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कौशल प्रशिक्षण से बेटियों को मिल रही नई उड़ान, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ा आत्मविश्वास

कौशल प्रशिक्षण से बढ़ रहा बेटियों का आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे कदम भोपाल  प्रदेश की बेटियां अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की योजनाएं उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के बेहतर अवसर दे रही हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ रही हैं। कौशल प्रशिक्षण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। प्रदेश में 934 आईटीआई हैं। इनमें 290 शासकीय और 644 निजी आईटीआई शामिल हैं। इन संस्थानों में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सत्र 2025 में शासकीय आईटीआई में 94.55 प्रतिशत प्रवेश हुआ। यह अब तक का सर्वाधिक प्रवेश प्रतिशत है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए शासकीय आईटीआई में 35 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसका अच्छा परिणाम दिखाई दे रहा है। प्रदेश की आईटीआई में वर्तमान में 71 आधुनिक ट्रेड्स में 15 हजार से अधिक महिला प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। “कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा)”, “स्टेनोग्राफर हिन्दी” और “इलेक्ट्रिशियन” जैसे ट्रेडों में बड़ी संख्या में बेटियाँ प्रशिक्षण ले रही हैं। यह बदलते माहौल और बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। अब बेटियां नए क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य को मजबूत बना रही हैं। महिलाओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण देने के लिए प्रदेश में 7 शासकीय महिला आईटीआई संचालित की जा रही हैं। वहीं 56 शासकीय आईटीआई में महिला छात्रावास सुविधा उपलब्ध है। इनमें 3400 से अधिक सीटें हैं। इससे दूर-दराज क्षेत्रों की बेटियों को भी प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है। कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का फोकस केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। विभाग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने पर भी लगातार काम कर रहा है। विशेष महिला प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से 777 महिला प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार मिला है। इंदौर स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट द्वारा 509 महिलाओं को निःशुल्क वाहन संचालन प्रशिक्षण दिया गया। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता का भाव और मजबूत हुआ है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और निर्धन वर्ग की 13 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को छात्रवृत्ति मिल रही है। इससे बड़ी संख्या में बेटियों को प्रशिक्षण जारी रखने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना भी बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के अंतर्गत हजारों बेटियों को उद्योगों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग का अवसर मिला है। प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके अभ्यर्थियों में 5660 बेटियाँ शामिल हैं। सागर की सुस्नेहा रजक और रायसेन की सुलिया जैसी युवतियां प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं। अब वे अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। महिलाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से भी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। “जीवन तरंग” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिवर्ष लगभग 3000 बेटियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं "यूएन वीमेन" के सहयोग से बेटियों को "स्टेम और सॉफ्ट स्किल्स" का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे बेटियाँ एडवांस तकनीक और नए कार्यक्षेत्रों से जुड़ रही हैं। परम फाउंडेशन के माध्यम से संचालित आईटीआई कौशल कॉलेजों में भी बड़ी संख्या में बेटियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। धार जिले के सरदारपुर आईटीआई में संचालित कार्यक्रमों में प्रशिक्षणार्थियों का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है। इससे बेटियों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत भी 64 हजार से अधिक बेटियों को कौशल प्रशिक्षण का लाभ मिला है। प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। शासकीय महिला आईटीआई बैतूल की प्रशिक्षणार्थी सुत्रिशा तावड़े ने राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद परीक्षा में सेंट्रल ज़ोन में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया। ऑल इंडिया ट्रेड टॉपर्स में मध्यप्रदेश के 10 प्रतिभागियों में 5 बेटियाँ शामिल रहीं। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 में भोपाल की शासकीय संभागीय आईटीआई की प्रशिक्षण अधिकारी श्रीमती प्रेमलता रहांगडाले को राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं इंडिया स्किल प्रतियोगिता-2024 में प्रदेश की बेटियों ने सिल्वर, ब्रॉन्ज और मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किए। यह उपलब्धियां प्रदेश की बेटियों की क्षमता और मेहनत को दर्शाती हैं। कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रयासों से प्रदेश की बेटियां अब आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं। कौशल प्रशिक्षण उनके लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य का मजबूत आधार बन रहा है।  

ई-रिक्शा से कैबिनेट बैठक में पहुंचे मंत्री टेटवाल और पंवार, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

ई-रिक्शा से कैबिनेट बैठक के लिए मंत्रालय पहुंचे मंत्री द्वय श्री टेटवाल और  पंवार भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से किए गए ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान को आत्मसात करते हुए, बुधवार को कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए ई-रिक्शा से मंत्रालय पहुंचे। "सुरक्षित पर्यावरण का यही आधार-ईंधन बचत हर बार" का संदेश देते राज्यमंत्री श्री टेटवाल कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संसाधनों के संयमित उपयोग का जो आह्वान किया है, उसे आत्मसात कर हम सभी को अपने आचरण से दूसरों को प्रेरित करना चाहिए। ऊर्जा बचत को जन आंदोलन बनाने की अपील मंत्री श्री टेटवाल और श्री मंत्री पंवार ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और ऊर्जा बचत को एक जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में एक आत्मनिर्भर, स्वच्छ एवं सशक्त भारत के निर्माण की मजबूत नींव तैयार करेंगे।  

हरियाणा में बच्चों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता, NCRB आंकड़ों के बाद मानवाधिकार आयोग का बड़ा कदम

चंडीगढ़. हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने राज्य में बच्चों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की “क्राइम इन इंडिया-2024” रिपोर्ट का स्वत संज्ञान लेते हुए कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हरियाणा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक है और मौजूदा तंत्र अपेक्षित परिणाम देने में विफल साबित हो रहा है।आयोग की पूर्ण पीठ, जिसमें अध्यक्ष सेवानिवृत जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया शामिल हैं, ने अपने आदेश में कहा कि एनसीआरबी रिपोर्ट के आंकड़े राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराधों की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7547 मामले दर्ज किए गए, जो वर्ष 2023 की तुलना में करीब 17.9 प्रतिशत अधिक हैं। प्रति एक लाख बाल आबादी पर 82.8 अपराध दर के साथ हरियाणा देश में सबसे ऊपर है। आयोग ने क्या कहा? आयोग ने कहा कि इन मामलों में हत्या, दुष्कर्म, पोक्सो अधिनियम के तहत यौन अपराध, अपहरण, मानव तस्करी, बाल विवाह, भ्रूण हत्या और बाल उत्पीड़न जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। विशेष रूप से बालिकाओं के खिलाफ बढ़ते पोक्सो मामलों को आयोग ने बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और मानसिक विकास के लिए गंभीर खतरा बताया। आयोग ने यह भी कहा कि लापता बच्चों और अपहरण के मामलों में वृद्धि नाबालिगों की तस्करी और शोषण की आशंकाओं को और बढ़ाती है।आयोग ने अपने आदेश में कहा कि संवैधानिक और वैधानिक संरक्षण होने के बावजूद बच्चों के खिलाफ हिंसा, उपेक्षा और शोषण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आयोग ने माना कि स्कूलों, छात्रावासों, बाल देखभाल संस्थानों और अन्य सामाजिक संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए निगरानी तंत्र, शिकायत निवारण प्रणाली और परामर्श सेवाएं प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही हैं।आयोग ने गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्यालय शिक्षा विभाग, पुलिस महानिदेशक और विशेष किशोर पुलिस इकाइयों के नोडल अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इन रिपोर्टों में पोक्सो मामलों की जांच, दोषसिद्धि दर, बाल संरक्षण उपाय, पुनर्वास सेवाएं, स्कूल सुरक्षा व्यवस्था और जिला स्तर पर अपराधों की स्थिति का ब्यौरा शामिल होगा। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अमृतसर में पकड़ा गया दुबई कनेक्शन वाला ड्रग मॉड्यूल

अमृतसर. अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) और 4 किलो हेरोइन बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई और अबू धाबी में बैठे एक ड्रग तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर पंजाब तथा दिल्ली में नशे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक हाल ही में दुबई से वापस लौटा था, जहां उसे कथित तौर पर नशा तस्करी की ट्रेनिंग दी गई थी। उसे हेरोइन और ICE की खेपों को पंजाब पहुंचाने और आगे सप्लाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी माजहा और दोआबा क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच में जुटी हुई है। इस संबंध में थाना छेहरटा, अमृतसर में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और अतिरिक्त बरामदगी होने की संभावना है। 

प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी उजागर, पैसा लेने के बाद मकान नहीं बनाने वालों पर कार्रवाई

तखतपुर/रायपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि लेकर वर्षों तक मकान निर्माण नहीं करने वाले हितग्राहियों पर अब नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है. योजना की पहली किस्त हड़पकर बैठे 455 हितग्राहियों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने या सरकारी राशि वापस जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है. आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ एफआईआर, रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सैकड़ों हितग्राहियों को मकान निर्माण के लिए लगभग 55 से 56 हजार रुपये की प्रथम किस्त जारी की गई थी. लेकिन चार से पांच साल बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने न तो मकान निर्माण शुरू किया और न ही राशि लौटाई. इस कारण योजना की करोड़ों रुपये की राशि फंस गई है. नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक ऐसे 455 हितग्राहियों के पास करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि अटकी हुई है. अब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सभी को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस मिलते ही एक हितग्राही ने पूरी राशि वापस जमा कर दी, जबकि दो अन्य ने किस्तों में राशि लौटाने की अनुमति मांगी है. मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमरेश सिंह ने स्पष्ट कहा है कि जिन हितग्राहियों ने शासन की राशि लेने के बाद भी आवास निर्माण नहीं किया है, उनके खिलाफ अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी. 24 घंटे के भीतर कार्य प्रारंभ नहीं करने अथवा राशि वापस नहीं करने पर एसडीएम कोर्ट में रिकवरी प्रकरण दर्ज किया जाएगा और संबंधित लोगों पर एफआईआर भी कराई जाएगी.

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही आम आदमी पर डबल मार, एक्सपर्ट बोले- अब और बढ़ेगी महंगाई

भोपाल  पांच दिन के अंदर पेट्रोल-डीजल की कीमतें 4 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गईं। इसके बाद ट्रांसपोर्टर्स ने मध्य प्रदेश में माल भाड़ा बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में माल भाड़ा 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते पहले ही दूध, खाना और LPG महंगे हो चुके हैं। अब भाड़े में बढ़ोतरी से आम आदमी का बजट गड़बड़ाना तय है। भोपाल के बड़े ट्रांसपोर्ट कारोबारी कमल पंजवानी ने बताया कि सरकार की नीतियों के चलते ट्रांसपोर्ट सेक्टर पहले ही ऑक्सीजन पर है। अब डीजल के रेट तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कारोबार प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि भोपाल से इंदौर के बीच का भाड़ा 10 हजार रुपए है तो यह बढ़कर 11 हजार रुपए हो सकता है। एमपी में 8 से 10 लाख ट्रक चलते हैं, जो ऑल इंडिया परमिट वाले होते हैं, यानी ये पूरे देश में कहीं भी माल लाने-ले जाने का काम करते हैं। माल भाड़ा बढ़ा तो महंगा होगा सामान ट्रक व लोडिंग वाहनों से पूरे प्रदेश में किराना, सोयाबीन, कपास, गेहूं, सीमेंट, चूना पत्थर, दवाएं, ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सोलर पैनल, खाद आदि की सप्लाई की जाती है। माल भाड़ा बढ़ने से इन सामानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट कारोबारी कमल पंजवानी ने बताया कि भाड़ा बढ़ने का असर आखिरकार जनता पर ही होगा। खाना महंगा, होटल और रेस्टॉरेंट में 10 से 15% तक बढ़ोतरी भोपाल होटल एवं रेस्टॉरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली बताते हैं कि होटल इंडस्ट्री पहले ही LPG संकट से जूझ रही है। 2 महीने के अंदर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 50 प्रतिशत तक बढ़ गए। अब यह करीब 3 हजार रुपए में मिल रहा है। LPG संकट के बाद भोपाल में भोजन 10 से 15 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। दूध के रेट 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़े हैं। इस वजह से पनीर और दही भी महंगे हो गए, जिसका असर सीधे खाने के मेन्यू पर पड़ा है। किचन से जुड़ा सामान महंगा हो चुका किराना कारोबारी विवेक साहू कहते हैं कि ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद बाजार में रोजमर्रा की जरूरत के सामान की कीमतें बढ़ी हैं। इससे जनता के बजट पर असर पड़ा है। माल भाड़ा बढ़ता है तो तय है कि कीमतें और भी बढ़ जाएंगी। टैक्सी संगठन की बैठक अगले सप्ताह ऑल इंडिया टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के राष्ट्रीय सचिव नफीस उद्दीन ने बताया कि संगठन और टैक्सी चालकों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। अगले एक सप्ताह में बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें 10 से 20 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। बैठक के बाद ही तय होगा कि किराया कितना बढ़ाया जाए। पंपों की स्टॉक लीमिट तय पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक, एचपीसीएल में 300 लीटर, बीपीसीएल व इंडियन ऑयल में एक बार में 200 लीटर से ज्यादा डीजल भरते ही मशीन लॉक हो जाएगी। बता दें ​कि बस और ट्रक का डीजल टैंक 150 से 600 लीटर के बीच होता है। तेल कंपनियां ऐसी कैपिंग से इनकार किया है। एचपीसीएल के सीजीएम अश्विन के सिन्हा व इंडियन ऑयल के सीजीएम नवनीत मेहता ने ने कहा कि ऐसी कोई कैपिंग नहीं की है।

छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव, दुर्ग और बिलासपुर में कमिश्नरेट सिस्टम की तैयारी

दुर्ग. छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा संकेत दिया है. राजधानी रायपुर के बाद अब बिलासपुर और दुर्ग में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने की तैयारी है. राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने भिलाई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन शहरों में बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार और अपराध नियंत्रण की जरूरत होगी, वहां चरणबद्ध तरीके से यह व्यवस्था लागू की जाएगी. सरकार इसे शहरी पुलिसिंग को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम मान रही है. गृहमंत्री ने कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने से पुलिस को अधिक प्रशासनिक और कार्यकारी अधिकार मिलेंगे. इससे अपराध पर त्वरित नियंत्रण, निर्णय प्रक्रिया में तेजी और जवाबदेही तय करने में सुविधा होगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार इस मॉडल को जरूरत के आधार पर अन्य शहरों में भी विस्तार दे सकती है. हालांकि लागू करने की समयसीमा पर उन्होंने कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की, लेकिन इसे प्राथमिकता में शामिल बताया. कमिश्नरेट प्रणाली क्या है कमिश्नरेट प्रणाली में पुलिस आयुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कई कार्यकारी अधिकार मिलते हैं. वर्तमान पारंपरिक व्यवस्था में ये अधिकार जिला दंडाधिकारी के पास होते हैं. नई प्रणाली में मजिस्ट्रियल शक्तियां पुलिस आयुक्त को हस्तांतरित हो जाती हैं, जिससे धारा 144 लागू करने, लाइसेंस जारी करने और भीड़ नियंत्रण जैसे फैसले तेजी से लिए जा सकते हैं. बड़े और तेजी से विकसित हो रहे शहरों में इसे प्रभावी मॉडल माना जाता है. रायपुर के बाद दो बड़े शहर राजधानी रायपुर में पहले ही कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जा चुकी है. अब बिलासपुर और दुर्ग को भी इसमें शामिल करने की घोषणा की गई है. बिलासपुर न्यायिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है, जबकि दुर्ग और भिलाई औद्योगिक क्षेत्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं. इन शहरों में बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण को देख सरकार ने यह निर्णय लिया है. पुलिस को मिलेंगे अतिरिक्त अधिकार गृहमंत्री के मुताबिक इस प्रणाली से पुलिस को कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में स्वतंत्र और त्वरित निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा. अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और संगठित अपराध पर निगरानी में मजबूती आएगी. आम नागरिकों को भी शिकायतों के समाधान में तेजी का लाभ मिलेगा. इससे प्रशासनिक समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है.

TRE-4 को लेकर पटना में बवाल, प्रदर्शन कर रहे कई छात्र पुलिस हिरासत में लिए गए

पटना. बीपीएससी टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करने को लेकर बुधवार को कई छात्रों को प्रदर्शन करने से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पटना काॅलेज पहुंचे विद्यार्थियों को पुलिस बारी-बारी से वाहन में बिठाकर ले गई। विज्ञापन जारी करने के साथ अभ्यर्थी गिरफ्तार किए गए छात्र नेता दिलीप कुमार व अन्य की रिहाई की मांग कर रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ बल प्रयोग किया। इस दौरान रिंकल यादव और खुशबू पाठक सहित अन्य छात्रों को हिरासत में लिया।  प्रदर्शन की घोषणा पर अलर्ट थी पुलिस बीपीएससी टीआरई-4 के विज्ञापन और गिरफ्तार छात्र नेताओं की रिहाई के लिए होने वाले प्रदर्शन को देखते ही बुधवार की सुबह आठ बजे से ही पुलिस बल पटना कालेज गेट के बाहर तैनात कर दिया गया था। तय कार्यक्रम के तहत सुबह नौ बजे से छात्र कालेज पहुंचने लगे। इसके पहले विद्यार्थी की संख्या अधिक होती, पटना कालेज का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। TRE 1 जैसे-जैसे छात्र पटना कालेज पहुंचे, पुलिस उन्हें हिरासत में लेती रही। इस दौरान हिरासत में लिए जाने के डर से कई छात्र इधर-उधर भागने लगे। प्रदर्शन के लिए आरा से आ रहीं छात्र नेता खुशबू पाठक को पुलिस ने बिहटा से हिरासत में ले लिया। टीआरई-4 के विज्ञापन की मांग कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में उतरे पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेता रिंकल यादव को पुलिस ने पटना कॉलेज गेट से हिरासत में लिया। TRE 2 इस दौरान छात्रों ने कहा कि उन्हें सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं है। विज्ञापन जारी करने को लेकर साल भर से आए दिन नई-नई तिथि घोषित की जाती है। अगर जल्द से जल्द छात्र नेताओं की रिहाई और विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। पटना कॉलेज के गेट के बाहर छह थानों की पुलिस तैनात है। प्रदर्शन अब नहीं हो रहा है। बीच-बीच में कोई छात्र हंगामा करता है, तो पुलिस उसे हिरासत में ले रही है। एसडीपीओ टाउन 1 राजेश रंजन ने बताया कि कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है। कॉलेज गेट पर परिचय पत्र दिखाकर ही छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है।

तपती गर्मी के बीच पंजाब स्कूलों में छुट्टियों की तैयारी, सरकार जल्द कर सकती है ऐलान

पटियाला. पंजाब में गर्मी और लू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे तापमान कई इलाकों में 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है जबकि बठिंडा में ये 46 डिग्री को पार कर गया है। तेज धूप और भयानक हीट वीव के कहर का सबसे घातक असर स्कूली विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। इस स्थिती को देखते हुए बच्चों के माता-पिता द्वारा स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां जल्द करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। विद्यार्थियों के माता-पिता ने बताया कि पिछले 3-4 दिनों में तापमान में अचानक 4 से 5 डिग्री की वृ्द्धि हुई है। दोपहर के समय जब स्कूलों में छुट्टी होती है तो सूरज देवता अपने पूरे जोश पर होते हैं। इस तीखी धूप में बच्चों द्वारा लाया जाता पानी भी गर्म हो जाता है और उन्हें घर लौटते समय भारी परेशानी होती है। भीषण गर्मी की वजह से दोपहर में सड़कें सुनसान हो जाती हैं, लेकिन विद्यार्थियों को इस मौसम में सफर करना पड़ता है। माता-पिता ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए गर्मी की छुट्टियां जल्दी कर दी जाएं ताकि वे घर पर सुरक्षित रहकर पढ़ाई कर सकें। बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही स्कूलों में छुट्टियां (इसी हफ्ते तक) घोषित की जा सकती हैं। पंजाब में और बिगड़ेंगे हालात पंजाब में लू की स्थिती बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि कुछ जिलों में पारा 47 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर सकता है। इस स्थिती को देखते हुए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है और लोगों को धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है, खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच। बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को खास सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि चल रही गर्म हवाओं के कारण लोगों को गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं। 

जनसुविधाओं से समृद्ध होगा शहर, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले- विकास कार्य लगातार जारी

शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने लगातार किए जा रहे कार्य : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास सामुदायिक भवन, बाल उद्यान और नाली निर्माण से बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं अधोसंरचना विकास, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि रायगढ़ शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में अधोसंरचना विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सुविधाओं और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण वित्त मंत्री चौधरी ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 28 में विधायक निधि से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों, सांस्कृतिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। ऐसे भवन समाज के लोगों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराते हैं और सामाजिक समन्वय को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले साहू समाज के छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। श्रीराम कॉलोनी में बाल उद्यान का जीर्णोद्धार वार्ड क्रमांक 21, श्रीराम कॉलोनी में अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से लगभग 46 लाख रुपये की लागत से बाल उद्यान जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत लैंडस्केपिंग, पौधरोपण, मुख्य द्वार, बाउंड्रीवाल, विद्युतीकरण, बच्चों के खेल उपकरण, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस उद्यान के विकसित होने से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा तथा शहर के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी। नाली निर्माण से सुदृढ़ होगी जल निकासी व्यवस्था रायगढ़ स्टेडियम के पीछे से श्रीराम कॉलोनी मोड़ तक लगभग 37.88 लाख रुपये की लागत से 580 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। इस निर्माण से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा और बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं में कमी आएगी। चौधरी ने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। रायगढ़ में तेजी से आगे बढ़ रहे विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, पुल, केलो नदी तट विकास, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान निर्माण और ऑक्सीजन जोन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इतवारी बाजार क्षेत्र को ऑक्सीजन जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिलेगा। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आधुनिक अध्ययन केंद्र बनेगा, जहां पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बिजली बिल समाधान एवं सौर ऊर्जा योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में राहत मिल रही है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी की जानकारी भी दी और नागरिकों से योजना से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू, जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।