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सीएम की मंजूरी के बाद रामलाल रौतेल ST और कैलाश जाटव SC आयोग के अध्यक्ष, महिला और बाल आयोग के अध्यक्ष भी तय

भोपाल  मप्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की घोषणा हो गई है। पूर्व विधायक कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के तौर पर पूर्व विधायक रामलाल रौतेल की नियुक्ति। गुरुवार शाम को सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इन नामों को हरी झंडी दे दी थी। इसके अलावा राज्य महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का रास्ता भी साफ हो गया है। एक या दो दिन में ऐलान होने की संभावना है। अनुसूचित जाति आयोग में एक अध्यक्ष दो सदस्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के लिए पूर्व विधायक कैलाश जाटव की नियुक्ति हो गई है। वहीं सदस्यों के तौर पर रामलाल मालवीय और बारेलाल अहिरवार के नाम हैं। जाटव अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। साल 2013 में वे पहली बार नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव सीट से विधायक बने थे। साल 2018 में वो इसी सीट से दूसरा चुनाव हार गए थे। पार्टी ने 2023 में उन्हें टिकट नहीं दिया और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। रामलाल रौतेल दूसरी बार बने अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के लिए पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के नाम पर मुहर लगी है। रौतेल दूसरी बार ये पद संभालने जा रहे हैं। इससे पहले 2010 में उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। वे दो बार अनूपपुर सीट से विधायक रहे और कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आयोग के सदस्य के तौर पर भगत नेताम और मंगल सिंह धुर्वे के नामों का ऐलान हुआ है। 6 साल बाद राज्य महिला आयोग में नियुक्ति सरकार आठ साल से खाली पड़े राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की भी नियुक्ति करने जा रही है। पूर्व विधायक रेखा यादव को महिला आयोग का अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी है। वहीं पूर्व विधायक साधना स्थापक और ग्वालियर की पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता को सदस्य बनाया जा सकता है। साल 2020 में कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का पद कानूनी पचड़े में फंस गया था। तत्कालीन अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्यों को उस समय शिवराज सरकार ने हटा दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए सदस्यों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बाल संरक्षण आयोग में अध्यक्ष के साथ 4 सदस्य इसके अलावा बाल संरक्षण आयोग के लिए भी अध्यक्ष और सदस्यों के नाम पर सहमति बन चुकी हैं। डॉ. निवेदिता शर्मा को अध्यक्ष बनाया जाएगा। वो पहले से ही बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। उनके अलावा सोनम निनामा, अर्चना गुप्ता, मोनिका बट्टी और सीमा सिंह को सदस्य बनाने पर सहमति बनी है। बीजेपी ने 23 नाम दिल्ली भेजे थे पार्टी स्तर से निगम-मंडल, आयोग व प्राधिकरण के अध्यक्ष के लिए 23 नाम दिल्ली भेजे गए थे। वहां से फाइनल सूची मप्र आ चुकी थी और इसकी एक हफ्ते में घोषणा होना थी। 17 अप्रैल को जिला और संभाग प्रभारियों की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि पहले यह सोचा गया था कि निगम-मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्ष घोषित कर दिए जाएं, लेकिन अब उपाध्यक्षों व सदस्यों के भी नाम एक साथ जारी किए जाएंगे। यानि पूरी बॉडी जारी होगी।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता

निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री तोमर ने औद्योगिक क्षेत्र बामोर (बानमोर) में 133/11 केवी सब स्टेशन का औचक निरीक्षण किया भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को मुरैना-ग्वालियर मार्ग पर स्थित बामोर (बानमोर) औद्योगिक क्षेत्र में 133/11 केवी सब स्टेशन का गुरुवार को औचक निरीक्षण करते हुए विद्युत व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराना आपके सेवक की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियों का त्वरित निराकरण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में बेवजह का विद्युत अवरोध नहीं होना चाहिए। यथासंभव उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा मंत्री ने संबंधित बिजली अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियां समयबद्ध रूप से दुरुस्त की जाएँ, जिससे नागरिकों को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध हो सके, लेकिन ऐसा कोई काम ना करें, जिससे बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान आए। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वह ऊर्जा विभाग का सहयोग करें। सामने आ रही बिजली की समस्या के निदान के लिए पूरा ऊर्जा विभाग मैदान में है। बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार से बचने का तरीका यह है कि उपभोक्ता अपनी घरेलू बिजली का लोड बढ़वाएं तथा वैध विद्युत कनेक्शन लेकर ही विद्युत उपभोग करें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अगर हम बिजली कंपनी का सहयोग करें, तो तकनीकी समस्याओं को दूर करने में काफी हद तक निजात पाई जा सकती है।  

एमपी में प्रशासनिक बदलाव, नई जिम्मेदारियों से नवाजे गए अधिकारी – पूरी लिस्ट जानें

भोपाल एमपी मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएमओ) में भी नए सिरे से अधिकारियों को विभागों का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुख्य प्रधान सचिव नीरज मंडलोई को अब समन्वय से जुड़े मामलों, ट्रांसफर संबंधी फाइलों, सिंहस्थ से जुड़ी ए-प्लस नोटशीट और CMO के अधिकारियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।साथ ही इंदौर और उज्जैन संभाग से जुड़े मामलों की निगरानी का जिम्मा भी संभालेंगे।     मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सचिव आलोक कुमार सिंह को सांसदों और विधायकों से जुड़े कार्यों, सरकारी और गैर-सरकारी नियुक्तियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  साथ ही कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से जुड़े मामलों की निगरानी भी करेंगे। सचिव टी. इल्याराजा को केंद्र सरकार और दिल्ली से जुड़े मामलों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। वे केंद्र के साथ तालमेल और लंबित विषयों पर काम करेंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्त किए गए कौशलेंद्र विक्रम सिंह को अलग-अलग विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री कार्यालय की विजिलेंस शाखा, सरकार के संकल्प पत्र की निगरानी, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, विधायक डैशबोर्ड और आईटी सेल का काम भी संभालेंगे। मुख्यमंत्री के इन अधिकारियों को भी जिम्मा एमपी के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अजात शत्रु श्रीवास्तव, राजेश हिंगणकर, अपर सचिव मनीष पांडेय, उप सचिव आदित्य कुमार शर्मा, अवर सचिव संदीप अष्ठाना, अवर सचिव आशीष कुमार, श्रीलेखा श्रोतिय, आशुतोष गोस्वामी, केवलराम धुर्वे, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी आलोक सोनी, आशीष खरे, कविराज मेहरा को भी अलग-अलग जिम्मा सौंपा गया है। ये सीएम के खास -नीरज मंडलोई एसीएस, मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री से जुड़े सभी कामों का दायित्व, इंदौर व उज्जैन के प्रशासनिक कामों का भी जिम्मा। -आलोक सिंह सचिव, मुख्यमंत्री कैबिनेट बैठक, सीएम का भ्रमण कार्यक्रम, नियुक्ति, विधानसभा, सागर-भोपाल, नर्मदापुरम से समन्वय। -डॉ. इलैया राजा टी सचिव, मुख्यमंत्री: केंद्रीय मंत्री-सांसदों के पत्राचार, सीएम का दिल्ली भ्रमण, केंद्र व राज्य के लंबित मामलों में समन्वय। चंद्रशेखर वालिम्बे सचिव, मुख्यमंत्री: सीएम के भ्रमण कार्यक्रम, स्वेच्छानुदान, मुलाकातस संवाद, जबलपुर, रीवा व शहडोल से समन्वय। इन नए अफसरों को भी सौंपी जिम्मेदारियां सीएमओ में आए कौशलेंद्र विक्रम सिंह और सुधीर कोचर को भी जवाबदेही दी है। बता दें, बीते माह ही उनकी पदस्थापना सीएमओ में की गई थी। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, सचिव: को सीएम कार्यालय में विजिलेंस शाखा का प्रभारी के साथ ही गंभीर शिकायतों के निराकरण और कार्यवाही प्रतिवेदन का जिम्मा, घोषणा पत्रों की निगरानी, सीएम डैशबोर्ड से जुड़े तमाम पोर्टल, वेबसाइट व आत्मनिर्भर मप्र की निगरानी। सुधीर कोचर, उप सचिव: सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे को सीएमओ में आवंटित कामों में सहयोग करना, मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रमों की तैयारी कराना, सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन आदि काम। मुख्यमंत्री के दफ्तर में ये अफसर करेंगे सरकारी योजनाओं की निगरानी सीएम दङतर में गुरुवार को दो दर्जन से अधिक अफसरों को जिचमेदारी बांटी गई। इनमें कुछ पुराने तो कुछ नए अफसरों को भी कार्यभार दिया है। चंद्रमौली शुक्ला, अवर सचिव: निवेश से जुड़े काम, उद्योगपतियों व निवेशकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात, निवेश प्रकरणों का निराकरण, निवेश बैठकें, भ्रमण आदि विभागीय काम। अरविंद दुबे, अपर सचिव: प्रगति पोर्टल व राज्य की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा, प्रगति की निगरानी, बड़े प्रोजेक्टों की निगरानी, विभागों के लंबित मामलों को मुख्यमंत्री के सामने रखना। अरुण परमार, अपर सचिव: एसीएस मंडलोई के कामों में सहयोग, ई-ऑफिस से जुड़े काम, विभिन्न विभागों से स्थानांतरण, पदस्थापना से जुड़े प्रकरण, मंत्री परिषद की तैयारियां, मुख्यमंत्री की बैठक के लिए चर्चा के बिंदु प्राप्त करना, मुख्यमंत्री द्वारा ली जाने वाली बैठकों का कार्यवाही विवरण लेकर एसीएस को प्रेषित करना, कले’टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तैयारियों से जुड़े काम सौंपे गए। लक्ष्मण सिंह मरकाम, अपर सचिव: तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, जनजातीय कल्याण विभाग से जुड़े काम सीएमओ में दिए गए हैं। संदीप केरकेट्टा, उप सचिव: सचिव आलोक सिंह को सौंपे कामों में सहयोग करना। ए-प्लस व ए मॉनिट के आवेदनों को एसीएस के सामने प्रस्तुत करने जैसे काम मुख्यमंत्री के दफतर में दिए गए हैं।  

29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी रूट व पार्किंग व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण मल्टी-लेयर सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन समन्वय और त्रुटिरहित आयोजन का निर्देश आमजन की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, बिजली व यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश हरियाली के लिए पौधरोपण और आपात सेवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष फोकस लखनऊ/हरदोई  हरदोई में 29 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के आगमन एवं गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बिलग्राम तहसील के मल्लावां कट स्थित कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सहित सभी तैयारियों का गहनता से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभा स्थल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने बैठने की समुचित व्यवस्था, पंडाल की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता, स्वच्छता, शौचालय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हों। यातायात प्रबंधन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम के समय ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने हेलीपैड और वीआईपी मूवमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आपातकालीन सेवाओं- एम्बुलेंस, अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी कमी हो, उसे तुरंत दूर किया जाए। इस अवसर पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल और आसपास हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए ‘हरि शंकरी’ प्रजाति के पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए। अंत में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी, समन्वय और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इसका सफल और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करें।

अधिक धान उत्पादन के लिए कृषि विभाग का अभियान तेज, हरी खाद से खेतों में वृद्धि

हरी खाद से लहलहाएंगे खेत: धान उत्पादन बढ़ाने कृषि विभाग का विशेष अभियान तेज "रासायनिक उर्वरकों का विकल्प बन रही हरी खाद, 176 हेक्टेयर में विस्तार का लक्ष्य तय" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में मृदा की सेहत सुधारने और धान उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में हरी खाद और जैव उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग का मानना है कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। अभियान के तहत किसानों को रोपा पद्धति से धान की खेती से पहले खेतों में ढैंचा, सन जैसी शीघ्र बढ़ने वाली दलहनी फसलों की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन फसलों को एक निश्चित अवस्था में मिट्टी में पलटने से मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ढैंचा एक अत्यंत प्रभावी हरी खाद है, जिससे प्रति हेक्टेयर 30 से 40 किलोग्राम तक नाइट्रोजन प्राप्त हो सकती है। इसकी बुवाई 35 से 45 दिन पहले की जाती है और 2 से 3 फीट ऊंचाई होने पर इसे मिट्टी में मिला दिया जाता है, जो कुछ ही दिनों में सड़-गलकर फसल के लिए पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। जिले में इस अभियान के तहत कुल 176 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मनेन्द्रगढ़ के लिए 62 हेक्टेयर, खड़गवां के लिए 52 हेक्टेयर और भरतपुर के लिए 62 हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं। कृषि विभाग किसानों को हरी खाद के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस पहल का लाभ उठाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारें और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करें।

अवधपुरी में 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन, 3.36 करोड़ की लागत से होगा निर्माण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से बनेगी 4 लेन सीसी सड़क, राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने किया भूमिपूजन भोपाल अवधपुरी क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने SBI ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक बनने वाली 4 लेन सीसी सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के आवागमन को सुगम बनाएगी। विशेष बात यह है कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सड़क बनने से अवधपुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। स्थानीय रहवासियों ने लंबे समय से इस सड़क की मांग की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र धोटे,  श्री संजय शिवनानी , श्री वी शक्तिराव सहित  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मौसम बारिश से जूझते गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी राहत

बेमौसम बारिश से परेशान गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सुविधा रबी विपणन वर्ष 2026-27 प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं बिना कटौती सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदा जायेगा सभी 18 मंडल के लिए शासन ने नामित किये नोडल अधिकारी   टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान लखनऊ  मौसम की मार से परेशान किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जाए तथा किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो।  बता दें कि प्रदेश में बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता में कमी आई है। चमकविहीन होने के साथ गेहूं के दानों में सिकुड़न आ गयी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में भारत सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की है। अब किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदा जायेगा। जिन किसानों का नहीं हुआ सत्यापन, उनसे भी होगी खरीद किसानों के पंजीकरण में दर्ज विवरण का सत्यापन राजस्व एवं चकबन्दी विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अन्तर्गत जिन किसानों का उक्त विभागों द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उन किसानों का गेहूं भी क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों के राजस्व/चकबन्दी अभिलेखों का मिलान करते हुए क्रय किया जायेगा।। 15 जून तक जारी रहेगी गेहूं की खरीद समस्त जनपदों के क्रय केन्द्रों पर 15 जून तक अनवरत रूप से गेहूं खरीद जारी रहेगी। किसानों के समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जायेगी। भीड़ अधिक होने पर किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त कर लें और टोकन में दर्ज तिथि पर क्रय केंद्र लाकर गेहूं बिक्री करें। किसी भी असुविधा पर किसान  टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सभी 18 मंडल के लिए नोडल अधिकारी नामित शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। नामित अधिकारी अपने सम्भाग का भ्रमण करते हुए किसानों से क्रय किए जा रहे गेहूं की व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करेंगे। साथ ही बैठक करके गेहूं खरीद को सुचारु रूप से सम्पन्न कराएंगे।

डिप्टी कमिश्नर अमृतसर ने किसान जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई

अमृतसर.  डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने गेहूं के डंठल जलाने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान के तहत, अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स से जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई। अमृतसर जिले में गेहूं की कटाई चल रही है, जिसके बाद ये वैन गांव लेवल पर किसानों को अलग-अलग तरीकों से गेहूं के डंठल को बिना जलाए मैनेज करने के बारे में जागरूक करेंगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, मिट्टी की सेहत खराब होती है, दोस्त कीड़े मर जाते हैं और कीमती पोषक तत्व और ऑर्गेनिक चीजें नष्ट हो जाती हैं। इस मौके पर, अमृतसर के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) रोहित गुप्ता ने कहा कि कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने किसानों द्वारा गेहूं के डंठल जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे गेहूं के डंठल को बिना आग लगाए ठीक से मैनेज करें। अमृतसर के चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर डॉ. गुरसाहिब सिंह ने कहा कि एग्रीकल्चर और किसान कल्याण विभाग, जिला अमृतसर गांव और ब्लॉक लेवल पर कैंप लगाकर, गांव लेवल पर धार्मिक जगहों से अनाउंसमेंट करके, गांव लेवल पर नाटक दिखाकर और प्रोग्रेसिव किसानों और गांवों के जाने-माने प्रतिनिधियों जैसे सरपंच, नंबरदार वगैरह के साथ ब्लॉक लेवल पर मीटिंग करके गेहूं के डंठलों के सही मैनेजमेंट के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक खास कैंपेन चला रहा है। अमृतसर जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं के डंठलों से भूसा बनाने के बाद, बचे हुए हिस्से को बिना आग लगाए अगली फसल के लिए तैयार करें। चूंकि किसानों के पास गेहूं की कटाई और धान की बुआई के बीच काफी समय होता है, इसलिए इस दौरान किसान जंतर को हरी खाद के तौर पर लगाकर जमीन की सेहत सुधारने के लिए सही कदम उठा सकते हैं। इस मौके पर SDM अलका कालिया, एग्रीकल्चर ऑफिसर गुरप्रीत सिंह, नवतेज सिंह और गुरजोत सिंह, जगदीप कौर DPD (Atma), मनबीर कौर, एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर (रिक्लेमेशन), हरगुरनाड सिंह, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर, सविता चौहान सीनियर असिस्टेंट और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से रजनी बिष्ट, शरणजीत कौर, जोरावर सिंह, रणजीत सिंह वगैरह मौजूद थे।

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का उद्घाटन, तीन दिवसीय आयोजन रहेगा दिनकर को समर्पित

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन   आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा   लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक 24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। 26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।

तरुणप्रीत सिंह बोले – पंजाब लेबर वेलफेयर बोर्ड ने इंडस्ट्रियल वर्कर्स को Rs. 17.11 करोड़ के फायदे बांटे

चंडीगढ़. पंजाब लेबर वेलफेयर बोर्ड ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में अलग-अलग वेलफेयर स्कीम के तहत 7831 बेनिफिशियरी को Rs. 17.11 करोड़ की फाइनेंशियल मदद बांटी। बोर्ड की चल रही एक्टिविटी और प्रोग्रेस का असेसमेंट करने के लिए एक रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, पंजाब के लेबर मिनिस्टर एस. तरुणप्रीत सिंह सौंद ने इन कोशिशों को और मजबूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को अवेयरनेस कैंपेन तेज़ करने का निर्देश दिया ताकि बड़ी संख्या में एलिजिबल वर्कर्स वेलफेयर स्कीम का फायदा उठा सकें। मिनिस्टर ने ज़ोर देकर कहा कि अवेयरनेस की कमी अक्सर वर्कर्स को उनके लिए उपलब्ध वेलफेयर स्कीम का फायदा उठाने से रोकती है। स्कीम के स्कोप के बारे में बताते हुए, मिनिस्टर ने कहा कि पंजाब लेबर वेलफेयर फंड एक्ट, 1965 के तहत आने वाली जगहों में काम करने वाले इंडस्ट्रियल वर्कर्स बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले फायदों का फायदा उठाने के एलिजिबल हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये पहलें वर्कर्स और उनके परिवारों को हेल्थ, एजुकेशन और सोशल सिक्योरिटी समेत ज़िंदगी के अलग-अलग पहलुओं में मदद करने के लिए शुरू की गई हैं। बोर्ड द्वारा शुरू की गई स्कीमों में मेडिकल ट्रीटमेंट और जनरल सर्जरी के लिए फाइनेंशियल मदद, एक्स-ग्रेटिया ग्रांट, अंतिम संस्कार का खर्च, LTC, मैटरनिटी बेनिफिट और मेंटल या फिजिकल डिसेबिलिटी वाले वर्कर्स के लिए मदद शामिल है। इसके अलावा, वर्कर्स दूसरी स्कीमों का भी फायदा उठा सकते हैं, जिनमें शगुन स्कीम, चश्मे, डेंटल केयर और हियरिंग एड के लिए मदद के साथ-साथ एजुकेशन और डिसेबिलिटी कम्पेनसेशन के लिए स्कॉलरशिप स्कीम शामिल हैं। मंत्री ने सरकार की इस कमिटमेंट को दोहराया कि वेलफेयर स्कीमें हर एलिजिबल वर्कर तक पहुंचेंगी ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो और ज़रूरत के समय उन्हें सिक्योरिटी मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से इन स्कीमों की पहुंच और असर को और बढ़ाने के लिए अवेयरनेस कैंप और आसान एप्लीकेशन प्रोसेस जैसे प्रोएक्टिव कदम उठाने की अपील की। पंजाब सरकार लेबर वेलफेयर को अपने डेवलपमेंट एजेंडा के एक अहम हिस्से के तौर पर प्रायोरिटी दे रही है, और यह पक्का किया जा रहा है कि इंडस्ट्रियल वर्कर्स को ज़रूरी मदद और सही सम्मान दिया जाए। इस मौके पर लेबर डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी मनवेश सिंह सिद्धू, इंडस्ट्रीज़ एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी महिंदर पाल, लेबर कमिश्नर-कम-वेलफेयर कमिश्नर, पंजाब राजीव कुमार गुप्ता, मेंबर बलदेव बलखंडी और कई दूसरे बड़े लोग भी मौजूद थे।