samacharsecretary.com

Durg में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वाहन चोरी गैंग के 5 सदस्य दबोचे गए

भिलाई नगर. दोपहिया वाहन चोरी करने वाले संगठित गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों की निशानदेही पर 5 स्प्लेण्डर एवं 1 एक्टिवा सहित कुल 6 चोरी के वाहन बरामद कर जब्त किया है। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी सुखदेव पाण्डेय निवासी मदर टेरेसा नगर कैम्प- 01 ने 1 जनवरी को थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 25 दिसंबर 2025 को नेहरू नगर अटल प्रतिमा के पास से उसकी मोटर साइकिल स्प्लेण्डर अज्ञात आरोपी चोरी कर ली थी। प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान 24 अप्रैल को मुखबिर सूचना पर लक्ष्मी नगर सुपेला क्षेत्र से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों हर्ष साहू, गजानंद यादव, देवेन्द्र यादव, अजय पटेल व एक नाबालिग ने संगठित होकर अलग-अलग स्थानों से वाहन चोरी करना स्वीकार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर भिलाई नगर रेलवे स्टेशन गौठान के पास झाड़ियों से चोरी के 6 दोपहिया वाहन बरामद कर जब्त किए गए।

Jabalpur में गड़बड़ी पर शिकंजा, पुराने गेहूं की बिक्री के शक में गोदामों पर ताला

जबलपुर. प्रशासनिक अमले द्वारा जिले में स्थित ऐसे कई निजी गोदामों को सील करने की कार्रवाई की गई, जहां गेहूं का भंडारण पाया गया था। ज्ञात हो कि समर्थन मूल्य पर उपार्जन में पुराने गेहूं की रीसाइक्लिंग की आशंका को देखते हुये कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर जिले में स्थित निजी गोदामों से गेहूं की निकासी पर उपार्जन अवधि तक प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर के आदेश पर ऐसे सभी गोदामों को सील किया जा रहा है, जहां पूर्व वर्ष का गेहूं रखा हुआ है, ताकि किसानों की आड़ में बिचौलियों या व्यापारियों द्वारा पहले से भंडारित गेहूँ को उपार्जन केंद्रों पर बेचा न जा सके। गोदामों में भंडारित गेहूं की निकासी पर रोक जबलपुर जिले में गेहूं उपार्जन में फर्जीवाड़ा रोकने गोदामों में भंडारित गेहूं की निकासी पर रोक लगाने के अलावा भी ऐसे कई कदम उठाये जा रहे है, जिससे वास्तविक किसानों को ही उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिल सके। किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के लिए बनाए गए खरीदी केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने प्रत्येक खरीदी केंद्र पर एक नोडल अधिकारी को तैनात किया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा अवैध रूप से भंडारित गेहूं की सूचना देने वालों को 5 हजार रुपये से 21 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है। डेटा एनालिसिस सेल का गठन इस वर्ष उपार्जन प्रक्रिया की निगरानी हेतु डेटा एनालिसिस सेल का गठन किया गया है, जो जेनरेटिव एआइ तकनीक के माध्यम से कार्य करेगा। यह सेल पिछले तीन से चार वर्षों के राजस्व, खाद वितरण एवं पंजीयन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर असामान्य प्रवृत्तियों की पहचान करेगा। इस तकनीक के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि केवल वास्तविक एवं पात्र किसान ही उपार्जन केंद्रों पर अपनी उपज विक्रय कर सकें। गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने वाले किसानों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने एसएमएस प्रणाली भी लागू की गई है, जिसके माध्यम से किसानों को उपार्जन से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है।

अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ से सम्मानित

रायपुर अम्बिकापुर की प्रतिभाशाली गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी के रूप में शिवानी को ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा सम्मानित किया गया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनसे भेंट कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि जब बेटियाँ अपनी मेहनत और प्रतिभा से सफलता के नए आयाम स्थापित करती हैं, तो पूरा समाज गर्व महसूस करता है। शिवानी सोनी की उपलब्धि न केवल युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा का वैश्विक मंच पर सशक्त प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और ऐसे खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर शिवानी सोनी ने भी मंत्री  अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना गर्व की बात है और वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करेंगी।  शिवानी की इस उपलब्धि से अम्बिकापुर सहित पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है तथा यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

