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सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता ग्वालियर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5, ग्वालियर में एक दिवसीय विद्यालय भ्रमण एवं निरीक्षण हेतु माननीय सहायक आयुक्त महोदय श्री दीपक डबराल (ACAD) KVS HQ DELHI एवं श्री विजय वीर सिंह सहायक आयुक्त KVS RO BHOAL के आगमन पर श्री  मनीष तिलक प्राचार्य पीएम श्री केवी 5, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते हुए कक्षा प्रथम से षष्ठम तक के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अभिनंदन से हुई। छात्रा समृद्धि शुक्ला की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति तथा विद्यार्थियों के बैंड वादन एवं स्वागत गीत ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। स्काउट एवं गाइड की ओर से अनुष्का तिलक एवम् अन्य छात्राओं ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया, वहीं छात्राओं दिव्यांशी पाल एवं कीर्ति ने हरित स्वागत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गणित एवं विज्ञान की गतिविधियों और कार्यशील मॉडलों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टेसलेशन, वीविंग पैटर्न, सौरमंडल, जल चक्र एवं फाउंटेन जैसी गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। माननीय सहायक आयुक्त ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता की सराहना की तथा उन्हें अधिकाधिक प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया। माननीय अधिकारी ने पीएम श्री योजना के सभी छह स्तंभों का अवलोकन कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। कक्षा X एवं XII के विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद में उन्हें बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव एवं प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके पश्चात बोर्ड कक्षाओं के शिक्षकों के साथ बैठक में शत-प्रतिशत परिणाम एवं प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्राचार्य महोदय ने समस्त शिक्षकों की ओर से उत्कृष्ट परिणाम के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। अंत में श्रीमती चेतना शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा माननीय सहायक आयुक्त महोदय सहित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की गई।

नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस की प्रेस वार्ता

नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस की प्रेस वार्ता 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो महापौर-आयुक्त के बंगलों में कचरा भरने की चेतावनी मुरैना  नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, शहर में व्याप्त गंदगी, जलभराव और बदहाल सड़कों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस नेताओं ने महापौर और नगर निगम आयुक्त पर शहर की समस्याओं की अनदेखी करने तथा राजस्व विभाग में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर समस्याओं और भ्रष्टाचार के आरोपों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस नगर निगम का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेगी। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मधुराज तोमर ने कहा कि शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। कई सड़कें टूटी हुई हैं और बारिश के बाद जलभराव की समस्या बनी हुई है। आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है, लेकिन नगर निगम प्रशासन का इन समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने राजस्व विभाग में भी कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अयोग्य लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया गया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गजेंद्र जाटव ने आरोप लगाया कि महापौर द्वारा दो बंगलों पर अधिकार जमाए जाने की शिकायत कई बार प्रशासन के समक्ष की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने राजस्व विभाग में नामांतरण सहित अन्य कार्यों के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया। जाटव ने चेतावनी दी कि सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो शहर की गंदगी नगर निगम आयुक्त और महापौर के बंगले में भरने का आंदोलन किया जाएगा। मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा कि बारिश और बाढ़ के कारण जनता परेशान है। शहर की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और जगह-जगह गंदगी का साम्राज्य बना हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन इन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। अंबाह विधायक देवेंद्र सखवार ने अंबाह नगर पालिका क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में भी गंदगी की समस्या बनी हुई है। जनता अपनी समस्याओं को लेकर परेशान है, लेकिन प्रशासन की ओर से उचित सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने नगर निकायों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। नगर निगम में विपक्ष के नेता विनीत कंसाना ने राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग कथित तौर पर वसूली का अड्डा बना हुआ है और नामांतरण के नाम पर लोगों से हजारों रुपये लिए जा रहे हैं। उन्होंने फर्जी रसीदें काटे जाने का भी आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज तोमर ने आगामी 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को लेकर यूथ कांग्रेस और सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं और छात्रों को कार्यक्रम में पहुंचाने के लिए कांग्रेस द्वारा व्यवस्था की जा रही है तथा पंजीयन भी किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार राहुल गांधी कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करेंगे। पार्टी प्रवक्ता हरीश पाठक ने बताया कि प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने शहर की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। साथ ही चेतावनी दी कि निर्धारित समय में नगरीय प्रशासन ने समस्याओं के समाधान और लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई नहीं की तो जिला कांग्रेस कमेटी नगर निगम का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेगी। प्रेस वार्ता में संगठन महासचिव कुलदीप यादव, दीपक शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष शहर जिला कांग्रेस कमेटी मुरैना जितेंद्र सिंह डंगस, अवनीश कटारे सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

दिल्ली पहुंचे चन्नी, संसद रत्न अवार्ड के साथ कांग्रेस की गुटबाजी पर होगी अहम बैठक!

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे। चन्नी को आज संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाना है। वह कृषि संबंधी संसदीय समिति के चेयरमैन भी हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से उनकी मुलाकात होने की संभावना है। माना जा रहा है कि मुलाकात होती है तो पंजाब कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों पर चर्चा हो सकती है। चन्नी की वेणुगोपाल से संभावित मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब पंजाब कांग्रेस में संगठन को लेकर अंदरूनी खींचतान लगातार सामने आ रही है। एक जुलाई को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से चुनाव समितियों के गठन के बाद चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की ओर से असहमति जताई गई थी। इसके बाद से चन्नी की हाईकमान के साथ सक्रिय स्तर पर मुलाकात नहीं हो सकी है। चन्नी समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन संसद सत्र के दौरान भी उनकी राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो पाई। अगले सप्ताह पायलट आ सकते हैं पंजाब इधर, कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट अगले सप्ताह पंजाब दौरे पर आएंगे। उनके दौरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों को दूर कर सभी नेताओं को एक मंच पर लाने की होगी। सूत्रों के मुताबिक पायलट पंजाब दौरे के दौरान पार्टी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे। वह नेताओं के साथ संगठन की स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आपसी मतभेदों को लेकर चर्चा कर सकते हैं। संगठन में समन्वय बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है कि सभी प्रमुख नेताओं को एक साथ बैठाकर संगठन में समन्वय बढ़ाने की कोशिश भी की जाएगी। मंगलवार को चंडीगढ़ में हुए पंजाब कांग्रेस के रोष प्रदर्शन में भी पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की सक्रियता दिखाई दी थी। ऐसे में पायलट का पहला पंजाब दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत किया है। अब हाईकमान की कोशिश यह है कि नए प्रभारी की अगुवाई में सभी नेताओं को साथ लेकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां आगे बढ़ाई जाएं।

कीटनाशक विक्रय में लापरवाही पर सख्ती, CG में एक लाइसेंस निरस्त, दो केंद्र निलंबित

धमतरी. खरीफ सीजन के बीच कृषि विभाग ने कीटनाशक विक्रय केन्द्रों पर सख्ती बढ़ा दी है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए विभाग की टीम लगातार विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर रही है। इसी जांच के दौरान भटगांव में तीन कीटनाशक विक्रय केन्द्रों पर कार्रवाई की गई है। मेसर्स गौरव कृषि केन्द्र और मेसर्स साहू कृषि केन्द्र के कीटनाशक विक्रय लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में आवश्यक दस्तावेजों का समुचित संधारण नहीं होना, निर्धारित मापदंडों के अनुरूप मूल्य सूची उपलब्ध नहीं होना और स्टॉक का उचित प्रदर्शन नहीं किया जाना पाया गया। वहीं मेसर्स गायत्री कृषि केन्द्र, भटगांव का कीटनाशक विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। लाइसेंस निरस्त होने के बाद प्रतिष्ठान में कीटनाशकों का व्यवसाय नहीं किया जा सकेगा। 10 अन्य केन्द्रों की भी जांच कृषि विभाग ने जिले के 10 अन्य कीटनाशक विक्रय केन्द्रों का भी निरीक्षण किया। इनमें धमतरी के अंकित ट्रेडर्स, राधा ट्रेडर्स और शिवधारा कृषि केन्द्र के साथ ही देमार, बागतराई, खम्हरिया, दानीटोला, कलारतराई और सेमरा बी के विभिन्न कृषि केन्द्र शामिल हैं। जांच के दौरान मेसर्स अंकित ट्रेडर्स, धमतरी में अनियमितता पाए जाने पर कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है और प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग के मुताबिक, नोटिस का जवाब मिलने के बाद तथ्यों और नियमों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MY अस्पताल में डॉक्टरों का जोरदार प्रदर्शन, ‘वन नेशन-वन स्टाइपेंड’ की मांग पर अड़े; मरीजों की बढ़ी परेशानी

इंदौर इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच में चिकित्सा व्यवस्था उस समय प्रभावित हुई जब जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया। यहां के डॉक्टर भोपाल में हुए लाठीचार्ज और 'वन नेशन-वन स्टाइपेंड' की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स 3 दिन से सड़कों पर हैं। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है और कई जगह ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की अस्पताल परिसर में एकत्र हुए रेजिडेंट डॉक्टरों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का कहना है कि एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र अस्पतालों में दिन-रात सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद देश के अलग-अलग राज्यों में उनके मानदेय में भारी असमानता है। डॉक्टरों की मांग है कि पूरे देश में एक समान मानदेय व्यवस्था लागू की जाए और भोपाल में चिकित्सकों पर बल प्रयोग करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो। इंटर्न डॉक्टर राजेश सोनी ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। डॉ. रागिनी खन्ना ने बताया कि धूप और गर्मी में भी हम लगातार आंदोलन करेंगे। सीनियर डॉक्टर, हमारे सभी साथी और परिचित इस आंदोलन में हमारे साथ हैं।  स्टाइपेंड पर पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था की मांग जूडा इंदौर के अध्यक्ष डॉक्टर विक्रम नेतू ने कहा कि भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों पर लाठीचार्ज किया गया। हम दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हैं। इस तरह का सलूक कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारी प्रमुख मांग है कि पूरे देश में समान स्टाइपेंड व्यवस्था लागू होना चाहिए।   अस्पताल प्रबंधन बोला मरीज परेशान नहीं होंगे अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर अशोक यादव का कहना है कि मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्रबंधन के अनुसार ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से चालू हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों और कंसल्टेंट्स को मोर्चे पर तैनात किया गया है। वहीं कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है ताकि मरीजों की जान जोखिम में न पड़े। 

योगी सरकार का बुजुर्गों को बड़ा तोहफा, सस्ते किराये पर मिलेगा सुरक्षित मकान; नीति पर काम शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार बुजुर्गों के लिए एक नई और विशेष रेंटल हाउसिंग नीति लाने की तैयारी कर रही है. इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराना है. आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने इसके लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो नीति का प्रारूप तैयार कर सरकार को अपनी सिफारिशें देगी. प्रस्तावित योजना के तहत जरूरतमंद बुजुर्गों को कम किराये पर मकान उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी. सरकार का मानना है कि वृद्धावस्था में किसी भी वरिष्ठ नागरिक को आवास के लिए भटकना न पड़े और उसे सुरक्षित रहने का विकल्प मिल सके।  नीति तैयार करने के लिए बनी 9 सदस्यीय समिति आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने नई रेंटल हाउसिंग नीति के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति की अध्यक्षता आवास विभाग के सचिव करेंगे. समिति में लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को सदस्य बनाया गया है. वहीं, आवास बंधु के निदेशक को सदस्य-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह समिति वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं का अध्ययन कर नीति का मसौदा तैयार करेगी और सरकार को अपनी संस्तुतियां सौंपेगी।  सभी शहरों में विकसित होगा आवास मॉडल सरकार की योजना प्रदेश के विभिन्न शहरों में बुजुर्गों के लिए विशेष आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की है. इन मकानों को जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को किफायती किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा. नीति में सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच, सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता और वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।  बुजुर्गों के लिए पहले से चल रही हैं कई योजनाएं उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके अलावा लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है।  संपत्ति संरक्षण के अधिकार राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में 'उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014' में संशोधन को मंजूरी दी है. नए प्रावधानों के तहत यदि संतान या आश्रित रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण नहीं करते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं तो बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे. साथ ही शिकायतों के निस्तारण के लिए 30 दिन की समयसीमा भी तय की गई है। 

कचरे से बनेगी बिजली और बायो-CNG, शारजाह में BEEAH मुख्यालय पहुंचे CM मोहन यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' के तीसरे दिन 8 सितंबर को शारजाह स्थित बी-आह (Bee’aH) मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बी-आह फैसेलिटी के ग्रुप सीईओ एवं वाइस-चेयरमैन खालिद अल हुरैमल के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट सिटी विकास, सर्कुलर इकोनॉमी और अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट समाधानों को मध्यप्रदेश में लागू करने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी प्रकार के इंडस्ट्रियल वेस्ट, सीवेज वेस्ट, वेस्ट रिप्रोसेसिंग और इनर्ट मटेरियल के डिस्पोजल संबंधी ट्रीटमेंट सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि यहां विश्व की सर्वाधिक उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान बी-आह ग्रुप को मध्यप्रदेश के नगर निगमों में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट तथा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीईईएएच की डिजिटल, एआई-सक्षम और सर्कुलर इकोनॉमी क्षमताएं मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी विजन और क्लीन एनर्जी मिशन के बिल्कुल अनुकूल हैं। राज्य में ईवी-आधारित फ्लीट और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार में यह साझेदारी अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है। इंदौर के स्वच्छता मॉडल के साथ वैश्विक तालमेल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि इंदौर ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी के क्षेत्र में देश और दुनिया के समक्ष एक अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने बी आह को इंदौर के स्थापित मॉडल के साथ जुड़कर नए आधुनिक समाधानों पर मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया, जिससे कचरा प्रबंधन के साथ-साथ जीरो-वेस्ट लैंडफिल के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। जीआईएस-2027 के लिए दिया आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बी आह के ग्रुप के सीईओ खालिद अल हुरैमल को अगले साल भोपाल में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि बी आह ग्रुप अपनी आगामी वैश्विक विस्तार योजनाओं में मध्यप्रदेश को एक प्रमुख और प्राथमिकता वाले गंतव्य (डेस्टिनेशन) के रूप में शामिल करे। अत्याधुनिक मुख्यालय का किया अवलोकन बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ज़ाहा हदीद द्वारा डिज़ाईन किए गए बी-आह के प्रतिष्ठित एआई-सक्षम व नेट-ज़ीरो-रेडी मुख्यालय तथा उनकी विभिन्न उन्नत सुविधाओं की सराहना की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित बी आह आज 46 राष्ट्रीयताओं के 13 हजार से अधिक कर्मचारियों और यूएई, सऊदी अरब व मिस्र में विस्तृत परिचालनों के साथ पर्यावरण, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी का अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय समूह बन चुका है। शारजाह में 90 प्रतिशत से अधिक लैंडफिल-डायवर्जन दर और कमर्शियल स्केल वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के संचालन में समूह ने वैश्विक मानक स्थापित किए हैं। एडवांस्ड सस्टेनेबल और एआई-सक्षम है बी आह फैसिलिटी का मुख्यालय बी आह सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और एआई का वैश्विक मॉडल संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में मुख्यालय वाला बी-आह (BEEAH) वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित यह संस्था एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी से विकसित होकर आज एनवायरमेंटल सर्विसेज, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सस्टेनेबल रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। बी-आह की पहचान एडवांस्ड वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी सॉल्युशन्स के लिए है। उच्च वेस्ट-डायवर्जन दर के साथ संस्था शारजाह के महत्वाकांक्षी सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इसका उद्देश्य कचरे को केवल निपटान की वस्तु न मानकर उसे संसाधन में बदलते हुए एक ऐसे मॉडल को विकसित करना है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी गति दे। बीईईएच का प्रतिष्ठित मुख्यालय इस सोच का जीवंत उदाहरण है। प्रसिद्ध वास्तुकार ज़ाहा हदीद द्वारा डिजाइन किया गया यह भवन दुनिया की अत्याधुनिक सस्टेनेबल और एआई-सक्षम इमारतों में शामिल है। भवन की डिजाइन, तकनीक और ऊर्जा दक्षता इसे भविष्य के स्मार्ट एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों के लिए एक प्रभावी मॉडल बनाती है। रणनीतिक साझेदारियों और नवाचार आधारित परियोजनाओं के माध्यम से बी-आह स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरों के विकास को नई दिशा दे रहा है। पर्यावरणीय उत्कृष्टता, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में इसके प्रयासों ने शारजाह को क्षेत्रीय स्तर पर ग्रीन इनोवेशन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।

‘डॉक्टर हनुमान’ को हटाना मुश्किल, JCB-क्रेन भी फेल; मुस्लिम समुदाय भी बना भक्ति की मिसाल

उज्जैन  उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के लिए मंदिर का ढांचा तोड़ दिया गया। जेसीबी और क्रेन से खड़े हनुमान की प्रतिमा हटाने की कोशिश हुई, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से हिली तक नहीं। करीब 10 दिन की कोशिश के बाद प्रशासन ने एक्सपर्ट्स की मदद लेने का फैसला किया है। अब IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। टीम ने स्पेशल इक्विपमेंट से प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की जांच की। पुरातत्व एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि प्रतिमा करीब 1000 साल पुरानी हो सकती है। IIT की रिपोर्ट के बाद तय होगा कि इसे सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकता है या नहीं। वहीं, भक्तों के लिए यह सिर्फ प्रतिमा हटाने का मामला नहीं है। खड़े हनुमान को लोग ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहते हैं। मान्यता है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। इसलिए प्रतिमा के नहीं हिलने को भक्त भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण में मंदिर आड़े आया था कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर की जा रही है। इसी दायरे में खड़े हनुमान का मंदिर आ रहा था। कार्रवाई के दौरान मंदिर का ढांचा हटा दिया गया, लेकिन प्रतिमा को विस्थापित करने में परेशानी हुई। प्रतिमा हटाने के लिए निगम की टीम कटर लेकर भी पहुंची थी। भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि ज्यादा बल लगाने या कटर चलाने से प्रतिमा को नुकसान हो सकता है। दो दिन पहले मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की थी। प्रतिमा के नीचे क्या है, IIT पता लगाएगी आईआईटी इंदौर की टीम ने मंगलवार को करीब दो घंटे तक जांच की। विशेष उपकरणों से प्रतिमा की जमीन में गहराई और आसपास की संरचना की जानकारी जुटाई गई है। टीम अब अपनी रिपोर्ट देगी। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक मंदिर के पंडित के आग्रह पर आईआईटी की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय होगी। प्रशासन यह देख रहा है कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं। पुरातत्व विशेषज्ञ बोले- 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनके अनुसार पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था। खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा साफ दिखाई नहीं देती। भक्त इसे चमत्कार मान रहे प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बाद इसके नहीं हिलने की चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंच गई। स्थानीय लोग, पुजारी और हिंदू संगठन इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। इसे लेकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और प्रतिमा हटाने का विरोध हुआ। भक्तों के लिए यह सिर्फ मंदिर या प्रतिमा हटाने का मामला नहीं है। यहां खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ कहा जाता है, जबकि मंदिर को कई लोग ‘उज्जैन का एम्स’ कहते हैं। मान्यता है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। बच्चों के इलाज की मान्यता से पड़ा ‘डॉक्टर हनुमान’ नाम पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक मंदिर में वर्षों से छोटे बच्चों को झाड़नी दी जाती है और ताबीज बांधे जाते हैं। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है। उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लीवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार एयर एंबुलेंस से बच्चे को दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। इसके बाद उसे एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया और उसका लीवर ट्रांसप्लांट हुआ। मुस्लिम परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं। जिन परिवारों में संतान नहीं होती या जो किसी बीमारी से परेशान होते हैं, वे यहां मन्नत मांगते हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लोग अपनी समस्याएं लेकर मंदिर आते रहे हैं और अब प्रतिमा को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। मंदिर के ऊपर लगाया गया टेंट मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद प्रतिमा की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने उसके ऊपर केनोपी यानी टेंट लगा दिया है। भक्त इसे अयोध्या के राम मंदिर से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह भगवान राम को एक समय टेंट में रहना पड़ा था, उसी तरह अब खड़े हनुमान भी टेंट के नीचे विराजित हैं।

हमीदिया अस्पताल में इलाज पर संकट! स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज परेशान

भोपाल मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स स्टाइपेंड बढ़वाने 3 दिन से सड़कों पर हैं। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है। ओपीडी सेवाएं ठप हैं। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को 12 बजे तक ओपीडी बंद कर दी गई। सीनियर डॉक्टर्स ने मरीजों को देखा। किडनी और लिवर के मरीज भटकते दिखे। हमीदिया में आज सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि बाकी दिन 40 से ज्यादा होते थे। कमला पार्क के पास आंदोलन, रास्ते को वन-वे किया गया भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठे हैं। प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। रास्ते को वन-वे किया गया है। पुलिस और प्रशासन डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि प्रदर्शन से आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। इंटर्न डॉक्टर सौरभ सोनी ने बताया- जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। डॉ. शालिनी खन्ना ने बताया कि धूप और गर्मी से काफी दिक्कत हो रही है, लेकिन खाने-पीने की परेशानी नहीं है। सीनियर डॉक्टर, साथी और भोपाल के लोग भी हमारे लिए खाना भेज रहे हैं। भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा- जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इंटर्न डॉक्टरों की मांगों को लेकर कल मेडिकल कॉलेज में विस्तृत चर्चा हुई थी। आज भी उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा- छात्रों को अपने बीच से तय प्रतिनिधियों के जरिए प्रशासन से तुरंत बातचीत करनी चाहिए। प्रदर्शन करना उनका अधिकार है, लेकिन सरकार के फैसले के बाद यह भी देखना चाहिए कि उनकी मांगों में से सरकार ने किस हद तक सहमति दी है। हर व्यक्ति के असंतुष्ट होने पर लगातार विरोध जारी रखना उचित नहीं है।

विचाराधीन कैदियों के मामलों की होगी समीक्षा, CG की अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने दिए निर्देश

कोंडागांव. जिला स्तर पर लंबे समय से विचाराधीन मामलों में बंद कैदियों को राहत दिलाने की दिशा में समीक्षा की गई. अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी और मॉनिटरिंग सेल की बैठक में पात्र बंदियों के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई. ऐसे बंदियों के मामलों की समीक्षा की गई, जिन्हें लंबे समय से जमानत का लाभ मिलने के बावजूद शर्तें पूरी करने में परेशानी है. इसके अलावा उन बंदियों के मामलों पर भी ध्यान दिया गया, जो अपनी संभावित अधिकतम सजा की तुलना में पर्याप्त समय जेल में बिता चुके हैं. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश खिलावन राम रिगरी ने अधिकारियों को पात्र मामलों में तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए. बैठक में बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. मॉनिटरिंग सेल की बैठक में नए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने पर भी चर्चा हुई. ग्राम तोतर में मेगा ड्राइव के तहत प्रत्येक सप्ताह कैंप लगाने को लेकर भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया. कैंप के जरिए ग्रामीणों तक विभिन्न विभागों की सेवाएं पहुंचाने की योजना पर चर्चा हुई. बैठक में न्यायिक, पुलिस, प्रशासन और अभियोजन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पात्र बंदियों और ग्रामीणों से जुड़े मामलों में प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए.