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पीएम सूर्य घर योजना से बदली अरूना की जिंदगी, अब सूरज की रोशनी से जगमगाता है घर

पीएम सूर्य घर योजना -अरूना के घर अब सूरज की रोशनी से रोशन, बिजली बिल की चिंता से मिली मुक्ति 3 किलोवाट के सोलर प्लांट ने बदली राजपुर निवासी अरूना की जिंदगी, बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश रायपुर   प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उठाकर कोई भी अपने घर में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित कर सकता है।  बढ़ती महंगाई के दौर में बिजली का भारी-भरकम बिल किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए चिंता का विषय हो सकता है। लेकिन बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की श्रीमती अरूना कश्यप ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को अपनाकर अरूना न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने की ओर बढ़ रही हैं, बल्कि वे क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी एक मिसाल बन गई हैं। बढ़ते खर्चों के बीच सोलर बना सहारा       अरूनाकश्यप साझा करती हैं कि बढ़ती जरूरतों के साथ हर महीने आने वाला भारी बिजली बिल उनके घरेलू बजट को बिगाड़ देता था। वे कहती हैं, पहले बिजली का खर्च लगातार बढ़ रहा था, जिससे घर का तालमेल बिठाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन जब मुझे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और उस पर मिलने वाली केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी के बारे में पता चला, तो लगा कि यह हमारे लिए सबसे अच्छा समाधान है। 3 किलोवाट का प्लांट राहत की नई किरण        अरूना ने विभागीय सहयोग से अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगवाया है। शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह प्रक्रिया जटिल होगी, लेकिन शासन की सहायता और मार्गदर्शन से यह काम आसान हो गया। लगने के बाद बिजली बिल में भारी गिरावट आई है। अब घर के सभी जरूरी उपकरण बिना किसी तनाव के सौर ऊर्जा से चल रहे हैं। अरूना का मानना है कि सौर ऊर्जा न केवल पैसों की बचत है, बल्कि यह पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक बड़ा योगदान है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम           श्रीमती अरूना ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम है। सब्सिडी के प्रावधान ने इस तकनीक को आम आदमी की पहुँच में ला दिया है। श्रीमती अरूना कश्यप कहती हैं कि अगर हर घर सौर ऊर्जा अपनाए, तो न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि हमारा पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त रहेगा। योजना का लाभ        प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सोलर प्लांट की स्थापना पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे आम नागरिक अपनी छत का उपयोग कर स्वयं बिजली पैदा कर सकते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।

दिल्ली में CM-अमित शाह बैठक से सियासी हलचल तेज, क्या होने वाला है कैबिनेट विस्तार?

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के पहले से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। 17 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव अलग-अलग मंत्रियों से चर्चा करने वाले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेह हो गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद भाजपा कैबिनेट विस्तार पर फैसला ले सकती है। जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लेने की भी योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवादों में हैं, वहीं कुछ अन्य मंत्रियों का प्रदर्शन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में सीएम समेत 31 पद भरे हुए है और चार पद खाली हैं और विस्तार से पहले चार मंत्रियों के इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है।  राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा  जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर 17 मई को होने वाली बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुलाकात में पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत पर बधाई देने के साथ ही अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करने की बात कही जा रही है। इससे पहले नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दो दिन पहले अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं।   केंद्रीय मंत्रियों से भी सीएम ने की मुलाकात  दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मध्यप्रदेश में शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से सौजन्य भेंट की। वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू से भी मुलाकात कर प्रदेश में विमानन सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार और केंद्र-राज्य समन्वय के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 

छत्तीसगढ़ की ज्ञानेश्वरी यादव ने बढ़ाया देश का मान, मुख्यमंत्री साय ने सराहा प्रदर्शन

रायपुर   राजनांदगांव की युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए ज्ञानेश्वरी ने सिल्वर और कांस्य पदक अपने नाम कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रतियोगिता में स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 106 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 194 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके इस दमदार प्रदर्शन ने खेल जगत में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता पूरे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो उपलब्धि हासिल की है, वह छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ज्ञानेश्वरी आने वाले समय में देश के लिए और भी बड़े कीर्तिमान स्थापित करेंगी। 

चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ी भारी भीड़, 450 आवेदनों का मौके पर हुआ समाधान

चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 450 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हुए लाभान्वित, जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को बांटे चेक और जरूरी सामग्री रायपुर राज्य शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचिरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शासन की जनता के द्वार पर दस्तक पहल के तहत आयोजित इस शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर के दौरान कुल 1145 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 450 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। जनप्रतिनिधियों ने वितरित की सहायता सामग्री           शिविर में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे। वितरण की मुख्य झलकियां इस प्रकार रहीं। नए राशन कार्ड और आयुष्मान कार्डों का वितरण, मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। कृषि एवं संबद्ध विभाग के द्वारा मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स और उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्थानीय बच्चों और खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई। विभागीय स्टॉल्स के माध्यम से दी गई जानकारी          शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। मंच के माध्यम से अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।          सुशासन की यह लहर केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही। सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में भी समाधान शिविर का सफल आयोजन हुआ। जिले के 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

हरियाणा में VIP कल्चर पर लगाम, CM नायब सैनी ने घटाया अपने वाहनों का काफिला

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री और मंत्रियों तथा भाजपा के सांसद-विधायकों के वाहनों का काफिला अब छोटा होगा। सप्ताह के एक दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बगैर वाहनों के काम चलाएंगे। अधिकतर सरकारी बैठकें वर्चुअल होंगी ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर स्वयं यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हरियाणा सरकार राष्ट्रहित में ईंधन की बचत और संसाधनों के उचित उपयोग के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मैंने अपने फ्लीट में न्यूनतम वाहनों के उपयोग का निर्णय लिया है। अगले आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से केवल आवश्यक वाहन ही शामिल होंगे। साथ ही सप्ताह में एक दिन बिना किसी वाहन के कार्य करने का भी संकल्प लिया है। वाहनों का काफिला अब छोटा होगा इस फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री और मंत्रियों तथा बीजेपी के सांसद-विधायकों के वाहनों का काफिला अब छोटा होगा। सप्ताह के एक दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बगैर वाहनों के काम चलाएंगे। अधिकतर सरकारी बैठकें वर्चुअल होंगी ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी कुध इंटरनेट मीडिया के जरिए साझा की है। ज्यादातर बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करें सीएम नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि सभी विभागों के मंत्री और अधिकारी यात्रा के दौरान सीमित संख्या में वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे बैठकें ज्यादातर ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में, मैंने अपने काफिले में कम से कम वाहनों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। अगले आदेश तक, मेरे काफिले में केवल सुरक्षा उद्देश्यों के लिए आवश्यक वाहन ही शामिल किए जाएंगे। हरियाणा की जनता से की अपील मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की जनता से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी हरियाणा वासियों से भी निवेदन करता हूं कि अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। ईंधन बचत के इस अभियान में आप सभी सहभागी बनकर देशहित में अपना योगदान दें। मंत्रीगण और अधिकारी भी यात्रा करेंगे सीमित हरियाणा सरकार के सभी मंत्रीगण एवं सभी विभागों के अधिकारी भी यात्रा के दौरान सीमित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे। सभी मंत्रियों, विधायकों एवं अधिकारियों से आग्रह किया है कि अधिकतम बैठकों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से करें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा या बैठक करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों से भी निवेदन करता हूं कि अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और ईंधन बचत के इस अभियान में सहभागी बनकर देशहित में अपना योगदान दें।  

केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान ने सराहा छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल, बोले- देशभर के लिए प्रेरणादायी

छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी-केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान सेरीखेड़ी में अजा परियोजना और पिंक दीदी नवाचारों का किया निरीक्षण महिला समूहों के आर्थिक स्वावलंबन की सराहना रायपुर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया। अजा परियोजना वैज्ञानिक पशुपालन और सशक्त बाजार लिंकेज           मंत्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया। पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान           निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र,  के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया। घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर        मंत्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है। अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देश          केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा।  केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव भीम सिंह, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।         केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।

मोदी के ‘ईंधन बचाओ’ संदेश का असर, नेताओं ने छोड़ी लग्जरी गाड़ियां; साइकिल-ट्रेन से किया सफर

चंडीगढ़  हरियाणा में बृहस्स्पतिवार को सत्ता और सादगी की एक अलग तस्वीर देखने को मिली। आम दिनों में लंबी-लंबी गाड़ियों के काफिलों के बीच चलने वाले मंत्री और वीआईपी इस बार सीमित वाहनों के साथ नजर आए। कहीं मंत्री साइकिल से कार्यक्रम में पहुंचे तो कहीं विधायक ट्रेन में सफर करते दिखाई दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद हरियाणा सरकार ने वीआईपी कल्चर में कटौती की शुरुआत कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले में दिखाई दिया। जहां पहले मुख्यमंत्री के काफिले में 14 से 15 गाड़ियां चलती थीं, वहीं गुरुवार को उनका काफिला केवल चार वाहनों तक सीमित नजर आया। मुख्यमंत्री आवास से निकलते समय सुरक्षा और आवश्यक स्टाफ के वाहन ही साथ रखे गए। सीएम बोले – जरूरत भर वाहन ही चलेंगे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सरकारी खर्च और ईंधन की बचत को लेकर बड़ा संदेश देते हुए घोषणा की है कि अगले आदेश तक उनके कारकेड में केवल जरूरी वाहन ही शामिल किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में एक दिन बिना सरकारी वाहन के काम करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से भी सीमित वाहनों का उपयोग करने और अधिक से अधिक बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने की अपील की गई है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल सरकारी खर्च कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। सरकार के इस संदेश का असर मंत्रियों और विधायकों के व्यवहार में भी दिखाई दिया। पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित निकाय चुनाव सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा साइकिल पर सवार होकर पहुंचे। उनके साथ कार्यकर्ताओं ने भी साइकिल यात्रा की। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भाजपा केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जनहित के संदेशों को व्यवहार में लागू करके उदाहरण पेश करना चाहती है। वहीं पानीपत से विधायक प्रमोद विज भी अपनी निजी गाड़ी के बजाय ट्रेन से चंडीगढ़ पहुंचे। इसे भी सरकार के ‘कम खर्च, कम ईंधन’ अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों के वाहनों की भी होगी समीक्षा मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रातोंरात विभिन्न विभागों में वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए वाहनों की समीक्षा शुरू कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों और विभागों के पास एक से ज्यादा वाहन हैं, वहां उनकी संख्या कम की जाएगी। कई विभागों में अतिरिक्त गाड़ियों को हटाने और सीमित उपयोग की नई व्यवस्था लागू करने पर काम शुरू हो चुका है। सरकार का फोकस यह संदेश देने पर है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही होना चाहिए। सुरक्षा से समझौता नहीं, फिजूलखर्ची पर रोक मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है और प्रोटोकॉल के अनुसार उनके साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद सरकार ने सुरक्षा से समझौता किए बिना काफिले को छोटा करने का निर्णय लिया है। आमतौर पर मुख्यमंत्री के साथ सुरक्षा, स्टाफ और पायलट वाहनों सहित लंबा काफिला चलता था, लेकिन अब केवल आवश्यक गाड़ियों को ही शामिल किया जा रहा है। जानकार इसे सरकार की ‘लो-प्रोफाइल गवर्नेंस’ रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जिसके जरिए जनता के बीच सादगी और जवाबदेही का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।  

