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एटीएस की कमी के चलते मैनुअल फिटनेस पर फिर से मिली छूट

 लखनऊ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पांच जनवरी को जारी अपने उस आदेश को चार महीने में ही पलट दिया है, जिसके तहत वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद कर दी गई थी। अब प्रदेश के 51 जिलों में सशर्त मैनुअल फिटनेस जांच दोबारा शुरू होगी। दरअसल, अधिकांश जिलों में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) न होने के कारण करीब 18 लाख वाहनों को फिटनेस के लिए 100 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही थी। सीतापुर और रायबरेली जैसे जिलों के वाहन स्वामियों को लखनऊ आना पड़ रहा था, जिससे भारी असुविधा हो रही थी। केंद्रीय मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, जिन जिलों में एटीएस तैयार हो रहे हैं, वहां निश्चित अवधि तक ही मैनुअल जांच की अनुमति होगी। अलीगढ़ और प्रतापगढ़ में अब केवल एटीएस के जरिये ही फिटनेस होगी। गोरखपुर, अयोध्या, आजमगढ़, बुलंदशहर और हापुड़ में 30 जून तक मैनुअल जांच की सुविधा मिलेगी तथा रायबरेली, गाजीपुर, मथुरा और प्रयागराज को 30 सितंबर तक मोहलत दी गई है। इसके अलावा 31 दिसंबर तक पीलीभीत, चित्रकूट, बलरामपुर, हरदोई, ललितपुर, संभल, जौनपुर, चंदौली, भदोही, बदायूं, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बांदा, सीतापुर, अमरोहा, हमीरपुर, महोबा, कन्नौज, औरैया, शाहजहांपुर, कौशांबी, अंबेडकर नगर, अमेठी, बागपत, बहराइच, बलिया, बस्ती, देवरिया, फर्रुखाबाद, गोंडा, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, मऊ, संतकबीर नगर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर व सुलतानपुर सहित 40 जिलों में यह सुविधा रहेगी। एटीएस की वर्तमान स्थिति प्रत्येक जिले में तीन-तीन निजी एटीएस खोलने की योजना थी। वर्तमान में बिजनौर, फिरोजाबाद, झांसी, कानपुर देहात, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली, रामपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, आगरा और मीरजापुर सहित कुल 26 जिलों में ही एटीएस संचालित हैं। राजधानी लखनऊ में बख्शी का तालाब स्थित एटीएस के अलावा अब बंथरा में दूसरा केंद्र बनकर तैयार है। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्रालय ने 14 नवंबर 2024, एक अप्रैल 2025 और फिर 17 नवंबर को प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र लिखकर एक जनवरी से अनिवार्य रूप से एटीएस के माध्यम से फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, धरातल पर पर्याप्त संसाधन न होने के कारण इस व्यवस्था को चार महीने के भीतर ही बदलना पड़ा। जुर्माने का प्रविधान नियम के अनुसार, नए व्यावसायिक वाहनों को पंजीकरण के बाद आठ वर्ष तक प्रत्येक दो साल में और उसके बाद हर साल फिटनेस करानी अनिवार्य है। फिटनेस न होने पर पहली बार पकड़े जाने पर 5000 रुपये और दूसरी बार 10,000 रुपये के चालान का प्रविधान है।  

होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न, कड़ी निगरानी से नकल के प्रयास नाकाम

होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा सकुशल संपन्न, सख्त निगरानी से नकल और फर्जीवाड़े की कोशिशें नाकाम 25, 26 और 27 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित परीक्षा रही शांतिपूर्ण 1053 केंद्रों पर तीन दिन चली परीक्षा में सख्ती के बीच नकल माफिया पर कार्रवाई कूटरचना, प्रतिरूपण और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के दुरुपयोग में कई गिरफ्तारियां लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को प्रदेश के 74 जनपदों के 1053 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पूरे परीक्षा आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में कराई जा सकी। परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक सत्यापन, फोटो मिलान और डिजिटल निगरानी के जरिए नकल और फर्जीवाड़े पर कड़ी नजर रखी गई। इसी के चलते कूटरचित दस्तावेज, प्रतिरूपण और अनुचित साधनों के उपयोग के मामलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अभियोग पंजीकृत किए गए। तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सख्ती पूरी तरह प्रभावी होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा में सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 27 अप्रैल को हापुड़ और फतेहपुर में प्रवेश पत्र में जन्मतिथि से छेड़छाड़ कर कूटरचित दस्तावेज बनाने वाले छोटेलाल और विक्रम सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया गया, वहीं अलीगढ़ और हाथरस में बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान प्रतिरूपण की कोशिश कर रहे अमित कुमार और धर्मपाल सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया गया। इससे पहले 26 अप्रैल को कानपुर नगर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छुपाने के मामले में एक सहायक अध्यापक सहित तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। एटा में फर्जी प्रवेश पत्र तैयार करने वाले तेजवीर सिंह पर कार्रवाई की गई, जबकि बरेली में अलग-अलग नामों से दो केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को बायोमैट्रिक मिलान के आधार पर दबोच लिया गया, जिससे स्पष्ट है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सख्ती पूरी तरह प्रभावी रही। सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर भी कार्रवाई परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक और भ्रामक सूचना फैलाने के मामलों को भी गंभीरता से लिया गया। यूट्यूब चैनल और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से अफवाह फैलाने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लखनऊ में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूरी परीक्षा आयोजन के दौरान प्रशासन ने पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्नत तकनीक, सघन चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी भी बड़े व्यवधान की स्थिति नहीं बनी और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।

School Bomb Threat in Gurugram: बड़े स्कूल निशाने पर, पुलिस अलर्ट मोड में

गुरुग्राम. गुरुग्राम के निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर शहर के कई बड़े निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल भेजी गई। सुबह स्कूल खुलने पर जब यह ई-मेल मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। साथ ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई। गुरुग्राम पुलिस, डाग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने अभियान चलाया। हालांकि, कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस के अनुसार श्री राम, एमिटी व दी एचडीएफसी स्कूल की ओर कंट्रोल रूम में ई-मेल मिलने की सूचना दी गई थी। यह मेल देर रात सभी स्कूलों को भेजी गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बम निराेधक दस्ता व डाग स्क्वायड की टीम ने पूरे कैंपस, क्लासरूम, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर तलाशी ली। सुबह 10 बजे ही सभी बच्चों के अभिभावकों को मैसेज कर जल्दी छुट्टी होने की जानकारी दी गई। इस पर परिवारवाले बच्चों को लेकर घर चले गए। साथ ही कई बच्चों को स्कूल वाहनों से घर छोड़ा जा रहा है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किसी ने भय फैलाने के लिए इस तरह की मेल भेजी। धमकी भरे ई-मेल की जांच की जा रही है। बीते दो महीनों में कई बार धमकी भरे ई-मेल भेजे गए पिछले कुछ महीनों में गुरुग्राम समेत एनसीआर के बड़ी संख्या में निजी स्कूलों को इसी तरह के बम से उड़ाने के धमकी भरे ई-मेल भेजे जा चुके हैं। हालांकि, बाद में सभी फर्जी साबित हुए। करीब दो महीने पहले स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के मामले में एक आरोपित बांग्लादेशी मूल के सौरभ विश्वास को अहमदाबाद से पकड़ा भी गया था।हालांकि, एक बार फिर से धमकी आने पर स्कूल प्रबंधनों और पुलिस के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें

डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें राजेंद्र ग्राम/छबिलाल  थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम के सल्हरो तिराहा के पास मंगलवार शाम करीब 9:00 बजे तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बोलोरो में सवार4 व्यक्तियों को चोटें आईं, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल है जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल है।  कैसे हुआ हादसा। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार ग्राम जरही से बारातियों को लेकर ग्राम बेलगावा के लिए रवाना हुई थी लेकिन साल्हारो तिराहा के पास ड्राइवर को झपकी लग गई। इससे गाड़ी बेकाबू होकर सड़क के किनारे बने डिवाइडर पर चढ़ गई और बेकाबू होकर पलट गई टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।  घायलों की स्थिति  *गंभीर घायल: हुकुमचंद वर्ष पिता स्वर्गीय घनश्याम प्रसाद(28) वर्ष ग्राम जरही कब बताया जा रहा है और मनोज कुमार पिता लाला प्रसाद 25 वर्ष ग्राम सोनिया मार ग्राम पंचायत हर टोला का निवासी बताया जा रहा है।*समान्य घायल: पूरनलाल पिता ओमकार चंद्रवंशी ग्राम जरही और तीन अन्य को मामूली चोटें आई है। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है डॉक्टर के साथ इन दोनों को गंभीर गालों की हालत गंभीर बनी हुई है।

Patiala School Threat: ईमेल से मिली धमकी के बाद स्कूलों में हड़कंप, बच्चों की छुट्टी

पटियाला. पटियाला के स्कूलों को फिर धमकी भरी ईमेल मिली है। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के माता-पिता को मैसेज भेज स्कूल से लेकर जाने के लिए कहा। बीते 9 अप्रैल को भी पटियाला में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से दहशत फैल गई थी। स धमकी में खास तौर पर यादविंद्र पब्लिक स्कूल का नाम भी शामिल बताया गया था। धमकी मिलने के तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन ने सतर्कता दिखाते हुए अभिभावकों को संदेश भेजकर स्थिति की जानकारी दी और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की। वहीं, 23 अप्रैल को लुधियाना के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला था। नमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल थे। पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था।

पिंक टॉयलेट से लेकर स्मार्ट सिटी तक: अंबाला के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

अंबाला भाजपा ने हरियाणा निकाय चुनाव के तहत अंबाला नगर निगम के लिए अपना 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के ध्येय के साथ पार्टी ने शहर के सर्वांगीण विकास, महिला सुरक्षा और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं को अपनी प्राथमिकता बताया है।   महिलाओं और झुग्गीवासियों के लिए विशेष घोषणाएं भाजपा ने वादा किया है कि सभी निकायों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जिनमें सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट देने का भी संकल्प लिया गया है। झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास के लिए गठित विकास बोर्ड को सशक्त कर आवास और बुनियादी सुविधाएं मिशन मोड में प्रदान की जाएंगी।   स्वामित्व योजना और करों में राहत संकल्प पत्र के अनुसार, 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को भूमि व मकान का वैध मालिकाना हक देकर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हाउस टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जाएगा और कृषि उपयोग वाले परिसरों को कर में विशेष राहत दी जाएगी। साथ ही, पानी और सीवरेज के नए कनेक्शनों पर शुल्क माफी की घोषणा भी की गई है।   अंबाला के लिए विशेष विकास परियोजनाएं     सीवरेज और जल प्रबंधन: 11 गांवों में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार और लगभग 170 करोड़ की लागत से नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर-24 में ₹40 करोड़ की लागत से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।       इन्फ्रास्ट्रक्चर: सेक्टर-10 में ₹60 करोड़ की लागत से 500 सीटों वाला अत्याधुनिक सभागार और सेक्टर-23 में ₹10 करोड़ की लागत से नया फायर स्टेशन बनाया जाएगा।       सफाई व्यवस्था: कूड़े से बिजली बनाने के लिए संयंत्र स्थापित किया जाएगा और सफाई कर्मचारियों व मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।       जल निकासी: सेक्टर-23 और 25 में ₹10 करोड़ की लागत से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि जलभराव से मुक्ति मिल सके।   सुरक्षा और स्मार्ट सिटी पहल शहर की सुरक्षा के लिए प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा । स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है । इसके अलावा, प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान जैसी नागरिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा ।    

जसबीर, पंजाबी यूट्यूबर, 10 महीने बाद जेल से बाहर, पाकिस्तान के लिए जासूसी का था आरोप, बोले- भाई का कर्ज चुकाऊंगा

चंडीगढ़  पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने ने जासूसी और संवेदनशील सूचनाएं साझा करने के आरोपी यूट्यूबर जसबीर सिंह को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने देश की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा की हो।  अदालत ने यह भी माना कि आरोपी करीब दस माह से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ आरोप मुख्य रूप से गुप्त सूचना और कथित स्वीकारोक्ति बयान पर आधारित हैं। जसबीर सिंह पर आरोप था कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में रहकर सेना की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा कर रहा था। हालांकि जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से किसी प्रकार की चैट या संपर्क का ठोस प्रमाण नहीं मिला। अदालत ने कहा कि जिन वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया गया वे भाखड़ा बांध और मोहाली हवाई अड्डे जैसे सार्वजनिक स्थानों से जुड़े हैं, जहां आम लोगों की पहुंच रहती है। ऐसे में इन्हें गोपनीय सूचना मानना उचित नहीं है। अदालत ने यह भी पाया कि संबंधित धाराओं और कानूनी प्रक्रिया के पालन में कमी रही है, जिससे अभियोजन का पक्ष कमजोर हुआ है।  वह सभी के शुक्रगुजार रहेंगे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि राज्य सरकार यह साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी कि जसबीर किसी पाकिस्तानी नागरिक या खुफिया अधिकारी के संपर्क में था। जिन वीडियो को जासूसी का सबूत बताया गया था, वे सार्वजनिक स्थानों के थे, जहां आम जनता जा सकती है। साथ ही पुलिस उनके मोबाइल से किसी भी तरह की चैट या गोपनीय जानकारी साझा करने का कोई स्वतंत्र और ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। इसी आधार पर उन्हें जमानत मिल गई। हालांकि अभी तक उन्होंने मीडिया से दूरी बनाकर रखी हुई है। वह अपने यूट्यूब चैनल से अपनी बात रख रहे हैं। जेल में पता लगा परिवार कितना प्यार करता है जॉन माहल ने अपने खेतों से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने जेल के दिनों को याद करते हुए भावुक बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वह जेल का समय याद करते हैं, उनकी आंखें भर आती हैं। माहल ने बताया कि जब परिवार उनसे मिलने जेल आता था, तो बीच में जाली लगी होती थी। एक तरफ वह होते थे और दूसरी तरफ उनका परिवार। उन्हें देखकर परिवार रोने लगता था, वहीं उनके भाई भी भावुक हो जाते थे। उस समय उन्हें एहसास हुआ कि परिवार उनसे कितना प्यार करता है। उन्होंने कहा कि बाद में वह घरवालों से कहने लगे थे कि मिलने न आया करें। भाई का कर्ज कभी नहीं चुका पाऊंगा माहल ने अपने भाई का जिक्र करते हुए कहा कि मुश्किल समय में उसने उनका बहुत साथ दिया। तीन-चार महीने तक वह लगातार कोर्ट में बैठा रहा। पुरानी यादें साझा करते हुए माहल ने बताया कि जब वह बाहर थे, तब उन्होंने करियर में आगे बढ़ने के लिए काफी पैसा लगाया था। इसी दौरान उनके पिता का एक्सीडेंट हो गया और वह कोमा में चले गए। वहीं उनकी मां को ट्यूमर हो गया। तीन-चार महीनों के भीतर दोनों का निधन हो गया। माहल ने कहा कि उस मुश्किल दौर में उनके भाई ने माता-पिता की जिस तरह सेवा की, उसका एहसान वह जिंदगीभर नहीं चुका सकते।

योगी सरकार शिक्षा ढांचे को मजबूत करने में लगी, बच्चों को मिलेगा बेहतर शैक्षिक वातावरण

शिक्षा ढांचे को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार, बच्चों को बेहतर-सुविधायुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर  अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा (एसीएस) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दिया निर्देश  बच्चों को स्कूल में अच्छा और सुविधायुक्त माहौल देने के लिए योगी सरकार ने उठाया कदम  मजबूत होंगी ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से स्कूलों में सुविधाएं  प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को स्कूलों में पाई जाने वाली कमियों को चिह्नित कर जल्द से जल्द दूर कराने के निर्देश लखनऊ  विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को बेहतर और सुविधायुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने प्रदेश भर में स्कूलों के कायाकल्प को गति देते हुए बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यालयों में मौजूद अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं का अभाव अब स्वीकार्य नहीं होगा और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।  योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है, जिससे प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर और सुसज्जित विद्यालयी वातावरण मिल सके। कमियों को दूर करने के लिए चलेगा विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत अब तक हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष कमियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गैप एनालिसिस के माध्यम से हर विद्यालय की जरूरतों का आकलन कर उन्हें पूरा किया जाएगा। जहां संसाधनों की कमी होगी, वहां कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) और संबंधित विभागों के सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि कोई भी स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। ‘प्रोजेक्ट अलंकार’: अधोसंरचना को और मजबूत बनाने के निर्देश माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के अंतर्गत अधोसंरचना को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन स्कूलों में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। यदि अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो, तो समेकित प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा जाए, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। विद्यालयों को ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश इसके साथ ही सभी विद्यालयों को ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल अपनी आवश्यकताओं को दर्ज करेंगे और एनजीओ, सीएसआर व अन्य सहयोगियों के माध्यम से उन जरूरतों को पूरा किया जाएगा। जिला स्तर पर इसकी सतत निगरानी की जाएगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

इंदिरापुरम हाईराइज में आग से हड़कंप: गौर ग्रीन एवेन्यू में 8 फ्लैट प्रभावित, दमकल की 20 गाड़ियां मौके पर

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से बड़ी खबर सामने आई है. यहां इंदिरापुरम के अभय खंड स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा. इस घटना की सूचना मिलते ही सोसाइटी में हड़कंप मच गया. लोग अपने-अपने फ्लैटों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. अब फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को तुरंत मौके पर पहुंचने और स्थिति की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग अब कंट्रोल में है, हालांकि कूलिंग का काम अभी भी जारी है. फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि आग 9वीं मंजिल से शुरू हुई थी. हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. फायर ऑफिसर राहुल ने बताया कि सोसाइटी का फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा था, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में काफी मदद मिली. आग लगने के बाद तुरंत अलार्म बजा और लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया. राहत की बात यह है कि अब तक किसी के अंदर फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है. एक बुजुर्ग व्यक्ति को एहतियातन एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, वह पहले से ही अस्वस्थ थे. इस अग्निकांड में कुल आठ फ्लैट प्रभावित हुए हैं. आग इतनी भीषण थी कि 9वीं मंजिल से उठी लपटें 13वीं मंजिल तक पहुंच गई थीं. काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था. मौके पर फायर ब्रिगेड की करीब 20 गाड़ियां तैनात की गईं. हालांकि, पार्क की दीवार के कारण दमकल की गाड़ियों से पानी का दबाव ऊपरी मंजिलों तक पहुंचाने में शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सुबह 8:30 बजे मिली थी आग लगने की सूचना सुबह करीब 8:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. फिलहाल, आग पूरी तरह बुझने के बाद सभी फ्लैटों की विस्तृत जांच की जाएगी. इसके बाद ही नुकसान का सही आकलन और आग लगने के कारणों का खुलासा हो सकेगा. मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने कहा कि आग करीब साढ़े आठ बजे दिखाई दी थी. आग से अब तक आठ फ्लैट प्रभावित हुए हैं. हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार अभी तक किसी के अंदर फंसे होने की सूचना नहीं मिली है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं. कई लोगों ने घटना के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए, जो वायरल हो रहे हैं.

कम लागत में ज्यादा कमाई : प्राकृतिक खेती से बदल रही यूपी के किसानों की तकदीर

प्राकृतिक खेती से बेहतर आय अर्जित कर रहे 2.60 लाख किसान कम लागत में ज्यादा कमाई : प्राकृतिक खेती से बदल रही यूपी के किसानों की तकदीर प्राकृतिक खेती योजनाओं के अंतर्गत 75 जिलों में 2356 क्लस्टर में 1.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित गो आधारित प्राकृतिक खेती योजना के तहत बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जनपदों में 470 प्राकृतिक क्लस्टर संचालित बुंदेलखंड में 23 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र आच्छादित, 22 हजार किसानों को मिला लाभ लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खेती अब सिर्फ गुजारे का जरिया नहीं, बल्कि कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला व्यवसाय बनती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘प्राकृतिक खेती मिशन’ के जरिए खेती-किसानी की तस्वीर बदल रही है। रासायनिक खाद और महंगे कीटनाशकों के जाल से निकलकर अब किसान देसी संसाधनों के सहारे खेती कर रहे हैं और यही बदलाव उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है। प्रदेश में इस समय 75 जिलों में 2356 क्लस्टर के जरिए 1.14 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्राकृतिक खेती के दायरे में आ चुका है। इसका सीधा फायदा 2.60 लाख किसानों को मिल रहा है। खास बात यह है कि यह खेती सिर्फ उत्पादन का तरीका नहीं बदल रही, बल्कि किसानों के खर्च को कम करके उनकी आमदनी बढ़ाने का रास्ता भी खोल रही है। बुंदेलखंड बना अभियान का मजबूत चेहरा इस अभियान का मजबूत चेहरा बुंदेलखंड बनकर उभरा है। झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट जैसे जिलों में ‘गो-आधारित प्राकृतिक खेती’ ने नई उम्मीद जगाई है। बुंदेलखंड क्षेत्र के करीब 23 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली इस पहल ने पहले के समय सूखा और संसाधनों की कमी से जूझ रहे इलाके को एक नए मॉडल में बदल दिया है। इसका लाभ 22 हजार किसानों को मिला। गो आधारित जीवामृत और घनजीवामृत के इस्तेमाल से खेती की लागत तेजी से घटी है, वहीं फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है। किसानों को कम खर्च में मिल रहा बेहतर उत्पादन गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि बुंदेलखंड में शुरू हुआ यह मॉडल अब पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बन रहा है। किसानों को कम खर्च में बेहतर उत्पादन मिल रहा है और बाजार में प्राकृतिक उत्पादों की मांग उन्हें अतिरिक्त लाभ दे रही है। किसानों की जेब पर बोझ घटाकर उनकी आमदनी बढ़ाना और लोगों को रसायनमुक्त भोजन उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकता है।  सुरक्षित और स्वास्थ्यकर खाद्यान्न खेतों में केमिकल की जगह गो-आधारित फसलों से किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि योगी सरकार का यह प्रयोग न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि प्रदेश को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर खाद्यान्न की दिशा में भी आगे बढ़ा रहा है।