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CM यादव की तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव से मुलाकात, MP-रूस के बीच सहयोग को मिलेगा नया आयाम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तातारस्तान के प्रमुख एच.ई. रुस्तम मिन्निखानोव से की मुलाकात दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री ने की शिरकत मध्यप्रदेश और रूसी गणराज्य तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग को मिलेगा नया आयाम एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी में संयुक्त निवेश पर बनी सहमति तातारस्तान ने मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल को टाइम: रूस–भारत फोरम में सहभागिता के लिये किया आमंत्रित आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-27 के लिए दिया आमंत्रण भोपाल  दुबई विजिट- दूसरा दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई प्रवास के दौरान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख (रईस) महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश और तातारस्तान के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को प्रगाढ़ करना, सेक्टर-विशिष्ट रणनीतिक साझेदारियों की पहचान करना तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (GIS) में तातारस्तान की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव को मध्यप्रदेश की समृद्ध औद्योगिक क्षमताओं और निवेश अनुकूल वातावरण से अवगत कराते हुए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। तातारस्तान के प्रमुख ने इस निमंत्रण का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि वे एक सशक्त निवेशक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ समिट में भाग लेंगे तथा राज्य में निवेश की ठोस संभावनाओं को आगे बढ़ाएंगे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, कृषि एवं इनोवेशन-आधारित आधुनिक तकनीकों में सहयोग पर विस्तृत विमर्श हुआ। भारत और तातारस्तान के प्रगाढ़ होते आर्थिक संबंधों के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश के साथ बीटूबी और जीटूजी स्तर पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। तातारस्तान की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और राज्य के व्यापारिक प्रतिनिधियों को “टाइम: रूस–भारत” फोरम तथा संबंधित प्रदर्शनी में सहभागिता के लिये आमंत्रित किया गया। बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय बिजनेस मिशन आयोजित करने, संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं को धरातल पर उतारने और त्वरित समन्वय के लिए अधिकृत नोडल ऑफिसर्स को नामित करने पर भी सहमति व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी से की वन-टू-वन मीटिंग मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ उच्च स्तरीय वन-टू-वन बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों के बीच भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (India-UAE CEPA) के तहत गैर-तेल व्यापार, उन्नत प्रौद्योगिकी, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला और सीमा-पार निवेश को गति देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मध्यप्रदेश को यूएई निवेशकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में किया पेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों और आदर्श निवेश गंतव्य की विशेषताओं से अवगत कराया, जिनमें रणनीतिक केंद्रीय अवस्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि और स्थापित अवसंरचना को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख बाजारों तक सीधी और सुगम पहुंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और सिंगल विंडो सुविधा का उल्लेख करते हुए यूएई निवेशकों को समयबद्ध राज्य-स्तरीय सहायता का पूर्ण भरोसा दिलाया। प्राथमिकता वाले सेक्टर्स और खाद्य प्रसंस्करण में साझेदारी का आह्वान बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा हुई, जिनमें विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन, नवकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्ट विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूड पार्क, मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा और निर्यात प्लेटफॉर्म्स के विकास में यूएई की सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया न्योता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया। यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री ने इस आमंत्रण को स्वीकारते हुए आश्वस्त किया कि वे यूएई के प्रमुख निवेशकों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ सहभागिता करेंगे। अगला कदम: 3 माह में समीक्षा और नोडल ऑफिसर की नियुक्ति द्विपक्षीय संबंधों और औद्योगिक साझेदारी को व्यावहारिक रूप देने के लिए 5 से 10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान करने और संयुक्त समीक्षा व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति बनी। इसके तहत 'मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल' का आयोजन किया जाएगा तथा चयनित परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे, जिनकी पहली प्रगति समीक्षा तीन माह के भीतर सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व बैंक के उपाध्यक्ष से की उच्च स्तरीय बैठक प्रदेश में एआई परियोजनाओं के लिए फंडिंग पर हुआ संवाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एआईएम कांग्रेस-2026' सम्मेलन के दौरान विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई (Digital and AI) मामलों के वाइस प्रेसिडेंट सांगबु किम तथा उनकी टीम के साथ बैठक की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच मध्यप्रदेश में डिजिटल और तकनीकी विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस संवाद में विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार की नीतियों के तहत संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल गवर्नेंस से संबंधित परियोजनाओं में फंडिंग और वित्तीय सहयोग देने में रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में उभरती तकनीकों, नवाचार और निवेश के अनुकूल वातावरण की जानकारी साझा करते हुए राज्य के विकास में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री निवेश की संभावनाओं पर हुई बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई स्थित अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय में यूएई कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एचई अल मर्री को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS) में सहभागिता के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने आश्वस्त किया कि होटल एवं हॉस्पिटैलिटी इंवेस्टमेंट के क्षेत्र में संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए दुबई से एक विशेष निवेश प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मध्यप्रदेश का दौरा करेगा। प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और नीतिगत सहयोग पर गहन विमर्श उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान दोनों पक्षों … Read more

शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा बोले- गुरु का ऋण असंभव

रायपुर : गुरु का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता, शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सच्चे शिल्पकार:राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा बलौदाबाजार में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन; स्व. सोनचंद स्मृति फाउंडेशन ने 150 सेवानिवृत्त गुरुजनों को किया सम्मानित रायपुर शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सच्चे शिल्पकार:राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को नमन करते हुए स्व. सोनचंद स्मृति फाउंडेशन के तत्वाधान में नगर भवन, बलौदाबाजार में गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जिले के 150 सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। ​गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही संभव है सशक्त समाज का निर्माण      ​समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान को सर्वोपरि बताया।उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं बांटते, बल्कि वे विद्यार्थियों में संस्कार रोपकर उनके व्यक्तित्व और भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।      ​उन्होंने सभी गुरुजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुरुजनों का उपकार इतना महान है कि इसे कभी चुकाया नहीं जा सकता। जिन शिक्षकों का आज सम्मान हुआ है, उन्होंने अपने जीवन का स्वर्णिम समय भावी पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया है। उनका यह योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।       ​कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

रसोई गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! अब 25 दिन में बुक होगा दूसरा LPG सिलेंडर, खत्म हुआ 45 दिन का नियम

 पटना  गांव में रसोई गैस जल्दी खत्म हो जाए तो अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का इंतजार… यह परेशानी अब दूर होगी।ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल बुकिंग का अंतर अब एक समान 25 दिन कर दिया गया है। यानी पिछली रिफिल की डिलीवरी के 25 दिन बाद ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे। अब तक ग्रामीण वितरकों से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का अंतर 45 दिन था। ऐसे में चार-पांच सदस्यों वाले परिवार में गैस जल्दी खत्म होने पर उपभोक्ताओं को बुकिंग की निर्धारित अवधि पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता था। कई उपभोक्ताओं को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। गांव में भी शहर जैसी सुविधा एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बुकिंग अंतर को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शहरी क्षेत्र में 25 दिन बाद रिफिल बुक कराने की सुविधा थी, जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन इंतजार करना पड़ता था। अब दोनों के लिए 25 दिन का समान अंतराल होने से यह अंतर समाप्त हो गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की खपत परिवार के आकार और खाना पकाने की जरूरत पर निर्भर करती है, क्षेत्र पर नहीं। ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी समान बुकिंग व्यवस्था होने से उन्हें समय पर रिफिल मिल सकेगा। पटना में घरेलू सिलेंडर 1031.50 रुपये पटना में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1031.50 रुपये है। सितंबर में घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 3034.50 रुपये बताई गई है। उपभोक्ताओं के लिए बदलाव एक नजर में व्यवस्था पहले अब ग्रामीण क्षेत्र में रिफिल बुकिंग 45 दिन 25 दिन शहरी क्षेत्र में रिफिल बुकिंग 25 दिन 25 दिन पटना में घरेलू सिलेंडर 14.2 किलो 1031.50 कमर्शियल सिलेंडर 19 किलो 3034.50

UP में बुजुर्ग महिलाओं को बड़ी सौगात! अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना से मिल रहा सुरक्षित और सम्मानजनक सफर

अंबेडकरनगर  सुलतानपुर के कादीपुर की चंद्रावती देवी पांच सौ रुपये लेकर जिला मुख्यालय के निजी चिकित्सक से इलाज करवाने आई थीं। 100 रुपये डॉक्टर की फीस जमा की, 300 रुपये की दवा ले ली। वापस घर जाने के लिए 100 रुपये किराये के लिए बचा लिए। पटेल नगर से बस अड्डे तक करीब एक किमी पैदल पहुंचीं। यहां सोमवार दोपहर 12 बजे अकबरपुर से कादीपुर-प्रयागराज जाने वाली रोडवेज बस खड़ी थी। कंडक्टर सूरज यादव जोर-जोर से कादीपुर, सुलतानपुर, प्रयागराज जाने के लिए आवाज लगा रहे थे। बोले, दादी बैठो बस में, तुम्हारा तो किराया भी नहीं लगेगा। इतना सुनते ही चंद्रावती के चेहरा खिल उठा। आधार कार्ड निकाला, कंडक्टर ने इसे देखकर जीरो टिकट बना दिया। अकबरपुर से कादीपुर का 51 टिकट का दाम बच गया। गर्मी और भूख से परेशान दादी ने तुरंत 20 रुपये का समोसा खाकर पानी पीया। कहा-अब फ्री में बस से घर जाएंगे, किराया बच रहा है। आजमगढ़ से अयोध्या जाने वाली बस में सवार गोसाईंगंज की 60 वर्षीय गीता देवी न्यायालय तारीख पर आई थीं। बताया कि आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा हुई। जो किराया लगता, उसे वकील की फीस में दे दिया। सरकार ने बहुत अच्छी सुविधा दी है आजमगढ़ की सावित्री देवी बस से मरैला स्थित मायके पहुंचीं। कहा- बहुत अच्छा लग रहा है, सरकार ने हम लोग के बारे में सोचा। अब किराये की टेंशन खत्म। हर महीना जब भी समय मिलेगा, मैं मायके आ जाऊंगी। पहले 100-50 रुपये भी बचाना मुश्किल था, अब मुफ्त सफर हो रहा है। अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बुजुर्ग महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। एक सप्ताह के भीतर 60 वर्ष से अधिक उम्र की 200 से अधिक महिलाओं ने रोडवेज बसों में निश्शुल्क यात्रा की है। अकबरपुर डिपो की 94 बसों में योजना के तहत दिल्ली, आजमगढ़, लखनऊ, मऊ, गोरखपुर, प्रयागराज रूट पर बुजुर्ग महिलाओं को सिर्फ आधार कार्ड दिखाना होता है, जिसके बाद उन्हें टिकट नहीं लेना पड़ता। स्टेशन इंचार्ज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आधार कार्ड की उम्र के अनुसार सफर का लाभ दिया जा रहा है। यात्री स्मार्ट कार्ड अभी बनना शुरू नहीं हुआ है,शीघ्र ही इसका शुभारंभ होगा।

सुहेल सेठ ने की ‘योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस’ की तारीफ, बोले- देश को चाहिए योगी जैसे और नेता

सुहेल सेठ ने की 'योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस' की तारीफ, बोले-देश को चाहिए योगी आदित्यनाथ जैसे और नेता नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक के शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना, बोले- मजबूत और निर्णायक नेतृत्व से ही दिखता है बदलाव गलगोटियास यूनिवर्सिटी में नई किताब 'डब्ल्यूटीएफ इंडिया: आर वी लूजिंग द प्लॉट?' का विमोचन, छात्रों से भारत के भविष्य और नागरिक जिम्मेदारियों पर खुलकर संवाद ग्रेटर नोएडा जाने-माने लेखक, ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट और कमेंटेटर सुहेल सेठ ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन मॉडल की जमकर सराहना की। नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक सफर के दौरान नजर आए इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे और नेताओं की जरूरत है। सुहेल सेठ गलगोटियास यूनिवर्सिटी में अपनी नई किताब 'डब्ल्यूटीएफ इंडिया: आर वी लूजिंग द प्लॉट?' के विमोचन के लिए पहुंचे थे। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की संवाद श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को छात्रों से बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाता है। क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए सेठ ने यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता और विकास की रफ्तार को प्रभावी शासन की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय और जमीन पर दिखाई देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर अचानक तैयार नहीं होता। इसके पीछे मजबूत और निर्णायक नेतृत्व होता है, जो स्पष्ट दिशा तय करता है और उसे जमीन पर लागू करने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक क्षेत्र में बदलाव की रफ्तार बताती है कि जब स्पष्ट सोच के साथ उसे लागू करने की इच्छाशक्ति और क्षमता जुड़ती है, तो प्रभावी शासन के जरिए कितना बड़ा बदलाव किया जा सकता है। किताब के विमोचन के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. ध्रुव गलगोटिया के साथ सुहेल सेठ की विस्तृत बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने छात्रों के साथ भी संवाद किया। बातचीत में भारत की दिशा, नागरिकों की जिम्मेदारियों और देश के भविष्य के प्रति उदासीन रहने के बजाय सक्रिय रूप से जुड़े रहने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम दौरे के प्रमुख आकर्षणों में रहा। छात्रों ने भारत की दिशा और अपनी पीढ़ी की भूमिका को लेकर सुहेल सेठ से कई सवाल किए। सेठ ने अपने खास बेबाक और सहज अंदाज में जवाब देते हुए छात्रों से सवाल करने, भागीदारी निभाने और भारत की कहानी को खुद आकार देने की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने सुहेल सेठ की मेजबानी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमारे कैंपस में सुहेल सेठ की मेजबानी करना हमारे लिए सम्मान की बात है। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को सबसे बड़ी चीज यह दे सकता है कि वे उन लोगों के साथ बड़े विचारों पर चर्चा और बहस कर सकें, जो उन विचारों को आकार देते हैं। साथ ही वे खुद और देश के बारे में पहले से ज़्यादा सोचकर यहां से निकलें। हमारे छात्रों ने आज बिल्कुल यही किया और उनकी ऊर्जा मुझे भरोसा दिलाती है कि हम सही तरह का माहौल तैयार कर रहे हैं।” गलगोटियास यूनिवर्सिटी की संवाद श्रृंखला विश्वविद्यालय की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत उद्योग, विचार और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करने वाली हस्तियों को कैंपस में बुलाया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों को ऐसे लोगों से सीखने और संवाद करने का अवसर देना है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों को प्रभावित किया है। 50 हजार से ज्यादा छात्र, एक लाख से अधिक पूर्व छात्र गलगोटियास यूनिवर्सिटी भारत की प्रमुख मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी में शामिल है। विश्वविद्यालय को अकादमिक उत्कृष्टता, रिसर्च, इनोवेशन, ग्लोबल सहयोग और इंडस्ट्री से जुड़ी शिक्षा के लिए जाना जाता है। यहां 50,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जबकि इसका ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क 1,00,000 से अधिक पूर्व छात्रों का है। विश्वविद्यालय ने टेक्नोलॉजी, उद्यमिता, अलग-अलग विषयों के बीच सीखने और वास्तविक दुनिया में काम आने वाली शिक्षा पर केंद्रित एक तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम तैयार किया है। क्यूएस और टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में भी स्थान क्वाक्वेरेली साइमंड्स की क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में गलगोटियास यूनिवर्सिटी को वैश्विक स्तर पर 1201 – 1400 बैंड में जगह मिली है। भारत में यह निजी विश्वविद्यालयों में 16वें और सभी विश्वविद्यालयों में 46वें स्थान पर रही। वहीं टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर 1201-1500 बैंड में स्थान मिला और भारत में निजी विश्वविद्यालयों में 27वां तथा सभी विश्वविद्यालयों में 65वां स्थान मिला। विश्वविद्यालय को एनएएसी 'ए प्लस' मान्यता भी प्राप्त है, जो भारत की उच्च संस्थागत गुणवत्ता रेटिंग में शामिल है। विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, सेमीकंडक्टर्स, बिजनेस, लॉ, मीडिया, डिजाइन, हेल्थ साइंसेज, हॉस्पिटैलिटी, लिबरल एजुकेशन और नए इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। वर्ष 2026 में छात्रों को 1,250 से अधिक रिक्रूटर्स की ओर से 5,500 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले। विश्वविद्यालय ने एप्पल, एक्सेंचर, इन्फोसिस, आईबीएम, इंटेल, सिस्को, टाटा टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी एडुटेक, कैपजेमिनी और सेल्सफोर्स जैसी संस्थाओं के साथ इंडस्ट्री और इनोवेशन पार्टनरशिप भी विकसित की हैं। साथ ही ग्लोबल अकादमिक सहयोग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी काम जारी है।

मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर अखिलेश की PC, संगीत सोम बोले- ‘सनातनी न भूले हैं, न भूलेंगे’

'मुजफ्फरनगर में हिंदू कट रहे थे, अखिलेश सैफई में डांस देख रहे थे', संगीत सोम ने सपा को घेरा मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर अखिलेश की PC, संगीत सोम बोले- ‘सनातनी न भूले हैं, न भूलेंगे’ सहारनपुर में अवैध इमारत हटाने पर अखिलेश क्यों बौखलाए? संगीत सोम ने पूछा- ‘क्या भूमाफियाओं के साथ हैं?’ मर्डर पर राजनीति, एनकाउंटर पर माफियाओं का साथ? अंकित बालियान केस पर अखिलेश को संगीत सोम ने घेरा ‘P से पापी, D से डकैत, A से अपराधी’- संगीत सोम ने अखिलेश के PDA को बताया छलावा ‘अखिलेश यादव मुगल शासन के आखिरी शासक थे’- संगीत सोम बोले, अब यूपी में नहीं चलेगा मुगल राज लखनऊ  मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने सपा पर तीखा हमला बोला। संगीत सोम ने आरोप लगाया कि जब मुजफ्फरनगर में हिंदू काटे जा रहे थे और पश्चिमी यूपी जल रहा था, तब अखिलेश यादव सैफई में डांस देख रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातनी मुजफ्फरनगर दंगे को न भूले हैं और न भूलेंगे। संगीत सोम ने कहा कि 'हम न माफ किए थे, न करेंगे।' संगीत सोम ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आज (सोमवार) प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर कुछ बोलेंगे और सनातनियों से माफी मांगेंगे कि कैसे उन्होंने हजारों हिंदुओं को कटवाने और मरवाने का काम किया गया था, लेकिन अखिलेश यादव कुछ बोले तक नहीं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि अखिलेश यादव को आज भी याद नहीं आया कि उन्होंने क्या किया था। ‘मुजफ्फरनगर में अखिलेश के इशारे पर पुलिस वाले हिंदुओं को गोली मार रहे थे’ संगीत सोम ने कहा कि मुजफ्फरनगर में अखिलेश यादव के इशारे पर पुलिस वाले हिंदुओं को गोली मार रहे थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर में दंगे कराए और आज उसकी बरसी पर बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि अंदाजा लगा लीजिए कि अखिलेश यादव क्या कर रहे हैं। संगीत सोम ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का इतिहास ही सनातन विरोधी रहा है। उन्होंने कहा, 'कभी राम मंदिर भक्तों पर गोली चलवाते हैं तो कभी दंगे करवाते हैं।' संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव केवल एक ही धर्म की राजनीति करते हैं। उन्हें सनातनियों से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान अखिलेश यादव को कभी माफ नहीं करेगा। सहारनपुर में कार्रवाई पर अखिलेश को घेरा, पूछा- ‘क्या वो भूमाफियाओं के साथ हैं?’ संगीत सोम ने सहारनपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि एक सरकारी बिल्डिंग पर अवैध इमारत थी और उसे हटाया गया है। इसके बावजूद अखिलेश यादव इस कार्रवाई को लेकर बौखला गए हैं। उन्होंने सवाल किया, 'क्या वो भूमाफियाओं के साथ हैं?' संगीत सोम ने कहा कि जितनी इस तरह की कब्जे वाली जमीन है और जितनी इस तरह की अवैध मस्जिद और मजार बनी हैं, उसे तोड़ा जाएगा। 'अंकित बालियान के मर्डर पर गिद्ध जैसी नजर, एनकाउंटर होते ही पलट गए' मुरादाबाद के अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए भी संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव राजनीति के लिए इस तरह की घटनाओं पर गिद्ध जैसे नजर रखेंगे, लेकिन जैसे ही एनकाउंटर होगा, वह तुरंत पलट जाएंगे और माफियाओं के साथ देने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा नहीं हो सकता है। अब प्रदेश में कानून का राज है। ‘अखिलेश को पर्यटन स्थल, एम्स और एक्सप्रेस-वे से मतलब नहीं’ संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में बन रहे पर्यटन स्थल, एम्स और एक्सप्रेस-वे से मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल डांस देखने में व्यस्त रहते थे और उन्हें केवल माफियाओं से मतलब है। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव मुगल शासन के आखिरी शासक थे। अब यूपी में मुगल शासन नहीं चलेगा।' संगीत सोम ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उन पर फर्जी रासुका लगाई थी और कई निर्दोषों को जेल भेजा था। सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी हमला, बोले- ‘इनका कुछ पता नहीं कब होगा, कैसे होगा’ सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान पर भी संगीत सोम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों में अभी सीट बंटवारे को लेकर ही लड़ाई मची है। सपा सोचती है कि वह बड़ी पार्टी है और कांग्रेस भी खुद को बड़ी पार्टी समझती है। संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव सोच रहे हैं कि कांग्रेस को 20-30 सीट में निपटा दें, जबकि कांग्रेस वाले 200 सीट मांग रहे हैं। ऐसे में इनके गठबंधन का कुछ पता नहीं है कि कब होगा और कैसे होगा। इसके उलट उन्होंने दावा किया कि बीजेपी 300 सीटों के साथ यूपी में सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी जमीन पर चुनाव लड़ रही है और जमीन पर काम कर रही है। ‘पी से पापी, डी से डकैत, ए से अपराधी… ये केवल छलावा कर रहे हैं’ सपा के PDA फॉर्मूले पर हमला बोलते हुए संगीत सोम ने कहा, 'पी से पापी, डी से डकैत, ए से अपराधी।' उन्होंने कहा कि ये केवल छलावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज यूपी में काम हो रहा है। सड़कें बन रही हैं, स्कूल-कॉलेज बन रहे हैं, निवेश आ रहा है और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधर रहा है। उन्होंने दावा किया कि सपा कहीं है ही नहीं और चुनाव में वह बसपा से भी पीछे रहेगी।

बेसहारा बुजुर्गों को कल धार्मिक यात्रा सकल ब्राह्मण महासमिति करवाएगी, बैठक संपन्न

बेसहारा बुजुर्गों को कल धार्मिक यात्रा सकल ब्राह्मण महासमिति करवाएगी, बैठक संपन्न                                       ग्वालियर   सकल ब्राह्मण समाज की कोर कमेटी की बैठक प्रधान कार्यालय संस्थापक डॉक्टर जयवीर भारद्वाज की अध्यक्षता में संपन्न हुई । बैठक में निर्णय लिया गया कि 9 सितंबर को आश्रम स्वर्ग सदन के सभी समाजों के वरिष्ठ बुजुर्ग जनों को धार्मिक यात्रा पर ले जाकर उन्हें अपने साथ गणेश पूजन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, श्रीमद् भागवत गीता के 18 वें अध्याय एवं श्री सत्यनारायण की कथा का श्रवण पंडित गिरिराज गुरुजी सहित पांच ब्राह्मणों के मुखारविंद से डबरा नव ग्रह शक्ति पीठ पर कराया जाएगा ।                                              यात्रा  का संयोजक तीरथ मिश्रा , डॉ मुन्नालाल शर्मा, अनिता योगेंद्र दीक्षित को मनोनीत किया गया ।       सकल ब्राह्मण महासमिति ग्वालियर द्वारा धार्मिक यात्रा में पुरुष बुर्जुगों की लिस्ट  .नवल पाठक,शंकर कुशवाह जी .विवेक सोनी जी .किशन जाटव जी.भागीरथ जाटव जी.शिशुपाल जी.दिलीप शाक्य जी.अनुराग जी ,.भाई जी.सूरज जी.राजेन्द्र जी.जयप्रकाश जी.करणजी.सुधीर जी.रामानंद जी.मुकेश जी.फूलचंद्र .सुमित जी.हेमंत ठाकुर जी.देव जी.आलोक श्रीवास्तव जी.चंदन सिंह .रामकृपाल जी.दीपक TI जी,.विजय भदौरिया जी.विनय जी, विकास गोस्वामी,पवन सूर्यवंशी,प्रिंस खटीक,युगांक गिरी,महिला बुजुर्गों की लिस्ट अभी .निर्मला देवी जी.रमादेवी जी.प्रीतिदेवी जी.भावना जी.सुनीता जी.पूजा जी.रूपाली जी.आराध्या.राशि,विभा अनेजा, काजल मौर्य, रश्मि बाथम,.विभा अनेजा .प्रिंस खटीक .सोनी गिरी.युगांक गिरी।                                         यात्रा का शुभारंभ भार्गव समाज के संभागीय अध्यक्ष परमानंद शर्मा, सकल ब्राह्मण महासमिति के अध्यक्ष प्रकाश नारायण शर्मा,सर्व ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा, सनाढ्य सभा के संरक्षक डॉ केशव पांडे, श्याम बाबू शर्मा, ब्रह्म दत्त पाण्डेय शास्त्री,देवेन्द्र कुमार पाठक,सर्व ब्राह्मण महासंघ के महामंत्री रवि गौड, सकल ब्राह्मण महासमिति की महिला अध्यक्ष बीना भारद्वाज, सनातन धर्म का ध्वज पताका फहराकर नवग्रह शक्ति पीठ के लिए रवाना करेंगे।                                                   

सलाखों के पीछे गूंजेगी साहित्य की आवाज, पंजाब की 27 जेलों में होगा साहित्य उत्सव

 चंडीगढ़  जेल की सलाखें भले ही बंदियों की बाहरी दुनिया से दूरी तय करती हों, लेकिन अब उनकी कलम को अभिव्यक्ति की आजादी देने की तैयारी है। पंजाब की 27 जेलों में बंद कैदियों और बंदियों को अपनी भावनाओं, अनुभवों और कल्पनाओं को शब्दों में ढालने का अवसर देने के लिए जेल साहित्य उत्सव आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित इस उत्सव में प्रदेश की सभी 27 जेलों के बंदी हिस्सा ले सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा देना और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना है। बंदियों को रचनात्मक रूप से व्यस्त रखना इस पहल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। जेल में रहने के दौरान बंदियों के पास अपनी भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करने के सीमित अवसर होते हैं। ऐसे में लेखन उनके लिए अपनी बात कहने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कहानी, कविता और अन्य रचनात्मक विधाओं के माध्यम से बंदी अपने भीतर चल रहे विचारों और भावनाओं को कागज पर उतार सकेंगे। ‘गुलदस्ता’ परियोजना से मिलेगा साहित्यिक माहौल इस पहल को ‘गुलदस्ता’ परियोजना के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। बेल्बा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित इस परियोजना के माध्यम से जेलों में साहित्यिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। बंदियों को विभिन्न प्रकार की साहित्यिक सामग्री पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अपनी रचनाएं लिखने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। जेल प्रशासन का मानना है कि पढ़ने और लिखने की आदत बंदियों को सकारात्मक गतिविधि से जोड़ सकती है। जेल में खाली समय का इस्तेमाल केवल समय बिताने के बजाय रचनात्मक कार्यों में किया जा सकेगा। बंदी अपने जीवन की घटनाओं, अनुभवों, यादों, सपनों और भविष्य की उम्मीदों को कहानी या कविता का रूप दे सकेंगे। इससे उन्हें अपने जीवन और परिस्थितियों को नए नजरिये से देखने का अवसर मिल सकता है। पुनर्वास की दिशा में अलग तरह का प्रयोग जेल साहित्य उत्सव को केवल साहित्यिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे बंदियों के सुधार और पुनर्वास से जोड़कर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेखन व्यक्ति को अपने विचारों और भावनाओं पर आत्ममंथन करने का अवसर देता है। बंदी अपने अतीत की घटनाओं को शब्दों में व्यक्त करते हुए भविष्य को लेकर नई सोच विकसित कर सकते हैं। इस पहल की खास बात यह है कि इसमें बंदियों को अपनी कहानी खुद लिखने का मंच दिया जाएगा। जेल में बंद व्यक्ति के लिए यह अवसर इसलिए भी अहम है क्योंकि समाज से दूरी के बीच उसकी आवाज अक्सर सीमित हो जाती है। साहित्य उस आवाज को अभिव्यक्ति देने का माध्यम बन सकता है। कलम के जरिये दूसरी तरह की आजादी पंजाब की सभी 27 जेलों को इस साहित्यिक पहल से जोड़ना इसे व्यापक स्वरूप देता है। जेल प्रशासन के लिए यह प्रयोग बंदियों को अनुशासन और रचनात्मकता के साथ जोड़ने का अवसर भी है। वहीं बंदियों के लिए यह अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे सामने लाने का माध्यम बन सकता है। सलाखों के पीछे बाहरी दुनिया की आजादी भले सीमित हो, लेकिन विचारों और कल्पनाओं पर कोई पहरा नहीं होता। ऐसे में एक कलम बंदी को उसकी यादों, कल्पनाओं और आत्ममंथन की दुनिया तक पहुंचाने का रास्ता खोल सकती है। जेल साहित्य उत्सव इसी सोच के साथ बंदियों को शब्दों की दुनिया से जोड़ने की एक नई पहल के रूप में सामने आ रहा है।

MP Transco में 351 युवाओं को मिली नौकरी! ऊर्जा मंत्री तोमर ने नियुक्ति पत्र देकर किया स्वागत

एमपी ट्रांसको ने 351 नए कार्मिकों को दी नियुक्ति : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा विभिन्न श्रेणियों के पदों पर चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रथम चरण में अब तक कुल 351 नए कार्मिकों को नियुक्तियां दी गई है। इनमें द्वितीय श्रेणी के 55 अधिकारी, तृतीय श्रेणी के 173 कर्मचारी तथा चतुर्थ श्रेणी के 123 कर्मचारी शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समर्पण, दक्षता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन के जुड़ने से प्रदेश की ट्रांसमिशन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। चरणबद्ध तरीके से की जा रही है नियुक्तियां ऊर्जा मंत्री ने बताया कि कंपनी द्वारा ट्रांसमिशन तंत्र के प्रभावी संचालन, रखरखाव तथा विस्तार कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध रूप से रिक्त पदों पर भर्ती की जा रही है। इन नियुक्तियों से कंपनी की तकनीकी एवं संचालन क्षमता को और मजबूती मिलेगी तथा प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत पारेषण व्यवस्था सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। नए कार्मिकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) धीरेंद्र सिंह ने बताया कि नियुक्त किए गए 351 कार्मिकों में 55 सहायक अभियंता, 166 कनिष्ठ अभियंता(पारेषण), 7 कनिष्ठ अभियंता (सिविल), 89 उपकेंद्र परिचारक, 24 सिविल परिचारक तथा 10 सर्वेयर परिचारक शामिल हैं। सभी नवनियुक्त कार्मिकों को आवश्यक तकनीकी एवं कार्यात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।  

बिहार वाला फॉर्मूला यूपी में आजमाएगी BJP? तावड़े ने मिशन-2027 के लिए कसी कमर

   लखनऊ उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने सत्ता की हैट्रिक लगाने का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान मिशन-2027 के लिए पार्टी के रणनीतिक खाके यानी ब्लूप्रिंट की नींव रखी. बिना किसी भारी तामझाम और सादगी के साथ लखनऊ पहुंचे तावड़े ने जीत की हैट्रिक लगाने के लिए संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने से लेकर नैरेटिव सेट करने तक कई अहम दिशा-निर्देश दिए।  बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को परखा. इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ दोनों उप-मुख्यमंत्रियों से मुलाकात और बातचीत भी की. इसके अलावा संगठन के लोगों के साथ मंथन कर सारा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।  विनोद तावड़े ने पार्टी पदाधिकारियों को विधानसभा चुनाव 2027 के लिए टारगेट दिया. उन्होंने कहा कि हमें हर बूथ को मजबूत करना होगा, कोई बूथ छूटना नहीं चाहिए और उसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाएं. इसके साथ ही उन्होंने सभी जातियों को साधने का मंत्र भी दिया और कहा कि संख्या चाहे कम हो या ज्यादा, लेकिन कोई जाति छूट न जाए, हमें सबको जोड़ना होगा।  यूपी फतह का खाका खींच गए तावड़े बिहार चुनावों में एनडीए के चुनावी प्रबंधन और तालमेल के सफल फार्मूले को यूपी की जमीन पर उतारने का काम तावड़े ने शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश के बीजेपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने 2027 का विधानसभा चुनाव मजबूत संगठन के बलबूते और पीएम मोदी व सीएम योगी के नाम और काम पर लड़ने के संकेत दिएच इस तरह सरकार और संगठन दोनों के साथ समन्वय बनाकर 2027 के चुनाव में उतरने का खाका खींच गए।  विनोद तावड़े ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद दिनभर पार्टी दफ्तर में क्षेत्रीय पदाधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने प्रदेश के महामंत्रियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ बैठक की. बीजेपी संगठन के नेताओं से मुलाकात के दौरान विनोद तावड़े ने साफ कहा कि बूथ की मजबूती ही 2027 के चुनाव की जीत का आधार बनेगी।  तावड़े ने पदाधिकारियों से कहा कि वे हर बूथ के अनुसार कार्ययोजना बनाएं. किस बूथ पर जीत की क्या स्थिति है, इसकी ठीक से समीक्षा करें. इसके अलावा जहां कमी नजर आए, उसे दुरुस्त करें. इस तरह हारी हुई बूथों को चिह्नित करते हुए वहां पार्टी को मजबूत करने के निर्देश भी दिए।  सपा के पीडीए का काउंटर प्लान तैयार अखिलेश यादव के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड की काट के लिए तावड़े ने 'परफॉर्मेटिव नैरेटिव' पेश किया. उन्होंने सपा के पीडीए पर तंज कसते हुए इसे 'पराया धन अपना' करार दिया और जमीन पर अवैध कब्जे तथा महिला सुरक्षा (स्त्रीधन) जैसे मुद्दों को उठाकर सपा को घेरने का संकेत दिया. इसके साथ ही बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने का खाका भी खींचा।  तावड़े ने कहा कि हमें सभी वर्गों का साथ चाहिए, ऐसी कोई भी जाति न हो जो अछूती रह जाए. यूपी बड़ा प्रदेश है और हर क्षेत्र में अलग-अलग जातियों का प्रभाव है. यदि किसी जाति के वोटरों की संख्या कम है, तो भी हमें उसे छोड़ना नहीं है, उनसे संपर्क करके उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास करना है. इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष की तैयारी पर नजर रखकर अपनी रणनीति बनाने की नसीहत दी।  विपक्ष के प्रत्याशी का तोड़ तलाशने का टास्क बीजेपी प्रभारी ने कहा कि विपक्षी तैयारियों पर हमें पूरी नजर रखनी होगी. विपक्ष का कोई नेता या प्रत्याशी मजबूत है, तो उसकी मजबूती का आधार पता करना होगा और फिर उसी के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करके मजबूत होना होगा. पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने विपक्ष के मजबूत प्रत्याशियों पर खास नजर रखने और उनका तोड़ निकालने के लिए कहा है. इसका यह संदेश भी है कि यदि विपक्ष के मजबूत प्रत्याशी को अपने पाले में लाकर जीत मिलती है, तो आखिर में यह भी एक विकल्प हो सकता है।  बीजेपी संगठन को निर्देश दिए गए कि 2022 के चुनाव में गंवाई गई 57 सीटों और एनडीए की हारी हुई 130 सीटों की गहन समीक्षा की जाए और बूथ स्तर पर शक्ति केंद्रों में युवाओं को जोड़ा जाए. इस तरह से विनोद तावड़े 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की हैट्रिक लगाने ही नहीं, बल्कि बिहार की तरह क्लीन स्वीप करने का प्लान बना रहे हैं।  वीआईपी कल्चर से दूरी बनाकर दिया संदेश बीजेपी के प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद विनोद तावड़े ने उत्तर प्रदेश आने से पहले ही साफ कर दिया था कि उनके स्वागत की एक भी होर्डिंग शहर में नहीं लगनी चाहिए और न ही उनका नाम दिखाई देना चाहिए. ऐसे में जिन लोगों ने विनोद तावड़े के लिए बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए थे, उन्हें रातों-रात उन्हीं लोगों ने हटा लिया।  अब विनोद तावड़े ने नया मंत्र दिया और पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लखनऊ में समय बिताने के बजाय अपने-अपने आवंटित विधानसभा क्षेत्रों में जाएं, रात को वहीं प्रवास करें और स्वागत-सत्कार के चक्कर में न पड़ें. मार्च 2027 तक, यानी विधानसभा चुनाव होने तक सभी पदाधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं और चुनावी अभियानों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।  संगठन-सरकार के साथ मजबूत समन्वय प्रदेश प्रभारी तावड़े ने भाजपा के सभी प्रदेश मोर्चों के अध्यक्षों से भी संवाद किया. इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द अपनी कार्यसमिति बनाएं. सूत्रों के अनुसार हफ्तेभर के अंदर कार्यकारिणी गठित करने के लिए उन्होंने कहा है. यह भी कहा गया कि जब कार्यकारिणी गठित हो जाए, तो उन्हें आगे का टारगेट दिया जाएगा जिसे पूरा करने के लिए सभी को मिलकर जुटना होगा।  तावड़े ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार उन्होंने सरकार के कामकाज की जानकारी ली और कल्याणकारी योजनाओं पर बात की. सरकार और संगठन में समन्वय के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई।  सीएम के साथ बैठक में संगठन के सहयोग से सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और विकास को मुद्दा बनाने पर सहमति बनी. इससे पहले उन्होंने शनिवार … Read more