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सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उपस्थिति का तैयार होगा रोस्टर, आय- जाति- निवास प्रमाणपत्र व खतौनी आदि के लिए होगा त्वरित निस्तारण

लखनऊ योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अब प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसको लेकर राजस्व परिषद की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में रोस्टर तैयार कर 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।  ग्रामीणों को नहीं लगाने पड़ेंगे तहसीलों के बार-बार चक्कर  राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पहले से स्थापित ग्राम सचिवालयों का उद्देश्य विभिन्न विभागों की सेवाओं को ग्रामीणों तक एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। पंचायतीराज विभाग के पूर्व आदेशों के अनुरूप ग्राम सचिवालयों में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। अब इसी व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए लेखपालों की नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों का त्वरित निस्तारण हो सके। बता दें कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से पंचायत सहायकों द्वारा संचालित ऑनलाइन सेवाओं में राजस्व विभाग की कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इनमें आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र, खतौनी की नकल सहित लगभग दस प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। इन सेवाओं के समयबद्ध निस्तारण में लेखपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में ग्राम सचिवालय में उनकी नियमित उपलब्धता से ग्रामीणों को तहसील के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी। ग्राम स्तर पर लेखपालों के बैठने के लिए कोई निश्चित व्यवस्था नहीं होने से लोग होते थे परेशान  राजस्व परिषद ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि लेखपाल केवल प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्य ही नहीं करते, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी के रूप में भी कार्य करते हैं। तहसील दिवस, थाना दिवस, वरासत, स्वामित्व योजना, किसान सम्मान निधि, राहत एवं पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, भूमि विवादों का निस्तारण, कृषि गणना, जनगणना, फसल गिरदावरी, प्राकृतिक आपदाओं की रिपोर्ट, अवैध कब्जों की जांच, खनन संबंधी सत्यापन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े सत्यापन तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों के सत्यापन जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्व भी लेखपाल निभाते हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में भी लेखपालों की रिपोर्ट और सत्यापन की आवश्यकता पड़ती है। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपालों के बैठने के लिए कोई निश्चित व्यवस्था नहीं होने के कारण आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को कई बार लेखपाल से मिलने के लिए तहसील या अन्य स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। इस समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से अब प्रत्येक जनपद में रोस्टर बनाकर लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। 1 जुलाई से लागू होगी व्यवस्था राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने-अपने जनपदों में लेखपालों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें और उनकी उपस्थिति का रोस्टर निर्धारित करें। यह व्यवस्था 1 जुलाई से प्रभावी रूप से लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था से ग्राम सचिवालय ग्रामीणों के लिए 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर' के रूप में विकसित होंगे। इससे न केवल आमजन को राहत मिलेगी, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली भी अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू होगी योजना, ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

रायपुर  देशभर में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू हो रही है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और आधारभूत विकास को नई गति देने के उद्देश्य से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत -2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में ग्रामीण भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, आजीविका संवर्धन और गांवों के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान       योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे टिकाऊ कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम की परिकल्पना को साकार करने के लिए योजना में कुल 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2026-27 के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 2 जुलाई को होगा शुभारंभ          छत्तीसगढ़ में योजना के शुभारंभ एवं क्रियान्वयन को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें वे देश के विभिन्न राज्यों से संवाद करेंगे। प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ग्रामीणों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़कर संवाद करेंगे। ग्राम सभा की भूमिका होगी सशक्त  इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था होगी, कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। इसी तरह डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के साथ ग्राम सभा की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाया गया है। ग्राम सभा द्वारा तैयार की जाएगी पंचायतों के विकास कार्यों की कार्ययोजना              वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना से ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका के नए अवसर प्रदान करेगी। सामाजिक अंकेक्षण एवं डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।        विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों में विकास की स्थायी आधारशिला तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति की बैठक, उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया में 156 खिलाड़ी पात्र

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री  अरुण साव सहित समिति के सदस्यों ने वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम स्वरूप प्रदान किया। इनमें 20 अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं।  बैठक में अनुमोदित 156 खिलाड़ियों की सूची को सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इसे अधिसूचित करने के बाद खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में लेने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ होगी। राज्य के खिलाड़ी लंबे समय से इस सूची की प्रतीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय की अध्यक्षता में आज हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद खिलाड़ियों का यह इंतजार जल्द समाप्त हो जाएगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी, समयबद्ध और प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चयनित उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पात्रता के अनुरूप उन्हें शासकीय सेवा में नियुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों का अनुभव और उपलब्धियां प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, इसलिए उनकी सेवाओं का उपयोग खेल प्रशिक्षण, प्रतिभा संवर्धन और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करना है, जहां गांव से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं की समय रहते पहचान हो, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से खेल गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा खेल प्रतिभाओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल अधोसंरचना के विस्तार, आधुनिक सुविधाओं के विकास तथा नई खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसे उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करना है जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आज चयनित खिलाड़ी भविष्य में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 182 उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए पूर्व में विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण और निर्धारित मानकों के आधार पर 156 खिलाड़ियों को पात्र पाया गया। बैठक में वन मंत्री  केदार कश्यप, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चंपावत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम उपस्थित थीं।

भोपाल मेट्रो परियोजना के स्टेकहोल्डर्स की कोऑर्डिनेशन बैठक हुई

भोपाल भोपाल मेट्रो परियोजना प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों का आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। विभागीय स्तर पर लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्यों में गति लाई जाए जिससे नागरिकों को शीघ्र आधुनिक, सुरक्षित एवं सुगम मेट्रो परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने मंगलवार को भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के सुचारू संचालन के लिये विभिन्न विभागों के साथ स्टेकहोल्डर्स कोऑर्डिनेशन बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता सामूहिक उत्तरदायित्व और अंतर-विभागीय सामंजस्य पर ही निर्भर है। आयुक्त  भोंडवे द्वारा मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा और विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में मेट्रो परियोजना से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना जैसे सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, जल निकासी तथा ड्रेनेज की सघन सफाई पर विस्तार से चर्चा हुई। वर्षा ऋतु के दृष्टिगत संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में नागरिकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही परियोजना के मार्ग में आने वाले अतिक्रमणों को हटाने, सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन की शिफ्टिंग, विभिन्न उपयोगिता सेवाओं (यूटिलिटी सर्विसेज) के त्वरित स्थानांतरण तथा होर्डिंग्स एवं वृक्षों के वैज्ञानिक विस्थापन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी गहन समीक्षा की गई। आयुक्त  भोंडवे ने लंबित कार्यों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को तत्परता से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे निर्माण कार्य में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्माण अवधि के दौरान सुगम यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच संवाद को अधिक जीवंत व निरंतर बनाए रखने पर विशेष बल दिया। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित आयुक्त नगर निगम भोपाल, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, एनएचएआई एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहें।  

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

भोपाल  पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह जून में सेवानिवृत्‍त 11 कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने मंगलवार  को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍न स्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंस हॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री आदर्श कटियार,  श्री पंकज श्रीवास्‍तव,  अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक सोलोमन यश कुमार मिंज, पुलिस महानिरीक्षक श्री हरिनारायणचारी मिश्र एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍त उप पुलिस अधीक्षक अ.अ.वि.  शहनाज खान, निरीक्षक विशेष शाखा श्री प्रकाश नारायण लाम्‍बे, कार्यवाहक निरीक्षक एससीआरबी श्री संतोष कुमार सेन, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) प्रशिक्षण श्री जुल्फिकार अली खान, आंकिक/सूबेदार (एम) कार्मिक  सुमन अमोली, उप निरीक्षक अ.अ.वि. श्री आनंदीलाल, उप निरीक्षक अ.अ.वि. श्री भानसिंह यादव, उप निरीक्षक एससीआरबी श्री प्रकाश राजपूत, उप निरीक्षक (एम)  अ.अ.वि.  स्मिता दाणी, कार्यवाहक उप निरीक्षक विशेष शाखा श्री राजेन्‍द्र प्रसाद निगम तथा आरक्षक (एम) रा.औ.सु.बल सुश्री सुषमा रैकवार को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने मंगलवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक  अंशुमान अग्रवाल ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल की जानकारी दी। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर उठा बड़ा सवाल, MP हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब; 3 अगस्त तक का समय

इंदौर  एक व्यक्ति को एक ही बार प्रधानमंत्री बनाया जाए। देश में वन नेशन-वन पोस्ट की व्यवस्था लागू की जाए। इस मांग के साथ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को जस्टिस संजीव एन. भट्ट की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यह याचिका आलीराजपुर के 70 वर्षीय वकील डॉ. शंकरलाल वागवान ने एमपी हाईकोर्ट इंदौर में दायर की है। याचिका में एक व्यक्ति को एक ही बार PM बनने का आदेश जारी करने की मांग याचिका में उन्होंने केंद्रीय चुनाव विभाग, कानून मंत्री और प्रधानमंत्री को पार्टी बनाया है। इसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेदों का उल्लेख करते हुए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि सभी व्यक्तियों को समानता का अधिकार है। ऐसे में सभी को एक बार देश का प्रधानमंत्री और देश का गृहमंत्री बनने का भी अधिकार है। यह तय करने के लिए कोर्ट वन नेशन-वन पोस्ट को लागू करते हुए एक व्यक्ति को केवल एक बार ही देश का प्रधानमंत्री बनने का आदेश जारी करे। पहले भी लगाई जा चुकी है याचिका बता दें कि इससे पहले भी इससे पूर्व भी उन्होंने याचिका दायर की थी, लेकिन याचिका में डिफेक्ट दूर करने के निर्देश दिए गए थे। डिफेक्ट दूर नहीं करने के चलते याचिका खारिज कर दी गई थी। उसी याचिका को दोबारा रिस्टोर करने के लिए यह याचिका दायर की गई है। सोमवार को याचिकाकर्ता ने अपनी मांग कोर्ट के समक्ष रखी। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने कानून मंत्रालय और प्रधानमंत्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने 3 अगस्त तक का समय दिया है। इसके बाद के सप्ताह में कोर्ट इस मामले की दोबारा सुनवाई करेगी। क्या भारत में प्रधानमंत्री कार्यकाल की कोई सीमा है? भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री का कार्यकाल तो 5 साल का है, लेकिन एक ही व्यक्ति कितनी बार प्रधानमंत्री बनेगा ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसके चलते एक ही व्यक्ति कई बार प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। दरअसल जब किसी व्यक्ति को जब लोकसभा से लगातार बहुमत से समर्थन मिलता रहे तो वह कितनी भी बार प्रधानमंत्री पद ग्रहण कर सकता है। भारतीय संविधान में केवल प्रधानमंत्री की आयु, संसद की सदस्यता और बहुमत के समर्थन जैसी ही शर्तें रखी गई हैं। यही कारण है कि कई नेता कई बार प्रधानमंत्री पद संभालते रहे हैं। दुनिया के वो देश जहां भारत जैसी है प्रधानमंत्री कार्यकाल की स्थिति एक्सपर्ट्स की मानें तो संसदीय लोकतंत्र वाले ज्यादातर देशों में प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा तय नहीं है। अगर भारत एक बार एक प्रधानमंत्री जैसी व्यवस्था को लागू करना चाहता है तो इसके लिए संवैधानिक संशोधन सहित व्यापक स्तर पर कानूनी और संसदीय प्रक्रिया की जरूरत पड़ती है। उसके बाद ही यह व्यवस्था लाई जा सकती है।     ब्रिटेन भी ऐसा ही देश है जहां प्रधानमंत्री की संख्या या कार्यकाल की कोई संवैधानिक सीमा नहीं है।     कनाडा में भी एक व्यक्ति कितनी भी बार प्रधानमंत्री बन सकता है, बशर्ते की उसे संसद का विश्वास प्राप्त हो।     आस्ट्रेलिया में भी प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा नहीं है।     जापान भी ऐसा ही देश है जहां प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा नहीं है। फैक्ट फाइल किसने दायर की याचिका- डॉ. शंकरदयाल वागवान, 70 साल के अधिवक्ता, आलीराजपुर निवासी। क्या है मांग- इन्होंने हाईकोर्ट में दर्ज याचिका में मांग की है कि देश में किसी भी व्यक्ति को केवल एक ही बार प्रधानमंत्री और एक ही बार गृहमंत्री बनाए जाने का आदेश जारी किया जाए। पक्षकार- केंद्रीय चुनाव विभाग, कानून मंत्रालय और प्रधानमंत्री हाईकोर्ट का आदेश- कोर्ट ने नोटिस जारी किया, केंद्र सरकार से 3 अगस्त तक जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई- 3 अगस्त के बाद कोर्ट सुनवाई की तारीख तय करेगा।

गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा दोषी एजेंसियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि बावड़िया कला चौराहा (अपोलो सेज अस्पताल) से ऑशिमा मॉल तक प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा इसी माह के अंत तक निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। इस पर राज्यमंत्री  गौर ने कार्य को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बाबूलाल गौर सेतु, बावड़िया में प्रस्तावित मरम्मत एवं लेफ्ट टर्न निर्माण कार्य बारिश के बाद तत्काल प्रारंभ करने को कहा। पिपलानी से खजूरी रोड निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है तथा नाली निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए  गौर ने संबंधित ठेकेदार की लापरवाही पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। खेजड़ा बरामद पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि पहले सड़क निर्माण पूरा किया जाए, उसके बाद पोल शिफ्टिंग एवं विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्य किए जाएं। ग्लोबल स्किल पार्क के समीप पुलिया एवं अतिक्रमण के कारण मार्ग निर्माण बाधित होने पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में शीघ्र अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिये। राज्यमंत्री  गौर ने पुलिस थाना बागसेवनिया से एचडीएफसी बैंक तक मार्ग, गुलमोहर से आकृति इको सिटी, अरविंद विहार कॉलोनी मार्ग, बागमुगालिया एक्सटेंशन मार्ग, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कटारा हिल्स-गायत्री विहार-नंदगांव मार्ग, आदर्श नगर-प्रधान मंडपम-साधना एन्क्लेव मार्ग, कुंजन नगर फेस-1 से बागसेवनिया सीसी नहर रोड, अवधपुरी क्रिस्टल आइडियल गेट तक मार्ग, स्वर्ण जयंती पार्क से गुलमोहर मार्ग, बाबरिया चौराहे से विरासा हाइट्स मार्ग, अयोध्या बायपास से ग्राम कोलुआ करारिया मार्ग, एम्स अस्पताल से डीआरएम पहुंच मार्ग तथा साकेत नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल से 9 बीडीए कॉम्प्लेक्स तक क्षतिग्रस्त मार्ग के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की। राज्यमंत्री  गौर ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें तत्काल प्रारंभ किया जाए और प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर जनता को राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में लोक निर्माण विभाग, नगर निगम तथा विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

एसआईआर प्रक्रिया झारखंड में शुरू, 29 जुलाई तक चलेगा मतदाता सत्यापन अभियान

रांची  झारखंड में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) आज से गणना चरण के साथ शुरू हो जाएगा। इस चरण में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के बीच गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फार्म) वितरित करेंगे। मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इस प्रपत्र में पिछले एसआईआर से संंबंधित जानकारी भरकर तथा हस्ताक्षर कर बीएलओ को लौटाना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से प्रपत्र मिलते ही आवश्यक जानकारी भरकर एवं हस्ताक्षर कर बीएलओ को लौटाने की अपील की है। यह कार्यक्रम 29 जुलाई तक चलेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि जब बीएलओ मतदाता के घर-घर जाएं तो मतदाताओं को विगत विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से उनकी मैपिंग अवश्य सुनिश्चित करा लें। राज्य में एसआईआर कार्यक्रम में वर्ष 2003 में हुए एसआईआर की मतदाता सूची से मैपिंग की विवरणी को नागरिकता हेतु सुपीरियर दस्तावेज के रूप में माना गया है। जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो जाएगी, उन्हें एसआईआर के क्रम में सामान्यतः कोई अन्य दस्तावेज नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए प्रपत्र की दो प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।मतदाता एक प्रति अपने बीएलओ को देंगें और दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास रखेंगे। जो भी मतदाता गणना प्रपत्र हस्ताक्षर कर लौटाएंगे, उनका नाम पांच अगस्त को प्रकाशित होनेवाली प्रारुप मतदाता सूची में होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वैसे मतदाता जिनकी अभी भी विगत विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हुई है, वे बीएलओ को अपना विवरण बताकर मैपिंग करा लें। नए मतदाता पंजीकरण के लिए पूरी करें यह प्रक्रिया यदि आप नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहते है और एक अक्टूबर 2026 तक आपकी आयु 18 वर्ष पूरी हो रही है, तो गणना चरण या दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 भरकर अपने संबंधित बीएलओ को जमा करें। फॉर्म के साथ घोषणापत्र और आवश्यक दस्तवेज भी संलग्न करने होंगे। जन्मतिथि के आधार पर आवेदक को स्वयं का अथवा माता-पिता में से किसी एक या दोनों के दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेज के रूप में पिछले एसआईआर के दौरान तैयार मतदाता सूची का वह संबंधित पृष्ठ भी मान्य होगा, जिसमें माता-पिता का नाम दर्ज हो। ध्यान में रखें ये महत्वपूर्ण तारीखें     30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ द्वारा घर-घर भ्रमण कर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।     29 जुलाई तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) होगा।     05 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा।     पांच अगस्त से चार सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि है।     पांच अगस्त से तीन अक्टूबर तक नोटिस फेज तथा दावा व आपत्तियों के निस्तारण की अवधि है।     सात अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। गलत घोषणा पत्र भरकर देने पर कानूनी कार्रवाई मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि गणना प्रपत्र में गलत घोषणा पत्र भरकर जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कानूनी रूप से दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेंगे और एक भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नहीं जुड़ेंगे। एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी एवं सहभागी है, प्रत्येक फेज की जानकारी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाता है। 74,329 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त, सबसे अधिक भाजपा के एसआईआर को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न मतदान केंद्रों पर कुल 74,320 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। सबसे अधिक बीएलए-2 भाजपा द्वारा नियुक्त किए गए हैं। आप ने एक भी एजेंट नियुक्त नहीं किया है। वहीं, बसपा ने महज दो एजेंट नियुक्त किए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की एसआईआर के दौरान बैठक की जानी है एवं इस बैठक के फोटो भी बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से अपने बीएलओ के कार्यों में सहयोग करने की अपेक्षा की है। 82 प्रतिशत मतदाताओं की हो चुकी है मैपिंग     कुल मतदाता : 2,64,63,236     जिन मतदाताओं की हो गई मैपिंग : 2,17,20,731     जिनकी नहीं हुई है मैपिंग : 47,42,505     जितने प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी : 82.08 प्रतिशत किस राजनीतिक दल ने नियुक्त किए कितने बीएलए-2? आप : 00 बसपा : 02 भाजपा : 28,217 सीपीआईएम : 103 कांग्रेस : 19,153 आजसू पार्टी : 4,596 झामुमो : 19,269 राजद : 2,980 कुल : 74,320 शिकायत के लिए 1950 हेल्पलाइन पर करें संपर्क निर्वाचन विभाग के अनुसार, एसआईआर से संबंधित किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए मतदाता 1950 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इस कॉल सेंटर पर प्रतिदिन औसतन 25 से 30 शिकायतें प्राप्त हो रही है, जिनका त्वरित और प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जा रहा है।  

देवास एवं खरगोन में साइबर ठगी के 4 लाख 73 हजार रुपये से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस लोटाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान "सेफ क्लिक 2.0" के अंतर्गत प्रदेशभर में जहां नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है, वहीं साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। अभियान के प्रारंभिक दिनों में ही देवास एवं खरगोन पुलिस ने साइबर फ्रॉड पीड़ितों को उनकी ठगी गई राशि वापस दिलाकर आमजन का विश्वास मजबूत किया है। अभियान के तहत पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, हाट-बाजारों, सार्वजनिक स्थलों तथा पुलिस चौपालों के माध्यम से नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, मैट्रिमोनियल स्कैम, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, क्यूआर कोड फ्रॉड एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूक कर रहे हैं। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं डायल-112 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। देवास जिले में पुलिस अधीक्षक  पुनीत गेहलोद के निर्देशन में अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों के 16 साइबर फ्रॉड पीड़ितों की कुल 3 लाख 98 हजार 719 रुपये की राशि वापस कराई गई। शिकायत प्राप्त होते ही थाना स्तर पर पदस्थ साइबर मित्रों एवं जिला साइबर सेल द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों एवं एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ठगी गई राशि होल्ड कराकर पीड़ितों के खातों में वापस कराई जा सकी। इसी प्रकार खरगोन जिले में पुलिस अधीक्षक  रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में साइबर सेल द्वारा दो अलग-अलग साइबर ठगी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 74 हजार 956 रुपये की राशि वापस कराई गई। एक प्रकरण में मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से विदेश से उपहार भेजने का झांसा देकर कस्टम शुल्क के नाम पर ठगी की गई थी, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन निवेश पर अधिक लाभ का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी की गई थी। शिकायत प्राप्त होने पर साइबर सेल ने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर प्रकरण दर्ज कर संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराया तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर राशि वापस दिलाई। दोनों जिलों में की गई इन कार्यवाहियों के माध्यम से कुल 4 लाख 73 हजार 675 रुपये की राशि साइबर ठगी के पीड़ितों को वापस कराई गई है। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर नागरिकों ने मध्यप्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। सोशल मीडिया, मैट्रिमोनियल वेबसाइट, निवेश योजनाओं अथवा अन्य ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त आकर्षक ऑफर एवं अधिक मुनाफे के प्रलोभन से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर राशि सुरक्षित कराई जा सके।  

जून गया, अब मानसून की एंट्री का इंतजार खत्म! जानिए कब बरसेंगे बादल

जयपुर  राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश का दौर थमने के बाद पिछले कुछ दिनों से पारा चढ़ा हुआ है. तापमान 40 से 45 डिग्री तक होने के चलते कई जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं. अब मानसून का इंतजार है और प्रदेशवासियों का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून का काउंटडाउन शुरू हो गया है. पिछले 24 घंटों में प्रतापगढ़ के अरनोद में सर्वाधिक 94 मिमी वर्षा दर्ज की गई. वहीं, अगले 3–4 दिनों तक तेज आंधी के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिसमें हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. दक्षिणी-पूर्वी हिस्से में अनुकूल स्थिति मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. जबकि अगले 2–3 दिनों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं. पूर्वानुमान के मुताबिक, जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जबकि जोधपुर और बीकानेर में फिलहाल उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. राजस्थान में 300 से ज्यादा बांध सूखे वहीं, इस साल मानसून की धीमी शुरुआत ने जल संकट के संकेत भी दिए हैं. कुल 693 बांधों में उनकी कुल क्षमता का केवल 44.22% पानी ही उपलब्ध है, जो पिछले साल इसी अवधि में 46.59% था. इनमें से 307 बांध पूरी तरह से सूख चुके हैं, 381 आंशिक रूप से भरे हैं और केवल 5 छोटे बांध ही पूरी तरह लबालब हो पाए हैं. जल संसाधन विभाग की 23 जून की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 23 प्रमुख बड़े बांधों में फिलहाल 56.09% पानी मौजूद है.  इस हफ्ते हो सकती है मध्यम से भारी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा इस समय गुजरात, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार के कुछ भागों से होकर गुजर रही है. अगले 2-3 दिन में गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ भागों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. विभाग के मुताबिक, कोटा और उदयपुर संभागों में कुछ भागों में आगामी दिनों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. 3 से 5 जुलाई तक पूर्वी राजस्थान के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी और कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.