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डेटा आधारित मॉनिटरिंग से विकास योजनाओं की होगी सटीक समीक्षा, जिलों में आर्थिक रणनीति बनेगी मजबूत

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके तहत हर जिले में ओटीडी सीएम फेलो (वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम) लागू किया जाएगा, जिससे जिला स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाया जा सके। हर जिले में दो फेलो की तैनाती कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संचालित ओटीडी सेल को मजबूत करने के लिए दो विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे, एक आर्थिक विकास फेलो और एक डेटा विश्लेषक फेलो। ये दोनों मिलकर जिले की आर्थिक गतिविधियों की निगरानी और रणनीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। ये फेलो विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कृषि, उद्योग, निवेश, अवसंरचना, पर्यटन, रोजगार और जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की नियमित समीक्षा करेंगे। नियोजन विभाग के डैशबोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन रिपोर्टिंग और केपीआई आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तथ्यपरक और परिणामोन्मुख बनेगी। योग्यता और चयन प्रक्रिया तय ओटीडी सीएम फेलो बनने के लिए संबंधित विषय में परास्नातक डिग्री अनिवार्य होगी और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (50 अंक), अधिमानी योग्यता (30 अंक) और साक्षात्कार (20 अंक) शामिल होंगे। चयन स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाएगा। चयनित फेलो को ₹50,000 प्रतिमाह पारिश्रमिक के साथ लैपटॉप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा/भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष का होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा। ओटोडी सीएम फेलो स्थानीय संसाधनों, निवेश संभावनाओं और विकास अवसरों का विश्लेषण कर साक्ष्य-आधारित रणनीतियां तैयार करेंगे। इससे विभागीय योजनाओं का बेहतर प्राथमिकता निर्धारण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। इस फैसले से जिलों में विकास कार्यों की निगरानी और योजना निर्माण अधिक पेशेवर और डेटा-आधारित होगा। इससे प्रदेश के ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ लक्ष्य को हासिल करने में ठोस आधार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर विकास की गति तेज होगी। बॉक्स डिजिटल सिस्टम से साक्ष्य होंगे सुरक्षित, छोटे अपराधों में जेल के बजाय सेवा योगी कैबिनेट ने नई न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन महत्वपूर्ण नियम लागू किए हैं, पहला ई-साक्ष्य प्रबंधन नियम, दूसरा ई-समन (इलेक्ट्रॉनिक आदेशिका) नियम और तीसरा सामुदायिक सेवा गाइडलाइंस 2026 है। ये नियम न्याय प्रक्रिया को आधुनिक, तेज और ज्यादा प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। ई-साक्ष्य के तहत अब डिजिटल सबूत सुरक्षित और मजबूत होंगे। नए ई-साक्ष्य प्रबंधन नियमों के तहत डिजिटल सबूत (जैसे मोबाइल डेटा, वीडियो, ईमेल आदि) को एक वैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा, सुरक्षित और अदालत में पेश किया जाएगा। इससे सबूत के साथ छेड़छाड़ की संभावना कम होगी। केस मजबूत होंगे और फैसले ज्यादा सटीक होंगे। वहीं, ई-समन नियम के तहत अब कोर्ट के समन और वारंट डिजिटल माध्यम से भेजे जा सकेंगे,जैसे ईमेल, मोबाइल मैसेज या अन्य ऐप्स के जरिए। इससे नोटिस जल्दी पहुंचेगा। साथ ही, प्रक्रिया पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य बनेगी तो वहीं महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पहचान गोपनीय रहेगी। सामुदायिक सेवा की नई गाइडलाइंस के अनुसार छोटे अपराधों में अब जेल भेजने के बजाय ‘सामुदायिक सेवा’ कराई जा सकेगी। इससे अपराधियों को सुधार का मौका मिलेगा। जेलों पर बोझ कम होगा और समाज के लिए उपयोगी कार्य (जैसे सफाई, वृक्षारोपण, गो-सेवा, ट्रैफिक मैनेजमेंट) होंगे।  150 सरकारी स्कूलों में बनेंगी ड्रीम स्किल लैब्स, छात्रों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण कैबिनेट ने मिलका नेटवर्क प्रोडक्ट्स लि. के सहयोग से प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों में ड्रीम (डिजाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) स्किल लैब्स स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य छात्रों को नई तकनीकों से जोड़कर उन्हें भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुसार तैयार करना है। इन लैब्स के जरिए छात्रों को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक डिजाइन जैसी स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा। इससे न केवल उनकी तकनीकी समझ और व्यक्तित्व विकास होगा, बल्कि उन्हें पढ़ाई के बाद बेहतर नौकरी और प्लेसमेंट के अवसर भी मिलेंगे। इस परियोजना में 68% निवेश टाटा नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट्स लि. द्वारा और 32% राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। नोएडा-यमुना क्षेत्र को बड़ा पावर बूस्ट, 653 करोड़ से बनेगा नया हाईटेक बिजली उपकेंद्र कैबिनेट बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र (गौतमबुद्ध नगर) में नया आधुनिक बिजली उपकेंद्र बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सेक्टर-28, यीडा में 400/220 केवी का जीआईएस (गैस इंसुलेटेड) उपकेंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसकी कुल क्षमता 3×500 एमवीए होगी। करीब ₹653.53 करोड़ की लागत से बनने वाला यह उपकेंद्र क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे उद्योगों को मजबूत बिजली आपूर्ति देगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी और अन्य औद्योगिक इकाइयों को बिना रुकावट बिजली मिल सकेगी। यह परियोजना न सिर्फ वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाले समय में बढ़ने वाली बिजली की मांग को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इससे पूरे क्षेत्र में ग्रिड की स्थिरता मजबूत होगी और बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनेगी।

