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उद्यानिकी की आधुनिक तकनीकों से किसान महेश कश्यप की बदली तकदीर

उद्यानिकी की आधुनिक तकनीकों से किसान महेश कश्यप की बदली तकदीर रायपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत कछार निवासी महेश कश्यप आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं। कभी पारंपरिक खेती के कारण बढ़ती लागत और घटते लाभ से परेशान रहने वाले महेश ने उद्यानिकी विभाग की सहायता से आधुनिक कृषि को अपनाया और अपनी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार किया। परंपरागत खेती से आधुनिकता का सफर           कश्यप पहले परंपरागत फसलों पर निर्भर थे, लेकिन उद्यानिकी विभाग की समेकित उद्यानिकी विकास योजना  ने उनकी सोच और खेती का तरीका बदल दिया। विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 2.00 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण और फेंसिंग के लिए प्राप्त अनुदान का लाभ उठाकर सब्जी उत्पादन का उन्नत मॉडल तैयार किया। तकनीक का बेजोड़ तालमेल          कश्यप ने अपने खेतों में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करते हुए तकनीकों को अपनाया। ड्रिप सिंचाई से न केवल पानी की बचत हुई, बल्कि फसल को सटीक पोषण मिला और खरपतवार की समस्या भी कम हुई। मिट्टी में नमी बनाए रखने और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए मल्चिंग का प्रभावी उपयोग किया गया। वर्मी कंपोस्ट, जैविक खाद के प्रयोग से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ी है। आय में दोगुनी वृद्धि और रिकॉर्ड उत्पादन             महेश ने बैंगन के साथ-साथ अंतरवर्ती फसल  के रूप में कद्दू और अन्य मौसमी सब्जियों की खेती की। लगभग 4.5 एकड़ में बैगन कीखेती की है। उन्होंने बताया कि अनुमानित 900 से 1100 क्विंटल उत्पादन होने की संभावना है, जहाँ खेती में लगभग 7 से 8 लाख रुपये की लागत आई, वहीं सब्जियों की बिक्री से उन्हें 14 से 15 लाख रुपये की शुद्ध आर्थिक लाभ  प्राप्त हुई। क्षेत्र के किसानों के लिए रोल मॉडल             महेश कश्यप आज न केवल आत्मनिर्भर हुए हैं, बल्कि वे किसानों को संदेश दे रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि को एक लाभप्रद व्यवसाय बनाया जा सकता है। उद्यानिकी विभाग की यह पहल बिलासपुर के ग्रामीण अंचल में समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है।

फरीदकोट जेल से चल रहा था अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी रैकेट, मास्टरमाइंड सोनू निकला

  बीकानेर बीकानेर के खाजूवाला बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद कुख्यात तस्कर सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू निकला है. सोनू ने जेल के अंदर से ही पाकिस्तानी तस्करों के साथ संपर्क साधा और ड्रोन के जरिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार हथियार मंगवाने का पूरा नेटवर्क तैयार किया था. आरोपी मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र का रहने वाला है. तकनीकी खराबी ने फेल की पाकिस्तानी साजिश यह मामला इसी साल फरवरी का है, जब खाजूवाला के 24 KND इलाके के एक सरसों के खेत में पाकिस्तानी ड्रोन गिरा मिला था. जांच में सामने आया कि तस्करों ने हथियारों की डिलीवरी के लिए नहर के पटड़े का रूट तय किया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन खेत में जा गिरा. ड्रोन के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने 5 चाइनीज पिस्टल और 325 कारतूस बरामद किए थे. ड्रोन गिरने के कारण तस्करों की प्लानिंग फेल हो गई और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. स्थानीय कनेक्शन की तलाश कर रही पुलिस सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त जांच में बॉर्डर पार से चलने वाले इस बड़े स्मगलिंग नेटवर्क की परतें अब खुल रही हैं. सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू से पूछताछ के आधार पर उन लोगों को नामजद किया गया है, जो बॉर्डर पर ड्रोन की डिलीवरी लेने पहुंचने वाले थे. पुलिस अब उन स्थानीय मददगारों की तलाश में जुटी है, जो इस नेटवर्क को जमीनी स्तर पर सपोर्ट कर रहे थे. एजेंसियों का मानना है कि इस खुलासे से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अन्य तस्करों पर भी शिकंजा कसेगा.

राजस्थान में दिल दहला देने वाली घटना, कुएं में गिरने के बावजूद नवजात को नहीं आई खरोंच

तिजारा कहते हैं कि जिसकी रक्षा खुद ईश्वर करे, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. राजस्थान के खैरथल तिजारा  जिले के तिजारा कस्बे में मंगलवार सुबह कुछ ऐसा ही कुछ देखने को मिला. यहां एक कलयुगी मां ने अपनी ही चंद घंटों की मासूम बच्ची को पालपुर रोड स्थित एक 60 फीट गहरे कुएं में मरने के लिए फेंक दिया. लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद मासूम बच्ची को एक खरोंच तक नहीं आई. रस्सी के सहारे नीचे उतरकर युवक ने किया रेस्क्यू सुबह जब कुएं के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने अंदर से किसी के रोने की आवाज सुनी, तो वे ठिठक गए. जब कुएं में झांका गया तो नीचे एक नवजात बच्ची सुरक्षित नजर आई. किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि इतने गहरे और अंधेरे कुएं में गिरने के बाद भी बच्ची सही-सलामत है. ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और गांव का एक जांबाज युवक रस्सी के सहारे नीचे उतरा. उसने बच्ची को अपनी गोद में लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लाया. बाहर आते ही जब बच्ची का शरीर देखा गया, तो वह पूरी तरह सुरक्षित थी. डॉक्टर भी हैरान, अब अलवर में हो रही देखभाल बच्ची को तुरंत तिजारा के उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की. बीसीएमओ डॉ. मनोज यादव ने बताया कि बच्ची का जन्म करीब 24 घंटे पहले हुआ लग रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि प्राथमिक जांच में बच्ची के शरीर पर कोई बाहरी चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले. हालांकि, एहतियात के तौर पर और बेहतर निगरानी के लिए उसे अलवर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है. पुलिस कर रही 'कलयुगी मां' की तलाश इस घटना ने जहां एक तरफ लोगों को हैरान कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ लोगों में इस कृत्य को लेकर भारी गुस्सा है. तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की टीमें इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और स्वास्थ्य केंद्रों से हाल ही में हुए प्रसव का डेटा जुटाया जा रहा है ताकि इस मासूम को मौत के मुंह में धकेलने वालों तक पहुंचा जा सके.

39 किलो गांजा बरामदगी मामले में पुलिसकर्मी की संलिप्तता उजागर, विभागीय जांच शुरू

 अलीगढ़  तीन दिन पहले क्वार्सी पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया था उनसे थाने के सिपाही प्रबल प्रताप की संलिप्तता थी। एसपी सिटी की जांच में आरेाप सही पाए जाने पर एसएसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया है। विभागीय कार्रवाई के भी आदेश जारी किए हैं। क्वार्सी पुलिस ने 39 किलो गांजा समेत गिरफ्तार किए थे छह लोग क्वार्सी पुलिस ने शनिवार को क्षेत्र के शहंशाहबाद में गली नंबर एक निवासी आफताब उर्फ कप्तान, आफताब की पत्नी शहरीन व गुड़िया के अलावा मुहल्ले के नबील, अब्दुल्ला और बिलाल को 39 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। एक अवैध तमंचा, बिक्री से प्राप्त 1.05 लाख रुपये के अलावा अन्य सामान भी बरामद किया था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गांजा का वह ओड़िसा से मंगाते थे। सस्ते दामों में मिलने वाले गांजा की पुड़िया बनाकर 100 में बेचते थे। इतने बड़े स्तर पर गांजा का धंधा होने की बीट कांस्टेबल प्रबल प्रताप की जानकारी में होना से ही अधिकारियों का माथा ठनका। बीट सिपाही की संदिग्ध स्थिति होने पर एसपी सिटी ने की थी जांच एसएसपी ने एसपी सिटी को पूरे मामले की जांच सौंपी। एसपी सिटी की जांच में सिपाही को आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों से मेलजोल रखने तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कहा गया है कि उक्त आरक्षी की गतिविधियों से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने आरक्षी के विरुद्ध विभागीय जांच एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। मनोयोग से करें कार्यं, अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पर होगी कार्रवाई एसएसपी नीरज जादौन ने सभी अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे पूर्ण मनोयोग एवं ईमानदारी के साथ जनहित में कार्य करें। चेतावनी दी कि यदि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनहीनता, लापरवाही अथवा अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप सामने आते हैं, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

NEET पेपर लीक विवाद पर गरमाई सियासत, सीकर में जांच जारी, विपक्ष ने CBI जांच की मांग की

जयपुर NEET परीक्षा की गड़बडी को लेकर खबर सुर्खियों में है. NEET परीक्षा में गेस पेपर से हूबहू सवाल मिलने का मुद्दा गरमाया हुआ है. मामले में पुलिस जांच में जुटी है. सीकर जिले में NEET पेपर को लेकर धांधली की खबर के बाद विपक्ष ने इसकी जांच CBI से कराने की मांग कर रहा है. लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान भी सामने आया है. उन्होंने दावा किया है कि  भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है. परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा स्थापित सीएम भजनलाल ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है और पिछली सरकार के समय जिस तरह से परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ था उसे दोबारा स्थापित किया गया है. जयपुर में बिरला सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौर में राजस्थान का माहौल अलग था लेकिन वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने का वादा किया था और अब तक हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं. उन्होंने अजमेर जिले के कड़ैल गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल के समय में वहां 13 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और RAS भर्ती परीक्षा का टॉपर भी इसी गांव से निकला है. मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं की मेहनत और सरकार की पारदर्शी भर्ती व्यवस्था का परिणाम बताया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार, कौशल और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर है ताकि राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विश्वास का माहौल मजबूत हो सके.

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल: पर्यावरणीय मानकों के पालन और सतत निगरानी का सशक्त मॉडल

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल: पर्यावरणीय मानकों के पालन और सतत निगरानी का सशक्त मॉडल रायपुर /छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन हो। राखड़ प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुशासित व्यवस्था मंडल की सतर्कता के परिणामस्वरूप जांजगीर-चांपा सहित राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश (राखड़) का प्रबंधन निर्धारित वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राखड़ के परिवहन, भंडारण और निस्तारण की प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित एवं मानकों के अनुरूप पाई गईं। पारदर्शिता और जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि राखड़ परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन हो तथा धूल या अन्य कणों का अनियंत्रित प्रसार न हो। वैज्ञानिक डंपिंग तकनीकों के उपयोग से आसपास के जल स्रोतों और कृषि भूमि की गुणवत्ता सुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निकायों और ग्रामीणों के साथ सतत संवाद के माध्यम से मंडल विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर रहा है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ा जनविश्वास मंडल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उद्योगों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। इस सतत निगरानी व्यवस्था से न केवल पर्यावरणीय अनुपालन को मजबूती मिली है, बल्कि आम नागरिकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। स्वच्छ और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में सतत प्रयास छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का उद्देश्य राज्य की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण करना है। नियमित समीक्षा, उन्नत तकनीकों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मंडल पर्यावरण संरक्षण के उच्चतम मानकों को स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

DDA की नई योजना पर काम तेज, द्वारका-रोहिणी-नरेला बनेंगे फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी सेंटर

नई दिल्ल द्वारका को अब घरेलू और विदेशी निवेश का बड़ा सेंटर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए DDA ने तैयारियां शुरू कर दी है। LG टीएस संधु ने ने इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए है। DDA को LG ने जल्द योजना तैयार करने के दिए निर्देश द्वारका के साथ ही रोहिणी और नरेला को भी बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हाल ही में DDA अधिकारियों के साथ हुई बैठक में LG ने इन तीनों इलाकों के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में बेहतर सड़कें, मेट्रो नेटवर्क, एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाके तेजी से डिवेलप हो रहे हैं। द्वारका में यशोभूमि और बनने वाला डिप्लोमैटिक हब भी इस इलाके को खास बना रहा है। अधिकारियों ने बताया कि LG पिछले कुछ समय से इन इलाकों को बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने हाल ही में द्वारका सब सिटी का दौरा भी किया था, जहां कई अहम प्रोजेक्ट्स का इसके बाद DDA को यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने की भी योजना अधिकारियों के अनुसार, यूईआर (अर्बन एक्सटेंशन रोड) शुरू होने, बड़े मेट्रो नेटवर्क, टीओडी पॉलिसी, नए एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाकों के विकास की वजह से द्वारका, रोहिणी और नरेला तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नई सड़क परियोजनाओं और एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट और वेयरहाउस बनाने की भी काफी संभावनाएं बताई जा रही है। LG ने अधिकारियों को सभी डिपार्टमेंट्स के साथ चर्चा कर जल्द योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि इससे दिल्ली में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए मौके बनेंगे और राजधानी का विकास भी संतुलित तरीके से होगा।  

पंजाब निकाय चुनाव की तारीख तय: 26 मई को होगा मतदान, होशियारपुर और शाम चौरासी में चुनाव टला