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के बीच बड़ा फैसला, MP में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी : लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई – आयुक्त भोंडवे भोपाल                  स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026' का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब शहर से कचरा केवल हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि 'वेस्ट टू वेल्थ' की परिकल्पना को साकार करते हुए रिसायकल के लिए इसका जिम्मेदारी से प्रबंधन करना आवश्यक है। इन नवीन नियमों के तहत अब प्रत्येक घर में कचरे का अलग-अलग संग्रहण अनिवार्य किया है, अब नागरिकों को गीला, सूखा और घरेलू हानिकारक कचरा पृथक डस्टबिन में देना होगा। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा तथा सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ''स्वच्छता अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जिम्मेदारी है।'' खुले में कचरा फेंकने, प्लास्टिक जलाने या सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने जैसी गतिविधियों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक प्रक्रिया के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त, थोक कचरा उत्पादकों (BWG) को भी अपने परिसर में ही कचरे का ऑन-साइट प्रसंस्करण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।       स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत सुरक्षित पर्यावरण और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए राज्य के 406 नगरीय निकाय पूर्णतः कटिबद्ध हैं, जिनमें 28 नए निकाय पहली बार इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हो रहे हैं। नागरिकों की छोटी पहल से बड़े बदलाव का लक्ष्य लेकर चल रहे इन निकायों द्वारा जमीनी स्तर पर की जा रही तैयारियों का मूल्यांकन विभिन्न श्रेणियों में किया जाएगा। सर्वेक्षण में मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा विभागीय अमले की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश में 51 क्षमता वर्धन कार्यशालाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है। इसके साथ ही, तीन वृहद राज्य स्तरीय कार्यशालाएं भी की गई। जिनके माध्यम से सभी 406 निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO), यंत्रियों और स्वच्छता नोडल अधिकारियों का प्रभावी क्षमतावर्धन किया गया है। मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे अमले को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 874 महिला सफाई मित्रों को भी 15 विभिन्न बैचों में 'स्वास्थ्य एवं स्वच्छता' तथा 'कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों' पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। सुदृढ़ जन-भागीदारी और इन व्यापक प्रशासनिक तैयारियों के बल पर मध्यप्रदेश का लक्ष्य अपने शहरों को पूर्णतः स्वच्छ बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना गौरव स्थापित करना है।  

LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना छत्तीसगढ़, आमजन और उद्योगों दोनों को मिलेगा लाभ

बेहतर सड़क, तेज़ परिवहन और बढ़ते रोजगार से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना छत्तीसगढ़, आमजन और उद्योगों दोनों को मिलेगा लाभ सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का दिख रहा सकारात्मक असर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर छत्तीसगढ़ ने विकास और सुशासन की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी LEADS 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य का दर्जा मिला है। यह उपलब्धि राज्य में बेहतर सड़क, परिवहन, व्यापार सुविधा और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण मिली है, जिसका सीधा लाभ आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उद्योगों का विकास नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण निवेश बढ़ रहा है। राज्य सरकार गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे उद्योगों को सुविधा मिलने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल परिवहन को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने से रोजगार और निवेश की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। रायपुर के लिए तैयार किए गए सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और माल परिवहन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों को अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से सुविधाएं मिल रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे प्रदेश में व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के उभरते औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में नई पहचान दिला रही है। कुल मिलाकर LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य के रूप में मिली यह पहचान केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में तेज़ी से विकसित हो रही अधोसंरचना, सुशासन और जनहितकारी विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति है। बेहतर सड़क, मजबूत परिवहन व्यवस्था, बढ़ते निवेश और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब आमजन की सुविधाओं और आर्थिक समृद्धि को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा तय कर रहा है।

पुराने बिजली बिल भरना अब होगा आसान, सरकार लाई समाधान योजना 2026

विशेष लेख  मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में  छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।           मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे। क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे।  यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है। किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं। योजना से होने वाले प्रमुख फायदे सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है। आसान किस्तों में भुगतान         बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है। बिजली विच्छेदन का खतरा कम          बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है। मानसिक तनाव से राहत         लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है। योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें        योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है। योजना की अवधि         मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है। जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण         मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है।         मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें। * धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक * सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक