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नवनियुक्त अध्यक्ष जैन ने संभाला मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का कार्यभार

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष  ओम जैन ने पदभार ग्रहण किया। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मंडल को एक अत्यंत अनुभवी और योग्य नेतृत्व प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष  जैन के दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, विजन और कुशल मार्गदर्शन में मंडल के विकास कार्यों को एक नई गति और ऊँचाई मिलेगी। लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण और सर्वसमावेशी आवास का संकल्प मंत्री  विजयवर्गीय ने मंडल के आगामी लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश के बड़े महानगरों में बड़े प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन किया जाना है। हमारा मुख्य ध्येय मध्यम और निम्न-मध्यम श्रेणी के परिवारों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान निर्मित करना है। बड़े शहरों में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वयं का आशियाना बनाना मुश्किल कार्य हो गया है, इसलिए मंडल को पूरी शुचिता और लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण के साथ कार्य करना होगा। 'नए भारत के संकल्प' के अंतर्गत, देश की आजादी के 100वें वर्ष तक हर नागरिक को गरिमापूर्ण आवास उपलब्ध कराना हमारा ध्येय है। अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से होगा कार्य नवनियुक्त अध्यक्ष  जैन ने मंत्री  विजयवर्गीय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उनका लंबा राजनैतिक-प्रशासनिक अनुभव हमारे लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा।  जैन ने भावुक होते हुए कहा,वर्ष 1983 से जनसेवा में सक्रिय  विजयवर्गीय की कार्यशैली, तन्मयता और उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण अनुकरणीय है। हम उनके द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों और प्राथमिकताओं का अक्षरशः पालन करते हुए मंडल को विकास के नए प्रतिमानों पर ले जाएंगे। अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने कहा कि यह संपूर्ण विभाग और मंडल का सौभाग्य है कि हमें मंत्री  विजयवर्गीय का सकारात्मक, ऊर्जावान और विजनरी नेतृत्व मिला है। उनके मार्गदर्शन के अनुरूप ही मण्डल सदस्यों ने तत्परता से कार्य किया है। अपर मुख्य सचिव  दुबे ने मण्डल अध्यक्ष  जैन को आश्वस्त किया कि मंडल के सभी सदस्य उनके साथ पूर्ण तत्परता और समर्पण भाव से कार्य करेंगे। हमारा लक्ष्य शहरी क्षेत्रों का पर्यावरण के अनुकूल, सस्टेनेबल और सुव्यवस्थित विकास करना है। पदभार ग्रहण करने बाद अध्यक्ष  जैन ने मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आगामी कार्य-योजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस गरिमामयी अवसर पर मंडल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती दीप्ति वास्तव सहित मंडल के सभी सदस्य, अभियंता और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

​धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल

​रायपुर      जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है। ​ समाधान शिविर से मिला नया जीवन     ​ ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।      ​ बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा। त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ     ​ शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। ​शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। ​मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,​नया राशन कार्ड और ​महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा। ​ मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं   ​इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है। ​     ​पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।

अवैध खनन पर निगरानी होगी और सशक्त: शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज संसाधनों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, नागरिकों से सीधा संवाद तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “खनन सूचना केंद्र (Mining Information Center)” की स्थापना की गई है। प्रदेश में खनिजों से संबंधित गतिविधियों, शिकायतों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय, भूविज्ञान एवं खनिकर्म द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। इस माध्यम से आम नागरिक अवैध खनन, अवैध परिवहन, खनिज संबंधी अनियमितताओं अथवा अन्य शिकायतों की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे समयबद्ध कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की “जीरो टॉलरेंस” नीति के अनुरूप स्थापित यह सूचना केंद्र पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। अब खनन गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। खनन सूचना केंद्र का संचालन कार्यालयीन समयानुसार प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक किया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि खनिज संपदा का संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, राजस्व संवर्धन तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जनसहभागिता और तकनीकी समन्वय के माध्यम से ही संभव है। “खनन सूचना केंद्र” इस दिशा में शासन की जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।

गांव और गरीबों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही सरकार – मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री  टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।        शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।       ​ पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।              शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।  कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं। हितग्राहियों को बांटी गई खुशियां: कृषि यंत्र से लेकर ट्राईसाइकिल तक का वितरण        ​ इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।         इस अवसर पर उनके साथ विधायक  ओंकार साहू, पूर्व विधायक मती रंजना साहू, महापौर  रामू रोहरा, कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

लाखों राज्यकर्मियों की बढ़ेगी सैलरी, योगी सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता

लखनऊ  यूपी के लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है। शासनादेश में कहा गया है कि पहली जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह आदेश केंद्र सरकार द्वारा जारी संशोधित दरों के आधार पर लागू किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक के एरियर का भुगतान भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा। दो प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पहले के मुकाबले और बढ़ जाएगा। इससे कर्मचारियों कीमहीने सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जारी किए गए शासनादेश में कहा गया है कि प्रदेश के नियमित राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी तथा यूजीसी वेतनमान में कार्यरत पदधारकों को पहली जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ा हुआ डीएम कामई 2026 के नियमित वेतन के साथ मिलेगा। छह माह के भीतर रिटायर होने वाले हो वालों को नकद मिलगा जारी किए आदेश में यह भी बताया गया है कि जो राज्य कर्मचारी कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं अथवा छह माह के भीतर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें देय महंगाई भत्ते की पूरी राशि नकद रूप में प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के इस फैसले से लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है। कितना बढ़ेगा तनख्याह आपको समझाते हैं किसी कितनी सैलरी बढ़ेगी। मान लीजिए किसी का तनख्याह 50 हजार रुपए महीने है अब दो प्रतिशत बढ़ोतरी लगती है तो उसकी सैलरी 1000 रुपए महीने बढ़ सकती हैं। इसी तरह सलाना जोड़ेंगे यह बढ़ोतरी 12 हजार रुपये मानी जाएगी। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि पेंशनरों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी। इससे बुजुर्ग पेंशनरों को बड़ी राहत मिलेगी। कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी का माहौल वहीं राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के आदेश के बाद यूपी के कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी माहौल है। कर्मचारियों ने सरकार का आभार जताया है। पेंशनरों ने भी उत्तर प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि महंगाई के दौर में बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता आर्थिक मदद देगा। कई कर्मचारी संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कर्मचारियों के हित में इसी तरह के फैसले लिए जाएंगे।

राज्यपाल जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं ने जनजातीय समुदाय के लिए आवास, आरोग्य और जन कल्याण के प्रभावी कार्य किए है। उन्होंने कार्यक्रम में जनजातीय लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य एवं गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है। राज्यपाल  पटेल गुरुवार को पांढुर्णा के ग्राम आमला में आयोजित जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। आमजन को संबोधित किया। राज्यपाल  पटेल ने पांढुर्णा जिले के प्रवास के दौरान ग्राम खुटामा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राही  राजू धुर्वे के घर पर आत्मीय भोज किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आयुष्मान योजना हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की अभूतपूर्व योजना है। आमजन को गंभीर बीमारियों के उपचार में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को भी योजना में उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न आयोजनों में मिलने वाले परिवार उन्हें बताते है कि पक्के आवास का उनका सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने सिकल सेल बीमारी की जांच एवं उपचार के लिए प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मानव स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती अत्यंत उपयोगी राज्यपाल  पटेल ने किसानों द्वारा उत्पादित प्राकृतिक जैविक उत्पादों को मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी बताया हैं। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। राज्यपाल  पटेल ने यह बात ग्राम पंचायत आमला में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा लगाए गए प्राकृतिक जैविक उत्पादों के स्टॉल पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से चर्चा के दौरान कही है। उन्होंने कृषक  मटरूलाल डोंगरे, ग्राम भूम्मा से उनके द्वारा उत्पादित जैविक हल्दी एवं जैविक तुअर दाल तथा कृषक  मोरेश्वर दानवे, सौसर से उनके द्वारा उत्पादित शुगर फ्री जैविक काला आलू एवं प्राकृतिक सोना मोती गेहूं की जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने दी गोंडी नृत्य की प्रस्तुति राज्यपाल  पटेल का सांदीपनि विद्यालय सौंसर के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अभिनंदन किया गया। शासकीय हाईस्कूल आमला के विद्यार्थियों ने आकर्षक गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल  पटेल द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। दिव्यांगता प्रमाण पत्र, क्षय रोगियों को फूड बास्केट, आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को कार्ड, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को सहायता, किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड और मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन तथा पशुपालन विभाग के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर  नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा राज्यपाल  पटेल का जामसांवली के प्रसिद्ध  हनुमान मंदिर की प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद  विवेक बंटी साहू, विधायक  विजय चौरे, विधायक  नीलेश उईके सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे।  

पैक्स कम्प्यूटराईजेशन पूर्ण ; जल्द ही मोबाहल ऐप पर ट्रांजेक्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) में नवीन सदस्य बनने के लिए सदस्यता अभियान 30 जून तक चलाएं। गत 14 अप्रैल से शुरू सदस्यता अभियान के जरिए पैक्स में 10 लाख नवीन सदस्य जोड़ें। उन्होंने कहा कि वर्ष में सवा लाख नए केसीसी स्वीकृति का लक्ष्य रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सुदृढ़ीकरण की सराहना करते हुए कहा है कि अगले 3 साल में सभी कमजोर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का सुदृढ़ीकरण किया जाए। बताया गया कि गत ढाई वर्षों में 18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। शासकीय अंश पूंजी सहायता से 6 जिला बैंक रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर एवं दतिया को सुदृढ़ करने का प्रयास है। अगले चरण में अन्य 6 भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम बैंक के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैक्स से लेन-देन की प्रक्रिया को मोबाइल ऐप के जरिए किए जाने के प्रयास किए जाएं। इस पर बताया गया कि प्रदेश की सभी 4536 पैक्स को केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना अंतर्गत कंप्यूटरीकृत कराया गया है। शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन से योजना क्रियान्वयन में प्रदेश देश में अग्रणी है। जल्द ही मोबाइल ऐप के जरिए ट्रांजेक्शन भी किया जा सकेगा। बैठक में बताया गया की बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गत 2 वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन एवं विपणन हुआ है। 1102 नई दुग्ध समितियों का गठन कर 5562 दुग्ध समितियों तथा वित्तीय समावेशन के लिए 76 हजार सदस्यों के खाते जिला सहकारी बैंक में खोले गए हैं। व्यापक स्तर पर भर्ती एवं संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रयास किए गए हैं। राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय बताया गया कि राष्ट्रीय स्तर की नवीन गठित तीन सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय किया गया है।भारतीय बीज सहकारी समिति लि. (BBSSL) के साथ प्रदेश के सहकारी बीज संघ ने MoU किया है जिससे 17 करोड़ रूपये का व्यवसाय और 844 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई है।राष्ट्रीय सहकारी आर्गेनिक लि. (NCOL) के साथ प्रदेश के सहकारी विपणन संघ का MoU हुआ जिससे 1335 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (NCEL) और प्रदेश के सहकारी संघ के साथ MoU में 1612 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। अभी उत्पादों का चिन्हांकन प्रक्रियाधीन है।  

प्राचीन पांडुलिपियों और विरासत के संरक्षण में जुटी योगी सरकार, “ज्ञान भारतम् मिशन” को मिली नई गति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण और डिजिटलीकरण का व्यापक अभियान तेज कर दिया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य देश की प्राचीन बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।       भारत सरकार के ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को गति प्रदान करते हुए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, ताकि देश की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।       प्रदेशभर में चलाए जा रहे सर्वे अभियान के दौरान अब तक हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें धर्म, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, साहित्य, संगीत, इतिहास और भारतीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां शामिल हैं। विशेष रूप से वाराणसी, आयोध्या और रामपुर में सबसे अधिक पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें कई सदियों पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित सामग्री भी शामिल है।     राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मठ-मंदिरों, निजी संग्रहकर्ताओं और शोध संस्थानों के सहयोग से विशेष सर्वे टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव-गांव और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचकर प्राचीन दस्तावेजों और हस्तलिखित ग्रंथों का पता लगा रही हैं। मिशन के तहत पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, डिजिटलीकरण और सूचीकरण भी किया जाएगा ताकि शोधार्थियों और विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।     दरअसल, उत्तर प्रदेश सदियों से भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। काशी, अयोध्या, मथुरा और रामपुर जैसे शहरों में संस्कृत, फारसी, अरबी और हिंदी की अनेक दुर्लभ पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। अब “ज्ञान भारतम् मिशन” के माध्यम से इन्हें व्यवस्थित रूप से संरक्षित किया जा रहा है। यह अभियान केवल दस्तावेजों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को पुनर्स्थापित करने का प्रयास भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। ज्ञान भारतम् मिशन उसी विजन को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है।

लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाया DA

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। बढ़ती महंगाई के बीच योगी सरकार ने राज्य कर्मियों को एक शानदार तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बड़े फैसले के बाद अब राज्य कर्मियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर सीधे 60 फीसदी हो गया है। अपर मुख्य सचिव (ACS) वित्त, दीपक कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में बंपर इजाफा होगा, बल्कि उनके घर का मासिक बजट भी काफी मजबूत हो जाएगा। 16 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा वित्त विभाग द्वारा जारी इस आदेश का लाभ उत्तर प्रदेश के करीब 16 लाख सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाखों पेंशनर्स को मिलेगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में बहुत बड़ी राहत मिलेगी। सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? समझिए इसका पूरा कैलकुलेशन महंगाई भत्ते की गणना हमेशा कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि इस 2% की बढ़ोतरी से आपकी जेब में कितने रुपये बढ़ेंगे: मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹35,000 है। 58% डीए के हिसाब से उस पहले ₹20,300 मिलते थे। अब 60% डीए के हिसाब से ₹21,000 मिलेंगे। इस हिसाब से हर महीने इसकी सैलरी में ₹700 का सीधा फायदा होगा। (इसके साथ ही जनवरी से लेकर अप्रैल तक का मोटा एरियर भी खाते में एक साथ आएगा)। इसी तरह, जिन वरिष्ठ अधिकारियों की बेसिक सैलरी ₹1 लाख या उससे अधिक है, उनकी मासिक तनख्वाह में ₹2,000 से लेकर ₹5,000 तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।  

‘जनजाति गरिमा उत्सव’ का शंखनाद

​रायपुर छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।         ​कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी। ​ तीन बड़े अभियानों का त्रिवेणी संगम: गाँव-गाँव शिविर        ​इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा। ​ एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएँ      ​18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ​ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। ​     सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।" जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील     ​ कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से वंचित न रहे।