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तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें: लुधियाना में सड़क पर गिरा शेड, बिजली सप्लाई प्रभावित

लुधियाना. रविवार को शहर में तेज बारिश और तेज हवाओं के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। फिरोजपुर रोड स्थित वेव मॉल के पास सड़क किनारे लगा एक भारी शेड अचानक गिरकर सड़क पर आ गया, जिससे सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बंद हो गया। जानकारी के अनुसार, सुबह मौसम बेहद खराब था और तेज हवाओं के चलते यह शेड अपनी जगह से उखड़ गया। घटना के समय आसपास आवाजाही भी थी, लेकिन गनीमत रही कि कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शेड गिरते ही इलाके में हलचल मच गई। खास बात यह रही कि गिरा हुआ ढांचा बिजली की तारों के ऊपर भी जा गिरा, जिससे स्थिति और भी जोखिम भरी हो गई थी। शेड के सड़क पर गिरने के कारण उस हिस्से से आवाजाही पूरी तरह रुक गई है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। फिलहाल मौके पर शेड हटाने और रास्ता साफ करने के प्रयास जारी हैं, ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य की जा सके।

खाट में बैठकर ग्रामीणों से किया संवाद: सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

रायपुर  प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी  राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है। जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।  इस अवसर पर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, महापौर मती मंजूषा भगत, कलेक्टर  अजीत वसंत  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

PM आवास योजना लाभुकों को मिली राहत की उम्मीद, विधायक ने दिया पूरा साथ

जमशेदपुर  जमशेदपुर के बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (PRAW) के सैकड़ों लाभुक रविवार सुबह जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित आवास पर जमा हुए. लाभुकों ने व्यथा सुनाते हुए कहा कि पूरा पैसा जमा करने के बावजूद उन्हें पिछले 6 साल से चाबी नहीं मिल रही है. थक-हारकर लाभुकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे आगामी 6 मई को शुभ मुहूर्त में अपने-अपने घरों में सामूहिक गृह प्रवेश पूजा करेंगे. विधायक सरयू राय ने इस फैसले का न केवल समर्थन किया, बल्कि पूजा सामग्री और पंडाल की व्यवस्था स्वयं करने का एलान किया. दोहरी आर्थिक मार और बदतर हालात लाभुकों ने बताया कि वे वर्तमान में ‘दोहरी मार’ झेल रहे हैं. एक तरफ बैंकों से लिए गए लोन की EMI कट रही है, तो दूसरी तरफ घर न मिलने के कारण वे 4,000 से 6,000 रुपये तक प्रति माह किराया देने को मजबूर हैं. कई परिवारों की माली हालत इतनी खराब हो गई है कि उनके पास खाने तक के लाले पड़ रहे हैं. योजना के तहत ब्लॉक नंबर 8 और 23 में 95% काम पूरा होने के बावजूद बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का काम अब भी अधूरा है. भ्रष्टाचार और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल विधायक सरयू राय ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि 21 ब्लॉक में से मात्र 2 ब्लॉक ही तैयार हो सके हैं. लाभुकों ने विधायक को ऐसी तस्वीरें और वीडियो दिखाए, जिनमें नवनिर्मित मकानों की दीवारों में दरारें और प्लास्टर गिरते हुए स्पष्ट दिख रहे हैं. राय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि घर मिलने से पहले ही आशियाने टूटने लगे हैं. सरकार और जुडको के बीच पिस रही जनता परियोजना का जिम्मा जुडको (JUIDCO) को दिया गया था, जिसने छह अलग-अलग कंपनियों को काम सौंपा है. जिस योजना को मार्च 2021 तक पूरा होना था, वह मई 2026 तक भी फिनिशिंग स्टेज में ही अटकी हुई है. सरयू राय ने कहा कि वे सोमवार को मुख्यमंत्री और विभागीय सचिव से मिलकर इस समस्या के समाधान का अंतिम प्रयास करेंगे ताकि लाभुकों को आधिकारिक रूप से चाबी मिल सके. परियोजना एक नजर में     कुल फ्लैट्स (संशोधित): 7372 (24 ब्लॉक में)     कुल लागत: 653 करोड़ रुपये     प्रति फ्लैट लागत: 6.81 लाख रुपये     लाभुकों का अंशदान: 4.31 लाख रुपये     कारपेट एरिया: 313 वर्ग फीट     संरचना: G+8 (ग्रुप हाउसिंग)     सुविधाएं: जलापूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, पार्क और पार्किंग  

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोले सीएम, भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हुई

लखनऊ यूपी में पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी गई है। यह किसी भी राज्य में सर्वाधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को सकुशल एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करने का रिकॉर्ड है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कहीं। सीएम योगी ने कहा, सिर्फ अधीनस्थ चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया संपन्न करेगा। शिक्षा चयन आयोग हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को लगभग 15 हजार भर्तियां करनी है। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में डेढ़ लाख से अधिक सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया संपन्न होनी है। प्रक्रिया में किसी प्रकार की सेंध न लगे, इसके लिए सख्त कानून भी बनाया है, जिसके तहत सेंधमारी करने वालों को आजीवन कारावास की सजा और उसकी पूरी संपत्ति को जब्त किया जाता है। युवाओं के सपने का टूटना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा मुख्यमंत्री ने कहा कि हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़े। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, तो न केवल उस युवा के सपने टूटते हैं, बल्कि उसके माता-पिता और परिवार से जुड़े अन्य लोगों की उम्मीदें भी चकनाचूर हो जाती हैं। किसी युवा के सपनों का टूटना केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा है। उत्तर प्रदेश की ‘बीमारू राज्य’ के रूप में पहचान बनाने में चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार की भूमिका थी। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं इतनी अधिक थीं कि न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता था। फर्जी डिग्री वाले लोग करते थे चयन प्रक्रिया का नेतृत्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लगभग हर नियुक्ति प्रक्रिया पर कहीं न कहीं कोर्ट स्टे लगते थे, न्यायालय से कड़ी टिप्पणियां मिलती थीं। स्थिति यह थी कि जो व्यक्ति पात्र नहीं था, वह भी आयोग का चेयरमैन बन जाता था। यहां तक कि फर्जी डिग्री वाले लोग चयन प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे थे। पैसे के लेनदेन के कारण भर्तियां प्रभावित होती थीं और योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाता था। वर्तमान समय में कई युवा उस दौर से अनभिज्ञ हैं, क्योंकि वे तब नाबालिग थे। वर्ष 2017 के बाद भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया है। इसका परिणाम यह है कि अब तक पुलिस विभाग में 2,20,000 से अधिक भर्तियां सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। गत 9 वर्षों में हम लोगों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड 9 लाख से अधिक युवाओं की भर्तियां कीं। आज औषधि विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए ग्रेड की लैब मौजूद सीएम ने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 4 और 6 मई को नियुक्त पत्र वितरिण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये लगातार चलेगा। सरकार बिना भेदभाव पिछले नौ वर्षों में कोरोना महामारी के बावजूद प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफल रही है। प्रदेश में आज देश का सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, हाइवे आदि मौजूद हैं। आज वे विभाग अच्छा काम कर रहे हैं, जिन्हें पहले लोग जानते तक नहीं थे। लगभग हर जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं, दो एम्स कार्यरत हैं। 2017 से पहले सब भगवान भरोसे था, परिणाम भी उसी प्रकार से आते थे। उस दौरान पूरा सिस्टम ही बीमारू था। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के पास दवा की क्वालिटी एवं खाद्य पदार्थों में मिलावट जांचने के उपकरण व लैब्स नहीं थीं। अब विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए-ग्रेड की लैब हैं। प्रशिक्षित मैनपॉवर है, जो समय-सीमा में जांच के नतीजे बता देंगे। वर्ष 2017 से पहले पांच प्रयोगशालाएं थीं, आज आधुनिक उपकरणों के साथ 18 प्रयोगशालाएं हैं। कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की भर्ती भी जल्द सीएम ने कहा कि पहले 5 प्रयोगशालाओं में 12,000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 55,000 हो गयी है। आज 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) की भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई है, जिसके साथ ही इनकी संख्या 44 से बढ़कर 401 हो गयी है। वर्तमान में कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की संख्या अभी केवल 58 है। हमने 417 पदों के लिए अधियाचन भेजा है, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में विचाराधीन है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया संपन्न होगी। वर्तमान में 36 हजार खाद्य नमूने प्रतिवर्ष लिये जाते हैं। भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने से इनकी संख्या बढ़कर प्रतिवर्ष 1,08,000 से अधिक हो जाएगी। आज 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।

हब एंड स्पोक मॉडल से प्रदेशभर में स्किल और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए ‘सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन्स के तहत 12 मेगा स्किल हब और 63 जिला स्किल केंद्र स्थापित करेगी। यह मेगा स्किल हब और जिला स्किल केंद्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को भी मजबूत आधार देंगे। इसके लिए योगी सरकार करीब 14,760 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके जरिये योगी सरकार ने हर साल 10 लाख से अधिक युवाओं को एडवांस स्किलिंग देने का लक्ष्य रखा है।  हब एंड स्पोक मॉडल से बदलेगी तस्वीर योगी सरकार की योजना ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर आधारित होगी। इसमें 12 बड़े शहरों क्रमश: लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, झांसी, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद में मेगा स्किल हब बनाए जाएंगे। इनके साथ जुड़े 63 जिला स्किल केंद्र ‘स्पोक’ के रूप में काम करेंगे। इस मॉडल के जरिए हर जिले तक कौशल विकास और उद्योगों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। मेगा स्किल हब जहां बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और उद्योगों को आकर्षित करेंगे, वहीं जिला केंद्र स्थानीय युवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देंगे। इसकी विशेषता है कि इसमें स्किलिंग और औद्योगिक विकास को एक साथ जोड़ा गया है। योगी सरकार का उद्देश्य हर जिले में ऐसे औद्योगिक जोन विकसित करना है, जहां युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलें। इन केंद्रों में तकनीकी कौशल के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल, भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा उद्योगों के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।   रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमशन का दिया जाएगा प्रशिक्षण स्किल हब और जिला केंद्रों में प्रशिक्षण की विविध श्रेणियां होंगी। इसमें पारंपरिक कौशल के साथ-साथ आधुनिक और भविष्य आधारित कौशल जैसे रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, डिजिटल मार्केटिंग आदि शामिल होंगे। स्थानीय जरूरतों के अनुसार कौशल चयन किया जाएगा, जिससे ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसी योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। योजना में सरकार के साथ निजी क्षेत्र की भी अहम भूमिका होगी। सरकार बुनियादी ढांचा और प्रारंभिक निवेश उपलब्ध कराएगी जबकि संचालन और प्रशिक्षण का काम निजी साझेदारों के जरिए किया जाएगा। शुरुआती पांच वर्षों तक वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के जरिए इन संस्थानों को सहयोग दिया जाएगा। इससे स्किलिंग सेंटर और उद्योग इकाइयां आत्मनिर्भर बन सकेंगी और लंबे समय तक टिकाऊ विकास सुनिश्चित होगा। इन मेगा स्किल हब और जिला केंद्रों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें बिजली, पानी, सड़क, इंटरनेट, सुरक्षा, आवास, खेल और मनोरंजन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही स्टार्टअप सपोर्ट सेंटर, प्लेसमेंट एजेंसियां, रिसर्च और डिजाइन सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

