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Mother’s Day Gift: रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू, कैदियों को परिवार से मिलने का नया जरिया

रायपुर आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है। अपनों से दूरी होगी कम वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।  हुनर को मिला सम्मान निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से श्री हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्री विजय छबलानी (प्रतिनिधि, BSNL), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

बाघ की दहशत से सहमे ग्रामीण, सूखी सेवनिया क्षेत्र में 15 दिन से बढ़ा खतरा

भोपाल. सूखी सेवनिया क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से एक बाघ की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। बाघ अब तक आधा दर्जन मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। डर का आलम यह है कि कई ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं किसानों ने खेतों पर जाना भी कम कर दिया है। गांवों तक पहुंच रहा बाघ जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट के अनुसार बाघ कनेरा गांव सहित करोंद खुर्द, कड़ैया, छापर, अगरिया, मुगालिया कोट और चांचेड़ क्षेत्र में लगातार घूम रहा है। वह पहाड़ी और नदी किनारे के रास्तों से गांवों तक पहुंच रहा है और गांव के बाहर बंधे मवेशियों को शिकार बना रहा है। वन विभाग ने लगाए ट्रैप कैमरे वन परिक्षेत्र समरधा अंतर्गत बीट बालमपुर के कक्ष क्रमांक 160 में, जो नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन को हस्तांतरित क्षेत्र से लगा हुआ है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग मध्य प्रदेश की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों में शिकार स्थल के आसपास बाघ की मौजूदगी दर्ज हुई है। वन विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और टीम तैनात कर दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह वन अधिकारियों के अनुसार बाघ की गतिविधियों को देखते हुए सभी गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को रात में जंगल किनारे आवाजाही से बचने और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है हलाली नदी के समीप आठ मई को एक गाय के शिकार की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाए थे। पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। – लोकप्रिय भारती, डीएफओ, वन विभाग

हरनौत में कृषि सखियों की बहाली पर गड़बड़ी का आरोप, डीएम ने जांच के दिए आदेश

हरनौत राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत सभी प्रखंडों में पिछले साल दो-दो कृषि सखियों की बहाली की गयी है। इनका काम किसानों से आंकड़ा जुटाना और उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना था। जीविका की अनुशंसा पर कृषि विभाग द्वारा बहाली की जानी थी। इस बहाली में अब गड़बड़ी की आशंका सामने आ रही है। हरनौत प्रखंड की दो महिलाओं ने डीएम को आवेदन देकर जांच की मांग की है। इस मामले पर जिला कृषि पदाधिकारी व जीविका डीपीएम के विरोधाभाषी बयान देकर आमने-सामने आ गये हैं। वहीं डीएम कुंदन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।आवेदन के अनुसार जीविका की ओर से दोनों का चयन किया गया था। जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक ने दोनों के नामों की अनुशंसा कर पत्र प्रखंड कृषि कार्यालय को भेजा था। बाद में पता चला कि उनके स्थान पर किसी और की बहाली कर ली गयी है। यानि, जीविका की अनुशंसा की अनदेखी की गयी। जीविका के सूत्रों की मानें तो कई प्रखंडों से ऐसे मामले सामने आये हैं। जीविका की ओर से भेजे गये नामों को हटाकर अन्य की बहाली कर ली गयी। क्या है आरोप हरनौत के प्रेमलता देवी व मुन्नी देवी ने डीएम को बताया कि जीविका की ओर से उन्हें चुना गया था। बीपीएम ने पत्र देकर उन्हें सूचना दी थी। उन्होंने जिला कृषि कार्यालय में मिट्टी जांच की ट्रेनिंग भी ली। इसके बाद उन्हें किसानों की सूची तैयार करने का काम दिया गया। गांव-गांव घूमकर उन्होंने किसानों से जानकारी लेकर सूची बनायी। प्रखंड कृषि कार्यालय में इस जानकारी को कंम्प्यूटर पर अपलोड कराया। करीब तीन महीने तक उन्होंने काम किया। इसके बाद प्रखंड कृषि कार्यालय से बताया गया कि किसी दूसरे का चयन कर लिया गया है। एक दूसरे पर टाल रहे कृषि विभाग-जीविका के अधिकारी इस मामले को कृषि विभाग व जीविका के अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। कृषि विभाग इसका ठीकरा जीविका पर फोड़ रहा है। वहीं, जीविका का कहना है कि उन्होंने नामों की अनुशंसा की थी। बहाली का काम कृषि विभाग का था। दोनों महिलाएं एक से दूसरे विभागों में चक्कर लगा रही हैं। डीएओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बहाली हो गयी है। अब इस मामले में कुछ नहीं हो सकता है। जानकार बताते हैं कि यह बात तय है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है। गड़बड़ी किसने और क्यों की है, यह जांच का विषय है।

कोटा के गणेशपुरा में सालों पुरानी पानी की समस्या का समाधान शुरू

कोटा कोटा शहर से सटे गणेशपुरा गांव में अब सालों पुरानी पेयजल समस्या खत्म होने जा रही है. गांव में चंबल का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है. लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी, हैंडपंप और बोरिंग के सहारे जिंदगी गुजारने वाले ग्रामीणों में अब नई उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने इस पहल के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और स्थानीय विधायक कल्पना देवी का आभार जताया है. सालो बाद गांव की मांग पूरी होने पर कैसे है माहौल गांव का.. पढ़ें र‍िपोर्ट   फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर थे लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के गणेशपुरा गांव के लोग सालों से लोग पेयजल संकट से जूझ रहे थे. गांव साल 2008 में नगर निगम वार्ड में शामिल तो हो गया, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं. सबसे बड़ी समस्या थी, शुद्ध पेयजल की. ग्रामीणों को फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ता था. महिलाएं दूर-दूर से पानी भरकर लाती थीं. कई घरों में हैंडपंप और बोरिंग ही एकमात्र सहारा था.  दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों की शिकायतें भी आम थीं. अब गांव में चंबल का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ है. काम शुरू होते ही गांव में उत्साह का माहौल है. वर्षों तक पानी की समस्या झेलनी पड़ी गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने वर्षों तक पानी की समस्या झेली है. कई बार मांग उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ. अब जब पाइपलाइन बिछने लगी है तो लोगों को भरोसा हो गया है कि जल्द ही घर-घर शुद्ध पानी पहुंचेगा. युवाओं का कहना है कि पानी की समस्या खत्म होने से गांव की जिंदगी बदल जाएगी. ग्रामीण युवक ने बताया क‍ि सालों से यहां पानी की बहुत दिक्कत थी. फ्लोराइड वाला पानी पीना मजबूरी थी. अब सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रयास से चंबल का पानी मिलेगा तो बड़ी राहत होगी. ग्रामीणों ने ओम बिरला का आभार जताया ग्रामीणों ने इस काम के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया. उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है. स्थानीय विधायक कल्पना देवी ने भी गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए. गणेशपुरा के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि बाकी शहरी सुविधाएं भी गांव तक जरूर पहुंचेगी. सालों तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर रहे गणेशपुरा के लोगों के लिए चंबल का पानी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर जिंदगी की नई शुरुआत माना जा रहा है.

गांधी चौक स्थित पुराने जनपद पंचायत भवन में नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भूमिपूजन

सारंगपुर नगर के हृदय स्थल गांधी चौक स्थित पुराने जनपद पंचायत भवन परिसर में रविवार को प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना सारंगपुर नगर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर को आधुनिक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनने से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। डॉ. टेटवाल के अथक प्रयासों और लगातार की गई पहल का ही परिणाम है कि लंबे समय से प्रतीक्षित यह महत्वपूर्ण परियोजना अब धरातल पर उतर रही है। क्षेत्रवासियों ने भी इस विकास कार्य को लेकर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे सारंगपुर के लिए बड़ी सौगात बताया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष  देननारायण नागर, नगरपालिका अध्यक्ष  पंकज पालीवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि  निलेश वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश नागर चाटकीया, जनपद सदस्य  करणसिंह दरबार, मंडल महामंत्री  कमल राठौर, पार्षद  कुलदीप राठौर,  संतोष कुम्भकार,  अंकित अवस्थित,  पवन लाला,  मोहन लववंशी,  योगेश महेश्वरी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।

लखनऊ में दवा कीमतें बढ़ीं, इंसुलिन और जरूरी मेडिसिन हुईं महंगी

 लखनऊ  महंगाई की मार अब रोगियों पर भी पड़ने लगी है। डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाओं की कीमतों में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। पिछले साल भी करीब 10-15 प्रतिशत तक इजाफा हुआ था जिसका सीधा असर मधुमेह रोगियों की जेब पर पड़ रहा है। डायबिटीज से ग्रसित मरीजों को जीवनभर नियमित दवाएं और इंसुलिन लेनी पड़ती हैं। खासकर, डायबिटीज-1 के रोगी इंसुलिन पर निर्भर होते हैं। दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों, आयात लागत और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी के कारण फार्मा कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं। लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विकास रस्तोगी का कहना है कि डायबिटीज की कई दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट विदेशों से आयात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल और शिपिंग लागत बढ़ने से दवाओं की उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है हाल के वैश्विक तनावों और सप्लाई चेन प्रभावित होने का असर भी दवा उद्योग पर पड़ा है। लखनऊ में डायबिटीज की दवाओं और इंसुलिन का सालाना करीब 80-90 करोड़ रुपये की खपत है। डायबिटीज के मरीजों का मासिक खर्च अब पहले की तुलना में 20 प्रतिशत तक बढ़ेगा। नई तकनीक वाली दवाओं और इंजेक्शन का उपयोग करने वाले मरीजों पर यह खर्च और अधिक पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह कई कंपनियों ने नई रेट लिस्ट जारी की हैं। कुछ ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में पहले ही 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि आने वाले समय में यह वृद्धि 20 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। डायबिटीज रोगी सर्वाधिक प्रभावित उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोग डायबिटीज रोग से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को रोजाना दवाएं लेनी पड़ती हैं। दाम बढ़ने का असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के मरीजों पर सीधे पड़ता है। कई मरीज पहले ही महंगी दवाओं के कारण इलाज बीच में छोड़ देते हैं, ऐसे में कीमतों में और वृद्धि चिंता बढ़ाने वाली है। आईसीएमआर एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 4.9% वयस्क आबादी मधुमेह से पीड़ित है। हालांकि, यूपी में मधुमेह की दर देश में सबसे कम है, लेकिन चिंता की बात यह है कि यहां 18% लोग प्री-डायबिटिक हैं, जो भविष्य में डायबिटिक हो सकते हैं। दवा का नाम                                          पुराना दाम (₹)              नया दाम (₹) इंसुलिन ह्यूमलाग मिक्स-25 कार्ट्रिज              5,350                         6,000 रोजडे टैबलेट                                           212                            235 इस्टामेट टैबलेट                                       175                           195     दवाओं के दाम बढ़ाने-घटाने का निर्णय केंद्र सरकार करती है। हालांकि, हमारे विभाग को डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाएं महंगी होने की कोई सूची नहीं मिली है। सोमवार को इसके बारे में जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।                                      ब्रजेश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन

संजीव अरोड़ा केस में नया मोड़, पत्नी और बेटी ED दफ्तर पहुंचीं

चंडीगढ़. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं गुरुग्राम कोर्ट ने उन्हें 7 दिनों की प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिमांड पर भेज दिया है। इसी बीच खबर सामने आई है कि आज यानि रविवार को पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के परिजन दिल्ली में ED मुख्यालय पहुंचे। संजीव अरोड़ा की पत्नी और बेटी उनसे मुलाकात करने के लिए यहां पहुंची है। आपको बता दें कि ई.डी. ने शनिवार को संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ के सैक्टर-2 स्थित सरकारी निवास के साथ-साथ दिल्ली, गुरुग्राम सहित उनसे जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। ई.डी. की यह कार्रवाई कथित तथाकथित मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी जी.एस.टी., लेन-देन से जुड़े मामले, बिलिंग, विदेशों से धन के लेन-देन और रियल एस्टेट कारोबार में अनियमितताओं को लेकर की गई। ई.डी. की टीमों ने 15 गाड़ियों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुबह 5 बजे मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकार नियम में दबीश दी। करीब 12 घंटे की गहन पूछताछ के बाद ई.डी. अधिकारियों की टीम ने कई दस्तावेजों को कब्जे में लेने के बाद विभिन्न बैंक खातों को सीज किया और कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

अस्पताल में अचानक गिरी सीलिंग, भिंड में अफरा-तफरी के बीच महिला मरीज और नवजात जख्मी

भिंड. भिंड जिला अस्पताल में रविवार दोपहर करीब 1 बजे स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) वॉर्ड की छत का प्लास्टर भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त वॉर्ड में माताएं अपने नवजात बच्चों को दूध पिला रही थीं। मलबा गिरने से तीन महिलाएं और एक नवजात शिशु घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए तुरंत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वॉर्ड में अचानक तेज आवाज आई और छत का प्लास्टर सीधे बेड के पास गिरा, जिससे वहां मौजूद महिलाएं बुरी तरह घबरा गईं। अपने बच्चों की जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगीं। वॉर्ड में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद अस्पताल का स्टाफ पहुंचा और घायलों को बाहर निकाला। अन्य बच्चों को किया गया सुरक्षित शिफ्ट अस्पताल स्टाफ ने आनन-फानन में घायल महिलाओं और शिशु को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद अब सभी की हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर वार्ड में भर्ती अन्य सभी नवजात बच्चों को तुरंत दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। इस अचानक हुए हादसे के चलते अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अव्यवस्था का माहौल बना रहा। जर्जर है बिल्डिंग, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप हादसे के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इतने जर्जर भवन में मरीजों और नवजातों को रखने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल की यह बिल्डिंग काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में है। यहां पहले भी छतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।

रायपुर जेल में निश्चय कार्यक्रम सफल, 67 बंदियों को स्किल सर्टिफिकेट देकर मुख्यधारा से जोड़ा गया

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना निश्चय के अंतर्गत आज केंद्रीय जेल और महिला जेल, रायपुर में एक विशेष गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। ज़ेन जी युवा बंदियों को अपराध के दलदल में वापिस जाने से रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में निश्चय कार्यक्रम संचालित है। इस कार्यक्रम में युवा बंदियों को कॉउंसलिंग, अपराध बोध का ज्ञान, स्व-रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई उपरांत स्वरोजगार हेतु बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जाता है। कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर समारोह के दौरान कुल 67 बंदियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने पर कौशल विकास प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं।निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत बंदियों को अपराध बोध का ज्ञान, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाता है। तकनीकी शिक्षा हेतु कंप्यूटर केंद्र का आगाज़ डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल, रायपुर में आज कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल के भीतर ही कंप्यूटर का बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जो रिहाई के बाद उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा। आगामी लोन मेला स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता बंदियों के पुनर्वास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा केंद्रीय जेल परिसर में लोन मेला लगाया जाएगा, जिसका उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए सुगमता से ऋण उपलब्ध कराना। इस अवसर पर डीजी (जेल) श्री हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जगन्नाथ मंदिर पहुंचे CM विष्णुदेव साय, हरिनाम संकीर्तन यज्ञ में शामिल होकर मांगी प्रदेश की खुशहाली

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। मुगंली को देंगे 353 करोड़ की सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की विकास सौगात देंगे. जिला मुख्यालय मुंगेली में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 414 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण और 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक के 130 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. कार्यक्रम का मुख्य आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम, मुंगेली में होगा. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है.