परेशानी को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। जनपद पंचायत का कहना है कि इसका उद्देश्य चालान का डर पैदा करना नहीं, बल्कि स्वेच्छा से हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना है। हेलमेट बैंक की शुरुआत के दौरान जनपद पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. बसंत कश्यप और सरपंच भरत कश्यप मौजूद रहे। अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने ग्रामीण इसे अपनाकर सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी बनाते हैं। ग्रामीणों ने खुद उठाया सड़क बहाली का बीड़ा नारायणपुर। बारिश ने झारावाही, हतलानार और दुम्मा इलाके के ग्रामीणों के सामने सड़क संपर्क का संकट खड़ा कर दिया। मुख्य मार्ग की पुलिया बहने के बाद कई गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई। हालात बिगड़े तो ग्रामीण प्रशासन का इंतजार करने के बजाय खुद ही रास्ता बहाल करने मैदान में उतर गए। ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर क्षतिग्रस्त हिस्से में ह्यूम पाइप लगाने की कोशिश शुरू की। पानी और कीचड़ के बीच ग्रामीण भारी पाइप को कंधों पर उठाकर मौके तक ले जाते दिखाई दिए। यह तस्वीर ग्रामीणों की एकजुटता के साथ सरकारी व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की खराब स्थिति की जानकारी पहले भी संबंधित स्तर पर दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं होने से उन्हें खुद समस्या से निपटना पड़ा। सड़क संपर्क टूटने का असर स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। ग्रामीणों ने तत्काल रास्ता बनाने की पहल कर दी है, अब प्रशासन के सामने सुरक्षित और स्थायी बनाने की चुनौती है।

IHCL का 111 कमरों वाला Ginger Hotel नवा रायपुर में होगा विकसित

रायपुर   नवा रायपुर अटल नगर अब देश के प्रमुख आधुनिक शहरों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने नवा रायपुर में अपने प्रतिष्ठित Ginger Hotel की स्थापना की घोषणा की है। 111 कमरों वाला यह होटल ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए IHCL ने ECHT Ventures के साथ साझेदारी की है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर में देश की प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL का Ginger Hotel लाना छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ते निवेशकों के विश्वास और नवा रायपुर की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुविधायुक्त और निवेश के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के लिए बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का विस्तार नवा रायपुर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में Ginger Hotel का आगमन शहर के तेजी से विकसित होते बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय संस्थानों, निवेश परियोजनाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण आवास और आतिथ्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नवा रायपुर में निवेश करने वाले उद्यमियों और यहां आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को एक आधुनिक और सुविधाजनक इकोसिस्टम उपलब्ध हो। Ginger जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड की परियोजना नवा रायपुर की बदलती तस्वीर और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा Ginger Nava Raipur प्रस्तावित Ginger Nava Raipur में 111 कमरे होंगे। होटल में विशाल एवं आधुनिक कमरे, Ginger का सिग्नेचर ऑल-डे डाइनिंग रेस्टोरेंट Qmin, मीटिंग रूम और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन एवं अवकाश के लिए नवा रायपुर आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

रायबरेली में कांग्रेस नेता के बयान पर योगी सरकार के मंत्री ने किया करारा पलटवार

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी पवित्र योजना पर राहुल गांधी का सवाल उठाना मातृशक्ति का अपमान : दिनेश प्रताप सिंह  रायबरेली में कांग्रेस नेता के बयान पर योगी सरकार के मंत्री ने किया करारा पलटवार रायबरेली की जनता और महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण राजनीति कर रहे राहुल गांधी : मंत्री योगी सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास है, विपक्ष को निभानी चाहिए रचनात्मक भूमिका लखनऊ प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता एवं रायबरेली के सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रायबरेली की दिशा बैठक में राहुल गांधी का जोर जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें गति देने के बजाय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं में खामियां तलाश कर राजनीति करने पर अधिक रहा। मंत्री ने कहा कि बैठक में राहुल गांधी के रवैये से निराशा हुई। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर सवाल उठाने का आरोप राज्यमंत्री ने कहा कि दिशा बैठक में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने संबंधित अधिकारी से पूछा कि इस योजना में क्या होता है। यदि दिशा समिति के अध्यक्ष को ही योजना की जानकारी नहीं होगी तो उसका अनुश्रवण और समन्वय कैसे होगा। इसके बाद राहुल गांधी ने योजना के प्रचार-प्रसार पर होने वाले खर्च को जानने पर अधिक जोर दिया। इससे ऐसा लगा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के बजाय उसमें खामी तलाशना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों और मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ा अभियान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।  ‘डरो मत’ कहने वाले राहुल गांधी जनता और मीडिया से क्यों बच रहे?   दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के ‘डरो मत’ संदेश पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि रायबरेली में उन्होंने सांसद निधि से कराए गए कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास अपने निजी आवास के भीतर से किया, जबकि बाहर के गेट पर ताला लगा रहा। मीडिया प्रतिनिधि सुबह से इंतजार करते रहे, लेकिन राहुल गांधी कैमरे के सामने आकर रायबरेली की जनता को शुभकामनाएं तक नहीं दे सके।  राहुल को तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे राज्यमंत्री ने कटाक्ष किया कि रायबरेली की दिशा बैठक में भी राहुल गांधी सांसद और समिति अध्यक्ष से ज्यादा नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आए। उनके साथ दिल्ली से आए तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में भी राहुल गांधी दूसरे दलों के सहयोग पर निर्भर दिखाई देते हैं। योगी सरकार में सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में जनता की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति के साथ काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना देश के साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों द्वारा भी की गई है।  अखिलेश के बुलंदशहर दौरे पर बोले- सरकार ने किसी को नहीं रोका अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे में हेलीपैड की अनुमति से जुड़े सवाल पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलना किसी राजनीतिक भय का विषय नहीं है। योगी सरकार ने अखिलेश यादव को कभी कहीं जाने से नहीं रोका और न इसकी आवश्यकता है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की राष्ट्रीय लोकदल नेतृत्व से जुड़ी टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

एंटी-एयरक्राफ्ट गन एक्टिव BRICS सम्मेलन से पहले दिल्ली छावनी में तब्दील, इमारतों पर स्नाइपर और आसमान में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात

नई दिल्ली ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली और मेहमानों की सुरक्षा में एंटी-ड्रोन सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें लगाई गई हैं. अगले तीन से चार दिनों तक नई दिल्ली में ऊंची ऊंची बिल्डिगों पर अगर बंदूकधारी कमांडो दिख जाएं तो चौकिए नहीं. यही नहीं आपको एंटी ड्रोन सिस्टम, एंटी एयरक्राफ्ट गन भी दिख सकता है।  दिल्ली में 11 से लेकर 13 दिसंबर तक 35 रूट और 11 होटल सुरक्षा घेरे में रहेंगे. भारत मंडपम और प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटलों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड लगाया गया है।  ब्रिक्स समिट का मुख्य कार्यक्रम भारत मंडपम में होगा. डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा बताया कि दिल्ली में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सिक्योरिटी में लगाए गए हैं. 100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट किए गए हैं।  दिल्ली में एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें एक्टिवेट कर दी गई हैं। करीब 30 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें DCP स्तर के अधिकारी शामिल हैं, सुरक्षा की निगरानी करेंगे।  1000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस SWAT कमांडो भी तैनात किए गए हैं. शनिवार से कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध, 22 रूट पर पुलिस की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।  एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट पहुंचने से लेकर उनके होटल और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा. भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में एंट्री-एग्जिट की जांच, निगरानी, सर्विलांस और वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को भी तैयार रखा गया है।  दिल्ली पुलिस ने आसपास के राज्यों के साथ भी सुरक्षा को लेकर समन्वय किया है, ताकि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।  ड्रोन उड़ाने पर रोक समिट के दौरान सुरक्षा के लिहाज से तय इलाकों में ड्रोन या किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी. पुलिस ऐसे इलाकों में आसमान से होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।  कंट्रोल रूम से होगी निगरानी  वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कमांड और कंट्रोल रूम से पूरे सुरक्षा इंतजाम की निगरानी की जाएगी. कैमरों और दूसरे निगरानी सिस्टम के जरिए रास्तों पर नजर रखी जाएगी. किसी जगह इमरजेंसी, एंबुलेंस की जरूरत या अचानक ट्रैफिक समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।  पुलिस ने साफ किया है कि सभी रास्ते लगातार बंद नहीं रहेंगे. प्रतिबंध वीवीआईपी मूवमेंट के समय और जरूरत के मुताबिक ही लगाए जाएंगे. आम लोगों से अपील की गई है कि वे प्रभावित रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।  VVIP काफिलों की आवाजाही के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट और 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया गया है।  भारत मंडपम के 5 किलोमीटर के दायरे में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी रहेगी.  * दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती * NSG कमांडो और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट * IB, SPG, NSG और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात * करीब 7 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती BRICS सम्मेलन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होगी VVIP काफिलों की आवाजाही और आम ट्रैफिक के बीच तालमेल. इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 प्रमुख सड़कों पर जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक रोकने और डायवर्जन का प्लान तैयार किया है।  इन रास्तों पर दिखेगा ट्रैफिक का असर सरदार पटेल मार्ग मदर टेरेसा क्रिसेंट तीन मूर्ति मार्ग अकबर रोड तेज जनवरी मार्ग राजेश पायलट मार्ग सुब्रमण्यम भारती मार्ग मथुरा रोड मोतीलाल नेहरू मार्ग डॉ. जाकिर हुसैन रोड जनपथ अशोका रोड बाराखंभा रोड टॉल्स्टॉय मार्ग नीति मार्ग एपीजे अब्दुल कलाम रोड प्रेस एन्क्लेव रोड लाल बहादुर शास्त्री मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें.  VVIP मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा. इसके लिए 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें पटेल चौक, RML अस्पताल राउंडअबाउट, धौला कुआं, मोती बाग फ्लाईओवर, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर और मंडी हाउस जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।  मथुरा रोड और भारत मंडपम की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए लोधी रोड और लोधी फ्लाईओवर जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं धौला कुआं और सरदार पटेल मार्ग की तरफ VVIP मूवमेंट के दौरान रिंग रोड, वंदे मातरम मार्ग और NH-48 जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकेग।  BRICS सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 5000 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है. ये पुलिसकर्मी सिर्फ ट्रैफिक डायवर्जन नहीं संभालेंगे. बल्कि VVIP काफिलों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही भी सुनिश्चित करेंगे. इसके लिए इन चीजों की तैनाती की गई है।  * GPS आधारित ट्रैकिंग * CCTV सर्विलांस * टेक्निकल मॉनिटरिंग * रियल टाइम कम्युनिकेशन * क्विक रिस्पॉन्स टीम * मेडिकल और फायर रिस्पॉन्स VVIP काफिले में शामिल वाहनों की लोकेशन और मूवमेंट पर GPS के जरिए नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा अलर्ट की स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स टीमें तत्काल कार्रवाई करेंगी. इसके साथ फायर सर्विस, एंबुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी रिस्पॉन्स को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।  मेट्रो सेवा पर सामान्य तौर पर रोक नहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक प्रतिबंधों का मतलब यह नहीं है कि सामान्य आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. प्रभावित न होने वाले रास्तों पर सामान्य ट्रैफिक चलता रहेगा. मेट्रो सेवा पर भी सामान्य तौर पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा, हालांकि यात्रियों को संबंधित स्टेशनों और निकास की ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। 

सेवा संकल्प अभियान में जगमगाएंगे घरों के दीप, जन सेवक महाकुंभ समेत होंगे कई कार्यक्रम