प्रबंधन सुधार की दिशा में कदम: महाकाल मंदिर में पांच न्यास गठन को मंजूरी

उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में व्यवस्थाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए पांच नए न्यास बनाए जाएंगे। इनके माध्यम से अन्न क्षेत्र, भक्त निवास, पारमार्थिक गतिविधियों का संचालन, शैक्षणिक तथा चिकित्सा सेवा जैसे प्रकल्प पृथक-पृथक संचालित होंगे। यह निर्णय शनिवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि बैठक में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं व सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें महाकाल महालोक में 11 करोड़ की लागत से फैब्रिकेशन शेड, संध्या एवं शयन आरती के महत्व का प्रचार-प्रसार, क्यूआर कोड आधारित फैल्प बैरियर लगाने, महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में अन्नदान/भोजन की आनलाइन बुकिंग, 80 नई दानपेटियां लगाने, मंदिर समिति के कर्मचारियों को वेतन के साथ महंगाई भत्ता देने और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के विस्तारित का निर्णय शामिल है।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: हर महीने 10 तारीख को आएगा बिजली बिल, 25 तक भुगतान की मोहलत

लखनऊ यूपी में जिले-जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर मचे घमासान के बीच यूपी की योगी सरकार ने इस व्यवस्था को ही खत्म कर दिया है। अब स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। पहले से जो स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें पोस्ट पेड कर दिया जाएगा। सीएम योगी के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसे लेकर ऐलान किया और साथ ही नए नियमों के बारे में बताया है। अब हर महीने की 10 तारीख को बिजली का बिल आएगा। इसे जमा करने के लिए 15 दिनों यानी 25 तारीख तक का समय होगा। एक राहत यह भी है कि यदि एक महीने का बकाया होगा तो बिजली नहीं कटेगी। पुराने बिजली बिलों के बकाये के लिए भी व्यवस्था बना दी गई है। इसे अब किस्तों में जमा किया जा सकेगा। इसके साथ ही सिक्योरिटी मनी भी अब जमा करनी होगी। इसे भी किस्त में जमा करने की व्यवस्था कर दी गई है। हालांकि नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ज्यादा बिल आने की शिकायतों का क्या होगा? इस पर अभी कुछ नहीं कहा गया है। समय से न मिले बिल तो यहां करें शिकायत ऊर्जा मंत्री न कहा कि सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिल हर महीने की 10 तारीख तक दिए जाएंगे। बिल मिलने की तारीख से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय से बिल न मिले वे वितरण कंपनियों के नंबर पर कनेक्शन नंबर बताकर बिल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए फोन नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करके भी बिल प्राप्त किए जा सकेंगे। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को बिल संबंधी किसी भी समस्या के निपटारे के लिए खंड और उपखंड स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। पूर्वांचल – 8010968292; मध्यांचल – 7669003409; पश्चिमांचल – 7859804803 दक्षिणांचल – 8010957826 केस्को – 8287835233 चार किस्तों में जमा करवाई जाएगी सिक्योरिटी पोस्टपेड मीटर में कनेक्शनधारकों से सिक्योरिटी राशि जमा करवाई जाती है जबकि प्रीपेड मीटर में सिक्योरिटी राशि नहीं देनी होती है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड में बदले गए उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी। अब जब दोबारा प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदला जाएगा तो उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि सिक्योरिटी राशि एकमुश्त न जमा करवाकर चार किस्तों में जमा करवाई जाए ताकि उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ न आए। अब लोगों पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की मांग प्रीपेड मीटर की जबरिया लगाने के खिलाफ मुखर रहे अवधेश कुमार वर्मा ने प्रीपेड मीटर की व्यवस्था समाप्त होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उन्होंने मीटर उखाड़कर फेंकने वाले उपभोक्ताओं पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर पावर कॉरपोरेशन ने पहले ही नियम के मुताबिक फैसला ले लिया होता तो ऐसी घटना नहीं होती। यूपी में जबरिया लगाए जा रहे थे प्रीपेड मीटर पिछले संसद सत्र के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ कर दिया था कि मीटर प्रीपेड होगा या पोस्टपेड यह चुनने का अधिकार उपभोक्ताओं का है। विद्युत अधिनियम – 2003 की धारा 47 (5) में यही व्यवस्था है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने भी अधिसूचना जारी करके मीटरों के प्रीपेड मोड में होने की बाध्यता समाप्त कर दी थी।इसके बाद भी यूपी में लोगों के घरों पर जबरिया प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे थे। अचानक रिचार्ज खत्म होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इससे जिले-जिले आक्रोश फैल रहा था। इस आक्रोश के कारण ही चुनावी साल में सरकार किसी तरह का खतरा मोल लेना नहीं चाह रही थी। अंततः सोमवार को प्रीपेड की व्यस्था खत्म करने का ऐलान कर दिया गया।

वन ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य के लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप शुरू, युवाओं को मिलेगा ₹50,000 मानदेय

लखनऊ औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने सोमवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा। उन्होंने उच्चस्तरीय बैठक में लेटर आफ कम्फर्ट (एलओसी) से जुड़े आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रमुख निवेश प्रस्तावों को एलओसी जारी करने की सिफारिश की गई। यह परियोजनाएं बरेली, फिरोजाबाद, वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर और कानपुर देहात में स्थापित की जाएंगी और इनके माध्यम से 2,000 से अधिक रोजगार सृजित होने का अनुमान है। प्रस्तावित परियोजनाओं में स्टील व आयरन कास्टिंग, मेडिकल डिवाइस, पीईटी प्रीफार्म, कैप्स व क्लोजर्स, ईवी चार्जर्स, बीईएसएस चार्जर्स, इलेक्ट्रिकल एनक्लोजर और सोलर स्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में विनिर्माण गतिविधियां शामिल हैं। इन्हें सभी प्रोत्साहन व सब्सिडी प्रदान की जाएगी। बैठक में मंत्री ने कहा कि सभी आवेदनों का त्वरित व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम लागू उधर, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए वन ट्रिलियन डालर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (ओटीडी सीएम फेला) कार्यक्रम लागू किया गया है। कैबिनेट की बैठक में सोमवार को इसके प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कार्यक्रम के तहत हर जिले में पहले से डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला ओटीडी सेल की कार्यक्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में एक ओटीडी फेलो (आर्थिक विकास) और एक ओटीडी फेलो (डेटा विश्लेषक) को ओटीडी सीएम फेलो के रूप में तैनात किए जाने का निर्णय किया गया है। ओटीडी फेलो विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर कृषि, उ‌द्योग, निवेश, अवसंरचना, पर्यटन, रोजगार तथा जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) से संबंधित संकेतांकों की नियमित समीक्षा में सहयोग करेंगे। डाटा का वैज्ञानिक विश्लेषण कर मासिक और त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट भी तैयार करेंगे। नियोजन विभाग विकसित डैशबोर्ड के माध्यम से आनलाइन रिपोर्टिंग और केपीएल आधारित मानिटरिंग व्यवस्था लागू करेगा। ओटीडी सीएम फेला के लिए संबंधित विषयों में परास्नातक की पात्रता तथा अधिकतम 40 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की गई है। अनिवार्य अहर्ता की उपाधि में निर्धारित प्रतिशत, शोध प्रकाशन और प्रासंगिक अनुभव को वरीयता दी जाएगी। हर माह 50 हजार रुपये मिलेगा पारिश्रमिक ओटीडी फेलो को 50,000 प्रतिमाह पारिश्रमिक, लैपटाप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा/भत्ता प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर नवीनीकृत किया जा सकेगा। कार्यक्रम के तहत ओटीडी सीएम फेलो का चयन स्टेट ट्रांसफारर्मेशन कमीशन (एसटीसी) करेगा। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (50 अंक), अधिमानी अहर्ता (30 अंक) और साक्षात्कार (20 अंक) शामिल होंगे। प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष होगा।

दिल्ली में अहम बैठक: भगवंत मान ने द्रौपदी मुर्मू से मिलने का किया रुख, बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग तैयार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए दिवील्ली रवाना हो गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनसे पहले आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री की मुलाकात दोपहर 12 बजे तय है। मुख्यमंत्री भगवंत मान विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं और इस दौरान वे बागी सांसदों से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर सरकार का पक्ष राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। वहीं, राघव चड्ढा अपने साथियों के साथ राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि 24 अप्रैल को आप के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। इनमें संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संजीव अरोड़ा और विक्रमजीत साहनी समेत अन्य नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने इसे सामूहिक निर्णय बताते हुए नियमों के तहत कदम उठाने का दावा किया था। आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया इसके बाद 25 अप्रैल से पंजाब में आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। इसी बीच हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला भी सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया। 30 अप्रैल को पीपीसीबी (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की टीमों ने कुछ औद्योगिक इकाइयों में कार्रवाई की, जिसे भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। 2 मई को आप छोड़ने वाले सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार और एक महिला के शोषण के आरोपों में गैर-जमानती एफआईआर दर्ज की। पुलिस टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वे पहले ही वहां से निकल चुके थे। वहीं, 1 मई को पंजाब विधानसभा में सरकार ने फ्लोर टेस्ट भी पास कर लिया। 117 सदस्यीय सदन में आप के 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा की राष्ट्रपति से अलग-अलग होने वाली मुलाकातों को अहम माना जा रहा है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और घटनाक्रम से जुड़े मुद्दे सामने रखेंगे।

ऑपरेशन तलाश बना मिसाल: बिलासपुर में 579 लापता लोगों की खोज, 69 मासूम सुरक्षित लौटे घर

बिलासपुर. बिलासपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान और तलाश के तहत एक महीने के भीतर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन के अभियान के तहत 648 को ढूंढ निकाला गया है. बारमद किए गए व्यक्तियों में 69 अपहृत बच्चें (11 लड़के और 58 लड़कियां) और 579 वयस्क (430 महिला और149 पुरूष) शामिल हैं. पुलिस टीमों ने न केवल राज्य भीतर, बल्कि देश के महाराष्ट्र और ओडिशा से भी 3 बच्चों को किडनैप किया है.  1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाए गए अभियान में तकनीकी सहयोग और मुखबिर तंत्र को स्ट्रांग किया गया, जिससे कई अपहृत बच्चों के विभिन्न राज्यों में होने की जानकारी प्राप्त हुई. टीम तैयार करके देश के विभिन्न राज्यों और राज्य के विभिन्न जिलों में टीम रवाना की गई, जिस पर राज्य के बाहर महाराष्ट्र से 2 बालिका और ओडिशा से 1 बालिका की दस्तायाबी की गई. गौरतलब है कि इस अभियान में बिलासपुर जिला ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 69 बच्चों की दस्तयाबी कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. इसी प्रकार ऑपरेशन तलाश के तहत 579 महिला और पुरूष की दस्तयाबी कर राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है.

