samacharsecretary.com

आईटी कारोबारी के ठिकानों पर ED का छापा, मोहाली में नोटों से भरे बैग नीचे फेंकने से मचा हड़कंप

मोहाली. मोहाली जिले के खरड़ स्थित नामी हाउसिंग सोसायटी वेस्टर्न टावर्स में वीरवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड की है। रेड के दौरान नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से नकदी से भरे दो बैग नीचे फेंके गए, जिसके बाद सोसायटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे दिल्ली से खरड़ पहुंची और चज्जूमाजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसायटी के फ्लैट नंबर 906 में तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट आईटी कारोबारी नितिन गोयल से जुड़ा हुआ है। ईडी अधिकारियों ने फ्लैट के अंदर कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य रिकार्ड की गहन जांच की। इस दौरान फ्लैट अंदर से बंद बताया गया। ईडी ने कब्जे में लिए दोनों बैग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेड के दौरान अचानक फ्लैट की ऊपरी मंजिल से दो बैग नीचे फेंके गए। बैग गिरते ही उनमें से 500-500 रुपये के नोट सोसायटी परिसर में बिखर गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में निवासी वहां इकट्ठा हो गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने नकदी से भरे दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। सूत्रों के मुताबिक बैगों से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ईडी की ओर से बरामद रकम या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ईडी के अधिकारी पूरे मामले में फिलहाल चुप्पी बनाए हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई मनी लान्ड्रिंग से जुड़े किसी बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि जिस कारोबारी के यहां रेड हुई, उसके संबंध राज्य सरकार के एक वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारी के करीबी लोगों से बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस राजनीतिक कनेक्शन की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि गुरुवार (07 मई, 2026) ईडी को ईडी ने पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली और चंडीगढ़ में 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापामारी शुरू की है। यह तलाशी अभियान सनटेक सिटी परियोजना, अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाया जा रहा है।

ई-चालान धारकों के लिए अलर्ट: रायपुर में आज अंतिम दिन, नहीं भरा जुर्माना तो बढ़ सकती है परेशानी

रायपुर. रायपुर में 2025 के लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए आज अंतिम अवसर दिया गया है। यदि वाहन मालिक अपने चालान का समाधान नहीं करते हैं, तो आगे चलकर वाहनों की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, ई-चालान मामलों को 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए 7 मई तक आवेदन करना अनिवार्य है। प्राप्त आवेदनों को ट्रैफिक पुलिस लोक अदालत में पेश करेगी। इस प्रक्रिया के लिए कालीबाड़ी स्थित यातायात मुख्यालय में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नौ अन्य ट्रैफिक थानों में भी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल रजिस्ट्रेशन के बाद ही मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, 2025 के अब तक एक लाख से अधिक ई-चालान लंबित हैं। इन मामलों को पहले नियमित अदालत में भेजा गया था, लेकिन वाहन मालिकों की अनुपस्थिति के कारण समाधान नहीं हो सका। एसीपी ट्रैफिक सतीश ठाकुर ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 से पहले के सभी लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। संबंधित वाहन स्वामियों को कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में लंबित चालानों पर कार्रवाई और तेज की जाएगी।

इनोवेशन महाकुंभ 1.0 में मिला सम्मान, सल्फी की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाने पर कर रहे काम

रायपुर बस्तर की पहचान मानी जाने वाली पारंपरिक पेय “सल्फी” को नई वैज्ञानिक सोच और आधुनिक प्रयोगों के माध्यम से स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में स्थापित करने की दिशा में युवा नवाचारक हर्षवर्धन बाजपेयी महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” में उनके इस प्रयोग को विशेष सराहना मिली और उन्हें “न्यू इनोवेशन अवार्ड” में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। हर्षवर्धन “बस्तर इंडिजीनियस नेक्टर एग्रीकल्चर्स” के माध्यम से सल्फी पेय की सेल्फ लाइफ बढ़ाने पर कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य सल्फी के प्राकृतिक स्वाद और पोषक गुणों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है, ताकि यह केवल पारंपरिक पेय तक सीमित न रहकर स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक ड्रिंक के रूप में भी पहचान बना सके। उन्होंने बताया कि सल्फी का रस पेड़ से निकालने के कुछ समय बाद ही प्राकृतिक रूप से किण्वित होने लगता है, जिससे यह हल्का मादक पेय बन जाता है। यही कारण है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण रहा है। हर्षवर्धन ने अपने प्रयोगों के माध्यम से इस फरमेंटेशन प्रक्रिया की अवधि को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है, जिससे सल्फी की मूल गुणवत्ता और स्वाद को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सके। बस्तर की संस्कृति से जुड़ी है सल्फी सल्फी बस्तर की आदिवासी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इसे स्थानीय लोग “बस्तर बीयर” के नाम से भी जानते हैं। यह कैरियोटा यूरेन्स (Caryota urens) नामक ताड़ प्रजाति के पेड़ से निकलने वाला मीठा रस है। ताज़ा सल्फी का स्वाद नारियल पानी की तरह मीठा और ताज़गीभरा होता है, लेकिन कुछ घंटों बाद इसमें प्राकृतिक खमीर बनने लगता है, जिससे यह हल्का नशीला हो जाता है।ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में सल्फी का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व विशेष है। विवाह, पारंपरिक उत्सव और सामाजिक आयोजनों में इसे प्रमुखता से परोसा जाता है। कई ग्रामीण परिवारों की आजीविका भी सल्फी पर निर्भर है। स्थानीय लोग इसे पेट संबंधी समस्याओं के लिए लाभकारी भी मानते हैं। जीआई टैग दिलाने का सपना हर्षवर्धन का सपना है कि बस्तर की इस पारंपरिक पेय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिले। वे चाहते हैं कि सल्फी को स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक पेय के रूप में प्रचारित किया जाए और भविष्य में इसे बस्तर के लिए जीआई टैग भी प्राप्त हो।उनका मानना है कि यदि सल्फी की गुणवत्ता और उपयोगिता को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाए, तो यह बस्तर के आदिवासी उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।

जिस मंत्री के जवाब से नाराज थीं मैथिली ठाकुर, सम्राट कैबिनेट से पत्ता साफ

पटना  बिहार में सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्तार हो गया है. नीतीश कुमार के बेटे सहित 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है. बीजेपी कोटे से 15 मंत्री बनाए गए हैं तो जेडीयू से 13 मंत्री बने हैं. इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी से दो, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री बने हैं।  सम्राट सरकार में ज्यादातर नीतीश कैबिनेट में रहने वाले मंत्रियों को ही जगह मिली है. ऐसे में बीजेपी के एक ऐसे दिग्गज मंत्री का पत्ता सम्राट कैबिनेट से कट गया है, उनका नाम मंगल पांडेय है. बीजेपी ने तीन पुराने मंत्रियों को सम्राट सरकार में जगह नहीं दी है।  मंगल पांडेय सीवान से विधायक हैं और बीजेपी के दिग्गज नेता हैं. नीतीश कुमार की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं. इसी साल फरवरी में बजट सत्र के दौरान मशहूर लोक गायिका और बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया था. इस पर स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा दिए जवाब से संतुष्ट नहीं थी और उसी मंत्री मंगल पांडेय का पत्ता कट गया है।  मंगल पांडेय का मंत्री पद से पत्ता कटा बिहार बीजेपी के दिग्गज नेता मंगल पांडेय को सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार में जगह नहीं मिल सकी. बीजेपी ने उन्हें इस बार मंत्री नहीं बनाया है जबकि इससे पहले वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री जैसा विभाग संभाल रहे थे. मंगल पांडेय 2017 से लेकर 2022 तक स्वास्थ्य मंत्री रहे. तब मंगल पांडेय को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था।   मंगल पांडेय 2024 से लेकर 2025 तक दूसरी बार मंत्री बने. इस बार स्वास्थ्य मंत्री और कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. साल 2025 में जब एनडीए की सरकार बनी तो फिर से मंत्री बने और उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा मिला, लेकिन सम्राट चौधरी के अगुवाई वाले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी।  स्वास्थ्य मंत्री से मैथिली ठाकुर ने किया सवाल 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर बीजेपी से विधायक चुनी गई. मैथिली ठाकुर ने बजट सत्र के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र में अस्पताल की इमारत की हालत का मुद्दा उठाया था और कहा था कि यह इतनी जर्जर है कि एक बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है.उन्होंने कहा था कि छत से प्लास्टर लगातार गिर रहा है, दीवारों में गहरी दरारें हैं और बरसात के मौसम में वार्डों में पानी रिसता है, जो लोगों की जिंदगी लिए सीधा खतरा है।  मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाया था कि बिहार सरकार द्वारा हर साल स्वास्थ्य बजट बढ़ाने के बाद अस्पतालों की इमारतें इतनी खराब हालत में क्यों हैं? उन्होंने कहा Le कि डॉक्टरों और दवाओं की कमी एक समस्या है,लेकिन इससे भी बड़ा खतरा जर्जर इमारतें हैं, जो कभी भी गिर सकती हैं. क्या सरकार नए भवनों के निर्माण से पहले किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रही है।  मंगल पांडेय के जवाब से संतुष्ट नहीं मैथिली बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के सवालों का जवाब देते हुए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा था कि राज्य सरकार अस्पतालों की इमारतों को लेकर गंभीर है. कई अस्पतालों के लिए नई बिल्डिंग को मंजूरी दे दी गई है और कुछ जगह पर काम जारी है. हालांकि, मंत्री के जवाब से मैथिली ठाकुर संतुष्ट नहीं हुईं।  उन्होंने सदन में ही तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उनके इलाके का अस्पताल कई सालों से लिस्ट में है, लेकिन आज तक न मरम्मत का काम शुरू हुआ है और न ही नई इमारत बनी है. उन्होंने कहा था कि कागजों पर जो 'सब ठीक' बताया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके ठीक उलट है।  मैथिली ठाकुर ने कहा था कि हर साल सिर्फ योजना बनाने और मंजूरी देने की बात होती है, लेकिन जमीनी हकीकत वही रहती है. उन्होंने यह भी कहा कि मरीज और उनके परिवार डर के साये में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं. मैथिली ठाकुर के बार-बार पूछे गए सवालों के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया था. तीन महीने के बाद ही बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ और सम्राट चौधरी के अगुवाई में कैबिनेट गठन किया तो मंगल पांडेय को जगह नहीं मिली।  बिहार में तीन पुराने मंत्रियों का पत्ता कटा नीतीश कुमार के अगुवाई वाली सरकार में जितने भी मंत्री थे, उनमें से तीन मंत्री को छोड़कर बाकी मंत्रियों को सम्राट कैबिनेट में जगह मिल गई है. सम्राट कैबिनेट में मंगल पांडे को जगह नहीं मिली. इसके अलावा नारायण प्रसाद और सुरेंद्र मेहता को भी जगह नहीं मिली. नीतीश सरकार में नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्री थे और इससे पहले पर्यटन मंत्री रह चुके हैं. सुरेंद्र मेहता पूर्व की नीतीश सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री थे, लेकिन इस बार उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। 

सफर होगा और आरामदायक, भोपाल एक्सप्रेस में जुड़ेगा अतिरिक्त एसी कोच

 भोपाल भोपाल से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और ट्रेनों में लंबी वेटिंग को देखते हुए रेलवे ने भोपाल एक्सप्रेस में स्थायी रूप से एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस एक कोच के जुड़ने से ट्रेन में करीब 72 अतिरिक्त यात्री सफर कर सकेंगे। इससे रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। थर्ड एसी कोच जोड़ा जाएगा रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 12155 रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन भोपाल एक्सप्रेस में यह अतिरिक्त थर्ड एसी कोच 24 जून 2026 से जोड़ा जाएगा। वहीं वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 12156 हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति भोपाल एक्सप्रेस में यह सुविधा 27 जून से लागू होगी। रेल अधिकारियों का क्या कहना रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भोपाल एक्सप्रेस में लंबे समय से यात्रियों का दबाव बढ़ रहा था। खासकर त्योहारों, छुट्टियों और सप्ताहांत में ट्रेन में सीट मिलना मुश्किल हो जाता था। कई यात्रियों को लंबी वेटिंग के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगने से यात्रियों को अधिक आरक्षित सीटें मिलेंगी और वेटिंग लिस्ट कम करने में मदद मिलेगी। कंफर्म सीट मिलने में हो रही थी परेशानी भोपाल एक्सप्रेस राजधानी दिल्ली और भोपाल के बीच चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में से एक है। इस ट्रेन से रोजाना बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी, पर्यटक और इलाज के लिए जाने वाले यात्री सफर करते हैं। ऐसे में एक अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रियों को न केवल सीट मिलने में आसानी होगी, बल्कि यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा आरामदायक और व्यवस्थित भी हो सकेगी।  

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, संदिग्ध युवक से सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

बाड़मेर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन को एक साल हो गया है। इसी बीच राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर अनाधिकृत प्रवेश को लेकर खबर मिली है। यहां सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से आए एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को धर दबोचा है। पकड़े गए युवक को प्रारंभिक पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। गुरुवार दोपहर उसे बाड़मेर जिला मुख्यालय लाया गया, जहां विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उससे गहनता से पूछताछ कर रही हैं। पाकिस्तान के मीठी जिले का रहना वाला है शख्स पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ये गिरफ्तारी बाड़मेर के सीमावर्ती क्षेत्र स्वरूप का तला गांव के पास हुई। सीमा पर तैनात BSF के जवानों ने युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे घेराबंदी कर पकड़ा। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए युवक का नाम मोहम्मद आवेश (26 वर्ष) है, जो पाकिस्तान के मीठी जिले का निवासी है। उसके पिता का नाम हजूर खान बताया जा रहा है। पुलिस और बीएसएफ दोनों ने संयुक्त पूछताछ शुरू की ASP ने बताया कि BSF और पुलिस ने युवक से मौके पर ही प्रारंभिक पूछताछ की थी, जिसके बाद उसे आगे की जांच के लिए बाड़मेर लाया गया है। वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), BSF और पुलिस की संयुक्त टीम युवक से पूछताछ कर रही है। एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक ने किस उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया। तलाशी में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु राहत की बात यह है कि प्राथमिक तलाशी के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को युवक के पास से कोई हथियार, जासूसी उपकरण या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि, सरहदी इलाका होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहतीं। बाड़मेर पुलिस एएसपी का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और सुरक्षा के लिहाज से युवक से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। पूरी तफ्तीश होने के बाद ही युवक के भारत आने के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जा सकेगा। फिलहाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और घुसपैठ के रास्तों की जांच की जा रही है।

आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदी युवती, रीढ़ और पैर में फ्रैक्चर

हिसार  हरियाणा के हिसार के रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित चार मंजिला होटल डिजायर में बुधवार शाम को भीषण आग लग गई. इस दौरान होटल के पीछे बनी कमर्शियल बिल्डिंग में मौजूद एक बैंकर युवती ने आग की लपटें और धुआं देखकर घबराहट में दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी. घटना का वीडियो अब सामने आया है. वीडियो में दिख रहा है कि नीचे खड़े लोग युवती को बचाने के लिए कंबल फैलाकर खड़े हैं, लेकिन जैसे ही युवती छलांग लगाती है, आग और अफरा-तफरी के बीच लोगों के हाथ से कंबल छूट जाता है. इसके बावजूद युवती की जान बच गई, हालांकि नीचे गिरने से उसके रीढ़ और पैर में फ्रैक्चर हो गया. इसी दौरान होटल की दीवार से ईंट गिरने से एक महिला भी घायल हो गई. ईंट महिला के सिर पर लगी, जिससे उसे चोट आई. बताया जा रहा है कि होटल में लगी आग तेजी से फैल गई थी. आग के कारण होटल में लगे करीब 5 एसी फट गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. होटल स्टाफ ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. वहीं होटल की पार्किंग में खड़े कई वाहन भी आग की चपेट में आ गए. बाद में लोगों ने मौके पर पहुंचकर गाड़ियों को वहां से हटाया. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. लड़की के कूदने का वीडियो आया सामने गौर रह कि होटल की दूसरी मंजिल की खिड़की से कूदी, जिसका वीडियो सामने आया है. नीचे काफी संख्या में लोग कंबल लेकर खड़े थे और इस दौरान जैसी ही युवती कूदी तो कंबल में उसे लोगों ने थाम लिया. हालांकि, जमीन पर पैर लगने से चोट लग गई, लेकिन जान बच गई.युवती की पहचान नेहा के रूप में हुई है, जो कि 23 साल की है और इसी बिल्डिंग में एक दफ्तर में काम करती थी. दफ्तर की सीढ़ियों तक आग पहुंच गई थी और ऐसे में युवती ने छलांग लगाकर ही जान बचाने की सोची. युवती की स्पाइन में भी चोट लगी है और अस्पताल में उसे भर्ती करवाया गया है.

सीएम योगी का बड़ा दावा: यूपी बना देश का रोजगार और विकास का ग्रोथ इंजन

 लखनऊ यूपी में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बनाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आयुष विभाग, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए चयनित 481 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन रोजगार के अंतर्गत प्रदेश सरकार लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। पूरी प्रक्रिया में किसी को कहीं भी सिफारिश कराने की नौबत नहीं आई। परीक्षा के बाद भी किसी स्तर पर सिफारिश या अनैतिक साधनों का उपयोग करने की कोई गुंजाइश नहीं थी। इसी साफ नीयत और स्पष्ट नीति का परिणाम है कि आज आपको नियुक्ति पत्र प्राप्त हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि पहले भर्तियां पैसों, जाति, मत, मजहब और क्षेत्र देखकर होती थीं, जिससे योग्य नौजवानों का शोषण होता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में योग्यता ही चयन का आधार बनी है। किसी योग्य अभ्यर्थी की जगह घूसखोर व्यक्ति व्यवस्था में आ जाता, तो वह अगले 30-35 वर्षों तक पूरे सिस्टम को घुन की तरह खोखला करता। इसलिए सरकार ने पहले दिन से ही भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और लीकेज की संभावनाओं को समाप्त करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जवाबदेही, तकनीक और पारदर्शिता के कारण आज यूपी देश में सबसे अधिक नियुक्तियां देने वाला राज्य बन चुका है। 15 दिनों के अंदर चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में सरकार ने नियुक्ति पत्र वितरण के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कोई सोच भी नहीं सकता था कि यूपी के नौजवानों को निष्पक्ष, पारदर्शी व सहज प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां मिल पाएंगी। हमने अलग-अलग आयोगों व बोर्डों को जवाबदेही सौंपी और तकनीक का उपयोग कर हर योग्य नौजवान के साथ न्याय सुनिश्चित किया। इसी का परिणाम है कि हमने 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए हैं। पिछले 15 दिनों के अंदर यह हमारा चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। यूपी को बना दिया गया था भ्रष्ट-गुंडा-अराजक प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि याद कीजिए 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश। देश-दुनिया में लोग यूपी का नाम सुनते ही शक की निगाह से देखते थे, दस कदम पीछे हट जाते थे। उत्तर प्रदेश को भ्रष्ट, गुंडा और अराजक प्रदेश बनाकर हर यूपीवासी के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। लेकिन, मुझे बेहद प्रसन्नता है कि अब आप कहीं भी जाएं, यूपी का नाम सुनते ही सामने वाले का चेहरा चमक उठता है, वह स्वागत के लिए उत्सुक दिखाई देता है। यह है परसेप्शन का बदलाव और परिणाम भी उसी के अनुरूप हैं। प्रति व्यक्ति आय, वार्षिक बजट व अर्थव्यवस्था को तीन गुना किया मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, वार्षिक बजट व समग्र अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। यूपी अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य और देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। यह सबसे ज्यादा नियुक्ति पत्र देने वाला, सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे बनाने वाला, किसानों को सर्वाधिक प्रोत्साहन देने वाला और समाज के हर वर्ग को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने वाला प्रदेश बन गया है। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले एमएसएमई क्षेत्र लगभग बंद पड़ा था, कोई प्रोत्साहन नहीं था, चारों तरफ अव्यवस्था और हताशा थी। आज देश में सबसे अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) उत्तर प्रदेश में हैं। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। गत वर्ष यूपी में 4000 से अधिक बड़े उद्योग आए और पिछले 9 वर्षों में बड़े उद्योगों की संख्या 14,000 से बढ़कर 32,000 से अधिक हो गई है। जिस यूपी को पहले देश के बॉटम-3 राज्यों में गिना जाता था, आज टॉप-3 राज्यों में शामिल है। उद्योग की मांग के अनुरूप स्किल्ड मैनपावर मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग बड़ा और महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। अनुकूल वातावरण व नीतियों से यूपी में लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं, इन उद्योगों को मांग के अनुरूप स्किल्ड मैनपॉवर उपलब्ध कराना व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा इसके अनुदेशकों की जिम्मेदारी है। व्यावसायिक शिक्षा विभाग ने टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर 150 से अधिक आईटीआई को आधुनिक बना दिया है। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग आदि क्षेत्रों में सर्टिफिकेट कोर्स और ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। हम कुशल प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन व अन्य टेक्नीशियन भी तैयार कर रहे हैं। आज नियुक्त होने वाले 272 ट्रेंड अनुदेशक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

