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अनुशासनहीनता पर भाजपा कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस

गुना  भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर अनर्गल टिप्पणी करने पर स्थानीय कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है ।बता दें भाजपा के कैंट मंडल उपाध्यक्ष कृष्णपाल यादव को पार्टी के जिला महामंत्री संतोष धाकड़ ने सोशल मीडिया अकाउंट पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक पोस्ट डालने को संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है ।नोटिस में यादव से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है ।नोटिस में कहा गया है कि मंडल उपाध्यक्ष के पी यादव पिछले कई दिनों से पार्टी विरोधी कार्य करते हुए लगातार पार्टी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल रहे हैं जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है,वरिष्ठ संगठन के संज्ञान लेने के बाद यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा अगर तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पार्टी सख्त कार्रवाई करेगी

हाई कोर्ट ने कार्तिकेय चौहान को दी मोहलत, राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस में अगली सुनवाई तय

जबलपुर  हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई हुई। मामला एमपी-एमएलए कोर्ट, भोपाल के विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा मानहानि के प्रकरण में जारी समन को चुनौती से संबंधित है। सुनवाई के दौरान भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के अधिवक्ता ने बताया कि प्रकरण में जरूरी अधीनस्थ कोर्ट का आदेश-पत्र व दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से आदेश-पत्र व दस्तावेज प्रस्तुत सहमति व्यक्त की गई। लिहाजा, हाई कोर्ट ने माेहलत प्रदान करते हुए अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित कर दी। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरु0 एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल में मानहानि का परिवाद दायर किया था। परिवाद में कहा गया था कि 2018 में राहुल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई चुनावी सभा में राहुल गांधी ने एक भाषण के दौरान कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम लिया था। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। इस बयान को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने बताया था। विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा परिवाद की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया गया था। समन व परिवाद को निरस्त कराने राहत चाहते हुए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। उन्होंने आरोपों को नकारते हुए परिवाद को बेबुनियाद बताया। हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के लिए उन्हें नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने निर्देश जारी किए थे। याचिकाकर्ता राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अजय गुप्ता ने पक्ष रखा।  

सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय : 30 मई तक पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय समिति की बैठक में बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी निर्देश दिये हैं कि जरूरत पड़ने पर सभी विभाग उन्हें दी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप कलेक्टर के समन्वय में बाढ़ राहत और बचाव संबंधी कार्य करेंगे। उन्होंने विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे निर्धारित एसओपी के अनुसार 30 मई तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर लें। मुख्य सचिव  जैन गुरुवार को मंत्रालय में वर्षा पूर्व बाढ़ से बचाव संबंधी आवश्यक प्रबंधों की राज्य स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे। गृह विभाग इस कार्य के लिए नोडल होगा। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित सहित अन्य विभाग प्रमुख वीडियो कॉफ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। सेना के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। बैठक में राहत आयुक्त  विवेक पोरवाल ने विगत वर्षों की बाढ़ और बारिश की स्थिति तथा विभागों को सौंपे गए कार्यों की जानकारी का प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव  जैन ने अगले 15 दिनों में सौंपे गये दायित्वों को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि न हो। उन्होंने ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, नगरीय विकास, राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, पीएचई, स्वास्थ्य, ऊर्जा और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि मौसम की सटीक जानकारी के लिए पहले से चिन्हित स्थानों पर केंद्र स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं ।उन्होंने कहा कि मौसम का अलर्ट सिस्टम भी पहले से बेहतर हुआ है और सभी संबंधित विभाग इस तरह की सूचनाओं के आदान प्रदान के साथ त्वरित कार्यवाही सिस्टम विकसित करें। मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चेक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिन्हांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को पुलों पर बेरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभाग को बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि हालांकि पहुंच विहीन क्षेत्रों की संख्या अब न के बराबर रह गई है और आगामी एक माह में लोक निर्माण विभाग रह गए क्षेत्रों में भी आवश्यक पुल पुलियों का निर्माण कर सकता है। उन्होंने राहत आयुक्त से कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिये आवश्यक धनराशि का बेहतर उपयोग करें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव तैयारियों की कर रहे नियमित समीक्षा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिंहस्थ: 2028 महापर्व आयोजन की तैयारियों को लेकर निरंतर निरीक्षण जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर क्षेत्र में नव निर्माणाधीन घाटों से 24 घंटे करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा में स्नान कराने के बाद सुरक्षा और सुविधा के साथ गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। सिंहस्थ के लिए सभी विभागों ने निर्माणाधीन विकास कार्यों की गति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नियमित रूप से सिंहस्थ तैयारियों की समीक्षा कर जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर सिंहस्थ के लिए विकास कार्य प्रगतिरत है। सिंहस्थ में विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन पार्किंग के साथ ही स्नान के लिए घाट तक पहुंचाने के लिए सुविधाजनक एप्रोच रोड का निर्माण किया जा रहा है। व्यवस्थित पार्किंग क्षेत्र और घाट तक सुविधाजनक आने जाने के मार्ग होने से आवश्यक प्रबंधन करने में सुविधा होगी। हाल ही में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने उज्जैन पहुंचकर सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा लिया है। 18 स्थान एप्रोच रोड के लिए हुए चिन्हित सिंहस्थ: 2028 के तहत नियमित निरीक्षण में संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी  आशीष सिंह, कलेक्टर उज्जैन  रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के दल मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों में की जाने वाली व्यव्स्थाओं का निरंतर जायजा ले रहे हैं। अधिकारी दल ने  विक्रांत भैरव मंदिर के समीप स्थित ब्रिज से निरीक्षण प्रारंभ कर करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में पैदल भ्रमण किया। उन्हेल रोड ब्रिज के समीप तक शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन नवीन घाट को जोड़ने के लिए प्रस्तावित 18 स्थानों को एप्रोच रोड के लिए चिन्हित किया है। संवरने लगा है उज्जैन सिंहस्थ : 2028 महापर्व के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर विश्व भर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुविधाजनक रूप से मोक्षदायिनी शिप्रा नदी में स्नान करवाने और श्रद्धालुओं की मेजबानी के लिए उज्जैन संवरने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नियमित रूप से सिंहस्थ तैयारियों की जानकारी प्राप्त कर निर्देश देते है। हाल ही में प्रशासनिक अधिकारियों ने द्वितीय चरण में शिप्रा किनारे पैदल 36 किलोमीटर भ्रमण किया। अधिकारी दल ने इस दौरान शिप्रा घाट से जोड़कर बनाए जाने वाले प्रस्तावित मार्गों के लिए 140 स्थान चिन्हित कर तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री  मोदी के आह्वान पर किया अमल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आह्वान और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर पेट्रोल-डीजल की मितव्ययिता के नियम का अनुसरण करते हुए अधिकारी बस में सवार होकर निरीक्षण के लिए पहुंचे। सिंहस्थ : 2028 के लिए निर्माणाधीन विकास कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रस्तावित मार्ग चिन्हित करने के लिए नियमित निरीक्षण के तहत अधिकारियों की टीम सुबह पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश देते हुए एक ही बस में यात्रा कर निरीक्षण स्थल पहुंचे। अधिकारी दल ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन सिंहस्थ : 2028 के अंतर्गत निर्माणाधीन नए घाट और सभी घाटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले प्रस्तावित एप्रोच रोड के लिए स्थान चिन्हित किए। निरीक्षण में अधिकारियों ने लाल पुल ब्रिज के नीचे स्थित घाट क्षेत्र से निरीक्षण शुरू करते हुए गऊघाट, वेधशाला के पीछे, वाकणकर ब्रिज के समीप, जीवन खेड़ी,  शनि मंदिर के समीप पुराने और निर्माणाधीन नवीन घाट तक पहुंच मार्ग तैयार करने के लिए प्रस्तावित स्थानों को चिन्हित किया। निरीक्षण के दौरान शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर स्थान चिन्हित किए । एप्रोच रोड निर्माण के लिए शिप्रा नदी के किनारों पर निर्माणाधीन नवीन घाट और पुराने घाट भी शामिल किए गए है। घाट से 200 मीटर एरिया में जो स्थान चिन्हित किए है उन स्थानों पर श्रद्धालुओं को घाट तक आने और जाने के लिए प्रस्तावित एप्रोच रोड का निर्माण सुविधाजनक और सहज हो, इस उद्देश्य से स्थान चिन्हित किए गए हैं। पुलिस विभाग के माध्यम से इन चिन्हित स्थानों पर भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर प्लान तैयार किया जाएगा।  

किन्नर अखाड़े में बड़ा विवाद: महामंडलेश्वर पद छीना गया, उज्जैन में मचा हड़कंप

उज्जैन इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर पद को लेकर विवाद सामने आया है। तेलंगाना की मां काली नंद गिरि ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी गुरु और अखाड़े की प्रमुख मां सतीनंद गिरि से रिश्ता तोड़ने का ऐलान किया है। इसके जवाब में मां सतीनंद गिरि ने भी वीडियो जारी कर कहा कि मां काली नंद गिरी ने गुरु-शिष्य परंपरा और अखाड़े के नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए उन्हें महामंडलेश्वर पद और अखाड़े की सदस्यता से बर्खास्त कर दिया गया है।  जानकारी के अनुसार मार्च 2026 में उज्जैन में इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में देशभर से अखाड़े के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए थे। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ कुछ लोगों को महामंडलेश्वर की उपाधि भी दी गई थी। इनमें तेलंगाना की मां काली नंद गिरि का नाम भी शामिल था। बताया जा रहा है कि मां काली नंद गिरि करीब दो महीने तक इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर रहीं। हालांकि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका मां सतीनंद गिरि से कोई संबंध नहीं है। वीडियो में उन्होंने कहा कि वे मेरी गुरु नहीं हैं। उनके गुरु अलग हैं और मेरे गुरु अलग हैं। हमने उनसे रिश्ता तोड़ दिया है और अब हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है। मां काली नंद गिरि के इस बयान के बाद अखाड़े में विवाद गहरा गया। इसके बाद मां सतीनंद गिरि ने भी वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मां काली नंद गिरि को दो महीने पहले महामंडलेश्वर बनाया गया था लेकिन उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा का पालन नहीं किया और अखाड़े के नियमों का भी उल्लंघन किया। इसी कारण उन्हें इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े से हटा दिया गया है। मां सतीनंद गिरि ने स्पष्ट किया कि अब मां काली नंद गिरि न तो उनकी शिष्या हैं, न अखाड़े की सदस्य और न ही महामंडलेश्वर। मामले को लेकर धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। 

मंत्री टेटवाल सार्वजनिक बस से यात्रा कर अपने कार्य क्षेत्र पर पहुँचे

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के आह्वान और ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने के संदेश से प्रेरित होकर कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने गुरुवार को सारंगपुर से पचोर तक सार्वजनिक परिवहन बस सेवा से यात्रा कर अपने कार्य क्षेत्र पर पहुँचे। मंत्री  टेटवाल ने कारकेड और औपचारिक प्रोटोकॉल से अलग आम नागरिकों के बीच बस में यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित का संदेश दिया। पेट्रोल पंप दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से मिले मंत्री  टेटवाल ने विगत दिनों पचोर में पेट्रोल पंप पर हुई दुःखद घटना में प्रभावित परिवारों से भेंट की। उन्होंने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना। मंत्री  टेटवाल ने परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मंत्री  टेटवाल ने पचोर नगर में नागरिकों से जनसंपर्क कर विभिन्न स्थानीय समस्याओं एवं विकास कार्यों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिये। मंत्री  टेटवाल ने पचोर से सारंगपुर तक बस से यात्रा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन अपनाना केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा एक जिम्मेदार प्रयास है। इससे ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। मंत्री  टेटवाल ने नागरिकों से भी अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण और देशहित के बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। 

बिहार सरकार में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण, कैबिनेट में दिखेगा बड़ा बदलाव

 पटना बिहार सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठकों (Bihar Cabinet) की कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभागीय एजेंडा संबंधित मंत्री स्वयं प्रस्तुत करेंगे। इसकी शुरुआत प्रायोगिक तौर पर 13 मई को हुई कैबिनेट बैठक से कर दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागों के मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों के प्रस्ताव और एजेंडे खुद रखे। सीएम सम्राट की पहल, मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी अब तक कैबिनेट बैठकों में विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव एजेंडा प्रस्तुत करते थे और उसी पर चर्चा होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर व्यवस्था में बदलाव करते हुए मंत्रियों को सीधे तौर पर अपनी योजनाओं और प्रस्तावों को रखने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे मंत्रियों की जवाबदेही बढ़ेगी और विभागीय योजनाओं को लेकर उनकी भूमिका अधिक प्रभावी होगी। बीते बुधवार को हुई बैठक में कुल 18 एजेंडे पेश किए गए। इनमें वाणिज्य कर, वित्त, गृह, उद्योग, उच्च शिक्षा, शिक्षा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने अपने विभाग की योजनाओं और प्रस्तावों को विस्तार से रखा तथा विभिन्न मुद्दों पर प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखी। प्रशासनिक स्तर पर जरूरी बदलाव सरकार के इस नए प्रयोग को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इससे मंत्रिमंडल की बैठकों में मंत्रियों की सक्रिय भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका और मजबूत होगी।  

आरक्षक पुलिस संगठन की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति – डीजीपी मकवाणा

भोपाल 25वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल, भोपाल में गुरूवार को नव आरक्षकों के दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बतौर मुख्‍य अतिथि परेड की सलामी ली एवं निरीक्षण किया। समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है तथा आरक्षक पुलिस संगठन की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 11 माह के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन एवं समर्पण के बाद तैयार हुए ये नव आरक्षक पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को और अधिक सशक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है, जहां टीम भावना, अनुशासन, शारीरिक दक्षता एवं व्यवहारिक पुलिसिंग की सीख जीवनभर साथ रहती है। प्रशिक्षण के दौरान नवआरक्षकों को आउटडोर गतिविधियों, वेपन ट्रेनिंग, बलवा ड्रिल, कानून व्यवस्था, साइबर क्राइम, आधुनिक तकनीक एवं भीड़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों में प्रशिक्षित किया गया है, जो भविष्य की ड्यूटी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, कानून व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है। उन्होंने विशेष सशस्त्र बल एवं मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों द्वारा नक्सल विरोधी अभियानों,दस्‍यु उन्‍मूलन, चुनाव ड्यूटी तथा अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में किए गए साहसिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता एवं साहस का परिचय देते हुए पुलिस जवानों ने अनेक अवसरों पर लोगों को सीपीआर देकर जान बचाना पुलिस की जनसेवा की भावना को उजागर किया है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ-2028 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं में दक्षता भविष्य की पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने नव आरक्षकों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने, ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं संविधान के प्रति निष्ठा के साथ कार्य करने तथा लगातार जनसंवाद करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि वर्दी धारण करने के बाद पुलिसकर्मी का एकमात्र धर्म जनसेवा, कानून का पालन एवं राष्ट्रहित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।। प्रत्येक पुलिसकर्मी को आमजन के प्रति संवेदनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए। जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। समारोह के दौरान 25वीं वाहिनी, विसबल भोपाल के सेनानी  नागेंद्र सिंह द्वारा प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ 15 जून 2025 को किया गया था, जिसमें महिला एवं पुरुष नव आरक्षकों को फायरिंग, रायट ड्रिल, कानून व्यवस्था, शारीरिक दक्षता एवं कानून के मूलभूत ज्ञान सहित आधुनिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में पहली बार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में साइबर क्राइम एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधों को शामिल किया गया, जिससे प्रशिक्षुओं को साइबर अपराधों से जुड़े “डूज़ एंड डोन्ट्स” की जानकारी भी दी गई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में कई नव आरक्षक साइबर कमांडो के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।  नागेन्‍द्र सिंह ने बताया कि नवआरक्षकों ने राजकोट, गुजरात में आयोजित 74वीं अखिल भारतीय पुलिस हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 तथा जम्मू में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस कबड्डी क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशिक्षण संस्थान को गौरवान्वित किया।  सिंह ने कहा कि आरक्षक पुलिस विभाग की रीढ़ होते हैं तथा अनुशासन, शारीरिक दक्षता और जनसेवा की भावना के साथ प्रशिक्षित ये नव आरक्षक भविष्य में मध्यप्रदेश पुलिस के “देशभक्ति, जनसेवा” के ध्येय वाक्य को और अधिक सशक्त करेंगे। नव आरक्षकों द्वारा आकर्षक साइलेंट ड्रिल प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसमें अनुशासन, तालमेल एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षण दक्षता की प्रभावशाली झलक दिखाई दी। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं ने विभिन्न योग आसनों का प्रदर्शन कर शारीरिक क्षमता, मानसिक संतुलन एवं फिटनेस के प्रति अपनी सजगता का परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षक  देवेन्‍द्र कुमार गुप्‍ता 9वीं वाहिनी रीवा को प्रथम एवं  हर्षित कुशवाह 36वीं वाहिनी बालाघाट को द्वितीय पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही इनडोर एवं आउडडोर प्रशिक्षण में उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को भी सम्‍मानित किया। उन्होंने सफल आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं परिवारजनों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। समारोह में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  चंचल शेखर,पुलिस महानिरीक्षक  इरशाद वली, पुलिस आयुक्‍त  संजय कुमार सहित अन्‍य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, विशेष सशस्त्र बल के अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में नव आरक्षकों के परिजन उपस्थित रहे।  

31 मई तक शेष धान उठाव पूर्ण करने और कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देश

रायपुर  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय योजनाओं, धान उठाव, कस्टम मिलिंग तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निराकरण, धान खरीदी केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों से धान के उठाव, कस्टम मिलिंग एवं एफसीआई तथा नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा किए जाने की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ वर्ष 2025-26 के उपार्जन केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों में शेष धान का उठाव 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून 2026 के लिए तीन माह के एकमुश्त चावल भंडारण एवं वितरण की भी समीक्षा की गई। खाद्य मंत्री  बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में तीनों माह का राशन वितरण कार्य पूर्ण किया जाए ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। समीक्षा बैठक में खाद्य संचालनालय, जिला कार्यालयों, नागरिक आपूर्ति निगम, राज्य भंडार गृह निगम तथा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री  बघेल ने आवश्यक पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। राज्य में खाद्यान्न भंडारण क्षमता की समीक्षा करते हुए मंत्री  बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम द्वारा निर्माणाधीन गोदामों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपयोग में लाने के निर्देश दिए। बैठक में विधिक माप विज्ञान के कार्यों की भी समीक्षा की गई। खाद्य मंत्री  बघेल ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, पूरक पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं से जुड़े कमीशन का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में खाद्य सचिव मती रीना बाबासाहेब कंगाले, खाद्य संचालक डॉ. फरिहा आलम, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ  जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रजिस्ट्रार छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नियंत्रक विधिक माप विज्ञान तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

EOW की ट्रैप कार्रवाई में SDM ऑफिस का स्टेनो पकड़ा गया, 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तारी

जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जबलपुर शाखा ने गुरुवार को नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए स्टेनो सौरभ यादव को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर कॉलोनी निर्माण के नक्शे की रिपोर्ट आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। यह है मामला ईओडब्ल्यू के अनुसार तेंदूखेड़ा निवासी संजय राय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कॉलोनी निर्माण के प्रस्तावित नक्शे पर स्थल निरीक्षण रिपोर्ट लगाने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि फाइल को लंबे समय से बिना कारण लंबित रखा गया और काम आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक जब उन्होंने कार्यालय में संपर्क किया तो स्टेनो सौरभ यादव ने 30 हजार रुपये देने पर फाइल आगे बढ़ाने की बात कही। शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। ईओडब्ल्यू ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने SDM पर भी लगाए आरोप मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब शिकायतकर्ता संजय राय ने एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि स्टेनो केवल माध्यम था और रिश्वत की मांग कथित तौर पर एसडीएम के निर्देश पर की जा रही थी। संजय राय ने आरोप लगाया कि स्टेनो ने उन्हें बताया था कि रिश्वत की राशि के अलावा एसडीएम कार्यालय के रेनोवेशन, पेंट और अन्य खर्चों के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे कई दिनों से भीषण गर्मी में कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी।