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PMCH में 200 छात्रों की आंतरिक परीक्षा रद्द, नई तारीखें जारी

पटना देश में NEET की परीक्षा रद्द होने के बाद अब पटना में एमबीबीएस की परीक्षा रद्द कर दी गई है।पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों की प्रथम आंतरिक परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसमें लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा शामिल हैं। कदाचार की आशंका को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। परीक्षा में औषधि विभाग के करीब 200 छात्र शामिल हुए थे। इसकी सूचना पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष को दी है। साथ ही कार्रवाई के लिए मेडिकल एजुकेशन यूनिट को भी सूचित किया गया है। परीक्षा 11 और 12 मई को आयोजित की गई थी। 11 मई को लिखित परीक्षा हुई थी, जबकि 12 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा रद्द करने के साथ ही पटना मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नई तिथियां भी जारी कर दी हैं। नई तिथि के अनुसार लिखित परीक्षा 20 मई को दोपहर एक बजे से दो बजे तक आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र का पैटर्न भी कॉलेज प्रशासन ने जारी किया है। वहीं 21 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा होगी, जो सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। परीक्षा में औषधि विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। नीट पर्चा लीक में एनटीए की विशेषज्ञ गिरफ्तार इधर नीट यूजी-2026 में बायोलॉजी का प्रश्नपत्र लीक कराने में लिप्त कथित मास्टरमाइंड मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा पुणे के एक कॉलेज में बॉटनी की लेक्चरर हैं। उसे एनटीए ने नीट यूजी-2026 में विशेषज्ञ बनाया था। जांच में सामने आया है कि परीक्षा के बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उसकी पूरी पहुंच थी। सीबीआई के अनुसार, बीते अप्रैल में मनीषा मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया) के जरिये नीट अभ्यर्थियों को जमा किया और उनके लिए पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कक्षाएं चलाईं। इनमें छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल बताए गए। इनमें से अधिकांश प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट यूजी के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। मनीषा की गिरफ्तारी लातूर के शिक्षक पीवी कुलकर्णी के बाद हुई है। कुलकर्णी भी नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों में था। सीबीआई जांच में पता चला है कि केमिस्ट्री व बायोलॉजी पर्चा लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे और कुछ बिचौलियों ने लाखों में पर्चे बेचे और छात्रों को विशेष कोचिंग कक्षाओं तक पहुंचाया। वहां, परीक्षा में आने वाले सवाल बताए गए।

अमित शाह के बस्तर आगमन से पहले हाई अलर्ट, विजय शर्मा ने संभाली तैयारियों की कमान

जगदलपुर. बस्तर एक बार फिर देश की सियासत और सुरक्षा रणनीति के केंद्र में है. केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह 18 और 19 मई को अपने दो दिवसीय दौरे पर बस्तर पहुंच रहे हैं. यह उनका 2019 के बाद दसवां दौरा होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इस बार दौरे का फोकस सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि विकास और जनसुविधाओं पर भी रहेगा. आसना स्थित बादल अकादमी और नेतानार में प्रस्तावित कार्यक्रम इसकी झलक देंगे. प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने तैयारियों का जायजा लिया. अधिकारियों के साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. शाह का हर दौरा बस्तर में एक नई पहल या संदेश लेकर आता रहा है. तर्रेम हमले के बाद संवेदनशील दौरे से लेकर बस्तर दशहरा में शामिल होने तक, उनका जुड़ाव लगातार बढ़ा है. अब नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता के बाद यह दौरा और भी अहम माना जा रहा है. दो दिनों के प्रवास में सुरक्षा समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित है. जहां नक्सल मुक्त बस्तर की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. बस्तर में यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि विश्वास और बदलाव का संकेत बन चुका है.

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा, मुख्य आरोपी कोरबा से गिरफ्तार

सक्ती  नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपित को मालखरौदा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित ने प्रार्थी एवं अन्य पीड़ितों से कुल 12 लाख रुपये की ठगी की थी तथा ठगी की रकम में से पांच लाख 75 हजार रुपये से बोलेरो वाहन खरीदा था। पुलिस के अनुसार प्रार्थी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा, निवासी ग्राम सकर्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रुपये लिए हैं। जांच के दौरान यह सामने आया कि वर्ष 2011 में आरोपित सुरेश कुमार दुबे (57 वर्ष), ग्राम नुनेरा (भेलवाभांटा), थाना पाली, जिला कोरबा ने प्रार्थी एवं अन्य लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर करीब 12 लाख रुपये वसूल किए थे।  

साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस: सात दिन की रिमांड पर आरोपियों से मिनट-टू-मिनट पड़ताल

जालंधर.  जालंधर में सुरक्षा बल के मुख्यालय के समीप हुए विस्फोट मामले में पुलिस ने आरोपियों की मौजूदगी में दूसरी बार घटनाक्रम को दोहराकर साक्ष्य जुटाए हैं। सात दिनों की हिरासत के दौरान सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार बैठे हैंडलर्स और इस बड़ी साजिश के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का प्रयास कर रही हैं। घटना स्थल पर सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा एक्शन सुरक्षा बल के क्षेत्रीय मुख्यालय के मुख्य द्वार के समीप हुए विस्फोट मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने एक बड़ा कदम उठाया है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े इस अत्यंत संवेदनशील मामले में पुलिस अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों को साथ लेकर घटना स्थल का गहन निरीक्षण किया। जांच टीम ने इस दौरान पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया ताकि विस्फोट को अंजाम देने की सटीक टाइमिंग, दिशा और विस्फोटक रखने के तरीके को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझा जा सके। यह कवायद इसलिए की गई ताकि न्यायालय के समक्ष पुख्ता और अकाट्य तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें। सात दिन की हिरासत और मिनट-दर-मिनट जांच गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी फिलहाल सात दिनों की लंबी पुलिस हिरासत में हैं, जिससे जांच एजेंसियों को उनसे गहन पूछताछ करने का पर्याप्त समय मिल गया है। इस समय अवधि का उपयोग करते हुए अधिकारी घटना के ठीक पहले और बाद की प्रत्येक गतिविधि का मिलान कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन, इंटरनेट डेटा का उपयोग और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले दृश्यों का आमने-सामने मिलान किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि विस्फोटक सामग्री को लाने और उसे वहां सक्रिय करने में किन-किन रास्तों का उपयोग किया गया था। सीमा पार आतंकी नेटवर्क और वीडियो साक्ष्य की पड़ताल शुरुआती जांच और पूछताछ में इस पूरे मामले के पीछे एक बेहद खतरनाक नेटवर्क का संकेत मिला है, जिसकी कड़ियां सीमा पार बैठे देश विरोधी तत्वों से जुड़ती दिख रही हैं। मुख्य आरोपी के बारे में यह बात सामने आई है कि वह पड़ोसी देश के एक कुख्यात हैंडलर के साथ सीधे संपर्क में था और विस्फोट को अंजाम देने के तुरंत बाद उसे इस बात की पुष्टि भी भेजी गई थी। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां उस डिजिटल साक्ष्य की भी बारीकी से जांच कर रही हैं जिसके तहत घटना स्थल का वीडियो बनाकर आगे भेजा गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह वीडियो क्लिप और किन लोगों को साझा की गई थी ताकि इस पूरी साजिश में शामिल स्लीपर सेल और मददगारों का पर्दाफाश किया जा सके।

रांची के BIT मेसरा में विकसित हुई AI तकनीक, चंद्रयान-2 डेटा से चंद्र सतह का विश्लेषण आसान

रांची  BIT मेसरा के शोधकर्ताओं ने चंद्रमा की सतह पर मौजूद क्रेटरों (गड्ढों) की पहचान और विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है। यह शोध भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-2 अनाउंसमेंट आफ आर्पच्युनिटी (AO) प्रोग्राम के अंतर्गत प्रायोजित किया गया है। इस महत्वपूर्ण शोध कार्य का संचालन प्रमुख अन्वेषक डॉ. संचिता पाल, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग तथा सह-प्रमुख अन्वेषक डॉ. मिली घोष, एसोसिएट प्रोफेसर, रिमोट सेंसिंग एंड जियोइंफार्मेटिक्स विभाग के मार्गदर्शन में किया गया। इस परियोजना में मीमांसा सिन्हा, पीएचडी शोधार्थी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चंद्रायन-2 के डेटा का हुआ इस्तेमाल शोधकर्ताओं ने चंद्रयान-2 के टीएमसी-2 डीईएम डेटा का उपयोग करते हुए चंद्र सतह के छोटे एवं जटिल क्रेटरों की पहचान के लिए एक अनुकूलित डीप लर्निंग फ्रेमवर्क विकसित किया। अध्ययन में विभिन्न डीप लर्निंग माडल का परीक्षण किया गया, जिसमें मास्क आर-सीएनएन विद रेसनेट-101 बैकबोन ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। शोध में पाया गया कि डिजिटल एलिवेशन माडल (डीईएम) आधारित तकनीक पारंपरिक इमेज आधारित पद्धतियों की तुलना में अधिक सटीक और भू-आकृतिक रूप से प्रभावी है। इससे क्रेटरों की सीमाओं, गहराई और क्षतिग्रस्त क्रेटरों की पहचान बेहतर तरीके से संभव हुई। हाई-रिजॉल्यूशन कैटलॉग तैयार इस परियोजना के अंतर्गत शोधकर्ताओं ने टीएमसी-2, लोला, सेलीन और एनएसी जैसे बहु-सेंसर डेटा का एकीकृत उपयोग कर क्रेटर डिटेक्शन की नई कार्यप्रणाली तैयार की। साथ ही, व्यास, गहराई, ढाल, वृत्ताकारता और सतही खुरदरापन जैसे मापदंडों के स्वचालित विश्लेषण के लिए एक विशेष मार्फोमेट्रिक एक्सट्रैक्शन फ्रेमवर्क विकसित किया गया। टीम ने क्रेटर मार्फो नामक एक विशेष आर्क जीआइएस प्रो-टूलबाक्स भी तैयार किया है, जो आटोमेटिक क्रेटर विश्लेषण में सहायक होगा। इसके माध्यम से एक किलोमीटर आकार के क्रेटरों का उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैटलाग तैयार किया गया है। डेटा कलेक्शन में मिलेगा मदद शोध में यह भी सामने आया कि केवल एक डेटा सेट पर निर्भर रहने से सेंसर रिजॉल्यूशन और कवरेज से संबंधित व्यवस्थित त्रुटियों की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए बहु-स्रोत डेटा आधारित विश्लेषण को अधिक विश्वसनीय माना गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में चंद्र अन्वेषण, ग्रहों की भू-आकृतिक अध्ययन और आटोमेटिक ग्रह सतह मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आगामी दिनों इस प्रणाली को पूर्णतः स्वचालित रीयल-टाइम क्रेटर विश्लेषण पाइपलाइन के रूप में विकसित करने की योजना है, ताकि तकनीक का भरपूर उपयोग हो सके और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया भी आसान हो पाए। यह तकनीक भविष्य में चंद्र अन्वेषण, ग्रहों की भू-आकृतिक अध्ययन और आटोमेटिक ग्रह सतह मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में इस प्रणाली को पूर्णतः स्वचालित रीयल-टाइम क्रेटर विश्लेषण पाइपलाइन के रूप में विकसित करने की योजना है। -डॉ. संचिता पाल, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, बीआइटी मेसरा।  

एप्लीकेशन वायरल CG में शराब को लेकर अनोखी मांग, सोशल मीडिया पर छाई अजीब एप्लीकेशन

भटगांव  जिला बेमेतरा के विकासखंड नवागढ़ अंतर्गत ग्राम कुंवारा निवासी सतीश मारकंडे का एक अनोखा आवेदन इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सुशासन तिहार के दौरान आबकारी विभाग को दिए गए इस आवेदन ने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है। आवेदन में रखी गई अनोखी मांग प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदन में मांग की गई है कि जिस तरह शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रचार सामग्री में मुख्यमंत्री तथा प्रभारी मंत्री की तस्वीरें लगाई जाती हैं, उसी प्रकार शासन द्वारा बेची जाने वाली शासकीय शराब की बोतलों पर भी मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की फोटो अंकित की जाए।  

सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान बाधित, बिहार में तकनीकी बदलाव से अटकी राशि

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों की मासिक पेंशन का भुगतान बाधित हो गया है। राज्य के 1.19 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों को अप्रैल का मई में अबतक पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है।यह बाधा केंद्र सरकार की ओर से नये वित्तीय वर्ष से लागू एसएनए-स्पर्श सॉफ्टवेयर के माध्यम से राशि की प्राप्ति और भुगतान के आदेश से हुई है। इसके पहले एसएनए सॉफ्टवेयर का प्रयोग केंद्र से राशि प्राप्त करने और उसके माध्यम से ही भुगतान के लिए किया जाता था, लेकिन नए आदेश में सभी सरकारी विभागों की सरकार योजनाओं को नये सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि किए जाने का आदेश है। नये सॉफ्टवेयर के माध्यम से भारत सरकार, राज्य सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक एक दूसरे के साथ वित्तीय मामलों के लिए जुड़ गए हैं। वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा प्रविष्टि नहीं दरअसल, वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा इंट्रीग्रेशन (आंकड़ा की प्रविष्टि) अबतक पूरा नहीं हो पाया है। एनआईसी द्वारा पेंशन योजना के तहत सभी लाभुकों के नाम को एसएनए-स्पर्श के साथ आंकड़ों की प्रविष्टि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे पूरा होने में अभी पांच दिन से अधिक समय लगने की संभावना है। पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण के लिए पंचायत स्तर पर कैंप शुरू समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के माध्यम से सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर शुरू हुई है। राज्य में अबतक 95.26 लाख पेंशनधारकों के जीवन का प्रमाणीकरण हुआ है। इस शिविर में पंचायतवार लाभुकों की सूची उपलब्ध है। शिविर में प्रखंड स्तर के पदाधिकारी एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के कर्मी मौजूद है। इसके पूर्व 22 दिसंबर 2025 से सभी सीएससी पर नि:शुल्क जीवन प्रमाणीकरण कराने की प्रक्रिया हो रही थी। बिहार में पंचायत सचिवों की हड़ताल इधर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार से बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ का धरना गर्दनीबाग में शुरू हो गया। धरना में राज्य के विभिन्न जिलों से आए पंचायत सचिवों ने भाग लिया। संघ के अध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार ने कहा कि विभागीय मंत्री से सकारात्मक बातचीत हुई लेकिन इसी बीच मधुबनी, समस्तीपुर, दरभंगा व वैशाली के पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया। विभाग की इस कार्यशैली को संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। 16 से 20 मई तक धरना होगा। इसके बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई तो बाध्य होकर चरणबंद्ध आंदोलन किया जाएगा। पंचायत सचिव गृह जिले में पोस्टिंग, ग्रेड पे बढ़ाने, यात्रा भत्ता देने, प्रमोशन की उम्र सीमा 56 साल को खत्म करने समेत कुछ अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।

SIR पर सख्त हुए CM भगवंत मान, कहा- किसी भी सही वोटर का नाम नहीं हटने देंगे

चंडीगढ़. देश के कई राज्यों में वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के तहत पंजाब से किसी भी योग्य वोटर का नाम हटाने की इजाज़त नहीं देगी। किसी खास पॉलिटिकल पार्टी के लिए “फर्जी वोट” बनाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि AAP नेताओं और वर्करों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ पूरे राज्य में हर पोलिंग बूथ पर तैनात किया जाएगा ताकि इस प्रोसेस पर सख्ती से नज़र रखी जा सके और गड़बड़ियों को रोका जा सके। लाखों योग्य वोटों को हटाने और वेरिफिकेशन प्रोसेस में गड़बड़ियों के बारे में दूसरे राज्यों से मिली शिकायतों का ज़िक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग राज्य में ऐसी गड़बड़ियां नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन (EC) से SIR प्रोसेस को पूरी ईमानदारी, ट्रांसपेरेंसी और फेयरनेस के साथ करने और जनता की आपत्तियों को बिना देर किए हल करने की अपील की गई है। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पूरी ट्रांसपेरेंसी, ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए ताकि हर योग्य वोटर बिना किसी डर या रुकावट के अपने डेमोक्रेटिक अधिकार का इस्तेमाल कर सके। सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि पूरे प्रोसेस में एक्टिव रूप से शामिल रहेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि पंजाब में कहीं भी कोई हेरफेर न हो।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अलग-अलग राज्यों में वैलिड वोट हटाने और नकली एंट्री करने की आशंकाओं ने नागरिकों में चिंता पैदा कर दी है, जिसके कारण चुनाव आयोग के लिए पूरी ज़िम्मेदारी और निष्पक्षता से काम करना ज़रूरी हो गया है। कई राज्यों से लाखों वैलिड वोट हटाने और वेरिफिकेशन प्रोसेस में हेरफेर की शिकायतें मिली हैं, लेकिन पंजाब के लोग राज्य में ऐसी हरकतें नहीं होने देंगे।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अगर वोटर लिस्ट की सटीकता और चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कम होने लगा, तो लोकतंत्र की नींव खतरे में पड़ सकती है।” उन्होंने आगे कहा, “इलेक्शन कमीशन को हर एलिजिबल वोटर की सेफ्टी पक्की करनी चाहिए और पॉलिटिकल पार्टियों की आपत्तियों को पूरी ईमानदारी, ट्रांसपेरेंसी और बिना किसी देरी के हल करना चाहिए।” वोटर लिस्ट में बदलाव पर AAP का स्टैंड साफ करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिन लोगों की मौत हो गई है या जो लोग विदेशी नागरिकता लेने के बाद हमेशा के लिए विदेश चले गए हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन पंजाब के किसी भी असली निवासी को किसी भी हालत में परेशान नहीं किया जाना चाहिए या वोट देने के उसके अधिकार से दूर नहीं किया जाना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पंजाब में लगभग 83 परसेंट वोटर मैपिंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों की रक्षा के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस में एक्टिव रूप से हिस्सा लें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इलेक्शन कमीशन को पूरी SIR प्रोसेस के दौरान पूरी ईमानदारी और बिना भेदभाव के काम करना चाहिए और लोगों की आपत्तियों को तुरंत और बिना भेदभाव के हल करना चाहिए।”

Bihar Transport Initiative: सरकारी कर्मचारियों के लिए नई इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ

पटना सचिवालय कर्मियों के लिए 18 मई से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जा रही है। पटना के विभिन्न मार्गों से उनके लिए नया-पुराना सचिवालय तक सीधी इलेक्ट्रिक बस सेवा मिलेगी।परिवहन सचिव राजकुमार ने बताया कि इस पहल से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, सुलभ और समयबद्ध आवागमन सुविधा मिलेगी। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा सचिवालय कर्मियों के लिए बस सेवा शुरू की जा रही है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा वर्तमान में पटना शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का सफल परिचालन किया जा रहा है। पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मी प्रतिदिन निजी कार एवं बाइक से सचिवालय आते-जाते हैं, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव बढ़ने के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल की खपत भी अधिक होती है। विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से सरकारी कर्मियों को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा। इससे निजी वाहनों के उपयोग में कमी आएगी। प्रतिदिन बड़ी मात्रा में तेल की बचत हो सकेगी। मल्टी मॉडल हब से सचिवालय मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से शुरू होकर आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना उच्च न्यायालय, बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय तक संचालित होगी। सुबह बसें 8.30 बजे से प्रारंभ होंगी तथा शाम में सचिवालय से वापसी सेवा उपलब्ध रहेगी। यह विशेष सेवा धनुकी मोड़ से शुरू होकर कुम्हरार, भूतनाथ रोड़, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़, करबिगहिया स्टेशन एवं आर ब्लॉक होते हुए विकास भवन तक संचालित होगी। गांधी मैदान से विशेष इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा संचालित होगी। यह सेवा डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, नियोजन भवन, विद्युत भवन, हाईकोर्ट एवं बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय क्षेत्र तक जाएगी। कार्यालय जाने और लाैटने के समय मिलेगी सुविधा यह विशेष इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा विभिन्न क्षेत्रों से संचालित होगी। बसें सीधे नया सचिवालय एवं पुराना सचिवालय तक जाएंगी। सुबह कार्यालय अवधि में विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय के लिए बसें उपलब्ध रहेंगी तथा शाम में सचिवालय से संबंधित क्षेत्रों के लिए वापसी सेवा संचालित होगी। महिला कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शाम 5 बजे छुट्टी के समय भी विशेष बस सेवा उपलब्ध रहेगी। कुर्जी से सचिवालय तक पिंक बस कुर्जी से पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा पीएंडएम मॉल, साईं मंदिर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एएन कॉलेज, बोरिंग रोड चौराहा एवं हडताली मोड़ होते हुए सचिवालय तक जाएगी। दानापुर स्टेशन से सचिवालय वाया सगुना मोड़ दानापुर स्टेशन से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए सचिवालय तक पहुंचेगी। इस मार्ग पर सुबह 8.15 बजे से बस सेवा प्रारंभ होगी।

प्रेमी की बेवफाई से टूटी PHD छात्रा, शव के पास मिला सुसाइड नोट

दतिया शादी का वादा कर मुकर गए प्रेमी और उसकी दो बहनों की कथित प्रताड़ना से तंग आकर एक युवती ने अपने घर में ही फांसी लगाकर जान दे दी। मामला तब गरमाया जब मृतका के शव के पास पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें उसने अपने साथ हुई पूरी घटना का आरोपियों के नाम सहित जिक्र किया है। मामला गोराघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पचोरखर सुनारी फैक्ट्री का है। मृतका ग्वालियर में पीएचडी की छात्रा थी। घटना के बारे में परिजन ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम करीब छह बजे युवती घर में अपने कमरे से ऊपर छोटे भाई के कमरे में गई और दुपट्टे से फांसी लगा ली। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो वह फंदे पर लटकी मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पीएम के लिए भेजा। शनिवार दोपहर पीएम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया।