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बरही पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, अलग अलग ठिकानों में दबिश, 34 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त

कटनी जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ बरही पुलिस ने लगातार दो दिनों में कार्रवाई करते हुए 7 अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 34 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब जब्त की। साथ ही ग्राम पिपरियाकला के पारधी टोला में रेलवे स्टेशन के पीछे करीब 540 किलो महुआ लाहन नष्ट कराया गया। पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को ग्राम पिपरियाकला पारधी टोला रेलवे स्टेशन के पीछे करीब 36 कंटेनरों में रखा लगभग 540 किलो महुआ लाहन बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 54 हजार रुपये बताई गई। पुलिस ने मौके पर ही लाहन को नष्ट कराया। इसी कार्रवाई के दौरान चार अलग-अलग स्थानों से सुशील आदिवासी से 5 लीटर, कोमल प्रसाद कोल से 5 लीटर, रामदयाल साहू से 2 लीटर और प्रेमलाल प्रजापति से 2 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। सभी मामलों में आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत कार्रवाई की गई। वहीं 8 सितंबर 2026 को बरही पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 20 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। पुलिस ने दुःखी बाई भूमिया से 5 लीटर, राजू कोल से 5 लीटर और रामचरण कोल से 10 लीटर शराब बरामद की। इन मामलों में भी धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा एसडीओपी विजयराघवगढ़ वीरेंद्र धार्वे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बरही निरीक्षक अरविंद कुमार चौबे के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में बरही पुलिस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है

स्कूल वैन से गिरकर मासूम छात्र की मौत, विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र की घटना, निजी स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल

कटनी  विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूल वैन से गिरकर एक मासूम छात्र की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। घटना ने स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और निजी शिक्षण संस्थानों की परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्र रोजाना की तरह स्कूल वैन से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में वैन का दरवाजा अचानक खुलने अथवा वाहन के अनियंत्रित होने से बच्चा सड़क पर गिर पड़ा। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और राहगीरों ने तत्काल घायल छात्र को उपचार के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में निजी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कई निजी स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि कुछ वाहनों में दरवाजों के सुरक्षित लॉक सिस्टम, बच्चों की निगरानी के लिए अटेंडेंट तथा वाहन की फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर लापरवाही बरती जाती है। वहीं, अनफिट या क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, क्षमता और सुरक्षा मानकों की सघन जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही विजयराघवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल में भी आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस द्वारा हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। वाहन चालक की भूमिका, वाहन की फिटनेस तथा स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी समेत विभिन्न पहलुओं पर पुलिस जानकारी और साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर यदि किसी की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हादसे ने छोड़ा बड़ा सवाल एक मासूम की जान जाने की इस घटना ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी आखिर कितनी गंभीरता से की जा रही है। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के सभी स्कूल वाहनों की तत्काल जांच कराकर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सीएसवीटीयू भिलाई द्वारा बीआईटी दुर्ग में ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन

रायपुर  छत्तीसगढ़  (सीएसवीटीयू) भिलाई द्वारा भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग परिसर में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं प्रदेश़ के राज्यपाल  रमेन डेका ने 72 महिला स्व-सहायता-समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट और 24 स्टार्टअप्स को इग्निशन ग्रांट वितरण किया। समारोह में सांसद  विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक  रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमप्रकाश पाण्डेय, दुर्ग महापौर मती अल्का बाघमार और सहकार भारती के  कलीराम शर्मा भी सम्मिलित हुए। उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान की सार्थकता तभी जब रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे  मुख्य अतिथि राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार के माध्यम से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आज यहां दो महत्वपूर्ण यात्राओं का शुभारंभ हो रहा है, एक हमारी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर नवाचारकर्ताओं के माध्यम से सपनों को उद्यम में बदलने प्रात्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान की सार्थकता तभी है, जब वह समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़कर रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे। राज्यपाल ने कहा कि मिलेट से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है।  महिला स्वावलंबी बनती है तब परिवार मजबूत होता है छत्तीसगढ की कृषि परंपरा में मिलेट अर्थात मोटे अनाज का विशेष महत्व रहा है। आज वहीं पारंपरिक ’ अन्न’ (मिलेट) पोषण के साथ-साथ अब आय का नया जरिया बन रहा है। मिलेट पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ किसानों, ग्रामीण परिवारों और महिला उद्यमियों के लिए आय के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। महिला स्व-सहायता समूह की बहनों को निःशुल्क मिलेट हेल्थ कार्ट प्रदान किए जाने के साथ ही उन्हें एक सक्षम व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित करने के लिए उत्पाद निर्माण, एफएसएसएआई मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय प्रबंधन और विपणन का संपूर्ण प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता-समूहों को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की इस पहल पर बल देते हुए बताया कि जब एक महिला स्वावलंबी बनती है तो उसका परिवार मजबूत होता है और पूरे समुदाय में आत्मविश्वास पैदा होता है। महिला स्व-सहायता समूह ने गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी  राज्यपाल  डेका ने युवा नवाचार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 24 नवाचार-आधारित स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख की इग्निशन ग्रांट प्रदान की जा रही है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार के मार्ग में असफलताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन उनसे सीखकर निरंतर आगे बढ़ना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं परंपरागत रूप से श्रम, कौशल और उद्यमशीलता की मिसाल बन रही हैं, महिला स्व- सहायता समूहों ने गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि उनके पारंपरिक कौशल को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा जाए। महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार का एक मजबूत केंद्र-सीएसव्हीटीयू राज्यपाल  डेका ने तकनीकी विश्वविद्यालय के ज्ञान और संसाधनों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि सीएसव्हीटीयू-फोर्टे (फाउंडेशन फॉर रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप) आने वाले समय में ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार का एक मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने सभी महिला एसएचजी की बहनों और युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। महिला समूह मिलेट खाद्यान को जन-जन तक पहुंचाना है सांसद  विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने मिलेट को पारंपरिक अनाज ’ अन्न’ के रूप में इसे सहकारिता के साथ जोड़कर जन-जन तक पहुॅचाया है। प्रधानमंत्री जी पहल पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ महिला समूह को जोड़कर मिलेट खाद्यान को सभी के सहयोग से जन-जन तक पहुंचाना है। विधायक  ललित चंद्राकर ने आज के इस आयोजन को विकसित भारत निर्माण की मजबूत शुरूआत बताते हुए कहा कि एसएचजी के माध्यम से महिलाएं सशक्त एवं आर्थिक रूप से मजबूत होने जा रहीं हैं। स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं में विश्वास जागृत हुआ है। उन्होंने सरकार की योजनाओं से जुड़कर युवाओं को स्वावलंबी बनने का आह्वान किया। विधायक  रिकेश सेन ने कहा कि स्टार्टअप योजना छत्तीसगढ़ के विकास में रीढ़ की हड्डी साबित हुई है। कार्यक्रम को महापौर  अल्का बाघमार और सहकार भारती के  कलीराम शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के आरंभ में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूण अरोड़ा ने स्वागत उद्बोधन में आयोजन के उद्देश्य, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास और नवाचार पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के प्रध्यापकगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता-समूह की बहनें व युवा वर्ग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों के साथ हुई घटना पर जताई नाराजगी

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज भोपाल में इंटर्न्स, जूडा एवं एमटीए के प्रतिनिधियों से विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की जानकारी मिलते ही नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जीएमसी भोपाल में प्रेस वार्ता में संबोधित कर रहे थे। छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी, घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था की जाएगी उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि शांतिपूर्वक अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ इस प्रकार की घटना नहीं होनी चाहिए। मेडिकल कैंपस में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्र-छात्राओं पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। घायल छात्रों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की इस मांग पर पहले से ही चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ यादव सतत संवाद कर रहे थे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में कहा कि सकारात्मक चर्चा का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रतिनिधिमंडल ने निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भाव से कार्य करें युवा चिकित्सक उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा से चिकित्सकों को वास्तविक परिस्थितियों को समझने और व्यापक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार डॉक्टरों को तैयार करने में पूरा सहयोग कर रही है और अपेक्षा है कि चिकित्सक अपने बॉन्ड की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं देंगे चिकित्सक समाज के लिए महत्वपूर्ण एसेट हैं। मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार और मुस्कुराकर बात करना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को सकारात्मक समाधान के लिए बधाई दी।  

UP में विदेशी निवेश को रफ्तार, उन्नाव में ₹2,078 करोड़ का प्लांट लगाएगी क्राउन, हजारों रोजगार की उम्मीद

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश की आकर्षक एफडीआई नीति-2023 के तहत वैश्विक पैकेजिंग कंपनी क्राउन होल्डिंग्स की भारतीय इकाई क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने उन्नाव स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) में अपने पहले ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन विनिर्माण संयंत्र का भूमिपूजन किया। करीब ₹2,078.44 करोड़ के निवेश से स्थापित होने वाला यह संयंत्र भारत में क्राउन होल्डिंग्स की पहली विनिर्माण इकाई होगी। लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला अत्याधुनिक प्लांट देश के तेजी से बढ़ते पेय पदार्थ उद्योग की पैकेजिंग जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 200 को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर परियोजना से 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, रखरखाव और स्थानीय वेंडर नेटवर्क में भी रोजगार एवं कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे। भूमिपूजन समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रदेश में अब केवल औद्योगिक परियोजनाओं का पंजीकरण नहीं हो रहा, बल्कि उन्हें तेजी से धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। उन्नाव में क्राउन की परियोजना इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह निवेश उत्तर प्रदेश के मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम पर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। 116 करोड़ कैन सालाना होगी शुरुआती क्षमता करीब 40 एकड़ में प्रस्तावित संयंत्र की प्रारंभिक स्थापित क्षमता 116.2 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 178.6 करोड़ कैन प्रतिवर्ष तक किया जा सकेगा। पहले वर्ष में करीब 67 करोड़ कैन के उत्पादन का अनुमान है, जो नौवें-दसवें वर्ष तक बढ़कर लगभग 170 करोड़ कैन प्रतिवर्ष हो सकता है। क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का गठन मार्च 2026 में हुआ है। यह क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसका पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में है। परियोजना का मूल्यांकन उत्तर प्रदेश की एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत किया गया है। योगी सरकार की नीतियों से यूपी बना निवेश का पसंदीदा ठिकाना योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं से उत्तर प्रदेश में देश-विदेश की कंपनियों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उन्नाव में क्राउन का निवेश इसी बदलते औद्योगिक परिदृश्य की बड़ी मिसाल है। इस तरह के बड़े निवेश से केवल एक नई औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं हो रही, बल्कि उसके साथ एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग और सेवा क्षेत्र में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ प्रदेश के औद्योगिक आधार को मजबूती मिलेगी।

रामलला के दरबार को रवाना हुई आस्था की रेल, बिलासपुर से 850 श्रद्धालु अयोध्या-काशी यात्रा पर निकले

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को निरंतर प्रभु राम के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। इसी कड़ी में आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास से भरे माहौल में जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विशेष ट्रेन से रवाना हुए श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक पर्यटन नहीं, बल्कि प्रभु राम की जन्मभूमि अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी के आध्यात्मिक दर्शन का अविस्मरणीय अवसर है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अयोध्या में  रामलला के दर्शन के साथ ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा। हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को किया गया रवाना बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी एवं जिला पंचायत सभापति मती भारती नीरज माली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, उनके परिजन तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे स्टेशन परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं में प्रभु राम के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु जय राम के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा को लेकर भावुक नजर आए। परिजनों ने भी अपने प्रियजनों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देकर विदा किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा—धार्मिक यात्राएं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि  रामलला दर्शन योजना छत्तीसगढ़ वासियों को देश की  धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अयोध्या धाम में प्रभु राम के दर्शन और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है।  अग्रवाल ने कहा कि अयोध्या और काशी केवल तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। इन स्थलों की यात्रा से श्रद्धालुओं को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलता है। उन्होंने बिलासपुर संभाग से यात्रा पर रवाना हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की। अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ के भी होंगे दर्शन  रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में  रामलला के भव्य मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यात्रा के दौरान वाराणसी पहुंचकर श्रद्धालु बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे। अयोध्या और काशी की यह संयुक्त धार्मिक यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। एक ओर अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि और सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, वहीं काशी विश्वनाथ धाम भगवान शिव की आराधना का विश्वविख्यात तीर्थ है। दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण होगी। प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिकों को मिल चुका है दर्शन का लाभ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित  रामलला दर्शन योजना प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिक  रामलला के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिकों, विशेषकर उन लोगों को लाभ मिल रहा है, जिनके लिए अयोध्या और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा व्यक्तिगत स्तर पर कर पाना कठिन होता है। श्रद्धालुओं और परिजनों में दिखा उत्साह बिलासपुर से विशेष ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर स्टेशन पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल रहा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उमंग दिखाई दी। लोगों ने कहा कि प्रभु राम के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य और जीवन का यादगार क्षण है। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से उन्हें अयोध्या धाम जाने और प्रभु राम के दर्शन करने का अवसर मिला है। काशी विश्वनाथ के दर्शन भी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना रहे हैं। प्रशासन, टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी ने संभाली व्यवस्थाएं यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा, यात्रा प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों द्वारा समन्वय के साथ कार्य किया गया। यह धार्मिक यात्रा छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने तथा उनकी आस्था को सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है। आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम बिलासपुर संभाग से 850 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई यह विशेष ट्रेन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के संगम की यात्रा है। अयोध्या में  रामलला के दर्शन और काशी में बाबा विश्वनाथ की आराधना का अवसर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का यह सिलसिला निरंतर जारी है। बिलासपुर से रवाना हुई विशेष ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखाई दे रहा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि प्रभु राम के दर्शन की अभिलाषा हर श्रद्धालु के लिए कितनी भावपूर्ण और आत्मिक अनुभूति है।

कृषि को केवल जीविकोपार्जन का साधन न मानकर इसे किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बनाया जाए

भोपाल  बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कृषि विकास, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद कर कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है तथा किसानों को उन्नत तकनीक, बेहतर सुविधाएं और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और सबकी समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे दुग्ध उत्पादन, अन्न उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी जिसमें भी उनकी रुचि है, एक नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ें। हमारी सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी किसान इस बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से पूरे वर्ष किसानों के हित में निरंतर कार्य किया जाए। किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग बढ़ाने से किसानों को उत्पादन एवं आय में वृद्धि का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन तकनीकों और बेहतर कृषि उत्पादन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नत बीजों के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंपरागत कृषि पद्धतियों के साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को भी बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती को अपनाकर किसान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के साथ कृषि क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों को आगे बढ़ाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ पशुपालन, पर्यटन और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। गौशाला एवं पशुपालन से संबंधित योजनाओं के माध्यम से भी ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेकर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं तथा प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के हित में विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ एवं रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि 6-6 माह निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान जिस दिन ऋण लेगा, उस दिनांक से एक वर्ष की अवधि में ऋण चुका सकेगा। प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में अध्यक्ष अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक  महेंद्र सिंह यादव, प्रदेश प्रभारी बलराम कृषि महोत्सव  कपिल दार्दे और विधायक निवाड़ी  अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि  राजेश पटेरिया, कलेक्टर मती जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया द्वारा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में देवेन्द्रपुरा निवासी कृषक  उदयभान कुशवाहा को संरक्षित खेती, पठाराम के कृषक  सतीश बंशकार को औषधिय खेती, तरीचर कलां के कृषक  सुरेश कुमार साहू को निजी कस्टम हायरिंग केंद्र, मड़िया खास के  कुलदीप सिंह दांगी को ई कृषि यंत्र अनुदान, टीला के कृषक  अरविंद घोष को डेयरी प्लस, सुजानपुरा के कृषक  सुरेन्द्र कुमार यादव को गौ-मैत्री योजना, चचावली के कृषक  लालाराम सूत्रकार को प्राकृतिक खेती एवं थौना निवासी  कैलाश नारायण केवट को मत्स्य बीज उत्पादन के लिये सम्मानित किया गया। साथ ही शासकीय कन्या उ. मा. वि निवाड़ी की छात्रा कु. शिवानी कुशवाहा ने कक्षा 10वीं परीक्षा में प्रदेश की प्रवीण सूची में 9वां स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया एवं जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के मामले में बड़ी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी, परिवहन एवं अवैध रूप से हथियार रखने वालों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मजबूत सूचना तंत्र के परिणामस्वरूप पिछले दो सप्ताह में छतरपुर, खरगोन, ग्वालियर, इंदौर एवं मुरैना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों में कुल 48 अवैध फायर आर्म्स, जिंदा राउंड, खाली खोखा, हथियार निर्माण में प्रयुक्त उपकरण एवं वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से अवैध हथियारों के स्रोत एवं इनके नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। खरगोन थाना बिस्टान पुलिस ने अवैध फायर आर्म्स के निर्माण एवं तस्करी से जुड़े फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर ग्राम सिगनूर में नहर के पास छिपाकर रखी 10 अवैध देशी पिस्टल, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रूपये है, तथा पिस्टल निर्माण में प्रयुक्त ग्राइंडर, सांड़सी, कानस, पेचकस एवं हथौड़ी आदि संसाधन जब्त किए गए है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व से 11 आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज पाए गए। इसके अतिरिक्त खरगोन पुलिस द्वारा अवैध फायर आर्म्स की तस्करी/परिवहन के विरुद्ध की गई एक अन्य कार्रवाई में 01 आरोपी को गिरफ्तार कर 10 अवैध पिस्टल एवं 01 मोटरसाइकिल जब्त की गई। दोनों कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस ने कुल 20 अवैध पिस्टल जब्त की हैं। ग्वालियर अवैध हथियार रखने एवं सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले बदमाशों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन ईगल” के तहत ग्वालियर पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 15 आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया। कार्रवाई में 315 बोर के 14 देशी कट्टे, 15 जिंदा राउंड, 01 खाली खोखा तथा 32 बोर की 01 पिस्टल एवं 05 जिंदा राउंड बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान महाराजपुरा, मुरार, पनिहार, उटीला, डबरा देहात, पुरानी छावनी, गोला का मंदिर, झांसीरोड, सिरोल, हजीरा, बिजौली, कंपू एवं थाटीपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त थाना इंदरगंज, गोला का मंदिर, महाराजपुरा एवं डबरा सिटी पुलिस द्वारा अलग-अलग 04 कार्यवाहियों में अवैध हथियारों का प्रदर्शन एवं वारदात की फिराक में घूम रहे आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लेकर कुल 04 अवैध देशी कट्टे/पिस्टल एवं जिंदा राउंड बरामद किए गए। छतरपुर थाना लवकुशनगर पुलिस ने ग्राम किशनपुरा में अवैध हथियार निर्माण की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण की दो फैक्ट्रियों का खुलासा किया। कार्रवाई में निर्माता एवं विक्रेता सहित 02 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों स्थानों से 315 बोर एवं 12 बोर के देशी कट्टे, अधबने हथियार, अधबने कट्टों के साँचे एवं नाल सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त बड़ी संख्या में उपकरण एवं संसाधन जब्त किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों का निर्माण कर बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में अवैध शराब से संबंधित 02 अपराध भी पंजीबद्ध होना पाया गया। इंदौर क्राइम ब्रांच इंदौर ने अवैध फायर आर्म्स की तस्करी एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 03 देशी पिस्टल, 01 देशी कट्टा, 04 जिंदा कारतूस तथा 01स्कूटी जब्त की गई। जब्त मशरुका की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाखरुपये है। प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के विरुद्ध पूर्व से आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से अवैध हथियारों की आपूर्ति एवं नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मुरैना थाना पोरसा पुलिस ने फायरिंग के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर 04 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 315 बोर के 03 अवैध देशी कट्टेएवं मोटरसाइकिल, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख रूपये से अधिक है, जब्त की गई। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण एवं तस्करी के स्रोतों तक पहुंचकर कार्रवाई करने के साथ ही हथियार रखने वाले बदमाशों की लगातार निगरानी एवं धरपकड़ की जा रही है। अवैध हथियारों के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

नशे के मुद्दे पर राहुल गांधी से भिड़े केजरीवाल, बोले- ‘लाशों पर राजनीति करना बंद करें’

चंडीगढ़. पंजाब में नशे के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। राहुल गांधी के आरोपों और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट के बाद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार देश में कोई राज्य नशे के खिलाफ इस तरह अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या फैली और अब उनकी सरकार इसे खत्म करने का प्रयास कर रही है। केजरीवाल ने कहा-  पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है। मुझे बेहद दुख है कि आप जैसा नेता लाशों के ऊपर गंदी राजनीति कर रहा है। निर्णायक युद्ध लड़ रही सरकार – राहुल जी, पंजाब सरकार नशे के विरुध्द निर्णायक युद्ध लड़ रही है। पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये… – Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) गुलजार सिंह की मौत राजनीति न करें गुलजार सिंह की मौत को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि राहुल गांधी जैसे नेता एक व्यक्ति की मौत पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने के लिए कल आपके विधायक भी जब उस गांव में गये तो गांव वालों ने उन्हें निकाल दिया। केजरीवाल ने अपने पेज पर एक वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने राहुल गांधी से निवेदन किया कि वे भी एक चक्कर इस गांव का लगाकर आएं। पंजाब सरकार के किसी मंत्री, किसी विधायक का इस व्यक्ति की मौत से कोई लेना देना नहीं और वे इस तरह की गंदी राजनीति मत कीजिए। गुलजार सिंह मौत पर सियासत तेज – इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में सरकारी नाकामी पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री से नशे के कारोबार पर सवाल किया था, जिसके बाद उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और प्रताड़ित किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने जहर खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। अब केजरीवाल के जवाब के बाद इस मुद्दे पर पंजाब की राजनीति और गरमा गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर जिले में अवैध शराब से हुई लोगों की मृत्यु पर व्यक्त किया शोक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब से लोगों की हुई मृत्यु के प्रकरण में कठोरतापूवर्क कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाए। जिले में नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जाए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज सागर के बुन्देलखंड मेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के साथ-साथ आस-पास और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा जहाँ कहीं भी शंका या संदिग्ध गतिविधि की गुंजाइश हो, वहाँ तत्परता से पड़ताल की जाए और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि किसी निर्दोष के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो। अफवाह फैलाने वालों पर करे सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से सोशल मीडिया या अन्य विभिन्न माध्यमों पर अनावश्यक अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखने और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। समाज को साथ लेकर चलेगा नशा विरोधी अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नशा विरोधी अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। साथ ही, नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर जनजागरूकता और नशा मुक्ति के प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जाएं। प्रदेश में कठोर कानून का है प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार के रहते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के समय कठोर कानून बनाया गया कि इसमें धारा 49 और बाकी 304 जोड़ते हुए हत्या से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा देने का प्रावधान है। इस प्रकार की घटना में लिप्त है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई करें, जिनके अवैध अतिक्रमण हैं या अलग से किसी ने इस प्रकार से अपना साम्राज्य चलाया है, उस पर भी काम करें। नशा मुक्ति के लिए सबको मिलकर प्रयास करने की जरूरत हमने पूरे राज्य में निर्देश जारी किए हैं कि नशा मुक्ति अभियान चलाने के लिए धार्मिक संस्थाओं के साथ, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ अलग-अलग स्तर पर शासन की ओर से भी नशा मुक्ति के अभियान चलाने की आवश्यकता है। हम सबको इससे निपटने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रतिबद्धता की जरूरत पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वार्डों में जाकर जाना बंडा के प्रभावितों का हाल, परिजन को बंधाया ढांढस बंडा के अवैध शराब मामले के प्रभावितों को त्वरित राहत देने और उनका ढांढस बंधाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना और पीड़ित परिवारों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिजन से कहा कि सरकार हर स्थिति में आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक मरीज के पास जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति देखी। पीड़ितों के परिजनों से पूछा—"परिवार में कौन-कौन है? चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है।" निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीएमसी के प्रभारी डीन, अधीक्षक और वरिष्ठ चिकित्सकों से पीड़ितों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही आवश्यक दवाओं, टेस्ट और विशेषज्ञों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान दमोह सांसद  राहुल सिंह लोधी, रहली विधायक  गोपाल भार्गव, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक  शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया, बंडा विधायक  वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक मती निर्मला सप्रे, देवरी विधायक  ब्रज बिहारी पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत,  श्याम तिवारी, महापौर मती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष  वृन्दावन अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, डाक्टर्स, मौजूद थे।