हरियाणा के शिक्षा मॉडल का दिखा असर, झज्जर स्कूलों को देखकर विदेशी प्रतिनिधिमंडल हुआ प्रभावित

झज्जर. हरियाणा में ''निपुण मिशन'' के सफल क्रियान्वयन ने अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। स्थानीय शिक्षा प्रणाली, विशेषकर बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की प्रगति को समझने के लिए आज एक दस सदस्यीय विदेशी प्रतिनिधिमंडल झज्जर पहुंचा। इस टीम ने जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन किया और यहां के सकारात्मक बदलावों की सराहना की। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने बहादुरगढ़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बालोर तथा राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय, नूना माजरा का दौरा किया। प्रतिनिधि मंडल में तंजानिया से सिमोन गेरवास व डोरीन क्रिस्टोफर, दक्षिण अफ्रीका से सिमोनी गेयर, ब्रिटिश काउंसिल से रचेल हिल्टन, रवांडा से पौलींन इंक्वाबेयर और कुवस्ते आगस्टीन सहित निपुण सेल से करण सभरवाल व अंजलि जैसे विशेषज्ञ शामिल थे। स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया। कक्षाओं में संवाद और नवाचार का अवलोकन प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कक्षाओं में जाकर शिक्षकों की शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को देखा। उन्होंने शिक्षकों को दी गई ''शिक्षण-अधिगम सामग्री'' , प्रिंट-रिच वातावरण और कक्षा रेडीनेस कार्यक्रम के साथ-साथ नवाचारों का भी जायजा लिया। विदेशी प्रतिनिधियों ने न केवल बच्चों से बातचीत की, बल्कि मिड-डे मील की व्यवस्था, स्वच्छता और पोषण मानकों का भी अवलोकन किया। विश्वस्तरीय माडल के रूप में उभरा निपुण मिशन प्रतिनिधिमंडल ने अपने देशों की शैक्षिक पद्धतियों के साथ तुलना करते हुए हरियाणा के निपुण मिशन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। सदस्यों ने कहा कि कक्षाओं में बच्चों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों का समर्पण अनुकरणीय है। उन्होंने एकमत होकर माना कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में हो रहे यह कार्य अन्य देशों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रितेन्द्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक और जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया ने इस दौरे को जिले के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता शिक्षकों और बच्चों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस अवसर पर डाइट प्राचार्य अनिल श्योराण, डीपीसी अनिल शर्मा, सीएमजीजीए खुशी, प्राचार्य पूनम व बलजीत सहित मेंटर प्रिया, ज्योति, सुमन सहवाग, मंजू और सुमन कुमारी आदि उपस्थित रहे।

हनुमानगढ़ में 9 करोड़ के फर्जी बीमा क्लेम का भंडाफोड़, 66 फर्जी किसानों के नाम सामने आए

गुरुवार राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर अपने पुराने एक्शन मोड में नजर आए. इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को हनुमानगढ़ जिले के पल्लू स्थित एसबीआई (SBI) बैंक की शाखा में अचानक पहुंचकर, वहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में चल रहे एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया. मंत्री के इस औचक निरीक्षण से बैंक और संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. फर्जी खातों से करोड़ों की लूट की साजिश जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए वे चौंकाने वाले हैं. पता चला कि भ्रष्टाचार की जड़ों ने अन्नदाता के हक पर डाका डालने की पूरी तैयारी कर ली थी. कुल 66 फर्जी किसानों के नाम पर बैंक में खाते खोले गए और उन्हें कागजों में ऋणी (कर्जदार) दिखाया गया. इस फर्जीवाड़े के जरिए करीब 9 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम तैयार किया गया था. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह भारी-भरकम राशि इसी सप्ताह निकाली जाने वाली थी लेकिन समय रहते मंत्री के हस्तक्षेप से यह घोटाला उजागर हो गया. दोषियों को नहीं बख्शेगी सरकार: किरोड़ी लाल इस घटनाक्रम पर गहरा दुख जताते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं बल्कि देश के अन्नदाता के साथ विश्वासघात है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस किसान के पसीने से देश चलता है उसके नाम पर ऐसी लूट असहनीय है. उन्होंने मौके पर ही पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. किसानों के हक की होगी रक्षा कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि भाजपा सरकार किसानों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग है. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी इस साजिश में शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी. अन्नदाता के हक को छीनने वालों के लिए व्यवस्था में कोई जगह नहीं है और न्याय हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा.