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बाल विवाह पर सख्ती: Manendragarh में प्रशासन ने तीन शादियां रुकवाईं, परिवारों को चेतावनी

मनेन्द्रगढ़. जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम कोडांगी (थाना खड़गवां), ग्राम पंचायत केलुआ एवं ग्राम पंचायत दुगला थाना केल्हारी में होने वाले बाल विवाह को समय रहते रोका गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने तत्काल संयुक्त टीम का गठन किया। ब्लॉक परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में गठित इस टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, थाना केल्हारी एवं थाना खड़गवां का पुलिस बल, विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर के सदस्य, सरपंच और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे। बाल विवाह पर जानिए क्या है सजा का प्रावधान टीम ने तीनों स्थानों पर पहुंचकर बाल विवाह की प्रक्रिया को रुकवाया और संबंधित परिवारों को समझाइश दी। अधिकारियों ने मौके पर ही बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके कानूनी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत जानकारी देते हुए बताया गया कि इस प्रकार के विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति जैसे पंडित, पुरोहित, टेंट संचालक, रिश्तेदार या अन्य सहयोगी को 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया गया कि विवाह की वैधानिक आयु बालक के लिए 21 वर्ष और बालिका के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई है। बाल विवाह हाेने पर टोल फ्री नंबर 1098 पर दें सूचना कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रकरणों में पंचनामा एवं प्रतिवेदन भी तैयार किया गया। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं और ऐसी किसी भी सूचना को तत्काल टोल फ्री नंबर 1098 पर साझा करें। इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल तीन बाल विवाहों को रोककर नाबालिगों के भविष्य को सुरक्षित किया है, बल्कि समाज में एक सशक्त संदेश भी दिया है कि कानून के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पंजाब की पॉलिटिक्स में बड़ी हलचल! SAD पुनर सुरजीत ने जारी किया विज़न डॉक्यूमेंट

