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बड़ा प्रशासनिक विवाद, बंगाल ने MP में पकड़े गए 3,259 लोगों को बताया अपना नागरिक

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिस द्वारा संदिग्ध बांग्लादेशी के रूप में पिछले वर्ष चिह्नित किए गए 3,278 लोगों में से 19 के अलावा बाकी को बंगाल सरकार ने अपने राज्य का निवासी माना है। बंगाल सरकार ने स्वीकार किया है कि इन लोगों के [Aadhaar Redacted], राशन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र उनके यहां से ही बने हैं। 19 लोगों के दस्तावेज को वैध नहीं माना था, इसलिए इन्हें बांग्लादेश भेजने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने नियमानुसार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपा था। मुख्य सचिव और पुलिस टीमों की सक्रियता बता दें, केंद्र सरकार ने जून, 2025 में सभी राज्यों से संदिग्ध बांग्लादेशियों की पहचान और उनके दस्तावेज का सत्यापन कराने के लिए कहा था। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गृह व अन्य संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें संदिग्धों को चिह्नित करने के तरीके व आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हुई थी। सभी जिलों में थाना प्रभारियों को इन्हें चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई। इसमें उनकी भाषा, काम आदि को आधार बनाया गया। अभियान में 3,278 लोगों को चिह्नित किया गया था। बंगाल भेजी गईं पुलिस की 20 टीमें संदिग्धों के दस्तावेज की पड़ताल के लिए मध्य प्रदेश से पुलिस की 20 टीमें बंगाल भेजी गई थीं। एक टीम ने तीन से चार जिलों में जाकर शासकीय कार्यालयों से दस्तावेज की पुष्टि की, जिनमें 3,259 को सही बताया गया। हालांकि, मध्य प्रदेश का गृह विभाग बंगाल सरकार द्वारा दस्तावेज को वैध ठहराए जाने को फिलहाल अंतिम नहीं मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिर से सत्यापन कराया जा सकता है। एमपी गृह विभाग दोबारा करा सकता है सत्यापन दरअसल, आशंका यह रहती है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बंगाल में आकर फर्जी तरीके से दस्तावेज न बनवा लिए हों। इसी कारण अधिकारियों का कहना है कि संदेह होने पर फिर सत्यापन कराया जाएगा। यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा के लिहाज से पहचान और दस्तावेजों की सत्यता की गहराई से जांच करना अनिवार्य है ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ की आशंका को समाप्त किया जा सके।  

महिला सशक्तिकरण की नई उड़ान: 6 जिलों की 55 हजार+ महिलाओं ने शुरू किया सफल कारोबार

डेयरी के जरिए लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई कहानी सीएम योगी के नेतृत्व में नारी शक्ति कर रही अभूतपूर्व तरक्की, आजीविका मिशन बना बदलाव का मजबूत आधार 2-3 हजार से 60 हजार महीना तक पहुंची आय, सृजनी से बदली गांव-गांव की तस्वीर लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण की तस्वीर तेजी से बदल रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए तराई क्षेत्र में अब तक 6 जिलों की 55 हजार से अधिक महिला दूध उत्पादक सफल उद्यमी बन चुकी हैं। डेयरी को आधार बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है और महिलाएं आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बनकर उभरी हैं। तराई और आसपास के जिलों बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर की महिलाएं डेयरी क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं गढ़ रही हैं। डेयरी बना नारी शक्ति का आर्थिक इंजन ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व के चलते डेयरी उद्योग तेजी से फल-फूल रहा है। संगठित प्रयासों के जरिए दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन की मजबूत व्यवस्था तैयार हुई है। इससे महिलाओं की आय में स्थायी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2-3 हजार से 60 हजार महीना : बदली जिंदगी लखीमपुर खीरी के एक छोटे से गांव सिराइचा की राम गुनी की कहानी इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल है।पहले उनकी मासिक आय महज 2-3 हजार रुपए थी, लेकिन मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद अब उनकी आय 60 हजार रुपए प्रति माह तक पहुंच गई है। ‘सृजनी’ बना बदलाव का मजबूत प्लेटफॉर्म सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के जरिए महिलाओं को न केवल बाजार से जोड़ा गया, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, प्रबंधन और संगठित उत्पादन की सुविधा भी दी गई। इससे डेयरी गतिविधि एक छोटे काम से बढ़कर संगठित व्यवसाय बन गई है। पशु चिकित्सा सुविधा से बढ़ी उत्पादकता ग्रामीण क्षेत्र में अब पशु चिकित्सा सेवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और दूध उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। आजीविका मिशन बना गेम चेंजर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने में अहम भूमिका निभाई है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि नेतृत्व और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। गांव से बदल रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है। डेयरी के जरिए गांव-गांव में आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं, जिससे आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना जमीन पर उतरता नजर आ रहा है।

विद्यार्थी परिषद की पाठशाला से निकले स्व. केलकर जी की कार्य पद्धति का स्मरण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यप्रणाली को अद्भुत और अनुकरणीय बताते हुए कहा कि यह संगठन केवल बातों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता को व्यवहार में उतारने का कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सिलेबस के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक गौरव को भी समझें और देश के निर्माण में आगे बढ़कर काम करें। वे घंटाघर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर गीता भवन में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शिल्पकार स्वर्गीय यशवंत राव केलकर की जन्मशती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. यशवंत राव केलकर को परिषद के वर्तमान स्वरूप की 'नींव का पत्थर' बताया, जिन्होंने संगठन को गढ़ने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि परिषद एक परिवार की तरह है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीख दी कि यदि हम छोटा बनकर काम करेंगे, तभी जीवन में बड़े लक्ष्य प्राप्त कर पाएंगे। विद्यार्थी आज का नागरिक है। विद्यार्थियों में जोश के साथ होश का संतुलन बनाये रखने के लिए इसमें शिक्षकों की भूमिका अतुलनीय है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्वामी विवेकानंद और माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। वक्ताओं ने स्व. केलकर के जीवन दर्शन और संगठन की विशिष्ट कार्य पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष  रघुराज किशोर तिवारी ने बताया कि आज विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसका श्रेय स्व. केलकर द्वारा विकसित की गई विशिष्ट कार्य पद्धति को जाता है। उन्होंने कहा कि स्व. केलकर केवल उपदेश नहीं देते थे, बल्कि 'जीवंत आदर्श' थे, जो गरीब विद्यार्थियों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते थे और स्वयं सहायता प्रदान करते थे। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि विद्यार्थी परिषद एक ऐसी कार्यशाला है जिसने समाज के हर क्षेत्र को नेतृत्व दिया है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद मती सुमित्रा बाल्मिक, सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह,  रत्नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।  

काहिरा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी ने बढ़ाया प्रदेश का मान

भोपाल मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी हेमंत बर्मन ने काहिरा में आयोजित ISSF जूनियर वर्ल्ड कप 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। हेमंत ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन जूनियर पुरुष वर्ग के फाइनल में 351.7 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया। खेल मंत्री  सारंग ने दी शुभकामनाएं मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने हेमंत बर्मन को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे। फाइनल में सटीकता और संयम का प्रभावशाली प्रदर्शन फाइनल मुकाबले में हेमंत बर्मन ने उच्च स्तर की एकाग्रता, तकनीकी दक्षता एवं मानसिक संतुलन का परिचय देते हुए पूरे प्रतियोगिता क्रम में निरंतरता बनाए रखी। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उनका यह प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर उनकी तैयारी और क्षमता को दर्शाता है। अंतर्राष्ट्रीय पटल पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। शूटिंग जैसे सूक्ष्म और तकनीकी खेल में प्राप्त यह सफलता प्रदेश में विकसित हो रही खेल अवसंरचना एवं प्रशिक्षण प्रणाली की गुणवत्ता को रेखांकित करती है। प्रशिक्षण व्यवस्था से मिल रहा सशक्त आधार राज्य शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति एवं अनुभवी कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए सक्षम बन रहे हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि हेमंत बर्मन की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। यह सफलता न केवल शूटिंग खेल को प्रोत्साहित करती है, बल्कि मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय खेल परिदृश्य में एक सुदृढ़ पहचान भी प्रदान करती है।  

1.41 करोड़ की साइबर ठगी मामले में गाजियाबाद के दो सगे भाई गिरफ्तार, खाते में पहुंचे थे 10.5 लाख

ग्वालियर ग्वालियर के कारोबारी दुर्गाशंकर नागर से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 1.41 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में पुलिस ने गाजियाबाद के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों भाई दवा का थोक कारोबार करते हैं और इन्हीं की फर्म के खाते में ठगी के 10.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। क्या है मामला पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए ग्वालियर में वकील से मिलने आए थे, इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में उन्होंने अपनी फर्म के खाते में यह रकम मंगवाई थी। किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए मुरार क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय कारोबारी दुर्गाशंकर नागर को फेसबुक पर एक अनजान युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। ठग ने खुद को इंग्लैंड की युवती बताकर बातचीत शुरू की और फिर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पहली लेयर में 10.50 लाख रुपये गाजियाबाद स्थित महादेव फार्मा एंड सर्जिकल के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। यह फर्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी सगे भाई आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा संचालित करते हैं। जैसे ही आरोपितों को पता चला कि साइबर क्राइम विंग उनकी तलाश कर रही है, वे भूमिगत हो गए। पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी दौरान वे ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के पास से 59 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। थाने में रोकर बोले- पता नहीं था साइबर ठगी का पैसा है पूछताछ के दौरान दोनों भाई रोने लगे और बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यह साइबर ठगी का पैसा है। उन्हें कहा गया था कि बड़ी रकम व्यापार के लिए ट्रांसफर की जा रही है और इसके बदले 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। ऑनलाइन गेम के कर्ज में फंसे जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी ऑनलाइन गेम खेलते थे और इसी में कर्ज में डूब गए थे। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने कमीशन के लालच में अपने खाते का इस्तेमाल किया।

सामाजिक समरसता का उत्सव बना सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री ने 13 जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए। राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा  कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम

रायपुर जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के अंतर्गत आज शाम एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। गौरतलब है कि “यूथ फेस्ट-2026” के तहत बीते दो दिनों 24-25  को जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट से संबंधित वर्कशॉप, फूड स्टॉल्स, कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले अनेक कार्यक्रम शामिल रहे। अंतिम दिवस पर दायरा बैंड (जादू बस्तर) की प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में निरंतर सीखना, स्वयं को अपडेट रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। सौरभ द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे बाहरी दुनिया की अनावश्यक आलोचनाओं और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों, बल्कि अपने मन की सुनें और परिवार की सलाह को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए अपने माता-पिता, बहनों और परिवारजनों की चिंता करना और उनका ख्याल रखना हर युवा का दायित्व है। महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में माताओं और बहनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तब समाज और देश की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन बनाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी। उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को अनावश्यक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और विवेकपूर्ण निर्णय ही उन्हें सशक्त बनाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और अपने कौशल को निरंतर निखारने का आह्वान किया। आयोजन के लिए कार्यक्रम में  महापौर  रामू रोह कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा डीएफओ  कृष्ण जाधव एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य  विनोद पाठक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  युवा फेस्ट-2026 का यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मकता को मंच देने और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।     महापौर  रामू रोहरा ने युवा फेस्ट-2026 विभिन्न  प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को ट्राफी और प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया ।

JSSC भर्ती प्रक्रिया तेज, मई में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से अनुशंसित 329 सहायक आचार्यों को मई के पहले सप्ताह में नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सभी को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद तिथि की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल उन 329 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, जिनकी अनुशंसा आयोग ने दिसंबर 2025 में की थी। इनकी काउंसिलिंग जिला स्तर पर हो चुकी है, जिसमें इनके सभी प्रमाणपत्र वैध पाए गए हैं। इधर, विभाग को आयोग से लगभग एक हजार अन्य अभ्यर्थियों की भी नियुक्ति की अनुशंसा प्राप्त हुई है। इन अभ्यर्थियों के फोल्डर सोमवार को जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के प्रतिनिधियों को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद जिला स्तर पर इनकी काउंसिलिंग होगी। काउंसिलिंग को लेकर जिलों को दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। काउंसिलिंग में प्रमाणपत्रों की जांच के बाद योग्य अभ्यर्थियों को बाद में आयोजित होनेवाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि मई के अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में इन्हें भी नियुक्ति पत्र मिल सकता है। अभी तक 10,213 अभ्यर्थियों की हो चुकी है नियुक्ति अभी तक सहायक आचार्य के पदों पर कुल 10,213 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है। आयोग ने कुल 11,300 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा की थी, जिनमें इतने अभ्यर्थियों की नियुक्ति काउंसिलिंग के बाद हुई। ये सभी सहायक आचार्य स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य करा रहे हैं। बता दें कि आयोग द्वारा आयोजित झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, 2023 के माध्यम से कुल 26,001 पदों पर नियुक्ति होनी थी, लेकिन योग्य अभ्यर्थी नहीं होने से बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं। अधिसंख्य पद पारा शिक्षक श्रेणी में रिक्त रहे हैं।

शादी की खुशियां बदलीं मातम में, खंडवा में कार हादसे में तीन युवकों की जान गई

खंडवा पिपलोद थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब चार बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों भरे माहौल को मातम में बदल दिया। बलवाड़ा से लुन्हार गांव जा रही बारात की कार गुड़ी के पासअनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने खंडहरनुमा मकान में जा घुसी। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 22 वर्षीय मोहित निवासी भरुड बलवाड़ा, 24 वर्षीय ऋतिक यादव निवासी गरणगांव और 24 वर्षीय पुष्पक यादव निवासी बलवाड़ा की मौत हो गई। वहीं पवन और सावन गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार बलवाड़ा स्थित यादव परिवार के यहां शादी समारोह था और बारात लुन्हार गांव के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान रास्ते में कार चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और कार सीधे सड़क किनारे बने जर्जर मकान में जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तीन युवकों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों का इलाज जारी है। स्वजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी जिला अस्पताल में हादसे की खबर मिलते ही स्वजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोते-बिलखते परिजनों का दर्द देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव बारंगे सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।  

राहतगढ़ में विकास को मिली नई रफ्तार, खाद्य मंत्री ने किया 20 करोड़ के कार्यों का भूमि पूजन-लोकार्पण

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों को भरोसा देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर किसान का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसान हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होने दी जाएगी। खाद्य मंत्री  राजपूत ने यह बात सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम बहादुरपुर, ख़ैजरामाफी, अलीनगर और भावुकाबारी में 20 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण अवसर पर कही। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, जिसे देखते हुए खरीदी की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ की गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा स्लॉट बुकिंग, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और भुगतान की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गेहूं खरीदी के लिए केंद्र से कोटा बढ़वाना हो या खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाना—हर कदम किसान हित में उठाया गया है। मंत्री राजपूत ने विश्वास जताया कि सरकार की पारदर्शी और किसान-केंद्रित नीतियों से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है और भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत बहादुरपुर में पुलिया निर्माण तथा बहादुरपुर एनएच-86 से खैजरामाफी मार्ग के नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मंत्री  राजपूत ने कहा कि इस मार्ग के सुधार की मांग क्षेत्र के ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी, जिसे प्राथमिकता देते हुए 4 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति प्रदान कराई गई है। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद लगभग 15 गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में मढ़िया बाघ परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के 51 गांवों में लगभग 15 हजार हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे करीब 40 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री  राजपूत ने ग्राम कल्याणपुरवीर में नवीन आंगनवाड़ी भवन के निर्माण की घोषणा की, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण एवं देखभाल की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही ग्राम बहादुर में मंगल भवन के निर्माण तथा पेयजल समस्या के समाधान हेतु हैंडपंप स्थापना की भी घोषणा की गई। मंत्री  राजपूत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है और इसी उद्देश्य के साथ क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इस अवसर जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जंग मौजूद रहे।