पठानकोट प्रदेश  में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज कमल चौधरी ने  घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के 104 स्थानीय निकायों, जिनमें आठ नगर निगम शामिल हैं, के लिए मतदान 26 मई को कराया जाएगा। मतगणना 29 में को कराई जाएगी। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया 13 मई से शुरू होकर 16 मई तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 18 मई को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गई है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन दाखिल करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के आदेश भी दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्य पहले ही पूरा कर लिया है और अंतिम वोटर सूची 5 मई को प्रकाशित कर दी गई थी। इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी विपक्ष के लगातार हमलों का सामना कर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी रणनीति बनाने में लगी हुई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि नगर निकाय चुनावों में सभी प्रमुख दल पूरी ताकत झोंकेंगे और यह मुकाबला आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। जिन नगर निगमों में चुनाव होंगे उनमें बठिंडा, मोगा, पठानकोट, होशियारपुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, बरनाला और कपूरथला शामिल हैं। राज्य सरकार ने पहले इन शहरी निकायों को भंग कर प्रशासकों की नियुक्ति की थी, जो चुनाव होने तक कामकाज संभाल रहे थे। होशियारपुर और शाम चौरासी में मतदान टला पंजाब में 104 स्थानीय निकायों के लिए आगामी 26 मई को मतदान और 29 मई को मतगणना होगी, लेकिन होशियारपुर और शाम चौरासी के मतदाताओं को अभी इंतजार करना होगा। राज्य चुनाव आयोग ने तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते इन दोनों स्थानों पर चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए हैं। होशियारपुर में मतदाता सूची का पेंच पंजाब के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि मतदाता सूची के संशोधन से जुड़े मुद्दों के कारण होशियारपुर में चुनाव तत्काल प्रभाव से नहीं करवाए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां चार से पांच महीने के भीतर चुनाव कराए जाने की संभावना है। शाम चौरासी में वार्ड आरक्षण की अड़चन होशियारपुर के साथ-साथ शाम चौरासी स्थानीय निकाय के चुनाव भी रोक दिए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, शाम चौरासी में वार्डों के आरक्षण संबंधी तकनीकी मुद्दों के चलते यह फैसला लिया गया है। इन तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद ही यहां चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। कार्यकाल पूरा होने पर भंग किए गए थे निगम गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने बठिंडा, मोगा, पठानकोट, होशियारपुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, बरनाला और कपूरथला नगर निगमों का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें भंग कर दिया था। नगर निगमों का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने चुनाव होने तक वहां प्रशासकों की नियुक्ति की हुई है। अब राज्य के बाकी निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने जा रही है, जबकि होशियारपुर और शाम चौरासी को अभी कुछ और महीनों का इंतजार करना पड़ेगा। एक नजर: बाकी 104 निकायों का चुनाव कार्यक्रम होशियारपुर और शाम चौरासी को छोड़कर, पंजाब के बाकी 104 स्थानीय निकायों (8 नगर निगमों सहित) के लिए चुनाव आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम तय किया है:  नामांकन की शुरुआत: 13 मई नामांकन की अंतिम तिथि: 16 मई नामांकन पत्रों की जांच: 18 मई नाम वापसी की अंतिम तिथि: 19 मई मतदान की तिथि: 26 मई मतगणना (नतीजे): 29 मई

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: अरोड़ा के मंत्रालय दूसरे मंत्रियों को सौंपे गए, जानें किसे क्या मिला

चंडीगढ़ ED द्वारा संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति और प्रशासन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद राज्य सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और विभागीय कामकाज में किसी तरह की बाधा न आने देने के लिए तेजी से कदम उठाए। सरकार ने अरोड़ा के पास मौजूद विभागों का पुनर्वितरण करते हुए उन्हें अन्य मंत्रियों को सौंप दिया है। पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के विभागों को सोमवार को अन्य मंत्रियों अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस और तरुणप्रीत सिंह सोंद के बीच बांट दिया। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग संभाल रहे अमन अरोड़ा को उद्योग एवं वाणिज्य तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को स्थानीय निकाय विभाग सौंपा गया है। ग्रामीण विकास, पंचायत, पर्यटन और श्रम मंत्री सोंद को विद्युत मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। ईडी ने नौ मई को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया। शनिवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर दो स्थित उनके आधिकारिक आवास पर छापेमारी के बाद 62 वर्षीय संजीव अरोड़ा को धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया। गुरुग्राम की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने रविवार को अरोड़ा को एक सप्ताह के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।

पंजाब विजिलेंस ऑफिस में CBI रेड: भुल्लर रिश्वत मामले में अधिकारी का रीडर पकड़ा गया

चंडीगढ़ सीबीआई ने निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार देर शाम मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय पर छापा मारा और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में एक वरिष्ठ अधिकारी के रीडर को हिरासत में लिया। हालांकि, सीबीआई या पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई, लेकिन अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी ने '20 लाख रुपये की रिश्वत कांड में एक विजिलेंस अधिकारी से 13 लाख रुपये बरामद किए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भगवंत मान को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विजिलेंस ब्यूरो या पंजाब पुलिस के किसी भी अधिकारी ने फोन कॉल या संदेशों का जवाब नहीं दिया।गौर हो कि पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी भुल्लर को अक्तूबर 2025 में सीबीआई ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था।