चंडीगढ़ 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में पॉलिटिकल पार्टियां पूरी तरह एक्टिव हो गई हैं। इसी सिलसिले में आज चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की लीडरशिप में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत का विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया। इस दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने डॉक्यूमेंट जारी करते हुए इसे पंथ, पंजाब और भविष्य के लिए एक विज़न बताया। इस मौके पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट सरदार इकबाल सिंह झुंडा की लीडरशिप वाली कमेटी और जानकारों की मेहनत से तैयार किया गया है। प्रोफेसर पूरन सिंह के शब्दों में, 'पंजाब वसदा गुरु दे नात ते' टाइटल से जारी इस घोषणा में पंजाब के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों को एड्रेस किया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने साफ किया कि पंजाब से पंथ को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए पार्टी पंथिक मुद्दों को प्राथमिकता देगी। पंजाब की मौजूदा आर्थिक हालत पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा है और मौजूदा सरकार कर्ज मुक्ति के अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है। महिलाओं और युवाओं के लिए आरक्षण युवाओं की हालत पर चिंता जताते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब का युवा दिशाहीन होता जा रहा है। इसी तरह, युवाओं को दिशाहीनता और ड्रग्स से बचाने के लिए पार्टी में 40 परसेंट रिप्रेजेंटेशन देने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया से बड़े पैमाने पर जानकारी मिल रही है, जिसमें से ज्यादातर फेक होती है और इससे उनके विचारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बेरोजगारी और ड्रग्स के बढ़ते असर को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि सरकारें इस मुद्दे को हल करने में नाकाम रही हैं। पार्टी युवाओं को रोजगार के मौके देने और उन्हें सही दिशा में ले जाने के लिए खास प्लान बनाएगी। महिलाओं के अधिकारों के बारे में उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की में महिलाओं का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जहां 33 परसेंट रिजर्वेशन की बात हो रही है, वहीं वे इससे भी ज़्यादा, 35 परसेंट रिजर्वेशन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम से महिलाओं की भागीदारी और मज़बूत होगी। हेल्थ, एजुकेशन और एनवायरनमेंट ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि घोषणापत्र में हेल्थ और एजुकेशन को राज्य के दो अहम पिलर माना गया है और इन्हें बेहतर बनाने की बात कही गई है। एनवायरनमेंट कंजर्वेशन, खासकर जंगलों का एरिया बढ़ाना और मत्तेवाड़ा जैसे जंगलों की रक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। सोशल जस्टिस के तहत S. C, S. T, O. B. C. और जनरल कैटेगरी के गरीब तबके के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाने का वादा किया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह मैनिफेस्टो आनंदपुर साहिब प्रस्ताव की रोशनी में तैयार किया गया है, जिसमें राज्यों को ज़्यादा अधिकार देने की वकालत की गई है। केंद्र सरकार पर राज्यों की शक्तियां छीनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे केंद्र से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह मैनिफेस्टो पूरी तरह से 'ओपन' है और पंजाब की बेहतरी के लिए दूसरे सुझाव भी इसमें शामिल किए जाएंगे। माइनॉरिटीज़ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश और पंजाब दोनों में माइनॉरिटी सेक्शन की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना पार्टी की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी सेक्शन के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी को बराबर अधिकार मिलेंगे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पार्टी का यह मैनिफेस्टो पंजाब के हर सेक्शन को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिसका मकसद राज्य को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण के लिहाज़ से मज़बूत बनाना है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC के रवैये पर उठाए सवाल, श्री दरबार साहिब निवास से सामान ले जाना शुरू किया अमृतपाल सिंह, पंजाबी जागरण, अमृतसर: श्री हरमंदिर साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कमेटी पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और उनके व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि हाल ही में जब वह अपने श्री दरबार साहिब निवास से अपना सामान शिफ्ट करवा रहे थे, तो गेट पर तैनात सेवादारों ने उनसे लिखित में साइन करवाने के बाद सामान ले जाने दिया। ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस कार्रवाई को बेहद बुरा बताया और कहा कि लंबे समय से गुरु घर की सेवा कर रहे सेवादार के निजी सामान की तलाशी लेना बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी गैर-कानूनी चीज के शक पर ही तलाशी ली जाती है, लेकिन यहां जानबूझकर नीचा दिखाने की कोशिश की गई है। अपनी रिटायरमेंट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दो साल से ज्यादा की सर्विस बाकी थी, लेकिन उन्हें 26 फरवरी को जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया, जबकि वह मेडिकल लीव पर थे। उन्होंने कहा कि उनके घर आने-जाने वाले लोगों पर जासूसी की जा रही है और कर्मचारियों द्वारा निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह घर खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन नए घर के रेनोवेशन के कारण उन्होंने 10-12 दिन और मांगे थे। फंड के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्होंने 36 साल श्री गुरु रामदास जी के घर की सेवा की है, अगर कमेटी फंड जारी करती है तो ठीक है, वरना वह भरोसे के गुरु हैं। उन्होंने मैनेजमेंट से अपील की कि मैनेजमेंट में नैतिकता और शालीनता बनाए रखी जानी चाहिए। इस बारे में मैनेजर भगवंत सिंह धंगेरा ने कहा कि श्री दरबार साहिब के हर गेट पर सेवक तैनात हैं। कोई भी सामान बाहर ले जाने के लिए गेट पास होना जरूरी है, गेट पर तैनात सेवक ने हमेशा की तरह अपनी ड्यूटी निभाई है। सेवकों को बताया गया है कि सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह जो भी सामान बाहर ले जाते हैं, उसके लिए किसी गेट पास या इंस्पेक्शन की जरूरत नहीं है। अगर सिंह साहब ने पहले ही किसी एडमिनिस्ट्रेटर से संपर्क किया होता तो ऐसा नहीं होता, जब मुझे पता चला तो मैंने तुरंत नौकरों … Read more

इंदौर में 6 हजार से अधिक ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन, जोन के हिसाब से कलर करवा रहे संचालक, नई व्यवस्था लागू

इंदौर  इंदौर में ट्रैफिक पुलिस ने 6 हजार से ज्यादा ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन करा लिए हैं। इन ई-रिक्शाओं का संचालन अलग-अलग जोन में किया जाएगा, जिसके लिए इन पर कलर कराए जा रहे। पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस ने अलग-अलग जोन में अलग-अलग कलर कोड तैयार किया था, जिसके आधार पर इन पर कलर कराए जा रहे हैं, आगामी 15 दिनों में ये व्यवस्था शुरू हो जाएगी। डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शहर को चार जोन में बांटा गया था। जिसमें अलग-अलग कलर कोड की ई-रिक्शाओं का संचालन किया जाएगा। एक महीने ट्रैफिक पुलिस ने संचालकों के साथ बैठक कर यह निर्णय ले लिया था। इसके बाद संचालकों को रिक्शाओं का थाने पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा था। इसके लिए उन्हें समय भी दिया था। उन्होंने बताया कि अब तक 6 हजार से ज्यादा ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जिनके नहीं हुए हैं, उनके भी रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। कौन सी रिक्शा किस जोन में चलेगी उसके अनुसार उन पर कलर रोड किया जा रहा है, ताकि वह आसानी से पहचान में आ सके। शहर का जोनवार बाटा, कलर कोड भी ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए शहर को संबंधित ट्रैफिक के 4 जोन के आधार पर 4 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इसमें जोन 1 में ब्लू, जोन 2 में येलो, जोन 3 में रेड और जोन 4 में व्हाइट कलर कोड की ई-रिक्शाओं का संचालन किया जाएगा। बता दें कि इसके पीछे का उद्देश्य है यह है कि शहर में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था बन सके। जोनवार व्यवस्था होने से संबंधित जोन की ई-रिक्शा उसी जोन में चलेगी। अगर वह दूसरे जोन में संचालित होगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। .

विदेश में गूंजा पंजाब का विज़न: भगवंत मान ने NRI समुदाय से किया निवेश का आह्वान

चंडीगढ़.  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों फिनलैंड दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से सीधा संवाद स्थापित कर राज्य के विकास में उनकी भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बसे पंजाबियों के पास अनुभव, संसाधन और तकनीकी समझ है, जो पंजाब की आर्थिक प्रगति को नई गति दे सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्हें राज्य में निवेश और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। पंजाब सरकार उद्योग, कृषि और शिक्षा के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही है, जिसमें प्रवासी पंजाबियों की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से डेयरी, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में फिनलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दौरे के दौरान हेलसिंकी स्थित हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के साथ शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी की पहल भी की गई। इस सहयोग के तहत छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब के युवाओं को वैश्विक स्तर पर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। अनाज भंडारण और कीट नियंत्रण के लिए पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को लागू करने की दिशा में फिनलैंड के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्होंने “सोलिन प्रोटीन” को मिड-डे मील और आंगनवाड़ी पोषण योजनाओं में शामिल करने पर भी विचार व्यक्त किया, जिससे बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने फिनलैंड में भारतीय राजदूत से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। यह दौरा पंजाब और फिनलैंड के बीच सहयोग को नई दिशा देने और आर्थिक, शैक्षणिक व तकनीकी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, इससे पहले सीएम भगवंत मान ने फिनलैंड में भारत के राजदूत, हेमंत एच. कोटालवार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बातचीत के दौरान, हमने पंजाब और फिनलैंड के बीच आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को तलाशने पर विस्तार से चर्चा की थी।

BJP विधायक समेत 6 लोगों को बंगला खाली करने का नोटिस, विधायक ने CM के पदचिह्नों पर चलने की बात की

उज्जैन  मध्यप्रदेश के उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बंगलों से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही विवाद गहरा गया है। विवि प्रशासन ने आलोट से बीजेपी विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय सहित 6 लोगों को सरकारी आवास खाली करने के नोटिस थमाए हैं। नोटिस मिलने के बाद बीजेपी विधायक ने आवास को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिससे सियासत गर्मा गई है। विपक्ष को भी हमला करने का मौका मिल गया है। विवि का अवैध कब्जाधारियों को नोटिस विश्वविद्यालय की हाल ही में हुई कार्यपरिषद (EC) की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन लोगों का यूनिवर्सिटी से कोई संबंध नहीं है, उनसे आवास खाली कराया जाएगा। बताते हैं करीब आधा दर्जन आवासों पर बाहरी लोगों का कब्जा है, जिनमें बीजेपी विधायक, पूर्व एडिशनल एसपी, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर सहित कई लोग शामिल हैं। बाहरी कब्जों के कारण विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पा रहे हैं। उन्हें परेशानी हो रही है। वर्तमान में 50 से अधिक कर्मचारी आवास के लिए आवेदन कर चुके हैं। प्रशासन अब प्रभाव का इस्तेमाल कर वर्षों से कब्जा जमाए लोगों को हटाने की तैयारी कर रहा है। विधायक ने उठाया गंभीर सवाल आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय को वर्ष 2009 में विश्वविद्यालय का ई-4 बंगला आवंटित हुआ था, जिसका मासिक किराया 1620 रुपए है। उन्होंने अक्टूबर 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले एक ही दिन में 9.09 लाख रुपए जमा कराए थे, हालांकि इसके बाद से किराया जमा नहीं किया। विधायक ने यह भी कहा नोटिस के बाद विधायक चिंतामणि ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिससे सियासत गर्मा गई है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय से उनका कुछ बकाया हिसाब है। उन्होंने चुनाव से पहले करीब 10 लाख रुपए जमा किए थे। उनका दावा है कि 2010 में उनका प्रमोशन होना था, जो 4 साल लंबित रहा, जिससे उनका भुगतान बाकी है। विधायक ने कहा कि वे कई बार विश्वविद्यालय से हिसाब करने का अनुरोध कर चुके हैं और हिसाब होने पर वे आवास खाली कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस विषय में गहराई से जांच होगी तो मामला लंबा हो सकता है। एक महीने में आवास खाली करने का नोटिस विक्रमादित्य विवि के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने बताया कि कार्यपरिषद के निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय के आवास केवल कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उन्हें एक महीने का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई कर्मचारी जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ क्वार्टरों पर बाहरी लोगों का कब्जा है। आवास खाली होने के बाद इन्हें कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा और जर्जर हो चुके 21 भवनों को हटाने की भी योजना है। विधायक बोले- हिसाब होने पर आवास खाली कर देंगे आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय को 2009 में विश्वविद्यालय का ई-4 आवास आवंटित हुआ था, जिसका मासिक किराया 1620 रुपए है। उन्होंने अक्टूबर 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले एक दिन में 9.09 लाख रुपए जमा किए थे। इसके बाद से किराया जमा नहीं किया गया है। नोटिस के बाद विधायक ने कहा- नैतिक सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री ने कुलपति का बंगला ले रखा है, जो एक लैंडमार्क और ऐतिहासिक भवन होता है। हम उन्हीं के पदचिह्नों पर हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से उनका कुछ बकाया हिसाब है। उन्होंने चुनाव से पहले करीब 10 लाख रुपए जमा किए थे। उनका दावा है कि 2010 में उनका प्रमोशन होना था, जो 4 साल लंबित रहा, जिससे भुगतान बाकी है। वे कई बार विश्वविद्यालय से हिसाब करने का अनुरोध कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि हिसाब होने पर वे आवास खाली कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जांच गहराई से होगी तो मामला लंबा हो सकता है। आवास केवल कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने बताया कि कार्यपरिषद के निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय के आवास केवल कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उन्हें एक माह का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ आवासों पर बाहरी कब्जा है। आवास खाली होने के बाद इन्हें कर्मचारियों को दिया जाएगा। जर्जर 21 भवनों को हटाने की योजना भी है। सीएम को मिला कुलपति का बंगला मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव के लिए उज्जैन के देवास रोड स्थित कुलपति का बंगला खाली कराया गया था। इसके बाद उसका नवीनीकरण हुआ। ये करीब डेढ़ साल पहले तैयार किया गया। वर्तमान में मुख्यमंत्री उज्जैन प्रवास के दौरान अधिकतर इसी बंगले में रात्रि विश्राम करते हैं। इसी मुद्दे पर विधायक ने विश्वविद्यालय के नोटिस पर प्रतिक्रिया दी है।

शादी का जश्न बना मातम: Sirsa में वीडियो शूट कर रहे कैमरामैन को कार ने कुचला

सिरसा. शादी समारोह में दुल्हन की विदाई की फोटोग्राफी कर रहे एक कैमरामैन को बीच सड़क खड़ा होना भारी पड़ गया। सोमवार सुबह दिल्ली पुल के पास तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कैमरामैन कई मीटर दूर जा गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक मनजीत सिंह अपने परिवार में माता-पिता और एक छोटे भाई के साथ रहता था। वह फ्रीलांसर फोटोग्राफर के तौर पर काम कर परिवार का खर्चा चला रहा था। जानकारी के अनुसार रानियां क्षेत्र के गांव अभोली निवासी 28 वर्षीय मनजीत सिंह फ्रीलांसर फोटोग्राफर के तौर पर काम करता था। सोमवार सुबह वह दिल्ली पुल के पास स्थित एक होटल में आयोजित विवाह समारोह में दुल्हन की विदाई के दौरान फोटो व वीडियो बना रहा था। विदाई के बाद बेहतर एंगल लेने के लिए वह हाईवे के बीच सड़क पर खड़ा होकर फोटोग्राफी कर रहा था। इसी दौरान सिरसा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मनजीत सिंह हवा में उछलकर कई मीटर दूर जाकर सड़क पर गिर पड़ा। टक्कर के बाद कार भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे डिवाइडर से टकराकर रुक गई। मौके पर मौजूद लोगों व कार चालक ने मनजीत सिंह को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। बाद में स्वजन के बयान के आधार पर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने कार चालक और वाहन को सिविल लाइन थाना ले जाकर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता हरजिंद्र के बयान पर रिट्ज कार चालक फतेहाबाद के शक्तिनगर निवासी संदीप कुमार के खिलाफ तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। हादसे की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कैमरामैन हाईवे के बीच खड़ा होकर फोटो ले रहा है। इसी दौरान तेज रफ्तार कार उसे टक्कर मार देती है और वह उछलकर दूर जा गिरता है। यह वीडियो दिनभर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होता रहा।

‘शब्दमाला’ एंड्रॉयड ऐप आया: भाषा विभाग ने पंजाबी को बढ़ावा देने के लिए उठाया बड़ा कदम

पटियाला. पंजाब सरकार की देखरेख में भाषा विभाग पंजाब द्वारा डायरेक्टर भाषा की देखरेख में तैयार किया गया ‘शब्दमाला एंड्रॉयड ऐप’ लॉन्च कर दिया गया है। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने इस ऐप को जनता को समर्पित करने की रस्म निभाई। इस मौके पर विभाग के अधिकारी और ऐप बनाने वाली टीम मौजूद थी। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने कहा कि ‘शब्दमाला’ एक मॉडर्न डिक्शनरी प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिए शब्द खोजने वाले अलग-अलग डिक्शनरी से शब्दों के मतलब ऑनलाइन खोज सकते हैं। अब इस मोबाइल ऐप के ज़रिए शब्दों के मतलब खोजने का प्रोसेस और भी आसान हो गया है और यूज़र अपने फ़ोन के ज़रिए कहीं भी, कभी भी किसी भी शब्द का मतलब खोज पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस ऐप को तैयार करने का काम 2023 में डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला की लीडरशिप में डिपार्टमेंट की टीम ने शुरू किया था और सितंबर 2024 में इसे वेब प्लेटफॉर्म के तौर पर लॉन्च किया गया था। अब यह ऐप के रूप में एक और अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। अभी ऐप में पोतोहारी डिक्शनरी, किसा एंथोलॉजी डिक्शनरी, डोगरी-पंजाबी डिक्शनरी, इंग्लिश-पंजाबी मिडिल डिक्शनरी, पंजाबी अखान डिक्शनरी, इडियम डिक्शनरी और वारिस इडियम डिक्शनरी मौजूद हैं। जाफर ने कहा कि मशीन इंटेलिजेंस (AI) के ज़माने में हर भाषा को अप टू डेट बनाने के लिए ऐसी कोशिशें ज़रूरी हो गई हैं। यह ऐप पंजाबी भाषा को सात समंदर पार की भाषा बनाने में अपना योगदान दे सकता है। डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला ने बताया कि इसके अलावा हिंदू माइथोलॉजी डिक्शनरी और पुआधी डिक्शनरी पर भी काम चल रहा है, जो जल्द ही ऐप पर उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अलावा आने वाले समय में डिपार्टमेंट की ग्लॉसरी भी इस ऐप पर उपलब्ध कराई जाएंगी और एक-एक करके 40 से ज़्यादा डिक्शनरी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगी। इस मौके पर असिस्टेंट डायरेक्टर अमरिंदर सिंह भी मौजूद थे। इनका अहम योगदान यह प्रोजेक्ट आलोक चावला, डिप्टी डायरेक्टर (डिक्शनरी) की देखरेख में तैयार किया गया है। इसमें एडिटोरियल का काम सतपाल सिंह, रिसर्च ऑफिसर (डिक्शनरी) ने किया है और डिक्शनरी सॉफ्टवेयर तैयार करने का क्रेडिट महेशिंदर सिंह खोसला, रिसर्च असिस्टेंट को जाता है। राजिंदर कौर सीनियर असिस्टेंट, मनजीत सिंह स्पाल सीनियर असिस्टेंट, दीपक कुमार जूनियर असिस्टेंट, बीबा किरणजीत कौर जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, राखी क्लर्क, विश्वजोत कौर प्रूफ रीडर, कॉपी होल्डर गुरबख्श सिंह और मनवीर सिंह ने डिक्शनरी को यूनिकोड में बदलने और सॉफ्टवेयर को ऑप्टिमाइज़ करने के काम में अहम योगदान दिया।