प्रदेशभर में 17 सितम्बर से एक माह तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान घर दीप प्रज्ज्वलन से लेकर जन सेवक महाकुंभ जैसे होंगे आयोजन सभी 55 जिलों के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नोडल ऑफिसर नियुक्त भोपाल  मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से 17अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत सभी 55 जिलों में नागरिकों की सेवा से जुड़े प्रकल्वों का आयोजन क्रमबद्ध रूप से किया जाएगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को अभियान के लिए जिलों का नोडल अधिकारी नामांकित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिये हैं। सेवा संकल्प अभियान 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 सितंबर 2026 को हुई बैठक में भी दिशा-निर्देश दिए गए थे। सेवा संकल्प अभियान 2026 में अनेक गतिविधियां होंगी जिसमें आर्शीवाद का दीया जलाना, यानि हितग्राही परिवारों के घर पर दीप प्रज्ज्‍वलन, सेवा चित्र राष्ट्रव्यापी ड्राईंग और भाषण प्रतियोगिता, सेवा स्मरण संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां, आंगन का मिलन यानि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का सम्मान एवं बच्चों तथा माताओं की सक्रिय भागीदारी, कहानी बदलाव के तहत सरकार की योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की सक्सेस स्टोरी, सेवा ज्योति यात्रा में गांव , जिला स्तर की जनभागीदारी यात्रा, विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ, वड़नगर (गुजरात) से वाराणसी यात्रा जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा-मेरा योगदान के तहत 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी होगी। इसी तरह सेवा सेतु अभियान में सेवा सेतु केन्द्र स्थापित कर आम नागरिकों को एक ही स्थान पर जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना, सेवा के रंगके अंतर्गत घर-घर से राष्ट्र तक आभार और संकल्प की रंगोली का निर्माण, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्ट-अप्स, प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट इनोवेटर और जमीनी स्तर पर नए समाधान विकसित करने वाले लोगों को जोड़ने के लिए होगा। जन सेवक महाकुंभ के तहत पंचायत से पार्लियामेंट तक देशभर से सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन और 25 साल 25 कहानियाँ नेशनल अनबॉक्सिंग गतिविधियां आयोजित होगी। वरिष्ठ भाप्रसे अधिकारियों को सौंपा जिलों का दायित्व सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत जिलों में अभियान के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समन्वय एवं मॉनिटरिंग की दृष्टि से भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को जिले के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया गया है। नोडल अधिकारीगण अभियान की संपूर्ण अवधि के लिए प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की माईक्रो प्लानिंग में जिला कलेक्टर को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, अभियान की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक सिस्टम तैयार किया जाना, ताकि सभी आयोजन शासन की अपेक्षा के अनुरूप प्रभावी रूप से संचालित हो सकें। जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक जन भागीदारी एवं जन सहयोग प्राप्त हो सके, इस दृष्टि से आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने में जिला प्रशासन का सहयोग करना और जिले के प्रभारी मंत्री एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण के साथ सेवा संकल्प अभियान के स्वरूप एवं रणनीति पर संवाद एवं समन्वय का दायित्व होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए है कि सेवा संकल्प अभियान 2026 के क्रियान्वयन की जिले की संपूर्ण एक माह की योजना आज-कल में अनिवार्य रूप से तैयार करवा ली जाए।समस्त नामांकित नोडल अधिकारीगण 17 सितंबर 2026 को संपूर्ण दिवस अपने प्रभार के जिले में रहेंगे और उस दिन आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रमों आर्शीवाद का दीया एवं अन्य कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेंगें।

जमीनी स्तर पर आंगनवाड़ी का जायजा, आयुक्त संदीप जी.आर. ने बच्चों से की बातचीत और जाना हाल

आंगनवाड़ी सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे आयुक्त संदीप जी.आर. बच्चों से संवाद कर लिया फीडबैक भोपाल  नवागत आयुक्त महिला एवं बाल विकास संदीप जी.आर. ने मैदानी स्तर पर विभागीय सेवाओं की स्थिति जानने सीहोर जिले के आंगनवाड़ी केंद्र डोडी क्रमांक-58 का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अन्य हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा संबंधी सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया और सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों के लिए उपलब्ध नाश्ता एवं गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे स्थानीय टेक होम राशन, शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों तथा केंद्र पर प्रदाय की जा रही अन्य पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली। आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक बाल हितैषी बनाने पर जोर आयुक्त संदीप जी.आर. ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और मातृ एवं शिशु कल्याण का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने बच्चों और हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने, पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक सक्रिय, जीवंत और बाल हितैषी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बच्चों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी स्थिति आयुक्त संदीप जी.आर. ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित बच्चों और महिला हितग्राहियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से केंद्र पर मिलने वाले नाश्ते और गर्म पके भोजन के स्वाद एवं गुणवत्ता के बारे में सहज बातचीत की तथा पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में हितग्राहियों से फीडबैक लिया। पोषण ट्रैकर के उपयोग और कुपोषित बच्चों के प्रबंधन की ली जानकारी आयुक्त संदीप ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों के आयोजन, पोषण ट्रैकर के उपयोग तथा केंद्र में कुपोषित बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी ली। कार्यकर्ता द्वारा पोषण ट्रैकर में उपलब्ध शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि के वीडियो के माध्यम से बच्चों के साथ कराई जा रही गतिविधि का भी उन्होंने प्रत्यक्ष अवलोकन किया। संदीप ने डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के साथ बच्चों के लिए गतिविधि आधारित और रुचिकर प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी की समीक्षा निरीक्षण के दौरान आयुक्त सेदीप जी. आर. ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभाग की अन्य योजनाओं में नवीन हितग्राहियों के पंजीयन तथा उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त होने की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने योजनाओं का पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।