भीषण दुर्घटना: नरसिंहपुर में डीडीएस टैंक गिरने से 2 मजदूरों की जान गई

बिलासपुर. बिलासपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान और तलाश के तहत एक महीने के भीतर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन के अभियान के तहत 648 को ढूंढ निकाला गया है. बारमद किए गए व्यक्तियों में 69 अपहृत बच्चें (11 लड़के और 58 लड़कियां) और 579 वयस्क (430 महिला और149 पुरूष) शामिल हैं. पुलिस टीमों ने न केवल राज्य भीतर, बल्कि देश के महाराष्ट्र और ओडिशा से भी 3 बच्चों को किडनैप किया है.  1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाए अभियान में तकनीकी सहयोग और मुखबिर तंत्र को स्ट्रांग किया गया, जिससे कई अपहृत बच्चों के विभिन्न राज्यों में होने की जानकारी प्राप्त हुई. टीम तैयार करके विभिन्न राज्यों और राज्य के विभिन्न जिलों में टीम रवाना की गई, जिस पर राज्य के बाहर महाराष्ट्र से 2 बालिका और ओडिशा से 1 बालिका की दस्तायाबी की गई. गौरतलब है कि इस अभियान में बिलासपुर जिला ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 69 बच्चों की दस्तयाबी कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. इसी प्रकार ऑपरेशन तलाश के तहत 579 महिला और पुरूष की दस्तयाबी कर राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है.

रेलवे की बड़ी चूक! 6 इंच की जगह डेढ़ फीट का गैप, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल

सागर सागर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने का करोड़ों का प्रोजेक्ट न केवल लापरवाही का नमूना बन गया है बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। रेलवे इंजीनियरों की अनदेखी और प्रोजेक्ट पर काम करने वाली निजी फर्म की लापरवाही ने यह हालात पैदा किए हैं। रेलवे स्टेशन पर स्टेशन पर 4 साल से काम चल रहा है। इसमें स्टेशन के कायाकल्प के साथ फुट रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, 3 व 4 नंबर के नए प्लेटफार्म का काम हो रहा था। रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर 2 पर भी नए सिरे से कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान प्लेटफार्म क्रमांक 2 पर निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई। नियमानुसार ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच की जो दूरी महज 6 इंच होनी चाहिए, उसे डेढ़ फीट की दूरी पर बना दिया गया। इतने बड़े अंतर से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों के लिए प्लेटफार्म खतरनाक हो गया। प्लेटफार्म ऊंचा करने का प्रयोग फेल, तब भी दूसरे प्लेटफार्म पर आजमा रहे कायाकल्प कार्य के दौरान 3 साल पहले प्लेटफार्म 1 को करीब एक फीट ऊंचा कर दिया गया है, लेकिन टीन शेड की ऊंचाई न बढऩे से यहां कई तरह की असुविधा हो रहीं हैं। पहला प्रयोग फेल होने के बाद भी अब प्लेटफार्म 2 को भी ऊंचा किया जा रहा है। ऐसे में खुद रेलवे के अधिकारी भी सवाल उठा रहे हैं कि रेलवे प्रबंधन यहां करना क्या चाह रहा है। प्लेटफार्म 2 पर अभी शुरू नहीं होना चाहिए था काम अभी प्लेटफार्म क्रमांक 3 और 4 नए प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं, ऐसे में यात्रियों को भारी परेशानियां हो रहीं हैं। पूरा यात्री दबाव प्लेटफार्म 2 पर ही है, ऐसे में इस प्लेटफार्म को नए सिरे से अभी बनाया ही नहीं जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार ने पूरे टीन शेड उखाड़ दिए और बेतरतीब प्लेटफार्म बना दिया, अब यहां यात्रियों को बैठने तक के लिए छाया नहीं है। ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच डेढ़ फीट का अंतर होने से यात्रियों को यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के साथ हादसा होने की आशंका बनी हुई है। गैप इतना बड़ा है कि पैर फिसलने पर यात्री सीधे ट्रेन के पहिए के नीचे पहुंच जाएगा। सागर स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह प्लेटफार्म 2 पर ट्रेन के बीच गैप होने का मामला गंभीर है, इस संबंध में जबलपुर डीआरएम को अवगत करा दिया गया है। बीते दिन हुई बैठक में सभी समस्याएं रखी गईं थीं, जिस पर जबलपुर डीआरएम कमल कुमार तलरेजा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। -मोहम्मद इरशाद, सदस्य रेलवे सलाहकार समिति पमरे जबलपुर। सागर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म का कार्य भोपाल मंडल की टीम देख रही है। संज्ञान में मामला आया है, जिसकी रिपोर्ट बनाकर डीआरएम कार्यालय से रिपोर्ट भोपाल भेजी गई है। -हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ जबलपुर मंडल।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तेज हलचल, जातीय संतुलन साधने में जुटी NDA सरकार

पटना बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद, सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 6 मई को कैबिनेट विस्तार कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच 16-16 मंत्रियों के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। इसमें मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। वहीं, गठबंधन के अन्य तीन सहयोगी दलों को कुल चार मंत्री पद दिए जाने की संभावना है। संवैधानिक प्रावधान के तहत राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 36 मंत्री ही हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल अधिकांश मंत्रियों को नई मंत्रिपरिषद में फिर से मौका मिल सकता है। जदयू सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार 6 मई को संभव है और इसमें पिछली सरकार के कई पुराने चेहरे दोबारा नजर आ सकते हैं। नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है। बिहार कैबिनेट फॉर्मूला तय सम्राट चौधरी के पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही भाजपा को बिहार में पहली बार अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने का अवसर मिला है। वहीं, जदयू के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, जो दोनों ही नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा और जदयू दोनों अपने-अपने खेमे से 16-16 मंत्रियों की नियुक्ति पर सहमत हो गए हैं। इसमें मुख्यमंत्री और जदयू के दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं। इसके अलावा, गठबंधन के अन्य छोटे सहयोगी दलों को चार मंत्री पद दिए जाएंगे।

गर्मी से राहत: कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित, कहीं बदला समय

नई दिल्ली भारत में साल 2026 की गर्मियों ने दस्तक देते ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। झुलसाती धूप और लू (Heatwave) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देशभर के कई राज्यों ने करोड़ों स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए या तो स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है या उनके समय में भारी कटौती की है। दिल्ली में 50 दिनों का अवकाश दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी स्कूलों के लिए 50 दिनों की लंबी छुट्टियों का एलान किया है। दिल्ली के स्कूल 11 मई से 30 जून 2026 तक बंद रहेंगे और अब सीधे 1 जुलाई को ही खुलेंगे। बढ़ते पारे को देखते हुए अभिभावकों के लिए यह राहत की खबर है, हालांकि इतनी लंबी अवधि के कारण बच्चों की पढ़ाई और घर पर उनकी देखभाल को लेकर चुनौतियाँ भी बढ़ गई हैं。 विभिन्न राज्यों में छुट्टियों की स्थिति दिल्ली के अलावा कई अन्य राज्यों ने भी गर्मी की गंभीरता को देखते हुए समय से पहले कदम उठाए हैं: ओडिशा: यहां 27 अप्रैल से ही स्कूलों में ताले लग चुके हैं। पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों को छोड़कर पूरे राज्य में 22 अप्रैल से छुट्टियां शुरू हो गई थीं। छत्तीसगढ़: यहां छुट्टियों का सबसे लंबा अंतराल देखा जा रहा है, जहां 20 अप्रैल से 15 जून तक अवकाश घोषित है। उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत पूरे राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए 20 मई से 15 जून तक छुट्टियां रहेंगी। स्कूलों के समय में बदलाव जिन राज्यों में अभी छुट्टियां घोषित नहीं हुई हैं, वहां बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाने के लिए सुबह के समय ही स्कूल संचालित किए जा रहे हैं:- नोएडा और गाजियाबाद: स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चल रहे हैं। झारखंड: यहां सुबह 11:30 बजे तक ही स्कूल खुले रखने के निर्देश हैं। महाराष्ट्र: राज्य में स्कूलों का समय सुबह 7:00 बजे से 11:15 बजे तक कर दिया गया है। राजस्थान: यहां भी नोएडा की तर्ज पर दोपहर 12:00 बजे तक स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी अभी और सताएगी। हालांकि, पंजाब और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार के बीच हल्की बारिश और आंधी की संभावना है। इस बदलाव से तापमान गिरकर 38-40 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है, जिससे अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।