योगी सरकार का सख्त निर्देश, 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ को निर्णायक और मिशन मोड में लागू कर दिया है। सरकार का यह कदम इस स्पष्ट संदेश के साथ आया है कि अब प्रदेश का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहेगा। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान इस अभियान के तहत आगामी पहली मई से पूरे प्रदेश में एक व्यापक और विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। सरकार ने दिव्यांग बच्चों के नामांकन को प्राथमिकता देने के साथ-साथ 'शिक्षा के अधिकार' (RTE) के तहत लॉटरी से चयनित पात्र बच्चों का आवंटित विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी छात्राओं के प्रवेश को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। ड्रॉपआउट रोकने की अभूतपूर्व रणनीति बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने (ड्रॉपआउट) की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर ठोस रणनीति तैयार की है। शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 के स्तर पर 100% ट्रांजिशन (कक्षा परिवर्तन) सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रारंभिक या माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद बच्चे अगली बड़ी कक्षा में अनिवार्य रूप से प्रवेश लें। सक्रिय भागीदारी और कड़ी मॉनिटरिंग इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और निरंतर मॉनिटरिंग की योजना बनाई गई है। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक गाँव, वार्ड और बस्ती स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे करें और स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को चिह्नित कर उन्हें तुरंत विद्यालयों से जोड़ें। जहाँ पूर्व में ड्रॉपआउट एक गंभीर चिंता का विषय था, वहीं अब योगी सरकार तकनीक और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से हर बच्चे को स्कूल तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।  

महिला सशक्तिकरण की मिसाल: Yogi Adityanath के सामने आरक्षियों ने ली शपथ, कहा- बढ़ा आत्मविश्वास

नारी शक्ति को मिला सम्मान, पासिंग आउट परेड में महिला आरक्षियों ने सीएम योगी का जताया आभार रिजर्व पुलिस लाइन में 2025 बैच के आरक्षियों का दीक्षांत समारोह महिला आरक्षियों ने कहा- योगी सरकार में मिला अवसर और सम्मान लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में शामिल हुए। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद चयनित महिला आरक्षियों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और सरकार की नीतियों की सराहना की। रायबरेली की दीप्ति पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में महिला आरक्षी पद की शपथ लेना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा के साथ जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया है। जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगी। योगी सरकार में बढ़ा महिलाओं का मान-सम्मान चयनित पुलिस आरक्षी सुमन यादव ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार का यह कदम महिलाओं के मान-सम्मान को बढ़ाने वाला है। उन्होंने महिलाओं से आगे आकर देश और प्रदेश की सेवा करने की अपील की। जौनपुर की प्रीति पटेल ने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं को समान अवसर मिल रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हो रही है। गाजीपुर की श्रुति यादव ने कहा कि उन्हें देश और प्रदेश की सेवा करने का मौका मिला है, यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी से सभी चयनित आरक्षियों का उत्साह कई गुना बढ़ गया है। सीएम योगी के नेतृत्व में बढ़ा आत्मविश्वास आरक्षी के पद पर चयनित काजल सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग का हिस्सा बनकर बेहद अच्छा लग रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और किसी से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनकर समाज को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए। आरक्षी के पद पर चयनित आरती यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा का अवसर मिलना सम्मान की बात है और वह अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगी।  उत्साहित दिखीं चयनित आरक्षी आरक्षी पद पर चयनित मिर्जापुर की अर्चना गिरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शपथ लेना उनके जीवन का यादगार पल है। उन्होंने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। वहीं प्रियंका मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने सभी आरक्षियों में नई ऊर्जा भरने का काम किया है। वहीं आरक्षी अंजलि मौर्य भी चयनित होकर काफी उत्साहित नजर आईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएम योगी के कुशल नेतृत्व की वजह से प्रदेश की महिलाएं अलग- अलग क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहीं हैं।

Shyamla Hills में दिनदहाड़े वारदात, घर में घुसकर हमला; महिला घायल

भोपाल. श्यामला हिल्स में कार पार्किंग विवाद के बाद आधा दर्जन लोगों घर में घुसकर तोड़फोड़ और वहां मौजूद महिला के विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। तोड़फोड़ के बाद आरोपित भाग निकले। मामले की शिकायत श्यामलाहिल्स थाने में की गई है। जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय फूल बानो श्यामलाहिल्स थाना क्षेत्र स्थित कच्चा बंगला में रहती हैं और गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि जैनुल, जुबैर, ताजवर और शाहब घर के पड़ोस में रहते हैं। वहां उनकी कार पार्क होती है। शुक्रवार शाम को उसी स्थान पर कुछ देर के लिए उनके बेटे अदनान ने वहीं अपनी कार पार्क कर दी थी। इसी बात को लेकर आरोपितों ने विवाद शुरू कर दिया। उन्होंने पहले अदनान से गाली-गलौज की और फिर विरोध करने पर आधा दर्जन से अधिक लोग इकट्ठा होकर घर आए और हमला कर दिया। साथ ही उनसे मारपीट की। इसके अलावा घर के आसपास वाहनों में भी तोड़फोड़ की।

12 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद दोनों हाथ प्रत्यारोपण सफल

नई दिल्ली दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में एक ऐसी सर्जरी हुई है, जिसने एक महिला की जिंदगी बदल दी. दो बच्चों की मां जिसने एक हादसे में अपने दोनों हाथ खो दिए थे, अब फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद कर रही है. अस्पताल के डॉक्टरों ने उसका सफलतापूर्वक दोनों हाथों का ट्रांसप्लांट किया है. जानकारी के मुताबिक, महिला के दोनों हाथ चारा काटने वाली मशीन में कट गए थे. इस हादसे के बाद वह अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी खुद नहीं कर पाती थी. खाना खाना, कपड़े पहनना, बच्चों की देखभाल करना, हर काम के लिए उसे दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था. ऐसे में हाथों का ट्रांसप्लांट उसके लिए नई जिंदगी जैसा साबित हुआ. ब्रेन-डेड व्यक्ति था डोनर यह सर्जरी तब संभव हो सकी जब एक ब्रेन-डेड व्यक्ति के परिवार ने उसके हाथ दान करने की सहमति दी. उनके इस फैसले ने एक जरूरतमंद महिला को फिर से जीने का मौका दिया. अस्पताल ने इस परिवार के प्रति आभार जताया और इसे इंसानियत की मिसाल बताया. 12 घंटे तक चली सर्जरी डॉक्टरों के अनुसार, यह सर्जरी करीब 12 घंटे तक चली. इसमें डोनर के दोनों हाथ महिला के शरीर से जोड़े गए. दाहिना हाथ कोहनी के ऊपर से और बायां हाथ कलाई के पास से जोड़ा गया. डॉक्टरों ने हड्डियां, नसें, मांसपेशियां, खून की नलियां और टेंडन बहुत सावधानी से जोड़े, ताकि हाथों में फिर से ब्लड सर्कुलेशन और हरकत आ सके. अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताया कि यह बेहद कठिन और संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिसमें हर मिनट की अहमियत होती है. अगर समय पर सही तरीके से काम न हो, तो ट्रांसप्लांट किए गए अंग को बचाना मुश्किल हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि सर्जरी सफल होने के बाद भी असली सफर अब शुरू हुआ है. महिला को लंबे समय तक दवाएं लेनी होंगी ताकि शरीर नए हाथों को स्वीकार कर सके. इसके साथ ही उसे नियमित फिजियोथेरेपी और अभ्यास की जरूरत होगी, जिससे वह धीरे-धीरे हाथों का इस्तेमाल सीख सके. यह अस्पताल में किया गया दूसरा ऐसा ट्रांसप्लांट है. इस पूरी प्रक्रिया में प्लास्टिक सर्जरी, हड्डी रोग, एनेस्थीसिया, न्यूरोलॉजी, फिजियोथेरेपी और कई अन्य विभागों के डॉक्टर शामिल थे.

खेत में संदिग्ध ड्रोन मिलने से सनसनी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

दीनानगर/फिरोजपुर. दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के तहत थाना दौरांगला के गांव वजीरपुर अफगाना में एक किसान के खेतों में एक छोटा ड्रोन मिला है। इस बारे में जानकारी देते हुए DSP दीनानगर राजिंदर मिन्हास ने बताया कि बॉर्डर के बिल्कुल पास बसे इस गांव के किसान हरजीत सिंह पुत्र राम सिंह जब अपने खेतों की तरफ घूमने गया तो उसने अपने खेत में एक छोटा ड्रोन पड़ा देखा तो इस दौरान हड़कंप मच गया। उसने तुरंत थाना दोरांगला पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन को जब्त कर लिया और जब पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो अभी तक किसी भी तरह की कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई है, बाकी पूरे मामले की जांच जारी है। इसके पहले फिरोजपुर के नजदीकी गांव कोहाला में गेहूं की कटाई कर रहे किसान को अपने खेतों में एक ड्रोन और करीब सात किलो हेरोइन का पैकेट मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी के मुताबिक, जिस किसान के खेतों से यह बरामदगी हुई है, उसकी पहचान गुरजंट सिंह पुत्र थाना सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ड्रोन सहित हेरोइन के पैकेट को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला सरहदी क्षेत्र से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जिसमें ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

Anil Tuteja की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा— सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने कोरबा जिले के डिस्टि्रक्ट मिनरल फंड से जुड़े फंड के इस्तेमाल में भ्रष्टाचार के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा की तुरंत जमानत दिए जाने पेश आवेदन को खारिज कर दिया, कोर्ट ने कहा कि जुर्म की गंभीरता, आवेदक की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने में आवेदक की स्थिति पर गौर किया गया, क्योंकि वह डिपार्टमेंट में सीनियर ऑफिसर था और सप्लायर्स के साथ मिलकर बहुत सारा पब्लिक फंड हड़पा है. आर्थिक अपराध जानबूझकर और सोच-समझकर किया जाता है, जिसमें निजी फ़ायदे को ध्यान में रखा जाता है, चाहे समुदाय पर इसका कोई भी नतीजा हो, जिससे समुदाय का भरोसा और आस्था खत्म हो जाती है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हित को नुकसान होता है. मामले की सुनवाई जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में हुई. ईओडब्ल्यू एवं एसीबी ने कोरबा जिले में डीएमएफ फंड घोटाला मामले में तत्कालीन इंडस्ट्रीयल डिपोर्टमेंट के एडिशनल सिक्रेटरी अनिल टुटेजा को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल दाखिल किया है. जेल में बंद अधिकारी ने हाईकोर्ट में स्थाई जमानत दिए जाने आवेदन दिया था. आवेदन में सह आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत दिए जाने, मामले की सुनवाई में विलंब के आधार पर जमानत की मांग की गई थी. आवेदन पर जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास की कोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश में कहा करप्शन एक्ट, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध करने में आवेदक की संलिप्तता साबित करते हैं. केस डायरी को और देखने पर, यह साफ़ पता चलता है कि सतपाल सिह छाबड़ा को उन फर्मों से गैर-कानूनी कमीशन के तौर पर 16 करोड़ रुपये मिले हैं. इसमें से आवेदक को पेमेंट किया गया है, इसलिए पहली नज़र में, आवेदक के इस अपराध में शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता. आवेदक ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके प्राइवेट कंपनियों द्बारा पब्लिक फंड का गलत इस्तेमाल किया है, जिससे पब्लिक के हित को बहुत नुकसान हुआ है. सतपाल सिह छाबड़ा के 18.02.2025 को पुलिस के सामने दिए गए बयान में लगाए गए आरोपों के बारे में सच्चाई सामने लाने के लिए, आवेदक की कस्टडी ज़रूरी है. आवेदक का यह भी कहना है कि दूसरे सह-आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई है, इसलिए, मौजूदा आवेदक को पैरिटी बेसिस पर ज़मानत दी जा सकती है. इस पर कहा कि केस के रिकॉर्ड से पता चलता है कि आरोपी दीपेश टांक 8 महीने से एक साल से ज़्यादा जेल में रहा, इसी तरह रानू साहू और सौम्या चौरसिया 2 साल से ज़्यादा जेल में रहे, जबकि आवेदक 23.02.2026 से यानी सिर्फ़ दो महीने जेल में रहा, इसलिए आवेदक इन आरोपियों के साथ पैरिटी का दावा नहीं कर सकता है. आवेदक का यह भी कहना है कि ट्रायल में ज़्यादा समय लग सकता है क्योंकि प्रॉसिक्यूशन को कई गवाहों से पूछताछ करनी है और चार्जशीट के साथ बहुत सारे डॉक्यूमेंट्स फाइल किए गए हैं. इस पाइंट पर कोर्ट ने कहा ट्रायल में देरी हमेशा आरोपी को बेल पर रिहा होने का कोई हक नहीं देती. कोर्ट को जुर्म की गंभीरता, एप्लीकेंट की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने में एप्लीकेंट की स्थिति पर गौर करना होगा, क्योंकि वह डिपार्टमेंट में सीनियर ऑफिसर था और एप्लीकेंट ने सप्लायर्स के साथ मिलकर बहुत सारा पब्लिक फंड हड़पा है. एप्लीकेंट पहले भी एक असरदार पद पर था, इस बात की बहुत ज़्यादा संभावना है कि अगर उसे इस कोर्ट ने बेल पर रिहा किया तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है और जांच में रुकावट डाल सकता है. इसके साथ कोर्ट ने आरोपी की जमानत आवेदन को खारिज किया है.

मुख्यमंत्री के सम्मान से आरक्षियों में जोश, DGP ने दिलाई सेवा और ईमानदारी की शपथ

लखनऊ दीक्षांत परेड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों पुरस्कार पाकर आरक्षियों का हौसला भी बढ़ा। महिला आरक्षी नेहा यादव को तीन, सोनम को दो व रिया सिंह कुशवाहा को एक पुरस्कार प्रदान किया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न प्रदान किया। डीजीपी ने दीक्षांत परेड में आरक्षियों को शपथ भी दिलाई।  परेड कमांडर प्रथम- महिला रिक्रूट आरक्षी नेहा यादव  परेड कमांडर द्वितीय- महिला रिक्रूट आरक्षी रिया सिंह कुशवाहा परेड कमांडर तृतीय- महिला रिक्रूट आरक्षी कुमारी सोनम  अंतः विषय टॉपर (समग्र कोर्स)- कुमारी नेहा यादव वाह्य विषय टॉपर (समग्र कोर्स)-कुमारी सोनम  सर्वांग सर्वोत्तम पुरस्कार- कुमारी नेहा यादव