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सीएम डॉ. मोहन ने एमपी में 4 जंगली भैसें रिलीज की, वाइल्ड लाइफ और ईको-सिस्टम पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव

और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ, सीएम डॉ. मोहन ने रिलीज किए 4 जंगली भैसें, ईको-सिस्टम पर होगा इतना असर – बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्हा टाइगर रिजर्व में छोड़े भैंसे – ईको-सिस्टम के साथ-साथ टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल भोपाल  मध्यप्रदेश के वाइल्ड लाइफ और ईको-सिस्टम के लिए 28 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। आज प्रदेश की धरती यानी कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैसों की आमद हुई। इनमें एक नर और तीन मादा हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में इन भैसों को रिलीज किया। इन भैसों की आमद से एक तरफ प्रदेश के जंगल समृद्ध होंगे, तो दूसरी तरफ टूरिज्म पर भी सकारात्मक असर होगा। इनके आने से स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा। मध्यप्रदेश सरकार इन भैसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाई है।  इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। 150 साल बाद मध्यप्रदेश की धरती पर, कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर जंगली भैंसा आया है। यह हमारे पर्यावरण के लिए, पारिस्थितिक तंत्र के लिए अद्भुत अवसर है। हमारी अपनी धरती पर हमारे यहां से गए हुए मेहमान का शुभागमन है। इनके आने से पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही अवसरों से हमारा जंगल समृद्ध होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वो सारे वन्य प्राणी जो एक-एक करके विलुप्त हो गए थे और यहां से चले गए थे, वो अब मध्यप्रदेश के जंगल में आ रहे हैं।  बढ़ेगा टूरिज्म और रोजगार सीएम डॉ. यादव ने कहा कि इन जानवरों से हमारे जंगलों की शोभा बढ़ेगी। यह आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। टूरिज्म पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे हमारा असम के साथ एक नया रिश्ता भी बना है। मैं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को भी धन्यवाद देता हूं। पिछली मुलाकात में हमने जंगली भैंसा और गैंडा लाने की बात की थी। आज उस मुलाकात का पहला चरण शुरू हुआ है। 4 जंगली भैंसे हमारे पास आए हैं। इनमें तीन फीमेल और एक मेल है। ये किशोरावस्था से आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए स्वस्थ रहेंगे। ये मां कामाख्या का आशीर्वाद भी हैं।   भावी पीढ़ी को मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा प्रदेश चीता और लेपर्ड स्टेट है। प्रदेश में मगरमच्छ घड़ियाल और भेड़िया भी पर्याप्त संख्या में पाए जाते हैं। प्रदेश अब वल्चर स्टेट यानी गिद्ध स्टेट भी बना है। वन्य प्राणियों के मामले में मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश अब इन वन्य प्राणियों से दोबारा समृद्ध हो रहा है। कई सौ साल पहले विलुप्त हुए पर अपनी प्राणियों के पुनर्स्थापना से मध्य प्रदेश के समृद्ध वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण का सपना साकार हो रहा है। हमारा यह प्रयास भावी पीढ़ियों को लाभ देगा। लिखा जा रहा नया इतिहास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकारें अधोसंरचना और जन कल्याण के काम तो करती ही हैं, लेकिन परिस्थिति तंत्र के लिए कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2022 में समूचे एशिया महाद्वीप से गायब हो चुके चीतों को फिर से बसाया गया। हमारे गांधी सागर और श्योपुर के कुनो में चीते आनंद से रह रहे हैं। हमारा नोरादेही अभ्यारण्य भी चीतों के लिए तैयार हो रहा है। अभी कल के दिन भी हमने नारी सशक्तिकरण का एक बड़ा निर्णय करते हुए विधानसभा का विशेषण बुलाया और आज ही हमने जंगल की खूबसूरती बढ़ाने के लिए जंगल के नए मेहमान का स्वागत किया है। कान्हा की धरती हमारे जंगल का नया इतिहास लिखा जा रहा है।

प्रजापति विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नामांकित

प्रजापति विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नामांकित शासन ने जारी किया आदेश भोपाल राज्य शासन ने विन्ध्य क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास को गति देने की दिशा में विन्ध्य विकास प्राधिकरण में महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। जारी आदेश के अनुसार पंचूलाल प्रजापति को विन्ध्य विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नामांकित किया गया है। साथ ही, डॉ. अजय सिंह तथा संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आदेश के माध्यम से प्राधिकरण के पुनर्गठन की प्रक्रिया को प्रभावी रूप दिया गया है।  

सीएम योगी का बयान: यूपी पुलिस भारत की इकॉनमी ग्रोथ में अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही है

भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही यूपी पुलिसः सीएम योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।  मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।  9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव  सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है। 9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।  साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा। खेलों में यूपी पुलिस प्राप्त करती है अधिक मेडल सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।  यूपी पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।  भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी योगदान दे रही यूपी पुलिस सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।  सीएम ने फिट रहने का दिया मंत्र सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। अगले 8 महीने की आपकी ट्रेनिंग महत्वपूर्ण होगी। सीएम ने युवाओं व पुलिस कार्मिकों को फिट रहने का मंत्र दिया। कहा कि फिजिकली फिट रहेंगे तो मेंटली भी फिट होंगे और तभी ईमानदारी से देश व समाज को सेवा दे पाएंगे।  सामान्य वॉकी-टॉकी से आगे बढ़कर दूरसंचार बल … Read more

महिला आरक्षण पर कृष्णा गौर का पलटवार, कांग्रेस के 3 भ्रामक दावे किए नकारे, विपक्ष को कौरव कहा

भोपाल  मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। इसी उद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सीएम मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के तहत परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा की शुरूआत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने की। संकल्प का समर्थन करते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। गौर ने इस दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को कौरव बताया और कहा कि- महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। कृष्णा गौर ने इसके बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर 3 भ्रामक दावे किए है। विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- उन्होंने तोड़ा महिलाओं का दिल मंत्री कृष्णा गौर ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ब महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाया गया था, तब पूरे देश की महिलाओं को उम्मीद जगी थी लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मनगढ़ंत और तर्कहीन कारणों के आधार पर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। यह केवल विधेयक को गिराना नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान पर प्रहार था। ओबीसी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा कृष्णा गौर ने स्वयं को ओबीसी वर्ग की महिला बताते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के द्वारा यह दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं और पिछड़े वर्गों को वास्तविक अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। कौरवों का उदाहरण देकर दी चेतावनी अपने भाषण के अंत में कृष्णा गौर ने महाभारत का उदाहरण देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि- भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने गए थे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और परिणाम महाभारत के रूप में सामने आया। आज फिर एक यदुवंशी मोहन आपको समझाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप नहीं समझे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। गौर ने विपक्ष से अपील की कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करे।  उन्होंने मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने किए 3 भ्रामक दावे नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को रोकने के लिए भ्रामक और तर्कहीन दलीलों का सहारा लिया, लेकिन उनके सभी दावों की सच्चाई सामने आ गई।     मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का पहला भ्रम यह था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारत के राज्यों को सीटों का नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50% के समान अनुपात से बढ़ाने का प्रावधान है, जिससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।     दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर उन्होंने खुद का उदहारण दिया और कहा कि अगर किसी दल ने ओबीसी समाज को सम्मान दिया है, तो वह केवल भाजपा है। कांग्रेस ने तो कभी उन्हें संगठन और सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।     तीसरे भ्रामक दावे को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण”का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जानबूझकर उठा रही है। उ

अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश,गोपालगंज लूट केस में मुंबई तक जुड़े तार

 गोपालगंज बिहार के गोपालगंज जिले में दीपक ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूट और हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गिरफ्तार अपराधी के बयान से पता चला है कि इस पूरी वारदात की साजिश गुजरात के एक होटल में रची गई थी और इसमें अंतरराज्यीय गिरोह शामिल था, जिसके तार मुंबई तक जुड़े हैं। गुजरात के होटल में बनी थी साजिश भोरे थाना क्षेत्र के लाला छापर स्थित दीपक ज्वेलर्स में हुई इस वारदात को लेकर गिरफ्तार अपराधी सुमित सिंह उर्फ रोहित ने पुलिस को बताया कि करीब 20 दिन पहले गुजरात के उमरगांव स्थित होटल ‘दर्शन’ में गिरोह के सभी सदस्य इकट्ठा हुए थे। यहीं पर कुख्यात मनिंदर मिश्रा उर्फ बड़का भैया और गोलू मिश्रा ने लूट की पूरी योजना बनाई थी। लूट के लिए करोड़ों का लालच, 10-10 लाख का वादा अपराधियों को बताया गया था कि ज्वेलर्स की दुकान में करोड़ों के जेवरात हैं। लूट के बाद मिलने वाले हिस्से से सभी मुंबई में आराम की जिंदगी जी सकते हैं। गिरोह के हर सदस्य को काम के बदले 10-10 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। मुंबई से मंगाए गए थे आधुनिक हथियार वारदात को अंजाम देने के लिए हथियारों का बड़ा जखीरा मुंबई से मंगाया गया था। सुमित ने बताया कि गोलू मिश्रा खुद मुंबई गया था और वहां से हथियार लेकर आया। इसके बाद विशाल यादव और सुमित को मुंबई बुलाया गया, जहां उन्हें एक बैग दिया गया, जिसमें 7 पिस्टल और 200 जिंदा कारतूस थे। इसके बाद सभी ट्रेन से वलसाड से गोरखपुर पहुंचे और फिर गोपालगंज पहुंचे। विरोध करने पर गोली मारने का था आदेश अपराधियों को साफ निर्देश दिया गया था कि लूट के दौरान अगर कोई विरोध करे, तो उसे सीधे गोली मार दी जाए। इसी वजह से दुकान में घुसते ही अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गिरोह में विशाल यादव, शत्रुघ्न राम, रोहित राम, फरमान और गोल्डन जैसे अपराधी शामिल थे। सभी दो बाइक और एक बोलेरो से वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। झाड़ियों से बरामद हुए जेवरात और हथियार पुलिस ने गिरफ्तार सुमित की निशानदेही पर करमासी गांव के एक बगीचे से लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात और घटना में इस्तेमाल पिस्टल बरामद कर लिए हैं। सुमित ने बताया कि घटना के बाद जब भीड़ ने उनका पीछा किया, तो वह डर गया और जेवरात व हथियार झाड़ियों में छिपाकर भागने की कोशिश की। पुलिस इस मामले में बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।  

जमीन कब्जा केस में जेडीयू विधायक अमरेंद्र पांडेय को कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा

 गोपालगंज गोपालगंज से जेडीयू विधायक अमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को बड़ी राहत मिली है। जमीन कब्जे और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के एक गंभीर मामले में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर 7 मई तक रोक लगा दी है। विधायक के साथ उनके सहयोगी राहुल तिवारी को भी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई है। इस फैसले के बाद गोपालगंज की सियासत में हलचल तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? यह पूरा विवाद गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के बेलहिया से जुड़ा है। आरोप है कि विधायक अमरेंद्र पांडेय और उनके करीबियों ने फर्जी कागजातों के जरिए सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। इस मामले में उन पर भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण देने का भी गंभीर आरोप है। किरण सिन्हा नामक महिला की शिकायत के बाद मीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पिछले दिनों विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। कोर्ट में हुई जोरदार बहस सोमवार को इस मामले पर कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। विधायक की ओर से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता मनन मिश्र ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट के सामने दलील दी कि विधायक को राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस डायरी और एलसीआर रिकॉर्ड की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक विधायक के खिलाफ कोई भी सख्त कदम न उठाया जाए। 7 मई को होगी अगली सुनवाई कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई को तय की है। तब तक पुलिस डायरी और अन्य संबंधित दस्तावेजों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। विधायक पप्पू पांडेय के समर्थकों के लिए यह एक बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। विधायक ने हमेशा इन आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार और शासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

पलामू प्रमंडल में हड़कंप,झारखंड पुलिस ने जमीन माफियाओं के खिलाफ कसी कमर

गढ़वा गढ़वा समेत पूरे पलामू प्रमंडल में जमीन के काले कारोबार के जरिए खूनी खेल खेलने वाले माफियाओं और सफेदपोशों की अब खैर नहीं. पलामू प्रमंडल के डीआईजी किशोर कौशल ने भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े ‘मिशन मोड’ ऑपरेशन का बिगुल फूंक दिया है. डीआईजी ने प्रमंडल के तीनों जिलों गढ़वा, पलामू और लातेहार के पुलिस कप्तानों को एक सप्ताह के भीतर सक्रिय भू-माफियाओं की रिपोर्ट सौंपने को कहा है. सिंडिकेट के मास्टरमाइंड पर होगी सीधी कार्रवाई मिली जानकारी के अनुसार, इस निर्देश के मिलते ही गढ़वा पुलिस ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है. पुलिस अब केवल छोटे दलालों को नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे से सिंडिकेट चलाने वाले ‘मास्टरमाइंड’ को सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी में है.  पलामू प्रमंडल में जमीन माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी. डीआईजी ने गढ़वा, पलामू और लातेहार पुलिस से एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है. बड़े आरोपियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे बढ़ती घटनाओं ने बढ़ाई पुलिस की चिंता हाल के दिनों में गढ़वा जिले में जमीन विवाद के कारण फायरिंग और हत्या जैसी घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है. जांच में सामने आया है कि कई रसूखदार लोग अपराधियों को फंडिंग कर रहे हैं. पुलिस अब इनके मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही है. पुलिस की रणनीति इस बार माफियाओं को भागने का मौका नहीं देने की है. कहा गया कि तीनों जिलों की पुलिस संयुक्त समन्वय के साथ छापेमारी करेगी. सूची फाइनल होते ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी. तीन श्रेणियों में बंटेंगे माफिया पुलिस की ओर से तैयार की जा रही लिस्ट में माफियाओं को उनके अपराध की गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों (ए, बी और सी) में बांटा जा रहा है. श्रेणी-ए (हाई रिस्क):- वैसे बड़े खिलाड़ी जिनका सीधा कनेक्शन संगठित आपराधिक गिरोहों से है. श्रेणी-बी (मिड लेवल):- सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले और बिचौलिये. श्रेणी-सी (एजेंट): -जमीन चिह्नित करने वाले छोटे मददगार. इन पर पुलिस की पैनी नजर फर्जी खतियान और डीड बनाकर सरकारी या निजी जमीन हड़पने वाले. जमीन विवाद को जानबूझकर खूनी संघर्ष में तब्दील करने वाले तत्व. जमीन के धंधे में अपराधियों को पैसा लगाने वाले पर्दे के पीछे के फाइनेंसर. क्या कहते हैं डीआईजी? पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी, किशोर कौशल ने कहा कि प्रमंडल के तीनों जिलों से एक सप्ताह के भीतर सूची मांगी गई है. रिपोर्ट मिलते ही चिह्नित माफियाओं के विरुद्ध सीसीए और गैंगस्टर एक्ट जैसी कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी. जमीन विवाद के नाम पर रंगदारी और हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी. 

सुशासन तिहार और जनगणना के लिए प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

सुशासन तिहार और जनगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार  30 अप्रैल तक लंबित प्रकरण निपटाने के निर्देश 1 मई से दो बड़े अभियान शुरू : 73 शिविरों के साथ सुशासन तिहार टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल की समीक्षा, प्रशासनिक तैयारियों को दिया अंतिम रूप बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक लेकर आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार और जनगणना कार्य की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 30 अप्रैल तक सभी लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश देते हुए दोनों महत्वपूर्ण अभियानों को सफल बनाने के लिए पूरी मुस्तैदी से कार्य करने को कहा।       कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित टीएल बैठक में जिले में शुरू होने जा रहे दो बड़े अभियानों—सुशासन तिहार और जनगणना—की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन तिहार प्रारंभ होने से पहले सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर लिया जाए, ताकि शिविरों में आमजन को त्वरित राहत मिल सके। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के दौरान कुल 73 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 31 शिविर ग्रामीण क्षेत्रों और 42 शिविर शहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी जनपद पंचायत के सीईओ तथा शहरी क्षेत्रों में निगम आयुक्त एवं संबंधित सीएमओ को सौंपी गई है। शिविर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित स्थलों पर आयोजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को समय पर उपस्थित रहने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर शिविरों की जानकारी देने के निर्देश दिए।           बैठक में 1 मई से शुरू हो रही जनगणना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नागरिकों से 30 अप्रैल तक स्व-गणना फॉर्म भरने की अपील करते हुए कहा कि जनगणना में जानकारी देना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है। जानकारी न देने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना से प्राप्त जानकारी का उपयोग केवल नीति निर्माण के लिए किया जाएगा तथा जनगणना अधिनियम 1948 के तहत डेटा की गोपनीयता पूर्णतः सुरक्षित रखी जाएगी। 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर 34 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित करेंगे। कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिनसे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके और जिनके लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है।           प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शेष पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 1.02 लाख किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि लगभग 25 हजार और किसानों को इससे जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अग्रिस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किसानों को ही खाद उपलब्ध कराया जाएगा और 1 मई से सॉफ्टवेयर शुरू होने पर वितरण प्रक्रिया प्रारंभ होगी। बैठक में आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने टीएल, जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, पीएम पोर्टल तथा उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस ने किया बड़ा कदम, पदस्थ बड़े नेता को सस्पेंड किया, गंभीर आरोप लगे; पूरी कहानी जानें

रायपुर  छत्तीसगढ़ के इस जिले में कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने अपने ही नेता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बिरगांव के कांग्रेसी पार्षद ओम प्रकाश साहू पर चोरी का पैसा छिपाने का आरोप लगा है। मामले की जानकारी पर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ने उन्हें पार्टी से बाहर निकाला है। कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं है।   जानकारी के अनुसार, एक कारोबारी से करीब 50 लाख रुपये की लूट हुई थी। आरोपी चालक कृष्णा साहू कारोबारी से लाखों रूपए लेकर फरार हो गया था। मामले में कारोबारी ने पुलिस को शिकायत सौंपी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चालक कृष्णा साहू द्वारा चोरी के पैसों को छिपाने में ओम प्रकाश साहू की भूमिका सामने आई है। ओम प्रकाश साहू की पहचान बिरगांव के कांग्रेसी पार्षद के रूप में हुई है। जिसके बाद पार्टी ने सख्त कार्रवाई करते हुए पार्षद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिरगांव के अध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने यह कार्रवाई की। वहीं, पुलिस ने बिरगांव के कांग्रेसी पार्षद ओम प्रकाश साहू को चोरी का पैसा छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। ऐसे में मामला केवल आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। इधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन) मलकीत सिंह गेंदू को भेज दी गई है, ताकि आगे जरूरी कार्रवाई की जा सके। इससे साफ है कि पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इसमें कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती।

MSME टेक्नोलॉजी सेंटर से बिहार को नई रफ्तार, मांझी ने विपक्ष को घेरा

बिहटा/पटना. बिहटा के सिकंदरपुर में मंगलवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार के नए प्रौद्योगिकी केंद्र का शुभारंभ किया गया। मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी और विभागीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दीप प्रज्‍जवलन के बाद श‍िलापट का अनावरण किया। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में एक्सटेंशन सेंटर भी खोले गए।  बिहार के लाेगों के लिए होगा फायदेमंद उद्धाटन समारोह स्‍थल पर कई स्‍टॉल लगाए गए। सीएम और केंद्रीय मंत्री ने इनका निरीक्षण किया। इस केंद्र के बारे में बताया गया कि बिहार के युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी। खासकर एससी एवं एसटी वर्ग के लोगाें को अपने कारोबार को शुरू करने एवं बढ़ावा देने में इससे मदद मिलेगी। उन्‍हें सरकारी लाभ के बारे में भी जानकारी मिलेगी।  विपक्ष पर मांझी ने क‍िया जोरदार हमला  एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री मांझी ने इसकी सूचना साझा करते हुए विपक्ष पर तंज कसा था। अपने एक्‍स हैंडल पर उन्‍होंने लिखा, हमेशा अपने गया जी के लिए ख़ुशख़बरी सुनाते थे तो विरोधिया सब पूछता था बिहार को का मिला? लिजिए भाई अब बिहार के लिए भी खुशखबरी सुन लीजिए। 28 अप्रैल को दिन के 11 बजे, मतलब परसों सुबह 11 बजे पटना के बिहटा(सिकंदरपुर) में अपने मंत्रालय द्वारा अरबों की लागत से टेक्नॉलॉजी सेंटर का उदघाटन किया जा रहा है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और सीएम के विशेष आग्रह पर मुंगेर में बना एक्सटेंशन सेंटर का उद्घाटन किया जा रहा है। मांझी ने आम जन से अपील की क‍ि आप सब भी आईए आउर दोनों हाथ उठाकर कहिए, नरेंद्र मोदी संग चल पड़ा बिहार,जय हो मोदी सरकार।