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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी को बधाई दी और उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। सीएम योगी ने सुवेंदु अधिकारी को मंच पर भगवा अंगवस्त्र भी पहनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, क्षुदीराम टुडू, निशीथ प्रमाणिक को भी बधाई दी। शपथ ग्रहण के पश्चात पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर सबके प्रति आभार प्रकट किया। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवा अंगवस्त्र पहनाकर उनका बंगाल की धरा पर स्वागत किया था। इसके उपरांत उनके चरणों में शीश नवाकर अपनी श्रद्धा भी निवेदित की थी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया शेड्यूल: छत्तीसगढ़ में एक जून को पड़ेंगे उपचुनाव के वोट

रायपुर. राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को नगरी निकायों और पंचायतों के चुनाव व उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया। दोनों चुनाव एक ही चरण में संपन्न होंगे। आयोग के अनुसार एक जून को मतदान कराया जाएगा, जबकि चार जून को परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 11 मई से शुरू होगी और 18 मई तक चलेगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 19 मई को की जाएगी। उम्मीदवार 21 मई तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। कई पदों पर होंगे चुनाव नगरी निकायों में अध्यक्ष के पांच और पार्षदों के 77 रिक्त पदों पर मतदान होगा। वहीं पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 10, सरपंच के 82 और पंच के 1136 रिक्त पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। मतदान केंद्र और मतदाता संख्या नगरी निकायों के 44,525 तथा पंचायतों के 10,37,789 मतदाता चुनाव में भाग लेंगे। मतदान के लिए नगरी निकायों में 115 और पंचायतों में 937 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 33 सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। ईवीएम और बैलेट से मतदान नगरी निकायों में मतदान ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से कराया जाएगा, जबकि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। नगरी निकायों में मतदान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक और पंचायतों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा।

जनगणना 2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर भागीदारी दर्ज की

जनगणना-2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार ग्राम स्तर तक चलाएगी जागरूकता अभियान, हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को किया था जनगणना-2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ नागरिकों से जनगणना पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की अपील डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों के पालन का भरोसा लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार जनगणना- 2027 को पारदर्शी, तकनीक आधारित और सटीक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप के सरकारी आवास पर जनगणना-2027 के अंतर्गत स्वगणना सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। 22 मई से मकान सूचीकरण होगा आरंभ स्वगणना की इस पहल से नागरिकों को अपनी और अपने परिवार की जानकारी जनगणना पोर्टल http://se.census.gov.in पर ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इसको लेकर प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वह जनगणना-2027 में उत्साहपूर्वक भाग लें और स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य डेटा संकलन की प्रक्रिया को तेज करना और त्रुटिहीन एवं सटीक आंकड़े प्राप्त करना है। जनगणना-2027 के प्रथम चरण यानी स्वगणना प्रक्रिया में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वगणना की 15 दिनों की अवधि पूर्ण होने के बाद 22 मई से औपचारिक मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।  ग्राम स्तर तक चलेगा जागरूकता अभियान स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार प्रदेश स्तर से लेकर जिला और ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएगी। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र स्थापित किए जाने के लिए भी कहा गया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अपने-अपने स्तर पर इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही अधिक से अधिक नागरिकों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें। जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को मिलेगी नई दिशा मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। इससे प्राप्त आंकड़े राज्य की विकासपरक योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में अत्यन्त सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उच्चाधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

किसानों की समस्या पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए तत्काल जांच के आदेश

 पटना बिहार में अपनी विश्व प्रसिद्ध लीची की फसल को कीड़ों और बीमारियों से बर्बाद होता देख परेशान किसानों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर है। लीची के फलों में लगने वाले खतरनाक 'स्टिंग बग' और अन्य बीमारियों से फसल को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने तुरंत कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सीधे निर्देश पर एक्स्पर्ट्स की एक विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है। यह उच्च स्तरीय कमेटी न सिर्फ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी, बल्कि एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सीधे केंद्र सरकार को सौंपेगी। किसानों की गुहार के बाद एक्शन में आए कृषि मंत्री दरअसल, इस सीजन में बिहार के लीची उत्पादक किसान अपनी फसल में लग रहे 'स्टिंग बग' नाम के कीड़े से भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं। इस कीड़े के कारण फल खराब हो रहे हैं, जिससे किसानों की आमदनी पर गहरा संकट आ गया है। किसानों द्वारा इस गंभीर मुद्दे को मजबूती से उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल इसका संज्ञान लिया। उनके तुरंत निर्देश पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत आने वाले राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर द्वारा यह विशेषज्ञ कार्यबल गठित करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। खेतों का दौरा करेगी टीम जारी आदेश के मुताबिक, यह टास्क फोर्स प्रभावित क्षेत्रों के लीची बागानों का जमीनी दौरा कर 'स्टिंग बग' की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगी। टीम का मुख्य काम फसल को हुए नुकसान का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करना होगा। इसके अलावा, यह टीम किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कीटनाशकों और उपायों का सुझाव देगी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की बीमारियों से फसल को बचाने के लिए लॉंग टर्म रणनीति तैयार करेगी और राज्य व केंद्र स्तर पर जरूरी हस्तक्षेप के लिए अपनी सिफारिशें भी देगी। दिग्गज वैज्ञानिकों को सौंपी गई जांच की कमान इस अहम कमेटी की कमान राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के निदेशक डॉ. विकास दास को सौंपी गई है, जिन्हें अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ उद्यान-सह-बिहार राज्य बागवानी मिशन और पौधा संरक्षण निदेशालय के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि और बिहार कृषि विवि के जाने-माने कीट वैज्ञानिकों को भी टीम में जगह दी गई है। वहीं, डॉ. इप्सिता सामल और प्रधान वैज्ञानिक (कीट विज्ञान) डॉ. विनोद कुमार को इस टास्क फोर्स का सदस्य सचिव बनाया गया है।

सीएम योगी ने दी शुभेंदु अधिकारी को बधाई

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी है। इस संबंध में सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, शुभेंदु अधिकारी जी को बंगाल के बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। सीएम योगी के इस पोस्ट पर लोगों ने कमेंट कर भाजपा के इस फैसले की सराहना की है। गौरतलब है कि शुक्रवार को कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया।

लखनऊ में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक, 25 लाख टन लक्ष्य पर जोर

 लखनऊ  खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने गेहूं खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीद का लक्ष्य पाने के लिए तेजी से प्रयास किए जाएं। क्रय केंद्रों पर किसानों को परेशानी न हो। खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री ने दिए निर्देश राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित बैठक में बताया गया कि गेहूं खरीद के लिए 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। भारत सरकार ने 25 लाख टन की खरीद का लक्ष्य तय किया है और अब तक 190704 किसानों से 9.75 लाख टन (39.01 प्रतिशत) की खरीद हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में 9.19 लाख टन की खरीद हुई थी। मंत्री ने राशन की दुकानों पर ई-पास मशीनों से खाद्यान्न वितरण की नियमित जांच के भी निर्देश दिए। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। बताया गया कि खाद्यान्न वितरण की ऑनलाइन रिपोर्ट की मानिटरिंग की जा रही है और विभागीय कार्मिकों द्वारा फील्ड स्तर पर मोबाइल इंस्पेक्शन एप से आनलाइन जांच भी की जा रही है। इसकी औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए मंत्री ने राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव, वित्त नियंत्रक शशि भूषण तोमर, संभागीय खाद्य नियंत्रक (मुख्यालय) अशोक कुमार पाल आदि मौजूद रहे।  

नायब सरकार की नई पहल: किसानों और लोगों को घर बैठे मिलेंगी बड़ी सुविधाएं

चंडीगढ़. हरियाणा में अब भवनों के निर्माण के लिए नक्शों की अनुमति ऑनलाइन तरीके से मिलेगी। इसके अलावा, किसानों को उनके वाट्सएप पर जे-फार्म भेजे जाएंगे, जिनके आधार पर वे 72 घंटे के भीतर अपनी फसल की पेमेंट प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों योजनाओं की शुरुआत की। हरियाणा सरकार ने चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एमएसपी पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसानों के वाट्सएप पर भेजने की घोषणा की थी। छह मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किए गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा। आसानी से मिलेगा अप्रूवल हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफार्म काम करेगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लाट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिल सकेंगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लांड रिहायशी प्लाटों की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की गई है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्लेटफार्म की शुरुआत करते हुए कहा कि अब आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने जानकारी दी कि जे-फार्म किसानों को वाट्सएप पर भेजकर योजना की शुरुआत की जा चुकी है। भविष्य में फसल की बिक्री के बाद समस्त जे-फार्म किसानों को उनके वाट्सएप नंबर पर ही मिलेंगे। किसानों की कितने हुई आवक? मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में एक अप्रैल से सात मई तक 84 लाख 18 हजार टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाायोमीट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एक सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाायोमीट्रिक सत्यापन के लिए किसानों को कोई परेशान नहीं थी, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं को ज्यादा दिक्कत थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रे शामिल रहे।

हल्दी के ‘कुरकुमिन’ से कैंसर उपचार की नई उम्मीद, GJU में शुरू हुआ खास शोध

 हिसार  महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर मामलों के बीच गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में हर्बल आधारित नैनो-जैल पर शोध शुरू किया गया है। फार्मास्युटिकल साइंसिज विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेखा राव इस शोध के माध्यम से ऐसी जैल विकसित करने पर काम कर रही हैं, जो शुरुआती स्तर पर कैंसर कोशिकाओं की पहचान और लक्षित उपचार में सहायक हो सके। शोध में गुरुग्राम स्थित डीपीजी यूनिवर्स कालेज की डॉ. वर्षा भी सहयोग कर रही हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित यह जैल प्रभावित हिस्से पर सीधे काम करने के सिद्धांत पर विकसित की जा रही है। इसमें हल्दी के सक्रिय तत्व ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल घटकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट कम रहने की संभावना जताई जा रही है। शोध पूरा होने पर इसका पेटेंट कराया जाएगा। जानें… क्या है नैनो-जैल तकनीक शोध के तहत विकसित की जा रही जैल नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को लक्षित कर दवा के प्रभाव को प्रभावित हिस्से तक केंद्रित करना है। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्तमान उपचार में दवाओं की अधिक मात्रा और उनके व्यापक प्रभाव से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। नैनो-जैल तकनीक इस चुनौती को कम करने की दिशा में उपयोगी हो सकती है। हरियाणा में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल लगभग 8 हजार से 10 हजार नए ब्रेस्ट कैंसर मामले सामने आने का अनुमान है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहरी क्षेत्रों में मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञ बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान और जागरूकता की कमी को प्रमुख कारण मानते हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी कई बार तीसरे या चौथे चरण में सामने आती है। हर्बल तत्वों पर फोकस, साइड इफेक्ट कम करने का प्रयास इस जैल में हल्दी से प्राप्त ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल तत्वों का उपयोग किया जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि हर्बल बेस होने के कारण इसके दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं। जैल को त्वचा पर लगाने योग्य रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि प्रभावित हिस्से पर सीधे उपयोग संभव हो सके।  

एंटी बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार अडिग: CM मान बोले- फैसला नहीं बदलेगा

चंडीगढ़. पंजाब सरकार द्वारा बेअदली के खिलाफ कानून लाया गया है। वहीं इस कानून के लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने 15 दिन अल्टीमेटम दिया था कि पंजाब सरकार इस कानून से उन प्रावधानों को हटाए जो गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ और सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ है।   इसे लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर इस कानून को वापस नहीं लेगी और न ही इसमें कोई बदलाव किया जाएगा। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि पूरे पंथ को ये सख्त कानून मंजूर है पर सिर्फ एक खास परिवार को ये पसंद नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लंबे समय से शरारती तत्व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं, लेकिन उचित और सख्त कानून नहीं होने के कारण वे बच निकलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसा मजबूत कानून तैयार किया है जिसके तहत गुरु साहिब की बेअदबी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा। हाईकोर्ट में रद्द हुई याचिका संबोधन के दौरान सीएम ने एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत का भी जिक्र किया और बताया कि कांग्रेस और अकाली दल के बहकावे में आकर एक व्यक्ति ने इस सख्त कानून के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।हाईकोर्ट ने न केवल उस याचिका को रद्द किया, बल्कि याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को अब कोई भी चुनौती देकर रद्द नहीं करवा सकता, क्योंकि इसे सरकार द्वारा लागू करने के बाद राज्यपाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी है।

फूहड़ गानों पर लगेगी रोक, मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने दी चेतावनी

 पटना बिहार में अब अश्लील और फूहड़ गानों के जरिए रातों-रात सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाले गायकों और निर्माताओं की खैर नहीं है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने ऐसे गानों और कलाकारों पर सख्त कार्रवाई करने के साफ संकेत दे दिए हैं। मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जो लोग फूहड़ गानों के जरिए समाज को दूषित कर रहे हैं, सरकार सबसे पहले उन्हें ठीक करने का काम करेगी। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि अश्लीलता पर जल्द ही बड़ी नकेल कसी जाएगी। फूहड़ गानों पर होगा सीधा एक्शन कला और संस्कृति विभाग की अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी कलाकार गलत या आपत्तिजनक गाना गाता है, तो उसे रोकने के लिए विभाग अब पूरी सख्ती से काम करेगा। प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा, “फूहड़ गाने बजाकर समाज का माहौल खराब करने वालों को हम सबसे पहले ठीक करेंगे। कला और संस्कृति ऐसा माध्यम बिल्कुल नहीं होना चाहिए जिससे किसी का मन खराब हो या समाज में किसी तरह की आपत्ति पैदा हो।” 'कला समाज को जोड़ने का माध्यम है, बिगाड़ने का नहीं' मंत्री ने कला के मूल उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि बिहार हमेशा से कला और संस्कृति के मामले में एक बेहद समृद्ध राज्य रहा है। यहां की लोक परंपराएं, सुरीला संगीत और सांस्कृतिक विरासत पूरे देशभर में अपनी एक अलग और सकारात्मक पहचान रखती हैं। उन्होंने कहा, "कला और संस्कृति लोगों के मन को ठीक रखती है। यह केवल सस्ते मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने का भी काम करती है। कला संस्कृति वह चीज है जो लोगों को आपस में जोड़ती है, उनके मनोभाव को निखारती है और व्यक्तित्व का विकास करती है।" बिहार की सांस्कृतिक पहचान को बचाने और बढ़ाने पर जोर अपने विजन को साझा करते हुए मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने स्पष्ट किया कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करना है। विभाग अब ऐसे कार्यक्रमों और प्रतिभावान कलाकारों को मंच देकर आगे लाएगा जो समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हों। मंत्री के इस कड़े बयान के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में बिहार में बनने वाले अश्लील और विवादित गानों पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सरकार कोई बड़ा और सख्त कानूनी कदम उठा सकती है।