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औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों को राहत, 1000–1500 रुपये में मिलेगा आवास

नोएडा  उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहरों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सबसे बड़ी समस्या हमेशा सस्ते और सुरक्षित आवास की रही है। बढ़ते किराए, लंबी दूरी और सीमित आय के बीच जीवन यापन करना उनके लिए चुनौती बना हुआ है। अब इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार और प्राधिकरण स्तर पर बड़े फैसले लिए गए हैं। नोएडा में जहां श्रमिकों के लिए चार बड़े हॉस्टल बनाए जाएंगे, वहीं पूरे राज्य में किफायती किराया आवास नीति को औद्योगिक क्षेत्रों में लागू करने की तैयारी है, जिससे मजदूरों को उनके कार्यस्थल के पास ही सस्ती और सुविधाजनक रहने की व्यवस्था मिल सकेगी। नोएडा में बनेंगे 4 श्रमिक हॉस्टल नोएडा प्राधिकरण श्रमिकों के लिए चार आधुनिक हॉस्टल बनाने जा रहा है। इनमें से दो हॉस्टल प्राधिकरण स्वयं बनाएगा, जबकि दो का निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड के साथ संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) में किया जाएगा। चारों हॉस्टल एक-एक एकड़ जमीन पर विकसित होंगे और प्रत्येक हॉस्टल में लगभग 1000 श्रमिकों के रहने की क्षमता होगी। इन हॉस्टल्स को औद्योगिक सेक्टरों के पास बनाया जाएगा, जिससे श्रमिकों को कार्यस्थल तक पहुंचने में अतिरिक्त परिवहन खर्च नहीं करना पड़ेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में बनेंगे श्रमिक आवास राज्य स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह तय किया गया है कि औद्योगिक क्षेत्रों की 30 प्रतिशत भूमि पर श्रमिकों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे। इस निर्णय में आवास, औद्योगिक विकास, नगर विकास और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग शामिल रहे, जिन्होंने श्रमिकों को कार्यस्थल के नजदीक रहने की सुविधा देने पर सहमति जताई। सरकारी एजेंसियों के साथ निजी डेवलपर्स भी होंगे शामिल इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी डेवलपर्स को भी जोड़ा जाएगा। निजी बिल्डरों को अपनी परियोजनाओं में श्रमिकों के लिए किराए के मकान बनाने की अनुमति दी जाएगी। इसके बदले उन्हें भू-उपयोग में छूट, मानचित्र स्वीकृति में तेजी और विकास शुल्क में राहत जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारा जा सके। 1000 से 1500 रुपये तक होगा किराया इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका किफायती किराया है। सूत्रों के अनुसार, इन श्रमिक आवासों का मासिक किराया लगभग 1000 से 1500 रुपये के बीच रखा जा सकता है। मौजूदा समय में बड़े शहरों में एक कमरे का किराया 4 से 5 हजार रुपये तक पहुंच चुका है, ऐसे में यह योजना कम आय वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। कुशल और अकुशल दोनों श्रमिकों को मिलेगा लाभ यह योजना केवल फैक्ट्री मजदूरों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वेंडर, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य कुशल व अकुशल श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। आवास का आवंटन इस तरह किया जाएगा कि यदि कोई श्रमिक शहर छोड़ता है तो उसी मकान को दूसरे जरूरतमंद को दे दिया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार राज्य सरकार पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किफायती किराया आवास (ARH) नीति को मंजूरी दे चुकी है। अब इस नीति को औद्योगिक विकास विभाग में लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। क्यों जरूरी हुआ यह फैसला? हाल के वर्षों में नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों ने महंगे किराए, बच्चों की फीस और बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध जताया था। कोविड-19 महामारी के दौरान भी श्रमिकों के सामने आवास की गंभीर समस्या सामने आई थी, जिसने इस दिशा में ठोस नीति बनाने की आवश्यकता को और स्पष्ट किया।  

44 डिग्री के पार तापमान, Chandigarh, Panchkula और Mohali में झुलसाती गर्मी; राहत की तारीख सामने

जीरकपुर. ट्राईसिटी क्षेत्र चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली समेत जीरकपुर, डेराबस्सी व लालड़ू में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान में असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। वहीं जीरकपुर में तापमान करीब 40.5 डिग्री, डेराबस्सी में 40.2 डिग्री और लालड़ू में लगभग 40.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। राज्य के बठिंडा और फरीदकोट में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे पूरे पंजाब में लू जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने क्षेत्र में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही “वार्म नाइट” यानी रात के समय भी गर्मी बने रहने की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में 40 डिग्री पार, जनजीवन प्रभावित पंजाब के अमृतसर (40.3°C), लुधियाना (42.4°C), पटियाला (42.4°C), बठिंडा (42.5°C) और फरीदकोट (44.3°C) में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, बरनाला, मुक्तसर और पठानकोट सहित कई जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है। ट्राईसिटी के आसपास के शहरों—जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू—में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। छत्तबीड़ चिड़ियाघर में भी गर्मी के चलते पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिन्हें तेज धूप में काम करना पड़ रहा है। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहने के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है। 27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम, राहत की उम्मीद मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 27 से 30 अप्रैल के बीच पंजाब और ट्राईसिटी के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। अगले तीन दिन का पूर्वानुमान 27 अप्रैल: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में बारिश व तेज हवाएं 27 अप्रैल: पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश के आसार 28 अप्रैल: अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी में गरज-चमक के साथ बारिश 45–55°C वाली चेतावनी भ्रामक, अफवाहों से बचें सोशल मीडिया पर 45 से 55 डिग्री तापमान को लेकर वायरल हो रही चेतावनी को मौसम विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि यह कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और लोगों को केवल मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। लू के लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Udanti Sitanadi Tiger Reserve में घुसपैठ पर सख्ती, 22 आरोपी दबोचे गए

गरियाबंद. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी (कोर) रेंज अंतर्गत घुरवाड़ क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी कथित रूप से अतिक्रमण का प्रयास करते हुए वन्यप्राणियों के प्राकृतिक रहवास को नुकसान पहुंचा रहे थे. वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों को हिरासत में लिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर असर पड़ सकता था. वन भूमि पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है. दो दिन पहले ही महासमुंद में वन विभाग ने 94 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाते हुए संलिप्त 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वन विभाग के अनुसार, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95, 96 आरक्षित वन में अतिक्रमण कर हरे-भरे वृक्षों को काट कर आरोपी महिला-पुरुष खेती योग्य भूमि बना रहे थे. इसके पहले धमतरी में जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए वन विभाग ने व्यापक अभियान चलाया था. यह कार्रवाई दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत वनखंड क्रमांक 169, पालगांव गोंदलानाल क्षेत्र में की गई थी.

डिजिटल जनगणना 2027 पर जोर, पीएम मोदी के संदेश को सीएम ने सराहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण का भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में जनप्रतिनिधियों के साथ श्रवण किया। इस अवसर पर आमजन भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला एक सशक्त संवाद मंच है। इसके जरिए प्रधानमंत्री श्री मोदी समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे आमजन को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कर कार्यक्रम को पूरे देशवासियों के मन में बिठा दिया है। उन्होंने देश को नवाचार की नई दृष्टि दी है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को सशक्त करते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है हमारी 2027 की डिजीटल जनगणना : प्रधानमंत्री श्री मोदी 'मन की बात' में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन दिनों हमारे देश में एक बहुत ही अहम अभियान चल रहा है, जिसके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी जरूरी है। ये है जनगणना का अभियान, यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। हमारे साथी पहले भी इस तरह की प्रक्रिया से गुजर चुके हैं। इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजीटल बनाया गया है। सारी जानकारी सीधे डिजीटल माध्यम में दर्ज हो रही है। घर-घर जाने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप है। वे नागरिकों से बात करके उसी में सारी जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना में आपकी भागीदारी भी आसान बनाई गई है, नागरिकगण खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले सबके लिए यह सुविधा शुरू होगी। नागरिक अपने समय के अनुसार जानकारी भर सकते हैं। जब जब नागरिक यह प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो उन्हें एक विशेष आईडी मिलती है। ये आईडी उनके मोबाइल या ई-मेल आईडी पर आती है। बाद में जब कर्मचारी उनके घर आता है, तो वे यही आईडी दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। इससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती। समय भी बचता है और प्रक्रिया भी आसान हो जाती है प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश के जिन राज्यों में स्व-गणना का काम पूरा हो गया है, वहां, गणना कर्मचारी द्वारा घरों के सूचीकरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया की अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण का कार्य पूरा भी हो चुका है। देश की जनगणना सिर्फ एक शासकीय काम नहीं है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। इसमें नागरिकों की भागीदारी बहुत जरूरी है। नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है, यह गोपनीय रखी जाती है और इसे पूरी डिजीटल सुरक्षा के साथ सुरक्षित किया जाता है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि आइए, हम सब मिलकर इस प्रक्रिया में भाग लें और जनगणना 2027 को सफल बनाएं। आमजनों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मौजूद आमजनों विशेषकर युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उनके साथ स्वल्पाहार कर नारी शक्ति वंदन सहित विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत बेटियों की शिक्षा की पुख्ता व्यवस्था एवं प्रोत्साहन सहायता, महिला सुरक्षा, महिला आरक्षण, इनकी आजीविका, समान वेतन और इन्हें स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन पर केंद्र सरकार तत्पर होकर प्रयास कर रही है, पर विपक्षी दलों के असहयोग के कारण यह प्रस्ताव संसद में पारित नहीं हो पाया। बच्चों का बढ़ाया हौंसला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेस्टोरेंट में कैप पेंटिंग कर रहे चार छोटे बच्चों से बाल सुलभ वार्तालाप कर उनकी हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों को अपने हाथों से नाश्ता कराया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई सम्बंधित बातचीत कर उन्हें हमेशा अपने बड़े-बुजु़र्गों, माता-पिता और बड़े भाई-बहनों का सम्मान करने और माता-पिता के नाम का उच्चारण करते समय सदैव 'श्रीमती' और 'श्री' से प्रारंभ कर सम्मानजनक संबोधन ही करने की सीख दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजनों, युवाओं और बच्चों के साथ सहज रूप से अभिभावक की तरह अनौपचारिक चर्चा की और सबके साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मन की बात के श्रवण एवं आमजन से संवाद कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे। जल संरक्षण में हम हैं अव्वल कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री श्री मोदी का पूरे देश को एकजुटता का सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में हमारा मध्यप्रदेश पूरे देश में अग्रणी है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत हमारी सरकार नई जल संरचनाओं के निर्माण-विस्तार के साथ-साथ पुराने कुओं, तालाबों, बावड़ियों और अन्य पारम्पारिक जल स्रोतों जैसे हैंडपंप आदि को भी नया जीवन देने का प्रयास कर रही है। इस अभियान में जनभागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। यह अभियान 30 जून तक अनवरत चलेगा।

Madhya Pradesh Public Service Commission एग्जाम में कड़े नियम, एंट्री से पहले हटवाए गए टॉप्स और कलावा

देवास. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को शहर के 7 केंद्रों पर आयोजित की गई। सुबह 10 बजे से शुरू हुई परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों का केंद्रों पर 8 बजे से पहुंचना शुरू हो गया था। पुलिस और प्रशासनिक चाक चौबंद व्यवस्था के बीच परीक्षा करवाई गई। प्रवेश के पहले परीक्षार्थियों से कान की बालियां, टॉप्स, कंगन, कड़े उतरवाए गए। कलावा काटे गए। बायोमेट्रिक जांच की गई। प्रत्येक केंद्र पर प्रशासन के अधिकारी तैनात किए गए हैं वहीं 15 से अधिक पुलिस के जवान, एएसआई, सब इंस्पेक्टर प्रत्येक केंद्र पर तैनात हैं। पहला प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का सुबह 10 से दोपहर 12:00 बजे तक होगा। बैग, घड़ी, मोबाइल जमा किए उसके बाद सामान्य अभिरुचि परीक्षण दूसरे प्रश्न पत्र की शुरुआत 2:15 बजे से होकर 4:15 तक चलेगी। परीक्षा के लिए जिले के सातों केंद्र पर 2220 परीक्षार्थी दर्ज हैं। सभी केंद्रों पर एक अलग कक्ष में सामान जमा करने की व्यवस्था की गई थी जहां परीक्षार्थियों द्वारा बैग, घड़ी मोबाइल फोन आदि जमा किए गए। पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस केपी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुल 230 परीक्षार्थी दर्ज हैं, यहां पर 104 ने अपनी सामग्री निर्धारित कक्ष में जमा करवाई।  

धुर्वा में फेज-2 विकास की तैयारी, आधुनिक आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्र का होगा विस्तार

रांची रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन ने अपना दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। राज्य सरकार ने धुर्वा स्थित एचईसी से 500 एकड़ अतिरिक्त जमीन लेने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस अतिरिक्त जमीन में स्मार्ट सिटी फेज 2 के रूप में विकसित किया जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य स्मार्ट सिटी का क्षेत्रफल बढ़ाकर आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र का विस्तार करना है। यह प्रस्तावित जमीन मौजूदा 656 एकड़ के प्रोजेक्ट के अलावा होगी। रांची स्मार्ट सिटी 656 एकड़ में धुर्वा क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जो पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। अतिरिक्त जमीन मिलने से स्मार्ट सिटी का दायरा बढ़ने के साथ यहां कई अत्याधुनिक सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। भारी उद्योग मंत्रालय प्रस्ताव पर कर रहा विचार अतिरिक्त जमीन लेने से राज्य सरकार ने एचईसी से बातचीत भी शुरू की है। बीते कुछ माह पहले रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार से इसे लेकर चर्चा की थी। अब भारी उद्योग मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। जानकारी के अनुसार अब एचईसी जमीन चिन्हित कर रहा है। इसके तहत एचईसी को बड़ी राशि मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे निगम के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इसके अलावा मिलने वाली राशि से कर्मचारियों के बकाया भुगतान और मशीनों के आधुनिकीकरण का रास्ता खुलेगा। एचईसी के पास बड़ी मात्रा में अप्रयुक्त जमीन है, जहां अतिक्रमण की समस्या भी बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि इस जमीन का स्मार्ट सिटी में उपयोग कर इसे व्यवस्थित विकास में बदला जा सकता है। शहर के विकास का नया मॉडल होगा तैयार प्रस्तावित अतिरिक्त 500 एकड़ जमीन में एक ही स्थान पर आवासीय, व्यावसायिक या संस्थागत उपयोगों वाली गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है। इससे छोटे कैफे, बुटीक, कंसल्टेंसी फर्म व रिटेल आउटलेट्स के लिए नए मौके खुलेंगे। स्मार्ट सिटी के विस्तार से धुर्वा, हटिया व जगन्नाथपुर क्षेत्र में संरचनात्मक ढांचे में भी सुधार होगा। चौड़ी सड़कें, 24 घंटे बिजली व हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम से आसपास के क्षेत्रों को भी फायदा मिलेगा। अतिरिक्त जमीन में स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन द्वारा विकास का नया मॉडल भी तैयार करने का प्रस्ताव है। यानी छोटे-छोटे प्लॉट तैयार होंगे, जिससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। वर्तमान में जिस 656 एकड़ जमीन में स्मार्ट सिटी विकसित हो रही है, उसकी सबसे बड़ी बाधा जमीन का दाखिल-खारिज थी। वर्षों पहले एचईसी को मिली जमीन का म्यूटेशन नहीं कराया गया था, जिससे वर्ष 2016 में प्रोजेक्ट शुरू होने के बावजूद प्लॉट आवंटन और निर्माण कार्य ठप पड़ा था। पिछले माह ही नामकुम अंचल में इस तकनीकी खामी को दूर करते हुए 656 एकड़ में से करीब 450 एकड़ जमीन का म्यूटेशन पूरा कर लिया है। शेष जमीन पर भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

Indore में बदला मौसम, बारिश ने तोड़ी गर्मी की तपिश

इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रविवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की तपिश झेल रहे इंदौरवासियों को कुदरत ने बड़ी राहत दी है। शहर के कई इलाकों में अचानक घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। चिलचिलाती धूप के बीच हुई इस बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से तुरंत निजात मिली। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय मौसमी तंत्र सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखा गया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश तापमान कम करने में सहायक होगी। इस तरह बदलेगा मौसम मौसम विभाग की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या के मुताबिक, ”एंटी साइक्लोन सर्कुलेशन महाराष्ट्र और इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच सक्रिय है. इसके अलावा एक ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश के ऊपरी भागों में सक्रिय है. इस वजह से 27 अप्रैल से प्रदेश का मौसम बदलेगा. 27 अप्रैल – प्रदेश के निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं प्रदेश के भिंड, मुरेना, ग्वालियर, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर में मौसम बदलेगा और 50 किलोमीटर तक की रफ्तार से हवाओं चलेंगी. बादल छाएंगे और बिजली की चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इसके अलावा रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला जिलों में तेज हवाएं के हाथ हल्की बारिष होगी. यहां रात का तापमान बढ़ेगा.

Gwalior में बड़ा हादसा टला, बस में आग लगने पर पुलिस की सूझबूझ से 16 जिंदगियां सुरक्षित

ग्वालियर. जयपुर से चलकर छतरपुर के बागेश्वर धाम जा रही एक वीडियो कोच बस टायर फटने के बाद आग की चपेट में आ गई। इस दौरान बस में सवार 16 यात्री नींद की आगोश में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से सभी की जान बच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल कांच तोड़कर अंदर सो रहे यात्रियों को बाहर निकाला। घटना झांसी रोड थाने के पास की है। आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक अमला मौके पर पहुंचा, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। जयपुर से बागेश्वर धाम जा रही थी बस जानकारी के मुताबिक बस क्रमांक एनएल 07 बी 0899 राजस्थान के जयपुर से छतरपुर के बागेश्वर धाम जा रही थी। बस शनिवार रात करीब नौ बजे जयपुर से रवाना हुई थी और रविवार तड़के ग्वालियर पहुंची। सुबह करीब पांच बजे नाका चंद्रवदनी पर इस बस से करीब 15 यात्री उतर गए थे। इसके बाद जैसे ही बस झांसी रोड थाने के सामने पहुंची, तेज आवाज के साथ बस का टायर फट गया और अचानक उसमें आग लग गई। जिस समय घटना हुई, उस समय बस में 16 यात्री सवार थे और अधिकांश यात्री सो रहे थे। बस में आग लगने पर यात्रियों को हल्की दुर्गंध और धुआं महसूस हुआ। इसी बीच झांसी रोड थाना पुलिस के जवानों ने बस से आग की लपटें उठती देखीं, तो तत्काल यात्रियों को अलर्ट किया और कांच तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। कई यात्रियों ने स्वयं भी खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।

Malhar से निकली प्राचीन विरासत, 2000 वर्ष पुराना ताम्रपत्र मिला; ज्ञान भारतम अभियान में बड़ी खोज

बिलासपुर. ज्ञान भारतम अभियान के तहत ऐतिहासिक नगर मल्हार में एक  महत्वपूर्ण खोज सामने आई है। यहाँ रहने वाले संजीव पाण्डेय के निवास पर 3 किलोग्राम से अधिक वजन का एक दुर्लभ ताम्रपत्र प्राप्त हुआ है, जिस पर लगभग 2000 वर्ष पुरानी ब्राह्मी लिपि तथा पाली भाषा में लेख उत्कीर्ण हैं। यह ताम्रपत्र ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्राह्मी लिपि भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है, जिसका उपयोग मौर्य काल से प्रारंभ होकर कई शताब्दियों तक होता रहा। वहीं पाली भाषा का संबंध मुख्यतः बौद्ध धर्म के साहित्य और शिक्षाओं से जुड़ा रहा है, जिससे इस खोज का धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन समय में ऐसे ताम्रपत्रों का उपयोग भूमि दान, राजकीय आदेश या धार्मिक घोषणाओं के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में किया जाता था। इस ताम्रपत्र का वैज्ञानिक परीक्षण एवं विस्तृत अध्ययन किए जाने पर उस काल की सामाजिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। ज्ञान भारतम अभियान के तहत यह खोज न केवल मल्हार क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को उजागर करती है, बल्कि शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति  मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम् अभियान के तहत देश की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह पहल गांव-गांव तक पहुंच रही है, जहां ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को अपनी पुरानी पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने और उन्हें सामने लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन से जुड़े अमूल्य दस्तावेजों का दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है। विशेषज्ञों द्वारा पांडुलिपियों की पहचान कर उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। यह अभियान न केवल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि देश की ऐतिहासिक और बौद्धिक संपदा को पुनर्जीवित करने का भी एक सशक्त प्रयास है।

बाइक सवार को बचाने में हादसा, चार गंभीर घायल कोटा रेफर

 बूंदी राजस्थान के बूंदी जिले में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी. कापरेन थाना क्षेत्र के अंतर्गत कापरेन और हीरापुर के बीच बूंदी-कोटा लालसोट हाईवे पर सवारियों से भरी एक तेज रफ्तार स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई. यह बस कोटा से दिल्ली की ओर जा रही थी, जिसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे. इस हादसे में लगभग 15 यात्री घायल हो गए हैं. बाइक सवार को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा हादसे की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि बस ड्राइवर ने सड़क पर अचानक आए एक बाइक सवार को बचाने का प्रयास किया था, लेकिन बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह उस पर नियंत्रण नहीं रख सका. देखते ही देखते बस सड़क पर पलट गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई. जान बचाने की जद्दोजहद में यात्री इधर-उधर भागने लगे, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. क्रेन की मदद से बाहर निकाले गए फंसे हुए यात्री घटना की जानकारी मिलते ही कापरेन थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. बस पलटने के कारण कुछ यात्री उसके अंदर ही बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस को क्रेन की मदद लेनी पड़ी. काफी मशक्कत के बाद दो यात्रियों को बस के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया. 4 गंभीर घायलों को कोटा किया गया रेफर सभी घायलों को तत्काल कापरेन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. चिकित्सकों के अनुसार, घायल 15 यात्रियों में से 4 की हालत अत्यंत गंभीर है, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा के एमबीएस (MBS) अस्पताल रेफर कर दिया गया है. अन्य घायलों का उपचार कापरेन में ही जारी है. हाइवे पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाली स्थिति इस दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. पुलिस ने मौके पर स्थिति को संभालते हुए क्रेन की मदद से बस को हटवाया और धीरे-धीरे यातायात को सुचारू कराया. फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.