छात्रों के लिए राहत: Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University का डिजिवर्सिटी पोर्टल खुला, 5 मई तक लेट फीस से फॉर्म भरें

भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने डिजिवर्सिटी पोर्टल ओपन कर दिया है। वहीं डिप्लोमा इंजीनियरिंग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। इस तरह से डिप्लोमा इंजीनियरिंग के पहले, तीसरे, पांचवें और तासवें सेमेस्टर के रेगुलर व बैकलॉग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के दूसरे, चौथे, छठवें तथा आठवें सेमेस्टर के बैकलॉग छात्र छात्राएं परीक्षा फॉर्म 5 मई तक भर सकेंगे। बिना लेट फीस के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि इसके बाद क्रमशः 30, 120 और 200 रुपये प्रतिदिन लेट फीस के साथ 5 मई तक आवेदन किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फॉर्म केवल डिजिवर्सिटी पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल पर छात्रों के नामों की जांच सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके। प्रैक्टिकल परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के बाद प्रैक्टिकल समाप्त होने परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के 4 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी। वहीं प्रैक्टिकल मार्क्स 10 दिनों के भीतर और सेशनल मार्क्स 20 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। एबीसी आईडी अनिवार्य, नहीं तो एडमिट कार्ड अटकेगा तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने उल्लेख किया है कि सभी छात्रों के लिए एबीसी आईडी बनाना अनिवार्य है। जिन छात्रों की आईडी नहीं होगी, उनके एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे उनकी परीक्षा में शामिल होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और पोर्टल खुलते ही फॉर्म भरें, ताकि लेट फीस से बचा जा सके। साथ ही परीक्षा फॉर्म की स्वीकृति की अंतिम तिथि 6 मई निर्धारित की गई है।

सीएम ने सागर में 58 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, बुंदेलखंड की धरा से किसानों की खुशहाली की शुरुआत

सागर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 अप्रैल को सागर जिले के नरयावली को बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 58 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद कर उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका मार्गदर्शन किया। इस मौके पर वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस की तुलना कौरवों से और द्रौपदी चीरहरण की तुलना महिला आरक्षण बिल पास न होने से की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन से की। इस दौरान मंच पर उपस्थित पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती अद्बभुत है। चंबल की शान, छत्रसाल महाराज के बुंदेलखंड का ये इलाका, हर काल-हर समय में अपने संघर्ष के लिए जाना जाता है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि यहां एक भव्य-दिव्य भवन विद्यालय के रूप में मिल रहा है। ये विद्यालय नहीं है, बल्कि 5 हजार साल पहले हुई भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का स्मृति स्थल है। भगवान कृष्ण के जीवन की कई लीलाएं हैं। हर लीला ने उनके प्रति हमारी श्रद्धा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि धर्म की स्थापना के लिए भगवान ने कदम-कदम पर संघर्ष किया। गरीब और अमीर की दोस्ती का सबसे बड़ा उदाहरण भी भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का उदाहरण है। व्यक्ति कितना भी धनी क्यों न हो जाए, लेकिन उसे अपने निर्धन दोस्त के प्रति प्रेम रखना चाहिए।  सिंचाई और बिजली पर बड़ा फैसला मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के जल संकट को दूर करने के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस योजना से क्षेत्र की एक-एक इंच जमीन सिंचित होगी। साथ ही, किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 240 करोड़ रुपये की संशोधित राशि की स्वीकृति भी प्रदान की।   बिना भूमि अधिग्रहण के दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर समारोह में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री की नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर के लिए लगभग 600 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसमें किसानों की एक इंच भूमि भी प्रभावित नहीं हुई, जिससे क्षेत्र के अन्नदाताओं में संतोष का वातावरण है। कड़ान परियोजना पूरी होने पर करीब 30 हजार एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी। गेहूं खरीदी पर सरकार का संकल्प किसानों की चिंताओं को दूर करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सरकार 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी वैश्विक कारणों से आए बारदाने के संकट को जल्द सुलझाया जाएगा। प्रदेश में बंपर पैदावार को देखते हुए केंद्र से खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों का दाना-दाना सरकार खरीदेगी। दिग्गजों की रही मौजूदगी इस अवसर पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, सांसद लता वानखेड़े और सागर संभाग के समस्त विधायक व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कांग्रेस ने बहनों को नहीं दिया मान-सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यहां बहनें बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हमारी सरकारों ने माताओं-बहनों का सम्मान बढ़ाया है। माता का नाम लो तो भगवान प्रसन्न होते हैं। जब तक राधा नहीं बोलो तो कन्हैया मुस्कुराते नहीं हैं, जब तक सीता मां को याद न करो, तो भगवान राम का आशीर्वाद नहीं मिलता है। यह बातें हमें माताओं-बहनों के आदर का आभास कराती हैं।उन्होंने कहा कि हमने 5 हजार साल पहले घटना सुनी थी कि कौरवों ने भरे दरबार में द्रौपदी का चीरहरण किया था, उसी तरह अभी कुछ दिन पहले लोकसभा में वो ही नाटक दोहराया गया। उस समय कौरव थे और अब कांग्रेसी हैं। दोनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहनों को अधिकार देने का जो निर्णय लिया था, कांग्रेसियों ने मुस्कुरा-मुस्कुरा कर उस निर्णय पर पानी फेर दिया। कांग्रेसियों को इस बात पर जरा दया नहीं आई। प्रधानमंत्री मोदी ने तो यहां तक कहा कि आप श्रेय ले लीजिए, मैं विज्ञापन छपवा दूंगा। तुम लोग जहां बोलोगे वहां हम तुमको श्रेय दे देंगे। आपने कभी बहनों को मान-सम्मान नहीं दिया, लेकिन हम मान-सम्मान देने को तैयार हैं। कांग्रेसी उसी अपनी पुरानी लाइन पर ही चलेंगे। तीन तलाक के मामले में भी राहुल गांधी ने बहनों के भरण-पोषण के मुद्दे का विरोध किया था। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला ठुकराया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा संगठन महिलाओं को तीस फीसदी आरक्षण दे रहा है। हमारे प्रदेश में 17 बहनें कलेक्टर हैं। सागर की सांसद-महापौर-कलेक्टर सब बहनें हैं। 

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2030 तक प्रदेश की विमानन क्षमता में होगा व्यापक विस्तार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण से विमानन क्षेत्र को मिल रही नई गति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के ‘उड़ान’ विजन को साकार करते हुए प्रदेश को उत्कृष्ट विमानन केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2030 तक यात्री क्षमता 5.5 मिलियन से बढ़ाकर 10 मिलियन प्रति वर्ष तथा माल कार्गो क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ एयरपोर्ट सिटी विकसित की जाएगी। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी, जिससे निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित होंगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच हुई सुलभ मध्यप्रदेश आस्था, अध्यात्म और अनुपम शिल्पकला का संगम है। उज्जैन के महाकाल लोक, ओंकारेश्वर के एकात्म धाम, खजुराहो की ऐतिहासिक धरोहर और ओरछा-चित्रकूट की आस्थाएँ जन-मानस में रची-बसी हैं। इन स्थलों तक सहज पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘पीएमपर्यटन वायु सेवा’ और ‘धार्मिक पर्यटन हेली सेवा’ प्रभावी माध्यम बन रही हैं। वर्तमान में यह सेवा प्रदेश के 8 प्रमुख केंद्रों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को आपस में जोड़कर श्रद्धा और पर्यटन को नए पंख लगा रही है। हाल ही में ओरछा और चित्रकूट जैसे पावन धामों के लिए प्रारंभ हुई हेली सेवा ने श्रद्धालुओं के लिए 'हरि-हर-दर्शन' कीको और भी सरल, सुखद और स्मरणीय बना दिया है। तहसील स्तर तक हो रहा हवाई सेवाओं का विस्तार प्रदेश में विमानन क्षेत्र को विकेंद्रीकृत करते हुए हवाई सुविधाओं को तहसील स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हवाई सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर क्षेत्र तक पहुंचें। इसी दृष्टि से प्रत्येक तहसील ब्लॉक में हेलीपैड विकसित करने की योजना है। प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कॉमर्शियल एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करेगी और दूरस्थ क्षेत्रों के आर्थिक विकास को नई गति देगी। क्षेत्रीय हवाई संपर्क से छोटे शहरों को मिली विकास की उड़ान विगत दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने हवाई सेवाओं के विस्तार में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। दतिया प्रदेश के 8वें हवाई अड्डे के रूप में अपनी सेवा दे रहा है। रीवा, सतना और दतिया की सफलता के बाद अब शिवपुरी और उज्जैन में भी नए हवाई अड्डों की तैयारी तेजी से चल रही है। रीवा हवाई अड्डा पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए विकास का नया इंजन बन चुका है। यह न केवल सीमेंट और बिजली उत्पादन केंद्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है, बल्कि मुकुंदपुर टाइगर सफारी जैसे पर्यटन केंद्रों तक पर्यटकों की पहुँच को भी आसान बना रहा है। इसी कड़ी में हम चित्रकूट और मैहर जैसे आस्था के बड़े केंद्रों को भी बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान हवाई यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हवाई अड्डे सेवा और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित हो रहे हैं।इंदौर का देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ‘एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी’ सर्वे में 4.90 स्कोर के साथ 16 एशियाई हवाई अड्डों में छठे स्थान पर रहा है। वहीं भोपाल के राजा भोज अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 घंटे संचालन शुरू किया गया है। प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नागर विमानन नीति-2025 से निवेश और रोजगार को बढ़ावा प्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 विमानन क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को मजबूत करना, निजी निवेश को आकर्षित करना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करना है।नीति के तहत प्रदेश की 11 हवाई पट्टियों को उड़ान प्रशिक्षण (FTO) और अन्य व्यावसायिक विमानन गतिविधियों के लिए निजी भागीदारी से विकसित किया जा रहा है। इनमें सिवनी, सागर, गुना, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा। मध्यप्रदेश में पायलट ट्रेनिंग और एविएशन एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रदेश विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। नीति के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे  देश के ‘हृदय प्रदेश’ के रूप में विशेष बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘गति शक्ति’ विजन और ‘रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम’ के साथ राज्य की नीतियों का समन्वय प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और एविएशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमानन क्षेत्र का यह विस्तार किसानों, व्यापारियों, युवाओं और पर्यटकों के लिए नए अवसर सृजित कर रहा है। यह केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प के साथ प्रदेश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।