खेल प्रतिभाओं के लिए खुशखबरी, 104 नर्सरियों में 2600 खिलाड़ी कर रहे अभ्यास

 करनाल  इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इससे खेल प्रतिभाओं को निखारने का पूरा मौका मिलेगा। पिछले साल जहां जिले में 86 नर्सरियों में 2150 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे थे, वहीं इस बार 104 नर्सरियों में करीब 2600 खिलाड़ी अभ्यास करेंगे। अभ्यास प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 53 सरकारी और 30 निजी नर्सरियां जिले में चल रही थीं, जबकि इस बार निजी नर्सरियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है और सरकारी नर्सरियां 30 ही हैं। इस प्रकार कुल 28 नर्सरियों की वृद्धि हुई है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। प्रत्येक नर्सरी में एक कोच की नियुक्ति की गई है। जिनमें निजी नर्सरियों के कोच को प्रति माह 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता है, जबकि खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये प्रतिमाह डाइट भत्ता प्रदान किया जाता है। यह राशि खिलाड़ियों व कोचों के खाते में डायरेक्ट आती है। इससे खेल नर्सरियों की बढ़ती संख्या से अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे और भविष्य में जिले का नाम राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। इस साल का सत्र भी शुरू हो गया है और खिलाड़ी निरंतर अभ्यास के लिए आ रहे है। जून-जुलाई महीने में आयोजित होने वाली जिला व प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयारी शुरु कर दी है। सभी कोच निरंतर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण दे रहे है। पिछले साल के मुकाबले बढ़ी नर्सरियों की संख्या जिला खेल अधिकारी सत्यवीर पोसवाल ने बताया कि हमें पिछले साल के मुकाबले अधिक नर्सरियां मिली हैं। सभी खेल नर्सरियों को शुरू कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ी निरंतर अभ्यास कर सके। पिछले साल जिले को 86 नर्सरियों मिली थी।  

चीखों से गूंजा गांव: मिट्टी का टीला गिरने से 8 दबे, 3 की मौत

कौशांबी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां मिट्टी का टीला महिलाओं के ऊपर भर-भराकर गिर गया. घटना में 3 महिलाओं की मौत होने की जानकारी सामने आई है. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया है. मौत के आंकड़ों की ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस बचाव कार्य में जुट गई है. बता दें कि घटना मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के थाभां गांव में उस वक्त घटी, जब महिलाएं एक तालाब में मिट्टी खोदने के लिए गईं थी. इसी दौरान मिट्टी का टीला अचानक महिलाओं के ऊपर ढह गया. टीला ढहने से 8 महिलाएं उसके नीचे दब गईं. घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया. महिलाओं को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया. जानकारी है कि 8 में से 3 महिलाओं की मौत हो गई. मौत को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आय़ा है. घायलों का इलाज जारी है. मृतकों की पहचान 45 वर्षीय गीता देवी, बेटी अंकिता देवी और 40 वर्षीय उत्तरा देवी के रूप में हुई है.

तीन कॉलेजों के लोन भुगतान पर रोक, शिक्षा विभाग का फैसला

मुजफ्फरपुर राज्य में सरकारी योजनाओं का लालच देकर निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा मुनाफा कमाने और बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर के तीन निजी शिक्षण संस्थानों के नए आवेदनों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। हायर एजुकेशन के लिए दिया जाता है लोन सरकार की इस योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है, जिसे पढ़ाई पूरी होने के एक साल बाद चुकाना होता है। यदि छात्र को नौकरी या रोजगार नहीं मिलता है तो भुगतान के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाता है। लेकिन कई निजी संस्थान इस सुविधा का गलत फायदा उठा रहे हैं। उनके होर्डिंग और बैनरों पर भी इस योजना का लाभ मिलने का दावा किया जाता है, जिससे छात्र आकर्षित होते हैं। तीन निजी शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई इसी क्रम में बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के तीन निजी शिक्षण संस्थानों एमपीएस कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन,शिवि कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन और देव कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन के नए आवेदनों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। नियम के खिलाफ फायदा उठाने की कोशिश यह कार्रवाई सत्र 2025-26 में निर्धारित सीट से अधिक बोनाफाइड जारी करने और संतोषजनक जवाब नहीं देने के कारण की गई है। विभाग को शिकायत मिली थी कि कई संस्थानों ने तय सीमा से अधिक छात्रों का नामांकन दिखाकर योजना का लाभ लेने की कोशिश की। इसके अलावा, MNSSBY पोर्टल पर आवेदनों की स्वीकृति प्रक्रिया में भी पारदर्शिता की कमी पाई गई। सवालों के जवाब नहीं दे सके कॉलेज जांच के दौरान जब संबंधित संस्थानों से स्पष्टीकरण मांगा गया, तो संस्थान स्पष्ट जवाब देने में असफल रहे, जिससे पूरी प्रक्रिया संददेह के घेरे में आ गई। विभाग ने साफ किया है कि जिन संस्थानों ने अनियमित तरीके से नामांकन किया है, उनके नए आवेदनों के भुगतान पर रोक जारी रहेगी। हालांकि, जिन छात्रों की एक किस्त पहले ही जारी हो चुकी है, उनकी आगे की किस्त मिलती रहेगी ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

टूर्नामेंट खेलने का ऐलान, सुरक्षा पर सवाल: विनेश फोगाट ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

चंडीगढ़. ओलिंपियन और भारतीय कुश्ती की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए विनेश ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ जो मामला अदालत में विचाराधीन है, उन 6 पीड़ितों में से एक मैं भी हूं। उन्होंने आगामी टूर्नामेंट के आयोजन स्थल पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया है।  पहलवान विनेश फोगाट ने यह बयान उस समय दिया जब देश में खिलाड़ियों की सुरक्षा और कुश्ती संघ से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, लेकिन उनके अनुभव इसके विपरीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। मैं और मेरी टीम कॉम्पिटीशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।  अगर मेरे साथ गलत हुआ तो जिम्मेदार भारत सरकार होगी उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित होने वाले 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' पर आपत्ति जताते हुए विनेश ने कहा कि वह स्थान बृजभूषण का गढ़ है। वहां उनका निजी कॉलेज है और पूरा इलाका उनके प्रभाव में है। विनेश ने आशंका जताई कि ऐसे माहौल में उनके लिए निष्पक्ष रूप से मुकाबला करना असंभव होगा। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने हमारा शोषण किया, उसके घर में जाकर कुश्ती लड़ना किसी भी महिला खिलाड़ी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से डरावना अनुभव है। वहां मेरे साथ कुछ भी गलत हुआ, तो इसकी सीधी जिम्मेदार भारत सरकार होगी।

गंभीर मामलों का फरार आरोपी दबोचा: पंजाब पुलिस ने हथियारों सहित किया गिरफ्तार

गुरदासपुर. गुरदासपुर पुलिस द्वारा समाज विरोधी तत्वों और नशा तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल की गई है। यह कार्रवाई एसएसपी आदित्य (आईपीएस) के नेतृत्व में की गई है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी हथियारों सहित काबू किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एसपी डी.के. चौधरी ने बताया कि पुलिस ने 2 अलग-अलग स्थानों से 2 पिस्तौल, 2 मैगजीन, 2 जिंदा कारतूस और 2 मिस कारतूस बरामद किए हैं। इस दौरान गंभीर मामलों में वांछित एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि थाना घुम्मण कलां की पुलिस ने गश्त के दौरान शक के आधार पर एक युवक को रोककर उसकी तलाशी ली। उसकी पहचान आशु उर्फ विसाखी निवासी घुम्मण के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्तौल, 2 जिंदा कारतूस और 2 मिस कारतूस बरामद हुए। एसपी ने आगे बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित थाने में मामला दर्ज किया गया है और जांच के दौरान सामने आया है कि उसके खिलाफ पहले भी मारपीट, चोरी और आबकारी एक्ट के तहत 3 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वह वांछित था। इसी तरह थाना बहिरामपुर पुलिस ने खेतों से एक संदिग्ध पैकेट बरामद किया, जिसमें एक पिस्तौल और एक खाली मैगजीन मिली। इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।